Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jabalpur to Jaipur Travel

जबलपुर से जयपुर यात्रा 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 

जबलपुर से जयपुर यात्रा का प्लान हमारा नया साल में बना था। हम लोगों ने ट्रेन से जयपुर जाने का प्लान बनाया था। हम लोगों ने दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन में बुकिंग की थी। हम लोग फैमिली और फ्रेंड्स के साथ जा रहे थे। हम लोग जबलपुर रेलवे स्टेशन (Jabalpur Railway Stationसे दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) से जयपुर जाने वाले थे। दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन हम लोगों की शाम की ट्रेन थी। हम लोग अपने सही समय पर ट्रेन में पहुंच गए और ट्रेन में बैठ गए। उसके बाद ट्रेन भी अपने सही समय पर जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से चली दी थी। दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) का स्टार्टिंग पॉइंट जबलपुर ही है। यह ट्रेन जबलपुर से ही बनती है, और जबलपुर से यह आपको अजमेर तक लेकर जाती है। अगर आप अजमेर डायरेक्ट जाना चाहते हैं तो आप इस ट्रेन से जा सकते हैं। आप इस ट्रेन से 15 से 20 घंटे में जयपुर पहॅुच जाते है। 

दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन आपको सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन (Sihora Road Railway Station), कटनी रेलवे स्टेशन (Katni Railway Station), दमोह रेलवे स्टेशन (Damoh Railway Station), मुंगेली रेलवे स्टेशन (Mungeli Railway Station), अशोकनगर रेलवे स्टेशन (Ashoknagar Railway Station), और गुना रेलवे स्टेशन (Guna Railway Station) से डायरेक्ट आपको जयपुर और अजमेर पहॅुच सकती है। आप जयपुर और अजमेर डायरेक्ट ट्रेन से जा सकते हैं। 

जबलपुर से जयपुर के यात्रा (Travels from Jabalpur to Jaipur) हमारी शुरू हो गए थी। जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से ट्रेन हमारी चलना स्टार्ट हो गई। शाम का समय था। हम लोग थोड़ी देर बातचीत की, उसके बाद हम लोगों ने खाना खाए। करीब 9 बजे हम लोग ने खाना खाया। उसके बाद हम लोग सो गए, क्योंकि रात हो गई थी। इसलिए हम लोग सो गए। हम लोग पर सुबह उठे। सुबह ट्रेन से हम लोग कोटा जंक्शन (Kota Junction) पहुंच गए थे।  कोटा जंक्शन (Kota Junction) में ट्रेन का डब्बा चेंज होता है। तो वहां पर डब्बा चेंज हुआ। इसके बाद हमारे आगे का सफर चालू हुआ। हम यहां पर राजस्थान की सीमा पर पहुॅच गए है। आपको इस जगह पर ट्रेन के आजू-बाजू बहुत सारे खेत देखने मिलते है। जब हम लोग गए थे तो हम लोगों को बीही की खेती बहुत ज्यादा देखने मिली थी। हम लोगों को और सरसों और चना भाजी भी देखने मिली थी। इस रूट में एक स्टेशन है। जिसका नाम याद नहीं आ रहा है। वह स्टेशन बहुत खूबसूरत था। बहुत साफ-सफाई थी उसमें और काफी अच्छा था। 

आपको कोटा स्टेशन से ही राजस्थानी लोगों का दिखने लगते हैं। उनका पहनावा और उनका जो कल्चरल सिंबल आपको नजर आने लगता है। यहां महिलाओं का जो पहनावे रहता है। वह स्कर्ट रहती है। लॉन्ग स्कर्ट और ब्लाउज रहता है, ऊपर चुन्नी रहती है। महिलाए काफी चूड़ियां पहनी रहती है। टैटू (The tattoo) भी उनके हाथ में आपको देखने मिल जाता है जिसे गोदना (Tattooना कहते हैं। टैटू (The tattoo) नहीं कहते हैं। आपको देखने मिल जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jaipur Railway Station


आप इन सभी नजारों को देखते हुए जयपुर पहुंच जाते हैं। जयपुर पहुंचकर आप स्टेशन से उतरकर बाहर आते हैं। जयपुर स्टेशन (Jaipur station) के बाहर ही आपको कैब और टैक्सी  मिल जाती है। आप टैक्सी बुक करके अपने होटल जा सकते हैं। हम लोगों ने भी कैब बुक किया और अपने होटल गए। हम लोग का होटल 3 से 4 किलोमीटर दूर होगा।  हम लोग ने होटल ओयों से बुक किया था। हम लोग का होटल उतना अच्छा नहीं था। आप ओयो में जो होटल की फोटो देखते है। वहां कभी कभी सही नही रहती है। ओयो एप में होटल की फोटो तो काफी अच्छी दिखा देते हैं। मगर होटल बहुत बेकार रहता है। हम लोगों की ओयो वालों ने किसी भी तरह की कोई भी मदद नहीं किया था। न ओयो वाले होटल आपका चेंज करता है और ना ही पैसे रिटर्न करते है। 

आप चाहे तो होटल बुक करने से पहले आप होटल पहुंच जाएयें। उसके बाद आप होटल देख लीजिए। उसके बाद आप उसे बुक कर लीजिए। आपके लिए यहां अच्छा रहेगा, क्योंकि उसमें आप रूम देख सकते हैं और बाकी सुविधाए भी चेक कर सकते है। हमारा होटल जो था वह तो बहुत बेकार था। मगर कुछ भी नहीं किया जा सकता था। आप ओयो से होटल बुक करें तो पैसे पहले पे नहीं करें। हम लोगों ने होटल में थोड़ी देर आराम किया। वैसे भी जिस दिन हम लोग पहुंचे थे। उस दिन तो कहीं जाना हमारा संभव नहीं था। तो हम लोगों ने थोड़ा आराम किया।

Birla temple of Jaipur city

जयपुर शहर का बिरला मंदिर


हम लोग शाम को जयपुर शहर के प्रसिद्ध मंदिर बिरला मंदिर (Birla Mandirगए। बिरला मंदिर जयपुर मेन सिटी में स्थित है। आप यहां मंदिर घूम सकते है। बिरला मंदिर (Birla Mandir) बहुत खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर बहुत बडे क्षेत्र में फैला हुआ है। आपको मंदिर में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति देखने मिल जाती है। मंदिर में आपको बहुत शांति मिलती है। हम लोग आटों से मंदिर पहुॅचे थे।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


बिरला मंदिर (Birla Mandirमें बहुत बड़ा गार्डन है। मंदिर में गार्डन के बीच में बहुत ही खूबसूरत शिव भगवान की मूर्ति देखने मिलती है। जो बहुत प्यारी लगती है। आप मूर्ति के पास नहीं जा सकते हैं। सिर्फ बाहर से दर्शन कर सकते हैं। हम लोग मंदिर के गार्डन से होते हुए मुख्य मंदिर तक पहूॅच गए। आप जूते चप्पल बाहर ही उतरना पडता है।  मंदिर नंगे पैर जाना पड़ता है। मुख्य मंदिर सफेद मारबल से बना हुआ है। हम लोगों ने भगवान के दर्शन किए। उसके बाद हम लोग मंदिर से बाहर आए। मंदिर के बाहर भी आपको बहुत ही खूबसूरत कलात्मक मूर्तियां देखने मिलती हैं। आप यहां पर फोटोग्राफी कर सकते हैं। आपकी फोटो बहुत ही मस्त आती है। आपका यहां पर बहुत अच्छा लगता है। 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


हम लोगों को बिरला मंदिर (Birla Mandir) जाकर बहुत मजा आया था। यह मंदिर बहुत अच्छा है।  मंदिर में आपको म्यूजियम (Museumभी देखने मिलता है। म्यूजियम मुख्य मंदिर के नीचे है। आप म्यूजियम देख सकते हैं। यह संग्रहालय की स्थापना बिरला मंदिर जिन्होंने स्थापित किया है, उनके बारे में बहुत सी जानकारी आपको मिल जाती है। मंदिर बहुत खूबसूरत है। बहुत बड़ा मंदिर है। सफेद मार्बल से बना हुआ है। यहां पर बहुत बड़ा गार्डन भी है। आप गार्डन में बैठ सकते हैं। कुछ टाइम अपना समय बिता सकते हैं। बिरला मंदिर (Birla Mandir) जयपुर में जवाहरलाल नेहरू मार्ग (Jawaharlal Nehru Margपर स्थित है। यहां पर आपको श्रीमती इंदिरा गांधी जी (Mrs. Indira Gandhiकी प्रतिमा भी देखने मिलती है। 

