सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

फ़रवरी, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Pachmarhi Chauragarh Temple || चौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी

 Pachmarhi Chauragarh Shiv Temple चौरागढ़   महादेव पचमढ़ी चौरागढ़   (Chauragarh  Shiv Temple) का प्रसिद्ध मंदिर शिव मंदिर मध्य प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल है और यह पचमढ़ी में स्थित है। चैरागढ़ का मंदिर एक ऊंचे पहाड़ पर स्थित है यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है।  चौरागढ़  (Chauragarh  Shiv Temple)  महादेव पचमढ़ी   (Pachmarhi) की एक खूबसूरत जगह है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और जंगलों से घिरी हुई है। इस मंदिर तक जाने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि इस मंदिर तक पहॅुचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ेगा और यह जगह पूरी तरह से जंगल और पहाड़ों से घिरी हुई है, यहां पर आपको बहुत खूबसूरत प्राकृतिक व्यू देखने मिलता है, यहां पर वादियों का मनोरम दृश्य देखने मिलता है।    चौरागढ़  (Chauragarh  Shiv Temple)  मंदिर 1326 मीटर की ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको 1300 चढ़ने पड़ती है। पचमढ़ी  (Pachmarhi)  को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है और यहां पर बहुत सारी धार्मिक जगह है, जिनमें से प्राचीन शिव भगवान जी का मंदिर भी एक है,जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यह

Vijayraghavgarh Fort Katni -- विजयराघव गढ़ किला का इतिहास एवं सम्पूर्ण जानकारी

Vijayraghavgarh Fort Katni  विजयराघवगढ़ किला  विजयराघवगढ़ किला ( Vijayradhavgarh Fort ) कटनी शहर की शान है। यह एक प्राचीन किला है। विजय राघव गढ़ किले में आपको प्राचीन किला देखने मिल जाएगा। विजयराघव गढ़ किले    ( Vijayradhavgarh Fort )  में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर आप अपने प्राचीन इतिहास को जान सकते हैं, यहां पर आपको रंग महल, मंदिर, समाधि स्थल, रानी की रसोई, रानी राजा का महल, पुरानी पेटिग, प्राचीन कुआं और भी बहुत सी चीजें आपको यहां देखने मिल जाएंगे। Vijayraghavgarh Fort Katni विजयराघवगढ़ किले का स्थिाति विजय राघव गढ़ किला    ( Vijayradhavgarh Fort )  कटनी शहर में स्थित है। कटनी शहर मध्य प्रदेश का एक जिला है। विजयराघवगढ़ कटनी शहर की तहसील एवं नगर पंचायत है। यह किला विजयराघवगढ़ तहसील में स्थित है। यह कटनी शहर से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर होगा, आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। विजय राघव गढ़ किला    ( Vijayradhavgarh Fort )  तक आने के लिए आपको बस भी मिल जाएंगी। यह किला बहुत बड़ा है। विजयराघवगढ़ किले का जानकारी विजयराघवगढ़ किले   ( Vijayradha

Beautiful ghat of Gwarighat in Jabalpur city || जबलपुर शहर के नर्मदा नदी का खूबसूरत घाट

Gwarighat ग्वारीघाट ग्वारीघाट ( Gwarighat )  एक ऐसी खूबसूरत जगह है जहां पर आपको नर्मदा नदी के अनेक  घाट एवं भाक्तिमय वातवरण देखने मिल जाएगा। ग्वारीघाट   ( Gwarighat )   एक बहुत अच्छी जगह है गौरी घाट में घाटों की एक श्रंखला है। ग्वारीघाट   ( Gwarighat )  में आके आपको बहुत शांती एवं सुकून मिलता है। आप यहां पर नर्मदा मैया के दर्शन कर सकते है, उन्हें प्रसाद चढा सकते है। ग्वारीघाट  ( Gwarighat )  में सूर्यास्त का नजारा भी बहुत मस्त होता है।  Gwaright View ग्वारीघाट  ( Gwarighat )  की स्थिाति  ग्वारीघाट  ( Gwarighat )  जबलपुर जिले में स्थित है। जबलपुर जिला मध्य प्रदेश में स्थित है जबलपुर जिले को संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है। जबलपुर से नर्मदा नदी बहती है। ग्वारीघाट  ( Gwarighat )   नर्मदा नदी पर स्थित है। ग्वारीघाट एक अद्भुत जगह है, जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। ग्वारीघाट  ( Gwarighat )   पहुंचने के लिए आप मेट्रो बस और ऑटो का प्रयोग कर सकते हैं। आपको  ग्वारीघाट  ( Gwarighat )  पहुंचने के लिए जबलपुर जिले के किसी भी हिस्से से बस या ऑटो की सर्विस मि

