दतिया पर्यटन स्थल - Datia tourist place

दतिया दर्शनीय स्थल - Best places to visit in Datia | Datia tourism | दतिया जिला


दतिया में घूमने की जगहें
Places to visit in Datia



दतिया पैलेस - Datia Palace

दतिया पैलेस को वीर सिंह पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। दतिया पैलेस दतिया शहर में घूमने की एक ऐतिहासिक महल है। इस महल में 7 मंजिल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर आपको गुंबद, खूबसूरत प्रवेश द्वार और खिड़कियां देखने के लिए मिलेगी। इस महल का निर्माण बुंदेला शासक वीर सिंह देव ने सन 1620 ईस्वी में करवाया था। यह महल चैकोर है, जिसमें कोने पर त्रिकोणीय मीनार है। दतिया महल को नरसिंह महल या पुराने महल के नाम से भी जाना जाता है। इस महल के निर्माण में पत्थरों का प्रयोग किया गया है। इस महल में लकड़ी और लोहे का प्रयोग कहीं पर भी नहीं किया गया है। आपको यहां पर कहीं पर भी लकड़ी और लोहे देखने के लिए नहीं मिलेंगे। यहां पर पत्थर की खूबसूरत जालियां बनाई गई है, जो आकर्षक लगती हैं। महल को सजाने के लिए छतरियां बनाई गई है, जिन पर गुंबद बने हुए हैं। वह भी बहुत खूबसूरत लगते हैं। महल की भीतरी दीवारों पर आपको सुंदर कलाकृतियां भी देखने के लिए मिल जाएगी। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं और आपको यहां आकर अच्छा लगता है। 


श्री पीताम्बरा पीठ दतिया - Shri Pitambra Peeth Datia

श्री पितांबरा पीठ मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में पूरे भारत देश से भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। श्री पितांबरा पीठ मंदिर मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित है। पितांबरा पीठ मंदिर बगलामुखी माता को समर्पित है, जो हिंदू धर्म की एक देवी हैं। यह मंदिर महाभारत काल से यहां पर निर्मित है। यहां पर एक प्राचीन शिवलिंग भी स्थित है, जो कहा जाता है, कि अति प्राचीन है। यहां पर आप धूमावती माता के दर्शन भी कर सकते है। सौभाग्यवती स्त्रियां धूमावती माता के दर्शन नहीं करती हैं। यह मंदिर सुबह से शाम तक बड़ी आरती तक खुला रहता है। आप आकर इस मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


राम सागर तालाब एवं राम सागर का किला दतिया - Ram Sagar Pond and Ram Sagar Fort Datia

राम सागर तालाब एवं राम सागर का किला दतिया शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको एक खूबसूरत जलाशय देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी है, जहां पर हनुमान जी की प्रतिमा विद्यमान है। आप हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपको एक किला भी देखने के लिए मिलेगा, जो प्राचीन है। आप  वह भी देख सकते हैं। 


गुप्तेश्वर धाम दतिया - Gupteshwar Dham Datia

गुप्तेश्वर धाम दतिया शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। गुप्तेश्वर धाम दतिया शहर के बडोनी में स्थित है। यहां पर आपको शंकर जी का एक शिवलिंग देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि शिवलिंग ऊंचाई बढ़ती जा रही है। यह जगह प्राकृतिक वातावरण से भरी हुई है। आपको यहां पर एक तालाब भी देखने के लिए मिलता है, जिस पर आप स्नान कर सकते हैं। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


बडोनी का किला दतिया - Badoni Fort Datia

बडोनी का किला दतिया शहर का एक प्राचीन स्थल है। यह किला दतिया शहर के बडोनी में स्थित हैं। आप यहां पर आकर यह किला देख सकते हैं। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले का बहुत सारा भाग अब खंडहर में तब्दील हो गया है। आपको इस किले से चारों तरफ का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिल जाएगा। 


जैन मंदिर सोनागिर दतिया - Jain Temple Sonagir Datia

सोनगिरी के जैन मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह जैन धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको बहुत सारे जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर श्री चंद्रप्रभु का मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। यह मंदिर पहाड़ियों पर बने हुए हैं। सोनगिरी का मतलब होता है - सोने का पहाड़। यहां पर आपको 108 जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर में 43 फीट ऊंचे मनस्तंभ को देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ लगती है। यह मंदिर वास्तुकला की दृष्टि से भी बहुत खूबसूरत है।आपको इन मंदिरों तक जाने के लिए पैदल चलना पड़ता है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर आकर शांति का अनुभव करेंगे। 


प्राचीन पद्मावती मंदिर दतिया - Ancient Padmavati Temple Datia

प्राचीन पद्मावती मंदिर देवास जिले के पास में पवाया गांव के पास में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर खुदाई से मिला है और चौथी शताब्दी का माना जाता है। यह अभी भी अच्छी हालत में यहां पर मौजूद है। यह मंदिर खंडहर अवस्था है।  आप आकर यहां पर घूम सकते हैं। यह मंदिर ईंटों से बना है। यह मंदिर ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है। इसलिए ज्यादा यहां पर भीड़भाड़ नहीं रहती। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा।


रतनगढ़ माता मंदिर दतिया - Ratangarh Mata Temple Datia

रतनगढ़ माता का मंदिर देवास जिले के पास में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। रतनगढ़ माता का मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। मंदिर पर पहुंच कर आपको चारों तरफ का खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। सिंधु नदी मंदिर के बहुत करीब है। आप मंदिर से सिंधु नदी को भी देख सकते हैं। चारों तरफ आपको पहाड़ियां देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर देवास जिले की स्योंधा  तहसील के रतनगढ़ में स्थित है। यह मंदिर देवास जिले से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। कहा जाता है कि यहां पर मांगी गई हर दुआ पूरी होती है। यहां पर हर सोमवार को मेला लगता है। यहां पर नवरात्रि में बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है,  जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। यहां पर दीपावली की भाई दूज में भी मेला लगता है, जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग आते हैं। 


संकुआ कुंड दतिया - sankua Kund datia

संकुआ कुंड देवास जिले के पास में स्थित एक धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगह है। संकुआ कुंड देवास जिले में स्योंधा के पास में स्थित है। यहां पर आपको शिवलिंग देखने के लिए मिलता है और यहां पर आपको एक खूबसूरत झरना देखने के लिए भी मिलता है, जो सिंधु नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आप झरने की खूबसूरती का मजा उठा सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री बालाजी धाम दतिया - Shri Balaji Dham Datia

