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कुलधरा गाँव जैसलमेर राजस्थान - Kuldhara Village Jaisalmer, Rajasthan

राजस्थान का भूतिया गांव - कुलधरा गांव (कुलधरा विलेज) -  Ghost Village of Rajasthan - Kuldhara Village भारत में बहुत सारी भूतिया जगह है। इन भूतिया जगह में कुलधरा गांव का नाम भी शामिल है। कुलधरा जैसलमेर शहर का एक प्रसिद्ध स्थान है। इस जगह को भूतिया जगह के नाम से जाना जाता है। कुलधरा एक गांव है और इसे भूतिया गांव कहते हैं। इस गांव के बारे में कहा जाता है कि यहां पर भूत रहा करते हैं और इसी विशेषता के कारण यह गांव पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां पर बहुत सारे पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। यहां पर दिन के समय तो सभी चीजें बहुत अच्छी लगती हैं। अब रात के समय का हम लोगों को पता नहीं है। हम लोग इस जगह पर दिन के समय गए और हमें यहां पर हर चीज नॉर्मल लगी थी और यहां पर हम लोगों को पुराने टूटे हुए खंडहर होते हुए घर देखने के लिए मिले।  कुलधरा गांव बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। हम लोग अपनी जैसलमेर यात्रा में सबसे पहले कुलधरा गांव में ही घूमने के लिए गए थे। हम लोग जैसलमेर डेजर्ट सफारी की तरफ जा रहे थे, तो हम लोगों को कुलधरा गांव भी घूमने का मौका मिला और हम लोग इस गांव में गए थे। कुलधरा गांव जैस

जैन मंदिर कौशांबी - Jain Temple Kaushambi / कौशांबी की यात्रा

  श्री कौशांबी जी दिगम्बर जैन तीर्थ - Shri Kaushambi Ji Digambar Jain Tirtha / Kaushambi Travel जैन मंदिर कौशांबी में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह जैन धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां पर हम लोगों को भगवान बुद्ध की एक मूर्ति देखने के लिए मिली, जो सफेद संगमरमर की बनी थी। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि इस मंदिर में स्थापित मूर्ति यमुना नदी से प्राप्त हुई थी। इसलिए यह मंदिर प्रसिद्ध है और जो भी पर्यटक यहां पर घूमने आता है। वह इस मंदिर में जरूर घूमता है।    घोषिता राम विहार स्थल घूम कर अब हम लोगों को जैन मंदिर जाना था। घोषिता राम विहार स्थल से जैन मंदिर करीब 1 से डेढ़ किलोमीटर दूर होगा। हम लोग जैन मंदिर की तरफ चलने लगे और रास्ते में हमें घोड़े देखने के लिए मिले, काफी करीब से हम लोगों ने घोड़े को देखा। यहां पर घोड़ों के सामने वाले पैरों में रस्सी बांध देते हैं, ताकि वह कहीं दूर ना चले जाएं और उन्हें मैदानों में छोड़ देते हैं, तो वह घास चढ़ते रहते हैं। हम लोगों ने घोड़ों के साथ फोटो भी खींची और जैन मंदिर की तरफ बढ़ चले। जैन मंदिर में पहुंचकर हम लोगों को बहुत सारे बच्चे देखने के लिए

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar site Kaushambi / Kaushambi travel / Kaushambi Fort   घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी एक प्राचीन स्थल है। यह एक भारतीय सर्वेक्षण स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह इसलिए प्रसिद्ध है, क्योंकि इस जगह भगवान बुद्ध अपने अनुयायियों के साथ आए थे और उन्होंने ने यहां पर प्रवचन दिया था। यहां पर बुद्ध भगवान काफी समय तक रहे थे। यह चैत्य एवं विहार दोनों था।   हम लोग अशोक स्तंभ स्थल घूमने के बाद, घोषिताराम विहार स्थल की तरफ जाने के लिए पैदल चल पड़े। घोषितराम विहार स्थल अशोक स्तंभ स्थल से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर दूर होगा। पैदल रास्ता था और इस रास्ते में आपको ज्यादा भीड़ देखने के लिए नहीं मिलेगी। इक्का-दुक्का गाड़ी ही आपको यहां पर देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर हम लोगों को घोड़े देखने के लिए मिले, जो बड़े-बड़े मैदानों पर घास चर रहे थे। हम लोग पैदल पैदल घोषिताराम विहार स्थल पर पहुंचे। बाहर बोर्ड लगा हुआ था और बच्चे खेल रहे थे। हम लोग अंदर गए, तो अंदर हमें इस स्थल के बारे में जानकारी मिली। अंदर एक बोर्ड लगा था , जिसमे इस जगह के

