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भोपाल का छोटा तालाब - Chota Talab Bhopal

लोअर लेक भोपाल  या  छोटा तालाब भोपाल -  Lower Lake Bhopal or Chhota Talab Bhopal लोअर लेक भोपाल शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह भी भोपाल शहर एक सुंदर झील है। यह झील भोपाल के बड़ा तालाब के पास ही में है। मगर बड़े तालाब से अलग है। लोअर लेक को छोटा तालाब भी कहते हैं। लोअर लेक बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। लोअर लेक   के  किनारे भी बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने के लिए मिलते हैं। इस झील के किनारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। लोअर लेक का दृश्य बहुत सुंदर लगता है और यहां पर आकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं।  लोअर लेक के चारों तरफ बस्ती बसी हुई है। लोअर लेक के किनारे गार्डन और मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। लोअर लेक के किनारे बहुत सारे गार्डन है। यहां पर आपको नीलम गार्डन, किलोल गार्डन देखने के लिए मिल जाता है। लोअर लेक के किनारे खटलापुरा मंदिर, हनुमान मंदिर, काली मंदिर देखने के लिए मिलेगा। लोअर लेक के किनारे बहुत सारे व्यूप्वाइंट भी बने हुए हैं, जहां से लोअर लेकर सुंदर नजारा देखने के लिए मिलता है।  छोटे तालाब के किनारे बहुत सारे मंदिर है। हम लोग बड़ा तालाब घूमने क

भोपाल का प्रसिद्ध ताल - भोपाल तालाब - Bhopal Talab

बड़ा तालाब भोपाल  या  अपर लेक भोपाल - Bada Talab Bhopal  or Upper Lake Bhopal मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा तालाब भोपाल में स्थित है। भोपाल का बड़ा तालाब एक मुख्य पर्यटन स्थल है। भोपाल का बड़ा तालाब एक मानव निर्मित कृत्रिम झील है। भोपाल शहर को झीलों का शहर कहा जाता है और भोपाल शहर में बहुत सारे झील है। भोपाल शहर में बड़ा तालाब प्रसिद्ध जगह है। भोपाल के बड़े तालाब को भोज ताल, बड़ा तालाब, भोपाल का बड़ा तालाब, अपर लेक ऐसे ही अनेक नामों से जाना जाता है। भोपाल का अप्पर लेक नाम, अंग्रेजो के द्वारा दिया हुआ है। अंग्रेज इस तालाब को अप्पर लेक कहते थे। भोपाल का बड़ा तालाब और छोटा तालाब मिलकर भोज ताल वेटलैंड बनाता है। यह तालाब भोपाल में बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस तालाब के किनारे बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने के लिए मिलते हैं। भोपाल शहर मध्य प्रदेश की राजधानी है और बहुत सुंदर और साफ सुथरा है।  हम लोग सुबह के समय भोपाल के बड़े तालाब की सैर करने के लिए निकल गए। भोपाल का बड़ा तालाब एक समुद्र की तरह लगता है। भोपाल के बड़े तालाब के पास में बहुत सारे दर्शनीय स्थल है। यहां पर धार्मिक स्थ

ग्यारसपुर का किला, ग्यारसपुर, विदिशा - Gyaraspur Fort, Gyaraspur, Vidisha

ग्यारसपुर का किला और माँ बिजासन माता मंदिर ग्यारसपुर, विदिशा, मध्य प्रदेश -  Gyaraspur ka kila aur Maa Bijasan Mata Mandir Gyaraspur, Vidisha, Madhya Pradesh ग्यारसपुर का किला विदिशा शहर का एक प्राचीन किला है। मगर इस किले का अब आपको कुछ ही अवशेष देखने के लिए मिलेगा, क्योंकि यह किला पूरी तरह से नष्ट हो गया है और यहां पर आम लोगों का कब्जा हो गया है। यह किला पूरी तरह से लुप्त हो गया है। किले से थोड़ी ही दूरी पर बिजासन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर भी बहुत प्राचीन है और यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है।  इस मंदिर में जाने के लिए रास्ता पक्का बना दिया गया है। मंदिर में पहाड़ी के नीचे के साइड तालाब बना हुआ है। यह तालाब भी प्राचीन है और यह तालाब बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है।  इस तालाब को मानसरोवर तालाब कहते हैं।  तालाब के बाजू में ही छोटा सा गार्डन बना दिया गया है और यहां पर आपको प्राचीन मंदिर के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे सीताफल के पेड़ लगे हुए थे। पूरी पहाड़ी में सीताफल के पेड़ लगे हुए थे।  पहाड़ी में हमें स्मारक देखने के लिए मिले। यह स्मारक बहुत ही अद्भु

लाखा बंजारा झील, सागर शहर - Lakha Banjara Lake Sagar

लाखा बंजारा झील  या  सागर का तालाब,  सागर, मध्य प्रदेश -  Lakha Banjara Jheel or Sagar ka talab, Sagar city, madhya pradesh लाखा बंजारा झील सागर जिले का एक प्राचीन तालाब है। लाखा बंजारा झील को सागर झील या सागर का तालाब के नाम से जाना जाता है। सागर जिला लाखा बंजारा झील के किनारे ही बसा हुआ है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। यह झील  बहुत सुंदर लगती है। इस झील के किनारे बहुत सारे प्राचीन निर्माण, मंदिर और घाट देखने के लिए मिलते हैं। इस झील में आप बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर वोट क्लब भी बना हुआ है। इस झील के किनारे गार्डन भी बना हुआ है। यहां पर आपको मछली पकड़ते हुए बहुत सारे लोग भी देखने के लिए मिलते हैं। शाम के समय इस झील का दृश्य बहुत सुंदर रहता है। यहां से सूर्यास्त का दृश्य बहुत सुंदर लगता है।  हम लोग सागर पहुंच गए और सागर पहुंचने के बाद हम लोग सागर की झील देखने के लिए गए। हम लोगों ने सागर की झील के किनारे एक रुम लिया था। यहां पर हम लोग सबसे पहले चकरा घाट घूमने गए। चकरा घाट सागर झील के किनारे बना हुआ एक सुंदर घाट है। यहां पर बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लि