श्री बालाजी धाम मंदिर देवास जिले के पास में डबरा नाम की जगह में स्थित है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर आपको माता सीता राम जी के और दुर्गा जी के मंदिर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही भव्य मूर्ति विराजमान है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


नवग्रह मंदिर करण सागर के पास में स्थित है। 

परशुराम हनुमान मंदिर करण सागर के पास में स्थित है। 

देवगढ़ का किला दतिया


भिंड के दर्शनीय स्थल

महेश्वर दर्शनीय स्थल

होशंगाबाद पर्यटन स्थल

छतरपुर के दर्शनीय स्थल


भिंड पर्यटन स्थल - Tourist places near Bhind

भिंड के दर्शनीय स्थल - Best places to visit in Bhind | Bhind sightseeing | भिंड शहर


भिंड में घूमने की जगहें
Places to visit in Bhind


वनखंडेश्वर मंदिर भिंड - Vankhandeshwar Temple Bhind 

वनखंडेश्वर मंदिर  भिंड शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। वनखंडेश्वर मंदिर भिंड शहर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है। यह मंदिर गौरी तालाब के पास में स्थित है। गौरी तालाब भिंड शहर में स्थित एक खूबसूरत झील है। वनखंडेश्वर मंदिर का निर्माण राजा पृथ्वीराज चौहान के समय में किया गया था। इस मंदिर में अखंड ज्योत जलाई गई है, जो प्राचीन समय से अभी तक जल रही है। इस मंदिर में सोमवार के दिन बहुत भीड़ लगती है। श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए यहां पर आते हैं। यहां पर सोमवार के दिन महाआरती भी होती है। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार की समय बहुत बड़े मेले का भी आयोजन किया जाता है। 


गौरी तालाब भिंड - Gauri Talab Bhind

गौरी तालाब भिंड शहर में स्थित एक झील है। गौरी तालाब भिंड शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। गौरी तालाब के आसपास बहुत सारे मंदिर है, जिनमें आप जाकर घूम सकते हैं और आपको वहां पर शांति मिलेगी।  गौरी तालाब के पास में गौरी लेक पार्क स्थित है। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां से आप सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। 


भिंड का किला या जिला पुरातत्व संग्रहालय भिंड - Bhind Fort or District Archaeological Museum Bhind

भिंड का किला भिंड शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले को संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है। किले में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला ऊंचाई में स्थित है, जिससे पूरे भिंड शहर के दृश्य को आप देख सकते हैं। इस किले को जिला पुरातत्व संग्रहालय भी कहा जाता है। आप यहां पर आकर भिंड के इतिहास के बारे में जान सकते हैं। 


नक्षत्र वाटिका भिंड - Nakshatra Vatika Bhind

नक्षत्र वाटिका भिंड शहर में स्थित एक खूबसूरत पार्क है। यहां पर आपको तरह तरह के पेड़ पौधे देखने के लिए मिल जाते हैं। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है। आप यहां पर मॉर्निंग वॉक के लिए आ सकते हैं। यह पार्क मुख्य भिंड शहर में ही स्थित है। 


गोहद का किला भिंड - Gohad Fort Bhind

गोहद का किला भिंड शहर के पास में गोहद नाम की जगह में स्थित है। यह एक प्राचीन किला है। यह किला बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले के अंदर आपको किलेबंदी, मीनारें, तालाब एवं मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। इस किले का निर्माण 1505 में जाट शासक राणा सिंघम देव द्वितीय ने कराया था। इस किले के पास में वैशाली नदी बहती है। यहां पर वैशाली नदी गोलाकार आकार में बहती है। किले के अंदर आपको बहुत सारी इमारतें देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको शीश महल, और रानी बाग देखने के लिए मिल जाएगा। 


गोहद बांध भिंड - Gohad Dam Bhind

गोहद बांध एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय भिंड जिले के पास में स्थित गोहद नाम के स्थान पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय गोहद जलाशय से पानी ओवरफ्लो होता है और बहता है, तो ऐसा लगता है। जैसे झरना बह रहा है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


चंबल वैली भिंड - Chambal Valley Bhind

चंबल नदी भिंड शहर के पास से गुजरती है।  चंबल नदी भारत देश की सबसे शुद्ध नदी है। चंबल नदी में किसी भी तरह का कोई भी प्रदूषण नहीं होता है, क्योंकि इस नदी के लिए किसी भी तरह की कथाएं प्रसिद्ध नहीं है। इस नदी के किनारे ना ही धार्मिक स्थल है और ना ही किसी भी तरह का धार्मिक कार्य किया जाता है। इसलिए यह नदी प्रदूषण मुक्त है। चंबल नदी का ज्यादातर हिस्सा भी बीहड़ है। आप चंबल वैली में बर्डवाचिंग कर सकते हैं। यहां पर आपको देशी और विदेशी पक्षियों की भरमार देखने के लिए मिल जाएगी। इसके अलावा चंबल नदी में मगरमच्छ देख सकते हैं। ठंड के समय मगरमच्छ नदियों के किनारे आराम करते हुए देखने के लिए आपको मिल जाएंगे। यहां चंबल नदी का जो एरिया है, वह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर चंबल वैली का लुफ्त उठा सकते हैं। 


श्री परमहंस आश्रम समन्ना भिंड - Sri Paramahams Ashram Samanna Bhind

श्री परमहंस आश्रम भिंड से इटावा जाने वाले रास्ते में पड़ता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत शांति मिलेगी। यहां पर आप गुरु जी के दर्शन कर सकते हैं। 


महामृत्युंजय जैन तीर्थ भिंड - Mahamrityunjaya Jain Tirtha Bhind

महामृत्युंजय जैन तीर्थ भिंड शहर के पास चंबल नदी के किनारे पर स्थित है। यह स्थल एक जैन तीर्थ स्थल है। आप यहां पर आ कर इस मंदिर को देख सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। यह मंदिर भिंड से इटावा आने वाले रास्ते में पड़ता है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी।

 

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड - Temple of Shri Ratangarh Mata Bhind

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड जिले के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक बहुत अच्छी एवं धार्मिक जगह है। यह जगह जंगल के बीच में स्थित है। यहां पर माता का मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। पहाड़ी से चारों तरफ का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखता है। सोमवार के दिन यहां पर मेला लगता है, जिसमें आसपास के लोकल लोगों के द्वारा मेला लगाया जाता है।  यहां पर नवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह भिंड शहर से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 


