सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

छिंदवाड़ा पर्यटन स्थल - Chhindwara tourist place | Chhindwara picnic spot

छिंदवाड़ा दर्शनीय स्थल - Places to visit in Chhindwara | Chhindwara places to visit | Chhindwara City

छिंदवाड़ा मे घुमने की जगहें

बादल भोई जनजातीय संग्रहालय - Badal bhoi tribal museum

श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय छिंदवाड़ा का एक दर्शनीय स्थल है। यह संग्रहालय 10 एकड़ की भूमि पर फैला हुआ है। यह भवन 1923 में बना था। सन 1954 के पहले यह संग्रहालय में रिसर्च अधिकारियों का प्रशिक्षण केंद्र था। इसके बाद 26 अप्रैल 1954 को इस भवन को जनजातीय संग्रहालय में बदल दिया गया। इस संग्रहालय का संचालन आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान मध्यप्रदेश के द्वारा किया जाता है। 8 सितंबर 1997 को इस संग्रहालय का नाम परिवर्तित कर श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय कर दिया गया। यहां पर आप को  मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत विभिन्न जनजातियों की जीवन शैली और सांस्कृतिक धरोहर, प्रतीक, चिन्ह को दिखाया गया है। संग्रहालय में 17 कक्ष एवं 6 गैलरी है। संग्रहालय में प्रवेश शुल्क 10 रू प्रति व्यक्ति लिया जाता है। यह संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। 

माचागोरा बांध छिंदवाड़ा - Machagora dam chhindwara

माचागोरा बांध छिंदवाड़ा जिले का एक दर्शनीय स्थल है। यह बांध छिंदवाड़ा जिले से करीब ३५ किलोमीटर दूर होगा। माचागोरा बांध पेंच नदी पर बना हुआ है। यह बांध बरसात के समय पानी से भर जाता है और ओवरफ्लो होता है, जिससे बांध के गेट खोले जाते हैं। माचागोरा बांध बरसात के समय बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है। बरसात के समय इस बांध का पानी ओवरफ्लो होने लगता है, जिससे इस बांध के गेट खोले जाते हैं और जो यहां का नजारा रहता है। वह बहुत ही शानदार रहता है। इस दृश्य को देखने के लिए बहुत सारे लोग यहां पर आते हैं। माचागोरा बांध में आठ गेट है। आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह छिंदवाड़ा जिले के चैरई नाम के गांव के पास स्थित है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और प्रकृति का मनोरम दृश्य देखने मिलेगा। 

छोटा महादेव मन्दिर  छिंदवाड़ा - Chota Mahadev Temple Chhindwara

छोटा महादेव मंदिर छिंदवाड़ा के पास स्थित एक दर्शनीय जगह है। यह एक सुंदर जगह है। छोटा महादेव मंदिर भगवान शंकर जी को समर्पित है। यह मंदिर पेंच नदी के किनारे पर बना हुआ है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते है। आपको यहां पर ऊंचे पहाड़, गहरी घाटियां, घने जंगल देखने के लिए मिलते हैं। छोटा महादेव मंदिर आने का सबसे अच्छा समय महाशिवरात्रि और सावन सोमवार होता है, क्योंकि उस समय यहां पर बहुत ज्यादा संख्या में लोग आते हैं। भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आपको यहां पर एक खूबसूरत झरना भी देखने के लिए मिलता है, जो बरसात के समय यहां पर बहता है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह प्रकृति के बीच में स्थित है। छोटा महादेव मंदिर छिंदवाड़ा जिले के जमुनिया गांव के पास स्थित है। 

पातालेश्वर शिव मंदिर छिंदवाड़ा - Pataleshwar shiva temple chhindwara

पातालेश्वर शिव मंदिर छिंदवाड़ा में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको शिव भगवान जी की एक भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिवलिंग विराजमान है। यहां पर स्थित शिवलिंग स्वयंभू है अर्थात इस शिवलिंग को किसी ने स्थापित नहीं किया है। यह धरती से स्वयं उत्पन्न हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। पातालेश्वर शिव मंदिर के परिसर में और भी छोटे-छोटे मंदिर हैं, जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। यह मंदिर छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर पैदल भी आ सकते हैं। पातालेश्वर मंदिर में सावन सोमवार में और महाशिवरात्रि में बहुत बड़ा मेले का आयोजन होता है, जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग मेले में शामिल होते हैं। आप भी यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 

