सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अंजीर (Figs) के औषधीय गुण के बारे में जानकारी

 अंजीर का पेड़ और अंजीर के फायदे 
Anjeer ka ped aur Anjeer ke fayde


अंजीर का वैज्ञानिक नाम या वानस्पतिक नाम - फिकस कैरिका
अंजीर को अंग्रेजी का नाम - फिग, कॉमन फिग  


अंजीर एक मुख्य फल है। अंजीर का फल सूखे मेवे की तरह इस्तेमाल किया जाता है। अंजीर को अंग्रेजी में फिग कहते हैं। अंजीर शहतूत परिवार का सदस्य माना जाता है। अंजीर का पेड़ गूलर के पेड़ के समान ही रहता है और इसका फल गूलर के फल के समान लगता है। मगर अंजीर और गूलर के पेड़ में बहुत अंतर रहता है। अंजीर का फल स्वाद में मीठा और रसदार रहता है। अंजीर का फल देखने में गूलर के फल के समान ही लगता है। अंजीर भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य औषधीय पौधा है। 

अंजीर का पौधा गर्म क्षेत्रों में बहुत तेजी से बड़ा होता है। अंजीर के पौधे की जड़ बहुत गहरी होती है। अंजीर का पौधा 9 से 10 मीटर ऊंचा होता है। अंजीर के पेड़ की छाल सफेद होती है। अंजीर पहाड़ी क्षेत्र में बहुत आसानी से उग जाता है। अगर आप अपने अंजीर का पौधा शोभा के लिए लगाते हैं, तो आपको इसकी ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती है। क्योंकि अंजीर के पौधे में कीड़ों और अन्य कीट पतंगों का आक्रमण हो जाता है। आप अगर अंजीर को फल के लिए लगाते हैं, तो आपको इसकी ज्यादा देखभाल की जरूरत पड़ती है। अंजीर के पौधे की खेती बहुत मात्रा में की जाती है। अंजीर की खेती से बहुत ज्यादा मुनाफा भी होता है। अंजीर का पौधा एक से डेढ़ साल में फल देने लगता है, जिससे अंजीर की खेती से लाभ होता है। 

अंजीर का पेड़ बहुत प्राचीन है। इसे 5000 सालों से हमारे पूर्वज उगाते आए हुए हैं और इसका फल के इस्तेमाल करते हैं। अंजीर के पेड़ की बहुत सारी प्रजातियां रहती हैं। अंजीर का फल पकने के बाद, अपनी प्रजाति के अनुसार अलग-अलग कलर के हो सकते हैं। अंजीर के अनेक प्रजातियों के पत्तों, पेड़ों का आकार भी अलग अलग रहता है। 


अंजीर का फल - Fig fruit in hindi 

अंजीर का फल, अंजीर का पौधा साल में दो बार फल देता है। अंजीर का पौधा गर्मी के अंत में और बरसात की शुरुआत में फल देता है और यह जनवरी-फरवरी के समय फल देता है। अंजीर फ्रूट की बहुत सारी वैरायटी रहती है। जंगली अंजीर भी पाया जाता है। जंगली अंजीर जंगल में अपने आप उगता है। इसे किसी भी तरह के देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती है। जंगली अंजीर भी बहुत स्वादिष्ट रहता है। अंजीर की बहुत सारी वैरायटी के फल को ताजा खाया जाता है। अंजीर का फल प्रारंभ में हरे कलर का रहता है। उसके बाद पकने के बाद, यह भूरे कलर का हो जाता है। 

अंजीर का फल अंदर से लाल कलर का रहता है और रसदार रहता है। अंजीर का फल स्वाद में मीठा रहता है। अंजीर के फल में बहुत सारे पोषक तत्व रहते हैं। इसमें एंटी ऑक्साइड, विटामिन ए, विटामिन बी, पोटेशियम, कैल्शियम, फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा रहती है। अंजीर का फल हमारे शरीर की बहुत सारी बीमारियों को दूर करता है। अंजीर खाने से शरीर को ताकत मिलती है। अंजीर फ्रूट के फायदे बहुत सारे हैं। अंजीर का फ्रूट घर में आसानी से उगाया जा सकता है। अगर आपके पास जमीन है, तो आप इसे घर में ऊगा सकते हैं। 

