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दमोह का प्रसिद्ध किला - हटा का किला (Hatta Fort Damoh)

हट्टा का किला या रंग महल हटा दमोह - Hatta Fort or Rang Mahal Hatta Damoh   हट्टा का किला दमोह का एक प्राचीन किला है। हट्टा का किला दमोह जिले की हट्टा तहसील में स्थित है। हट्टा के किले को रंग महल या दमोह के किले के नाम से भी जानते हैं। यह किला अब खंडहर में बदल गया है। इस किले में आपके देखने के लिए खंडहर हुई इमारत है। यहां पर आप किले की बड़ी-बड़ी दीवारे देख सकते हैं। दीवारों के कोने पर बने हुए बुर्ज देख सकते हैं। यह दीवार किलों को चारों तरफ से घिरे हुए हैं। बीच में किला बना हुआ है और किले के चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। किले की दीवार के बाजू में ही एक बावली भी बनी हुई है, जिसमें गंदा पानी भरा हुआ है और इस बावली में चमगादड़ भी हैं। बावली के बाजू में ही एक गुंबद दार मंदिर बना हुआ है।     हट्टा किला का प्रवेश द्वार बहुत ही खूबसूरत है। आप किले के  अंदर जाएंगे, तो किले के अंदर आपको एक बड़ा सा आंगन देखने मिलता है। इस आंगन के इसके चारों तरफ आपको गैलरी देखने के लिए मिलती है। इन गैलरी की दीवारों में आपको आले भी देखने के लिए मिलते हैं। आले  का प्रयोग प्राचीन समय में सामानों को रखने के लिए कि

रानी दमयंती का किला एवं संग्रहालय - Rani Damayanti Fort and Museum

रानी दमयंती बाई का किला या रानी दमयंती पुरातात्विक संग्रहालय - Rani Damayanti Bai Fort or Rani Damayanti Archaeological Museum   रानी दमयंती बाई का किला दमोह सिटी की एक प्राचीन जगह है।  यह किला दमोह जिले में कोतवाली थाने के सामने स्थित है। यह किला मुख्य सड़क में स्थित है और हम लोग इस किले  में शिवरात्रि के समय घूमने गए थे। मगर हम लोग इस किले  के अंदर नहीं जा पाए थे। मगर इस किले के बारे में मैं आपको कुछ जानकारी दे देती हूं।     रानी दमयंती बाई का किला को अब संग्रहालय में बदल दिया गया है और आपको इस किले में बहुत सारी पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। इस किले में आपको पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर आपको गणेश जी की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो आकर्षक लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर के स्टैचू देखने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बुद्ध भगवान की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला भी बहुत खूबसूरत है। किले के बाहर बहुत ही सुंदर बगीचा बना हुआ है, जो देखने में आकर्षक लगता है।

प्रयागराज किला या इलाहाबाद किला - Prayagraj Fort or Allahabad Fort

प्रयागराज का किला -  Prayagraj ka kila Or इलाहाबाद का किला -  Allahabad ka kila प्रयागराज किला ( इलाहाबाद किला ) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित एक प्राचीन किला है। इस किले का निर्माण सम्राट अकबर के द्वारा किया गया था। यह किला बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैला हुआ है। मगर इस किले का आप कुछ भाग ही देख सकते हैं। इस किले के अंदर पातालपुरी मंदिर और अक्षय वट है, जो धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यह दोनों जगह किले के अंदर है। इन दोनों जगह के दर्शन आप कर सकते हैं।  प्रयागराज किला  ( इलाहाबाद किला )  वैसे तो बहुत खूबसूरत है। यह पूरा किला पत्थर से निर्मित किया गया है। प्रयागराज का किला प्रयागराज शहर में गंगा और यमुना नदी के संगम के पास में स्थित है। यह यमुना नदी के किनारे पर बना हुआ है। प्रयागराज का किला अब आर्मी के कंट्रोल में है, इसलिए प्रयागराज किला ( इलाहाबाद किला )  का कुछ भाग ही लोगों के लिए खोला गया है और लोग इन जगहों पर घूम सकते हैं। किले के अंदर आपको पताल पुरी मंदिर और अक्षय वट के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह दोनों धार्मिक जगह हैं और यह जगह हमेशा ही खुली रहती हैं।

मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

मंडला का किला - Mandla ka kila | नरेंद्र शाह बुर्ज | सतखंडा महल |  मंडला शहर नरेंद्र शाह बुर्ज नरेंद्र शाह बुर्ज मंडला का किला मंडला शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह किला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में यहां पर मौजूद है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला है। मगर अब यह किला धीरे.धीरे समाप्त होते जा रहा है। यहां पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण करके घर बना लिया गए हैं और आपको किले के खंडहर ही देखने के लिए मिलते हैं। इस किले में आने के लिए आपको एक पतली सी सड़क देखने के लिए मिलती है। इस सड़क के नीचे एक नाला है। यह नाला यहां के राजा के द्वारा खुदवाया गया था। यह नाला अब गंदे पानी से भरा हुआ है। मगर प्राचीन समय में इस नाले के दोनों छोर नर्मदा नदी को छूते थे और इस नाले में मगरमच्छ एवं जहरीले सांपों को रखा जाता था। ताकि बाहर से कोई भी आक्रमण हो, तो किले की रक्षा की जा सके। मंडला का किला कि ज्यादा देखरेख नहीं की जा रही है। अब यह किला चमगादड़ का घर बन गया है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर चमगादड़ देखने के लिए मिलते हैं और चमगादड़ इस किले को बहुत गंदा करते हैं। यहां पर

सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran

सिंगौरगढ़ किला, रानी दुर्गावती अभयारण्य  Singourgarh Fort, Rani Durgavati Sanctuary सिंगौरगढ़ किला दमोह जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में स्थित है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस किले तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। यहाँ किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। हम लोग इस किले तक नहीं गए थे, क्योंकि हम लोग अकेले थे। आप अगर यहां पर जाते हैं, तो ग्रुप में जाइएगा, क्योंकि यह किला सुनसान में स्थित है और यहां पर किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं रहती है। यहां पर ना ही कोई गाइड रहता है और ना ही कोई सिक्योरिटी वाला।  आप सिंगौरगढ़ किला तक आसानी से पहुंच सकते हैं। किले तक पहुंचने के लिए आधा रास्ता कच्चा रास्ता है और आधे रास्ते में पक्की सड़क बनी हुई है। किले के रास्ते के दोनों तरफ आपको बहुत ही खूबसूरत जंगल के दृश्य देखने के लिए मिल जाते हैं। आपको यहां पर जंगली जानवर भी देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर आप हिरण, सांप, मोर देख सकते हैं। यहां पर रास्ते में आपको साइन बोर्ड भी देखने के लिए मिलते हैं। रास्ते में हाथी द्वार आपको देखने के लिए मिलता है।

कामकंदला किला कटनी - Kamakandla fort | Katni ka kila

बिलहरी का कामकंदला किला - विष्णु वराह मंदिर बिलहरी कटनी Kamakandla kila Katni - Vishnu Varaha Temple Bilhari Katni कामकंदला किला बिलहरी कटनी कामकंदला किला (kamakandla fort) कटनी में स्थित एक प्राचीन किला है। कामकंदला किला (kamakandla fort) कटनी जिलें की बिलहरी में स्थित है। बिलहरी कटनी से 15 किलोमीटर दूर होगा। प्राचीन समय में बिलहरी को पुप्पवती नाम से जाना जाता है। बिलहरी में आपको बहुत सारे प्राचीन खंडहर अवशेष देखने मिलते है। कामकंदला किला (kamakandla fort) में आपको एक बावड़ी और प्राचीन शिव मंदिर देखने मिलता है।  कामकंदला किला (kamakandla fort) बिलहरी के बीच में ही स्थित है। किलें के आसपास बहुत सारे घर बने हुए है। आप इस किलें तक अपनी गाडी से आ सकते है। आप इस किलें तक लोगों से पूछ कर आ सकते हैं। किले में गेट लगा रहता है। आप गेट खोलकर अंदर जा सकते है। आपको इस किलें के प्रवेश द्वार पर हनुमान जी की एक भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही भव्य लगती है। हनुमान जी की प्रतिमा किलें के प्रवेश द्वार के बाये तरफ स्थापित है। किलें के दायें तरफ आपको एक बावड़ी देखने म

जल महल, जयपुर की यात्रा

जल महल जयपुर जल महल ( Jal Mahal )  जैसा कि आपको नाम से समझ आ रहा होगा कि जल में बना महल  जलमहल ( Jal Mahal ) जयपुर शहर में एक झील के बीच में बना है। यह जयपुर शहर की एक शानदार जगह है। यह एक ऐतिहासिक इमारत है। आप इस महल को दूर से रोड से देख सकते है। मगर इस महल में जाने की मनाही है।  जलमहल ( Jal Mahal ) मान सागर झील ( Man Sagar Lake ) के बीच में बना हुआ है। जलमहल ( Jal Mahal ) लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इस महल में पाँच मंजिला है, जिसमें से चार मंजिल पानी में ही डूबे रहते है और उपर का एक ही तल दिखाई देता है।  जल महल ( Jal Mahal ) जयपुर जिले की शान है और यह महल देखने में बहुत ही बढ़िया लगता है। इसका मुख्य आकर्षण है कि यह महल झील के बीच में है और इस महल में आप जा नहीं सकते हैं। यह आपका बैड लक है, कि आप इस जगह जा नहीं सकते हैं। आप इसको दूर से ही देख सकते हैं। ठंड के समय में यहां पर विदेशी पक्षी आते हैं, जो झील के चारों तरफ घूमते रहते है और रोड के पास में महल में बैठे हुए आपको देखने मिल जाते है। यह बहुत खूबसूरत लगते हैं। मानसागर झील ( Man Sagar Lake ) पहाड

जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किला जयगढ़ किले से जयपुर सिटी का व्यू   जयगढ़ का किला जयपुर का एक दर्शनीय स्थल है। वैसे जयपुर शहर में बहुत सारे प्राचीन किलें हैं और इन किलों को देखने के लिए पूरी दुनिया से लोग आते हैं। इन सभी किलो में जयगढ़ का किला बहुत फैमस है।  जयगढ़ का किला यहां पर रखी तोप के कारण प्रसिद्ध है। इस तोप के बारे में कहा जाता है, कि यह दुनिया की सबसे बड़ी तोप है। जयगढ़ का किला एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस किलें तक पहुॅचने के लिए हम लोगों ने गाडी बुक किया था। पहले हम लोग नाहरगढ़ किले घूमे थे। उसके बाद हम लोग ने जयगढ़ के किले गए थे। नाहरगढ़ किला और जयगढ़ का किला दोनों एक ही रोड में हैं। पहले हम लोगों ने  नाहरगढ़ किला घूमा। उसके बाद जयगढ़ किला गए थे। जयगढ़ किला नाहरगढ़ किला से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा। जयगढ़ का पूरा किला हम लोगों ने अपनी गाडी से घूमा था। आप चाहे तो पैदल भी घूम सकते हैं। आप जयगढ़ किला पहुॅचते है, तो सबसे पहले आपको किलें में प्रवेश के लिए टिकट लेना पडता है। प्रवेश द्वार पर टिकट मिलता है। यहां पर आपको टिकट लेनी पड़ती है। टिकट के लिए बहुत लंबी लाइन लगती

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला जैसलमेर जिलें  के प्रमुख  पर्यटन स्थलों  में से एक है।  जैसलमेर का किला जैसलमेर जिले में स्थित एक बहुत ही विशाल किला है।  यह किला आपको जैसलमेर शहर के किसी भी हिस्से से देखने मिल जाता है।  यह किला एक पहाड़ी पर स्थित है और यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप इस किलें तक पहुॅचने के लिए  ऑटो लेकर आराम से जा सकते हैं। रेल्वे स्टेशन में ही आटों वाले आ जाते है, और आपसे पूछते है, कि आप कहां जाएगें। आप आटो वालों से मोलभाव करके इस किलें तक आ सकते है।  जैसलमेर किले का रानी महल  इस किलें की स्थापना राव जैसल द्वारा सन ११५६ में की गई थी। यह किला त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। रेगिस्तान में स्थित होने के कारण इसे सोनार किला या सुनहरा किला भी कहते हैं। इस किला को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की रूप में शामिल किया गया है।  जैसलमेर का किलें तक जाने के लिए हम लोग ने भी आटों बुक किया था।  यह किला बहुत बड़ा है और यह दुनिया का पहला लिबिंग फोर्ट है, मतलब आज भी इस किलें में लोग रहते हैं। यह किला बहुत बड़ा है, तो आप इस किलें में जाते है तो

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort

मदन महल का किला,  जबलपुर  मदन महल का किला ( Madan Mahal Fort ) या रानी दुर्गावती का किला ( Rani Durgavati Fort ) जबलपुर में स्थित है। यह जबलपुर जिले के मदन महल क्षेत्र में स्थित है। इस किले को मदन महल का किला ( Madan Mahal Fort )  या रानी दुर्गावती के किले ( Rani Durgavati Fort ) के नाम से जाना जाता है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां मिलती है और इन सीढ़ियों से चलकर आप इस किले तक पहुॅच सकते है।   रानी दुर्गावती का किला ( Rani Durgavati Fort ) आप दिन में कभी भी जा सकते हैं। यहां पर सिक्योरिटी गार्ड रहते है, यह पर एक गार्ड मेल और फीमेल रहते है। यहां पर आप सुबह 10 बजे से शाम को 5 बजे तक जा सकते है। वैसे यह किला बहुत ज्यादा बडा नही है, मगर यह किला बहुत प्राचीन है।  मदन महल किले ( Madan Mahal Fort ) का निर्माण लगभग 1100 ई. में राजा मदन सिंह द्वारा करवाया गया था। इस किले का इस्तेमाल सेनाएं के वॉच टावर के रूप में किया जाता था। लेकिन यह किला अब खंडहर में बदल गया है, लेकिन यह पर बहुत से पर्यटक किलें को देखने के लिए आते है। मदन महल किल