कन्हरगढ़ का किला स्योंधा भिंड - The fort of Kanhargarh is Sayondha Bhind 

कन्हार गढ़ का किला भिंड शहर के पास में स्थित एक प्राचीन किला है। यह किला सिंध नदी के पास में स्थित है। यह किला स्योंधा में स्थित है। स्योंधा भिंड से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।


संकुआ कुंड स्योंधा भिंड - Sankua Kund Sayondha Bhind

संकुआ कुंड सिंध नदी पर स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यहां पर आपको एक खूबसूरत कुंड देखने के लिए मिलता है। यहां पर सिंध नदी पर एक झरना देखने मिलता है। यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है। आप यहां पर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। संकुआ कुंड भिंड शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्योंधा में स्थित है। 


कालका माता का मंदिर भिंड - Kalka Mata Temple Bhind

कालका माता का मंदिर भिंड शहर के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सिंध नदी के किनारे स्थित हैं। मंदिर से आपको सिंध नदी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर कालका माता जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी।


झांसी के दर्शनीय स्थल

ग्वालियर पर्यटन स्थल

मुरैना दर्शनीय स्थल

जबलपुर पर्यटन स्थल


पुष्कर की सैर - Pushkar tour

पुष्कर में घूमने का अनुभव


पुष्कर राजस्थान में स्थित पहाड़ों से घिरा हुआ एक छोटा सा कस्बा है। पुष्कर अपने इकलौते ब्रह्मा मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि पूरे संसार में एक ही ब्रह्मा मंदिर है और वह पुष्कर में है। यहां पर पुष्कर झील है। पुष्कर झील के बाजू में ही ब्रह्मा मंदिर है। आप यहां पर आएंगे, तो यहां पर आप पुष्कर झील में स्नान करके ब्रह्मा मंदिर में जा सकते हैं। पुष्कर में साल भर में एक बार पुष्कर मेला का आयोजन होता है। पुष्कर मेला पूरे भारत देश में और विदेशों में भी प्रसिद्ध है। यहां पर देश-विदेश से लोग पुष्कर मेले में घूमने के लिए आते हैं। यह मेला विशेषकर पशुओं की खरीदी और बेचने के लिए लगाया जाता है। यहां पर आपको हर प्रकार के पशु खरीदने के लिए और बेचने के लिए मिल जाएंगे। वैसे हम लोग यहां पर पुष्कर मेले के समय नहीं गए थे। हम लोग पुष्कर ठंड के समय गए थे। पुष्कर चारों तरफ से खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ है और पहाड़ों के बीच में बसे हुए पुष्कर में आपको चारों तरफ सफेद धुंध देखने के लिए मिल जाती है। ठंड के समय पुष्कर में सर्दी भी बहुत ज्यादा रहती है। 

पुष्कर की सैर - Pushkar tour
मंदिर के आसपास का दृश्य


पुष्कर की सैर - Pushkar tour
मंदिर से पहाड़ों का दृश्य 


हम लोग पुष्कर ट्रेन से गए थे। ट्रेन से पुष्कर पहुंचकर हम लोग स्टेशन में उतरे। स्टेशन से जैसे ही हम लोग बाहर निकले। हम लोगों को टैक्सी वालों ने घेर लिया। हम लोगों ने एक टैक्सी वाले से बात पक्की की और चले पड़े पुष्कर। यहां पर आपको टैक्सी  वाले बहुत ज्यादा किराया मागते है। आपको किराया में मोलभाव करना पड़ेगा।  पुष्कर जाने का जो रास्ता है। वह बहुत ही खूबसूरत है। रास्ते में आपको बहुत सारे मोर देखने के लिए मिलेंगे और खूबसूरत पहाड़ी देखने के लिए मिलेगी, आपको आनासागर झील भी देखने के लिए मिलेगी, पुष्कर पहुंचकर हम लोगों ने रूम बुक किया और नहा धोकर तैयार हो गए, उसके बाद हम लोगों का मंदिर जाने का प्लान बना, हम लोगों का सावित्री मंदिर जाने का प्लान बना। 


हम लोगों ने एक ऑटो बुक किया और उस ऑटो से हम लोग मंदिर पहुंचे। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक जाने के लिए आपको दो रास्ते मिलते हैं। एक रास्ता सीढ़ियों का है। एक रास्ता रोपवे का है। हम लोगों ने रोपवे का रास्ता चुना, क्योंकि हम लोगों में ताकत नहीं थी, कि हम लोग सीढ़ियां चढ़कर जाएं। हम लोगों ने कुछ विदेशी लोगों को देखा, जो जिनमें इतना उत्साह था, कि वह सीढ़ियां चढ़कर जा रहे थे। इसके अलावा हमें कुछ बंदर भी देखें, जो चट्टानों पर उछल कूद करते हुए मंदिर पर जा रहे थे। हम लोगों को बहुत अच्छा लगा। रोपवे से चारों तरफ का नजारा बहुत ही खूबसूरत था। हम लोग जब जा रहे थे, तब बादल छाए हुए थे और सूरज अपनी रोशनी हल्की-हल्की बिखेर रहा था, जिसका व्यू बहुत ही खूबसूरत लग रहा था। हम लोग जब मंदिर पहुंचे, तो हमारे साथ बंदर लोग भी मंदिर पहुंच गए थे। मंदिर के पास चारों तरफ का दृश्य बहुत ही सुहावना लग रहा था। आपको दूर-दूर तक नजारा देखने के लिए मिलता है। यहां से आपको ऊंचे ऊंचे पहाड़, रेतीले टीले, सजी हुई  ऊंट और सजी हुई गाड़ियां देखने के लिए मिल जाती है। 


हम लोगों को मंदिर में बहुत ज्यादा आनंद आया। हम लोगों ने बहुत सारी फोटो यहां पर क्लिक किया। यहां पर प्रसाद वगैरह की दुकान नीचे लगती है। आप माता को प्रसाद चढ़ाने के लिए नीचे ही ले सकते हैं। उसके बाद हम लोग नीचे आ गए और सावित्री माता मंदिर घूमने के बाद, हम लोग ब्रह्मा जी के मंदिर गए। शाम हो गई थी। हम लोग ब्रह्मा जी मंदिर में भगवान ब्रह्मा जी के दर्शन किए। उसके बाद हम लोगों ने पुष्कर सरोवर के दर्शन किए और पूरा मार्केट घुमा। पुष्कर ब्रह्मा जी के मंदिर के आसपास बहुत बड़ा मार्केट लगता है और यहां पर बहुत खूबसूरत खूबसूरत सामान मिलता है। आप यहां से कंगन ले सकते हैं और यहां पर आपको बैग वगैरह भी मिलते हैं। वह भी ले सकते हैं। हम लोग मंदिर घूमने के बाद, हम लोग खाना खाया।  यहां पर आपको बहुत अच्छे अच्छे होटल मिल जाएंगे और हम लोगों ने यहां पर दाल बाटी ट्राई की, जो बहुत अच्छी थी और बहुत मजा आया। इस तरह हमारे दिन का अंत हुआ और हम लोग होटल में वापस आ गए। रात में हम लोग आग के पास बैठकर मस्त आग का आनंद लिया। उसके बाद हम सो गए। हमारा दिन बहुत ही अच्छा गया। 