अशोक स्तंभ बौद्ध स्थल कौशाम्बी - Ashok Pillar Buddhist site Kaushambi

अशोक स्तंभ स्थल कौशांबी - Ashok pillar site Kaushambi / Kaushambi ka kila / Kaushambi Travel अशोक स्तंभ स्थल कौशांबी एक प्राचीन स्थल है। यह कौशांबी नगर में स्थित है। कौशांबी नगर इलाहाबाद से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप कौशांबी पर आकर बहुत सारे प्राचीन स्थल देख सकते हैं। उनमें से अशोक स्तंभ स्थल भी एक है। यहां पर आपको एक प्राचीन स्तंभ देखने के लिए मिलता है और इस स्तंभ में प्राचीन भाषाओं में लेख लिखा है। वह भी आप देख सकते हैं। मगर आप पढ़ नहीं पाएंगे। इसके अलावा यहां पर आपको प्राचीन नगर के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक कुआं है। वह आप देख सकते हैं।  सरकार की तरफ से यहां पर वॉशरूम की सुविधा की गई है और यहां पर ज्यादा भीड़ होने की स्थिति में टिकट की व्यवस्था होगी। मगर हम लोग जब गए थे, तब यहां पर ऐसा कुछ नहीं था।     हम लोग कौशांबी बस के द्वारा गए थे। हम लोगों को बस इलाहाबाद बस स्टैंड में करीब 11 बजे मिल गई थी। बस वाले ने हमें 1 बजे के करीब कौशांबी में छोड़ दिया था। हम लोग का किराया कौशांबी तक का ₹60 लगा था। हम लोग दो व्यक्ति थे। हम लोगों से बस वाले ने पूछा, कि आप

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला जैसलमेर जिलें  के प्रमुख  पर्यटन स्थलों  में से एक है।  जैसलमेर का किला जैसलमेर जिले में स्थित एक बहुत ही विशाल किला है।  यह किला आपको जैसलमेर शहर के किसी भी हिस्से से देखने मिल जाता है।  यह किला एक पहाड़ी पर स्थित है और यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप इस किलें तक पहुॅचने के लिए  ऑटो लेकर आराम से जा सकते हैं। रेल्वे स्टेशन में ही आटों वाले आ जाते है, और आपसे पूछते है, कि आप कहां जाएगें। आप आटो वालों से मोलभाव करके इस किलें तक आ सकते है।  जैसलमेर किले का रानी महल  इस किलें की स्थापना राव जैसल द्वारा सन ११५६ में की गई थी। यह किला त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। रेगिस्तान में स्थित होने के कारण इसे सोनार किला या सुनहरा किला भी कहते हैं। इस किला को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की रूप में शामिल किया गया है।  जैसलमेर का किलें तक जाने के लिए हम लोग ने भी आटों बुक किया था।  यह किला बहुत बड़ा है और यह दुनिया का पहला लिबिंग फोर्ट है, मतलब आज भी इस किलें में लोग रहते हैं। यह किला बहुत बड़ा है, तो आप इस किलें में जाते है तो

Lamheta Ghat Jabalpur

Lamheta Ghat Jabalpur लम्हेटाघाट जबलपुर  लम्हेटाघाट नर्मदा नदी का शांत और खूबसूरत घाट लम्हेटाघाट   लम्हेटाघाट जबलपुर ( Lamheta ghat Jabalpur ) में स्थित एक खूबसूरत घाट है। लम्हेटाघाट जबलपुर  ( Lamheta ghat Jabalpur )  शहर का खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यह घाट नर्मदा नदी पर बना हुआ है। यह घाट ज्यादा बड़ा नहीं है, मगर आप यहां पर आकर बहुत सारी जगहों के दर्शन कर सकते है। यह पर आपको नर्मदा नदी के घाट के अलावा ऐतिहासिक जगह भी देखने मिल जाती है। लम्हेटाघाट के आसपास में बहुत सारी ऐतिहासिक जगह है, जहां पर जाकर आपको अपने इतिहास के बारे में जानकारी मिल सकती है। मगर मेरे हिसाब से यहां के कुछ ऐतिहासिक स्थलों की हालात बहुत ही बेकार है।  लम्हेटाघाट  ( Lamheta ghat )  में आप आकर अपना अच्छा टाइम बिता सकते हैं और यहां पर ज्यादा लोग नहीं रहते हैं, जो लोग यहां पर रहते है। वहां यह के स्थानीय लोग ही रहते है। यहां पर बहुत से लोग इस घाट पर घूमने के लिए आते है। वहां भी आपको देखने मिलेगें, मगर यहा पर पर्यटक की संख्या कम रहती है।   लम्हेटाघाट जबलपुर  ( Lamheta ghat Jabalpur )  में स्थित है और यह

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

Kankali Devi Temple  कंकाली देवी मंदिर  कंकाली देवी मंदिर बहोरीबंद (Kankali Devi Temple) के पास के एक गांव में स्थित है। इस गांव में कंकाली देवी मंदिर ( Kankali Devi Temple ) के अलावा एक मंदिर और भी स्थित है। यह एक पुरातात्विक स्थल है और यहां पर आपको बहुत ढेर सारे खूबसूरत नक्काशी भरे पत्थर पर उकेरी गई कई कलाकृतियां देखने मिल जाएगी। यह एक बहुत प्राचीन स्थल है और आप इस जगह पर बहुत आसानी से आ सकते हैं। यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है।  कंकाली देवी मंदिर  कंकाली देवी मंदिर ( Kankali Devi Temple )  कटनी जिले में स्थित है। यह कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील ( Bahoriband Tehsil )  के पास स्थित है। आप इस मंदिर पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर तक कोई भी टैक्सी या बस वगैरह नहीं चलती है। आपको अपनी गाड़ी से ही आना होगा। इस मंदिर तक आने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाती है, या बहोरीबंद तहसील ( Bahoriband Tehsil ) से जो कटनी जिले की तहसील है वहां से 3 या 4 किलोमीटर दूर होगा, तो आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। तिगवा में स्थापित पत्थर के शिवलिंग  आपको यहां