Kachnar City Jabalpur -- जबलपुर का कचनार सिटी शिव मंदिर

Kachnar City Jabalpur कचनार सिटी मंदिर कचनार सिटी मंदिर ( Kachnar City Temple ) जबलपुर शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर शिव भगवान की आपको बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने मिलती है । यह प्रतिमा बहुत ही ऊंची है, इस प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। कचनार सिटी मंदिर  ( Kachnar City Temple )  में बहुत ही खूबसूरत गार्डन बना हुआ है एवं गार्डन के बीच में इस सुंदर प्रतिमा का निर्माण किया गया है। गार्डन में शिव भगवान की प्रतिमा के आतिरिक्त और भी प्रतिमाए है जो बहुत खूबसूरत है। यहां पर 12 ज्योतिर्लिंगों की स्थापना भी की गई है। शिव भगवान की विशाल प्रतिमा के सामने नंदी भगवान की सफेद पत्थर की प्रतिमा भी स्थित है।  Kachnar City Jabalpur कचनार सिटी शिव मंदिर कचनार सिटी मंदिर ( Kachnar City Temple )  बहुत खूबसूरत है। मंदिर में खुले आसमान के नीचे शिव भगवान की बहुत ही खूबसूरत और उची प्रतिमा विराजमान है। शंकर भगवान की यह प्रतिमा 76 फीट उची है। इस मंदिर में शिव भगवान की बैठी हुई मुद्रा में प्रतिमा है। यहां मंदिर साफ सुथरा और अच्छी तरह से प्रबन्धित है। यहां पर आ

Adegaon Fort and Kalbhairav Temple || आदेगांव का प्रसिध्द कालभैरव जी का मंदिर

आदेगांव का किला एवं काल भैरव जी का मंदिर आदेगांव का किला ( Adegaon Fort ) एवं काल भैरव जी का मंदिर ( Kaal Bhairav ji ka mandir ) एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है।  किले के अंदर कालभैरव जी का अतिप्रचीन मंदिर है।  आदेगांव  का किला  ( Adegaon Fort )   18 वी शताब्दी में बनाया गया था। इस मंदिर में काले भैरव, बटुक भैरव एवं नाग भैरव की सुंदर प्रतिमाए स्थित है। इस जगह में और भी चमत्कारी वस्तुए मौजूद है। यह पर श्यामलता का वृक्ष स्थित है जो विश्व में सिर्फ दो जगह ही पाया गया है।  Adegaon Fort and Kalbhairav Temple आदेगांव का किला  यह किला सिवनी जिले की लखनादौन तहसील से 18 किमी की दूरी पर है। आदेगांव नाम की इस जगह में आप पहुॅचते है तो यह किला आपको दूर से नजर आने लगता है। इस किले तक पहॅुचने का रास्ता आदेगांव की बाजार से होते हुए जाता है। मगर आप अगर रविवार दिन इस किलें में जाते है, इस दिन बाजार के एरिया से न जाये। आप बाजार के बजाय गांव के बाहर से ही एक रोड स्कूल की तरफ से होते हुए इस किले तक जाता है, आप वहां से जा सकते है। आपको किले के पास पहुॅचते है, आप को किला एक पहाड की चोटी पर

Roopnath Dham, Katni || रूपनाथ धाम कटनी जिले का दर्शनीय स्थल

Roopnath Dham रूपनाथ धाम  रूपनाथ धाम ( Roopnath Dham ) एक ऐसी जगह है जहां पर आपको एक साथ कई तीर्थ स्थल के दर्शन करने मिल जाते है, यहां पर आपको शिव भगवान का एक प्राचीन मंदिर एवं गुफा, शिव पार्वती, सीताराम, और राधा कृष्णा का मंदिर, एक छोटा बांध,  प्राचीन कुंड, समा्रट अशोक का शिलालेख, उची उची विशाल चटटानें, एक बडा तालाब, शिव भगवान की एक अदुभ्त प्रतिमा जो आपको और कही देखनें नहीं मिलेगी। आपको एक साथ एक ही जगह पर इन सभी के दर्शन करने मिल जाते है। यह जगह धार्मिक होने के साथ साथ प्राकृतिक खूबसूरती से भी भरी हुई है।  Roopnath Dham, Katni रूपनाथ धाम का प्राकृतिक सौदर्य रूपनाथ धाम  ( Roopnath Dham )  मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। यह जगह बहुत सुंदर और शांत है। यह जगह पूरी तरह से प्राकृतिक है। यहां पर आपको तीन कुंड देखने मिलेगें, जिन्हें राम कुंड, सीता कुंड एवं लक्ष्मण कुंड के नाम से जाना जाता है। यहां तीनों कुंड एक दूसरे के उपर बने हुए है। सबसे निचले कुंड को लक्ष्मण कुंड, बीच वाले कुंड को सीता कुण्ड एवं सबसे उपर वाले कुंड को राम कुंड के नाम से जाना जाता है। इन क