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खजुराहो के मंदिर में कामुक मूर्तियां क्यों बनाई गई ?

खजुराहो की मिथुन मूर्तियाँ -  Erotic sculptures of Khajuraho temple खजुराहो के मंदिर अपनी मूर्ति कला के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। इन मंदिरों में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं और यह मूर्तियां आपको उस युग के बारे में बताती हैं। इन मंदिरों में आपको कामुक मूर्तियां भी देखने के लिए मिलती हैं।  खजुराहो के मंदिर में इस तरह की मूर्तियां होना एक आश्चर्य वाली बात है और बहुत सारे लोग इस तरह की मूर्तियों को देखकर अलग-अलग मत देते आए हैं। बहुत सारे विद्वान इन मूर्तियों को देखकर अपने अलग-अलग मत लोगों से साझा किए हैं। वैसे यह मूर्तियां इन मंदिरों में इस तरह से बनाई गई हैं कि लोगों का ध्यान आकर्षित होता ही है।  खजुराहो की कामुक मूर्तियों के बारे में कुछ विद्वानों का मानना है, कि उस समय कुछ विशेष समुदाय के लोग रहते थे, जो योग की तरह भोग को भी मानते थे। अर्थात योग की तरह भोग भी मोक्ष पाने का एक मार्ग मानते थे। वह पूजा अनुष्ठान की तरह भोग भी किया करते थे। इसलिए उन्होंने इन दृश्यों को मंदिरों में बनवाया, क्योंकि वह इन्हें मोक्ष का एक मार्ग मानते थे।  खजुराहो के कामुक मूर्तियों को देखकर यह

खजुराहो मंदिर की मूर्तियां - Khajuraho ki Murti

खजुराहो मंदिर की मूर्तियां का रहस्य -  The secret of Khajuraho temple sculptures खजुराहो मंदिर के बारे में खजुराहो मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। खजुराहो छतरपुर जिले में स्थित है। खजुराहो को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। खजुराहो के मंदिर की मूर्ति कला बहुत अद्भुत है। यह जो मंदिर है। यह मूर्तिकला के ही कारण प्रसिद्ध है। खजुराहो में 22 मंदिर हैं। इन 22 मंदिरों की दीवारों में आपको बहुत ही खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इन मंदिरों को बहुत ही खूबसूरत तरीके से बनाया भी गया है। इन मंदिरों में पश्चिमी मंदिर समूह के मंदिर बहुत ही भव्य बने हुए हैं। इन मंदिरों में आपको उस युग के सभी प्रकार की गतिविधियां देखने के लिए मिल जाती है।  खजुराहो के मंदिर की मूर्तियों के रहस्य  खजुराहो के मंदिर बहुत प्रसिद्ध है और इन मंदिरों की दीवारों पर बनी हुई मूर्तियां में बहुत सारे रहस्य छुपे हुए हैं। ऐसे रहस्य जो आप इन मूर्तियों को देखकर पता लगा सकते हैं। इन मूर्तियों को आप देखते हैं, तो आपको कुछ ना कुछ उस युग के बारे में पता चलता ही है। इस मंदिर में इतनी सारी मूर्तियां हैं, कि आपको एक मं

घंटाई मंदिर खजुराहो - Ghantai Temple Khajuraho

घंटाई मंदिर खजुराहो - G hantai Mandir Khajuraho घंटाई मंदिर खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर है। वैसे यहां पर आपको मंदिर देखने के लिए नहीं मिलता है। यहां पर आपको स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं। प्राचीन समय में शायद यहां पर मंदिर रहा होगा। मगर अभी यहां पर स्तंभ बस देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर को घंटाई मंदिर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इन स्तंभों में आपको घंटियों की खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इसलिए इस मंदिर को घंटाई मंदिर कहते हैं।  घंटाई मंदिर खजुराहो के पूर्वी मंदिर समूह का एक मंदिर है। यह मंदिर सुंदर है और इसमें जो नक्काशी की गई है। वह भी बहुत सुंदर है। हम लोग इस मंदिर में अपनी स्कूटी से आए थे। यह मंदिर गांव के भीतर स्थित है और इस मंदिर में जाने के लिए पतली सी सड़क मिलती है। हम लोग खजुराहो के जैन मंदिर घूमने के बाद इस मंदिर में गए थे। इस मंदिर में जाने के लिए आपको रास्ते में ही एक बड़ा सा बोर्ड देखने के लिए मिलता है। आप उस बोर्ड के दिशा निर्देश का पालन करते हुए, इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं।  घंटाई मंदिर चारों तरफ से बाउंड्री वॉल से घिरा हुआ है। अंदर आपको स्तंभ देखने के लिए म

