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इमली के पेड़ (Tamarind Tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

 इमली के पेड़ की जानकारी और इमली के उपयोग
Tamarind Tree Information and Uses of Tamarind


इमली भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य पौधा है। इमली का पेड़ भारत में हर जगह पाया जाता है। इमली का पेड़ बहुत विशाल रहता है। इमली के बारे में सभी लोग जानते हैं, क्योंकि इमली का उपयोग हमारे दैनिक जीवन में होता है। इमली से बहुत सारे खाने वाले वस्तुएं बनाई जाती है। इमली का प्रयोग खाने को खट्टा करने के लिए किया जाता है। इमली की चटनी सभी लोगों ने खाई होगी, क्योंकि इमली की चटनी समोसे के साथ बहुत पसंद की जाती है। इमली की चटनी खट्टी मीठी लगती है। इमली का उपयोग गोलगप्पे में भी किया जाता है। इमली का इस्तेमाल हमारे डेली लाइफ में होता है। इसलिए इमली को सभी लोग जानते हैं। इस ब्लॉग में हम इमली के पेड़ के बारे में, इमली के उपयोग, इमली के औषधीय गुण, इमली की बहुत सारी जानकारी हासिल करेंगे। 

इमली का पेड़ बहुत विशाल रहता है। आप भारत के किसी भी हिस्से में रहते होंगे, मगर आपने इमली का पेड़ जरूर देखा होगा। इमली के पेड़ की ऊंचाई करीब 15 से 20 मीटर तक होती है। इमली के पेड़ की पत्तियां हरे रंग की होती है। इमली के पेड़ की पत्तियां बहुत छोटे आकार की होती हैं। इमली के पेड़ कि एक टहनी में बहुत सारी पत्तियां रहती हैं। यह पत्तियां टहनी के दोनों तरफ लगी रहती हैं। इमली की पत्तियों का स्वाद खट्टा रहता है। इमली की पत्तियों का उपयोग सब्जी बनाने में किया जाता है। 

इमली में के पेड़ में एक मुख्य तना देखने के लिए मिलता है। जब इमली का पेड़ छोटा रहता है। तब इसका तना चिकना रहता है और जब इमली का पेड़ बड़ा होता है। तब इसका तना खुरदुरा हो जाता है। इमली के तने से बहुत सारी उप शाखाएं निकलती है, जिनमें छोटी-छोटी टहनी होती है। 

इमली की ताजी पत्तियों को तोड़कर इनको खाया भी जा सकता है। हम लोगों ने अपने बचपन में इमली की पत्तियों को खाया है। यह पत्ती बहुत टेस्टी लगती हैं। इमली के पेड़ में नई पत्तियां जो निकलती हैं। वह हल्के हरे कलर की रहती है। जब पत्तियां पुरानी हो जाती है, तो इनका कलर डार्क हरा हो जाता है। इमली की, जो नई पत्तियां निकलती है। उनका टेस्ट बहुत ही टेस्टी रहता है और जब पत्ती पुरानी होती है। तब इनका टेस्ट थोड़ा डिफरेंट हो जाता है। मगर खट्टा ही रहता है। 


इमली की पत्ती की फोटो - tamarind leaf photo


इमली के पेड़ (Tamarind Tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी



इमली के पेड़ में सफेद कलर के छोटे-छोटे फूल लगते हैं। यह फूल देखने में बहुत आकर्षक लगते हैं। यह फूल गुच्छों में लगते हैं। इन फूलों में सुगंध रहती है। जब इमली के पेड़ में फूल लगते हैं। तब इसमें बहुत सारी मधुमक्खियां आती है और फूलों के रस को चुस्ती हैं। इमली के पेड़ के फूल थोड़ी सी लालिमा लिए भी होते हैं। 

इमली के फूल का भी उपयोग खाने के रूप में किया जाता है। मगर मैंने अपने बचपन में इमली के फूलों को कभी नहीं खाया है। इमली की पत्तियां और इमली के फलों को हम लोगों ने बहुत खाया है। इमली के फूलों का गुलकंद बनाया जाता है और इसकी सब्जियां भी बनाई जा सकती है। इसकी चटनी वगैरह भी बनाई जाती है। 

