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शीतल गढ़ी (किला) छतरपुर - Sheetal Garhi (Fort) Chhatarpur

शीतल गढ़ी एवं महेबा गेट मऊ सहानिया छतरपुर -  Sheetal Garhi and Maheba Gate Mau Sahania Chhatarpur शीतल गढ़ी एवं  महेबा  गेट छतरपुर का एक मुख्य ऐतिहासिक स्थल है।  यहां पर आपको एक पुराना किला देखने के लिए मिलेगा, जिसे शीतल गढ़ी के नाम से जाना जाता है और यहां पर एक गेट भी बना हुआ है, जो इस किले का प्रवेश द्वार है। इस गेट को  महेबा  गेट कहते हैं। यह गेट और किला प्राचीन है और यहां पर यह दोनों खंडहर अवस्था में देखने के लिए मिलते हैं।  वैसे जब हम लोग शीतल गढ़ी एवं  महेबा  गेट पर घूमने के लिए गए थे। तब यहां पर कोई नहीं था। यहां पर बिल्कुल सुनसान था।  हम लोग छतरपुर के मऊ सहानिया में घूमने के लिए अप्रैल के महीने में गए थे। उस टाइम यहां पर सुनसान था। सिर्फ मैं और मेरे साथी बस थे। हम लोग  महेबा  गेट से अंदर गए।  महेबा  गेट से अंदर जाकर, हमें बादल महल भी देखने के लिए मिला, जो ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है।  महेबा गेट के बारे में जानकारी -  Information about Maheba Gate महाराजा छत्रसाल के द्वारा महेबा नगरी की स्थापना सन 1671 ईसवी में की गई थी। महेबा की ओर जाने वाले मार्ग पर बने इस द्वार का निर्माण लग

कालिंजर का किला मध्य प्रदेश - Kalinjar ka kila Madhya Pradesh

कालिंजर किला के बारे में जानकारी -  Kalinjar kila ki Jankari कालिंजर का किला मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध किला है। कालिंजर का किला बांदा जिले के अंतर्गत आता है। कालिंजर का किला विंध्याचल की पहाड़ियों पर स्थित है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले में जाने का जो रास्ता है। वह भी बहुत सुंदर है। यह रास्ता घुमावदार है और किले में जाते समय बहुत मजा आता है। आपको कालिंजर किले से पूरे कालिंजर का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलेगा। यह किला ग्रामीण इलाके में स्थित है। कालिंजर किले से आपको दूर दूर तक सुंदर पहाड़ और मैदानों का दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। कालिंजर किले के अंदर देखने के लिए बहुत सारी जगह है। किले के अंदर प्राचीन किले, मंदिर, मस्जिद, कब्र, जलाशय, संग्रहालय देखने के लिए मिल जाता है।  कालिंजर का किला घूमने के लिए सबसे पहले कालिंजर पहुंचना पड़ता है। कालिंजर तक पहुंचने के लिए सड़क माध्यम उपलब्ध है। आप सड़क के द्वारा इस किले में आराम से पहुंच सकते हैं। आप कालिंजर चित्रकूट से आ सकते हैं और पन्ना से भी आप कालिंजर किले में आ सकते हैं। हम लोग कालिंजर किले में खजुराहो पन्ना रोड से

नीलकंठ महादेव मंदिर कलिंजर - Neelkanth Temple Kalinjar

नीलकंठ मंदिर कालिंजर किला बांदा -  Neelkanth Temple Kalinjar Fort Banda नीलकंठ मंदिर कालिंजर किले का एक प्रसिद्ध स्थल है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर के गर्भ गृह में आपको शिव भगवान जी के एकमुखी शिवलिंग देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर अद्भुत है और मंदिर में पर पत्थर पर की गई कलाकारी भी अविस्मरणीय है। कालिंजर का किला एक प्रसिद्ध किला है। इस किले के पश्चिमी तरफ शिव जी का यह प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। इस मंदिर को नीलकंठ मंदिर नाम से जाना जाता है। नीलकंठ मंदिर बहुत सुंदर है। नीलकंठ मंदिर में शिव जी के शिवलिंग के अलावा, भी यहां पर आपको बहुत सारी प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है, जो चट्टानों पर उकेर कर बनाई गई है। यहां पर आपको काल भैरव जी की एक विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलेगी, जो चट्टान में बनाई गई है। यह प्रतिमा बहुत विशाल है और देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। यहां पर आपको नरसिंह भगवान की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत अद्भुत है। यहां पर मुख्य मंदिर के ऊपर आपको स्वर्गारोहण कुंड देखने के लिए मिलता है। इस कुंड में चट्टानों से पानी रसकर ग

दमोह का प्रसिद्ध किला - हटा का किला (Hatta Fort Damoh)

हट्टा का किला या रंग महल हटा दमोह - Hatta Fort or Rang Mahal Hatta Damoh   हट्टा का किला दमोह का एक प्राचीन किला है। हट्टा का किला दमोह जिले की हट्टा तहसील में स्थित है। हट्टा के किले को रंग महल या दमोह के किले के नाम से भी जानते हैं। यह किला अब खंडहर में बदल गया है। इस किले में आपके देखने के लिए खंडहर हुई इमारत है। यहां पर आप किले की बड़ी-बड़ी दीवारे देख सकते हैं। दीवारों के कोने पर बने हुए बुर्ज देख सकते हैं। यह दीवार किलों को चारों तरफ से घिरे हुए हैं। बीच में किला बना हुआ है और किले के चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। किले की दीवार के बाजू में ही एक बावली भी बनी हुई है, जिसमें गंदा पानी भरा हुआ है और इस बावली में चमगादड़ भी हैं। बावली के बाजू में ही एक गुंबद दार मंदिर बना हुआ है।     हट्टा किला का प्रवेश द्वार बहुत ही खूबसूरत है। आप किले के  अंदर जाएंगे, तो किले के अंदर आपको एक बड़ा सा आंगन देखने मिलता है। इस आंगन के इसके चारों तरफ आपको गैलरी देखने के लिए मिलती है। इन गैलरी की दीवारों में आपको आले भी देखने के लिए मिलते हैं। आले  का प्रयोग प्राचीन समय में सामानों को रखने के लिए कि

