सिवनी जिले के पर्यटन स्थल - Seoni tourist place | Places to visit in seoni

सिवनी जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit near Seoni | Seoni Tourism


सिवनी में घूमने की जगहें


दलसागर झील सिवनी - Dalsagar Lake Seoni

दलसागर झील सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। झील के मध्य में एक द्वीप बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। दलसागर झील सिवनी शहर के बीचोंबीच स्थित है। आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। आप यहां अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। झील से सूर्यास्त का नजारा बहुत ही मनोरम होता है। 


अंबा माई सिवनी - Amba mai Seoni

अंबा माई एक धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यह सिवनी जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह घने जंगलों के बीच में पहाड़ों पर स्थित है। यह सिवनी जिले के बरहट तहसील के अम्मा माई गांव में स्थित है। आपको यहां पर एक नदी देखने के लिए मिलती है। इसके अलावा यहां पर एक कुंड है। यहां पर शंकर भगवान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिलती है और यहां अंबा मां की मूर्ति भी विराजमान है। यहां पर खूबसूरत मंदिर बना हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आपको बंदर से संभल कर रहने की आवश्यकता है।


भीमगढ़ जलाशय सिवनी - Bhimgarh bandh

भीमगढ़ जलाशय सिवनी के छपारा ब्लॉक के पास स्थित एक बांध है। यह बांध बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। आप इस बांध को देखने के लिए बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय इस बांध का नजारा बहुत ही रमणीय होता है। आप नेशनल हाईवे 7 से इस बांध तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यह बांध 1970 - 1980 के बीच  बना है। इस बांध को संजय गांधी बांध भी कहा जाता है। यह बांध वैनगंगा नदी पर बनाया बना हुआ है, जिसका उद्गम सिवनी के मुंडेर गांव में हुआ है। भीमगढ़ जलाशय एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध है। इस बांध के पास में ही जल विद्युत का संयंत्र लगाया गया है। इस बांध से जल विद्युत बनाया जाता है। 


गुरु रत्नेश्वर धाम मंदिर सिवनी - Guru Ratneshwar Dham Temple Seoni

गुरु रत्नेश्वर धाम सिवनी जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको एक भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में स्फटिक शिवलिंग रखा गया है। स्फटिक एक प्रकार का पत्थर होता है, जो पारदर्शी होता है, जिसके आर पार देखा जा सकता है। इस पत्थर का शिवलिंग यहां पर रखा गया है, जो बहुत ही अद्भुत लगता है। आप यहां पर आते हैं, तो स्फटिक शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं। गुरु रत्नेश्वर धाम सिवनी से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर दिघोरी नामक गांव में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। इस स्थान के बारे में कहा जाता है कि यहां पर श्री शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज का जन्म स्थान है। आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। मंदिर के बाहर बगीचा भी है और यह मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बना हुआ है और बहुत खूबसूरत है। इस मंदिर में सावन सोमवार और महाशिवरात्रि की समय इस अद्भुत शिवलिंग के दर्शन करने के लिए ज्यादा तादाद में लोग आते हैं। 


समनापुर जैन मंदिर सिवनी - Samnapur Jain Temple Seoni

समनापुर जैन मंदिर सिवनी के लखनादौन में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक जैन धार्मिक स्थल है। यह एक  दिगंबर जैन मंदिर है। यह मंदिर मार्बल से बना हुआ है और बहुत ही भव्य लगता है। मंदिर में आपको जैन संत की मूर्ति देखने के लिए  मिलेगी। इस मंदिर में आपको सभी प्रकार की सुविधा मिल जाती है। यहां पर ठहरने की व्यवस्था भी है। आप यहां पर रुक सकते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको पार्किंग की, ड्रिंकिंग वाटर की, वॉशरूम की सभी सुविधाएं मिल जाती है। 


आदेगांव का किला सिवनी - Adegaon Fort Seoni

आदेगांव का किला सिवनी जिले के लखनादौन के पास स्थित है। यह एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको एक किला देखने के लिए मिलता है। किले का अधिकांश भाग नष्ट हो गया है। किले में चारों तरफ के कोने में आपको प्राचीन बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं, जो उस समय शत्रुओं से रक्षा करने के लिए बनाए गए थे। यह किला आदेगांव में एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह किला लखनादौन से नरसिंहपुर जाने वाली सड़क के पास स्थित आदे गांव नामक ग्राम में स्थित है। यह किला लखनादौन से करीब 15 या 16 किलोमीटर दूर होगा। इस किले तक आप अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां पर आप बस या ऑटो से भी जाया जा सकता है। किले में जाने के लिए सीढ़ियां हैं। किले में भैरव बाबा का प्राचीन मंदिर है, जो बहुत प्रसिद्ध है। किले के बाहर एक मस्जिद भी है। किले के पीछे आपको एक झील देखने के लिए मिलती है। किले के पीछे झील के तरफ जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा। किले के अंदर प्राचीन समय में जो भी निर्माण हुए थे। वह ध्वस्त हो गए हैं और वहां पर अब पेड़ पौधे उगाई है। आपको यहां पर अच्छा लगेगा और यह प्राचीन स्थल होने के साथ-साथ धार्मिक स्थल भी है, तो आप यहां आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। आप इस किले में आकर आदेगांव ग्राम का पूरे क्षेत्र का दृश्य देख सकते हैं। आपको इस किले से दूर-दूर तक का नजारा देखने के लिए मिलता है। इस किले का जो सामने का हिस्सा है, वो टूट कर गिर गया है। मगर यह किला देखने में बहुत ही जबरदस्त लगता है।  आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


भैरव बाबा का मंदिर आदेगांव सिवनी - Bhairav Baba's temple Adegaon Seoni

भैरव बाबा का मंदिर आदेगांव ग्राम में आदेगांव किले के अंदर स्थित है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और इस मंदिर का निर्माण अंग्रेजों के समय किया गया है। आप यहां पर आकर भैरव बाबा का मंदिर देख सकते हैं। इस मंदिर में भैरव बाबा की प्रतिमा विद्वान है। यहां पर शिवलिंग भी विराजमान है। आप जैसे ही किले के अंदर प्रवेश करेंगे। आपको बाएं तरफ एक मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको भैरव बाबा की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।किले के अंदर बाकी का हिस्सा मैदान में बदल गया है। सिर्फ आपको यह मंदिर ही किले के अंदर देखने के लिए मिलता है। किले के पीछे आपको एक तालाब देखने के लिए मिलता है। इस तालाब के किनारे एक पेड़ लगा हुआ है, जिसे श्यामलता का पेड़ कहा जाता है। कहा जाता है कि इसकी पत्तियों में आपको श्री कृष्णा और राधा जी का नाम लिखा हुआ देखने के लिए मिलता है, यह बहुत ही अद्भुत बात है और आप यहां पर आकर अद्भुत चीजों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर साल में एक बार विशाल मेले का आयोजन होता है। अगर आप रविवार के दिन यहां पर आते हैं, तो रविवार के दिन यहां पर सब्जी की मार्केट भरता है, जिससे आप यहां पर मुख्य सड़क से किले तक नहीं पहुंच सकते हैं। रविवार के दिन यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है। आपको किले तक जाने के लिए दूसरे रास्ते से जाना पड़ता है। 


मठ घोघरा झरना सिवनी - Math Ghoghara Waterfall Seoni

मठ घोघरा झरना सिवनी जिले में लखनादौन में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यह जगह प्राकृतिक स्थल होने के साथ-साथ एक धार्मिक स्थल भी है। यहां पर शिव भगवान का एक बहुत ही प्राचीन शिवलिंग विराजमान है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको बरसात के समय एक जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। जलप्रपात के नीचे आपको एक गुफा देखने मिलती है। यह गुफा पत्थरों को काटकर बनाई गई है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप भी रखे हुए हैं। आप उनके दर्शन भी कर सकते हैं। यहां पर शिव भगवान जी की एक प्रतिमा भी है। आप उसके भी दर्शन कर सकते हैं। इस गुफा में ठहरने के लिए छोटे से कमरा बनाया गया है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं और बहुत सारे लोग यहां पर आकर पिकनिक मनाते हैं। मगर अगर आप इस जगह आते हैं, तो इस जगह को गंदा मत करिएगा। बहुत खूबसूरत जगह है और इस का आनंद लीजिएगा। यहां पर आपको पीने का पानी पहाड़ों से आता है। पहाड़ों से झरना गिरता है, जो पीने योग्य पानी है। वह पानी एक टैंक में आता है और उस टैंक से आप पानी पी सकते हैं। यहां आने का जो रास्ता है। वह भी बहुत खूबसूरत है। घुमावदार सड़क से होते हुए आप मंदिर तक पहुंचते हैं। इस जगह को परमहंसी आश्रम भी कहा जाता है।  यहां पर आपको बड़े-बड़े त्रिशूल देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर बरसात के समय पहाड़ों का नजारा बहुत ही प्यारा होता है। चारों तरफ हरियाली रहती है और यहां पर आपको झरना देखने के लिए मिलता है। उसके ऊपर भी झरना पहाड़ों से बहता हुआ बहुत खूबसूरत लगता है। 


बंजारी माता मंदिर सिवनी - Banjari Mata Mandir Seoni

बंजारी माता का मंदिर सिवनी जिले के छपारा ब्लॉक में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको बंजारी माता की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। यह मंदिर जबलपुर नागपुर हाईवे रोड पर स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। मंदिर में आपके ठहरने की व्यवस्था है। आपको ठहरने के लिए मंदिर ट्रस्ट से परमिशन लेनी पड़ती है। यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। बंजारी माता मंदिर सिवनी जिले का एक अच्छी जगह है। आप जब भी जबलपुर से नागपुर की यात्रा रहती है। तब आप यह मंदिर घूम सकते हैं। आप यहां फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ भी आ सकते हैं। 


बड़ा दिगंबर जैन मंदिर सिवनी - Bada Digambar Jain Mandir Seoni

बड़ा दिगंबर जैन मंदिर सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह जैन मंदिर है। यह मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत पुराना मंदिर है। मंदिर में आपको जैन संतों की मूर्तियां देखने के लिए मिलेंगी। मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान मूर्ति बहुत ही खूबसूरत है और मंदिर की सजावट भी बहुत ही आकर्षक है। इस मंदिर में आपको एक रथ देखने के लिए मिलता है, जो चांदी का है। रथ में घोड़े भी हैं, वह भी चांदी के हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है और आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


आष्टा काली मंदिर सिवनी - Ashta Kali Mandir Seoni

आष्टा का काली मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यह सिवनी शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण है। यह एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर पत्थरों से बनाया गया है और कहा जाता है कि यह मंदिर एक रात में बनाया गया था। मंदिर में आपको मां काली की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। आपको आसपास बहुत सारी कलाकृतियां देखने के लिए मिलती हैं, जो पत्थर पर बनाई गई है। आप यहां आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। मंदिर में मां काली की बहुत ही भव्य प्रतिमा विराजमान है। यहां पर नवरात्रि में बहुत सारे श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। आपको यहां पर नवरात्रि के समय जवारे भी देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर सिवनी जिले के बरहट तहसील के आष्टा नाम के गांव में स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आ सकते हैं। 


अमोदागढ़ सिवनी - Amodagarh Seoni

अमोदागढ़ सिवनी में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। अमोदागढ़ एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको नदी, पहाड़, चट्टाने, जंगल और जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाएंगे। अमोदागढ़ घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां आने के लिए कच्ची सड़क उपलब्ध है। अमोदागढ़ सिवनी से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अमोदागढ़ सिवनी मंडला हाईवे रोड पर स्थित है। यहां पर किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। आप अगर यहां पर आते हैं, तो अपने साथ खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी अवश्य लाएं। यहां पर बाथरूम की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो चारों तरफ हरियाली रहती है और नदी में पानी रहता है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। इस जगह को मोगली लैंड के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि द जंगल बुक की कहानी इसी जगह से प्रेरित होकर लिखी गई है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और परिवार और दोस्तों के साथ आने के लिए बहुत अच्छी है। यहां पर आपको नदी पर जाने के लिए सीढ़ियों मिलती हैं। सीढ़ियों से आप नदी तक पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर बड़ी-बड़ी चट्टानें मिलती है, जिस पर आपको संभलकर चलने की आवश्यकता होती है। यहां पर वॉच टावर भी आपको देखने के लिए मिलता है, जिससे आप आसपास के नजारों का आनंद ले सकते हैं। 