पन्ना पर्यटन स्थल

घोघरा नर्सरी झरना कटनी

भेड़ाघाट का मेला

ग्वालियर पर्यटन स्थल


महेश्वर पर्यटन स्थल - Maheshwar tourist place

महेश्वर दर्शनीय स्थल - Maheshwar sightseeing | महेश्वर पिकनिक स्पॉट



महेश्वर में घूमने की जगह 
Places to visit in Maheshwar


श्री अहिल्येश्वर मंदिर, महेश्वर - Shri Ahilyeshwar Temple, Maheshwar

श्री अहिल्येश्वर मंदिर महेश्वर में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से पत्थरों को तराश कर बनाया गया है। यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है। मंदिर एक ऊंचे मंडप पर बना हुआ है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुंदर है। यहां आकर आपको शांति मिलेगी और आप सकारात्मक ऊर्जा से भर जाएंगे। मंदिर की दीवारों में आपको नक्काशी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। 


महेश्वर दुर्ग - Maheshwar Durg

महेश्वर दुर्ग महेश्वर में स्थित घूमने की एक प्रमुख जगह है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। प्रवेश द्वार के चारों तरफ खूबसूरत नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। किले के अंदर होलकर साम्राज्य की बहुत सारी वस्तुएं आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। किले के अंदर आपको म्यूजियम देखने के लिए मिलेगा। यह किला बहुत खूबसूरत है और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। 


श्री राज राजेश्वर सहस्त्रबाहु मंदिर महेश्वर - Shri Raj Rajeshwar Sahastrabahu Temple Maheshwar

श्री राज राजेश्वर सहस्त्रबाहु मंदिर महेश्वर में प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर राजा सहस्त्रबाहु को समर्पित है। श्री राज राजेश्वर मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर महिष्मति, जिसे आज महेश्वर की नाम से जाना जाता है, के राजा सहस्त्रबाहु के समय पर बनाया गया था। यहां पर आपको 11 दीपक देखने के लिए मिलते हैं, जो उस समय से जल रहे हैं। जब यह मंदिर बनाया गया था। माना जाता है कि यह सोमवंशी राजा सहस्त्रार्जुन कीर्ति वीर्य की समाधि मंदिर है। यहां पर राजा सहस्त्रार्जुन की प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिलेगी और यहां पर शंकर जी का शिवलिंग भी देखने के लिए मिल जाता है। राजा सहस्त्रार्जुन का जन्मदिन महेश्वर में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यहां 3 दिन उत्सव मनाया जाता है और यहां पर भंडारा भी किया जाता है। आप भी आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


महेश्वर के घाट, महेश्वर  - Maheshwar Ghats, Maheshwar

महेश्वर के घाट महेश्वर में घूमने के मुख्य स्थान है। यह  घाट नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है।आप इन घाटों से नर्मदा नदी का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आपको ढेर सारी मछलियां भी देखने के लिए मिलती है। आप मछलियों को खाने के लिए कुछ डाल सकते हैं। यहां पर आपको शांति मिलती है और आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह घाट साफ-सुथरे हैं। आपको यहां पर ढेर सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। आप यहां नर्मदा नदी में नौकायन का भी मजा ले सकते हैं। यहां पर बॉलीवुड की फिल्म पैडमैन की भी शूटिंग हुई है। यहां पर आकर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


बाणेश्वर महादेव मंदिर महेश्वर - Baneshwar Mahadev Temple Maheshwar

बाणेश्वर मंदिर महेश्वर में स्थित एक मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बने एक टापू पर बनाया गया है। यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर का बना हुआ है। मंदिर में शिवलिंग और नंदी भगवान आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। माना जाता है कि द्वापर युग में, बाणासुर ने यहां कठिन तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। बाणेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण 9 वीं से 10 वीं शताब्दी में हुआ है। इस मंदिर में आप नाव के द्वारा पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा महसूस होगा। 


सहस्त्रधारा जलप्रपात महेश्वर - Sahastradhara Falls Maheshwar

सहस्त्रधारा जलप्रपात महेश्वर में घूमने के लिए एक मुख्य जगह है। यहां पर आपको नर्मदा नदी पर एक जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात बहुत तीव्र गति से बहता है। यहां पर नर्मदा नदी छोटी-छोटी धाराओं में बहती है और जलप्रपात बनाती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप आते हैं, तो जूते पहन कर आइएगा, क्योंकि यहां का जो एरिया है। वह चट्टानों से भरा हुआ है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और आप यहां पर अच्छा समय बिता सकते हैं। अगर आप यहां आते हैं, तो खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी जरूर लाएं, क्योंकि आसपास यहां पर कोई दुकान नहीं है। 


श्री दत्तधाम महेश्वर - Shri Dattadham Maheshwar

श्री दत्तधाम महेश्वर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर करीब 30 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरती से बनाया हुआ है। यह मंदिर दत्तात्रेय को समर्पित है। यह चार दत्ता धामों में से पहला दत्ता धाम है। इस मंदिर को श्री नारायण महाराज द्वारा बनवाया गया है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे पर बना हुआ है। यहां पर आपको भगवान एक मुखी दत्ता जी, गणेश भगवान जी की, और मां नर्मदा जी की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाएगी। 


पंढरीनाथ मंदिर महेश्वर - Pandharinath Temple Maheshwar

पंढरीनाथ मंदिर महेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पंढरी भगवान जी को समर्पित है। पंढरी भगवान जी भगवान विष्णु जी के अवतार हैं। यह प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको खूबसूरत मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर प्राचीन समय में अहिल्या बाई होलकर जी के द्वारा मंदिर में पूजा की जाती थी। 