रानी दमयंती का किला एवं संग्रहालय - Rani Damayanti Fort and Museum

रानी दमयंती बाई का किला या रानी दमयंती पुरातात्विक संग्रहालय - Rani Damayanti Bai Fort or Rani Damayanti Archaeological Museum   रानी दमयंती बाई का किला दमोह सिटी की एक प्राचीन जगह है।  यह किला दमोह जिले में कोतवाली थाने के सामने स्थित है। यह किला मुख्य सड़क में स्थित है और हम लोग इस किले  में शिवरात्रि के समय घूमने गए थे। मगर हम लोग इस किले  के अंदर नहीं जा पाए थे। मगर इस किले के बारे में मैं आपको कुछ जानकारी दे देती हूं।     रानी दमयंती बाई का किला को अब संग्रहालय में बदल दिया गया है और आपको इस किले में बहुत सारी पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। इस किले में आपको पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर आपको गणेश जी की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो आकर्षक लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर के स्टैचू देखने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बुद्ध भगवान की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला भी बहुत खूबसूरत है। किले के बाहर बहुत ही सुंदर बगीचा बना हुआ है, जो देखने में आकर्षक लगता है।

प्रयागराज किला या इलाहाबाद किला - Prayagraj Fort or Allahabad Fort

प्रयागराज का किला -  Prayagraj ka kila Or इलाहाबाद का किला -  Allahabad ka kila प्रयागराज किला ( इलाहाबाद किला ) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित एक प्राचीन किला है। इस किले का निर्माण सम्राट अकबर के द्वारा किया गया था। यह किला बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैला हुआ है। मगर इस किले का आप कुछ भाग ही देख सकते हैं। इस किले के अंदर पातालपुरी मंदिर और अक्षय वट है, जो धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यह दोनों जगह किले के अंदर है। इन दोनों जगह के दर्शन आप कर सकते हैं।  प्रयागराज किला  ( इलाहाबाद किला )  वैसे तो बहुत खूबसूरत है। यह पूरा किला पत्थर से निर्मित किया गया है। प्रयागराज का किला प्रयागराज शहर में गंगा और यमुना नदी के संगम के पास में स्थित है। यह यमुना नदी के किनारे पर बना हुआ है। प्रयागराज का किला अब आर्मी के कंट्रोल में है, इसलिए प्रयागराज किला ( इलाहाबाद किला )  का कुछ भाग ही लोगों के लिए खोला गया है और लोग इन जगहों पर घूम सकते हैं। किले के अंदर आपको पताल पुरी मंदिर और अक्षय वट के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह दोनों धार्मिक जगह हैं और यह जगह हमेशा ही खुली रहती हैं।

मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

मंडला का किला - Mandla ka kila | नरेंद्र शाह बुर्ज | सतखंडा महल |  मंडला शहर नरेंद्र शाह बुर्ज नरेंद्र शाह बुर्ज मंडला का किला मंडला शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह किला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में यहां पर मौजूद है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला है। मगर अब यह किला धीरे.धीरे समाप्त होते जा रहा है। यहां पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण करके घर बना लिया गए हैं और आपको किले के खंडहर ही देखने के लिए मिलते हैं। इस किले में आने के लिए आपको एक पतली सी सड़क देखने के लिए मिलती है। इस सड़क के नीचे एक नाला है। यह नाला यहां के राजा के द्वारा खुदवाया गया था। यह नाला अब गंदे पानी से भरा हुआ है। मगर प्राचीन समय में इस नाले के दोनों छोर नर्मदा नदी को छूते थे और इस नाले में मगरमच्छ एवं जहरीले सांपों को रखा जाता था। ताकि बाहर से कोई भी आक्रमण हो, तो किले की रक्षा की जा सके। मंडला का किला कि ज्यादा देखरेख नहीं की जा रही है। अब यह किला चमगादड़ का घर बन गया है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर चमगादड़ देखने के लिए मिलते हैं और चमगादड़ इस किले को बहुत गंदा करते हैं। यहां पर

सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran

सिंगौरगढ़ किला, रानी दुर्गावती अभयारण्य  Singourgarh Fort, Rani Durgavati Sanctuary सिंगौरगढ़ किला दमोह जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में स्थित है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस किले तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। यहाँ किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। हम लोग इस किले तक नहीं गए थे, क्योंकि हम लोग अकेले थे। आप अगर यहां पर जाते हैं, तो ग्रुप में जाइएगा, क्योंकि यह किला सुनसान में स्थित है और यहां पर किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं रहती है। यहां पर ना ही कोई गाइड रहता है और ना ही कोई सिक्योरिटी वाला।  आप सिंगौरगढ़ किला तक आसानी से पहुंच सकते हैं। किले तक पहुंचने के लिए आधा रास्ता कच्चा रास्ता है और आधे रास्ते में पक्की सड़क बनी हुई है। किले के रास्ते के दोनों तरफ आपको बहुत ही खूबसूरत जंगल के दृश्य देखने के लिए मिल जाते हैं। आपको यहां पर जंगली जानवर भी देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर आप हिरण, सांप, मोर देख सकते हैं। यहां पर रास्ते में आपको साइन बोर्ड भी देखने के लिए मिलते हैं। रास्ते में हाथी द्वार आपको देखने के लिए मिलता है।