रुमल जलाशय सिवनी - Rumal reservoir Seoni

रुमल जलाशय सिवनी शहर में स्थित एक जलाशय है। यहां पर आपको खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय सिवनी शहर के रुमल नाम के गांव में स्थित है और यहां पर आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। बरसात के समय यह डैम पानी से भर जाता है, तो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह डैम अंग्रेजों के समय में बनाया गया है। 


सिद्ध घाट केवलारी सिवनी - Siddha Ghat Kevalari Seoni

सिद्ध घाट सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। यहां पर बैन गंगा नदी बहती है, वैनगंगा नदी चट्टानों से बहती है, जो बहुत ही मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है। यहां पर आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नदी के बीच में शिव भगवान जी का मंदिर एक चट्टान पर बना हुआ है, जहां पर आप जा सकते हैं। यह जगह जंगल के बीच में स्थित है। सिद्ध घाट केवलारी तहसील में बिछुआ मल गांव के पास स्थित है। यहां पर आप आकर नहाने का मजा भी ले सकते हैं और यह एक अच्छा पिकनिक स्थल भी है। जंगल और नदी का दृश्य बहुत ही मनोरम रहता है। अगर आप बरसात के समय आते हैं। बरसात के समय चारों तरफ हरियाली रहती है और नदी में भी पानी बहुत रहता है। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी - Pench Tiger Reserve Seoni

पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित है। पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में फैला हुआ है। यह एक प्रमुख बाघ बाघ अभ्यारण है। यहां पर आप बाघ के दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा यहां पर कई जंगली जानवर, विभिन्न पक्षियों की प्रजातियों आप देख सकते हैं। लेकिन मुख्य आकर्षण टाइगर और तेंदुआ है। यहां पर रुकने के लिए आपको कई रिसोर्ट मिल जाते हैं, जिनमें आप उचित मूल्य पर ठहर सकते हैं। आप पेंच टाइगर रिजर्व की बुकिंग ऑनलाइन कर सकते हैं। इसकी जानकारी आपको सरकारी ऑनलाइन वेबसाइट पर मिल जाती है। आपको वहां पर सारी जानकारी मिल जाएगी,  आप सफारी बुक करने की और होटल बुक करने की भी जानकारी मिल जाएगी। आप यहां अपने परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आपको देखने के लिए बहुत सारी चीजें मिलती है। जंगल, पहाड़, नदी, जंगली जानवर जो आपको एक दौड़ भाग भरी जिंदगी से दूर ले जाती है। 


तोतलादोह बांध सिवनी - Totladoh Dam Seoni 

तोतलादोह बांध सिवनी जिले के पास स्थित एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय पेंच नदी पर बना हुआ है। यह जलाशय पेंच टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित है। आप इस जलाशय में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलाशय सिवनी शहर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।  आप यहां अपनी गाड़ी से घूमने के लिए आ सकते हैं। तोतलड़ोह बांध बरसात के समय बहुत अच्छा लगता है। बरसात के समय यह बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है और इस बांध के गेट खोले जाते हैं। यह बांध खूबसूरत लगता है, जब इस के गेट खोले जाते हैं। 


अरी झील सिवनी - Ari Lake Seoni

अरी बांध सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटक स्थल है। अरी बांध हरियाली से घिरा हुआ है। अरी बांध घने जंगलों के बीच में स्थित है। अरी बांध सिवनी शहर के अरी नामक गांव के पास स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह बांध  बरसात के समय बहुत ही खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह बांध पानी से भर जाता है और इसका पानी बहता है, जो झरने का रूप लेता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर आप पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। इस बांध को शुक्ला बांध के नाम से भी जाना जाता है। इस बांध के आसपास किसी भी प्रकार के दुकाने वगैरह नहीं है। अगर आप यह पर पिकनिक मनाने के लिए आते हैं, तो आप  अपने साथ खाने पीने का सामान लेकर आइए। 


बोरी टैंक सिवनी - Bori Tank Seoni

बोरी टैंक सिवनी जिले के पोनिया नाम के गांव में स्थित है। आप यहां पर आकर पिकनिक बना सकते हैं। बरसात में इस बांध में पानी रहता है और आप बरसात में यहां पर आकर इंजॉय कर सकते हैं। 


वैनगंगा नदी का उद्गम स्थल मुंडारा सिवनी - The origin of Wainganga river, Mundara Seoni

वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश के 1 मुख्य नदी है। वैनगंगा नदी का उद्गम सिवनी जिले मुंडारा नामक स्थान पर हुआ है। आपको यहां पर एक कुंड देखने के लिए मिलता है। इस कुंड से ही वैनगंगा नदी का उद्गम हुआ है। कुंड के बीच में छोटा सा मंदिर बना हुआ है। वैनगंगा नदी का उद्गम स्थल सिवनी जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी सड़क बनी हुई है। वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य में बहती है। वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश के सिवनी और बालाघाट जिले को अपने जल से सिंचित करती हुई बहती है। वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल पर आपको अन्य मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको राधा कृष्ण का मंदिर देखने के लिए मिलता है। हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। भूरा भगत का मंदिर देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यहां पर शांति मिलेगी। यहां पर कुंड में आप स्नान भी कर सकते हैं। 


वैष्णो देवी मंदिर सिलादेही सिवनी - Vaishno Devi Temple Siladehi Seoni

वैष्णो देवी मंदिर सिवनी जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए यहां पर सीढ़ियां बनी हुई है। यह मंदिर पहाड़ों को काटकर बनाया गया है और यहां पर वैष्णो देवी की स्थापना की गई है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर सिवनी जिले से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। वैष्णो देवी मंदिर से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही मनोरम देखने के लिए मिलता है। यहां पर वैष्णो देवी की मूर्ति के अलावा भी और भी मूर्तियां विराजमान हैं। यहां पर मां दुर्गा जी की मूर्ति विराजमान है। शिवलिंग विराजमान है। आप इनकी भी दर्शन कर सकते हैं। 


दीवान महल एवं बावड़ी सिवनी - Diwan Mahal and Bawdi Seoni

दीवान महल एवं बावड़ी सिवनी जिले में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको एक महल देखने के लिए मिलता है और एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यह महल रानी दुर्गावती के दीवान का था। इस महल से जबलपुर के रानी दुर्गावती के किले और मंडला के रामनगर के किले के लिए सुरंग जाती है। यह महल मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


मठ मंदिर सिवनी - Math Mandir Seoni

मठ मंदिर सिवनी जिले का धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह एक प्राचीन मंदिर है और मंदिर के पास ही में एक तालाब है, जिसे मठ तालाब के नाम से जाना जाता है। आप इस मंदिर में आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। 


सिवनी संग्रहालय (Seoni Museum)

रिछारिया बाबा धाम धनोरा सिवनी (Richaria Baba Dham Dhanora Seoni)

शहीद स्मारक तुरिया सिवनी (Shaheed Smarak Turiya Seoni)

बाबरिया जलाशय सिवनी (Babaria Reservoir Seoni)

चिलचौंद झील सिवनी (Chilchand Lake Seoni)

महाबलीपुरम मंदिर सिवनी (Mahabalipuram Temple Seoni)



विदिशा के दर्शनीय स्थल

सागर पर्यटन स्थल

नरसिंहपुर पर्यटन स्थल

छिंदवाड़ा पर्यटन स्थल


विदिशा पर्यटन स्थल - Vidisha tourist places | Tourist places in Vidisha

विदिशा के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Vidisha | Tourist places near Vidisha | Vidisha historical place

विदिशा में घूमने की जगहें


सांची स्तूप - Sanchi  ka stupa

सांची एक विश्व धरोहर स्थल है। सांची एक प्रसिद्ध बौद्ध स्मारक है। सांची मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यह भारत की सबसे पुरानी पत्थर की संरचना में से एक है। यहां पर आपको बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर पूरी दुनिया से लोग सांची के स्तूप को देखने के लिए आते हैं। सांची के स्तूप भोपाल से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप भोपाल से यहां पर ट्रेन के माध्यम से और रोड के माध्यम से आ सकते हैं। सांची के स्तूप एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको मंदिर, महल, खंडित स्तंभ, और मठ देखने के लिए मिल जाते हैं। सांची के बौद्ध स्तूप को पहली और दूसरी शताब्दी के मध्य बनाया गया था। यह स्तूप सम्राट अशोक के द्वारा बनाए गए थे। यहां पर सम्राट अशोक का शिलालेख भी पाया जाता है। यहां पर आपको तीन स्तूप देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें से एक स्तूप सबसे बड़ा है और इस स्तूप के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर भगवान बुद्ध की अस्थियों को रखा गया है। यहां पर मुख्य स्तूप बहुत खूबसूरत है और इसमें बहुत खूबसूरत कारीगरी की गई है। यहां पर तोरण द्वार बने हुए, जिसमें भगवान बुद्ध के जीवन काल को दर्शाया गया है। यहां पर आपको गुप्त काल के मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यह सारे मंदिर पत्थर के बने हुए हैं और इन मंदिरों में शंकर जी का शिवलिंग भी आपको देखने के लिए मिलेगा। यह जगह बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। आप यहां पर घूम सकते हैं। सांची के स्तूप में प्रवेश के लिए टिकट लगता है और टिकट का मूल्य बहुत ही कम है। यह स्तूप सुबह 11:00 बजे से 5:00 बजे तक खुले रहते हैं। आप दो या तीन घंटों में पूरे सांची के पूरे परिसर को घूम सकते हैं। यहां पर लाइट और साउंड शो भी किया जाता है, जो यहां शाम के समय होता है। 

एएसआई संग्रहालय सांची विदिशा - ASI Museum Sanchi

ए एस आई संग्रहालय सांची बौद्ध परिसर के बाहर स्थित एक संग्रहालय है। यह संग्रहालय सांची के बौद्ध स्मारक के पास स्थित है। आप सांची बौद्ध स्मारक में प्रवेश के लिए टिकट लेते हैं, तो संग्रहालय के लिए भी आप को टिकट मिल जाता है। आपको यहां पर विभिन्न तरह के मूर्तियां देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बौद्ध परिसर में मिली बहुत सी प्रतिमाओं को सहेज कर रखा गया है। आप इन प्रतिमाओं को देख सकते हैं और इनके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। जो प्रतिमाएं यहां पर रखी गई हैं, उनके बारे में जानकारी आपको नीचे एक तख्ती पर लिखी हुई मिल जाती हैं। यहां पर आपको हमारा राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ देखने के लिए मिलता है। 

माला देवी मंदिर ग्यारसपुर विदिशा - Mala Devi Temple Gyarspur Vidisha

माला देवी मंदिर विदिशा जिले में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील पर स्थित है। ग्यारसपुर विदिशा का एक छोटा सा कस्बा है, जो बहुत खूबसूरत है और हरियाली से भरपूर है। आपको यहां पर बहुत सारे मंदिर देखने मिलेंगे और माला देवी मंदिर भी ग्यारसपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर विदिशा सागर राजमार्ग पर स्थित है। यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों पर नक्काशी बनी हुई है। इस मंदिर से आप चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं। यह मंदिर पहाड़ी के किनारे पर बना हुआ है। इस मंदिर का निर्माण 9 वीं शताब्दी में प्रतिहार राजवंश द्वारा किया गया था। यह मंदिर शक्ति की देवी और माला देवी को समर्पित है। यहां पर आपको जैन संतों की भी मूर्तियां  देखने के लिए मिलेगी। यहाँ से सूर्यास्त का दृश्य शानदार है। 

बाजरामठ मंदिर या बज्र मठ मंदिर विदिशा - Bajramath Temple or Bajra Math Temple Vidisha

बाजरा मठ मंदिर विदिशा के ग्यारसपुर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर पत्थर से बना हुआ है। पत्थर पर खूबसूरत नक्काशी उभरी हुई है। मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत मूर्तियों की नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती हैं। आपको यहां पर 3 मंदिर देखने के लिए मिलेंगे। इन तीनों स्थल पर जैन संतों की मूर्तियां विद्यमान है। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इस मंदिर के दरवाजे, चैखट व पृष्ठ भाग में शिव, गणेश, विष्णु ब्रह्मा आदि का कलात्मक अंकन किया है।

हिंडोला तोरण विदिशा - Hindola toran vidisha

हिंडोला तोरण विदिशा के ग्यारसपुर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर आपको चार खंबे देखने के लिए मिलेंगे, जो बहुत ही नक्काशी दार हैं। यहां पर एक तोरण भी बना बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। 