Moti Dungri Fort and Shiva Temple

मोती डूंगरी का किला और शिव मंदिर


आपको मंदिर के बाजू में पहाड़ी देखने मिलती है। पहाड़ी में मोती डूंगरी का किला (Moti Dungri Fort) है। जिसमें जाने की मनाही है। यहां पर शिव भगवान जी का प्राचीन मंदिर है। यहां पर जाना मना है। मोती डूंगरी किला (Moti Dungri Fort) एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है। मोती डूंगरी किला जयपुर राज दरबार के शाही परिवार की निजी संपत्ति है। महारानी गायत्री देवी (Maharani Gayatri Devi) जब जीवित थीं, तब उन्होंने यहां निवास किया था। यहां पर राज परिवार के पूजा करने के लिए रॉयल फैमिली प्राइवेट शिव मंदिर बनाया हैं। शिवरात्रि के टाइम पर यह मंदिर खोला जाता है तो उस टाइम पर ही विजिट किया जा सकता है। इस शिव मंदिर एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (Ekalingeshwar Mahadev Temple) कहा जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Moti Dungri Fort, Jaipur 


बिरला मंदिर के बाहर आपको बहुत सारी दुकानें मिलती हैं। जहां पर डोसा, चाट, फुलकी, और कोल्ड ड्रिंक का मजा ले सकते है। जहां पर आप यह सब आइटम खा सकते हैं। मंदिर परिसर में आपको वॉशरूम की सुविधा भी मिल जाती है। अगर आप यहां पर जाना चाहे तो जा सकते हैं। वाॅशरूम में कोई भी चार्ज नहीं लिया जाता है।   यह जो एरिया है वहां बहुत भीड़ वाला एरिया है। 

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Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

जयपुर शहर की यात्रा का मेरा अनुभव
My Experience of Traveling to Jaipur city


मेरी जयपुर (Jaipur) शहर  की यात्रा बहुत ही मजेदार रही है। हम ठंड के टाइम में जयपुर (Jaipur) गए थे। हमें जयपुर पर बहुत मजा आया है। जयपुर  बहुत अच्छा शहर है। जयपुर में आपको बहुत सारी आधुनिक चीजों के दर्शन करने मिल जाएंगे। हम लोगों जयपुर (Jaipur) जाकर यहां के दर्शनीय स्थलों की सैर किया। जयपुर के खाने का स्वाद लिया और जयपुर के बाजार भी घूमें। जयपुर (Jaipur) को पिंक सिटी (Pink City) कहा जाता है या गुलाबी नगरी के नाम से जाना जाता है। जयपुर (Jaipur) की बहुत सी इमारतों पिंक कलर की है। 


Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

Jaipur View

जयपुर (Jaipur) शहर भारत देश के राजस्थान राज्य की राजधानी है। राजस्थान सबसे बडे क्षेत्रफल का राज्य है। राजस्थान की कला एवं संस्कृति इसे अन्य राज्यों से एक अनोखी पहचान दिलाती है। राजस्थान राज्य का एक शहर जयपुर (Jaipur) है जो अपने पुरानी इमारतों और किलो के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर दुनिया भर से पर्यटक लोग जयपुर के किलो एवं इसके पुरानी इमारतों के दर्शन करने आते है। जयपुर (Jaipur) शहर की स्थापना आमेर के महाराजा सवाई जयसिंह (द्वितीय) ने की थी। यूनेस्को द्वारा जयपुर शहर को जुलाई 2019 में वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया गया है। 

जयपुर के दर्शनीय स्थल
Places to visit in Jaipur


जयपुर शहर अपने पुराने किलो एवं पुरानी इमारतों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। जयपुर शहर में आपको यहां का प्रसिद्ध किला नाहरगढ़ का किला, जयगढ़ का किला और आमेर का किला यह तीनों किले के लिए जयपुर शहर में प्रसिद्ध है। पर्यटक इनके किले के दर्शन करने के लिए ही जयपुर आते हैं। इसके अलावा जयपुर में आपको हवा महल देखने मिलता है। हवा महल एक खूबसूरत महल है। हवा महल आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। इसके अलावा यहां पर आपको जंतर-मंतर देखने मिलता है। जंतर-मंतर को पुराने समय में समय ज्ञात करने के लिए बनाया गया था। जंतर-मंतर राजा सवाई जयसिंह के द्वारा बनाया गया था। जंतर मंतर के पास आपको सिटी पैलेस भी देखने मिलता है। जयपुर में अल्बर्ट हाॅल संग्रहालय है। यहां संग्रहालय प्राचीन इमारत में बनाया गया है। यह इमारत बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर कनक घाटी घूम सकते है। जयपुर में जलमहल बहुत ही प्रसिध्द है, जो एक झील के बीच में बना है। आप उसे देख सकते है। वह बहुत ही खूबसूरत है और देखने में बहुत अद्भुत लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको और भी बहुत सारे दर्शनीय स्थलों के दर्शन करने मिलते है। 

Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

Jaipur city view 

जयपुर के बाजार
Jaipur Market


जयपुर (Jaipur) के बाजार घूमने के लिए एक बहुत अच्छी जगह है। जयपुर (Jaipur) के बाजार में आपको राजस्थान वस्त्र मिलते है। यहां पर जयपुर (Jaipur) की जूतियां भी आपको मिलती है। जयपुर (Jaipur) में बहुत सारे बाजार हैं। हम लोगों ने भी एक बाजार घुमा था बापू बाजार। बापू बाजार में बहुत सारी दुकानें हैं। इस बाजार में काफी भीड़ होती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप किसी भी सामान को लेते हैं तो अब बारगेन जरूर करिएगा और अगर आपको समान नहीं लेना है तो आप बाजार घूमने तो आई सकते हैं और घूम सकते हैं।

बापू बाजार बहुत अच्छा बाजार है। यहां बाजार अच्छी तरह प्रबंधित है। आपको बहुत सारे तरह-तरह के समान बाजार में मिलते है। आपको यहां पर लाख के कंगन मिलते हैं, जो पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। मगर यहां पर आप सोच समझकर खरीदारी करें। क्योंकि यहां पर सामानों में जितने वैरायटी है, उतना ही यहां दुकानदार ग्राहक को बेवकूफ भी बनाते हैं। इसलिए आप जो भी सामान लेते हैं। वह अच्छे से बारगेनिंग करके ले। यहां पर आप जो भी सामान देखते है। उसका मूल्य बहुत ज्यादा बताते हैं। मगर आप उस सामान को किसी अन्य दुकान में जाकर पता करेंगे। तो उस समान की उतनी कीमत नहीं रहती है। वह समान काफी कम रेट में आपको मिल सकता है। यहां पर हम लोगों को इस बात का भी अनुभव हुआ, इसलिए मैने यह बात आपसे शेयर किया। 

जयपुर का खाना
Food of Jaipur


जयपुर (Jaipur) का खाना बहुत अच्छा रहता है। यहां पर आपको रीजनेवल प्राइस में खाना मिल जाता है। जो रेट हर जगह मिलता है, उसी रेट में खाना मिल जाता है। 150 रू में आपको फुल थाली मिल जाती है। खाने में वैरायटी और टेस्ट दोनों रहता है।  150 रू फुल थाली मिलती है। आप जितना खाना खाना चाहो खा सकते हैं। आपको थाली में दो टाइप की सब्जी, दाल, चावल, रोटी, सलाद, और पापड मिल जाता है। कहीं-कहीं पर दही भी मिल जाता है। खाना भी बहुत अच्छा टेस्टी रहता है। अगर आप खाली ना लेना चाहे अलग अलग सब्जी ले सकते है, रोटी ले सकते है। आप अपने अनुसार खाना का आर्डर दे सकते है। आपको जयपुर में अच्छी होटल सस्ती और टिकाऊ होटल मिल जाती है। 

जयपुर और राजस्थान के बहुत से जिलों में तीखा कम खाया जाता है। यहां पर हरी मिर्ची मांगने पर आपको मोटी वाली मिर्ची दी जाती है। जो तीखी बिल्कुल नहीं रहती है। 

राजस्थान का फेमस खाना दाल बाटी है। आप अगर राजस्थान के किसी भी जिले में जाते हैं तो आपको दाल बाटी जरूर मिलती है। जयपुर के हर जगह आपको दाल बाटी मिलती है। हर ढाबे में हर होटल में दाल बाटी आपको जरूर मिलेगी। तो आप ट्राई कर सकते हैं।