इमली के फल खाने में बहुत टेस्टी रहता है। इमली का फल खट्टा मीठा लगता है। इमली का फल प्रारंभिक अवस्था में हरे कलर का रहता है। इमली के फल का बाहरी आवरण भूरे कलर का रहता है। जब इमली का फल पक जाता है। तब इसके अंदर का पका हुआ भाग भी भूरे रंग का हो जाता है। इमली का फल गूदेदार होता है। इमली के गूदे को निकालकर बहुत सारे सामग्री में इसका प्रयोग किया जाता है। इमली का फल का उपयोग बहुत सारे कामों में किया जाता है। इमली के फल को हमने बचपन में ही तोड़ कर खाए हैं। इमली के फल काफी ऊंचाई में लगते हैं। 


इमली की फल की फोटो - photo of tamarind fruit


इमली के पेड़ (Tamarind Tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी



इमली के पेड़ के औषधीय गुण. महत्व और फायदे - Medicinal properties of tamarind tree, importance and benefits

इमली का पेड़ भारत में पाया जाने वाला एक औषधीय प्लांट है।  इमली का पेड़ फलदार होता है। इमली के फल में बहुत सारे औषधीय गुण रहते हैं, जो हमारे बहुत सारे रोगों को ठीक करने में सक्षम होते हैं ,इमली के फल में बहुत सारे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इमली में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीज, फाइबर पाया जाता है। इमली के पेड़ के फूल, पत्तियां, फल और फल के अंदर के बीज का प्रयोग खाद्य सामान बनाने में किया जाता है। इमली के बहुत सारे आयुर्वेदिक फायदे भी हैं। इमली का प्रयोग कई बीमारी के रोकथाम में किया जाता है। इमली में एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है। दक्षिण भारत में इमली का प्रयोग प्रतिदिन यूज़ किया जाता है। 


इमली के औषधीय फायदे - Medicinal benefits of tamarind

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए इमली का प्रयोग 

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए इमली का प्रयोग किया जाता है। ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने के लिए इमली के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। इमली के पत्तों को आप खाते हैं, तो आपका ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है। अगर किसी का ब्लड प्रेशर ज्यादा बढ़ जाता है, तो उसे इमली के पत्तों खाना चाहिए। 

दांत संबंधी रोग में इमली का प्रयोग 

दांत संबंधी रोग में इमली का प्रयोग किया जा सकता है। आप इमली की पत्तियों को चबाते हैं, तो इससे दांत संबंधी समस्या में फायदा होता है। 

मसूड़ों से खून आने की समस्या में इमली का प्रयोग 

मसूड़ों से खून आने की समस्या में, इमली का प्रयोग किया जाता है। इमली के पत्तों को खाने से मसूड़ों से खून आने की समस्या ठीक होती है। 

इमली शरीर में आयरन की कमी को दूर करता है 

इमली में आयरन भरपूर मात्रा में रहता है। इमली शरीर में आयरन की कमी को दूर करता है। आप इमली का प्रयोग डेली यूज़ में कर सकते हैं। आप कच्ची और पक्की हुई इमली को खा सकते हैं। 

पाचन के लिए इमली का प्रयोग 

इमली पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है। आप इमली की पत्तियों को या आप इमली के फल को खाते हैं, तो आप का पाचन अच्छा होता है। 

बाबासीर में इमली का प्रयोग 

बाबासीर की समस्या में इमली का प्रयोग किया जाता है। इमली में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है। आप इमली के फल या पत्तियों को खा सकते हैं, जिससे आपको फायदा मिल सकता है। 

कब्ज में इमली का प्रयोग 

कब्ज में इमली का प्रयोग किया जा सकता है। कब्ज में इमली के पके हुए फल का प्रयोग कर सकते हैं। आप इमली के पके हुए फल का चटनी बना सकते हैं या आप पके हुए फल को ऐसे ही खा सकते हैं। पका हुआ फल खाने में खट्टा मीठा लगता है। 

दाद की समस्या में इमली के बीज का प्रयोग 

दाद की समस्या में इमली के बीज का प्रयोग किया जा सकता है। इमली के बीज को घिसकर नींबू के रस के साथ मिलाकर, दाद वाली जगह में लगाना चाहिए। जिससे दाद की समस्या ठीक हो जाती है। 


इमली की तासीर कैसी होती है - how does tamarind taste

इमली की पके हुए फल की तासीर गर्म रहती है। इसलिए इमली के पके हुए फल को कम मात्रा में खाएं, नहीं तो आपको परेशानी हो सकती है। 


इमली का पेड़ कितने दिन में फल देता है - In how many days does the tamarind tree bear fruit?

