Garam Pani Kund Mandla - गरम पानी कुंड मंडला

 Garam Pani Kund Mandla

Garam Pani Kund Mandla - गरम पानी कुंड मंडला
बरगी बांध का भराव क्षेत्र

गर्म पानी का कुंड मंडला शहर का प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर एक घूमने वाली जगह है। मंडला में गर्म पानी का कुंड स्थित है। गरम पानी के कुंड के बारे में कहा जाता है कि इस कुंड से सभी प्रकार के त्वचा रोग ठीक हो जाते हैं। यह पर कहा जाता है कि सभी प्रकार के कुष्ठ रोग ठीक हो जाते है।

लोग इस गर्म पानी के कुंड में स्नान करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। मंडला में यह जगह एक दर्शनीय जगह है और इस जगह का बहुत महत्व है। यह जगह नर्मदा नदी के बैकबाॅटर के बीच में स्थित है। लोग इस जगह पर प्राकृतिक खूबसूरती भी देखने के लिए आते है। यह पर सरकार के द्वारा इस कुंड को दुबारा बनाया गया है। यह कुंड अब अच्छी तरह बन गया है। बहुत समय पहले यह कुंड बरिश के समय बाढ में डूब गया था। जिसके कारण सरकार ने इस का पुननिर्माण कराया था। 

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गरम पानी कुंड कैसे जाये 

How to go to hot water tank


यह गर्म पानी का कुंड मध्यप्रदेश के मंडला जिले में स्थित है। यह मंडला जिले की मंडला जबलपुर मार्ग पर स्थित है। यह जगह मंडला से 13 किलोमीटर दूर है और हाईवे रोड से आपको इस जगह पर जाना पड़ता है। इस जगह आप अपने वाहन से जा सकते है या टैक्सी बुक करके यहां पर जा सकते है। 

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माना जाता है कि यह पर सल्फर युक्त चटटानें है, जिससे कुंड पर स्थित पानी पर औषाधीय गुण आ जाते है। जिस पर लोग नहाते है और उनके रोग ठीक हो जाते है। यह घने जंगल के बीच में स्थित है और नर्मदा नदी का भराव क्षेत्र है। यह इलाका हरे भरे पेड़ों से घिरा हुआ है और साथ में नर्मदा नदी का किनारा बहुत ही मनमोहक दृश्य पैदा करता है। लोगों को इस जगह पर शांत वातावरण में आकर समय बिताना पसंद करते है। हम लोग इस जगह पर नहीं जा पाए थे, क्योंकि हम लोग रात को इस जगह पर पहुंचे थे, इसलिए हम लोग इस जगह पर नहीं जा पाए थे। यह पर सरकार के द्वारा पर्किग एवं बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। यहां पर महिलाएं के लिए कपड़े चेंज करने के लिए लोहे के चेंजिग रूम बने हुए है। आप यहां पर अपने परिवार एवं दोस्तों के साथ घूमने जा सकते है। 

बिरला मंदिर जयपुर की यात्रा

बिरला मंदिर जयपुर

बिरला मंदिर जयपुर की यात्रा

बिरला मंदिर का खूबसूरत दृश्य 

बिरला मंदिर जयपुर शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जयपुर का बिरला मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ  है। यह मंदिर बहुत बड़ा है, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है। इस मंदिर को देखने के लिए बहुत सारे लोग दूर-दूर से आते हैं और यह पर आपको विदेश से आने वाले लोग भी देखने मिल जाएगें। 

यह मंदिर बहुत ही भव्य है और पूरी तरह से वाइट मार्बल से बना हुआ है और काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस मंदिर में आपको श्री लक्ष्मी नारायण जी की मूर्ति देखने मिलेगी। इस मंदिर में फोटो खींचना मना है। मंदिर के बाहर जाकर आप फोटो खींच सकते हैं। यहां का जो वातावरण है, वह शांत है। वैसे शाम को यह पर बहुत सारे पर्यटक मंदिर की खूबसूरती निहारने आते है। 
बिरला मंदिर जयपुर की यात्रा

गार्डन में स्थित शंकर भगवान जी की मूर्ति 

बिरला मंदिर बहुत ही अच्छा है। यह पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर पर हम लोग ऑटो से आए थे। हम लोग इस मंदिर में शाम को आए थे। शाम को हम लोग 4 बजे करीब अपने होटल से इस मंदिर के लिए निकले थे और करीब आधे घंटे में इस मंदिर में पहुंच गए थे। इस मंदिर में बहुत बड़ा गार्डन है। गार्डन में एक मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर में आपको शंकर जी की मूर्ति के दर्शन करने मिलते है। आप शंकर जी की मूर्ति के दर्शन कर सकते है और कुछ समय के लिए इस गार्डन में शंति से बैठ सकते है। शंकर जी की मूर्ति के पास जाने में मनाही है और दूर से ही मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।