भगवान आदिनाथ मंदिर खजुराहो - Adinath Temple Khajuraho

खजुराहो का जैन मंदिर - आदिनाथ मंदिर खजुराहो, A dinath Mandir Khajuraho भगवान आदिनाथ का मंदिर खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूर्वी मंदिर समूह में स्थित है। इस मंदिर में भगवान आदिनाथ की पत्थर के काले रंग की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। यह मंदिर जैन मंदिर समूह में स्थित है। यह मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां हैं। इस मंदिर की बाहरी दीवार में आपको मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।  आदिनाथ मंदिर की मूर्ति कला -  Adinath temple sculpture आदिनाथ मंदिर की दीवार मूर्ति से सुसज्जित है। इसकी मूर्तिकला अद्भुत है। इन मूर्ति में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग मुद्राओं में यहां पर बनाई गई हैं। आदिनाथ मंदिर में नीचे की तरफ आपको बेल बूटे देखने के लिए मिलते हैं और ऊपर की तरफ बड़ी मूर्तियों की आपको तीन लाइन देखने के लिए मिलती है। इनमें आपको सुरसुंदरी या गंधर्व, देवी देवताओं की प्रतिमा देखने के लिए मिलती हैं। इनमें सुर सुंदरियां अलग-अलग मुद्राओं में देखने के लिए मिलती हैं कुछ

भगवान पार्श्वनाथ मंदिर खजुराहो - Parshwanath Temple Khajuraho

खजुराहो जैन मंदिर -  पार्श्वनाथ मंदिर खजुराहो / P arshwanath Mandir Khajuraho भगवान पार्श्वनाथ का मंदिर खजुराहो का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर खजुराहो के पूर्वी मंदिर समूह में स्थित है। यह मंदिर जैन मंदिर समूह में बना हुआ है। यहां पर आपको और भी मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। खजुराहो के इस मंदिर की विशेषता यह है, कि इस मंदिर के गर्भ ग्रह के पीछे एक और लघु मंदिर बना हुआ है, जो आपको खजुराहो के अन्य मंदिर में देखने के लिए नहीं मिलता है। इस मंदिर की दीवार भी मूर्तियों से सुसज्जित है।  यह मंदिर भी बहुत सुंदर है। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी में बना हुआ है।  खजुराहो का पार्श्व नाथ मंदिर का निर्माण -  Construction of Parshwanath temple Khajuraho पार्श्व नाथ मंदिर 10 वीं शताब्दी में बना था। इस मंदिर का निर्माण चंदेल राजा धंग के द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इसकी मूर्तिकला बहुत ही अद्भुत लगती है।  पार्श्वनाथ मंदिर की मूर्ति कला -  Parshwanath temple sculpture पार्श्वनाथ मंदिर की मूर्ति कला बहुत ही अद्भुत है। इस मंदिर की दीवारों में, जो मूर्ति बनाई गई हैं। उनमें आप मूर्तियों के भाव द

भगवान शांतिनाथ जैन मंदिर खजुराहो - Lord Shantinath Jain Temple Khajuraho

भगवान शांतिनाथ मंदिर खजुराहो - Shantinath temple khajuraho भगवान शांतिनाथ मंदिर खजुराहो का प्रसिद्ध मंदिर है। भगवान शांतिनाथ का मंदिर खजुराहो के पूर्वी मंदिर समूह में स्थित एक मंदिर है। खजुराहो में जैन मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर आपको शांतिनाथ भगवान का मंदिर देखने के लिए मिलता है। शांतिनाथ भगवान के मंदिर के अलावा भी यहां पर आपको पार्श्व नाथ मंदिर  और आदिनाथ का मंदिर देखने के लिए मिलता है। हम बात शांतिनाथ मंदिर के बारे में करेंगे। हम लोग यहां पर मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश किए। यहां पर मंदिर बहुत ही सुंदर और साफ सुथरा है। यहां पर आपको मंदिर के अंदर चमड़े का कोई भी सामान ले जाने की अनुमति नहीं है। चप्पल बाहर उतरने के आदेश यहां पर एक बोर्ड पर लिखे हुए हैं। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत है। यह मंदिर  11वीं शताब्दी में बनाया गया था।  शांतिनाथ मंदिर के बाहर आपको चंदेल वंश के राष्ट्रीय चिन्ह की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा मंदिर के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा सिंह की है। आप मंदिर के अंदर जाते हैं, तो मंदिर में भगवान शांतिनाथ की खड़ी हुई मुद्र

