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मई, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अतिबला का पौधा (Atibala plant) के औषधि गुण के बारे में जानकारी

  अतिबला का पेड़ की जानकारी एवं अतिबला के फायदे Atibala tree information and benefits of Atibala अतिबला पौधे का वनस्पतिक नाम - एबूटिलॉन इंडिकॉम अतिबला पौधे का अंग्रेजी नाम - इंडियन मेलो   अतिबला पौधा का कुल - मालवेसी  अतिबला का पौधा भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य पौधा है। अतिबला जड़ी-बूटी के रूप में प्रयोग किया जाता है। अतिबला का पौधा भारत में हर जगह पाया जाता है। अतिबला के पौधे को खरैटी के पौधे के नाम से भी जाना जाता है। अतिबला का पौधा बहुत सारे रोगों का उपचार करता है। यह पौधा औषधि रूप से महत्वपूर्ण है। अतिबाला के पौधा झाड़ीनुमा होता है। यह पौधा जंगलों में, सड़कों के किनारे आराम से देखने के लिए मिल जाता है। अतिबाला के पूरे पौधे में रोए पाए जाते हैं। इसके रोए सफेद और कोमल होते हैं। अतिबला बहुत सारे रोगों के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। अतिबला पौधे को बहुत सारे नामों से जाना जाता है।  अतिबला के बीज बहुत ही उपयोगी रहते हैं। अतिबला के बीजों का प्रयोग स्त्री और पुरुष दोनों ही कर सकते हैं। इसके बीजों से बहुत सारे रोग दूर होते हैं। अतिबला का पौधे की ऊंचाई 4 से 5 फिट होती है। अतिबला का

इमली के पेड़ (Tamarind Tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

  इमली के पेड़ की जानकारी और इमली के उपयोग Tamarind Tree Information and Uses of Tamarind इमली भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य पौधा है। इमली का पेड़ भारत में हर जगह पाया जाता है। इमली का पेड़ बहुत विशाल रहता है। इमली के बारे में सभी लोग जानते हैं, क्योंकि इमली का उपयोग हमारे दैनिक जीवन में होता है। इमली से बहुत सारे खाने वाले वस्तुएं बनाई जाती है। इमली का प्रयोग खाने को खट्टा करने के लिए किया जाता है। इमली की चटनी सभी लोगों ने खाई होगी, क्योंकि इमली की चटनी समोसे के साथ बहुत पसंद की जाती है। इमली की चटनी खट्टी मीठी लगती है। इमली का उपयोग गोलगप्पे में भी किया जाता है। इमली का इस्तेमाल हमारे डेली लाइफ में होता है। इसलिए इमली को सभी लोग जानते हैं। इस ब्लॉग में हम इमली के पेड़ के बारे में, इमली के उपयोग, इमली के औषधीय गुण, इमली की बहुत सारी जानकारी हासिल करेंगे।  इमली का पेड़ बहुत विशाल रहता है। आप भारत के किसी भी हिस्से में रहते होंगे, मगर आपने इमली का पेड़ जरूर देखा होगा। इमली के पेड़ की ऊंचाई करीब 15 से 20 मीटर तक होती है। इमली के पेड़ की पत्तियां हरे रंग की होती है। इमली के पेड़ की पत

करंज के पेड़ (Karanj tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

  करंज के पेड़ की जानकारी और करंज का बीज का फायदा  Information about karanj tree and benefits of karanj seeds करंज के पेड़ का वनस्पतिक नाम - पोंगैमिया पिन्नाटा करंज के पेड़ का अंग्रेजी नाम - पोंग्म ऑयल ट्री, इंडियन बीच करंज का पेड़ भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य पौधा है। करंज के पौधे में बहुत सारे औषधीय गुण रहते हैं, जो हमारे रोगों को ठीक करते हैं। करंज का पौधा बहुत सुंदर रहता है। करंज का पौधा करीब 10 से 15 मीटर ऊंचा रहता है। करंज का पौधा सड़कों के किनारे, जंगलों में आसानी से देखने के लिए मिल जाता है। करंज के पौधे में अप्रैल माह में नई पत्तियां आती हैं और इसमें छोटे-छोटे फूल लगते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं।  करंज के पेड़ में अप्रैल के महीने में फूल लगते हैं और यह फूल झड़ते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। आपके घर के आसपास अगर करंज का पौधा हो, तो आप वह जाओ और वहां देखो, तो आपको करंज के पेड़ के चारों तरफ करंज के फूल बिखरे देखने मिलते है। करंज के फूलों की बरसात होती है और करंज के पेड़ के नीचे फूल गिरे रहते हैं।  करंज के फूल सफेद कलर के रहते हैं। फूल में हल्का बैगनी और गुलाबी कलर देखन

कंटकारी या भटकटैया का पेड़ (Kantakari or Bhatakataiya) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

  कंटकारी का पौधा  या कटेरी का पौधा  kantakari Plant or kateri Plant  कंटकारी का पौधा या भटकटैया का पौधा का वानस्पतिक नाम - सोलेनम वर्जिनिएनम कंटकारी का पौधा या भटकटैया का पौधा का अंग्रेजी में नाम - येलो बेरीड नाइट्सशेड कंटकारी का पौधा या भटकटैया का पौधा एक औषधीय प्लांट है। यह पौधा भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य पौधा है। इस पौधे में कांटे होते हैं, इसलिए इसे कंटकारी कहते हैं। इस पौधे की पत्तियों और तनों में सभी जगह कांटे होते हैं। इस पौधे का उपयोग शरीर के बहुत सारे रोगों में किया जाता है। मगर लोगों को इस पौधे के बारे में जानकारी नहीं रहती है और वह इसे एक अनुपयोगी पौधे समझकर उखाड़ के फेंक देते हैं। कंटकारी पौधे में बहुत सारे कांटे रहते हैं, जिस कारण इस पौधे को जानवर भी नहीं खाते हैं।  कंटकारी या भटकटैया का पौधा झाड़ी नुमा रहता है। यह पौधा जमीन को आधार बनाकर जमीन में फैलता है। इस पौधे की जड़े जमीन के अंदर रहती है। इस पौधे के फूल बहुत सुंदर रहते हैं। फूल के ऊपर, पीले कलर के परागण रहते हैं, जो फूल को और अधिक आकर्षक बनाते हैं। कंटकारी के पौधे की पत्तियां लंबी रहती हैं। पत्तियों में सफेद क