उदयगिरी गुफाएं विदिशा - Udayagiri Caves Vidisha

उदयगिरि की गुफाएं पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। उदयगिरि की गुफाएं मध्य प्रदेश का एक प्रमुख आकर्षण है। उदयगिरी की गुफाएं मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में स्थित प्राचीन गुफाएं हैं। इन गुफाओं में आपको हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यह सारी गुफाएं उदयगिरि की पहाड़ियों पर स्थित है। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो यहां का नजारा बहुत ही खुशनुमा होता है। चारों तरफ हरियाली होती है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर 20 गुफाएं मौजूद है, जो चट्टान पर बनी हुई हैं। इनमें से कुछ गुफाएं हिंदू भगवान को समर्पित है और कुछ गुफाएं जैन भगवान को समर्पित हैं। इन गुफाओं का निर्माण गुप्त काल के दौरान हुआ था। यहां पर आपको विष्णु भगवान की वराह अवतार की पत्थर पर उकेरी गई प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत विशाल है और देखने में बहुत अद्भुत लगती है। इसके अलावा यहां पर शिव पार्वती के अर्धनारीश्वर प्रतिमा, विष्णु भगवान की शेष शैया की प्रतिमाए गणेश जी की प्रतिमाए कार्तिकेय की प्रतिमा देखने मिलती है, जो चट्टान पर उकेर कर बनाई गई है। आप दो.तीन घंटों में पूरी उदयगिरी की गुफा घूम सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है और आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

उदयगिरि बांध  विदिशा  - Udayagiri Dam Vidisha

उदयगिरी बांध हलाली नदी पर बना हुआ एक छोटा सा स्टॉप डैम है। यह खूबसूरत लगता है। पहाड़ी के ऊपर से उदयगिरि का दृश्य खूबसूरत लगता है। 

जिला संग्रहालय विदिशा - District Museum Vidisha

जिला पुरातत्व संग्रहालय विदिशा शहर में स्थित एक अच्छी है। जो भी इतिहास प्रेमी है, वह इस जगह में घूम सकते हैं। इस  संग्रहालय में जाने के लिए प्रवेश शुल्क बहुत ही कम है। भारतीयों लोग का अलग शुल्क है। विदेशी नागरिकों के लिए अलग शुल्क है। अगर आप फोटोग्राफ और वीडियो ग्राफ करना चाहते हैं, तो उसके लिए अलग शुल्क लगेगा। इस संग्रहालय का खुलने का समय 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहता है। सोमवार को यह संग्रहालय बंद रहता है। आपको  इस संग्रहालय में प्राचीन मूर्तियों का बहुत बड़ा संग्रह देखने के लिए मिलता है। यह सारी मूर्तियां पत्थरों से बनी हुई है। यहां पर आप विष्णु भगवान के वराह अवतार की मूर्ति देख सकते हैं। इस पूरी मूर्ति में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी उकेरी गई है। आपको यहां पर भगवान गणेश जी की मूर्ति भी देखने के लिए मिलेगी। इसके अलावा यहां पर जैन धर्म के संतों की भी मूर्तियां देखने के लिए भी मिलती है। यह संग्रहालय विदिशा शहर में रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप इस संग्रहालय में बहुत ही आसानी से पहुंच सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 

बीजा मंडल मंदिर या विजय मंदिर विदिशा - Bija Mandal Temple or Vijay Mandir Vidisha

बीजा मंडल मंदिर को पुराने समय में बिजया मंदिर के नाम से भी जाना जाता होगा। यह मंदिर विदिशा में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको पत्थर की बहुत सारी कलाकृतियां देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको एक पुरानी बावड़ी भी देखने के लिए मिलेगी। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर पहले मंदिर हुआ करता था, जो परमार वंश के द्वारा बनाया गया था। इस मंदिर में पाए गए शिलालेख के अनुसार यह मंदिर चर्चिका देवी या चंडिका देवी को समर्पित था। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी के आसपास बनाया गया था। यहां पर खुदाई की गई जिसमें यहां पर अष्टभुजी गणेश जी की प्रतिमा, नृत्य करती हुई नारियों की प्रतिमा और महिषासुर मर्दिनी प्रतिमा पाई गई है। यहां पर खंडित परमार अभिलेख भी पाए गए हैं। इस स्मारक के उत्तर में एक बावड़ी है, जिसका मुंह वृत्ताकार है। बावड़ी पर लगभग आठवीं सदी की दो सुंदर अलंकृत स्तंभ है, जिसमें कृष्ण लीला के विभिन्न दृश्य उकरे गये हैं। मगर इस स्मारक को मुस्लिम शासक औरंगजेब ने मस्जिद में परिवर्तित कर दिया और मंदिर को ध्वस्त कर दिया। इस प्रकार आज आप इस जगह पर मंदिर के अवशेष देख सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर पर खूबसूरती से नक्काशी दार कलाकृतियां देखने के लिए मिलती हैं। यह जगह विदिशा से अशोकनगर जाने वाली सड़क के पास स्थित है। यह स्थान अब एएसआई द्वारा अच्छी तरह से बनाए रखा गया है।

चरन तीर्थ विदिशा - Charan Teerth Vidisha

चरण तीर्थ एक धार्मिक स्थल है। चरण तीर्थ मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यह विदिशा जिले का एक मुख्य आकर्षण है। चरण तीर्थ बेतवा नदी में स्थित है। यहां पर आपको दो मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बेतवा नदी के बीच में बने हुए हैं। इन मंदिर में जाने के लिए पुल बनाया गया है। आप इन मंदिरों में आ सकते हैं। आपको यहां का माहौल बहुत अच्छा लगेगा और बेतवा नदी का दृश्य बहुत अद्भुत होता है। चरण तीर्थ के बारे में कहा जाता है कि यहां पर श्री राम जी के चरण पडे थे। वनवास काल के दौरान राम जी यहां पर आए हुए थे। इसलिए इस  जगह को चरण तीर्थ के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि यहां पर च्यवन  ऋषि ने तपस्या की थी। यह जगह ऋषियों की तपोस्थली है। चरण तीर्थ में घाट भी बना हुआ है, जहां पर आप स्नान कर सकते हैं। 

नवग्रह शनि देव मंदिर विदिशा - Navagraha Shani Dev Temple Vidisha

नवग्रह शनि मंदिर विदिशा जिले में चरण तीर्थ के पास में स्थित है। यह प्राचीन मंदिर है। यहां पर शनि भगवान जी की मूर्ति विराजमान है। यहां पर आपको भगवान शिव की भी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर आकर शनि भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर हनुमान जी की भी प्रतिमा विद्यमान है। 

विश्वनाथ मंदिर देवपुर विदिशा - Vishwanath Temple Devpur Vidisha

विश्वनाथ मंदिर विदिशा के पास स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर एक कुंड बना हुआ है। जिसका जल बहुत ही पवित्र है और साफ है। विश्वनाथ मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर परिसर में बहुत सारे मंदिर हैं। यहां पर शिवजी, विष्णुजी, द्वारकाधीश, मंदिर आपको देखने मिलता है। विश्वनाथ मंदिर देवपुर में स्थित है। देवपुर सिरोंज से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत शांति मिलेगी। 

नीलकंठेश्वर मंदिर उदयपुर विदिशा - Neelkantheshwar Temple Udaipur Vidisha

नीलकंठेश्वर मंदिर विदिशा में स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। यह मंदिर 11 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यहां मंदिर परमार राजा उदयादित्य द्वारा निर्मित किया था। यह मंदिर लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। नीलकंठेश्वर मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है। यहां पर स्तंभ बनाए गए हैं और स्तंभों में खूबसूरत नक्काशी बनाई गई हैं। गर्भ ग्रह में शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर अर्धनारेश्वर शिवलिंग विराजमान है। यह शिवलिंग बहुत अद्भुत लगेगा। शिवलिंग के सामने ही नंदी भगवान की प्रतिमा विराजमान हैं। यहां पर आपको मंडप गर्भ ग्रह देखने के लिए मिल जाते हैं। 

लोहांगी पर्वत विदिशा - Lohangi Mountain Vidisha

लोहांगी पर्वत विदिशा में स्थित एक घूमने की अच्छी जगह है। यह एक विशाल पर्वत है, जो शहर के बीचोंबीच स्थित है। इस जगह से आपको विदिशा शहर का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। शहर की चोटी पर एक मंदिर और मस्जिद स्थित है।  आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। यह जगह बहुत ही खूबसूरत रहती है। बरसात के पहाड़ में समय चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर आने का सबसे अच्छा समय बरसात और ठंड का रहता है। लोहांगी पर्वत पर  जगह जगह पर बैठने के लिए जगह बनी हुई है, ताकि आप यहां पर बैठकर शहर की सुंदरता को निहार सकें। 

माधव उद्यान विदिशा - Madhav garden vidisha

माधव उद्यान एक बहुत ही खूब सुंदर पार्क है। यह पार्क विदिशा शहर में स्थित है और विदिशा शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इस पार्क में आप को हरा-भरा बगीचा देखने के लिए मिलता है और यहां पर एक झील भी है। इस झील में बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। माधव उद्यान का निर्माण स्वर्गीय श्री माधव राव सिंधिया जी की याद में किया गया है। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह पार्क योग, जॉगिंग और मॉर्निंग वॉक करने के लिए अच्छा है। यह पार्क विदिशा नगर निगम द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह विदिशा में सबसे अच्छा पार्क है। पार्क के खुलने का समय सुबह 6:00 से 9:00 बजे है और शाम को 5:00 से 8:00 बजे हैं। 

बौद्ध स्मारक सतधारा विदिशा - Buddhist Monument Satadhara Vidisha

बौद्ध स्मारक सतधारा विदिशा के पास में स्थित एक प्राचीन जगह है। यहां पर आपको बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। बौद्ध बिहार देखने के लिए मिलते हैं और मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह प्रकृति के बीच में स्थित है। इन स्तूप के बाजू में हलाली नदी बहती है। यहां का दृश्य देखने लायक रहता है। आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर हरियाली चारो तरफ रहती है। इसके कारण यह जगह बहुत ही आकर्षक लगती हैं। बौद्ध स्मारक सतधारा सांची के स्तूप से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है। आप यहां गाड़ी से आ सकते हैं। 

हेलिओडोरस स्तंभ या खंबा बाबा विदिशा - Heliodorus pillar or Khamba Baba Vidisha

खंबा बाबा या हेलिओडोरस स्तंभ विदिशा के पास में स्थित एक पिलर है। यह पिलर या खंबा विदिशा से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह खंबा 2000 साल से भी ज्यादा पुराना है। खंबे की ऊंचाई 20 फीट से भी अधिक है। खंबे में शिलालेख खुदे हुए हैं, जिससे मालूम चलता है कि यह खंबा गरुड़ध्वज है। इस खंभे को यहां के कुछ स्थानीय लोग पूजा भी करते हैं। इन लेखों के अनुसार हेलिओडोरस नामक एक यूनानी ने इस स्तंभ को स्थापित किया था। यह खंबा बेतवा और हलाली नदी के संगम के पास ही में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।

त्रिवेणी घाट विदिशा - Triveni Ghat Vidisha

त्रिवेणी संगम यहां पर बेतवा और हलाली नदी का संगम हुआ है। यहां पर आपको और भी धार्मिक जगह देखने के लिए मिल जाती हैं। यह जगह विदिशा में स्थित एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है और आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 

हलाली बांध विदिशा - Halali dam vidisha

हलाली बांध विदिशा के पास में स्थित एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय भोपाल विदिशा हाईवे रोड के पास में पड़ता है। आप इस जलाशय में आसानी से आ सकते हैं। अगर आप बरसात के समय इस जलाशय में आते हैं, तो जलाशय का दृश्य अद्भुत होता है। यहां पर जलाशय में पानी पूरी तरह से भरा रहता है। आप यहां पर वोटिंग का भी मजा ले सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली के साथ जाकर बहुत मजे कर सकते हैं। 

हलाली जलप्रपात विदिशा - Hallali falls vidisha

हलाली जलप्रपात हलाली नदी पर बनता है। यह जलप्रपात हलाली बांध से करीब 200 मीटर की दूरी पर बनता है। इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए आपको थोड़ा सा पैदल चलना पड़ता है। यह जलप्रपात की लोकेशन बहुत खूबसूरत है। चारों तरफ हरियाली है और चट्टानों से पानी नीचे आता है, जो बहुत ही मनोरम लगता है। 