मेरा जयपुर शहर का अनुभव
My Jaipur city experience


मेरा जयपुर (Jaipur) शहर का अनुभव बहुत ही बढ़िया रहा है। यहां पर हम लोगों ने जयपुर (Jaipur) शहर का खाना ट्राई किया जो बहुत ही मस्त रहा है। जयपुर (Jaipur) शहर  के किलें घुमा, जो प्राचीन है और बहुत ही खूबसूरत है। यहां के बाजारों को घुमा जहां पर हम थोड़ा लूट भी गए मगर अच्छा लगा। कुछ नया अनुभव मिला। जयपुर (Jaipur) बहुत खूबसूरत शहर है। यहां पर हमें बहुत मजा आया यहां पर हम अपने फैमिली और दोस्तों के साथ गए थे। जयपुर शहर का अनुभव बहुत अच्छा रहा। जयपुर का आगे आने वाले लेखों में आपको जयपुर की जगह के बारे में पता चलेगा और उन जगहों का क्या एक्सपीरियंस था। उन सभी का आने वाले लेखों में आपको विस्तारपूर्वक पता चलेगा।

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Haunted Place of India - भारत की भूतिया जगह

भारत की भूतिया जगह है जहां पर लोग जाने से डरते हैं रात में

Haunted place of India


भारत में बहुत सी जगह है। जहां पर भूत होने के दावे किया जाते है। आज के लेख में मैं आपको भारत की भूतिया जगहों की जानकारी दूगी। इन जगहों पर पर रात में लोगों के जाने में मनाही है। चलिये जानते है इन जगहों के बारें में

Haunted Place of India - भारत की भूतिया जगह


1. भानगढ़ का किला , राजस्थान 


राजस्थान के अलवर जिले का भानगढ़ भारत के सबसे ज्यादा डरावनी जगहों में से एक है। भानगढ़ का किला भूतिया किले के रूप में जाना जाता है। भानगढ एक रहस्यमय जगह है। भानगढ़ का किला को सत्रहवीं शताव्दी में राजा माधो सिंह ने बनवाया था। लोगों का कहना है कि इस महल में आत्माओं का वास है। सरकार ने यह चेतावनी लगाकर रखा है कि यहां अंधेरा होने पर इस किले में रूकने की मनाही है। लोगों के कहने के अनुसार 16वीं शताब्दी में इसी शहर में एक तंत्रिक रहता था। उस तंत्रिक को भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती के साथ प्यार हो गया। राजकुमारी को अपने वश में करने के लिए तंत्रिक ने काला जादू कर दिया। लेकिन इस सब बातों की जानकारी राजकुमारी को पता चल गया था और तंत्रिक में ही इस काला जादू का असर हो गया। तंत्रिक की मृत्यु हो गई। तंत्रिक ने मरते समय भानगढ़ के किले को श्राप दिया कि इस किले का विनाश हो जाएगा। उस श्राप के बाद यह किला एक ही रात में बर्बाद हो गया। इस किले में रहने वाले सभी लोगों की मृत्यु होने लगी और इस किले में आत्माओं का वास हो गया। यह किला खंडहर में तब्दील हो गया।

2. रामूजी फिल्म सिटी, हैदराबाद 


रामूजी फिल्म सिटी तेलंगाना राज्य का हैदराबाद जिलें में स्थित है। यह फिल्म सिटी बहुत बड़ी है। यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार यह सबसे बड़ी फिल्म शूटिंग की जगह है। यह पर बहुत सी आलौकिक गतिविधियों हो चुकी है। लोगों का मनना है कि यह पर आत्माओं का निवास है। यहां पर कई लाइटमैन गिर गए है। जिनको गहरी चोटों भी आई है।

3. जीपी ब्लॉक, मेरठ


जीपी ब्लाॅक उप्र राज्य के मेरठ जिले में स्थित है। यह भारत की डरावनी जगहों में से एक है। हर कोई यहां के बारे में जानता है। आपको यह पर एक इमारत है। जिसमें कई प्रेत आत्माएं का वास हैं। इस इमारत में लोगों ने  अक्सर चार लोगों को बैठकर ड्रिंक करते हुए देखा गया है और यहां के स्थानीय लोगों को अक्सर यह पर लाल ड्रेस में कोई लड़की भी घर से बाहर निकलती है। 

4. शानिवारवाड़ा किला, पुणे


यह किला महाराष्ट्र राज्य का सबसे बड़ा किला है। यह किला महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले में है। इस किले के बारें में कहा जाता है कि यह किला रहस्यमयी है। इस किले का निर्माण मराठा साम्राज्य के बाजीराव पेशवा ने 1746 ई. में किया था। इस किले का बारे में कहा जाता है कि सत्ता के लालच में 18 साल की उम्र में नारायण राव की हत्या इस महल में कर दी गई थी। इस महल में 1828 ई मे रहस्यमय तरीक से आग लग गई थी और महल नष्ट हो गया था। कहा जाता है कि यहां पर राजकुमार की आत्मा वहां हर पूर्णिमा को मौत का बदला लेने आती है। इस किले में कोई भी सूर्यास्त के बाद नहीं जाता है।

5. टनल नंबर 103, शिमला


यह टनल हिमाचल प्रदेश के शिमला-कालका रोड पर स्थित है। इस टनल में  घनघोर अंधेरा होता है। इस टनल का निर्माण एक अंग्रेज इंजीनियर ने करवाया था। इस टनल को बनाने में अंग्रेज इंजीनियर ने एक भूल कर दी थी। उन्होनें एक ही बार में दोनों ओर से सुरंग बनाने का कार्य शुरू कर दिया। इस भूल के कारण सुरंग के दोनों छोर मिल नहीं पाए और अंग्रेज इंजीनियर को जर्माना चुकाना पडा। इस भूल के चलते अंग्रेज इंजीनियर बहुत दुखी हो गए और  आत्महत्या कर ली। इस टनल में अंग्रेज इंजीनियर की आत्मा भटकती है। इस टनल के बारे में लोगों का कहना है कि यहां पर आत्माएं रहती हैं। कई बार लोगों ने यहां औरत की आत्मा को टहलते हुए देखा है। इस टनल में जाने से रोकने के लिए सरकार के द्वारा बोर्ड लगाया है।

6.  डुमास बीच, सूरत 


गुजरात राज्य में स्थित डुमास बीच एक डरावनी जगहों में से एक है। डुमास बीच सूरत शहर से करीब 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बीच अरब सागर के किनारे स्थित एक खूबसूरत बीच है। डुमास बीच अपनी काली बालू एवं भूतिया घटनाओ के लिए प्रसिद्ध है। इस बीच में दिन में पर्यटक आते है मगर शाम को यहां पर सन्नाटा पसरा होता है। इस बीच के बारें में लोगों का कहना है कि यहां पर तरह-तरह की आवाजे सुनाई देती है लेकिन कोई दिखाई नहीं देता। लोगों को जो आवाज आती है, उसमें कहा जाता है कि जहाँ से आये हो वही लौट जाओ। इस बीच में जो लोग रात में घूमने गए है वो कभी लौट के नहीं आये। यहां पर किसी के रोनें की आवाजें भी आती है। इस बीच में बहुत से लोग की जान भी चली गई है। 

7.  साऊथ पार्क सिमेट्री , कोलकाता


कोलकाता शहर का यह पार्क एक भूतिया जगह है। इस जगह के भूतिया होने का दावा किया जाता है। यह पार्क प्राचीन समय में सबसे बडा ईसाई कब्रिस्तान हुआ करता था। इस कब्रिस्तान में कुछ ऐतिहासिक कब्र भी मौजूद है, जिन्हें एडो इस्लामिक और गोथिक शैलियों से डिजाइन किया गया है। इस कब्रिस्तान के बारें लोगों का कहना है कि इस कब्रिस्तान पर घूमने पर किसी और का साथ होना महसूस होता है। कि आपके साथ कोई चल रहा हो। दोस्तों के एक समूह यहाँ पर घूमना आया हुआ था और उन्होनें यहां पर कुछ तस्वीर ली थी। तब से उनके साथ अजीब घटनाए होनी लगी थी। उनमें से एक की मृत्यु दमा से हुई थी जबकि उसे दमे की कोई समस्या नहीं थी।

8. लोथियन कब्रिस्तान, दिल्ली


यह कब्रिस्तान पुरानी दिल्ली में कश्मीरी गेट के पास स्थित है। यह कब्रिस्तान कश्मीरी गेट से 5 मिनट की दूरी पर स्थित है। यह कब्रिस्ताजन 200 साल से अधिक पुराना है। इस कब्रिस्तान का निर्माण अग्रेजों ने किया था। यह कब्रिस्तान अग्रेजों का मुख्य कब्रिस्तान हुआ करता था। इस कब्रिस्तान में ब्रिटिश सेनानायक निकोलस की आत्मा भटकती है। कहा जाता है कि एक अंग्रेज सेनानायक सर निकोलस एक भारतीय महिला से प्रेम करता था। लेकिन महिला को सर निकोलस में कोई रूचि नहीं थी। सर निकोलस ने अपने प्यार का इजहार महिला से किया। मगर महिला ने उनके प्यार को ठुकरा दिया। जिसके कारण सर निकोलस ने आत्माहत्या कर ली। तब से सर निकोलस की आत्मा इस कब्रिस्तान में भटकती है। उनकी सर कटी आत्मा घोडे के उपर बैठकर कब्रिस्तान में घूमती है।  