अंजीर का फल गूलर के फल के समान ही तने में लगता है। अंजीर में भी फूल नहीं होते हैं। गूलर के फल के समान अंजीर के फूल फल के अंदर होते हैं। अंजीर का फल, को आप ताजा तोड़कर भी खा सकते हैं और इसके फल को सुखाकर ड्राई फ्रूट की तरह इस्तेमाल किया जाता है। सूखा अंजीर मार्केट में बहुत ज्यादा ऊंचे दामों में बेचा जाता है। इसकी मांग बहुत ज्यादा रहती है, क्योंकि यह बहुत सारी बीमारियों का इलाज करता है। अंजीर का फल पकने के बाद फूट जाता है। अंजीर का फल की बाहरी परत बहुत पतली होती है और अंजीर को इसकी बाहरी परत समेत ही खाया जाता है। 


अंजीर के फल के औषधीय गुण, महत्व और फायदे - Medicinal properties, importance and benefits of fig fruit

अंजीर के फल में बहुत सारे पौष्टिक गुण पाए जाते हैं। अंजीर के फलों में मैग्निशियम, कैलशियम, आयरन, फाइबर बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। अंजीर का फल ताजा और सुखाकर खाया जाता है। अंजीर के सूखे हुए फलों में और भी ज्यादा औषधीय गुण और पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। अंजीर के फल को दवाई के रूप में भी लिया जाता है। अंजीर का फल बाजार में बहुत ऊंची कीमतों में बिकता है। महिलाओं के लिए अंजीर के फायदे बहुत सारे है। महिलाएं डेली अंजीर का सेवन करें, तो महिलाओं की बहुत सारे रोग दूर हो सकते हैं। अंजीर प्रतिदिन खाने से महिलाओं का शरीर ताकतवर होता है। हड्डियां मजबूत होती है। मासिक धर्म से जुड़ी बहुत सारी समस्याएं सुलझ जाती हैं। इसलिए महिलाओं और बच्चों को अंजीर का सेवन जरूर करना चाहिए। बच्चों के लिए अंजीर फायदेमंद है। बच्चे अगर प्रतिदिन अंजीर खाते हैं, बच्चे स्वस्थ रहते हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं। बच्चों का दिमाग तेज होता है और याददाश्त भी मजबूत होती है। 


अंजीर खाने के फायदे - Benefits of Figs (बेनिफिट्स ऑफ अंजीर)

अंजीर औषधीय रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। अंजीर से होने वाले फायदे बहुत सारे हैं। अंजीर खाने के बहुत सारे फायदे रहते हैं। अंजीर को आप देसी दवाइयों के साथ भी खा सकते हैं, इससे फायदा मिलता है। अंजीर ताजा या सुखा अंजीर खाने के बहुत सारे फायदे मिलते हैं। 


अंजीर पाचन में सहायक है 

आजकल के जीवन में, हम जो भी खाना खाते हैं। उसका सही तरह से पाचन नहीं होता है और हमें पेट से संबंधित बहुत सारी परेशानियां आ जाती है। इन परेशानियों से आपको छुटकारा अंजीर दिला सकता है। आप अगर अंजीर का प्रतिदिन प्रयोग करेंगे, तो इन सभी समस्याओं पर आपको राहत मिल जाएगी। आप भीगे हुए अंजीर खाएंगे, तो इसके बहुत फायदे होते हैं। भीगे हुए अंजीर खाने के फायदे बहुत सारे हैं। 

आप अंजीर को पानी में रात को भीगा दे और सुबह अंजीर या अंजीर के साथ शहद मिलाकर खा सकते हैं। इससे आपको पाचन तंत्र ठीक रहेगा और आप जो भी खाना खाएगे, वह ठीक ढंग से बच जाएगा और आपको पेट से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। आपको एसिडिटी, कब्ज इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। 