रंगाई हनुमान मंदिर विदिशा (Rangai Hanuman Temple Vidisha)
दिगंबर जैन मंदिर उदयगिरी विदिशा (Digambar Jain Temple Udayagiri Vidisha)
म्यूज़िकल पार्क विदिशा (Musical park vidisha)




सागर पर्यटन स्थल - Sagar tourist place | Places to visit in sagar

सागर दर्शनीय स्थल -  Sagar madhya pradesh tourism |  Sagar famous place | Sagar visiting places | Sagar sightseeing | सागर के प्रसिद्ध स्थान


सागर में घूमने की जगहें


लाखा बंजारा झील सागर - Lakha banjara lake sagar

लाखा बंजारा झील सागर शहर में एक प्रसिद्ध जगह है। यह झील सागर शहर के मध्य में स्थित है और सागर शहर इस झील के चारों तरफ बसा हुआ है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैली हुई है। इस झील को लेकर बहुत सी मान्यताएं हैं। झील के आसपास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह झील सागर जिले का एक मुख्य आकर्षण है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। लाखा बंजारा नाम के एक व्यापारी थे। उन्होंने पानी के लिए यहां पर खुदाई की थी। मगर यहां पर पानी नहीं निकला। तब उनके करीबी ने सलाह दी, कि वहां यहां पर उन्हें किसी खास का कुर्बानी देनी पड़ेगी। झील के बीच में उनको बैठाकर झूला झूल ना पड़ेगा। तभी झील में पानी आएगा। राजा में अपने नवविवाहित बेटे और बहू को इस झील के बीच में बैठाकर झूला झुलाया और झील पानी से भर गई और उस पानी में डूबकर उनके बेटे और बहू की मृत्यु हो गई। इस प्रकार इस झील को लाखा बंजारा झील के नाम से जाना जाता है। इस झील में बहुत सारी सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर आप बोटिंग का मजा ले सकते हैं। झील के आसपास बहुत सारे मंदिर है, जहां पर आप जाकर अपना समय शांति से बिता सकते हैं। 

गंगा मंदिर सागर - Ganga temple Sagar

गंगा मंदिर सागर शहर में लाखा बंजारा झील के मध्य में स्थित है। मंदिर में जाने के लिए पुल बना हुआ है। आपको मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर झील में बने एक टापू के समान लगता है। यहां पर गंगा जी की मूर्ति स्थापित है। आप जब भी सागर में घूमने आते हैं, तो इस मंदिर में भी आ सकते हैं। 

चकरा घाट सागर - Chakra Ghat Sagar

चकरा घाट सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे पर स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर एक मंदिर स्थित है, जहां पर आकर आपको शांति मिलेगी। शाम के समय यहां पर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप के बैठने की अच्छी व्यवस्था है। आप यहां पर शांति से बैठ सकते हैं। यहाँ पर महा कवि पद्माकर की एक मूर्ति भी लगी हुई है। यह जगह बहुत अच्छी लगेगी। 

डा राम मनोहर लोहिया उद्यान सागर - Dr. Ram Manohar Lohia Udyan Sagar

डॉ राम मनोहर लोहिया पार्क सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे पर स्थित एक खूबसूरत पार्क है। यहां पर आप वाकिंग का मजा ले सकते हैं। 

संजय ड्राइव  सागर - Sanjay Drive Sagar

संजय ड्राइव सागर शहर में लाखा बंजारा झील के बीच में स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आ सकते हैं। संजय ड्राइव के दोनों तरफ लाखा बंजारा झील स्थित है। 

लाखा बंजारा पार्क सागर - Lakha Banjara Park Sagar

लाखा बंजारा पार्क सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे ही पर ही स्थित है। यह पार्क खूबसूरत है। आप यहां पर आकर बैठ सकते हैं। आपको यहां पर अच्छा लगेगा। आप यहां से झील का सुंदर नजारा देख सकते हैं। यहां पर शाम के समय सूर्यास्त को देखना बहुत ही अच्छा लगता है। यह पार्क बस स्टैंड के बहुत करीब है। 


मोराजी दिगंबर जैन मंदिर सागर - Moraji Digambar Jain Temple Sagar

मोराजी दिगंबर जैन मंदिर सागर शहर का एक प्राचीन मंदिर है। यह दिगंबर जैन समुदाय का सागर में स्थित सबसे बड़ा मंदिर है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यहाँ मंदिर सागर में बड़े बाजार के पास स्थित है। इस मंदिर में भगवान महावीर की और भगवान बाहुबली की बहुत बड़ी काले रंग की प्रतिमा स्थित है। इस मंदिर में धर्मशाला भी स्थित है। यहां पर तीर्थयात्री आकर रुक सकते हैं। 

जॉगर्स पार्क सागर - Joggers park sagar

जॉगर्स पार्क सागर में स्थित एक अच्छा पार्क है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है और यहां का वातावरण बहुत ही अच्छा है। आप यहां पर आ कर रिलैक्स महसूस करेंगे। आप यहां पर दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। 

चंद्रा पार्क सागर - Chandra Park Sagar

चंद्रा पार्क सागर में स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह पार्क हरियाली से भरपूर है। पार्क में फव्वारा भी लगा हुआ है, जो आकर्षित करता है। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लिए अच्छा है। यहां पर आप अपने फैमिली दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले हैं, जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। 

डॉ हरीसिंह गौर उद्यान सागर - Dr. Harisingh Gaur Garden Sagar

डॉ हरिसिंह गौर उद्यान सागर में स्थित एक अच्छा पार्क है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यह पार्क हरियाली से भरा हुआ है। यहां पर एक फाउंटेन भी है, जो खूबसूरत लगता है। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए अच्छा है। यह पार्क मुख्य सागर शहर में स्थित है। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 

बया इको पार्क सागर - Baya Eco Park Sagar

बया इको पार्क सागर जिले में रहली के पास स्थित है। यह एक बहुत ही खूबसूरत इको पार्क है। यहां पर आपको ढेर सारे  पक्षियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यह मुख्य रूप से बया पक्षियों का प्राकृतिक आवास है। बया एक प्रकार का पक्षी होता है। यह पक्षी अपना घोंसला बहुत ही सुंदर तरीके से बनाता है। यहां पर आपको प्रकृति की अनुपम छटा देखने के लिए मिलती है। यह जगह चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरी हुई है। यहां पर बहुत सारे एडवेंचर खेल भी खेले जाते हैं, जो आपको बहुत पसंद आएंगे। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। 

राहतगढ़ जलप्रपात सागर या भालकुंड जलप्रपात सागर - Rahatgarh ka waterfall or Bhalkund waterfall

राहतगढ़ जलप्रपात या भालकुंड जलप्रपात सागर शहर में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह खूबसूरत झरना है। यह झरना सागर जिले के राहतगढ़ नगर में स्थित है। यह झरना जंगलों के बीच में स्थित है। झरने तक पहुंचने का कच्चा रास्ता है। झरना बहुत खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह झरना पानी से भर जाता है। बरसात में चट्टानों से बहता हुआ पानी बहुत ही मनोरम दिखता है। आप इस झरने में आसानी से पहुंच सकते हैं। इस झरने के आसपास किसी भी तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। यहां पर बाथरूम उपलब्ध नहीं है। खाने पीने के लिए किसी भी तरह की शॉप यहां पर उपलब्ध नहीं है। यह झरना राहतगढ़ नगर से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर है और सागर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। 

राहतगढ़ का किला सागर - Rahatgarh fort sagar

राहतगढ़ का किला सागर शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। यह किला खंडहर अवस्था में है, राहतगढ़ का किला खूबसूरत है। राहतगढ़ किले में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आपको एक कुंड देखने मिलता है। इस कुंड का पानी साफ है और आपको इसमें मछलियां भी देखने के लिए मिलती है। यह कुंड गहरा है, इसलिए आप इस कुंड में उतरने की कोशिश ना करें। यहां पर आपको रंग महल देखने के लिए मिलता है, जो खंडहर अवस्था में मौजूद है। यहां पर फांसी घर भी है, जहा पर लोगों को फांसी दी जाती थी। फांसी घर से आपको राहतगढ़ नगर का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस किले मंदिर-मस्जिद भी है। राहतगढ़ का किला राहतगढ़ नगर में स्थित है। यह किला सागर से करीब 35 किलोमीटर दूर है। 

मगरमच्छ रॉक सागर - Crocodile Rock Sagar

क्रोकोडाइल रॉक सागर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत और प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको एक चट्टान देखने के लिए मिलती है, जो मगरमच्छ के समान है। इसलिए इस जगह को क्रोकोडाइल रॉक कहा जाता है। यह जगह सागर के पास स्थित है। यहां पर आपको आश्रम देखने मिलता है। यह जगह पहाड़ों के आसपास स्थित है, जिससे यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

अमृतझिरा गुफा मंदिर सागर - Amritjhira Caves Temple Sagar

अमृतझिरा गुफा सागर जिले के पास स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन गुफाएं देखने के लिए मिलती हैं, जिनमें कहा जाता है कि यह पर आदिमानव रहा करते थे। यहां पर खूबसूरत शेल चित्रों भी आपको देखने के लिए मिलती है। इस जगह में आपको आश्रम भी देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आ कर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

गढ़पहरा का किला सागर - Garhpahra Fort Sagar

गढ़पहरा का किला सागर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। प्राचीन समय में गढ़पहरा को पुराना सागर कहा जाता है, जो डांगी साम्राज्य की राजधानी थी। गढ़पहरा सागर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आ सकते हैं। इस किले का निर्माण संग्राम सिंह के द्वारा किया गया था। यह सम्राट संग्राम शाह के 52 गढ़ों में से एक था। सम्राट की मृत्यु के बाद डांगी राजपूतों ने इस नगर को अपने कब्जे में ले लिया। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले के पास ही एक प्राचीन हनुमान मंदिर है। हनुमान मंदिर के बाद ही यह किला स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में है। आप इस किले में  घूमने के लिए आ सकते हैं। इस किले से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है। गढ़पहरा किला सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग -26 के पास स्थित है। गढ़पहरा किला तक जाने के लिए आपको पैदल जाना पड़ता है।  गढ़पहरा किला का रानी महल बहुत खूबसूरत है। 

श्री हनुमान जी मंदिर गढ़पहरा सागर - Shree hanuman ji temple garhpahra sagar

श्री हनुमान मंदिर गढ़पहरा सागर जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह हनुमान मंदिर गढ़पहरा किले के पास में ही स्थित है।  इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। हनुमान मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर आकर मन्नत मानने से मन्नत पूरी होती है। यहां पर बहुत सारे लोग हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं आपको अपना सामान संभाल कर रखने की आवश्यकता होती है  नहीं तो बंदर आपसे सामान छीन सकते हैं। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

वरुण स्मृति उद्यान सागर - Varun Smriti Garden Sagar

वरुण स्मृति पार्क सागर शहर में स्थित एक अच्छी जगह है।  यह पार्क हरियाली से भरा है। यहां पर आपको बहुत सारी चीजें मिलती है, जिसमें आप इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर एक स्विमिंग पूल है और उसमें स्लाइड भी है। जिसमें आप यहां पर मजे कर सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जिसमें बच्चे इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर रेस्टोरेंट भी उपलब्ध है, जहां पर आपको अच्छा खाना मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। फैमिली के साथ आने के लिए यह अच्छी जगह है। वरुण स्मृति पार्क सागर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। 

रमना इको पार्क सागर - Ramna Eco Park Sagar

रमना सागर में स्थित एक इको टूरिज्म पार्क है। यह सागर जिले के गढ़ कोटा में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर बहुत सारी एक्टिविटी आप कर सकते हैं। यहां पर आप जिपलाइन का मजा ले सकते है।  यहां पर जिपलाइन के अलावा भी और भी बहुत सारी गतिविधियां हैं, जो आप कर सकते हैं। यहां पर बच्चों के लिए अलग गतिविधियां हैं और यंग लोगों के लिए अलग गतिविधियां हैं। यहां का एंट्री चार्ज बहुत कम रहता है और इन गतिविधियों को करने के लिए जो चार्ज लिया जाता है। वह भी बहुत कम रहता है। यहां पर सेफ्टी का बहुत ध्यान दिया जाता है और आप जो भी गतिविधि करते हैं, उसमें सेफ्टी गियर का उपयोग किया जाता है। यह जगह चारों तरफ जंगलों से घिरी हुई है। यहां पर सब चीज बांस से बना हुआ है। आपको एक पुराना महल देखने के लिए मिलता है, जो खंडहर अवस्था में है। इस महल में आपको एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। इस बावड़ी में नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह एडवेंचर्स प्रेमियों के लिए बहुत अच्छी है। रमना इको टूरिज्म पार्क को रमना ट्री एडवेंचर पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको एक झील भी देखने के लिए मिलती है। यह जंगल के अंदर है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