9.  कुलधारा, राजस्थान


कुलधरा राजस्थान राज्य के जैसेलमेर जिलें में स्थित है। कुलधरा जैसेलमेर जिले से 18 से 20 किलोमीटर दूर होगा। कुलधरा गांव के बारे में लोगों का कहना है कि यहां पर रात में आत्माएं भटकती हैं। यहां पर आत्माओं का वास है। यहां पर दिन में पर्यटक घूमने आते हैं। भारत सरकार के द्वारा इस जगह को एक पर्यटक स्थल घोषित किया गया है। मगर रात में यहां पर लोगों की आने की मनाही है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां पर एक जुल्मी मंत्री सलीम सिंह था। जो लोगों पर अत्याचार करता था। उसे कुलधरा गांव की  एक ब्राहमण लड़की पसंद आ गई थी। वह उस लड़की से शादी करना चाहता था। गांव वालों के सामने सलीम सिंह ने प्रस्ताव रखा कि वह लड़की शादी करना चाहता है। मगर गांव वालों को यह पसंद नहीं था। मंत्री गांव वालों पर दबाव बना रहा था। जिसके कारण कुलधरा गांव के लोगों ने इस गांव को एक ही दिन में छोड़ने का फैसला किया और वह इस गांव को खाली करके चले गए। गांव वालों ने जाते समय श्राप दिया कि यह गांव कभी नहीं बसेगा। तब से कुलधरा गांव विराना और सुनसान है। यहां पर आत्माएं भटकती हैं।

Haunted Place of India - भारत की भूतिया जगह


10. अग्रसेन की बावड़ी, दिल्ली


अग्रसेन की बावली दिल्ली में स्थित एक पुरातात्विक जगह है। यह बाबली नई दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास स्थित है। इस बावड़ी में सीढ़ीनुमा कुएं में करीब 105 सीढ़ीयां हैं। इस बाबडी का निर्माण 14वीं शताब्दी में महाराजा अग्रसेन ने किया था। यह बाबडी बहुत खूबसूरत है। इस बाबडी के बारें में कहा जाता है कि इस बाबडी में भरा काला पानी लोगों को सम्मेहित करता है कि वो आत्मा हत्या करें। यहां पर कई जान भी गई है। 

11. कोटा का ब्रिज राज भवन महल 


यह भवन राजस्थान के कोटा शहर में स्थित है। इस महल को भी भूतिया माना जाता है। यह महल 178 वर्ष पुराना है। इस महल में ब्रिटिश सेना का मेजर बुर्टोन का भूत रहता है। 1857 की क्रांति में भारतीय लोगों ने अग्रेजों अफसर और उनके बेटों को मार दिया था। जिसके कारण अग्रेजों अफसर की आत्मा यहां पर भटकती है। यहां पर आत्मा किसी को नुकसान नहीं पहुचती है। मगर आत्मा अपने होने का अहसास जरूर कराती है। मेजर बुर्टोन को इस महल से बहुत प्यार था और वह इस महल को छोडना नहीं चाहते है। 


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Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir Mandla

देवगांव संगम घाट मंदिर

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) एक ऐसी जगह है। जहां पर आप नर्मदा नदी का किनारा देख सकते हैं। नर्मदा नदी का इस स्थल पर एक अन्य नदी से संगम होता है। आप दोनों नदियों का संगम देख सकते हैं। इस संगम में स्थल पर आपको मंदिर भी देखने मिलता है। यहां का जो नजारा है वह बहुत ही शांत और खूबसूरत है। यह जगह बहुत ही प्यारी है आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) नर्मदा नदी और बुढनेर नदी का संगम स्थल है। इस स्थल पर यह दोनों नदियां मिलती हैं। इसलिए इस जगह को संगम स्थल कहा जाता है। इस स्थल का नजारा बहुत ही सुंदर है। 

Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir  


देवगांव संगम मंदिर कहां स्थित है
Where is Devgaon Sangam Temple located


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) मंडला शहर में स्थित है। यह स्थल देवगांव नाम के गांव में स्थित है। मंडला मध्यप्रदेश का एक जिला है। देवगांव संगम स्थल मंडला शहर से करीब 30 से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह पर आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए आपको अच्छी रोड मिल जाती है। इस स्थल पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। 

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) रामनगर से करीब 20 किलोमीटर दूर पर होगा। रामनगर मंडला जिले का एक प्रसिद्ध गांव है। हम लोगों को रामनगर से ही अपना सफर शुरू करना था। 

देवगांव संगम घाट मंदिर कैसे पहुंच सकते हैं
How to reach Devgaon Sangam Sthal Temple


आपको अगर देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) में पहुंचना है, तो आपको मंडला से डिंडोरी वाली हाईवे रोड पर चलना होता है। आपको यहां पर देवगांव नाम का एक गांव मिलता है। मेन रोड में ही आपको बोर्ड देखने मिलता है। उसमें देवगांव तीर्थ स्थल का नाम लिखा रहता है और आपको डारेक्शन दिया होता है। आपको इस बोर्ड से करीब एक से 2 किलोमीटर गांव की तरफ अंदर जाना पड़ता है। मेन रोड से आप इस तीर्थ स्थल तक पहुंच सकते हैं। आपको इस तीर्थ स्थल में मंदिर देखने मिलते हैं। नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। इसके अलावा आप यहां से बुढनेर नदी को भी देख सकते हैं। हम लोग गलत साइड चले गए थे। तो हम लोगों को यह सब मंदिर देखने नहीं मिला था। मगर आप अगर जाते हैं तो आप सही साइड से जाइएगा। आपको गांव मिलेगा देवगांव उसके बाद आप बोर्ड को देखकर सही डायरेक्शन में जाइएगा। ताकि आप इस जगह का अच्छी तरह से एंजॉय कर सकें।

देवगांव संगम घाट मंदिर  का सफर
Travel to Deogaon Sangam Ghat Mandir


राय भगत की कोठी घूमने के बाद हम लोग अपने अगले डेस्टिनेशन की तरफ निकल गए थे। हम लोग राय भगत की कोठी से निकल कर एक दुकान पर  हम लोगों ने चाय पिया, क्योकि इसकें बाद हम लोग कहीं रूकना नहीं चाहते थे। उसके बाद हम लोग आगे बढ़ गई। 

अगर अपने मेरे सारे ब्लाॅग पढे होगें तो आपको पता होगा कि हम लोग सुबह से निकले हैं और सुबह से हम लोग पहले सहस्त्रधारा गए, उसके बाद रपटा घाट और उसके बाद मोती महल और राय भगत की कोठी इतनी सारी जगह घूमने के बाद हम लोग देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) गए। 

अपनी अगली मंजिल के जाने वाले रास्ते में हमको बहुत सारी अच्छी अच्छी वस्तुओं के दर्शन करते हुए। हम अपने सफर में चले जा रहे थे। यहां पर उंचे उंचे पहाड, कहीं कहीं पर नदी, कहीं कही पर खेत देखने मिलते है। अपनी गाडी में सफर का मजा ही कुछ और होता है। आपको इस रोड कई गांव भी देखने मिलते है। हम लोग जिस रास्ते में जा रहे थे, वहां मंडला जिले से डिंडोरी जिले की तरफ जाता है। हम लोग हाईवे रोड पर चल रहे थे। 
इस जगह के पास पहुॅचकर हम लोगों ने गांव वालो से इस जगह में जाने का रास्ता पूछा। गांव वालों ने हम लोगों का रास्ता बताया। मगर हम लोगों गलत रास्तें में चलकर नर्मदा नदी के गलत साइड में पहुॅच गए। हम लोग इस साइड से सिर्फ नर्मदा जी के दर्शन कर सकते थे। दूसरी नदी आई थी उसके दर्शन कर सकते थे। यहां पर हम लोग अपनी गाड़ी खड़ी कर दिया। हम लोग को नीचे उतर के जाना था। 

Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir  


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर आप एक गांव के माध्यम से और गांव में जो सड़क है। उसके माध्यम से इस जगह पर पहुंचते हैं। हम लोग गलत साइड आ गए थे। यहां पर एक बडा सा बरगद का पेड था और यहां पर एक छोटा सा शायद मंदिर था या किसी तरह का कार्यालय वगैरह था। हम लोगों ने अपनी गाड़ी वहीं खड़ी करी और हम सीढ़ियां नीचे गए, तो यहां पर आप नर्मदा नदी और बुढनेर नदी का संगम  देख सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी गहरी नहीं है, उथली है। आप आराम से नर्मदा नदी पार कर सकते हैं। मगर नर्मदा नदी का बहाव बहुत तेज है यहां पर। आप गर्मी के मौसम में इस नदी को पार कर सकते हैं। नदियों के आर पार जा सकते हैं। मगर बरसात के मौसम में आप नदियों के आर पार नहीं जा सकते हैं। क्योंकि बरसात के टाइम पर यहां पर बहुत ज्यादा पानी रहता है। इसलिए आप इस बात का ध्यान दीजिए अगर यहां पर ज्यादा बहाव रहे तो नदी को पार करने की कोशिश ना करें।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर बहुत बड़ा मैदान था। मैदान में बहुत से लड़के लोग थे। गांव वाले ही होंगे और वह यहां पर मछली पकड़ रहे थे। कुछ लोग बैठे हुए थे। इस जगह पर आप आकर अपनी पिकनिक प्लान कर सकते हैं। यहां पर आकर आप काफी इंजॉय कर सकते हैं।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir जो लोग आते है। नर्मदा नदी में स्नान करते हैं। नर्मदा मैया की पूजा करते हैं। यहां पर कक्कड़ और भरता बनाते हैं। उन्हें कंडे आस-पास के गांव में मिल जाते हैं। यहां पर कक्कड़ भर्ता बनाते हैं। कक्कड़ भर्ता भारत के गांव देहातों का एक मशहूर व्यंजन है। और यह खाने में बहुत अच्छा लगता है यहां पर आपको बहुत सी जगह राख के ढेर देखने मिल जाएंगे। यहां पर अपना अच्छा टाइम बिताते हैं। 

देवगांव संगम स्थल के मंदिर
Temple of Deogaon Sangam Ghat Mandir

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर बहुत सारे मंदिर हैं। आप यहां पर बहुत सारे मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर जमदग्नि ऋषि आश्रम है। यहां जमदग्नि ऋषि का निवास स्थल है। यहां पर नर्मदा जी का मंदिर है। उनके दर्शन कर सकते हो। यह शिव मंदिर होग। नर्मदा तट के पास ही में एक मंदिर बना हुआ है। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। एक तो यहां का  प्राकृतिक वातावरण और यहां का धार्मिक माहौल आपको बहुत अच्छा लगेगा।

देवगांव संगम स्थल पर लगने वाला मेला
Fair to be held at Deogaon Sangam Ghat Mandir


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir में 14 जनवरी में मकर संक्रांति के समय यहां पर मेले का आयोजन किया जाता है। यहां पर विशाल संख्या में लोग यहां पर आते हैं और स्नान करते है। मकर संक्रांति के बारे में कहा जाता है कि मकर संक्रांति  के दिन नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है। इसलिए लोग बड़ी संख्या में यहां पर आते हैं। नर्मदा जी में स्नान करते हैं। यहां पर इस समय तरह-तरह की दुकानें लगांई जाती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

आप देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandirपर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बाथरूम वगैरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। तो इस बात का विशेष ध्यान   रखें। यहां पर आसपास चाय नाश्ते की दुकान में उपलब्ध नहीं है। इस बात का भी विशेष ध्यान दें। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसलिए को जरूर शेयर कीजिएगा और अगर आपने मंडला जिले की टूरिस्ट प्लेस के दर्शन किए हो तो अपने विचार हम से सांझा जरूर करें ।

आपने अपना बहुमूल्य समय दिया उसके लिए धन्यवाद



Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat Kothi Ramnagar, Mandla

राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला


राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiएक खूबसूरत प्राचीन महल है। आपको यहां एक खूबसूरत महल देखने मिलता है। आपको इस लेख में राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiकी जानकारी मिलेगी। राय भगत कोठी का निर्माण गोंड राजा हृदय शाह ने अपने मंत्री राय भगत के निवास स्थान के रूप में करवाया था । यहां महल मोती महल से छोटा है, और इस महल के चारों ओर खूबसूरत कमरे बने हुए हैं। जिन्हें आप देख सकते हैं ।

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat's Kothi 


राय भगत की कोठी कहां स्थित है

Where is Rai Bhagat's Kothi located


राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) मध्यप्रदेश राज्य के मंडला शहर में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाडी से यहां पर असानी से आ सकते है। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) रामनगर (Ramnagar) से में स्थित है। यह महल मोती महल से करीब 1 किमी या इससे से भी कम दूरी पर होगा। 

रामनगर मंडला में स्थित प्रसिद्ध जगह
Famous place located in Ramnagar Mandla


मोती महल घूमने के बाद हम लोग निकल पड़े। यहां की किसी अन्य जगह  देखने के लिए, और गूगल ने भी हमें सही जानकारी नहीं दी कि हम लोग यहां पर कहां कहां जा सकते है। मगर आप मंडला जिले के रामनगर में आते हैं। तो आपको यहां पर बहुत सारी जगह घूमने मिलती हैं। यहां पर आपको मोती महल और राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के अलावा भी बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। मोती महल एवं रायभगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiयह तो रामनगर पुल के पास ही में है। तो यहां पर लोग आ जाते है। मगर अन्य जगहों की जानकारी लोगों को नहीं रहती है। 

बेगम पैलेस रामनगर मंडला 

 Begum Palace Ramnagar, Mandla


यहां पर आपको प्राचीन बेगम पैलेस देखने मिलता है। यह प्राचीन महल है और यह महल भी गोंड शासक ने बनवाया था। मगर हमें इस महल के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए हम लोग इस जगह पर नहीं जा पाए थे। 

काला पहाड़ रामनगर मंडला

Kala Pahad Ramnagar, Mandla

इसके अलावा रामनगर में घूमने के लिए आपको काला पहाड़ नाम की एक जगह है। आप इस जगह में भी घूमने जा सकते हैं। हमको इस जगह के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए हम इस जगह पर नहीं गए थे। इस जगह मैं आपको बड़ी-बड़ी चट्टानों के टुकड़े देखने मिलेंगे। जो एक विशेष आकृति के हैं। जो हेक्साडेसिमल आकृति के मतलब इन पत्थर में 6 या 8 कोने है। यहां पर लोग काफी मात्रा में आते हैं। इन पत्थरों को देखने के लिए और यहां पर मंदिर भी है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि गोंड राजा ने अपनी तंत्र साधना के द्वारा काला पहाड के पत्थर आपने महल तक लाये थे। 

विष्णु मंदिर रामनगर मंडला

Vishnu Temple Ramnagar, Mandla


रामनगर में प्रसिद्ध विष्णु मंदिर भी है। जो प्राचीन समय का है और इस मंदिर को भी गोंड राजाओं ने बनवाया था। इस मंदिर में आपको जरूर देखना चाहिए यह भी पुराने समय का है। हम लोग इस मंदिर में नहीं जा पाए थे क्योंकि हम लोगों को इस मंदिर की जानकारी नहीं थी।

दल बादल महल रामनगर मंडला

Dal Badal Mahal Ramnagar, Mandla


यह महल भी रामनगर में स्थित है। यह महल मोती महल के पास ही में है।  आप इस महल में भी जा सकते हैं। इस महल में आपको पुराना और प्राचीन महल देखने मिलेगा।

चौगुना रामनगर मंडला

Chauguna Ramanagar, Mandla

चैगुना रामनगर (Ramnagar) से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां एक खाली मैदान है। यह मैदान बहुत बडे क्षेत्र में फैला है। यह पर प्राचीन समय युध्द का अभ्यास किया जाता था। यहां पर मंदिर भी स्थित है और नवरात्रि में यहां पर भीड़ लगती है। 

मैंने आपको इन सभी जगह की जानकारी इसलिए दी हूं, क्योंकि अगर आप मंडला जिले के रामनगर में घूमने जाते हैं। तो आप इन सभी जगहों पर जाकर घूम सकते हैं। हम लोगों को इन जगह की जानकारी नहीं थी इसलिए हम नहीं जा पायें। मगर आप इस जगह जाये तो यहां पर जरूर घूमें। 

राय भगत कोठी का निर्माण

Construction of Rai Bhagat Kothi

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) का निर्माण 17 वीं शताब्दी ईस्वी में गौड शासक हृदय शाह के दीवान राय भगत के निवास के रूप में हुआ था। यह भवन पूर्व मुखी है। इस महल का प्रवेश द्वार की चैखट संगमरमर पत्थर द्वारा निर्मित किया गया है। आंगन के चारों ओर कमरे एवं मेहराबों से युक्त दालान निर्मित किया गए है। भवन के चारों ओर फलक दार गुंबद निर्मित है। अपनी भव्यता और विशालता को संजोए हुए यह महल मोती महल का संक्षिप्त संस्करण है। जो इस तथ्य का प्रतीक है कि केवल शासक के लिए नहीं अपितु राजाओं के सहकर्मियों के लिए भी भवनों का निर्माण किया जाता था।

