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दमोह जिले के पर्यटन स्थल - Damoh tourist place | Places to visit near Damoh

दमोह जिले के दर्शनीय स्थल - Tourist places near damoh | Damoh famous places |  दमोह जिला प्राचीन जटा शंकर मंदिर  दमोह - Jata shankar mandir damoh  जटाशंकर मंदिर दमोह शहर का दर्शनीय स्थल है। जटाशंकर मंदिर दमोह-जबलपुर रोड पर स्थित है। यह दमोह में घूमने के लिए सबसे अच्छे धार्मिक स्थलों में से एक है। जटाशंकर मंदिर बहुत प्राचीन है। यहां मंदिर शिव शंकर जी को समार्पित है। यह मंदिर पहाडों से घिरा हुआ है। बरिश में यह का नजारा बहुत अदुभ्त होता है। मंदिर में अन्य देवी देवता की मूर्ति भी विराजमान है। मंदिर में भगवान की गणेश की बहुत उची प्रतिमा स्थित है। मंदिर सुबह से रात के 9 बजे तक खुल रहता है। आप मंदिर में दिन के समय कभी भी आ सकते है। मंदिर के पास अग्रेजों के समय का पुराना सार्किट हाउस बना हुआ है। यहां सार्किट हाउस पहाडी के उपर बना हुआ है। आपको यहां से आसपास बहुत ही मनमोहक दृश्य देखने मिलता है। जटाशंकर का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। जटाशंकर मंदिर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि में बहुत भीड रहती है।  रानी दमयंती संग्रहालय - Rani Damayanti Museum or Rani Damayanti Fort रानी दमयंत

पचमढ़ी के मंदिर - Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra

पचमढ़ी मंदिर - Pachmarhi ka mandir  महादेव मंदिर  चौरागढ़  पचमढ़ी - Mahadev mandir chauragarh pachmarhi |  chauragarh mandir चौरागढ़   पचमढ़ी का एक धार्मिक स्थल है। चौरागढ़ पर एक मंदिर स्थित है, जो शिव भगवान जी को समर्पित है। चौरागढ़ का महादेव मंदिर बहुत प्राचीन मंदिर है। महादेव मंदिर पचमढ़ी में एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। महादेव मंदिर में जाने के लिए आपको करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। महादेव मंदिर में पहुंचने का जो रास्ता है, वह पूरा जंगल से घिरा हुआ है। महादेव मंदिर में आपको शंकर भगवान जी की अद्भुत प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप इस मंदिर से पचमढ़ी के चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम होता है। इस मंदिर में नागद्वार , महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर मेला लगता है और लाखों की संख्या में लोग भगवान शंकर जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। काल भैरव गुफा  चौरागढ़ - Kaal bhairav gufa chauragarh काल भैरव गुफा चौरागढ़  जाने वाले रास्ते में ही पड़ती है।  यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। इस गुफा तक जाने का रास्ता

पचमढ़ी यात्रा - Jabalpur to Pachmarhi Travel | One day trip to pachmarhi

जबलपुर से पचमढ़ी तक की यात्रा - Pachmarhi darshan | Pachmarhi Travel | Pachmarhi yatra हांडी खोह बेगम पैलेस जबलपुर से पचमढ़ी जाने के दो माध्यम है। एक माध्यम है ट्रेन के द्वारा और दूसरा माध्यम है सड़क के द्वारा। आप ट्रेन के द्वारा पचमढ़ी पहुंच सकते हैं। जबलपुर से पचमढ़ी के लिए बहुत सारी ट्रेनें चलती हैं। जबलपुर से  करीब 2 से 3 घंटे में आप पचमढ़ी पहुॅच सकते हैं। अगर आप 1 दिन की यात्रा का प्लान बनाकर पचमढ़ी घूमने जा रहे है, तो आप जबलपुर से सुबह की ट्रेन ले सकते है। जबलपुर से पचमढ़ी के लिए सुबह के समय बहुत सारी ट्रेनें चलती है। आप ट्रेन के टिकट ऑनलाइन भी बुक कर सकते हैं। मगर आप स्टेशन में सही समय पर पहुंच जाइए। 5:30 बजे जबलपुर स्टेशन से ट्रेन मिल जाती हैं। यह ट्रेन मदन महल स्टेशन में भी आपको मिल जाएगी, तो आप मदन महल स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकते हैं। जबलपुर से पचमढ़ी में पड़ने वाले स्टेशन है - भेड़ाघाट, भिटौनी, विक्रमपुर, श्रीधाम, बेलखेड़ा, नरसिंहपुर, करेली, गाडरवारा, बोहनी, सालीचौका, बनखेड़ी । इन रेलवे स्टेशनों में आपकी ट्रेन रुकती है, उसके बाद पिपरिया रेलवे स्टेशन में