प्राचीन आबचंद गुफाएं सागर - Ancient Abchand Caves Sagar

प्राचीन आबचंद गुफाएं सागर जिले के गढ़ाकोटा में स्थित है। यहाँ प्राचीन गुफाएं हैं। यह गुफाएं वन आरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है। इन गुफाओं के निर्माण के बारे में किसी को भी पता नहीं है। कहा जाता है कि इन गुफाओं में आदिमानव रहा करते थे। यहां पर आपको रॉक पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर पांच गुफा मौजूद हैं, जिनमें से आप कुछ गुफाओं में जा सकते हैं। यहां पर एक कुंड बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। आप यहां पर फैमिली के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है। यहां पर एक नदी बहती है, जिसे गोधरी नदी कहा जाता है। यहां पर आपको जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। आप इन गुफाओं में बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी रोड बनी हुई है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर स्थित है। मंदिर में भजन कीर्तन होते रहते हैं, जो बहुत ही अच्छे लगते हैं। गर्मी में भी गोधरी नदी में पानी आपको देखने के लिए मिल जाता है। बरसात में इस नदी में बहुत ज्यादा पानी रहता है। आप इस नदी में नहाने का भी मजा ले सकते हैं। 

गौरझामर का किला सागर - Gourjhamar Fort Sagar

गौरझामर का किला एक प्राचीन किला है। यह किला गौरझामर सागर में स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में मौजूद है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस किले के बारे में ज्यादा लोगों को नहीं पता है, मगर यह किला खूबसूरत है। आप यहां आ सकते हैं। यह किला बरमान - सागर हाईवे रोड के पास स्थित है। यहां किला ईंट और चूने पत्थर से बना हुआ हैं।

हजारिया महादेव मंदिर सागर - Hajariya Mahadev Temple Sagar

हजारिया महादेव मंदिर सागर के खुरई तहसील में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर के अंदर गर्भ गृह में पत्थर का शिवलिंग विराजमान है। मंदिर के मंडप में नंदी भगवान की प्रतिमा विराजमान है, जो पत्थर की है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और देखने में बहुत ही अद्भुत लगता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और भगवान के दर्शन कर सकते हैं। 

खुरई का किला सागर - Kurai Fort Sagar

खुरई का किला सागर जिले में खुरई तहसील में स्थित है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले को खुरई का लाल किला भी  कहा जाता है। खुरई किले के अंदर आपको मंदिर और बगीचा देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत ही सुंदर मूर्तिकला भी आपको देखने के लिए मिलती है। यह किला खुरई झील के पास स्थित है। यहां पर हर साल जनवरी के महीने में संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाता हैए जिसे डोहेला महोत्सव कहा जाता है। इस महोत्सव में बहुत सारे लोग आते हैं। यह महोत्सव किले में आयोजित होता है। जो बहुत ही भव्य होता है। 

डोहेला मंदिर सागर - Dohela Temple Sagar

दोहेला मंदिर सागर में खुरई तहसील में खुरई किले के पास में स्थित है। यह मंदिर एक झील में बना हुआ है। यह मंदिर  बहुत खूबसूरत है। यहां पर आकर आपको बहुत सारी मछलियां भी देखने के लिए मिलती हैं। 

एरण  सागर - Eran Sagar

एरण सागर में स्थित एक पुरातात्विक स्थल है। एरण सागर जिले के बीना तहसील के एरण नामक जगह पर स्थित है। यह जगह बीना नदी के किनारे स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां आने के लिए सड़क उपलब्ध है, मगर कच्ची सड़क है। यहां पर आपको पत्थर के बहुत सारे अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर विष्णु मंदिर हैं। यहां पर आपको विष्णु भगवान के वराह अवतार की 10 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो अद्भुत है। यहां पर पाई गई वराह अवतार की मूर्ति भारत में सबसे बड़ी विष्णु भगवान की मूर्ति है। भगवान विष्णु की वराह्मूर्ति में बहुत सारी आकृतियां उभरी हुई है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर विष्णु भगवान की और भी मूर्तियां उपलब्ध है। मगर वह सारी मूर्तियां अब खंडित अवस्था में है। आप यहां पर आएंगे तो आपको विष्णु भगवान जी की नरसिंह मूर्ति देखने के लिए मिलेगी। भगवान विष्णु की मूर्ति के अलावा भी यहां पर स्तंभ बने हुए हैं। वह भी आप देख सकते हैं। यह जगह पिकनिक के लिए अच्छी है। 

नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण - Nauradehi Wildlife Sanctuary

नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण सागर में घूमने की एक मुख्य जगह है। यह सागर का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार के जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यह अभ्यारण सागर में जबलपुर सागर रोड पर स्थित है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। आपको यहां पर आपको यहां पर विभिन्न प्रकार के पक्षी की प्रजाति देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको हिरण चीता लोमड़ी जैसे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको मगरमच्छ भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बाघ को भी लाया गया है और वह भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलेगा। यह जगह बहुत अच्छी है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। 

सागर जिले के अन्य पर्यटन स्थल
Other tourist places in Sagar district


बननी घाट मंदिर राहतगढ़ सागर (Banani Ghat Temple Rahatgarh Sagar)
मसूर बावरी बांध सागर (Masoor Bawri Dam Sagar)
श्री आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर सागर (Shri Adinath Jain Bada Mandir Sagar)
श्री अनगढ़ देवी गुफा मंदिर गढ़पहरा सागर (Shri Anagarh Devi Cave Temple Garhpahra Sagar)
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर अतिशय क्षेत्र जैन मंदिर सागर (Shri Parshwanath Digambar Atishay Kshetra Jain Temple Sagar)
दीनदयाल उपाध्याय पार्क खुरई सागर (Deendayal Upadhyay Park Khurai Sagar)
गोपालगंज जैन मंदिर सागर (Gopalganj Jain Temple Sagar)
चोपड़ा कुंड बावड़ी सागर (Chopra Kund Bawdi Sagar)


माँ शारदा मंदिर मैहर - Maa sharda temple maihar | Maihar sharda mata mandir

शारदा मंदिर मैहर - Sharda mandir maihar |  मैहर 

माँ शारदा मंदिर मैहर - Maa sharda temple maihar | Maihar sharda mata mandir

मैहर शारदा माता मंदिर

मैहर का शारदा माता का मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। यह 1 शक्तिपीठ है और यहां पर हजारों की संख्या में भक्त शारदा माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। शारदा माता का मंदिर सतना जिले के मैहर में स्थित है। मैहर में शारदा माता का मंदिर त्रिकूट पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस पहाड़ी तक जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है। आप चाहे तो कार में भी जा सकते हैं और यहां पर आप रोपवे की मदद से भी जा सकते हैं। 

उदल की कहानी - Udal ki kahani


मैहर का शारदा माता का मंदिर एक चमत्कारिक मंदिर है। कहा जाता है कि यहां पर हर दिन आल्हा और उदल आकर पहली पूजा करते हैं। आल्हा और उदल मां शारदा के परम भक्त थे और मां शारदा ने उन्हें अमर होने का वरदान दिया था। इसलिए सबसे पहले पूजा आकर आल्हा और उदल के द्वारा की जाती है। पंडित जी जब सुबह मंदिर के द्वार खोलते है, तो उन्हें फूल एवं जल चढ़ा हुआ मिलता है। यह चमत्कार शारदा माता के मंदिर में रोज होता है।

मैहर मंदिर कैसे पहुँचें - how to reach maihar temple


आप मैहर के शारदा मंदिर घूमने के लिए आना चाहते हैं, तो यहां आना बहुत ही आसान है। मैहर में रेलवे स्टेशन मौजूद है। रेलवे स्टेशन से मैहर का शारदा मंदिर करीब 5 या 6 किलोमीटर दूर होगा। रेलवे स्टेशन से आपको ऑटो मिल जाता है, जिसमें आपका किराया  ₹20 लगता है और आप मंदिर तक पहुंच जाते हैं। अगर आप सड़क से आते हैं, तो नेशनल हाईवे 30 मैहर से होते हुए गुजरता है। तो आप सड़क माध्यम से भी मैहर पहुंच सकते हैं। 

Sharda mata mandir maihar
मैहर शारदा माता का मंदिर

शारदा माता के मंदिर में पहुंचकर आपको बहुत सारी प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलती है। आपको बहुत सारे लोग प्रसाद खरीदने के लिए बोलते हैं। आप यहां पर आप अपनी इच्छा अनुसार प्रसाद ले सकते है।  कुछ दुकानदार यहां पर 300 - 400 का प्रसाद बना देते हैं और और भी एक्स्ट्रा प्रसाद में जोड़ देते हैं, तो आप ऐसी दुकानों में सावधान रहे। जहां आपकी इच्छा अनुसार प्रसाद दे रहे हैं। आप  वहां से प्रसाद ले और दुकान में ही अपने जूते चप्पल उतार सकते हैं। उसके बाद आप आगे बढ़ सकते हैं। आप जैसे जैसे आगे बढ़ेंगे। आपको बहुत सारी दुकानें देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको मैहर माता की मूर्ति, मैहर माता के पोस्टर,  खूबसूरत कड़े, और भी बहुत सारी चीजें देखने के लिए मिलती है। आप चाहे तो इनकी भी शॉपिंग कर सकते हैं। धीरे धीरे चलते हुए आप शारदा माता मंदिर के गेट तक पहुंच जाते हैं। यहां पर आप जो नारियल लिए रहते हैं। वह जमा करने रहते हैं और आपको टोकन दिया जाता है। फिर आप आगे बढ़ते हैं, तो सीढ़ियां स्टार्ट होती है। आपको सीढ़ियां चढ़ना पड़ता है। अगर आप सीढ़ियां नहीं चढ़ना चाहते हैं, तो यहां पर रोपवे का भी ऑप्शन उपलब्ध है। आप चाहे तो रोपवे भी ले सकते हैं। इसमें आप का चार्ज लिया जाता है। हम लोग सीढ़ियां चढ़कर गए थे। यहां पर करीब 1000 से भी अधिक सीढ़ियां हैं। आप चाहे तो यहां पर कार से भी आ सकते हैं। कार से आने के लिए यहाँ पर रोड है। वैसे सीढ़ियां चढ़ने में बहुत ज्यादा रोमांचक लगता है। सीढ़ियों में जगह जगह पर आपके रुकने के लिए और बैठने के लिए चेयर बनाई गई है और यहां पर आपको पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। आपको सीढ़ियों चढ़ने में करीब आधा घंटा लग सकता है। आप यहां पर मुख्य गेट पर पहुंचते है, तो यहां पर बहुत भीड़ रहती है। लोग लाइन लगाकर मंदिर के अंदर जाते हैं। मंदिर में सामने आपको दो शेर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा मुख्य मंदिर के प्रवेश द्वार के आजू.बाजू स्थित है। कहा जाता है कि यह प्रतिमा बहुत प्राचीन है। यहां पर आपको मंदिर के सामने एक पेड़ देखने के लिए मिलता है। उसके नीचे  शिवलिंग विराजमान है। आप लाइन लगाते हुए अंदर जाते हैं।  आपको यहां पर मां शारदा जी के दर्शन करने मिलते हैं। यहां पर आपके पास जो प्रसाद बचा हुआ है। वहां आप पंडित जी को देते हैं और पंडित जी से प्रसाद लेकर आप आगे बढ़ते हैं। यहां पर मंदिर के पीछे की तरफ आते हैं, तो आपको पीछे की तरफ एक बड़ा सा आंगन देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप  कुछ समय के लिए शांति से बैठ सकते हैं। यहां पर आप फोटो भी खिंचा सकते हैं। यहां पर और भी छोटे-छोटे मंदिर हैं, जहां पर आप प्रसाद वगैरह चढ़ा सकते हैं। यहां पर आपको फोटोग्राफर भी मिलता है, जो आपकी फोटो क्लिक करता है और तुरंत ही आपको फोटो निकाल कर दे देता है। मंदिर के पीछे के आंगन में चारों तरफ ग्रिल लगी हुई है और आप ग्रिल से चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम रहता है। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं तो चारों तरफ हरियाली रहती है और बहुत ही लुभावना लगता है। अगर आप बरसात में आएंगे तो आपको ऐसा लगेगा कि जैसे आप बादलों के बीच में खड़े हैं। यहां पर सभी तरह की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर बाथरूम वगैरह भी उपलब्ध है। अगर आप अपने साथ खाना वगैरह लाते हैं, तो यहां पर बैठ कर खा सकते हैं। मगर गंदगी यहां पर ना करें। यहां पर डस्टबिन दिए हुए हैं, जो भी कचरा होता है। आप डस्टबिन में डालें। 