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat's Kothi


राय भगत कोठी का सफर
Journey of Rai Bhagat Kothi


हम लोगों को यहां पर कौन कौन सी जगह जाने था। इस बारे में जानकारी नहीं थी। तो हम ने यहां पर किसी से पूछ कि यहां पर कौन सी जगह है जहां हम घूमने के लिए जायें तो उन्होनें हमें राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) की जानकारी दी। मोती महल से करीब 1 किमी की दूरी पर आपको मोती महल देखने मिल जाएगां। हम लोग राय भगत की कोठी के लिए निकल पड़े और मोती महल से ज्यादा दूर नहीं है 1 किलोमीटर दूर होगा। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के आसपास आपको बहुत सारी दुकान मिल जाती है। जहां पर आप चाय और नाश्ता कर सकते है। इसके अलावा राय भगत की कोठी के पास ही मुझे लगता है कि बस स्टॉप है। क्योंकि यहां पर आकर गाड़ियां रूकती है। तो यहां पर छोटी छोटी होटल भी है। 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के बाहर ही आपको एक बोर्ड देखने मिल जाएगा। इस बोर्ड में इस महल के बारें में इंफॉर्मेशन लिखी होती है। यहां पर आपकी स्कूटी का किसी भी प्रकार का स्टैड चार्ज नहीं लगता है। आप रोड के किनारे गाडी खडे कर दें और महल में प्रवेश कर सकते है। महल में प्रवेश का भी किसी प्रकार का चार्ज नहीं लगता है। 

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला


Pond inside Rai bhagat's kothi 

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

 Inside View of Rai bhagat's kothi 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के बाहर बहुत अच्छा गार्डन बना हुआ है। गार्डन के बीच से महल में जाने का रास्ता है। महल में हम लोगों ने प्रवेश किया। महल का प्रवेश द्वार संगमरमर पत्थर से निर्मित है और यह महल में लाल कलर का पेंट पुता हुआ है और प्रवेश द्वार पर महल के छत में खूबसूरत पेंटिंग देखने मिलती है। यहां पर महल के बीच में एक छोटा सा तालाब बना हुआ। जिसमें पानी भरा था और कमल के फूल खिले हुए थे।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) ज्यादा बड़ा नहीं था। आप इस महल को आधे घंटे में या इससे भी कम समय में पूरा घूम सकते हैं। वह हम लोगों ने भी घूमना स्टार्ट। हम लोग पहले महल के उपर वाले कमरे देखें। हम लोग ऊपर चढ़े और यहां पर जो सीढ़ियां हैं। वह काफी बड़ी बड़ी है और ऊंची ऊंची है। तो आपको  सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत जा सकती है। मुझे तो बहुत दिक्कत हुई। सीढ़ियां  चढ़ने में । 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) 3 मंजिला भवन है और काफी खूबसूरत है। इस महल का  रखरखाव काफी अच्छा किया गया है। क्योंकि यहां पर किसी भी तरह की कोई गंदगी नहीं थी। पर यहां पर लोग आते हैं और गंदा जरूर करते है। पालीथिन वगैरह जरूर छोडकर जाते है। हम जब यहां पर आये थे। तब यहां पर स्कूल से छुटटी मारकर आये हुए बच्चों देख थे। यह बच्चे महल के बाहर गार्डन में बैठा थे। यहां पर बैठकर टाइम पास कर रहे थे। आप महल के उपरी मंजिल से बाहर देख सकते हैं। बाहर का नजारा बहुत अच्छा है। मंडला कृषि प्रधान जिला है और इस महल के उपर से आप खड़े होकर खेत देख सकते है। इस महल के सामने खेत का दृश्य देखने मिलता है। जब हम लोग गए थे। तब यहां पर धान की खेती हुई थी और वही काटकर यहां पर रखी हुई थी। तो आप काफी दूर का एरिया देख सकते हैं खेतों का और यहां पर गार्डन भी बहुत खूबसूरती से बनाया गया है तो आप उसे भी देख सकते हैं जो बहुत अच्छा लगता है ऊपर वाली मंजिल से।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiमें कई कमरें बने हुए है। यहां पर जो उपर जो कमरे है वहां काफी अच्छे है और उसमें पर्याप्त मात्रा में रोशनी आती है। यहां पर बहुत बडे बडे बरामदे भी है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर बने हुए हैं या भवन बने हुए हैं और काफी खूबसूरत बने हुए हैं। इसके अलावा जहां पर बहुत ज्यादा अंधेरा रहता है तो चमगादड़ ने अपना घर बना लिया है और बहुत ज्यादा गंदा किया है। जहां पर चमगादड़ रहते है। वहां पर बहुत बदबू आती है। महल के नीचे वाले कमरे में चमगादड़ ज्यादा मात्रा में है क्योकि यहां पर सूरज की रोशनी कम आती है। महल के चारों कोने पर खूबसूरत गुम्बद बने हुए है। जो खूबसूरत लगते है। 

यहां काफी शांत जगह है। यहां पर शहरों की तरह बहुत ज्यादा शोर-शराबा और भीड़भाड़ वाला माहौल नहीं है। काफी अच्छा माहौल है। शांत इलाका है। यहां पर हमारे साथ कुछ और लोग भी घूमने आये हुए थे। 

हमारा इस महल का एक्सपीरियंस अच्छा रहा है। महल छोटा सा है। मगर रामनगर में आपके घूमने के लिए बहुत सारी जगह हैं। जहां पर आप घूम सकते है। 

यहां पर किसी भी तरह की वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध नहीं है। आपको खुले में ही जाकर वाॅशरूम जाना होगा। यहां पर खाने-पीने की व्यवस्था तो है। चाय पानी के ठेले हैं ढेर सारे, तो आप चाय, पानी, नाश्ता कर सकते हैं। यहां पर हम लोग ने राय भगत की कोठी के घूमने के बाद चाय पिया क्योंकि हम लोग सुबह से घूम रहें थे। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो आप जरूर इस लेख को शेयर करें और अगर आपने रामनगर की किसी भी जगह की सैर की हो तो अपने जो भी अनुभव है वह हमसे जरूर साझा करिएगा ।

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Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

मोती महल रामनगर, मंडला शहर 
Moti Mahal Ramnagar, Mandla City


रामनगर (Ramnagar) का किला मोती महल (Moti Mahal) नर्मदा नदी के किनारा बना हुआ है। इस महल को आप नर्मदा नदी के रामनगर पुल से देख सकते है। मोती महल मंडला (Moti Mahal, Mandla) शहर का एक प्राचीन किला है। मोती महल मंडला (Moti Mahal, Mandla) शहर में रामनगर गांव में स्थित है। आज के लेख में हम मोती महल के बारें में जानकारी दूॅगी।

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Moti Mahal 


मोती महल मंडला में कहां स्थित है
Where is Moti Mahal located in Mandla?


रामनगर मंडला शहर से करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। मंडला शहर के रामनगर गांव में मोती महल एवं अन्य प्राचीन स्मारक स्थित है। रामनगर जाने का रास्ता बहुत अच्छा है। रामनगर में आपको कई मंदिर एवं प्राचीन किलें देखने मिल जाते है। 

हम लोगों ने रपटा घाट घूम लिए थे। हम लोग रपटा घाट से अपनी स्कूटी से रामनगर की तरफ जाने के लिए निकले गए। रामनगर फोर्ट जाने वाला रास्ता मुख्य मंडला शहर से होकर रास्ता जाता है। फिर आपका हाईवे रोड मिल जाती है। हम लोग स्कूटी चला रहे थे। मंडला के इस रास्ते में आपको जंगल और पहाड देखने मिल जाते है। आपको मंडला के इस रोड में बहुत कम दुकान एवं देखने मिलेगी। जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकें। हम लोगों को एक चाय वाले की दुकान देखी थी। इस दुकान में हम लोगों ने चाय पी और एक स्नैक का पैकेट लिया और कुछ देर बैठकर चाय पी और स्नैक खाया। उसके बाद आप लोग आगे निकल गए। आपको इस रोड में एक तीर्थ स्थल और देखने मिल जाता है। 


