सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jabalpur to Jaipur Travel

जबलपुर से जयपुर यात्रा 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 

जबलपुर से जयपुर यात्रा का प्लान हमारा नया साल में बना था। हम लोगों ने ट्रेन से जयपुर जाने का प्लान बनाया था। हम लोगों ने दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन में बुकिंग की थी। हम लोग फैमिली और फ्रेंड्स के साथ जा रहे थे। हम लोग जबलपुर रेलवे स्टेशन (Jabalpur Railway Stationसे दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) से जयपुर जाने वाले थे। दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन हम लोगों की शाम की ट्रेन थी। हम लोग अपने सही समय पर ट्रेन में पहुंच गए और ट्रेन में बैठ गए। उसके बाद ट्रेन भी अपने सही समय पर जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से चली दी थी। दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) का स्टार्टिंग पॉइंट जबलपुर ही है। यह ट्रेन जबलपुर से ही बनती है, और जबलपुर से यह आपको अजमेर तक लेकर जाती है। अगर आप अजमेर डायरेक्ट जाना चाहते हैं तो आप इस ट्रेन से जा सकते हैं। आप इस ट्रेन से 15 से 20 घंटे में जयपुर पहॅुच जाते है। 

दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन आपको सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन (Sihora Road Railway Station), कटनी रेलवे स्टेशन (Katni Railway Station), दमोह रेलवे स्टेशन (Damoh Railway Station), मुंगेली रेलवे स्टेशन (Mungeli Railway Station), अशोकनगर रेलवे स्टेशन (Ashoknagar Railway Station), और गुना रेलवे स्टेशन (Guna Railway Station) से डायरेक्ट आपको जयपुर और अजमेर पहॅुच सकती है। आप जयपुर और अजमेर डायरेक्ट ट्रेन से जा सकते हैं। 

जबलपुर से जयपुर के यात्रा (Travels from Jabalpur to Jaipur) हमारी शुरू हो गए थी। जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से ट्रेन हमारी चलना स्टार्ट हो गई। शाम का समय था। हम लोग थोड़ी देर बातचीत की, उसके बाद हम लोगों ने खाना खाए। करीब 9 बजे हम लोग ने खाना खाया। उसके बाद हम लोग सो गए, क्योंकि रात हो गई थी। इसलिए हम लोग सो गए। हम लोग पर सुबह उठे। सुबह ट्रेन से हम लोग कोटा जंक्शन (Kota Junction) पहुंच गए थे।  कोटा जंक्शन (Kota Junction) में ट्रेन का डब्बा चेंज होता है। तो वहां पर डब्बा चेंज हुआ। इसके बाद हमारे आगे का सफर चालू हुआ। हम यहां पर राजस्थान की सीमा पर पहुॅच गए है। आपको इस जगह पर ट्रेन के आजू-बाजू बहुत सारे खेत देखने मिलते है। जब हम लोग गए थे तो हम लोगों को बीही की खेती बहुत ज्यादा देखने मिली थी। हम लोगों को और सरसों और चना भाजी भी देखने मिली थी। इस रूट में एक स्टेशन है। जिसका नाम याद नहीं आ रहा है। वह स्टेशन बहुत खूबसूरत था। बहुत साफ-सफाई थी उसमें और काफी अच्छा था। 

आपको कोटा स्टेशन से ही राजस्थानी लोगों का दिखने लगते हैं। उनका पहनावा और उनका जो कल्चरल सिंबल आपको नजर आने लगता है। यहां महिलाओं का जो पहनावे रहता है। वह स्कर्ट रहती है। लॉन्ग स्कर्ट और ब्लाउज रहता है, ऊपर चुन्नी रहती है। महिलाए काफी चूड़ियां पहनी रहती है। टैटू (The tattoo) भी उनके हाथ में आपको देखने मिल जाता है जिसे गोदना (Tattooना कहते हैं। टैटू (The tattoo) नहीं कहते हैं। आपको देखने मिल जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jaipur Railway Station


आप इन सभी नजारों को देखते हुए जयपुर पहुंच जाते हैं। जयपुर पहुंचकर आप स्टेशन से उतरकर बाहर आते हैं। जयपुर स्टेशन (Jaipur station) के बाहर ही आपको कैब और टैक्सी  मिल जाती है। आप टैक्सी बुक करके अपने होटल जा सकते हैं। हम लोगों ने भी कैब बुक किया और अपने होटल गए। हम लोग का होटल 3 से 4 किलोमीटर दूर होगा।  हम लोग ने होटल ओयों से बुक किया था। हम लोग का होटल उतना अच्छा नहीं था। आप ओयो में जो होटल की फोटो देखते है। वहां कभी कभी सही नही रहती है। ओयो एप में होटल की फोटो तो काफी अच्छी दिखा देते हैं। मगर होटल बहुत बेकार रहता है। हम लोगों की ओयो वालों ने किसी भी तरह की कोई भी मदद नहीं किया था। न ओयो वाले होटल आपका चेंज करता है और ना ही पैसे रिटर्न करते है। 