मंदिर के पीछे तरफ नीचे जाने के लिए सीढ़ियां दी गई है। आप मंदिर में घूम कर नीचे जा सकते हैं। अगर आप अपने साथ खाना नहीं लाए हैं, तो यहां पर मंदिर ट्रस्ट के द्वारा खाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें आप मंदिर के नीचे आते हैं, तो यहां पर 10 या ₹20 में बहुत अच्छा खाने की व्यवस्था है। अन्नपूर्णा ट्रस्ट के नाम से यह जगह है। आप यहां पर आकर खाना खा सकते हैं। आप मैहर के शारदा माता के मंदिर में अपने परिवार और दोस्तों के साथ जा सकते हैं और मां शारदा जी के दर्शन कर सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और यहां कर बहुत अच्छा लगता है। 

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar tourist place


मैहर में और भी जगह है। जहां आप घूम सकते हैं। यहां पर बड़ा अखाड़ा, आल्हा ऊदल का अखाड़ा, आल्हा ऊदल तालाब, नीलकंठेश्वर धाम या राधा कृष्ण मंदिर, गोला मठ मंदिर, पन्नी जलप्रपात में आप घूम सकते हैं। 



नरसिंहपुर पर्यटन स्थल - Narsinghpur tourist place | Narsinghpur tourism

नरसिंहपुर के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Narsinghpur | Tourist places near Narsinghpur | Narsinghpur District


नरसिंहपुर में घूमने की जगह

बरमान घाट नरसिंहपुर - Barman ghat narsinghpur

बरमान घाट नरसिंहपुर जिले का एक प्रसिद्ध जगह है। बरमान घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक बहुत ही खूबसूरत घाट है। यह एक पवित्र स्थल हैं। साल भर लाखों लोग नर्मदा में स्नान करने आते हैं। इस जगह पर नर्मदा नदी सात धाराओं में बहती है। यहां पर आपको बहुत सारे प्रसिद्ध मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली, रानी दुर्गावती का मंदिर और भगवान विष्णु का वराह अवतार की प्रतिमा देख सकते हैं। यहां पर मकर संक्रांति और नर्मदा जयंती के समय बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग आते हैं। बरमान घाट नरसिंहपुर में बरमान नगर में स्थित है। यहां पर आप गाड़ी से आ सकते हैं। यह घाट सागर नरसिंहपुर हाईवे रोड पर स्थित है। बरमान घाट का नजदीकी रेलवे स्टेशन  करेली है। आप यहां पर ट्रेन के माध्यम से भी आ सकते हैं। यहां पर दोस्त और परिवार के साथ जा सकता है। बरमान घाट के दूसरी तरफ जाने के लिए नर्मदा नदी में पुल बनाया गया है। इस पुल से आप बरमान घाट के दूसरी तरफ जाकर नर्मदा जी के मंदिर घूम सकते हैं। इस्कॉन मंदिर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

सूरजकुंड बरमान घाट नरसिंहपुर - Suraj Kund Barman ghat Narsinghpur

सूरजकुंड नरसिंहपुर में बरमान घाट के पास स्थित एक प्रसिद्ध  कुंड है। यह एक पवित्र कुंड है और जो भी यहां पर आता है। वह इस कुंड में डुबकी जरुर लगाता है। यह कुंड नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

सतधारा बरमान घाट नरसिंहपुर - Satdhara Barman Ghat Narsinghpur

सतधारा नरसिंहपुर में बरमान घाट के पास स्थित एक प्रसिद्ध स्थान है। इस जगह पर आपको नर्मदा नदी सात धाराओं में विभक्त देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको नर्मदा नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर नर्मदा नदी पर एक पुराना पुल भी बना है, जो आप देख सकते हैं। उसके बाजू में ही नया पुल बना हुआ है। 

दीपेश्वर मंदिर बरमान घाट नरसिंहपुर - Deepeshwar Temple Barman Ghat Narsinghpur

दीपेश्वर मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक धार्मिक जगह है। इस  जगह का ऐतिहासिक महत्व है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। दीपेश्वर मंदिर बरमान घाट के पास स्थित है। यह  मंदिर नर्मदा नदी पर एक टापू पर स्थित है। कहा जाता है कि  बरमान घाट को ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली के रूप में जाना जाता है। ब्रह्मा जी ने यहां पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की थी और शिवलिंग की स्थापना की थी। यह शिवलिंग बहुत प्राचीन है। यहां पर बहुत सारे लोग सूरज कुंड में स्नान करके शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए सूरजकुंड से जल लेकर आते हैं और अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु प्रार्थना करते हैं। 

रानीदहारा शिव पार्वती मंदिर नरसिंहपुर - Ranidahara Shiva Parvati Temple Narsinghpur

रानीदहारा नरसिंहपुर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यह जगह पहाड़ों के बीच में स्थित है। आजू बाजू पहाड़ों का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर आपको एक नदी देखने के लिए मिलती है। नदी के किनारे मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर शिव और पार्वती माता जी को समर्पित है। यहां पर आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। प्रकृति के बीच आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नदी का पानी साफ और स्वच्छ है। रानीदहारा नरसिंहपुर के गाडरवारा के पास स्थित है। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह पिकनिक के लिए बहुत अच्छी जगह है। 

चौरागढ़ का किला नरसिंहपुर - Chauragarh Fort Narsinghpur

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चौगान का किला नरसिंहपुर - Chaugan Fort Narsinghpur

चैरागढ़ का किला नरसिंहपुर के गाडरवारा के पास में स्थित है। चैरागढ़ का किला एक ऐतिहासिक किला है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में है। चैरागढ़ किले को चैगान का किला भी कहा जाता है। चौरागढ़ का किला सतपुड़ा की पहाड़ियों पर बना हुआ है। यह  किला पत्थर और चूने पत्थर से निर्मित है। किले के पास में एक तालाब बना हुआ हैए जिसे रेवा कुंड कहा जाता है। यह कुंड खूबसूरत है। यहां पर आपको एक मंदिर भी देखने के लिए मिलता हैए जो प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नरसिंह भगवान को समर्पित है। आप यहां पर आ कर प्राकृतिक दृश्य का मजा ले सकते हैं। इस जगह में आप अपने दोस्तों और फैमिली वालों के साथ आकर बहुत मजे कर सकते हैं। यह अच्छा पिकनिक स्पॉट है। चौरागढ़ किले का निर्माण गोंड शासक संग्राम शाह ने 15 वीं शताब्दी में कराया था। यह किला गाडरवारा रेलवे स्टेशन से लगभग 19 किलोमीटर दूर है। आपको यहां से पहाड़ों का दृश्य देखने के लिए मिलेगाए जो बहुत ही अद्भुत रहता है। 

मिनी धुआँधार वॉटरफॉल नरसिंहपुर - Mini Dhuandhar Waterfall Narsinghpur

मिनी धुआंधार जलप्रपात नरसिंहपुर में स्थित एक बहुत ही अच्छी जगह है। यह नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। आप यहां पर पिकनिक मनाने आ सकते हैं। यहां पर किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं रहती है। यह जलप्रपात ज्यादा बड़ा नहीं है, मगर अच्छा लगता है। धुआंधार में आपको संगमरमर की चट्टानें देखने मिलती है, मगर यहां पर आपको काली चट्टानें देखने मिलेगी। इसलिए इस जलप्रपात को मिनी धुआंधार जलप्रपात कहा जाता है। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। मिनी धुआंधार जलप्रपात नरसिंहपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। आप यहां गाड़ी से जा सकते हैं। 

गोंड राज महल नरसिंहपुर या पठेहरा किला नरसिंहपुर - Gond Raj Mahal Narsinghpur or Pathehra Fort Narsinghpur

पठेहरा किला नरसिंहपुर जिले का एक प्राचीन स्थल है। यह एक प्राचीन किला है, जो नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। यह किला अब खंडहर अवस्था में मौजूद है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। इस महल का निर्माण गोंड शासक राजा बलवंत सिंह ने 16वीं या 17 वी सदी ईसवी में कराया था। यह महल 3 मंजिल रहा होगा। अब यह मलबे में तब्दील हो गया है। इस महल का निर्माण में ईट एवं अनगढ़ पत्थरों के मिश्रण से हुआ है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

प्राचीन गरुण मंदिर नरसिंहपुर - Ancient Garun Temple Narsinghpur

प्राचीन गरुण मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर गरुण भगवान जी को समर्पित है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह बरसात के समय और भी खूबसूरत लगती है, चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। नर्मदा नदी का नजारा बहुत ही खूबसूरत रहता है। इस मंदिर में आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह मंदिर नरसिंहपुर के गररु गांव के पास स्थित है। इस मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में किया गया था। यह मंदिर गोंड राजा बलवंत सिंह द्वारा बनाया गया था। यह मंदिर पंचायतन शैली में निर्मित किया गया है। गर्भ ग्रह के चारों ओर परिक्रमा पथ बना हुआ है। 

हाथीनाला झरना नरसिंहपुर - Hathinala Waterfall Narsinghpur

हाथीनाला जलप्रपात नरसिंहपुर का एक प्राकृतिक जलप्रपात है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यह जलप्रपात 5 स्तरों में नीचे गिरता है, जो बहुत ही लुभावना होता है। आपको यह जलप्रपात बहुत पसंद आएगा। यह जलप्रपात हाईवे रोड से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप ग्रुप के साथ आएंगे, तो अच्छा होगा, क्योंकि यह जगह सुनसान रहती है। यहां पर आप अच्छा समय बिता सकती हैं। यह जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यह बिल्लाधा गाँव से 1 किमी की दूरी पर है। यहां पर किसी भी तरह की कोई भी दुकान उपलब्ध नहीं है। अगर आप यहां पर आते हैंए तो खाने पीने का सामान लेकर आए और यहां पर आकर आप मजे कर सकते हैं। 

जबरेश्वर महादेव मंदिर नरसिंहपुर - Jabreshwar Mahadev Temple Narsinghpur

जबरेश्वर महादेव मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिध्द मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। मंदिर में एक शिवलिंग स्थापित है। शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि यह शिवलिंग हर साल बढ़ता है। यह शिवलिंग करीब 1 मीटर ऊंचा है। इस शिवलिंग की मोटाई इतनी है कि आप दोनों हाथों से भी इस शिवलिंग को पकड़ नहीं सकते है। आप यहां पर आकर नर्मदा नदी का बहुत ही मनोरम दृश्य देख सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी में स्नान कर सकते हैं। 

झोतेस्वर मंदिर नरसिंहपुर या राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर नरसिंहपुर - Jhoteswar Temple Narsinghpur or Rajrajeshwari Tripur Sundari Temple Narsinghpur

झोतेश्वर मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर के गोटेगांव के पास स्थित है। यह मंदिर गोटेगांव से करीब 10 किलोमीटर दूर होगा। आप इस मंदिर तक अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आपको भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर में माता राजराजेश्वरी की प्रतिमा विराजमान है। मंदिर की छत पर बहुत ही खूबसूरत कमल की नक्काशी की गई है, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगती हैं। यह मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है और मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप इस मंदिर में जाकर शांति के साथ बैठ सकते हैं और अपना समय बिता सकते हैं। मंदिर में आप जब भी जाते हैं, तो 12:00 बजे से पहले जाएंगे, तो आपको माता के दर्शन करने मिल जाते हैं। 12:00 बजे के बाद मंदिर के द्वार बंद कर दिए जाते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह बहुत ही अच्छी है। माता राज राजेश्वरी मंदिर के आजू.बाजू भी बहुत सारे मंदिर हैंए जिन्हें आप देख सकते हैं। 