Arandi Shrine Place
एरंडी तीर्थ स्थल


एरन्डी तीर्थ संगम (Arandi Shrine Place) यह तीर्थ स्थल आपको इस रोड में देखने मिल जाएगा। इस तीर्थ स्थल का बोर्ड भी आपको रोड में ही देखने मिल जाएगा। मुख्य सडक से यह तीर्थ स्थल करीब एक से डेढ़ किलोमीटर आपको अंदर जाना पड़ता है। यह पर जो रास्ता आपको मिलेगा वो उबाड खबाड रहता है। आपकी गाडी एरन्डी तीर्थ संगम तक आराम से चली जाती है। यह पर आपको नर्मदा नदी का किनारा देखने मिलता है और शिव भगवान जी का शिवलिंग एक चबूतरे में विराजमान है। इस जगह पर आपको एक छोटी नदी नर्मदा नदी से मिलती है। यह जगह काफी शांत है। यहां पर आपकी गाड़ी तो चली जाती है मगर गाड़ी ऊपरी खड़ी करनी पड़ती है और नीचे आपको आना पड़ता है। यह पर ढलान होती है तो आपको अपनी गाडी संभलकर खडी करनी होती है और आपको संभलकर चलना होता है। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Arandi Shrine Place 


हम लोग नर्मदा जी के दर्शन करने के बाद आगे बढ़े। रामनगर का जो रास्ता है। वह बहुत बढ़िया रास्ता है। यह पर चारों ओर जंगल है। आप इस जंगल वाले रास्ते से होते हुए रामनगर के पुल तक पहुॅच गए थे। 

नर्मदा नदी में पानी अभी कम हो गया था। रामनगर में नर्मदा जी उथली हुई है। यहां पर आप नहा सकते है, मगर यहां पर कपडे बदलने के लिए चेजिंग रूम नहीं है। नर्मदा नदी में बरिश के मौसम में पानी से लबालब भर जाती है और गर्मी आती है तो नर्मदा नदी पानी कम हो जाता है और इस खाली जगह में खेती होने लगती है। जब इस खाली जगह में खेती लगाते है, उसे तरी कहते है। यहां पर रामनगर पुल से ही हम लोगों को मोती महल देखने लगा। 

मोती महल रामनगर, मंडला की पूरी जानकारी
Complete information about Moti Mahal Ramnagar, Mandla


नर्मदा नदी के पास से हम लोग मोती महल पहुॅचे। मोती महल के बाहर एक मंदिर है जो शिव भगवान को समार्पित है। यह बहुत सुंदर मंदिर है मंदिर ज्यादा बड़ा नहीं है छोटा सा है। मगर लोगों की श्रद्धा बहुत बड़ी रहती है। इस मंदिर में बहुत सारे लोग भगवान के मंदिर में भजन कर रहे थे। यहां का माहौल काफी अच्छा था। यहां पर भंडारे का भी कार्यक्रम चल रहा था।

मोती महल (Moti Mahal) का निर्माण राजा हृदय शाह ने करवाया था और राजा हृदय शाह का यह निवास स्थल था उन्होंने इस महल का निर्माण 1651 में कराया था। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Narmada River view 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

View in front of Moti Mahal 


मुझे लगता है कि मोती महल (Moti Mahal) का प्रवेश द्वार पहले नर्मदा नदी की ओर होगा। मगर अब यह नहीं है। इस प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है। महल के  बाजू से एक चढ़ाई वाला रास्ता है। इस रास्ते पर आपकी गाडी भी चली जाती है। वहां से आप मोती महल में प्रवेश कर सकते है। 

मोती महल (Moti Mahal) में हम लोगों ने प्रवेश किया। मोती महल (Moti Mahal) के सामने गाडी पर्किग का स्पेस है। यह पर आप गाडी खडी सकती है। गाडी खडी करने में किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है। बिल्कुल फ्री है। अब अपनी गाड़ी खड़ी करके अंदर जा सकते हैं। आपको महल के जो प्रवेश द्वार है, उसके बाहर ही आपको ढेर सारे मिट्ठू देखने मिल जाते हैं। यहां पर बहुत सारे मिट्ठू है। मिट्ठू तो आपको पता होगे तोते। तोते अपनी आवाज में चैं चैं करते रहते है। 

उसके बाद हम लोग मोती महल (Moti Mahal) के अंदर गए। प्रवेश करने के लिए एक छोटा द्वार है। आप प्रवेश करते हैं, तो आपको महल के बीचोंबीच एक तालाब देखने मिलता है। हम जब गए थे। तब तलाब में थोड़ा पानी था। बरसात के समय में यह तालाब भरा रहता होगा। हम लोगों ने तालाब और चारों तरफ का महल का स्ट्रक्चर देख रहे थे। उसके बाद महल की रखरखाव करने वाले एक व्यक्ति ने हमें महल के एक तरफ से ऊपर चढ़ने को कहा और पूरा महल घूमते हुए दूसरी तरफ से नीचे उतरने के लिए कहा। हम लोग उसी प्रकार एक तरफ से ऊपर चढ़ गए और पूरा महल देखते हुए नीचे आ गए। महल काफी अच्छी तरह से बना हुआ है। महल में किसी भी तरह का भी नुकसान नहीं हुआ है। महल में अलग-अलग गुंबद देख सकते हैं। यह महल तीन मंजिला है आप देख सकते हैं।

मोती महल (Moti Mahal) में हम लोगों ने देखा कि लोग अपने नाम दीवारों पर लिख देते हैं।  महल की दीवारों को गंदा कर देते हैं। ये सब नहीं करना चाहिए। मोती महल छोटा ही है। ज्यादा बड़ा नहीं है। आप पूरा महल आधे घंटे में घूम सकते हैं। और इसके अलावा हम लोग महल के नीचे भी गए थे। महल के नीचे तहखाने में कमरें बने हुए थे। मगर इन तहखाने में थोड़ा अंधेरा रहता है। हम लोग ने बाहर से सब देख। हम लोग ज्यादा अंधेरे में नहीं गए। आप देखना चाहे तो अंदर जाकर देख सकते है। आप टॉर्च का जरूर प्रयोग करिएगा। तहखाने में पानी को निकलने की व्यवस्था की गई है वो आप देख सकते है। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

View inside Moti Mahal 


मोती महल (Moti Mahal) में बहुत सारे बंदर है। जो आपका सामान छीन कर भाग सकते हैं। तो आप अपना सामान अपने बैग में अच्छे से अपने पास रखें। खाने का सामान हाथ में लटका कर ना चले नहीं, तो बंदर आपका सामान छीन कर भाग सकते हैं। तो बंदरों से यहां पर आप सावधान जरूर रहे।

इस तरह हम लोगों ने पूरा महल घुमा और काफी अच्छा लगा हम लोग को महल घूम कर और यह महल ज्यादा बड़ा नहीं है, छोटा है। महल के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत अच्छा व्यू देखने मिलता है। महल में आपको वॉशरूम की सुविधा नहीं मिलती है। तो आपको इस चीज का जरूर ध्यान देना है। महल के आजू-बाजू में किसी भी तरह की खाने पीने की दुकान नहीं है। आपकी यात्रा यहां पर शुभ हो।

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो और आप मंडला जिले के रामनगर के मोती महल गयें हों, तो अपना अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए


Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

Rapta Ghat Of Mandla City

रपटा घाट मंडला शहर का खूबसूरत घाट

रपटा घाट मंडला जिले का खूबसूरत है। रपटा घाट मुख्य मंडला जिले में स्थित है। रपटा घाट नर्मदा नदी पर मंडला शहर में स्थित एक मुख्य घाट है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। रपटा घाट मंडला जिले में बहुत फेमस है। इस घाट में बहुत सारे मंदिर हैं। आज के लेख में मैं आपको मंडला जिले की यात्रा में रपटा घाट के बारे में जानकारी दूंगी। यहां पर मेरे हिसाब से वृद्धजनों के रहने के लिए आश्रम भी स्थित है। हमारी मंडला की यात्रा 2 दिन की थी, और हम लोग पहले सहस्त्रधारा घूमने गए थे। उसके बाद हम लोग रपट घाट घूमने गए थे। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  


रपटा घाट मंडला में कहां स्थित है
Where Is Rapta Ghat Located In Mandla?