रजत प्रपात पचमढ़ी - Silver falls pachmarhi | Rajat prapat pachmarhi

सिल्वर फॉल पचमढ़ी - Silver waterfall Pachmarhi | Rajat waterfall Pachmarhi रजत जलप्रपात पचमढ़ी का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है। इस जलप्रपात को सिल्वर जलप्रपात या रजत जलप्रपात भी कहते है। रजत जलप्रपात पचमढ़ी में घूमने वाला एक दर्शनीय स्थल है। रजत का मतलब होता है - चांदी। चांदी एक धातु है और इसके गहनें बनाये जाते है। यह धातु चमकदार होती है। रजत जलप्रपात भी दूर से देखने में चांदी के सामान चमकता है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। रजत जलप्रपात में पहुंचने के लिए आपको घने जंगलों के बीच में से पैदल चलना पड़ता है। यह जलप्रपात अप्सरा जलप्रपात के आगे है। इस जलप्रपात में बरसात में ज्यादा पानी रहता है। बरसात के समय रजत जलप्रपात घूमने का सबसे अच्छा समय है। इस समय आपको जंगल में हर जगह छोटे छोटे झरनें देखने मिल जाते है। गर्मी में पानी इस झरनें में रहता है, मगर कम रहता है।  रजत जलप्रपात की ऊंचाई 130 फीट है। इस जलप्रपात को आप उपरी हिस्सा देख सकते है। इसका निचला हिस्सा आपको दिखाई नहीं देगा। यह झरना हरियाली से घिरा हुआ है। आपको इस झरनें तक पहुॅचने के लिए

अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी - Apsara vihar pachmarhi | Apsara falls pachmarhi

अप्सरा जलप्रपात पचमढ़ी - Apsara vihar in pachmarhi अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी का एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस जलप्रपात में एक प्राकृतिक पूल बना हुआ है, जिसमें आप नहाने का मजा ले सकते है। अप्सरा विहार जलप्रपात में पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। पचमढ़ी हरे-भरे जंगलों से घिरा हुआ है और जलप्रपात पर जाने का जो रास्ता है, वह भी हरा भरा है। यह रास्ता जंगल से घिरा हुआ है। यहां पर आपको कुछ रास्ता कच्चा और कुछ रास्ता पक्का मिलेगा। मगर आपको पैदल चलने में मजा आयेगा।  अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर है। आप पचमढ़ी शहर से इस झरनें के प्रवेश द्वार तक जिप्सी से आ सकते है। पचमढ़ी के दर्शनीय स्थलों को घूमने में जिप्सी का प्रयोग किया जाता है। आप चाहे, तो यहां पर बाइक या साइकिल से भी आ सकते हैं। बाइक और साइकिल आपको पचमढ़ी शहर में किराए पर मिल जाती हैं। जिप्सी को प्रवेश द्वार के पास पार्क करके आप झरनें तक पैदल जा सकते है। आपको यहां पर करीब 1 किलोमीटर पैदल चलना पडता है।  आप अप्सरा विहार जलप्रपात के पास पहुॅचते है, तो आपक

