सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भगवान आदिनाथ मंदिर खजुराहो - Adinath Temple Khajuraho

खजुराहो का जैन मंदिर - आदिनाथ मंदिर खजुराहो, Adinath Mandir Khajuraho



भगवान आदिनाथ का मंदिर खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूर्वी मंदिर समूह में स्थित है। इस मंदिर में भगवान आदिनाथ की पत्थर के काले रंग की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। यह मंदिर जैन मंदिर समूह में स्थित है। यह मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां हैं। इस मंदिर की बाहरी दीवार में आपको मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। 


आदिनाथ मंदिर की मूर्ति कला - Adinath temple sculpture

आदिनाथ मंदिर की दीवार मूर्ति से सुसज्जित है। इसकी मूर्तिकला अद्भुत है। इन मूर्ति में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग मुद्राओं में यहां पर बनाई गई हैं। आदिनाथ मंदिर में नीचे की तरफ आपको बेल बूटे देखने के लिए मिलते हैं और ऊपर की तरफ बड़ी मूर्तियों की आपको तीन लाइन देखने के लिए मिलती है। इनमें आपको सुरसुंदरी या गंधर्व, देवी देवताओं की प्रतिमा देखने के लिए मिलती हैं। इनमें सुर सुंदरियां अलग-अलग मुद्राओं में देखने के लिए मिलती हैं कुछ सुरसुंदरी हैं। अपने शारीरिक बनावट का प्रदर्शन कर रही है, तो कुछ सुरसुंदरी अपने आप को सजा रही हैं। इनमें से एक सुसुंदरी अपने पैर में अलग तरीके से कुछ आभूषण को पहन रही है या अपने पैर को सजा रही है। 

दीवारों में आले भी बने हुए हैं, जिनमें देवी देवताओं की मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। दीवार में ऊपर की तरफ मूर्तियां छोटी है और इसमें जो भी मूर्तियां है वह बैठी हुई स्थिति में देखने के लिए मिलती हैं। मंदिर में ऊपर की और आपको शिखर देखने के लिए मिलता है। पूरे शेखर में खूबसूरत नक्काशी की गई है। ऊपर आमलक बना हुआ है। ऊपर आपको कलश देखने के लिए मिलता है। 


आदिनाथ मंदिर की वास्तुकला - Architecture of Adinath Temple

आदिनाथ मंदिर में आपको अंतराल और गर्भ ग्रह देखने के लिए मिलता है। इसमें मंडप और महा मंडप पर बनाया गया होगा। मगर वह अब नष्ट हो गए हैं। यह मंदिर 11 वीं शताब्दी में बना था। 


खजुराहो के आदिनाथ मंदिर के दर्शन - Visit to Adinath Temple of Khajuraho

खजुराहो का आदिनाथ मंदिर बहुत ही भव्य है। इस मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत ही खूबसूरत है। प्रवेश द्वार में बहुत सारी नकाशा देखने के लिए मिलती हैं, जो देवी देवताओं की है। अंदर आपको भगवान आदिनाथ के काले रंग की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। हम लोग प्रतिमा के दर्शन करके बाहर आए। बाहर की तरफ यहां पर छोटा सा संग्रहालय भी बनाया गया है, जिसमें पत्थर की बहुत सारी कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। यहां पर आप संग्रहालय को देख सकते हैं। यह संग्रहालय खुले आसमान के नीचे बना हुआ है और खूबसूरत लगता है। यहां पर बगीचा भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक आपको कुआं भी देखने के लिए मिलता है, जो प्राचीन है। इस कुआ में जाने के लिए आपको सीढ़ियां भी देखने के लिए मिलती है। 

यहां पर आपको और भी और भी जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। हम लोग दोपहर के समय गए थे, तो यह सारे जैन मंदिर बंद थे। आप आप अगर सुबह के समय चाहते हैं, तो आपको यह सारे मंदिर के अंदर के जैन तीर्थ कारों के दर्शन करने के लिए मिल सकते हैं। यहां पर सिर्फ जो प्राचीन मंदिर है। वह बस खुले हुए थे। आप उनमें जैन तीर्थ कारों के दर्शन कर सकते हैं, बाकी जो छोटे मंदिर थे। वह बंद थे। 


खजुराहो के आदिनाथ मंदिर की फोटो  - Photo of Adinath Temple of Khajuraho

भगवान आदिनाथ मंदिर खजुराहो - Adinath Temple Khajuraho
प्रवेश द्वार की कारीगरी 

भगवान आदिनाथ मंदिर खजुराहो - Adinath Temple Khajuraho
मंदिर के पीछे बनी दीवार की कारीगरी

भगवान आदिनाथ मंदिर खजुराहो - Adinath Temple Khajuraho
आदिनाथ भगवान की प्रतिमा



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।

बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city बैतूल जिले की जानकारी - Betul district information बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर, । बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है।  बैतूल में घूमने की जगहें Places to visit in Betul बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है।