हृदय संबंधी बीमारी में अंजीर का प्रयोग 

हृदय संबंधी बीमारी में भी अंजीर का प्रयोग किया जा सकता है। अंजीर हृदय आघात जैसी समस्याओं का भी समाधान हो सकता है। अंजीर में बहुत सारे तत्व रहते हैं, जो हृदय में जाने वाली कोशिकाओं में वसा जमा नहीं होने देता है और यह हमारे हृदय को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसलिए आप अंजीर का प्रयोग कर सकते हैं। 

अंजीर के प्रयोग से एनीमिया रोग से बचा जा सकता है 

अंजीर का अगर आप प्रतिदिन उपयोग करते हैं, तो आप एनीमिया रोग नहीं हो सकता है, क्योंकि अंजीर में आयरन भरपूर मात्रा में रहता है। एनीमिया, शरीर में आयरन की मात्रा कम होने से होता है। इसलिए आप अगर अंजीर को डेली खाते हैं, तो आपको एनीमिया नहीं होगा और शरीर स्वस्थ रहेगा। 

अंजीर रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है 

अंजीर में बहुत सारे पोषक तत्व रहते हैं। अंजीर में मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन और फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा रहती है। जिससे यह हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और बीमारियां हमसे बहुत दूर रहती हैं। 

अंजीर के प्रयोग से कैंसर से बचा जा सकता है 

अंजीर में बहुत सारे पोषक तत्व रहते हैं, जो कैंसर से लड़ने में सहायक हैं। अंजीर का अगर प्रतिदिन प्रयोग किया जाए, तो ब्रेस्ट कैंसर का रोकने में मदद करता है। 

रक्तचाप को नियंत्रित करने में अंजीर का प्रयोग 

रक्तचाप को नियंत्रित करने में अंजीर का प्रयोग किया जा सकता है। अगर आप अंजीर का नियमित सेवन करते हैं, तो आप का रक्तचाप संतुलित रहेगा। 

वजन कम करने में अंजीर का प्रयोग 

अगर आपका वजन बढ़ गया है, तो आप अंजीर खाकर वजन कम कर सकते हैं। अंजीर में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा रहती है और इसमें कैलोरी बहुत कम रहती है। अंजीर का सेवन करने से भूख कम लगती है, जिससे आप भोजन कम करते हैं। इसलिए अंजीर का प्रयोग कीजिए। अंजीर से हमारे शरीर का पाचन तंत्र भी बहुत अच्छी तरह से काम करता है। हमारे शरीर में वसा जमा नहीं होता है, जिससे हमारा वजन नहीं बढ़ता है। इसलिए आप अंजीर का प्रयोग कर सकते हैं। 

अंजीर टीवी के रोग में फायदा करता है 

टीवी का रोग एक बहुत ही खतरनाक रोग है। टीवी के रोग में शरीर बहुत ज्यादा कमजोर हो जाता है। अगर आप टीवी के रोग में अंजीर के एक फल का प्रयोग प्रतिदिन करेंगे, तो टीवी के रोग में आपको फायदा पहुंचता है और आप ठीक हो जाते हैं। आप ठीक होने लगते हैं। आपके शरीर को ताकत मिलती है। 


अंजीर फल खाने के फायदे बहुत सारे है।  अंजीर रक्त को शुद्ध भी करता है। आप अंजीर और मुनक्का को दूध के साथ सेवन करते हैं, तो इससे रक्त शुद्ध होता है और रक्त में वृद्धि भी होती है। 

अंजीर को आप अगर डेली प्रयोग करते हैं, तो आपके शरीर में ताकत भी आती है। आपका शरीर बलवान होता है। 

अंजीर के पत्तों के रस को सफेद दाग में लगाने से सफेद दाग ठीक हो जाता है। 

अंजीर को सुबह खाली पेट खाने से बवासीर रोग में फायदा मिलता है। 


अंजीर का पेड़ कैसे लगाया या उगाया जा सकता है - How to Plant or Grow a Fig Tree

अंजीर का पेड़ लगाना बहुत ही आसान है। अंजीर के पेड़ को बीज के द्वारा या कलम के द्वारा आसानी से लगाया जा सकता है। अंजीर के बीज, अंजीर के फल के अंदर होते हैं। अंजीर के फल जब पूरी तरह से पक जाता है। तब इसके बीच को निकालकर आप मिट्टी में लगा सकते हैं। आपको मिट्टी में गोबर खाद मिला लेनी है। कुछ दिनों के बाद, आपको छोटे-छोटे पौधे देखने के लिए मिलेंगे। 

आप अंजीर के बीज को नमी में रखते हैं, तो वह जल्दी अंकुरित होते हैं और ज्यादा बीज अंकुरित होते हैं। उसके बाद आप बीच को जमीन में लगा सकते हैं। आप अंजीर के पौधे को गमले में भी लगा सकते हैं। गमले में अंजीर का पौधा बहुत अच्छी तरह से तैयार होता है। 


अंजीर के पौधे को कलम से लगाने के लिए, आप अंजीर की कलम काट लीजिए और अंजीर की कलम के निचले हिस्से में आप शार्प कटिंग कर लीजिए। उसके बाद आप अंजीर की कलम को गमले में लगा दीजिए या अंजीर की कलम को जमीन में भी लगा सकते हैं। अंजीर की कलम में कुछ दिनों बाद, नई पत्तियां देखने के लिए मिलेगी। अगर आप अंजीर को गमले में लगा रहे हैं, तो इसके लिए आप मिट्टी का विशेष ध्यान दें। आप मिट्टी में आधी रेत और आधी मिट्टी का प्रयोग करें, जिससे मिट्टी में पानी इकट्ठा ना होए और आप इसमें गोबर खाद भी मिला लें। उसके बाद कलम को लगाएं। 

आप अंजीर के पौधे के छाव में रखें और अंजीर के पौधे में पानी डालते रहें। जो पौधे कलम से लगाए जाते हैं। उसमें फल जल्दी लगने लगते हैं। एक डेढ़ साल में आपको फल मिलने लगेंगे। 


अंजीर का बीज कैसा होता है - what is a fig seed like

अंजीर का बीज अंजीर के फल के अंदर मिलता है। अंजीर का बहुत छोटा छोटा रहता है। अंजीर के बीज को आप आसानी से निकाल सकते हैं। अगर अंजीर सूखा हुआ है, तो आप इसे पानी में भिगोकर इसके बीज को निकाल सकते हैं। 


अंजीर को कैसे खाया जाए - how to eat figs

अंजीर को आप ताजा खा सकते हैं। ताजा खाने से अंजीर में बहुत सारे पोषक तत्व मिलते हैं। अंजीर को आप पानी में भीगा कर सुबह खा सकते हैं। इससे बहुत सारे रोग दूर होते हैं। अंजीर को आप दूध के साथ भी खा सकते हैं। इसे भी बहुत फायदा मिलता है और शरीर ताकतवर होता है। 


अंजीर की तासीर कैसी होती है - how does fig taste

अंजीर गर्म होता है, कि ठंडा। यह सवाल बहुत पूछा जाता है। अंजीर गर्म होता है। अंजीर की तासीर गर्म होती है। इसलिए ज्यादा अंजीर का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे पेट से जुड़ी बहुत सारी समस्याएं होने लगती है। गर्मी में लोग अंजीर का सेवन करने से बचते हैं। ठंड में अंजीर का बहुत ज्यादा सेवन किया जाता है। अंजीर ड्राई फ्रूट की तरह इस्तेमाल होता है। अंजीर को फिग भी कहा जाता है। फिग फ्रूट बहुत टेस्टी रहता है। 



नींबू का पौधा
गूलर के वृक्ष
बरगद का पेड़
तुलसी का पौधा


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रामघाट चित्रकूट के पास धर्मशाला - Dharamshala near Ramghat Chitrakoot

चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।