हनुमान टेकरी झोतेश्वर - Hanuman Tekri Jhoteshwar

हनुमान टेकरी झोतेश्वर में पहाड़ी के ऊपर स्थित एक मंदिर है।  आपको इस मंदिर तक जाने के लिए सड़क मिलती है। इस मंदिर में हनुमान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर के आसपास आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर पीने के पानी के लिए हेडफोन लगा हुआ है।  आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

विचार शिला झोतेश्वर - Vichar Shila jyoteshwar

विचार शिला झोतेश्वर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत धार्मिक स्थल है। यहां पर एक शिला है, जिसे विचार शीला के नाम से जाना जाता है। यहां पर खूबसूरत गार्डन भी बना हुआ है। इस गार्डन में रंग बिरंगे फूल लगे हुए हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। 

राधा कृष्ण मंदिर झोतेश्वर - Radha Krishna Temple Jhoteshwar

राधा कृष्ण मंदिर झोतेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत है और मंदिर में राधा कृष्ण जी की मूर्ति विराजमान है, जो देखने में बहुत ही भव्य लगती हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा।

लक्ष्मीनारायण मंदिर झोतेश्वर - Laxminarayan Temple Jhoteshwar

झोतेश्वर मंदिर के पास में ही लक्ष्मी नारायण मंदिर है। यह छोटा सा मंदिर है, मगर खूबसूरत मंदिर है। आपको यहां पर श्री कृष्ण जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

श्री श्री बाबा जी धाम और श्री सत्य सरोवर नरसिंहपुर - Sri Sri Baba Ji Dham and Shri Satya Sarovar Narsinghpur

श्री श्री बाबा जी धाम झोतेश्वर जाने वाले के रास्ते में पड़ता है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। इस मंदिर में बहुत बड़ा तालाब है। तालाब में आपको मछलियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर मछलियों को खाने के लिए दाना भी आप खरीद सकते हैं। इस तालाब के बीच में एक मंदिर बना हुआ है। इस तालाब के बीच में हम जा सकते हैं और आप मछलियों को दाना डाल सकते हैं और आपको अच्छा लगेगा। तालाब के किनारे यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर आपको श्री कृष्ण भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है और गार्डन में आपको शंकर जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको अच्छा लगेगा। यहां पर आप अपने  फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

टोनघाट नरसिंहपुर - Ton ghat Narsinghpur

टोन घाट नरसिंहपुर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। टोन घाट नरसिंहपुर के बेलखेड़ी में स्थित है। आप यहां पर आकर प्रकृति के नजारे देख सकते हैं। यहां घाट शेर नदी पर स्थित है। टोन घाट को छोटा धुआंधार भी कहा जाता है। यहां पर छोटा सा झरना है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर आप को  चट्टानों से बहता हुआ झरना देखने मिलता हैं, जो बहुत ही आकर्षक है। 

श्री दादा दरबार या दादा दूल्हा देव महाराज मंदिर नरसिंहपुर - Shri Dada Darbar or Dada Dulha Dev Maharaj Temple Narsinghpur

श्री दादा दरबार मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर हाईवे रोड में स्थित है। यह एक पवित्र है। इस मंदिर को दादा महाराज या दूल्हा देव के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर हाईवे रोड पर स्थित है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। मंदिर परिसर बहुत खूबसूरत है और साफ सुथरा है। यह मंदिर नरसिंहपुर से 7 किमी की दूरी पर स्थित है। परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छा स्थान है।

घोघरनाथ जल प्रपात नरसिंहपुर - Ghogarnath waterfall Narsinghpur

घोघरनाथ जलप्रपात नरसिंहपुर जिले के पास स्थित एक बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात हैं। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आप अपनी बाइक से आ सकते हैं। यह एक बरसाती जलप्रपात है। बरसात के समय आपको यह जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। गर्मी के समय यह जलप्रपात में पानी सूख जाता है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं।

डमरू घाटी नरसिंहपुर - Damru ghati Narsinghpur

डमरू घाटी नरसिंहपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। डमरू घाटी एक प्रसिद्ध मंदिर है और एक पवित्र जगह है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आपको एक विशाल शिवलिंग एवं शिव मूर्ति देखने के लिए मिलती है। शिवलिंग का ऊंचाई करीब 19 फीट है। यह मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा शिवलिंग है। आपको हाईवे रोड से ही भगवान शिव की प्रतिमा देखने मिल जाएगी। यहां पर शिव भगवान जी की मूर्ति योग अवस्था में विराजमान है। यहां पर हनुमान जी की विशाल मूर्ति भी विराजमान है, जो खड़ी हुई अवस्था में है। आपको यहां पर नंदी भगवान जी की भी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो शिव भगवान जी के सामने स्थित है। यहां पर आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बहुत अच्छी जगह है। मंदिर के बाहर बहुत सारी दुकानें हैं, जहां से आप प्रसाद ले सकते हैं।  मंदिर के बाहर आपको चाय नाश्ते की दुकान भी मिल जाती है। यहां पर पार्किंग की अच्छी व्यवस्था है और पार्किंग का चार्ज लिया जाता है। यहां पर एक छोटा सा तालाब भी है। डमरू घाटी नरसिंहपुर में गाडरवारा के पास शक्कर नदी के पास स्थित है।  आप यहां पर अपनी गाड़ी से आराम से आ सकते हैं या किराए के वाहन से भी यहां पर पहुंच सकते हैं। 

नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर - Narsingh Temple Narsinghpur

नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर का प्रसिद्ध मंदिर है। नरसिंह मंदिर के नाम पर ही इस शहर को नरसिंहपुर कहा जाता है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यह करीब 600 वर्ष पुराना है। मंदिर में आपको नरसिंह भगवान जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में मूर्ति की स्थापना इस प्रकार की गई है, कि आप मूर्ति को मंदिर के अंदर से देखे या मंदिर के किसी भी कोने से देखे या फिर आप मंदिर के बाहर रोड के उस पार से मूर्ति को देखे। मूर्ति आपको एक जैसी ही दिखाई देती है। इस मंदिर में एक भूमिगत सुरंग है, जो यहां के राजा के राजमहल तक जाती है। आप आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। बहुत अच्छी जगह है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आकर घूम सकते हैं। नरसिंह जयंती के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत ज्यादा संख्या में लोग यहां पर आते हैं। नरसिंह मंदिर के पास ही नरसिंह तालाब स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। नरसिंह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर शहर में ही स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। 

राम मंदिर नरसिंहपुर - Ram Temple Narsinghpur

राम मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको श्री राम जी, माता सीता जी और लक्ष्मण जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर में स्थित है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर में बहुत ही सुंदर सजावट की गई है। मंदिर की छत को झूमर से सजाया गया हैए जो आपको बहुत ही अच्छा लगेगा। यह मंदिर नरसिंहपुर शहर के बीचोबीच स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

सदर मढ़िया नरसिंहपुर - Sadar Madhiya Narsinghpur

सदर मढ़िया नरसिंहपुर शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर दुर्गा जी को समर्पित है। इस मंदिर को सदर मड़िया के नाम से जाना जाता है। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। यह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर शहर में स्थित है। आप इस मंदिर में आकर शांति का अनुभव कर सकते हैं। इस मंदिर में आकर आप दुर्गा जी के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर परिसर में अन्य मंदिर भी हैं। यहां पर आप शारदा माता के दर्शन कर सकते हैं। भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह एक अच्छी जगह है। 

गौरीशंकर दुबे पार्क नरसिंहपुर (Gaurishankar Dubey Park Narsinghpur)
माँ नर्मदा मंदिर बरमान नरसिंहपुर (Maa Narmada Temple Barman Narsinghpur)
घोघरा झरना नरसिंहपुर (Ghoghara waterfall Narsinghpur)
काकारा घाट नरसिंहपुर (Kakara Ghat Narsinghpur)
गणेश मंदिर नरसिंहपुर (Ganesh Temple Narsinghpur)
सिध्देश्वर दुर्गा मंदिर नरसिंहपुर (Sidheshwar Durga Temple Narsinghpur)



छिंदवाड़ा पर्यटन स्थल - Chhindwara tourist place | Chhindwara picnic spot

छिंदवाड़ा दर्शनीय स्थल - Places to visit in Chhindwara | Chhindwara places to visit | Chhindwara City

छिंदवाड़ा मे घुमने की जगहें

बादल भोई जनजातीय संग्रहालय - Badal bhoi tribal museum

श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय छिंदवाड़ा का एक दर्शनीय स्थल है। यह संग्रहालय 10 एकड़ की भूमि पर फैला हुआ है। यह भवन 1923 में बना था। सन 1954 के पहले यह संग्रहालय में रिसर्च अधिकारियों का प्रशिक्षण केंद्र था। इसके बाद 26 अप्रैल 1954 को इस भवन को जनजातीय संग्रहालय में बदल दिया गया। इस संग्रहालय का संचालन आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान मध्यप्रदेश के द्वारा किया जाता है। 8 सितंबर 1997 को इस संग्रहालय का नाम परिवर्तित कर श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय कर दिया गया। यहां पर आप को  मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत विभिन्न जनजातियों की जीवन शैली और सांस्कृतिक धरोहर, प्रतीक, चिन्ह को दिखाया गया है। संग्रहालय में 17 कक्ष एवं 6 गैलरी है। संग्रहालय में प्रवेश शुल्क 10 रू प्रति व्यक्ति लिया जाता है। यह संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। 

माचागोरा बांध छिंदवाड़ा - Machagora dam chhindwara

माचागोरा बांध छिंदवाड़ा जिले का एक दर्शनीय स्थल है। यह बांध छिंदवाड़ा जिले से करीब ३५ किलोमीटर दूर होगा। माचागोरा बांध पेंच नदी पर बना हुआ है। यह बांध बरसात के समय पानी से भर जाता है और ओवरफ्लो होता है, जिससे बांध के गेट खोले जाते हैं। माचागोरा बांध बरसात के समय बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है। बरसात के समय इस बांध का पानी ओवरफ्लो होने लगता है, जिससे इस बांध के गेट खोले जाते हैं और जो यहां का नजारा रहता है। वह बहुत ही शानदार रहता है। इस दृश्य को देखने के लिए बहुत सारे लोग यहां पर आते हैं। माचागोरा बांध में आठ गेट है। आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह छिंदवाड़ा जिले के चैरई नाम के गांव के पास स्थित है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और प्रकृति का मनोरम दृश्य देखने मिलेगा। 

छोटा महादेव मन्दिर  छिंदवाड़ा - Chota Mahadev Temple Chhindwara

छोटा महादेव मंदिर छिंदवाड़ा के पास स्थित एक दर्शनीय जगह है। यह एक सुंदर जगह है। छोटा महादेव मंदिर भगवान शंकर जी को समर्पित है। यह मंदिर पेंच नदी के किनारे पर बना हुआ है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते है। आपको यहां पर ऊंचे पहाड़, गहरी घाटियां, घने जंगल देखने के लिए मिलते हैं। छोटा महादेव मंदिर आने का सबसे अच्छा समय महाशिवरात्रि और सावन सोमवार होता है, क्योंकि उस समय यहां पर बहुत ज्यादा संख्या में लोग आते हैं। भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आपको यहां पर एक खूबसूरत झरना भी देखने के लिए मिलता है, जो बरसात के समय यहां पर बहता है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह प्रकृति के बीच में स्थित है। छोटा महादेव मंदिर छिंदवाड़ा जिले के जमुनिया गांव के पास स्थित है। 

पातालेश्वर शिव मंदिर छिंदवाड़ा - Pataleshwar shiva temple chhindwara

पातालेश्वर शिव मंदिर छिंदवाड़ा में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको शिव भगवान जी की एक भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिवलिंग विराजमान है। यहां पर स्थित शिवलिंग स्वयंभू है अर्थात इस शिवलिंग को किसी ने स्थापित नहीं किया है। यह धरती से स्वयं उत्पन्न हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। पातालेश्वर शिव मंदिर के परिसर में और भी छोटे-छोटे मंदिर हैं, जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। यह मंदिर छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर पैदल भी आ सकते हैं। पातालेश्वर मंदिर में सावन सोमवार में और महाशिवरात्रि में बहुत बड़ा मेले का आयोजन होता है, जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग मेले में शामिल होते हैं। आप भी यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 