चिंतामणि गणेश मंदिर महेश्वर - Chintamani Ganesh Temple Maheshwar

चिंतामणि गणेश मंदिर महेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको गणेश जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर बुधवार को भक्तों की भीड़ रहती है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं और भगवान गणेश के दर्शन कर सकते हैं। 


शालिवाहन शिव मंदिर महेश्वर (Shalivahan Shiva Temple Maheshwar)

कालेश्वर मंदिर महेश्वर (Kaleshwar Temple Maheshwar)

जलेश्वर मंदिर महेश्वर (Jaleshwar Temple Maheshwar)

जगन्नाथ धामपुर मंदिर महेश्वर (Jagannath Dhampur Temple Maheshwar)


चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल

पन्ना पर्यटन स्थल

छतरपुर के दर्शनीय स्थल


लोढ़ा पहाड़ धाम या सिद्धन धाम - Lodha Pahad Dham or Siddhan Dham Sihora

लोढ़ा पहाड़ धाम या सिद्धन धाम सिहोरा

 Lodha Pahad Dham or Siddhan Dham Sihora

 
 
लोढ़ा पहाड़ धाम या सिद्धन धाम - Lodha Pahad Dham or Siddhan Dham Sihora

 
लोढ़ा पहाड़ धाम या सिद्धन धाम - Lodha Pahad Dham or Siddhan Dham Sihora

 
सिद्धन धाम या लोढ़ा पहाड़ धाम एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। लोढ़ा पहाड़ धाम में आप अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। इस मंदिर तक जाने के लिए सड़क की व्यवस्था है। आप यहां से जाते हैं, तो अपनी गाड़ी आराम से चलाइएगा, क्योंकि यहां पर सड़क के दोनों तरफ आपको खाई देखने के लिए मिलती है। मंदिर पहुंचकर आपको सीढ़ियां मिलती है। सीढ़ियां चढ़कर आप मंदिर तक जाते हैं। यहां पर आपको शंकर जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर गुरु जी भी बैठते हैं। आप उनके भी दर्शन कर सकते हैं। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि, इस जगह में पहले ऋषि मुनि लोग रहा करते थे और तपस्या किया करते थे। आपको यहां पर एक पुरानी गुफा भी देखने के लिए मिल जाती है। यह गुफा कहां तक जाती है। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मगर आप इस गुफा को देख सकते हैं। इस जगह में आ कर बहुत अच्छा लगा था। हम लोगों ने यहां पर करीब अपना एक से डेढ़ घंटा तक बताया। यहां पर आपको पक्षियों की  आवाज और चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। मंदिर के दोनों तरफ आपको गहरी खाई देखने के लिए मिलेगी। 
 
लोढ़ा पहाड़ धाम सबसे ऊंची जगह पर स्थित है। यह मंदिर कटनी जबलपुर हाईवे रोड से भी आपको देखने के लिए मिल जाता है। मंदिर से आपको चारों तरफ का दृश्य देखने के लिए मिलेगा, जो बहुत ही आकर्षक होता है। अगर आप शाम के समय जाते हैं, तो यहां से सूर्यास्त देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर आकर आप पिकनिक मना सकते हैं। अपने दोस्तों के साथ और अपने परिवार वालों के साथ यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। 
 
हम लोग जब इस मंदिर गए थे। तब यह मंदिर खुला नहीं था और हम लोग बाहर से इस मंदिर के दर्शन किए थे। यहां पर बहुत बड़ा मैदान है, जहां पर हम लोगों ने बहुत अच्छी फोटो खींचे थे। यहां पर सूर्यास्त का बहुत ही खूबसूरत नजारा भी देखने के लिए मिल जाता है । यहां पर मकर संक्रांति के समय मेला भरता है और बहुत सारे लोग इस मेले में आते हैं। इस मंदिर को लेकर बहुत सारी मान्यताएं हैं, जिसके बारे में मेरे को जानकारी नहीं है, क्योंकि जब हम लोग गए थे, तब मंदिर बंद था, तो कोई हमें मंदिर के बारे में बता नहीं पाया। मगर यह जगह बहुत खूबसूरत है और आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको चारों तरफ हरियाली भरा माहौल देखने के लिए मिल जाएगा। मंदिर में सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं।
 

सिद्धन धाम मंदिर या लोढ़ा पहाड़ धाम कहाँ  है

सिद्धन धाम मंदिर या लोढ़ा पहाड़ धाम जबलपुर जिले में सिहोरा के पास में स्थित है। यह सिहोरा से करीब 6 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप मंदिर तक आप ने दो पहिया वाहन या चार पहिया वाहन से पहुंच सकते हैं। मंदिर तक जाने के लिए पक्की सड़क है। 

 

सतधारा मेला सिहोरा जबलपुर

रूपनाथ धाम कटनी 

विजयराघवगढ़ किला कटनी

रपटा घाट मंडला शहर 


होशंगाबाद पर्यटन स्थल - Hoshangabad tourist places in hindi

होशंगाबाद दर्शनीय स्थल - Tourist places near Hoshangabad | Hoshangabad picnic spot



होशंगाबाद में घूमने की जगह 


सेठानी घाट होशंगाबाद - Sethani Ghat Hoshangabad

सेठानी घाट होशंगाबाद का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। यह घाट बहुत बड़ा घाट है। यह भारत में स्थित सबसे बड़े घाटों में से एक है। इस घाट में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। आप इस घाट में नहाने का मजा भी ले सकते हैं। नर्मदा जयंती के समय हजारों की संख्या में लोग यहां आते हैं। यहां का दृश्य नर्मदा जयंती के समय देखते ही बनता है। सेठानी घाट का निर्माण जयंतीबाई  सेठानी ने किया था। इसलिए इस घाट को सेठानी घाट के नाम से जाना जाता है। यहां सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप सेठानी घाट में बैठकर नर्मदा नदी का खूबसूरत दृश्य इंजॉय कर सकते हैं। 


होशंग शाह का किला होशंगाबाद - Hoshang Shah's Fort Hoshangabad

होशंग शाह का किला होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यहां पर आपको एक पुराना खंडहर किला देखने के लिए मिलता है। होशंगाबाद शहर का नाम भी होशंग शाह राजा के नाम पर रखा गया है। इस के पास में ही एक पार्क आपको देखने के लिए मिलता है। पार्क में आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। आप इस किले में आकर घूम सकते हैं। किले के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। आपको इस जगह में आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


बांद्राभान - नर्मदा और तवा नदी का संगम स्थल होशंगाबाद -  Bandrabhan - the confluence of the Narmada and Tawa rivers, Hoshangabad

बांद्राभान होशंगाबाद शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। बांद्राभान होशंगाबाद से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह पर नर्मदा नदी और तवा नदी का संगम हुआ है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर आप आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां से आपको सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर रेत के बड़े-बड़े मैदान हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां पर साल में एक बार मेला भी लगता है। आप उस मेले में आकर आनंद उठा सकते हैं। 


आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद - Admgarh hills Hoshangabad

आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको रॉक शेल्टर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आदिमानव प्राचीन समय में रहा करते थे। उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग आप देख सकते हैं। यहां पर आप बहुत सारी पेंटिंग देख सकते हैं। यहां पर हिरण, शेर, सूअर, मानव की नृत्य  करते हुए एवं शिकार करते हुए पेंटिंग बनाई गई है। आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जगह होशंगाबाद के दक्षिणी सिरे में स्थित है। आप यहां पर आ सकते हैं और इस जगह को घूम सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर ज्यादा अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। 


हिंगलाज देवी मंदिर होशंगाबाद - Hinglaj Devi Temple Hoshangabad

हिंगलाज देवी का मंदिर होशंगाबाद में नर्मदा नदी के किनारे में स्थित है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर चारों तरफ से हरियाली से घिरा हुआ है और नर्मदा नदी का शानदार दृश्य आपको यहां पर देखने के लिए मिलता है। मंदिर में आपको माता हिंगलाज के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप शंकर जी के दर्शन भी कर सकते हैं। यहां आकर आप अपना समय शांति से बिता सकते हैं। यह मंदिर नर्मदा हाईवे ब्रिज के पास में है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। 


श्री जगदीश मंदिर होशंगाबाद - Shri Jagdish Temple Hoshangabad

श्री जगदीश मंदिर होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है, तो आप नर्मदा नदी का खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है। आप यहां पर आ कर मन को शांत कर सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में रुकने की व्यवस्था है। अगर आप कहीं बाहर से आते हैं, तो मंदिर में धर्मशाला है। आप वहां पर रुक सकते हैं। 


पर्यटन घाट होशंगाबाद - Paryatan ghat hoshangabad

पर्यटन घाट होशंगाबाद में स्थित नर्मदा नदी के किनारे पर बना हुआ एक सुंदर घाट है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह घाट एमपी टूरिज्म के द्वारा बनाया गया है। इस घाट को बहुत खूबसूरती से सजाया गया है। आप यहां पर बहुत सारी कलाकृतियां देख सकते हैंए जो एमपी टूरिज्म के द्वारा बनाई गई है। आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


हर्बल पार्क होशंगाबाद - Herbal Park Hoshangabad

हर्बल पार्क होशंगाबाद शहर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। मगर यह पार्क अच्छी तरह से मेंटेन नहीं है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि चारों तरफ हरियाली होती है। यहां पर आप मोर भी देख सकते हैं। यहां पर जोगिंग करने के लिए रोड बनी हुई है, जहां से आप पूरे पार्क को घूम सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा और ताजी हवा का आनंद लेने मिलेगा। 


श्री बूढ़ी माता धाम होशंगाबाद - shree boodhi mata dham hoshangabad

बूढ़ी माता का मंदिर होशंगाबाद जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर होशंगाबाद जिले में इटारसी में स्थित है। इस मंदिर में आपको बूढ़ी माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर परिसर में शिव भगवान जी के भी दर्शन आपको करने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर साल में एक बार मेला लगता है, जिसमें भारी जनसंख्या में लोग आते हैं। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री स्वप्नेश्वर हनुमान धाम होशंगाबाद - Sri Swapneshwar Hanuman Dham Hoshangabad

यह हनुमान मंदिर होशंगाबाद शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर होशंगाबाद शहर में इटारसी के पास में स्थित है।  यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर में छोटा सा बगीचा है, जहां पर आप शांति से बैठ सकते हैं। मंदिर में आपको हनुमान जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती है। मंदिर में शिव भगवान जी का भी छोटा सा मंदिर है और नर्मदा माई का भी छोटा सा मंदिर है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा और शांति का अनुभव होगा। मंदिर को सजाने के लिए हनुमान जी की छोटी-छोटी प्रतिमाओं को दीवारों पर रखा गया है और मंदिर की दीवारों पर सुंदर पेंटिंग बनाई गई है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर भी हनुमान जी की प्रतिमा को रखा गया है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।


तवा बांध होशंगाबाद - Tawa Dam Hoshangabad 

तवा बांध होशंगाबाद शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आपका पूरा 1 दिन यहां पर बीत जाएगा। यहां पर चारों तरफ जंगल का खूबसूरत नजारा आपको देखने के लिए मिलेगा और तवा बांध का मनोरम दृश्य भी आप देख सकते हैं। यहां पर आपको बोटिंग की सुविधा भी दी गई है, ताकि आप यहां पर वोटिंग कर सके। यहां पर क्रूज वगैरह भी हैं, जिनमें आप जा सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अगर बरसात के समय आते हैं, तो बरसात के समय आपको बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलेगा, क्योंकि बरसात के समय बांध के गेट खोले जाते हैं, जिससे अपार जल राशि गेट से निकलती है और उसका दृश्य देखने लायक होता है। इस बांध में 11 गेट हैं और यह बांध तवा नदी पर बना हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


सतपुड़ा नेशनल पार्क होशंगाबाद  - Satpura National Park Hoshangabad

सतपुड़ा नेशनल पार्क होशंगाबाद में घूमने के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आप यहां पर सफारी का मजा ले सकते हैं। आपको यहां पर विभिन्न प्रकार के जीव जंतु एवं पौधों की विभिन्न प्रजातियां देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आप बाघ, भालू, हिरण, सूअर देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलेगी। 


पचमढ़ी होशंगाबाद - Pachmarhi Hoshangabad

पचमढ़ी होशंगाबाद में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। पचमढ़ी में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। पचमढ़ी में आप  चैरागढ़ मंदिर, जटाशंकर मंदिर, गुप्त महादेव, सनसेट पॉइंट, धूपगढ़, राजेंद्र गिरी, हांडी खोह, रजत जलप्रपात आदि देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप आते हैं, तो कम से कम 2 दिन का प्लान बना कर आइए।  यहां पर आप जिप्सी से सारी जगह घूम सकते हैं। कई जगह पर आपको पैदल भी चलना पड़ सकता है। 