इमली का पेड़ अगर बीज के द्वारा लगाया जाता है, तो यह करीब 7 से 8 साल में फल देता है। 7 से 8 साल में, इमली का पेड़ पूरी तरह बड़ा हो जाता है और फल देने लगता है। अगर आप इसे कलम के द्वारा लगाते हैं, तो इमली 4 से 5 साल में फल देने लगती है। यह एक बार में 300 से 400 किलो फल देती है। 


इमली का पेड़ कहां लगाना चाहिए - where to plant tamarind tree

इमली का पेड़ कहां लगाना चाहिए या इमली का पेड़ शुभ है या अशुभ। यह बहुत सारे लोगों का सवाल होता है। इमली का पेड़ घर के आस-पास नहीं लगाना चाहिए। यह वास्तु की दृष्टि से ठीक नहीं होता है। इमली का पेड़ अगर घर के आस पास होता है, तो घर की तरक्की रुक जाती है। घरवालों के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। घर में पैसों की कमी आ जाती है। इसलिए इमली का पेड़ घर के आस-पास नहीं लगाना चाहिए। इमली का पेड़ आप अपने घर से दूर लगा सकते हैं। 


इमली का पेड़ कैसा होता है और इमली को कैसे पहचाना जा सकता है - What is tamarind tree like and how can tamarind be recognized

इमली को पहचानना बहुत आसान है। इमली की, जो पत्ती  होती है। वह छोटे आकार की होती हैं और अगर आप इमली की पत्तियों को जब खाते हैं, तो इनका टेस्ट खट्टा रहता है। इमली के खट्टे टेस्ट के द्वारा आप इसे आसानी से पहचान सकते हैं। इमली के फल, इमली की पत्ती और इमली के फूल सभी का टेस्ट खट्टा रहता है। अगर आप इमली को खाएंगे, तो आप इमली को आसानी से पहचान सकते हैं। 

इमली का पेड़ देखने में बहुत विशाल होता है। इमली का पेड़ 15 मीटर से 20 मीटर तक ऊंचा रहता है। इमली का तना बहुत मोटा और मजबूत रहता है। इमली के तने का उपयोग बहुत सारे कामों में किया जाता है। इमली की पत्तियां बहुत छोटी-छोटी रहती है और इमली को आप आसानी से पहचान सकते हैं। 


इमली के पेड़ को कैसे लगाएं या उगाएं जा सकता है - How to Plant or Grow Tamarind Tree

इमली के पेड़ को लगाना या इमली के पेड़ को उगाना बहुत आसान है। इमली के पेड़ को लगाने के लिए इसके बीज का प्रयोग किया जा सकता है। इमली के फल पक जाने के बाद, इमली का फल गूदेदार हो जाता है। इसके गूदे को पानी में भींग दीजिए, जिससे इमली के बीज आसानी से निकल जाएंगे। उसके बाद आप मिट्टी तैयार कर लीजिए। अगर आप गमले में इमली का पौधा लगाना चाहते हैं, तो आप आधी मिट्टी और आधी गोबर खाद लीजिए और इमली के बीज को मिट्टी में लगा दीजिए। इमली के बीज में पानी डाल दीजिए। 

कुछ दिनों में बीज अंकुरित हो जाएगा। बरसात के समय आप इमली के पेड़ के नीचे जाते हैं। तो आपको बहुत सारे इमली के पौधे, इमली के पेड़ के नीचे देखने के लिए मिल जाते हैं। इमली का फल पकने के बाद, इमली के पेड़ के नीचे गिर जाता है। जिसके बाद बरसात में पानी मिलने पर, इमली का बीज अंकुरित हो जाता है। जिससे इमली के पेड़ के नीचे बहुत सारे पौधे देखने के लिए मिल जाते हैं। इन पौधों को भी आप गमले में लाकर लगा सकते हैं और इनकी आप देखभाल करेंगे, तो इससे एक विशाल इमली का पौधा तैयार हो सकता है। 


इमली के पेड़ की फोटो - photo of tamarind tree



इमली के पेड़ (Tamarind Tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी


इमली के पेड़ (Tamarind Tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी


इमली के पेड़ (Tamarind Tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी





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