भर्तादेव पार्क छिंदवाड़ा - Bhartdev park chhindwara

भरता देव पार्क छिंदवाड़ा में स्थित एक सुंदर पार्क है। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारी चट्टाने देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर एक बड़ी सी चट्टान है, जिसमें पेंट किया गया है, जो बहुत खूबसूरत दिखती है। यह जगह कुलबेरा नदी के किनारे स्थित है। बरसात के समय यहां का दृश्य और भी मनोरम होता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह शूटिंग के लिए बहुत अच्छी है और यहां पर आप डॉक्यूमेंट्री शूट कर सकते हैं। यह जगह फोटोजेनिक भी है। आप यहां पर अपना फोटो शूट भी करवा सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहाँ पार्क छिंदवाड़ा वन मंडल के द्वारा संचालित किया जाता है। भरता देव पार्क मुख्य छिंदवाड़ा शहर में ही स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से आ सकते हैं। भरता देव पार्क में एक मानव निर्मित झील भी है, जो बहुत अच्छी लगती है। आप यहां पर आकर शांति से बैठ सकते हैं। 

एकता पार्क छिंदवाड़ा - Ekta park chhindwara

एकता पार्क को शिवाजी पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यह पार्क छिंदवाड़ा शहर में स्थित एक खूबसूरत जगह है। एकता पार्क मुख्य छिंदवाड़ा शहर में ही स्थित है। आप इस पार्क में आसानी से आ सकते हैं। इस पार्क में आपको बहुत सारे झूले मिलते हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आते हैं। यहां पर फाउंटेन भी है, जो बहुत अच्छा लगता है। आपको यहां पर टॉय ट्रेन भी देखने के लिए मिलती है। इस ट्रेन में आप सवारी का मजा ले सकते हैं। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए अच्छा है। 

अमर जवान स्मृति छिंदवाड़ा - Amar jawan smriti chhindwara

अमर जवान स्मृति छिंदवाड़ा में बना हुआ एक शहीद स्थल है। यहां पर जो भी जवानों ने देश के लिए कुरबानी हुए हैं। यह स्थल उनके लिए बनाया गया है और यह मेन रोड पर स्थित है। यहां पर आकर आप जवानों की शहीदी को याद कर सकते हैं। 

दीन दयाल पार्क छिंदवाड़ा - Deen dayal park chhindwara

पंडित दीनदयाल पार्क छिंदवाड़ा शहर के मध्य में स्थित एक सुंदर पार्क है। इस पार्क में आप जोगिंग के लिए और वाकिंग के लिए जा सकते हैं। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और शहर के मध्य में स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं और यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यह पार्क नगर निगम द्वारा संचालित किया जाता है। 

सुभाष पार्क छोटा तालाब छिंदवाड़ा - Subhash Park chhindwara or chota talab chhindwara

सुभाष पार्क छिंदवाड़ा में स्थित एक अनोखा पार्क है। यहां पार्क  तालाब के बीच में स्थित है। इस तालाब को छोटे तालाब के नाम से जाना जाता है। इस पार्क में सुभाष चंद्र जी की एक मूर्ति लगी हुई है। इस पार्क का नजारा और तालाब का नजारा बहुत ही मनोरम रहता है। तालाब में मछलियां पाली जाती है। यहां पर मछलियों का व्यवसाय भी किया जाता है। आपको इस पार्क में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह पार्क खूबसूरत है और हरियाली से भरा रहता है। तालाब में फव्वारे लगे हुए हैं, जो बहुत खूबसूरत लगते हैं। गार्डन में बैठने की व्यवस्था है। आप यहां पर बैठकर नजारे का आनंद ले सकते हैं। 

कालीबाड़ी धर्म टेकरी छिंदवाड़ा - Kalibari Dharma Tekri Chhindwara

कालीबाड़ी छिंदवाड़ा में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर काली माता का एक बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है, जिसे धर्म टेकरी के नाम से जाना जाता है। आप यहां पर आकर काली जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर साईं बाबा जी की मूर्ति भी विराजमान है। इस मंदिर में  आकर आपको अच्छा लगेगा। यह मंदिर खूबसूरत है। 

हिंगलाज माता मंदिर छिंदवाड़ा - Hinglaj mata mandir chhindwara

हिंगलाज माता मंदिर छिंदवाड़ा में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हिंगलाज देवी विराजमान है। हिंगलाज मंदिर भारत का  इकलौता मंदिर है, जो मध्यप्रदेश के  छिंदवाड़ा में स्थित है।  हिंगलाज देवी जी का एक मंदिर पाकिस्तान में स्थित है। वह एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। बंटवारे के दौरान वह मंदिर पाकिस्तान के हिस्से में चला गया है। छिंदवाड़ा का यह मंदिर भी प्राचीन है और इस मंदिर को लेकर भी कहानी प्रचलित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और बहुत ही भव्य है। आप यहां पर आकर मंदिर की खूबसूरती देख सकते हैं। यह मंदिर हिंगलाज देवी को समर्पित है। मंदिर के पास खूबसूरत गार्डन बना हुआ है। और यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 

हनुमान मंदिर सिमरिया छिंदवाड़ा - Hanuman temple simaria chhindwara

सिमरिया हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इस मंदिर में आपको हनुमान जी की 101 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो खड़ी हुई अवस्था में है। यह मंदिर मेन हाईवे रोड में ही स्थित है। यह मंदिर जबलपुर नागपुर हाईवे रोड में स्थित है। आप इस मंदिर में आसानी से आ सकते हैं। मंदिर के सामने एक बड़ा सा गार्डन बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। मंदिर के बाहर आपको प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिल जाती है, जहां से आप हनुमान जी को चढ़ाने के लिए प्रसाद वगैरह ले सकते हैं। आपको यहां पर आकर सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। सिमरिया हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप यहां पर बच्चों को लेकर भी आ सकते हैं। बच्चे यहां पर पार्क में एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर कुछ कैफे  भी स्थित हैं, जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकते हैं। 

देवगढ़ किला छिंदवाड़ा - Devgarh ka kila chhindwara

देवगढ़ का किला छिंदवाड़ा में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। आपको यहां पर एक किला देखने के लिए मिलता है, जो अब पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया है। देवगढ़ का किला छिंदवाड़ा से करीब 44 किलोमीटर दूर होगा। आप इस किले में अपने वाहन से आ सकते हैं। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। पहाड़ी से चारों ओर का दृश्य बहुत ही अद्भुत दिखाई देता है। यहां पर आप काली जी का मंदिर भी देख सकते हैं, जो यहां के राजा की कुलदेवी थी। इस किले में आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। इस किले में पहुंचने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी पड़ती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। देवगढ़ के किले में आपको एक मस्जिद भी देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यहां पर गोंड राजाओं का राज हुआ करता था। उसके बाद यहां पर मुस्लिम शासकों का राज हो गया। देवगढ़ का किला सोलहवीं शताब्दी में गोंड राजाओं के द्वारा निर्मित किया गया था। गोंड मध्यप्रदेश में रहने वाली जनजाति है। यह किला समुद्र सतह से लगभग 650 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। किले की इमारतें इस्लामिक शैली से निर्मित की गई है। देवगढ़ किले में देखने के लिए मोती टांका, हाथी खाना, नक्कर खाना, कचहरी, राजा की बैठक, खजाना तथा बादल महल आदि दर्शनीय स्थल है।    

जुन्नारदेव विशाला पहली पारी - Junnardeo (Junnardeo temple) Pahli paari

पहली पारी जुन्नारदेव में स्थित एक प्राचीन और धार्मिक स्थल है। यह स्थल शिव भगवान जी को समर्पित है। पहली पारी छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में स्थित है। जुन्नारदेव के विशाला गांव में आपको पहली पारी मंदिर देखने के लिए मिलता है। जुन्नारदेव में आप रेलवे स्टेशन से पहुंच सकते हैं। पहली पारी में भगवान भोले के दर्शन करने के लिए महाशिवरात्रि के समय लाखों लोग आते हैं। जुन्नारदेव विशाला को महादेव यात्रा की पहली सीढ़ी कहा जाता है। यह मंदिर चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण व पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां पर एक प्राकृतिक कुंड है। यहां पर आपको एक शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। शिवलिंग के ऊपर साल के 24 घंटे 365 दिन जल अभिषेक होता रहता है। कहा जाता है कि इस जल से स्नान करने से शरीर रोगमुक्त होता है। कहा जाता है कि भगवान शिव भस्मासुर नामक राक्षस से बचने के लिए यही से पहाड़ों के बीच रास्ता बनाते हुए चौरागढ़ महादेव पर्वत तक गए थे। इस दौरान भगवान शिव के प्रथम चरण यहां पढ़ने के कारण यह स्थान पहली पायरी कहलाया।

पातालकोट छिंदवाड़ा - Patalkot chhindwara

पातालकोट छिंदवाड़ा में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यह जगह ऊंची ऊंची पहाड़ियों,  घाटियों और घने जंगलो से घिरा हुआ है। आपको यहां पर खूबसूरत घटियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर बहुत सारे व्यूप्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप सतपुड़ा की वादियों का बहुत ही मनोरम दृश्य देख सकते हैं। पातालकोट छिंदवाड़ा के तामिया में स्थित है। पातालकोट का आकार घोड़े की नाल के सामान है।  पातालकोट 87 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। पातालकोट में आपके ट्रैकिंग और कैंपिंग की व्यवस्था मौजूद है। इसके अलावा भी यहां पर बहुत सारे एडवेंचर स्पोर्ट्स किए जाते हैं। अगर आप बरसात के समय यहां पर आते हैं, तो यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। पातालकोट की घाटियों में 12 गांव बसे हैं, जहां पर आदिवासी जनजाति निवास करती है। यह जनजाति पूरी तरह से आत्मनिर्भर है। 

श्री हनुमान मंदिर, जाम सावली छिंदवाड़ा - Jamsavli mandir chhindwara

श्री हनुमान मंदिर जाम सांवली छिंदवाड़ा जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको हनुमान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो लेटी हुई अवस्था में है। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है और यहां पर बहुत सारे लोग हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर जबलपुर नागपुर हाईवे के बहुत करीब है। जाम सांवली हनुमान मंदिर को चमत्कारी हनुमान मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है। यहां पर आपको सुंदर घाटियां और नदी भी देखने के लिए मिलती है। मंदिर में सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध है।

घोघरा जलप्रपात छिंदवाड़ा - Ghogra waterfall 

घोघरा जलप्रपात छिंदवाड़ा में स्थित एक झरना है। यह झरना जाम सवाली मंदिर के बहुत करीब है। आप जब भी जाम सवाली हनुमान मंदिर घूमने के लिए आते हैं, तो इस झरने में भी आ सकते हैं। यह झरना बरसात के समय आपको देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय झरना पानी से भर जाता है। ठंड के समय भी इस झरने में पानी रहता है। गर्मी के समय में झरने में पानी नहीं रहता है। यह झरना खूबसूरत लगता है। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह झरना जाम सवाली हनुमान मंदिर से करीब ढाई किलोमीटर दूर होगा। यह एक अच्छा पिकनिक स्थल है। यहाँ झरना जबलपुर नागपुर हाईवे रोड के बहुत करीब है। 

कुकड़ी खापा जलप्रपात - Kukdi Khapa Waterfall chhindwara

कुकड़ी खापा जलप्रपात छिंदवाड़ा में स्थित एक झरना है। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह झरना छिंदवाड़ा से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस झरने तक जाने के लिए आप अपने दोपहिया और चार पहिया वाहन से जा सकते हैं। यह झरना नागपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर है। यह पिकनिक मनाने के लिए बहुत अच्छी जगह है। आप यहां पर दोस्तों और फैमिली के साथ आ सकते हैं। यहां पर पहाड़ों से बहता हुआ पानी बहुत ही खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है। चारों तरफ हरियाली रहती है और झरने में पानी भी रहता है। गर्मी में पानी नहीं रहता है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। 



प्रियदर्शिनी पार्क छिंदवाड़ा (Priyadarshini park chhindwara)
भगवान श्री परशुराम वाटिका छिंदवाड़ा (Lord shri parshuram vatika chhindwara)
अनगढ़ हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा (Anagarh hanuman temple chhindwara)
कन्हरगांव बांध छिंदवाड़ा (Kanhargaon dam chhindwara)
अर्धनारीश्वर महादेव मंदिर मोहगांव छिंदवाड़ा (Ardhanarishwar mahadev temple mohgaon chhindwara)
वाघ्यानाला बांध छिंदवाड़ा (Vaghyanala reservoir chhindwara)
जामलापानी बांध छिंदवाड़ा (Jamlapani dam chhindwara )