खैर का पेड़ (Khair tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

खैर का पेड़ या कत्था के पेड़ की जानकारी और खेर का पेड़ उपयोग  Khair tree or catechu tree information and Khair tree  uses खैर का पेड़ या कत्थे के पेड़ का वानस्पतिक नाम या वैज्ञानिक नाम - एकेसिया कैटेचु  खैर का पेड़ या कत्थे के पेड़ का अंग्रेजी नाम - ब्लैक कैटेचु, कच ट्री,  खैर का पेड़ भारत में पाया जाने वाला एक प्रमुख पेड़ है। खैर का पेड़ को, कत्था का पेड़ या खदिर का पेड़ के नाम से जाना जाता है। खैर के पेड़ में बहुत सारे औषधीय गुण रहते हैं। खैर के पेड़ के तने से कत्था बनता है। कत्था का इस्तेमाल पान में किया जाता है और हमारे देश में पान बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है। पान के पत्ते में कत्था लगाया जाता है और इसे चबाया जाता है। इससे मुंह से संबंधित बहुत सारे रोग ठीक हो जाते हैं।  खैर का पेड़ भारत के जंगलों में आसानी से देखने के लिए मिल जाता है। खैर का पेड़ देखने में बबूल के पेड़ के समान ही रहता है। इसमें छोटे-छोटे कांटे लगे रहते हैं। खैर की पत्तियां बबूल के पेड़ की पत्तियों जैसी रहती हैं। इसकी पत्तियां छोटी-छोटी रहती हैं। खैर के पेड़ का उपयोग बहुत सारे औषधीय कामों में किया जाता है।  खैर का पेड़

अशोक के पेड़ (Ashoka tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

अशोक का पेड़ (अशोक वृक्ष या सीता अशोक वृक्ष) की जानकारी  और अशोक के पेड़ के फायदे Ashoka Tree (Sita Ashok tree) Information and Benefits of Ashoka Tree अशोक के पेड़ का वैज्ञानिक नाम या वानास्पतिक नाम - साराका असोका अशोक के पेड़ का अंग्रेजी नाम - अशोक ट्री, सॉरो लेस ट्री  अशोक का पेड़ या सीता अशोक का पेड़ भारत में पाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पेड़ है। अशोक वृक्ष को हेमपुष्प एवं ताम्रपल्लव, मधुपुष्प, अपशोक,  आशापाला का पेड़  के नाम से भी जाना जाता है। अशोक का पेड़ बहुत सुंदर रहता है। अशोक का पेड़ सदा हरा भरा रहता है। अशोक के पेड़ में लाल और नारंगी रंग के सुंदर फूल उगते हैं। यह फूल गुच्छों में उगते हैं। यह फूल देखने में बहुत ही आकर्षक लगते हैं। अशोक का पेड़ प्राचीन समय से ही भारत में प्रसिद्ध है। अशोक का पेड़ हमारे बगीचे की खूबसूरती बढ़ाने के अलावा औषधीय गुणों से भी भरपूर रहता है। अशोक के पेड़ के पत्ते, अशोक के पेड़ की छाल, अशोक के पेड़ के फूल यह सभी औषधीय गुणों से भरपूर रहते हैं। अशोक का पेड़ प्राचीन काल से औषधीय रूप से उपयोग किया जा रहा है। मगर इसके उपयोग के बारे में लोगों को जानकारी नहीं

गुंजा या रत्ती (Gunja or Ratti tree) के पेड़ के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

गुंजा या रत्ती का पौधा की जानकारी और गुंजा (रत्ती) के फायदे  Information about Gunja or Ratti plant and benefits of Gunja (Ratti) in hindi गुंजा या रत्ती के पौधा का वैज्ञानिक नाम - एब्रस प्रिकैटोरियस      गुंजा या रत्ती के पौधा का अंग्रेजी - रोजरी पी  गुंजा का पेड़ या रत्ती का पेड़ भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य पौधा है। गुंजा का पेड़ को घुंघची, रत्ती, चोटली, चिरमी के नाम से जाना जाता है। यह सभी इसके स्थानीय नाम है।  यह पौधा गुंजा और रत्ती के नाम से प्रसिद्ध है। इस पौधे को रत्ती इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस पौधे का बीज का उपयोग प्राचीन समय में तौलने के लिए किया जाता था। इससे सोना और चाँदी को तौला जाता था। इस पौधे में, जितने भी बीज रहते हैं। उनका वजन समान रहता है, चाहे वह बीज कितना भी पुराना रहे या नया रहे। उनका वजन समान रहता है। इसलिए इस पौधे को रत्ती कहा जाता है। जैसे प्राचीन समय में गहने लेते समय, हम एक रत्ती या दो रत्ती गहने लेते थे। उसी तरह इस पौधे के बीज को रत्ती कहा जाने लगा और यह पौधा रत्ती का पौधे के नाम से जाना जाने लगा।  गुंजा के बीज बहुत सुंदर रहते हैं। इस पौधे के बीज मोत