जगत सागर तालाब - Jagat Sagar Talab and Bihari ju Temple Chhatarpur

जगत सागर तालाब  और  बिहारी जू मंदिर मऊ सहानिया छतरपुर -  Jagat Sagar Talab and Bihari Zoo Temple Mau Sahania Chhatarpur जगत सागर तालाब मऊ सहानिया का एक प्रसिद्ध स्थल है। यह एक बहुत बड़ा तालाब है। यह तालाब बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। इस तालाब के किनारे बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यह तालाब बरसात में पूरा भर जाता है और जो मंदिर के तालाब के किनारे बने हुए हैं। वह डूब जाते हैं। गर्मी के समय इस तालाब के किनारे खेती करने लगते हैं। बहुत सारे लोग यहां पर तरह-तरह की फसल उगाते हैं। यह तालाब मऊ सहानिया का एक प्राचीन स्थल है और आप जब भी छतरपुर में मऊ सहानिया घूमने के लिए जाते हैं, तो जगत सागर तालाब और इसके आसपास स्थित प्राचीन मंदिरों में भी घूमने के लिए जा सकते हैं।  हम लोग जगत सागर तालाब के किनारे स्थित शनि धाम मंदिर में घूम कर जगत सागर तालाब के दूसरे तरफ स्थित मंदिर में घूमने के लिए गए। जगत सागर तालाब के दूसरे किनारे पर आपको बिहारी जू मंदिर देखने के लिए मिलेगा। जब हम लोग बिहारी जू  मंदिर गए थे। तब यह मंदिर बंद था। इस मंदिर में ताला लगा था। बिहारी जू मंदिर बहुत प्राची

धरम सागर झील पन्ना - Dharam Sagar Pond Panna

धर्म सागर तालाब पन्ना - D haram sagar lake Panna धर्म सागर तालाब पन्ना शहर का एक प्राचीन स्थल है। वैसे इस तालाब को धर्म सागर तालाब या धरम सागर झील भी कहते हैं। धर्म सागर तालाब चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह तालाब बहुत ही सुंदर लगता है। तालाब में सुबह के समय आप सूर्योदय देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम रहता है। इस तालाब के बीच में मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर से भगवान शिव जी को समर्पित है। इस तालाब के किनारे पर सुंदर गार्डन बना हुआ है। यहां पर बहुत सारे लोग सुबह के समय घूमने के लिए आते हैं और यहां पर एक क्लब भी बना हुआ है। यह एक प्राचीन इमारत बनी हुई है और यह जयपुरी स्टाइल में बनी हुई थी और यह क्लब बना हुआ है या यह मंदिर था। इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है, क्योंकि जब हम लोग यहां पर गए थे। तब यह बंद था और हम लोग इस पार्क में दीवार को कूदकर आए थे। वैसे इस पार्क में आने का जो सही रास्ता है। वह सब्जी मंडी से होकर आता है, तो आप जब भी यहां पर घूमने के लिए आते हैं। आप सब्जी मंडी के रास्ते होते हुए आएंगे, तो आप धर्म सागर में पहुंच जाएंगे।  हम लोग इस तालाब में अपनी

दीनदयाल उपाध्याय पार्क दमोह और बेलाताल तालाब दमोह / सर्किट हाउस दमोह

दीनदयाल उपाध्याय पार्क दमोह / बेलाताल तालाब दमोह / सर्किट हाउस दमोह Deendayal Upadhyay Park Damoh / Belatal Talab Damoh / Circuit House Damoh   दीनदयाल उपाध्याय पार्क दमोह - Deendayal Upadhyay Park Damoh दीनदयाल उपाध्याय पार्क दमोह में जटाशंकर मंदिर के पास में ही स्थित है। हम लोग जटाशंकर मंदिर शिवरात्रि के समय घूमने गए थे। शिवरात्रि के समय या पार्क भी पूरे समय खुला रहा और हम लोग इस पार्क में भी घूमने के लिए चले गए। इस पार्क में  एंट्री निशुल्क थी और पार्क में हम लोगों को खूबसूरत बगीचा देखने के लिए मिला।  पार्क में तरह-तरह के फूल लगे हुए थे। पार्क में एक झील भी बनी हुई थी। इस झील में हम लोगों को मछलियां देखने के लिए मिली। यह पर बहुत बड़ी बड़ी मछलियां थी, जो बहुत ही सुंदर लग रही थी। इस पार्क में हम लोगों को बहुत ढेर सारे झूले भी देखने के लिए मिले।     दमोह के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में बहुत सारे युवक और युवतियां घूम रहे थे। यहां पर बहुत सारे फैमिली वाले भी आकर घूम रहे थे। यहां पर अच्छा लगता है। दीनदयाल उपाध्याय पार्क नगर निगम के द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इस पार्क के खुलने और बंद हो