जैन संग्रहालय खजुराहो - Jain Museum Khajuraho

जैन संग्रहालय खजुराहो - Jain sangrahalaya Khajuraho   जैन संग्रहालय खजुराहो में स्थित एक छोटा सा संग्रहालय है। छोटे से संग्रहालय में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यह संग्रहालय जैन मंदिर में ही बना हुआ है। यह संग्रहालय जैन मंदिर में बाहर की तरफ बना हुआ है। इस संग्रहालय और मंदिर में प्रवेश के लिए टिकट लिया जाता है और यह टिकट 10 रूपए का रहता है। एक इंसान के 10 रूपए लगते हैं।     हम लोग दूल्हा देव मंदिर के दर्शन करने के बाद जैन मंदिर गया। आपको यहां पर बड़े-बड़े बोर्ड रास्ते में देखने के लिए मिल जाते हैं, जिनको आप देख कर जैन मंदिर बहुत ही आराम से पहुंच सकते हैं। जैन मंदिर जैसे ही हम लोग पहुंचे। यहां पर बहुत सारे दुकानदार हम लोगों के पीछे पड़ गए, कि आप यह सामान ले लो। हम लोगों को यहां पर तीन-चार लोगों ने घेर लिया और हम लोगों से वह सामान लेने के लिए कहने लगे। यहां पर एक 15 से 16 साल का बच्चा था। वह हार बेच रहा था और बोल रहा था, कि यह हार यही का मैन्युफैक्चर है। आप ले लीजिए और बांस का बना हुआ है। यहां पर आपको बांस की बनी हुई साड़ियां जरूर देखने के लिए मिलती हैं। अब यह साड़ियां

दूल्हादेव शिव मंदिर खजुराहो - Dulhadev shiv Temple Khajuraho

खजुराहो का दूल्हादेव शिव मंदिर - Dulha Dev shiv Mandir Khajuraho   दूल्हा देव मंदिर खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर है। दूल्हा देव मंदिर खजुराहो के दक्षिणी मंदिर समूह का एक मंदिर है। दूल्हा देव मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। दूल्हा देव मंदिर के गर्भ गृह में शिव भगवान जी का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। दूल्हा देव मंदिर को कुंवारा मठ भी कहा जाता है। दूल्हा देव मंदिर खुड़र नदी के किनारे पर  स्थित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर में आपको गार्डन भी देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर एक ऊंचे चबूतरे के ऊपर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां है। मंदिर में लोग आज भी शंकर जी की पूजा करते हैं। यहां पर आपको फूल, बेलपत्र चढ़े हुए देखने के लिए मिल जाएंगे।     खजुराहो के दूल्हा देव मंदिर की वास्तुकला -  Architecture of Dulha Dev Temple of Khajuraho खजुराहो का दूल्हा देव मंदिर बहुत ही सुंदर है और खजुराहो के अन्य मंदिरों के समान है। इस मंदिर की बाहरी दीवार में आपको मूर्तिकला देखने के लिए मिलती है। खजुराहो के दूल्हा देव मंदिर में आपको मंडप, अंतराल, गर्भ ग्रह और महा मंडप देखने के लिए

बीजामंडल मंदिर खजुराहो - Bijamandal temple Khajuraho

बीजामंडल उत्खनन मंदिर खजुराहो - Bijamandal excavation temple Khajuraho   बीजामंडल खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर हुआ करता था, अर्थात यह मंदिर प्राचीन समय में अच्छे अवस्था में हुआ करता था। अभी आप इस मंदिर जाएंगे, तो अभी आपको इस मंदिर के खंडहर ही देखने के लिए मिलेंगे, क्योंकि यह मंदिर अब पूरी तरह से नष्ट हो गया है। इस मंदिर की दीवारें ही देखने के लिए मिलेंगी।  बीजामंडल मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित था और इस मंदिर में अभी भी आपको शिव भगवान जी का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर की जो दीवारें थी, उनके टुकड़ों को संभाल कर यहां पर रखा गया है। आप उनकी बारीक नक्काशी को यहां देख सकते हैं।     खजुराहो के बीजामंडल मंदिर के दर्शन -  Visit to Bijamandal Temple Khajuraho खजुराहो का बीजामंडल मंदिर मुख्य खजुराहो के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर चतुर्भुज मंदिर से करीब है। आप जब भी चतुर्भुज मंदिर जाते हैं, तो इस मंदिर को देखने के लिए जा सकते हैं। मगर यहां पर देखने के लिए मंदिर नहीं है। उसके खंडहर है और मंदिर की दीवारों के बहुत सारी नक्काशी हैं, जो आपको यहां पर बिखरी हुई देखने के लिए मि