रपटा घाट मंडला शहर में स्थित एक खूबसूरत घाट है। मंडला शहर मध्यप्रदेश शहर का एक जिला है। रपटा घाट मुख्य मंडला शहर में स्थित है। सहस्त्रधारा से रपटा घाट 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा। हम लोग अपनी स्कूटी में गए थे। आप इस घाट में आराम से पहुंच सकते हैं। हम लोग  अपनी स्कूटी से लगभग 30 मिनट रपटा घाट पर पहुंच गए थे। यहां पर आप अपनी स्कूटी खड़ी कर सकते हैं।

रपटा घाट बहुत बड़ा घाट है। यह पर बहुत सारा स्पेस है। आप यहां पर आकर अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं और पूरा घाट घूम सकते हैं। घाट में बहुत सारी मंदिर है। घाट में बहुत सुंदर गार्डन बना हुआ है। जहां पर आप बैठ सकते हैं। 

मेरे द्वारा की गई रपटा घाट की यात्रा
My Trip To Rapta Ghat


हम लोग होटल में रुके थे और मैंने सुबह नहाया नहीं था। तो मुझे नहाना था, तो रपटा घाट में मैंने नहाया और घाट में आपको कपड़े चेंज करने के लिए छोटे-छोटे रूम मिलते हैं। जो लोहे के बने रहते हैं। तो मैंने वहां कपड़े चेंज किए। रपटा घाट में पानी इतना गहरा नहीं है। यह काफी खूबसूरत है। यहां पर घाट के पास ही में और नर्मदा नदी में एक चबूतरा बना हुआ है। इस चबूतरे में शंकर जी की मूर्ति स्थापित है तो उनकी पूजा कर सकते हैं। इस चबूतरा के पास आप जा सकते है। यह पर नदी थोडी गहरी होती है। 


हम ने नहा लिया और कपड़े बदले लिए। उसके बाद हम लोगों ने घाट में    घूमना शुरू किया। हम लोग रपटा घाट के उपर बहुत सारे मंदिर देखने मिले है। आपके बैठने के लिए रपटा घाट में बहुत अच्छी व्यवस्था है। आप कुछ समय यहां बैठकर रपटा घाट का देख सकते हैं। वैसे हम ने यहां पर एक मृत पशु की लाश बहती हुए देखी जो हम लोगों को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा।  कुछ लोग इस तरह से पशुओं की लाश को नर्मदा नदी में बह देते है। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की फेमस नदी है, और हमें अपनी नदियों को साफ    रखना चहिए। नदियों में कचरा नहीं डालना चहिए उन्हे स्वच्छ रखना चहिए। हमें अपनी नदियों को साफ सुथरा रखना चाहिए। किसी तरह की गंदगी हमें नदियों में नहीं डालना चाहिए। तो यह दृश्य देखकर हम लोग को बहुत बुरा लगा। मगर इसके लिए क्या कर सकते हैं। बस लोगों को जागरूक कर सकते हैं, कि कोई भी इस तरह का काम नहीं करें। नर्मदा नदी में किसी भी प्रकार की गंदगी ना करें। किसी भी प्रकार का कचरा ना फैलाएं। 

रपटा घाट में नर्मदा नदी का खूबसूरत व्यू के अलावा यह पर बहुत सारे मंदिर है। यह मंदिर घाट के ऊपर बने हुए है। आप नर्मदा नदी व्यू देखने के बाद इन मंदिरों के दर्शन कर सकते हो। आपको यहां पर मां नर्मदा मां की रसोई  देखने मिल जाएगी, और साईं बाबा जी का मंदिर है। श्री गणेश जी का मंदिर भी है। 

श्री गणेश जी का बहुत खूबसूरत मंदिर है। यहां पर गणेश जी की बहुत खूबसूरत मूर्ति है और काफी बड़ी मूर्ति है। इसके अलावा यहां पर साईं बाबा जी का बहुत ही भव्य मंदिर है। हम लोग मतलब मैं मंदिर के अंदर नहीं गई थी। मै सभी मंदिर के बाहर से ही दर्शन किया। यहां पर नर्मदा रसोई भी है, जहां पर नर्मदा मां की मूर्ति विराजमान है। साईं बाबा जी के दर्शन करने के बाद आप नर्मदा मां के दर्शन कर सकते है।  

इन मंदिर के पास भी बैठने की भी अच्छी जगह है। जहां से आप नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। नर्मदा नदी के घाट के बाजू में ही आपको हाईवे रोड देखने मिल जाती है। नर्मदा नदी पर एक पुल बना हुआ है। इस हाईवे रोड से होते हुए आप नरसिंहपुर, सिवनी जा सकते है। यहां पर नर्मदा नदी पर एक छोटा पुल भी बना हुआ है। शायद पहले इसी पुल का प्रयोग किया जाता होगा। अब इस छोटे पुल में लोग घूमते रहते है और आपको बहुत से लोग यहां पर मछली पकडते दिख जाते है। नर्मदा नदी के एक सिरे से दूसरे सिरे पर जाने के लिए अभी बड़ा पुल का प्रयोग किया जाता है। नर्मदा नदी के बडे पुल में बड़ी बड़ी गाड़ियों को एक सिरे से दूसरे सिरे पर ले जाने के लिए इस पुल का प्रयोग किया जाता है। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

रपटा घाट पर एक छोटा पुल और भी बना हुआ है। इस छोटे पुल पर आप भी घूम सकते है। इस छोटे पुल से आप नर्मदा नदी के आर पार जा सकते है।  यह पुल पानी को रोकने के लिए मतलब पुल बना दिए हैं। पुल के नीचे गोल छिद्र बने हुए जिसमें से पानी निकलता है। इन छिद्रों से बहुत तेजी पानी निकलता है। यहां पर हमने कुछ लोगों को देखा जो टोकरी को इन छिद्र में बांधकर मछली पकडते थे। जो भी पानी के साथ मछलियां आती थी तो वो उनके टोकरी में आ जाती थी मतलब पानी बहुत ज्यादा निकलता है, तो टोकरी में मछली आ जाती थी। पुल के छिद्र में जहां पर पानी फोर्स फुली निकलता है। वहां पर टोकरी बांध दिया थे। इस छोटे पुल में कम से कम 10 से 15 छिद्र थे। बीच में नर्मदा जी का बहाव बहुत तेज था। जहां पर बहाव तेज था। वहां पर टोकरी बंधी हुई थी। हमने इन टोकरी में मछली भी देखा। मुझे लगता है कि दिन भर में करीब 10 से 20 किलो मछली ये लोग आराम से पकड लेते होगें। 

रपटा घाट में वृध्दााश्रमा बना हुआ है। आपको बहुत से वृध्द लोग जिनके घर वाले उन्हें नहीं रखते हैं, तो उनके लिए आश्रम बना हुआ है। यहां पर आप देख सकते हैं, उन लोगों को और रपटा घाट में बहुत से गरीब लोग जिनके रहने की किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं है। वो भी यह पर शेड बनी हुई है यहां पर रहते है और खाना पीना बना रात को वही पर सो जाते हैं। 

रपटा घाट बहुत खूबसूरत है। हम लोग रपटा घाट में छोटे पुल बना है। हम लोग एक नर्मदा घाट से दूसरे तरफ जाने के लिए इस पुल से जा रहे थे। मगर हम लोग नही गए आधे से ही वापस आ गए। ये पुल काफी ज्यादा लंबा था, इसलिए हम लोग आगे नही गए थे। इस पुल में जहां पर नर्मदा नदी का तेज बहाव है। वहां पर पानी निकलता है वहां पर देखने में बहुत अच्छा लगता है। 

आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं और यहां पर आप इंजॉय कर सकते हैं। वैसे मेरे हिसाब से मंडला सिटी जो है वह काफी सस्ती है, अगर आप यहां यात्रा करते हैं। तो आपका बहुत कम पैसा खर्चा होगा यहां पर और खाना भी ज्यादा महंगा नहीं है। हम लोगों को यहां पर खाना काफी कम दामों पर मिला। हम लोग लॉज रुके थे। उस लाॅज का खाना उतना अच्छा नहीं था मगर सस्ता था। 

हम लोग का रपटा घाट का एक्सपीरियंस बहुत अच्छा रहा। यहां पर आप आकर बहुत अच्छा टाइम बिता सकते हैं। यह घाट मुख्य शहर के बीच में स्थित है तो आप अगर यहां पर आते हैं। तो आराम से घाट तक पहुंच सकते हैं। आप गूगल मैप से इस जगह पर असानी से पहुंच सकते हैं। मंडला शहर में यह मुख्य घाट है और इस घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते है। 

रपटा घाट में मुझे वॉशरूम की व्यवस्था नहीं देखी। यह पर जो लोग शेड के नीचे रहते है, वहां नर्मदा जी के किनारे वॉशरूम के लिए जा रहे थे। तो यह बात मुझे अच्छी नहीं लगी, नर्मदा नदी के किनारे गंदगी करना अच्छी बात नहीं है। सरकार को और लोगों को इस बात का विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि नर्मदा जी को इस तरह से गंदा ना किया जाए।

मै आप सब लोगों से ये ही कहना चाहती हूॅ कि आप लोग नर्मदा जी को स्वच्छ रखें। नर्मदा नदी में कचडा न डालें और नर्मदा नदी के किनारे शौच न करें। 

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो। आप मंडला जिले के रपटा घाट   घूमें हो तो तो अपना अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए