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अशोक के पेड़ (Ashoka tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

अशोक का पेड़ (अशोक वृक्ष या सीता अशोक वृक्ष) की जानकारी  और अशोक के पेड़ के फायदे
Ashoka Tree (Sita Ashok tree) Information and Benefits of Ashoka Tree


अशोक के पेड़ का वैज्ञानिक नाम या वानास्पतिक नाम - साराका असोका
अशोक के पेड़ का अंग्रेजी नाम - अशोक ट्री, सॉरो लेस ट्री 

अशोक का पेड़ या सीता अशोक का पेड़ भारत में पाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पेड़ है। अशोक वृक्ष को हेमपुष्प एवं ताम्रपल्लव, मधुपुष्प, अपशोक, आशापाला का पेड़ के नाम से भी जाना जाता है। अशोक का पेड़ बहुत सुंदर रहता है। अशोक का पेड़ सदा हरा भरा रहता है। अशोक के पेड़ में लाल और नारंगी रंग के सुंदर फूल उगते हैं। यह फूल गुच्छों में उगते हैं। यह फूल देखने में बहुत ही आकर्षक लगते हैं। अशोक का पेड़ प्राचीन समय से ही भारत में प्रसिद्ध है। अशोक का पेड़ हमारे बगीचे की खूबसूरती बढ़ाने के अलावा औषधीय गुणों से भी भरपूर रहता है। अशोक के पेड़ के पत्ते, अशोक के पेड़ की छाल, अशोक के पेड़ के फूल यह सभी औषधीय गुणों से भरपूर रहते हैं। अशोक का पेड़ प्राचीन काल से औषधीय रूप से उपयोग किया जा रहा है। मगर इसके उपयोग के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। लोग इसे सिर्फ अपने घर की शोभा बढ़ाने के लिए लगाते हैं, मगर इस पेड़ के औषधीय गुणों के अलावा और भी बहुत सारे लाभ है, जो इंसानों की जिंदगी को बहुत ज्यादा अच्छा बनाते हैं। 

अशोक का पौधा घना रहता है। इसके पेड़ से छाया रहती है। इसकी छाया बहुत ही शीतल रहती है। अशोक के पेड़ के फूलों से बहुत ही अच्छी सुगंध आती है। अशोक के पेड़ के नीचे बैठेंगे, तो आपको अच्छा लगेगा। अशोक के पेड़ की पत्तियां लम्बी होती हैं। अशोक के पेड़ करीब 15 से 20 फीट ऊंचा होता है। अशोक का पेड़ का मुख्य तना आपको देखने के लिए मिलता है। मुख्य तने से बहुत सारी शाखाएं निकलती हैं। अशोक के पेड़ के तने में भी फूल लगते हैं और यह फूल बहुत अच्छे लगते हैं। यह फूल मधुमक्खी के छत्ते के सामान लगते हैं और बहुत सारे फूल लगते हैं। अशोक के फूल औषधीय गुणों से भरपूर रहते हैं और इनका भी उपयोग किया जाता है। 


अशोक के पेड़ का महत्व - Religious significance of ashok tree

प्राचीन समय में रावण जब सीता माता का अपहरण करके अपने लंका में ले गया था। तब रावण ने सीता माता जी को अशोक वाटिका में रखा था। अशोक वाटिका में अशोक के पेड़ के समान और भी बहुत सारे वृक्ष लगे थे। इसलिए इस वाटिका को अशोक वाटिका कहते थे। सीता माता जिस वृक्ष के नीचे एक साल तक रही थे। उस पेड़ को अशोक के पेड़ के नाम से जाना जाता है और उस पेड़ को सीता अशोक कहा जाता है। इसलिए अशोक के पेड़ की प्रसिद्धि प्राचीन काल से रही है। लोग सीता अशोक के नाम से जानते हैं और इसका उपयोग करते आ रहे हैं। अशोक के पेड़ को दुखों को हरने वाला कहा जाता है। अशोक के पेड़ से महिलाओं में, जो भी दुख रहता है। वह खत्म हो जाता है। अशोक का पेड़ अपने बगीचे में लगाने से मानव जीवन में और भी बहुत सारे परिवर्तन होते हैं। 

अशोक का वृक्ष बौद्ध लोगों के लिए भी बहुत महत्व रखता है। कहा जाता है, कि भगवान बुध्द का जन्म अशोक वृक्ष के नीचे हुआ था। इसलिए यह बौद्ध लोगों में भी महत्व रखता है। 


अशोक का पौधा घर में लगाने के फायदे - Benefits of planting Ashoka tree at home

अशोक के पेड़ को घर में लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार अशोक का पेड़ हमारे सभी दुखों को हरने वाला रहता है। इसलिए इसे अशोक कहा जाता है और अशोक का पेड़ हमारे घरों में होना चाहिए। लोग अशोक का पेड़ घर में लगाते हैं, तो घर में पैसों की कभी भी कमी नहीं रहती है और अशोक के पेड़ को लगाने से सकारात्मक उर्जा आती है। अशोक के बहुत सारे फायदे हैं. जिनके कारण लोग अशोक के पेड़ को घर में लगाते हैं। अशोक के पेड़ को घर में लगाने के फायदे -

पॉजिटिव एनर्जी 

अशोक के पेड़ को घर में लगाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है और घर का वातावरण खुशनुमा और शांति वाला रहता है। 

तनाव को दूर करता है

अशोक का पेड़ तनाव को दूर करता है। अगर आप बहुत ज्यादा चिंतित हैं और आपका माइंड तनाव से ग्रसित है, तो अशोक के पेड़ आसपास होने से आप को शांति मिलती है। अशोक के पेड़ में एक अलग ही उर्जा रहती है, जो हमारे तनाव को दूर करता है। 

बीमारियों से लड़ने में 

अशोक का पेड़ आयुर्वेदिक पौधा है, जो बहुत सारी बीमारियों को दूर करता है। अशोक के पौधे की प्रत्येक भाग बीमारियों से लड़ने में सक्षम रहते हैं। इसलिए अशोक के पेड़ को घर में लगाना चाहिए। 

एकाग्रता को बढ़ता है 

हमारा मन बहुत चंचल रहता है और एक जगह स्थिर नहीं रहता है। हमें अपना मन एक जगह स्थिर करना है, तो इसके लिए हमें घर में अशोक का पेड़ लगाना चाहिए। इससे हमारा मन एक जगह स्थिर रहता है और हम अपने जो भी काम रहते हैं। उनको सही समय पर कर सकते हैं। 

आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाता है 

अशोक के पेड़ को लगाने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और पैसों की कमी नहीं रहती है। 

अशोक का पेड़ शुद्ध ऑक्सीजन गैस देता है 

अशोक का पेड़ ऑक्सीजन गैस देता है, जो मानव जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है। अगर आपके घर के बगीचे में अशोक का पेड़ रहेगा, तो आपके आसपास का ऑक्सीजन लेवल बहुत ज्यादा रहेगा। अशोक का पेड़ हानिकारक बहुत सारी गैसों को अपने अंदर अवशोषित करता है और हमें शुद्ध ऑक्सीजन गैस देता है। 


अशोक पेड़ को किस दिशा में लगाया जाए - In which direction should the Ashoka tree be planted?

अशोक के पेड़ को उत्तर दिशा में लगाना उपयुक्त माना जाता है। अगर आप घरों के बगीचे में अशोक का पेड़ लगा रहे हैं, तो इसे उत्तर दिशा में लगाये है। 


अशोक का वृक्ष के औषधीय गुण, महत्व और उपयोग - Medicinal properties, importance and uses of Ashoka tree

अशोक के वृक्ष में बहुत सारे औषधीय गुण रहते हैं। अशोक के वृक्ष की तासीर ठंडी रहती है। इसका प्रभाव शरीर में ठंडा पड़ता है। अशोक का स्वाद में कड़वा होता है। यह रूखा होता है। अशोक के पेड़ में एंटी डायबिटिक, एंटीबैक्टीरियल, एंटीडायरियल, कषाय गुण पाया जाता है। अशोक का प्रयोग बहुत सारी रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है। 


अशोक के पेड़ के फायदे - Benefits of Sita Ashok tree

मासिक धर्म में अशोक की छाल के फायदे

मासिक धर्म में सीता अशोक के पेड़ का प्रयोग किया जा सकता है। सीता अशोक के पेड़ की छाल के प्रयोग से अनियमित मासिक धर्म से राहत मिलती है। मासिक धर्म समय पर नहीं आता है। मासिक धर्म के समय, जो भी दर्द और ऐठन वगैरह होती है। वह सभी सीता अशोक के प्रयोग द्वारा ठीक हो जाती है और अगर मासिक धर्म के समय बहुत ज्यादा रक्त जाता है, तो वह भी ठीक हो जाता है। इसके लिए सीता अशोक की छाल को पानी में डालकर पकाना पड़ता है और इसका काढ़ा बना लेना पड़ता है। इस काढ़े का सेवन करने से फायदा मिलता है। 

हड्डियों को जोड़ने में अशोक का प्रयोग 

हड्डियों को जोड़ने में अशोक का प्रयोग किया जा सकता है। अशोक के पेड़ की छाल में बहुत सारे तत्व रहते हैं, जो हमारी हड्डियों को जोड़ने में मदद करते हैं। इसलिए अगर हड्डियां टूट गई हो, तो सीता अशोक पेड़ की छाल का प्रयोग करना चाहिए। इससे हड्डियां जल्दी जुड़ती हैं। 