बोरी वन्यजीव अभयारण्य होशंगाबाद - Bori Wildlife Sanctuary Hoshangabad

बोरी वन्यजीव अभ्यारण होशंगाबाद शहर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको जंगल और जंगली जीव देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप जंगली जानवरों और वनस्पतियों की ढेर सारी प्रजातियां देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। बोरी वाइल्डलाइफ सेंचुरी पचमढ़ी बायोस्फीयर का ही हिस्सा है। यहां पर आपके प्रवेश का एंट्री चार्ज लिया जाता है। यह सेंचुरी 518 स्क्वेयर किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। 


पन्ना पर्यटन स्थल

गुना पर्यटन स्थल

चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल


छतरपुर पर्यटन स्थल - Chhatarpur tourist places

छतरपुर के दर्शनीय स्थल - Places to visit in chhatarpur | Chhatarpur tourism



छतरपुर में घूमने की जगह


खजुराहो  छतरपुर  - Khajuraho Chhatarpur

खजुराहो मध्य प्रदेश में स्थित एक विश्व प्रसिद्ध स्थल है। खजुराहो में आपको पुराने मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही भव्य हैं। खजुराहो की मूर्तिकला भी बहुत ही अद्भुत है। खजुराहो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। खजुराहो में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो प्राचीन है। खुजराहो में 100 से भी ज्यादा पुराने मंदिर थे, जिसमें से अब कुछ ही मंदिर बचे हुए हैं, जो अच्छी अवस्था में है। यहां पर सबसे प्रसिद्ध मंदिर कंदरिया महादेव मंदिर है। इस मंदिर के गर्भ गृह में आपको महादेव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर खजुराहो में स्थित सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। इसके अलावा भी खजुराहो में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको वाराह मंदिर, विश्वनाथ मंदिर चित्रगुप्त मंदिर जैसे अन्य प्रसिद्ध मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर चैसठ योगिनी माता का मंदिर भी है, जिसमें 64 मंदिर आपको देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर भी खंडार अवस्था में यहां पर मौजूद है। इसके अलावा यहां पर आपको शिवसागर झील भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन समय की है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और अपने इतिहास के बारे में जानकर आपको अच्छा महसूस होगा। खजुराहो में आपको संग्रहालय भी देखने के लिए मिलते हैं, जहां पर आपको प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिलता है। 


रानेह जल प्रपात  छतरपुर  - Raneh waterfall Chhatarpur

रानेह जल प्रपात छतरपुर के पास में स्थित सबसे अच्छा स्थान है।  यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आपको चट्टानों की श्रंखला देखने के लिए मिलती है, जो करीब 5 किलोमीटर तक में फैली हुई है। यहां पर केन नदी बहती है, इसमें बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात बनता है। इस जलप्रपात को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर जो चट्टाने है। वह बहुत ही खूबसूरत है। यह चट्टाने आपको गुलाबी, लाल रंग में देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यह चट्टानें ज्वालामुखी विस्फोट से बनी हुई है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। रनेह जलप्रपात छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रनेह जलप्रपात खुजराहो से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। आपको जलप्रपात में अंदर जाने के लिए टिकट लेनी पड़ती है। 


कुटनी बांध  छतरपुर  - Kutni Dam Chhatarpur

कुटनी बांध छतरपुर के पास में स्थित एक अच्छी जगह है। यह एक अच्छा पिकनिक स्थल है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। कुटनी बांध कुटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर एमपी टूरिज्म का एक गेस्ट हाउस में बना हुआ है, जहां पर आपको रुकने के लिए और खाने पीने की व्यवस्था है। यह बांध बहुत खूबसूरत है और आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बांध छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप गाड़ी से इस बांध तक पहुंच सकते हैं। 


बेनीसागर जलाशय  छतरपुर  - Benisagar reservoir Chhatarpur

बेनीसागर जलाशय छतरपुर के पास में स्थित एक अच्छी जगह है। आप जब भी खजुराहो घूमने के लिए जाते हैं, तो आप बेनीसागर जलाशय भी घूमने के लिए जा सकते हैं। आपको यहां से खूबसूरत सूर्यास्त का नजारा देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आप अच्छी फोटो भी खींच सकते हैं। 


रंगुवान बांध  छतरपुर  - Ranguwan Dam Chhatarpur

रंगुवान बांध छतरपुर शहर में स्थित घूमने के लिए एक अच्छी जगह है।  यह एक बहुत बड़ा जलाशय है और यह बांध मुख्य तौर पर सिंचाई के उद्देश्य बनाया गया है। यह बांध 1957 में बनाया गया है। यह बांध छतरपुर जिले के रंगुवान गांव में स्थित है। यहां पर आप आकर अपना समय बिता सकते हैं। 


हनुमान टोरिया  छतरपुर  - Hanuman Toriya Chhatarpur

हनुमान टोरिया छतरपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर है। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही खूबसूरत प्रतिमा आपको देखने के लिए मिलती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर हनुमान जी के मंदिर के अलावा आपको राम जी का मंदिर, साईं बाबा जी का मंदिर और शिव भगवान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलेगा। यहां से आपको छतरपुर शहर का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए भी मिल जाता है। 


फूला देवी मंदिर छतरपुर - Phula Devi Temple Chhatarpur

फूला देवी मंदिर छतरपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर नवरात्रि में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर खूबसूरत गार्डन है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और शांति का अनुभव कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। मंदिर में आपको शेष नाग जी की और हनुमान जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। 


पितांबरा मंदिर छतरपुर - Pitambra Temple Chhatarpur

पितांबरा मंदिर छतरपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आकर आपको माता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। कहा जाता है, कि इस मंदिर में आकर लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नवरात्रि के समय लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


महाराजा छत्रसाल संग्रहालय  छतरपुर - Maharaja Chhatrasal Museum Chhatarpur

महाराजा छत्रसाल पुरातत्व संग्रहालय छतरपुर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह संग्रहालय धुबेला झील के पास में स्थित है। यह संग्रहालय झांसी हाईवे रोड में स्थित है। आप यहां पर आकर पुरानी वस्तुओं का संग्रह देख सकते हैं। यहां पर 8 गैलरी है, जहां पर आपको अलग-अलग प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर आप राजा के वस्त्र देख सकते हैं। पुरानी नक्काशी दार मूर्तियां देख सकते हैं। शिव लिंग देख सकते हैं और पुराने हथियार भी देख सकते हैं। यहां पर मस्तानी महल भी बना हुआ है, वह भी आप देख सकते हैं। यहां का एंट्री टिकट 20 रू है और विदेशियों के लिए 200 रू हैं। यहां पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का अलग चार्ज लिया जाता है। इस संग्रहालय का उद्घाटन 1955 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा किया गया था। 