बी फॉल पचमढ़ी - Bee waterfall pachmarhi | B fall pachmarhi

जमुना जलप्रपात - Bee fall pachmarhi madhya pradesh | Jamuna Falls Pachmarhi बी फॉल पचमढ़ी (bee fall Pachmarhi) में स्थित एक खूबसूरत जलप्रपात है। आप जब भी पचमढ़ी की सैर करने जाते है, तो इस जलप्रपात में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस झरने को जमुना जलप्रपात के नाम से भी जाना जाता है। इस जलप्रपात में आप जिप्सी के द्वारा पहुंच सकते हैं। पचमढ़ी के दर्शनीय स्थलों की सैर करनें का सबसे अच्छा साधन जिप्सी है। आप इस जलप्रपात में साइकिल और बाइक के द्वारा भी पहुंच सकते हैं। यह साइकिल और बाइक भी पचमढ़ी में आपको किराए पर उपलब्ध हो जाते हैं। बी फॉल ( bee fall ) का नाम बी फॉल ( bee fall ) इसलिए रखा गया है, क्योंकि कहा जाता है कि यह पूरा क्षेत्र जंगल से घिरा हुआ है। इस एरिया में बहुत सारी मधुमक्खियों के छत्ते पाए जाते हैं। यहां पर आपको बोर्ड भी देखने के लिए मिलता है, जिसमें सरकार के द्वारा चेतावनी दी गई है, कि मधुमक्खियों से सावधान रहे और किसी भी तरह की छेड़खानी ना करें। इसके अलावा बी फॉल ( bee fall ) काफी ऊंचाई से गिरता है, जिससे जलप्रपात की जो आ

खंदारी झरना जबलपुर - Khandari waterfall jabalpur | khandari Dam jabalpur

खंदारी जलप्रपात जबलपुर - Khandari Falls Jabalpur | Khandari  jalaprapat खंदारी जलप्रपात (khandari waterfall) छोटा सा मगर बहुत खूबसूरत जलप्रपात है। खंदारी जलप्रपात (khandari waterfall) डुमना नेचर पार्क में स्थित खंदारी झील (khandari lake)   में पानी के ओवरफलो के होने पर बनता है। यह जलप्रपात जबलपुर जिले में स्थित है। आपको खंदारी जलप्रपात (khandari waterfall) बरसात के समय देखने मिल जाएगा। बरसात के समय में ही खंदारी जलाशय (khandari lake) पानी से भर जाता है और डैम का पानी ओवरफ्लो होने लगता है। खंदारी जलाशय (khandari lake) का पानी जहां ओवरफ्लो होता है, उससे थोड़ा आगे एक और जलप्रपात बनता है, जो बहुत खूबसूरत होता है। यह जलप्रपात छोटा रहता है और यहां पर पहाड़ों से पानी गिरता है, जो बहुत ही अच्छा लगता है। यहां पर आप आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप  पिकनिक मना सकते हैं। यह जगह हरियाली से भरी हुई है। आप खंदारी जलप्रपात (khandari waterfall) के नजदीक जा सकते हैं और यहां पर इंजॉय कर सकते हैं। बरसात के समय आप यहां पर आते हैं, तो खंदारी नदी की तेज धार को पार करते हुए आपक

टेमर जलप्रपात जबलपुर - Temar fall jabalpur | Temar waterfall jabalpur

  टेमर झरना जबलपुर - Temar jharna jabalpur टेमर जलप्रपात जबलपुर (Temer waterfalls Jabalpur ) शहर का खूबसूरत झरना है। टेमर जलप्रपात जबलपुर (Temer waterfalls Jabalpur ) के बरगी क्षेत्र में स्थित है। टेमर झरना जबलपुर (temar jharna jabalpur) से करीब 33 किलोमीटर दूर होगा। इस झरनें तक आप अपनी गाडी से पहुॅच सकते है। टेमर जलप्रपात में जाने का सबसे अच्छा समय बरसात का है, क्योंकि बरसात के समय झरने में बहुत सारा पानी रहता है। गर्मी के समय पर झरनें में पानी नहीं रहता है।  टेमर जलप्रपात ( Temer waterfalls ) पर जाने का रास्ता बहुत आसान है। आप यहां पर जबलपुर नागपुर हाईवे रोड से आ सकते हैं। बरगी के पास से बरगी बांध जाने वाले रास्ते के तरफ जाना होता है। बरगी बांध जाने वाले रास्ते में आपको काली माता की विशाल मूर्ति देखने के लिए मिलती है। इस मूर्ति की उचाई करीब 108 फीट है। यह जबलपुर की सबसे उची मूर्ति है। यह मूर्ति आपको दूर से ही देखने मिल जाता है। काली जी की मूर्ति को देखकर आप थोडा ही आगे जायेगें, तो आपको एक बोर्ड देखने मिलेगा। बोर्ड में टेमर जलप्रपात ( Temer waterfalls ) की ओर जाने क

बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city Betul jila बैतूल जिला बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर, । बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है।  बैतूल में घूमने की जगहें Places to visit in Betul बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है। यह भारत का पांचवा धाम है। ब

बगदरी जलप्रपात जबलपुर - Bagdari waterfall jabalpur | Bagdari jalprapat jabalpur

बगदरी झरना जबलपुर - Bagdari Jharna | Baghdari waterfall jabalpur बगदरी जलप्रपात जबलपुर बगदरी जलप्रपात जबलपुर (bagdari waterfall jabalpur) का एक बहुत ही सुन्दर जलप्रपात है। यह जलप्रपात पहाडो के बीच से बहता है और बगदरी जलप्रपात ( bagdari waterfall ) का आसपास का दृश्य लुभावना है। आप बगदरी जलप्रपात ( bagdari waterfall ) बरसात के समय आ सकते है। बरसात के समय बगदरी जलप्रपात ( bagdari waterfall ) की सुंदरता देखते ही बनती है। यह झरना पहाड़ों के बीच से बहता हुआ नीचे गिरता है। बगदरी झरना ( bagdari waterfall ) दो श्रृखंला में नीचे गिरता है, अर्थात यहां पर दो छोटे झरने बनते हैं, जो बहुत खूबसूरत लगते हैं। यह झरना छोटा है, मगर पहाड़ के ऊपर से इस झरने को देखने का अनुभव भी अनोखा होता है। यहां का चारों तरफ का वातावरण हरियाली भर है।  सड़क किनारे लगा बगदरी जलप्रपात का बोर्ड बगदरी जलप्रपात ( bagdari waterfall ) में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है, क्योंकि बरसात के समय बगदरी जलप्रपात ( bagdari waterfall ) में पानी रहता है। गर्मी के मौसम में पानी की मात्रा कम होती जा

कामकंदला किला कटनी - Kamakandla fort | Katni ka kila

बिलहरी का कामकंदला किला - विष्णु वराह मंदिर बिलहरी कटनी Kamakandla kila Katni - Vishnu Varaha Temple Bilhari Katni कामकंदला किला बिलहरी कटनी कामकंदला किला (kamakandla fort) कटनी में स्थित एक प्राचीन किला है। कामकंदला किला (kamakandla fort) कटनी जिलें की बिलहरी में स्थित है। बिलहरी कटनी से 15 किलोमीटर दूर होगा। प्राचीन समय में बिलहरी को पुप्पवती नाम से जाना जाता है। बिलहरी में आपको बहुत सारे प्राचीन खंडहर अवशेष देखने मिलते है। कामकंदला किला (kamakandla fort) में आपको एक बावड़ी और प्राचीन शिव मंदिर देखने मिलता है।  कामकंदला किला (kamakandla fort) बिलहरी के बीच में ही स्थित है। किलें के आसपास बहुत सारे घर बने हुए है। आप इस किलें तक अपनी गाडी से आ सकते है। आप इस किलें तक लोगों से पूछ कर आ सकते हैं। किले में गेट लगा रहता है। आप गेट खोलकर अंदर जा सकते है। आपको इस किलें के प्रवेश द्वार पर हनुमान जी की एक भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही भव्य लगती है। हनुमान जी की प्रतिमा किलें के प्रवेश द्वार के बाये तरफ स्थापित है। किलें के दायें तरफ आपको एक बावड़ी देखने म