चतुर्भुज मंदिर खजुराहो - Chaturbhuj Temple Khajuraho

चतुर्भुज मंदिर खजुराहो -  Chaturbhuj Mandir Khajuraho   चतुर्भुज मंदिर खजुराहो स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर दक्षिणी मंदिर समूह में स्थित है। चतुर्भुज मंदिर सेवाग्राम गांव के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर की बाहरी दीवार मूर्तियों से सुसज्जित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत लगता है। मंदिर के गर्भ गृह में विष्णु भगवान की आकर्षक प्रतिमा देखने के लिए मिलती है।     खजुराहो के चतुर्भुज मंदिर की वास्तुकला  - Architecture of Chaturbhuj Temple Khajuraho खजुराहो का चतुर्भुज मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में आपको अंतराल, मंडप, महामंडप, गर्भ ग्रह देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में परिक्रमा पथ नहीं है। यह मंदिर एक ऊंचे मंडप पर बना हुआ है और खूबसूरत लगता है।     खजुराहो के चतुर्भुज मंदिर के दर्शन - Visiting Chaturbhuj Temple of Khajuraho  खजुराहो का चतुर्भुज मंदिर दक्षिणी मंदिर समूह में स्थित है। यह मंदिर पश्चिमी समूह मंदिरों से छोटा है। मगर यह मंदिर खूबसूरत है और इसकी दीवारों की जो नक्काशी है। वह अद्भुत है। यह मंदिर मुख्य खजुराहो से करीब 3 किलोमीटर दूर

चौसठ योगिनी मंदिर खजुराहो - 64 Yogini Temple Khajuraho

चौसठ योगिनी मंदिर खजुराहो मध्य प्रदेश - Chausath Yogini Temple Khajuraho Madhya Pradesh   चौसठ योगिनी मंदिर खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर है। अब इस मंदिर में देखने के लिए खंडहर ही रह गए हैं। इस मंदिर में प्राचीन समय में चौसठ योगिनी के मंदिर थे, जो पत्थरों के बने थे और यह मंदिर खजुराहो में बने सभी मंदिरों में सबसे पहले बनाए गए हैं। प्राचीन समय में यहां पर 64 गर्भ ग्रह रहे थे, जिसमें हर एक में मूर्तियां विराजमान रही होंगी। यहां पर अन्य देवी देवताओं के भी मंदिर रहे होंगे। मगर अब यहां पर जितने भी गर्भ ग्रह हैं, उनमें किसी प्रकार की मूर्ति देखने के लिए नहीं मिलती। यहां पर बहुत सारे गर्भ ग्रह टूट गए हैं। यहां पर अब सिर्फ 35 गर्भ में बचे हैं, जो अच्छी हालत में है और देखने लायक है। मगर यह भी धीरे-धीरे टूट रहे हैं। इस मंदिर की सिर्फ एक गर्भ गृह में कुछ झंडे बंधे हुए थे और अंदर पत्थर की मूर्ति विराजमान थी। बाकी यहां पर सभी खंडहर हो गया है।     खजुराहो का 64 योगिनी मंदिर चंदेल वंश के अस्तित्व में आने से पहले बनाया गया है। यह करीब 300 साल पहले बनाया गया है। चंदेलओ के अस्तित्व में आने से पहले खजु

खजुराहो की शिवसागर झील - Shivasagar Lake of Khajuraho

शिवसागर झील खजुराहो -   Shivasagar Lake Khajuraho   शिव सागर झील खजुराहो में प्रसिद्ध है। खजुराहो के पश्चिमी समूह के मंदिर शिव सागर झील के किनारे ही बने हुए हैं। शिव सागर झील में आपको कमल के फूल देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर पूरी झील कमल के फूलों से ढकी हुई है। यहां पर आपको बदक भी देखने के लिए मिलते हैं, जो झील की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। यहां पर मछलियां भी हैं। जब आप झील के पास जाते हैं, तो आप मछलियों को देख सकते हैं।     शिव सागर झील मुख्य खजुराहो में स्थित है। शिव सागर झील के पास आपको खाने पीने की बहुत सारी दुकान देखने के लिए मिल जाती है। शिव सागर झील में के पास शेड  लगा हुआ है, जिसमें नीचे बैठने के लिए चेयर बनी हुई है। लोग यहां पर बैठकर शिव सागर झील के दृश्य को इंजॉय करते हैं। यहां पर शाम के समय बैठकर सूर्यास्त को देखना बहुत ही आनंदमय होता है।     शिव सागर झील में बदक का एक जोड़ा देखने के लिए मिलता है, जो झील में चक्कर लगाता रहता है। वह भी खूबसूरत लगता है। शिव सागर झील में सीढ़ियां बनी हुई है। सीढ़ियों से लोग झील के पास जाते हैं और मछलियों को देख सकते हैं। वैसे मछलियां