धुबेला झील छतरपुर - Dhubela Lake Chhatarpur

धुबेला झील छतरपुर में मऊ सहानिया के पास में स्थित एक खूबसूरत झील है। आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। यह झील बहुत बड़ी है और बहुत सुंदर लगती है। 


हृदय शाह का महल छतरपुर - Hriday Shah's Palace Chhatarpur

हृदय शाह का महल छतरपुर में स्थित एक प्राचीन महल है। यह महल महाराजा छत्रसाल संग्रहालय के पास में स्थित है। यह महल बुंदेला वास्तुकला में बनाया गया है। यह महल बहुत खूबसूरत है। इस महल में आपको गुंबद और गेट देखने के लिए मिल जाएगा। यह महल दो मंजिला है। 

 

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर -  Mahaaraaja chhatrasal ki samadhi chhatarpur

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर में मऊ सानिया के पास में स्थित है। आपको यहां पर एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलती है। इस इमारत में एक बहुत बड़ा गुंबद है और इमारत के चारों तरफ आपको छोटे-छोटे 10 गुंबद देखने के लिए मिलते हैं। यह इमारत बहुत खूबसूरत लगती है। 

 

शीतल गढ़ी छतरपुर -  Sheetal Garhi Chhatarpur

शीतल गढ़ी छतरपुर में स्थित एक प्राचीन इमारत है। यह एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है।  प्राचीन समय में इस गढ़ी का निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचाई पर करवाया गया था। इस इमारत का निर्माण दीवान कीरत सिंह, जो महाराजा छत्रसाल के नाती एवं द्वितीय पुत्र जगत राज के पुत्र थे, उन्होंने करवाया था। यह 2 मंजिला इमारत है। अभी यह इमारत खंडहर अवस्था में है। आप यहां पर आकर इस इमारत की खूबसूरती को देख सकते हैं। 


श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर महेवा छतरपुर - Shri Krishna Pranami Temple Maheva Chhatarpur 

श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर छतरपुर में महेवा में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है और प्राचीन स्थल भी है। इस स्थान पर महाराज छत्रसाल के आध्यात्मिक गुरु स्वामी प्राणनाथ ने एक सभा ली थी। इस मंदिर का निर्माण सन 1729 में महाराजा छत्रसाल द्वारा किया गया था। 


भीमकुंड मंदिर समूह छतरपुर -  Bhimkund Temple Group Chhatarpur

भीमकुंड मंदिर समूह छतरपुर में स्थित प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर 13वीं 14वीं शताब्दी के हैं। आप यहां आते हैं, तो आपको पत्थर के बने हुए मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर के सामने आपको बावड़ी भी देखने के लिए मिल जाएगी। 


शनि मंदिर छतरपुर - Shani Temple Chhatarpur

शनि मंदिर छतरपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक प्राचीन स्थल है। यह मंदिर छतरपुर से नौगांव के बीच मऊ सानिया में जगतसागर तालाब के बीचो बीच में स्थित है। यह मंदिर अति प्राचीन है और यहां पर आपको शनि भगवान जी की नौ रूपों की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर शनिचरी अमावस्या को बहुत सारे कार्यक्रम किए जाते हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। शनिवार को यहां पर बहुत सारे लोग शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। बरसात के समय में जगतसागर तालाब में बहुत ज्यादा पानी भर जाता है, जिससे यह शनि मंदिर भी डूब जाता है। 


बिहारी जू मंदिर छतरपुर - Bihari joo Temple Chhatarpur

बिहारी जू मंदिर छतरपुर में जगत सागर तालाब के पास में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा छत्रसाल के द्वारा किया गया था। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है। 


गौरैया माता का मंदिर छतरपुर - Gauraiya mata ka mandir chhatarpur

गौरैया माता का मंदिर छतरपुर में मऊ सहानिया में स्थित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप माताजी के दर्शन कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर मऊ सानिया का खूबसूरत नाजरा देखने के लिए मिल जाता है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का भी बहुत खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। 


पहाड़ी बांध छतरपुर - Pahadi bandh chhatarpur

पहाड़ी बांध छतरपुर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह एक जलाशय है। यह एक बहुत बड़ा जलाशय है और बहुत सुंदर लगता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जलाशय धसन नदी पर बना हुआ है। 


चौधरी चरण सिंह लहचूरा बांध छतरपुर - Chaudhary Charan Singh Lahchura Dam Chhatarpur

चैधरी चरण सिंह लहचूरा बांध छतरपुर शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय धसन नदी पर बना हुआ है। यह जलाशय बहुत सुंदर है। यहां पर बहुत सारे आपको सेल्फी प्वाइंट देखने के लिए मिलते हैं, जहां से आप सुंदर तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। 


कमला पंत की समाधि मऊ सहानिया, छतरपुर (Kamala Pant's Samadhi Mau Sahania, Chhatarpur)

बादल महल मऊ सहानिया, छतरपुर (Badal Mahal Mau Sahania, Chhatarpur)

महेवा गेट मऊ सहानिया, छतरपुर (Maheva Gate Mau Sahania, Chhatarpur)

बेरछा रानी का मकबरा मऊ सहानिया, छतरपुर (Bercha Rani's Tomb Mau Sahania, Chhatarpur

सवाई सिंह का मकबरा मऊ सहानिया, छतरपुर (Sawai Singh's Tomb Mau Sahania, Chhatarpur)

चौसठ योगिनी मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Chausath Yogini Temple Mau Sahania, Chhatarpur)

गणेश मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Ganesh Temple Mau Sahania, Chhatarpur

नाग मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Nag Mandir Mau Sahania, Chhatarpur)

कबीर आश्रम मऊ सहानिया, छतरपुर (Kabir Ashram Mau Sahania, Chhatarpur)

सूर्य मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Sun Temple Mau Sahania, Chhatarpur)

मुखर्जी पार्क छतरपुर (Mukherjee Park Chhatarpur)

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क छतरपुर (Pandit Deendayal Upadhyay Park Chhatarpur)

गुरूनानक पार्क छतरपुर (Gurunanak Park Chhatarpur)


मंडला जिले के पर्यटन स्थल

बालाघाट पर्यटन स्थल

बैतूल पर्यटन स्थल

दमोह जिले के पर्यटन स्थल