चेहरे की रंगत को गोरा करने के लिए 

अशोक के पेड़ की छाल का प्रयोग करने से, चेहरे का रंग गोरा होता है। अगर आप इसकी छाल का पानी में उबालकर इसके पानी से अपना चेहरा धोते हैं, तो इससे कील मुहासे के दाग धब्बे मिट जाते हैं और कील मुंहासे नहीं होते हैं और आपका चेहरा भी खूबसूरत दिखने लगता है। 

मधुमेह में अशोक का प्रयोग 

मधुमेह में अशोक का प्रयोग किया जा सकता है। अशोक में anti-diabetic के गुण पाए जाते हैं, जिससे आप मधुमेह में अशोक का प्रयोग करते हैं, तो इससे शरीर में शर्करा की मात्रा नियंत्रित रहती है। 

संक्रमण को रोकने में सीता अशोक का प्रयोग 

संक्रमण को रोकने के लिए सीता अशोक का प्रयोग किया जा सकता है। अशोक के पेड़ में एंटीबैक्टीरियल के गुण पाए जाते हैं, जिससे शरीर के अंदर और शरीर के बाहर अगर किसी भी तरह का संक्रमण हो रहा हैं, तो उसे रोकने के लिए अशोक का पेड़ का प्रयोग किया जा सकता है। आप इसके पत्तों और छाल का प्रयोग कर सकते हैं। 

बवासीर रोग में अशोक का प्रयोग 

बवासीर रोग में अशोक का प्रयोग किया जा सकता है। अशोक के प्रयोग करने से बाबासीर रोग ठीक हो जाता है। अशोक की छाल का प्रयोग बवासीर रोग में कर सकते हैं। अशोक की छाल का काढ़ा बनाकर पिएंगे, तो बवासीर रोग ठीक हो जाएगा। 

सफेद पानी की समस्या में अशोक का प्रयोग 

महिलाओं में सफेद पानी की समस्या बहुत बड़ी समस्या रहती है। सफेद पानी की समस्या में अशोक का प्रयोग किया जा सकता है। अशोक की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से, सफेद पानी की समस्या के समाधान मिलता है। 

पेट में कीड़ों की समस्या 

पेट में कीड़े की समस्या से पेट में बहुत दर्द होता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए अशोक की छाल का प्रयोग किया जा सकता है और अशोक की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से पेट में कीड़ों की समस्या समाप्त हो जाती है और पेट दर्द भी खत्म हो जाता है। अशोक की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से अपच और कब्ज की समस्याएं भी ठीक हो जाती है। 


असली अशोक का पेड़ की पहचान - Identification of real Ashoka tree

अशोक का पेड़ बहुत प्रसिद्ध पेड़ है। मगर असली अशोक के पेड़ को पहचानना बहुत ही मुश्किल होता है और लोग असली अशोक के पेड़ की जगह, दूसरा ही पेड़ लगाते हैं। यह पेड़ बहुत लंबा होता है और इसके पत्ते भी लंबे होते हैं और लोग इसे ही अशोक का पेड़ समझते हैं और अपने घर के सामने लगाते हैं। यह पेड़ अच्छा लगता है। मगर इस पेड़ का आयुर्वेदिक उपयोग नहीं है। 

अशोक के पेड़ में आपको लाल और नारंगी कलर के फूल देखने के लिए मिलते हैं और यह फूल मधुमक्खी के छत्ते की तरह दिखते हैं। इसलिए अशोक के फूलों को मधुपुष्प भी कहा जाता है। अशोक के, जो पत्ते रहते हैं। वह ताम्र कलर के रहते हैं। इसलिए अशोक ताम्र पल्लव के नाम से भी जाना जाता है। अशोक का पेड़ आम के पेड़ के समान रहता है। यह पेड़ छायादार रहता है। अशोक के फूल, जो रहते हैं। उनसे बहुत ही अच्छी सुगंध आती है, जो वातावरण को सुगंधित करती है। अशोक का, जो पेड़ है। उसकी डालियों और तने में भी फूल लगते हैं। अशोक के फूल बसंत ऋतु में लगते हैं। अशोक के पुष्प बहुत अच्छे रहते हैं। अशोक के पुष्प, अशोक की छाल, अशोक के पत्ते और अशोक के बीज यह सभी आयुर्वेदिक रूप से प्रयोग किए जाते हैं। 

अशोक के पेड़ के नीचे प्राचीन समय में लंका नगरी में सीता माता बैठी थी। इसलिए अशोक के पेड़ को सीता अशोक के नाम से भी जाना जाता है। 


अशोक के पेड़ को कैसे लगाया जा सकता है - How to plant Ashoka tree

अशोक के पेड़ को इसके बीजों के द्वारा बहुत आसानी से लगाया जा सकता है। अशोक के, जो फल रहते हैं वह सेम के समान रहते हैं। इनके फलों में बड़ा सा बीज रहता है। आप इसके बीजों को जमीन में लगा सकते हैं। कुछ दिनों में बीज अंकुरित हो जाएगा और इसे समय-समय पर पानी दे और कुछ दिनों में आपको इससे पौधा देखने के लिए मिल जाता है। 



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