आप चाहे तो होटल बुक करने से पहले आप होटल पहुंच जाएयें। उसके बाद आप होटल देख लीजिए। उसके बाद आप उसे बुक कर लीजिए। आपके लिए यहां अच्छा रहेगा, क्योंकि उसमें आप रूम देख सकते हैं और बाकी सुविधाए भी चेक कर सकते है। हमारा होटल जो था वह तो बहुत बेकार था। मगर कुछ भी नहीं किया जा सकता था। आप ओयो से होटल बुक करें तो पैसे पहले पे नहीं करें। हम लोगों ने होटल में थोड़ी देर आराम किया। वैसे भी जिस दिन हम लोग पहुंचे थे। उस दिन तो कहीं जाना हमारा संभव नहीं था। तो हम लोगों ने थोड़ा आराम किया।

Birla temple of Jaipur city

जयपुर शहर का बिरला मंदिर


हम लोग शाम को जयपुर शहर के प्रसिद्ध मंदिर बिरला मंदिर (Birla Mandirगए। बिरला मंदिर जयपुर मेन सिटी में स्थित है। आप यहां मंदिर घूम सकते है। बिरला मंदिर (Birla Mandir) बहुत खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर बहुत बडे क्षेत्र में फैला हुआ है। आपको मंदिर में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति देखने मिल जाती है। मंदिर में आपको बहुत शांति मिलती है। हम लोग आटों से मंदिर पहुॅचे थे।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


बिरला मंदिर (Birla Mandirमें बहुत बड़ा गार्डन है। मंदिर में गार्डन के बीच में बहुत ही खूबसूरत शिव भगवान की मूर्ति देखने मिलती है। जो बहुत प्यारी लगती है। आप मूर्ति के पास नहीं जा सकते हैं। सिर्फ बाहर से दर्शन कर सकते हैं। हम लोग मंदिर के गार्डन से होते हुए मुख्य मंदिर तक पहूॅच गए। आप जूते चप्पल बाहर ही उतरना पडता है।  मंदिर नंगे पैर जाना पड़ता है। मुख्य मंदिर सफेद मारबल से बना हुआ है। हम लोगों ने भगवान के दर्शन किए। उसके बाद हम लोग मंदिर से बाहर आए। मंदिर के बाहर भी आपको बहुत ही खूबसूरत कलात्मक मूर्तियां देखने मिलती हैं। आप यहां पर फोटोग्राफी कर सकते हैं। आपकी फोटो बहुत ही मस्त आती है। आपका यहां पर बहुत अच्छा लगता है। 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


हम लोगों को बिरला मंदिर (Birla Mandir) जाकर बहुत मजा आया था। यह मंदिर बहुत अच्छा है।  मंदिर में आपको म्यूजियम (Museumभी देखने मिलता है। म्यूजियम मुख्य मंदिर के नीचे है। आप म्यूजियम देख सकते हैं। यह संग्रहालय की स्थापना बिरला मंदिर जिन्होंने स्थापित किया है, उनके बारे में बहुत सी जानकारी आपको मिल जाती है। मंदिर बहुत खूबसूरत है। बहुत बड़ा मंदिर है। सफेद मार्बल से बना हुआ है। यहां पर बहुत बड़ा गार्डन भी है। आप गार्डन में बैठ सकते हैं। कुछ टाइम अपना समय बिता सकते हैं। बिरला मंदिर (Birla Mandir) जयपुर में जवाहरलाल नेहरू मार्ग (Jawaharlal Nehru Margपर स्थित है। यहां पर आपको श्रीमती इंदिरा गांधी जी (Mrs. Indira Gandhiकी प्रतिमा भी देखने मिलती है। 

Moti Dungri Fort and Shiva Temple

मोती डूंगरी का किला और शिव मंदिर


आपको मंदिर के बाजू में पहाड़ी देखने मिलती है। पहाड़ी में मोती डूंगरी का किला (Moti Dungri Fort) है। जिसमें जाने की मनाही है। यहां पर शिव भगवान जी का प्राचीन मंदिर है। यहां पर जाना मना है। मोती डूंगरी किला (Moti Dungri Fort) एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है। मोती डूंगरी किला जयपुर राज दरबार के शाही परिवार की निजी संपत्ति है। महारानी गायत्री देवी (Maharani Gayatri Devi) जब जीवित थीं, तब उन्होंने यहां निवास किया था। यहां पर राज परिवार के पूजा करने के लिए रॉयल फैमिली प्राइवेट शिव मंदिर बनाया हैं। शिवरात्रि के टाइम पर यह मंदिर खोला जाता है तो उस टाइम पर ही विजिट किया जा सकता है। इस शिव मंदिर एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (Ekalingeshwar Mahadev Temple) कहा जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Moti Dungri Fort, Jaipur 


बिरला मंदिर के बाहर आपको बहुत सारी दुकानें मिलती हैं। जहां पर डोसा, चाट, फुलकी, और कोल्ड ड्रिंक का मजा ले सकते है। जहां पर आप यह सब आइटम खा सकते हैं। मंदिर परिसर में आपको वॉशरूम की सुविधा भी मिल जाती है। अगर आप यहां पर जाना चाहे तो जा सकते हैं। वाॅशरूम में कोई भी चार्ज नहीं लिया जाता है।   यह जो एरिया है वहां बहुत भीड़ वाला एरिया है। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो। तो इस लेख को जरुर शेयर करें। अगर आपने जयपुर घुमा हो तो अपने विचार हम से सांझा जरूर करें। 

आपने अपना अमूल्य समय दिया हमें उसके लिए धन्यवाद



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।

बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city बैतूल जिले की जानकारी - Betul district information बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर, । बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है।  बैतूल में घूमने की जगहें Places to visit in Betul बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है।