बिरला मंदिर जयपुर की यात्रा

बिरला मंदिर के सामने के द्वार का दृश्य 

बिरला मंदिर जयपुर की यात्रा

बिरला मंदिर का खूबसूरत दृश्य 

फिर हम लोग बिरला मंदिर की तरफ आगे बढ़ते हैं, तो आपको मंदिर से कुछ दूरी पर अपने जूते चप्पल उतारने पड़ते हैं। उसके बाद आप मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं। मंदिर बाहर से जितना खूबसूरत है। उतना ही अंदर से मनोरम है। मंदिर में अंदर आपको भगवान के दर्शन करने मिलते है। मंदिर के अंदर और बाहर आपको खूबसूरत नक्काशी देखने मिलती है। मंदिर में लक्ष्मी और नारायण जी की मूर्ति है और काफी शांति रहती है। शाम को यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं। आप मंदिर के बाहर आते है, तो आपको यह पर दो स्टैच्यू देखने मिलता है। यह स्टैच्यू बहुत ही खूबसूरत है। इनके आप पिक्चर क्लिक कर सकते हैं। मंदिर के सामने बहुत बड़ा आंगन है, जहां से आप रोड का व्यू देख सकते है। मंदिर के आंगन में आप अलग अलग पोज देकर फोटोशूट कर सकते है। वैस मंदिर का आंगन एक अच्छा व्यू पांइट है। यहां से आप मेन रोड चैराहा देख सकते है। जहां पर शाम को बहुत ज्यादा ट्रैफिक रहता है।

बिरला मंदिर में शाम के टाइम बहुत ज्यादा भीड़ रहती है, क्योकि शाम का मौसम ठंडा रहता है। शाम के समय यहां पर सूर्यास्त का व्यू भी बहुत शानदार रहता है। मंदिर में आपको हर प्रकार की सुविधा मिल जाती है। यहां पर पानी की व्यवस्था है। बाथरूम की भी व्यवस्था हैं। यह पर बैठकर अच्छा समय बिताया जा सकता हैं। यह फोटोग्राफी करने के लिए बहुत अच्छी जगह है। यहां पर बहुत अच्छी फोटोग्राफ आते हैं और मंदिर के नीचे बिरला म्यूजियम है। इस म्यूजियम में भी आप घूम सकते हैं।

बिरला मंदिर के बाहर आपको बहुत सारी शॉप देखने मिल जाएगी। आप वहां जाकर चार्ट फुलकी खा सकते हैं। मगर यहां पर थोडा महंगा रहता है। यह हमारी बिरला मंदिर जयपुर की यात्रा थी। 

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जल महल, जयपुर की यात्रा

जल महल जयपुर


जल महल, जयपुर की यात्रा


जल महल (Jal Mahalजैसा कि आपको नाम से समझ आ रहा होगा कि जल में बना महल 

जलमहल (Jal Mahal) जयपुर शहर में एक झील के बीच में बना है। यह जयपुर शहर की एक शानदार जगह है। यह एक ऐतिहासिक इमारत है। आप इस महल को दूर से रोड से देख सकते है। मगर इस महल में जाने की मनाही है। 

जलमहल (Jal Mahal) मान सागर झील (Man Sagar Lake) के बीच में बना हुआ है। जलमहल (Jal Mahal) लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इस महल में पाँच मंजिला है, जिसमें से चार मंजिल पानी में ही डूबे रहते है और उपर का एक ही तल दिखाई देता है। 

जल महल (Jal Mahal) जयपुर जिले की शान है और यह महल देखने में बहुत ही बढ़िया लगता है। इसका मुख्य आकर्षण है कि यह महल झील के बीच में है और इस महल में आप जा नहीं सकते हैं। यह आपका बैड लक है, कि आप इस जगह जा नहीं सकते हैं। आप इसको दूर से ही देख सकते हैं। ठंड के समय में यहां पर विदेशी पक्षी आते हैं, जो झील के चारों तरफ घूमते रहते है और रोड के पास में महल में बैठे हुए आपको देखने मिल जाते है। यह बहुत खूबसूरत लगते हैं। मानसागर झील (Man Sagar Lake) पहाडों से घिर हुई है। झील के एक तरफ बाउंड्री बनी है, बाउंड्री के बाजू से एक गलियारा गया है जहां पर आप खडे होकर इस जल महल (Jal Mahal) को निहार सकते है। यह पर आपको बहुत सारे खाने पीने की दुकान नजर आ जायेगी और गलियारे में शाम के समय बाजार भी भरता है। इस गलियारे से आप झील का मनोरम व्यू देख सकते है।

जल महल, जयपुर की यात्रा


हम लोग सुबह नाहरगढ़ किला देखने जा रहे थे। तब इस महल के हमें दर्शन हुए थे। हम लोग तब इस महल में नहीं रूके थे। सुबह के समय हम लोगों को विदेशी पक्षी भी देखने मिले थे। नाहरगढ़, जयगढ़ और आमेर किले को देखने के बाद शाम को हम लोग वापस लौटे। तो फिर हम लोगों ने जल महल (Jal Mahal) में कुछ समय बिताया। 

जल महल (Jal Mahal) को शाम के समय लाइटों से सजाया जाता है और यह दूर से देखने में बहुत ज्यादा अदुभ्त लगता है। झील की बाउंड्री के बाजू में जो गलियारा बना हुआ है। वहां पर बहुत बड़ा मार्केट भरता है। शाम के टाइम तो आप मार्केट से बहुत सारे सामान ले सकते हैं। यहां पर आपको राजस्थानी जूतियां मिल जाती है। आपको यहां पर बारगेन करने की जरूरत रहती है। अगर आप कुछ लेते है, तो हम लोगों ने यहां पर कुछ नहीं लिया था। अगर आप बारगेन करते हैं, तो आपको वह सामान सस्ते में मिल सकता है। यहां पर आपको बहुत सारे लोग राजस्थानी ड्रेस किराए पर उपलब्ध कराते है, जिसे पहन कर आप फोटो खिचा सकते है। राजस्थानी ड्रेस के अलावा आपको पूरी ज्वेलरी उपलब्ध कराई जाती है। इन राजस्थानी ड्रेस का किराया 150 से 200 रू तक रहता है। 

मेरे हिसाब से झील में समय बिताने का सबसे अच्छा समय शाम का रहता है, क्योंकि यहां पर शाम को झील रोशनी से जगमगाता हुआ महल बहुत मनोरम लगता है।  आप झील के सामने बैठकर इस खूबसूरत नजारे को इंजॉय कर सकते हैं। आप यहां पर ठंड में दिन के समय भी झील के सामने बैठकर झील को देख सकते हैं। यहां पर आपको अच्छा लगेगा और आपका अच्छा समय बीतेगा।

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जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किला


जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किले से जयपुर सिटी का व्यू  

जयगढ़ का किला जयपुर का एक दर्शनीय स्थल है। वैसे जयपुर शहर में बहुत सारे प्राचीन किलें हैं और इन किलों को देखने के लिए पूरी दुनिया से लोग आते हैं। इन सभी किलो में जयगढ़ का किला बहुत फैमस है। 

जयगढ़ का किला यहां पर रखी तोप के कारण प्रसिद्ध है। इस तोप के बारे में कहा जाता है, कि यह दुनिया की सबसे बड़ी तोप है। जयगढ़ का किला एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस किलें तक पहुॅचने के लिए हम लोगों ने गाडी बुक किया था। पहले हम लोग नाहरगढ़ किले घूमे थे। उसके बाद हम लोग ने जयगढ़ के किले गए थे। नाहरगढ़ किला और जयगढ़ का किला दोनों एक ही रोड में हैं। पहले हम लोगों ने  नाहरगढ़ किला घूमा। उसके बाद जयगढ़ किला गए थे। जयगढ़ किला नाहरगढ़ किला से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा।

जयगढ़ का पूरा किला हम लोगों ने अपनी गाडी से घूमा था। आप चाहे तो पैदल भी घूम सकते हैं। आप जयगढ़ किला पहुॅचते है, तो सबसे पहले आपको किलें में प्रवेश के लिए टिकट लेना पडता है। प्रवेश द्वार पर टिकट मिलता है। यहां पर आपको टिकट लेनी पड़ती है। टिकट के लिए बहुत लंबी लाइन लगती है। यहां पर दो टिकट घर है, जहां पर आप को टिकट मिलती है। किले में प्रवेश करने के लिए गाड़ी का अलग चार्ज होता है। इसके बाद आप किलें में गाड़ी लेकर प्रवेश कर सकते हैं। हम लोग गाडी से ही तोप के पास तक गए थे। हमारे गाडी चालाक ने रोड पर गाडी रूक दिया था। उसके बाद हम लोग गाड़ी से उतरकर तोप को देखने के लिए पैदल गए थे। यहां पर आपको तोप देखने जाने वाले रास्तें में एक साइड में एक कुंड देखने मिलता है। हम लोग तोप के पास पहुॅच गए। 

जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किले में रखी तोप  

जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

 जयगढ़ किले में रखी तोप का दृश्य


Jaivana cannon
जयावाण तोप


जयगढ़ किलें में रखी तोप दुनिया की सबसे बडी तोप है। इस तोप को जयावाण तोप के नाम से भी जाना जाता है।  तोप एक शेड के नीचे रखी गई है। इस तोप के बारे में कहा जाता है कि प्राचीन समय में एक ही बार इस तोप को चलाया गया था और जो भी इस तोप को चलाता था। वहां तोप के बाजू में बने कुंड में छलाग लगा देता था, क्योंकि यह तोप इतनी शक्ति शाली थी और इस तोप की आवाज बहुत जोरदार थी। जिससे जो भी इस तोप को चलाता उसकी मृत्यु हो जाती। इसलिए वह इस कुंड में तोप को चलाने के बाद कूद जाया करता थे। इस तोप का निर्माण 1720 में हुआ था। इस तोप से निकला बारूद 35 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता था। तोप के बैरल की लंबाई 6.15 मीटर है। इस तोप का वजन 50 टन है। यह जानकारी हम लोग का हमारे ड्राइवर ने दिया था। आप यहां पर गाइड करना चाहते है, तो कर सकते हैं। गाइड आपको पूरी तरह से इस जगह की जानकारी देगा और आपका ड्राइवर सीमित जानकारी दे पायेगा। 

जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किले का पूरा व्यू  

आप महल की चोटी से पूरा जयपुर शहर का नजारा देख सकते है। तोप के पास ही में व्यू पांइट है, जहां पर खडे होकर व्यू का मजा ले सकते है। यहां से आपको जल महल देखने मिलता है। आप यहां से आगे बढते है, तो आपको ऊंट देखने मिल जाते है। जिस पर आप सवारी कर सकते है। हम लोग जब गए थे, तब यहां पर हमको हाथी देखने नहीं मिले थे। आप यहां पर हाथी की सवारी भी कर सकते है। यहां पर रेस्टोरेंट भी है, जहां पर आप खाना पीना खा सकते हैं। कुछ देर रेस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा यहां पर हम लोगों को बहुत ढेर सारे बंदर भी देखने मिले थे, जो आपसे आपका सामान छीन सकते है, तो आप यहां पर अपना सामान संभल कर रखें। 

जयगढ़ किले को अगर आप पैदल घूमते है, तो आपको इस महल के बारे में अच्छे जानकारी मिल जाएगी और यहां की पूरी जगह आप घूम सकते है। अगर आप यहां पर कार से घूमते हैं, तो आप यहां पर आधे घंटे में घूम सकते हैं और आप पैदल घूमेंगे तो आपका करीब एक से डेढ़ घंटा लग सकता है। आप किलें के बाहर आते है, तो आपको यहां पर बहुत सारी छोटे छोटे सामान बेचने वाले देखने मिल जाती है। यहां पर आपको राजस्थानी पगड़ी देखने मिलती हैं, जो यहां पर बहुत फेमस है। आप चाहे तो याद की तरह इन पगड़ी को लेकर जा सकते हैं।

यह ब्लॉग यही तक था, अगर आपको अच्छा लगा हो, तो आप इसे शेयर जरूर कीजिएगा। अपने दोस्तों के साथ, और अगर आपका जयपुर जाने का एक्सपीरियंस हो, तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताइए क्या कि आप की जयपुर की यात्रा कैसी रही।


जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला जैसलमेर जिलें के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। जैसलमेर का किला जैसलमेर जिले में स्थित एक बहुत ही विशाल किला है।  यह किला आपको जैसलमेर शहर के किसी भी हिस्से से देखने मिल जाता है।  यह किला एक पहाड़ी पर स्थित है और यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप इस किलें तक पहुॅचने के लिए  ऑटो लेकर आराम से जा सकते हैं। रेल्वे स्टेशन में ही आटों वाले आ जाते है, और आपसे पूछते है, कि आप कहां जाएगें। आप आटो वालों से मोलभाव करके इस किलें तक आ सकते है। 


जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का रानी महल 


इस किलें की स्थापना राव जैसल द्वारा सन ११५६ में की गई थी। यह किला त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। रेगिस्तान में स्थित होने के कारण इसे सोनार किला या सुनहरा किला भी कहते हैं। इस किला को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की रूप में शामिल किया गया है। 

जैसलमेर का किलें तक जाने के लिए हम लोग ने भी आटों बुक किया था।  यह किला बहुत बड़ा है और यह दुनिया का पहला लिबिंग फोर्ट है, मतलब आज भी इस किलें में लोग रहते हैं। यह किला बहुत बड़ा है, तो आप इस किलें में जाते है तो आपको एक गाइड जरूर लेकर जाए। आपको किलें के प्रवेश द्वार ही में आपको बहुत सारे गाइड मिल जाते है, जो 100 रू में आपको उपलब्ध हो जाते है। हम लोगों ने गाइड नहीं लिया था, जिससे किलें के बहुत सारी जगह के बारें में हमें जानकारी नहीं मिली। बस हम लोगों ने किलें के अंदर  के कुछ दर्शनीय स्थल ही घूम पायें। इसलिए मैं आपको सलाह देती हूं कि आप जैसलमेर का किलें जाए, तो गाइड लेकर जरूर जाए। गाइड आपको यहां की महत्वपूर्ण जगह के बारे में अच्छे से जानकारी दे पाएगा।

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का प्रवेश द्वार 


जैसलमेर का किलें में हम लोगों ने तीन जगह घूमा थे। आप जैसे ही किले में प्रवेश करते हैं। आपको यहां पर पहले बहुत सारी दुकानें देखने मिलती हैं। यह पर आपकों किलें की उची उची दीवारें भी देखने मिलती है। इन दुकानों में आपको ऊंट के चमड़े  की सामान की दुकानें मिलती है, मगर इन सामान के प्राइस बहुत ज्यादा हाई रहते है। इसके अलावा यहां पर आपको राजस्थानी पगड़ी मिल जाएंगी और राजस्थानी ड्रेस मिल जाएंगी। आप इन सब दुकानों को देखते हुए जैसलमेर का किलें में प्रवेश करते है। आपको किले का एक विशाल प्रवेश द्वार देखने मिलेगा और जहां पर छोटे छोटे मंदिर बने हुए हैं। इस किलें में हम लोग पैदल आये थे। मगर आप चाहे तो बाइक से इस किलें के अंदर तक जा सकते है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का रानी महल 


जैसलमेर का किलें का पहला आकर्षण है रानी महल रानी महल जैसलमेर का किलें के अंदर स्थित है। यह महल बहुत खूबसूरत है। इस महल के चारों तरफ बहुत सारी दुकानें है। कहा जाता है कि राजा रानी रहा करते थे। रानी महल का इतिहास के बारें में हमे जानकारी नहीं है। मगर महल बहुत सुंदर है। आपको यह महल देख कर बहुत अच्छा लगेगा।

इस महल को देखकर आप आगे बढ़ते हैं, तो महल के बाजू से एक संकरा रास्ता गया है। आपको इस रास्तें में आगे बढना है। आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक खूबसूरत बालकनी देखने मिलती है, जिसकी फोटो खींचने पर 10 रू चार्ज किया जाता है। मगर यह बालकनी बहुत खूबसूरत है। मगर हम पैसे देकर फोटो खींचने में कोई रूचि नहीं थी। आप इस रोड से आगे बढते है, तो आपको यहां पर एक तोप देखने मिलती है, जो पुराने समय की लोहे की एक मजबूत तोप है। यह तोप ऊंचे शिखर पर रखी हुई है और इस जगह से पूरी सिटी का व्यू देखने मिलता है। इस तोप के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले की तोप  

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

 जैसलमेर किले से पूरे शहर का दृश्य  


जैसलमेर का किलें में अभी भी इंसान रहते हैं और इस महल में घूमने के लिए आपको तंग गलियों से गुजरना पड़ता है। यहां पर जो सड़कें हैं, वह बहुत ही संकरी हैं और अगर यहां पर आप बीच में फंस जाते है, तो आपको इंतजार करना होता है। हम लोगों के साथ भी ऐसा हीं हुआ था। यह पर हम लोगों के रास्तें में एक गाय कुछ खा रहीं थीं। हम लोग उस जगह से निकल नहीं पाए और हम लोगों को 5 से 10 मिनट का इंतजार करना पडा गया था। 

जैसलमेर का किलें के अंदर ही आपको खाने पीने की वस्तुएं मिल जाती है। इसके अलावा यह पर कपडें भी आपको मिल जाते है। यह पर कपडें और घर को सजाने वालें समान की बहुत सारी दुकानें है। आपको कहीं कहीं पर आपको सुंदर कंगन भी मिलते है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का जैन मंदिर 


जैसलमेर किले में एक और आकर्षण है जैन मंदिर। जैन मंदिर जैसलमेर किले के अंदर स्थित है। यह बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। मंदिर में पत्थर की नक्काशी बहुत ही खूबसूरत है। 

आपको इस किलें में बहुत सारे होटल्स भी मिलेगें। जिनमें जाकर आप इस किलें के शिखर से पूरी सिटी का व्यू देख सकते है और बहुत अच्छा भी रहता है, यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

इस तरह हम लोगों की जैसलमेर किले की यात्रा रही और हम लोगों को यह सफर बहुत यादगार रहेगा।

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निदान फॉल का मनोरम दृश्य - Nidan fall, Jabalpur

निदान जलप्रपात जबलपुरNidan Falls Jabalpur


निदान जलप्रपात जबलपुर (Nidan Falls Jabalpur) का एक खूबसूरत झरना है, जो कटंगी में स्थित है। आप जबलपुर से कटंगी जाते है, तो आपको यह झरना देखने मिलता है। यहां झरना चारों तरफ से खूबसूरत पहाडियों से घिरा हुआ है। 

निदान फॉल का मनोरम दृश्य -  Nidan fall, Jabalpur

निदान जलप्रपात की खूबसूरती 

निदान जलप्रपात कहां स्थित है
Where is the Nidan waterfall


निदान जलप्रपात जबलपुर (Nidan Falls Jabalpur) जिले के कंटगी में स्थित है। जबलपुर से दमोह हाईवे रोड पर निदान जलप्रपात (Nidan Fallsस्थित है। कटंगी जबलपुर (Katangi Jabalpur) से 50 से 55 किमी दूर होगा। आप इस झरने में अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। आपको यह पर अपनी गाड़ी से ही जाना पड़ेगा, क्योकि यह झरना जंगल के बीच स्थित है। अगर आप पैदल चलना चाहते है, तो जबलपुर दमोह हाईवे रोड (Jabalpur Damoh Highway Roadपर बसें भी चलती हैं। आप बसों से मेन रोड तक आ सकते हैं और मेन रोड से आपको दो से ढाई किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा। इस झरने तक पहुंचने के लिए। आप चाहे तो इस तरह कभी कर सकते हैं।

यह झरना आपको दमोह जबलपुर हाईवे रोड (Jabalpur Damoh Highway Road) से ही दिखने लगता है। झरने तक पहुॅचने के लिए आपको कटंगी से आगे आना पड़ता है, आपको रोड के बाजू में एक मस्जिद मिलती है। मस्जिद के बाजू से रास्ता गया है झरनें के लिए। आप अपनी गाड़ी से झरनें की तरफ जा सकते हैं। आपको इस रास्तें में एक नदी मिलती है। उस नदी पर झरने का ही पानी आता है। आपको नदी पार करना पडता है, वैसे नदी पर से गाडी चली जाती है। नदी के पास आपको थोडी बदबु आयेगी। नदी में पानी ज्यादा है, तो आप ना जाए और नदी में पानी कम है, तो आप जा सकते हैं। आप झरनें की तरफ आगे बढते है, तो आपको यहां पर खूबसूरत और उचे उचें पहाड देखने मिलेगें। आप अगर ग्रुप में रहेंगे, तो अच्छा रहेगा, क्योंकि यह जो झरना है। यह थोड़ा सुनसान है। वैसे जब झरनें में पानी रहता है, तब यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत ज्यादा लोग आते हैं। आप यहां पर सुबह जल्दी आते है, तो यहां पर सुनसान रहता है, जैसे जैसे दिन बढता है भीड बढनें लगती है। 

निदान फॉल का मनोरम दृश्य -  Nidan fall, Jabalpur

निदान जलप्रपात 


निदान जलप्रपात (Nidan Falls) से करीब 1 किलोमीटर दूर आपकी गाडी खड़ी होती है और आपको झरनें तक पैदल चलकर आना होता है। बरसात के समय पर यह जगह जन्नत के समान लगती है, क्योंकि आपको चारों तरफ हरे भरे पेड़, ऊंचे पहाड, कलकल करती नदी और शानदार झरनें देखनें मिलते है, जो एक अविस्मरणीय अनुभव होता है। 

आपको निदान झरने (Nidan Falls) तक पैदल चलना पड़ता है, इसलिए आप जूते पहन कर आए, वो आपके लिए बेहतर होगा। अगर आप बरसात के समय यहां पर आते है, तो यहां पर जो चट्टाने रहती हैं। वह फिसलन भरी हो सकती है। जिनमें चलनें में आपको परेशानी हो सकती है, जिसमें आप फिसल कर गिर सकते हैं। तो आपको यहां पर ध्यान से चलने की आवश्यकता है। यहां पर जो रास्ता है  वह बहुत ही उबड़ खाबड़ है, इसलिए आप यहां पर सावधानी पूर्वक कदम बढायें अगर आप यहां पर आते है, तो बूढ़े और बच्चे को साथ न लायें। यह मेरी सलाह है, क्योंकि वह इस जगह पर नहीं चल सकेंगें। 

इस जगह पर एक नहीं दो झरने है और दोनों अलग-अलग दिशा में है। आप अपनी गाडी पार्क करते है, तो आपको दोनों झरनें देखने मिलते है। दोनों झरनों तक पहुंचने के लिए आपको 1 किलोमीटर ट्रैक करना पड़ता है, मतलब 1 किलोमीटर तक पैदल चलना होता है। आप झरना पहुंचते हैं, तो झरना बहुत खूबसूरत है। ऊंची पहाड़ियां के ऊपर से गिरता हुआ पानी एक कुंड में गिरता है, जो देखने में बहुत अच्छा लगता है। 

हम लोग को इस जगह पर जाकर बहुत अच्छा लगा। हम लोग जिस झरनें मे गए थे। उस झरने का जो कुंड है, वह बहुत गहरा है और यहां पर आप कुंड में नहा नहीं सकते है। यहां पर नहानें की मनाही है। पर्किग वाला आपको यह जरूर बोलेगा और आप भी इस बात का ध्यान दें। झरनें तक पहुॅचने का जो रास्ता है, वह जंगल वाला है। यहां पर जंगली जानवर तो नहीं मगर छोटे-मोटे जहरीले जानवर हो सकते है। आप यहां पर आये तो जूते पहनकर आएंगे।

यहां पर दूसरी तरफ जो झरना है, उस तरफ का कुंड छोटा है और उस तरफ आप नहाने का आनंद भी उठा सकते हैं, तो आप चाहें तो वहां जा सकते हैं।  यह जानकारी आप पार्किंग वालों से ले सकते हैं। वह आपको दोनों झरनें की  जानकारी दे सकते हैं, कि आप कहां नहा सकते हैं और कहां कुंड गहरा है।

आप यहां पर अपना पूरा 1 दिन बिता सकते हैं। आप यहां पर आते हैं, तो अपने साथ कुछ खाने पीने का जरूर लेकर आइएगा, क्योंकि यहां पर किसी भी तरह के खाने पीने की दुकान नहीं है। यहां का पूरा एरिया जंगल का है, तो आप यहां पर खाना जरूर साथ लायें। आप जो भी अपने साथ लाते हैं, तो वहां कचरा भी अपने साथ लेकर जाएं। इसके अलावा यहां पर किसी भी तरह की लेट्रिन बाथरूम की सुविधा नहीं है, तो आपको इस चीज का भी ख्याल रखना पड़ेगा। यह पूरा जंगल एरिया है।

बरसात के समय में जो दमोह जबलपुर हाईवे रोड (Jabalpur Damoh Highway Road) से आपको यह झरना दिखाई देने लगता है। यहां पर आकर इस खूबसूरत वादियों का आनंद ले सकते हैं हम लोग भी यहां पर गए थे। यहां पर आप जब अपनी गाड़ी खड़ी करते हैं, तो उसका 20 रू चार्ज लिया जाता है और गाड़ी खड़ी करने के बाद पैदल पैदल जाना होता है। यहां सुनसान हो तो आप अंदर ना जाए मेरे हिसाब से तो यहां जब भी आते हैं, ग्रुप के साथ आए तो आपको बहुत मजा आएगा।

यह काफी खूबसूरत जगह है। आप यहां पर अपनी फैमिली और अपने दोस्तों के साथ जाकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 

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Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort

मदन महल का किला, जबलपुर 

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort


मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) या रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) जबलपुर में स्थित है। यह जबलपुर जिले के मदन महल क्षेत्र में स्थित है। इस किले को मदन महल का किला (Madan Mahal Fortया रानी दुर्गावती के किले (Rani Durgavati Fort) के नाम से जाना जाता है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां मिलती है और इन सीढ़ियों से चलकर आप इस किले तक पहुॅच सकते है।  

रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) आप दिन में कभी भी जा सकते हैं। यहां पर सिक्योरिटी गार्ड रहते है, यह पर एक गार्ड मेल और फीमेल रहते है। यहां पर आप सुबह 10 बजे से शाम को 5 बजे तक जा सकते है। वैसे यह किला बहुत ज्यादा बडा नही है, मगर यह किला बहुत प्राचीन है। 

मदन महल किले (Madan Mahal Fort) का निर्माण लगभग 1100 ई. में राजा मदन सिंह द्वारा करवाया गया था। इस किले का इस्तेमाल सेनाएं के वॉच टावर के रूप में किया जाता था। लेकिन यह किला अब खंडहर में बदल गया है, लेकिन यह पर बहुत से पर्यटक किलें को देखने के लिए आते है। मदन महल किला (Madan Mahal Fort) एक बड़ी ग्रेनाईट चट्टान को तराशकर बनाया गया है। यह किला 500 मीटर की उंचाई पर स्थित है। यह किला राजा की मां रानी दुर्गावती से भी जुड़ा हुआ है, जो कि एक बहादुर गोंड रानी के रूप के जानी जाती है। इस किले का नाम भी रानी दुर्गावती जी के नाम पर रखा गया है। आप यह पर घूमने जाते है, तो आपको यह पर मुख्य किला और नष्ट हुए किले के अवशेष देखने मिल जाते है। यह पर आपको मुख्य किला, अस्तबल, एक तालाब आपके अभी देखने मिलता है। 

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort


इस किले तक आप अपने वाहन से जा सकते हैं। यह पहुॅचने के लिए अच्छी रोड हैं। यहां पर ऑटो भी बुक कर के जा सकते हैं। रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fortहम लोग गए थे। मै और मेरी मम्मी इस किले में घूमने गए थे। हम लोग यहां पर गर्मी के समय में गए थे, गर्मी के मौसम में सीढियां चढने में बहुत दिक्कत होती है, क्योंकि गर्मी बहुत ज्यादा रहती है। सीढ़ियां चढ़ने में  हालत खराब हो जाती है। इसलिए मेरे हिसाब से यह पर बरसात के मौसम में जाना बेहतर होगा। यहां पर रास्ते में आपको मंदिर भी देखने मिलता है, जो शंकर जी का मंदिर है। यह मंदिर बडी चट्टानों से बना हुआ है। आप इस मंदिर में भी जा सकते है। आप आगे बढते है, तो आपको यह पर एक छोटी सी झील देखने मिलती है, जिसमे बरसात के मौसम में पानी भर जाता है और गर्मी में सूख जाता है। फिर आपको आगे बढते है, तो आपको यह मदन महल किला (Madan Mahal Fort) देखने मिलता है। किले के उपर जाने के लिए सीढियां बनी हुई है। किले के ऊपर से जबलपुर के चारों तरफ का खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। किले के उपर आपको दो कमरे देखने मिलते है, जिनमें नक्काशी की गई है। उसके बाद हम लोग नीचे आकर पूरा किला घूमें। किले के सामने तरफ का कुछ हिस्सा नष्ट हो गया है। यहां पर आप घोडों का अस्तबल देख सकते है, जो अच्छी कडीशन में है। यहां पर एक छोटा सा कुंड बना हुआ है, जिसमें बरसात में पानी भर जाता है। कहा जाता है, कि प्राचीन समय में रानी इस कुंड में स्नान किया करती थी। 

इस किले के बारे में यह भी कहा जाता है कि यह पर बहुत सारे गुप्त रास्तें थें, जिन्हें सरकार ने अब बंद कर दिया है। यहां पर एक गुफा निकली है, जो शायद मंडला के रामनगर किले तक जाती है। सरकार के द्वारा इन गुप्त रास्तों को सील कर दिया गया है। किले की चोटी पर पहुंचने पर आपको जबलपुर शहर का खूबसूरत नजारा दिखाई देगा। अगर आप यह पर बरसात में जाते है, तो चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलती है। यह पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जा सकते है। 

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