भर्तादेव पार्क छिंदवाड़ा - Bhartdev park chhindwara

भरता देव पार्क छिंदवाड़ा में स्थित एक सुंदर पार्क है। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारी चट्टाने देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर एक बड़ी सी चट्टान है, जिसमें पेंट किया गया है, जो बहुत खूबसूरत दिखती है। यह जगह कुलबेरा नदी के किनारे स्थित है। बरसात के समय यहां का दृश्य और भी मनोरम होता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह शूटिंग के लिए बहुत अच्छी है और यहां पर आप डॉक्यूमेंट्री शूट कर सकते हैं। यह जगह फोटोजेनिक भी है। आप यहां पर अपना फोटो शूट भी करवा सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहाँ पार्क छिंदवाड़ा वन मंडल के द्वारा संचालित किया जाता है। भरता देव पार्क मुख्य छिंदवाड़ा शहर में ही स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से आ सकते हैं। भरता देव पार्क में एक मानव निर्मित झील भी है, जो बहुत अच्छी लगती है। आप यहां पर आकर शांति से बैठ सकते हैं। 

एकता पार्क छिंदवाड़ा - Ekta park chhindwara

एकता पार्क को शिवाजी पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यह पार्क छिंदवाड़ा शहर में स्थित एक खूबसूरत जगह है। एकता पार्क मुख्य छिंदवाड़ा शहर में ही स्थित है। आप इस पार्क में आसानी से आ सकते हैं। इस पार्क में आपको बहुत सारे झूले मिलते हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आते हैं। यहां पर फाउंटेन भी है, जो बहुत अच्छा लगता है। आपको यहां पर टॉय ट्रेन भी देखने के लिए मिलती है। इस ट्रेन में आप सवारी का मजा ले सकते हैं। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए अच्छा है। 

अमर जवान स्मृति छिंदवाड़ा - Amar jawan smriti chhindwara

अमर जवान स्मृति छिंदवाड़ा में बना हुआ एक शहीद स्थल है। यहां पर जो भी जवानों ने देश के लिए कुरबानी हुए हैं। यह स्थल उनके लिए बनाया गया है और यह मेन रोड पर स्थित है। यहां पर आकर आप जवानों की शहीदी को याद कर सकते हैं। 

दीन दयाल पार्क छिंदवाड़ा - Deen dayal park chhindwara

पंडित दीनदयाल पार्क छिंदवाड़ा शहर के मध्य में स्थित एक सुंदर पार्क है। इस पार्क में आप जोगिंग के लिए और वाकिंग के लिए जा सकते हैं। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और शहर के मध्य में स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं और यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यह पार्क नगर निगम द्वारा संचालित किया जाता है। 

सुभाष पार्क छोटा तालाब छिंदवाड़ा - Subhash Park chhindwara or chota talab chhindwara

सुभाष पार्क छिंदवाड़ा में स्थित एक अनोखा पार्क है। यहां पार्क  तालाब के बीच में स्थित है। इस तालाब को छोटे तालाब के नाम से जाना जाता है। इस पार्क में सुभाष चंद्र जी की एक मूर्ति लगी हुई है। इस पार्क का नजारा और तालाब का नजारा बहुत ही मनोरम रहता है। तालाब में मछलियां पाली जाती है। यहां पर मछलियों का व्यवसाय भी किया जाता है। आपको इस पार्क में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह पार्क खूबसूरत है और हरियाली से भरा रहता है। तालाब में फव्वारे लगे हुए हैं, जो बहुत खूबसूरत लगते हैं। गार्डन में बैठने की व्यवस्था है। आप यहां पर बैठकर नजारे का आनंद ले सकते हैं। 

कालीबाड़ी धर्म टेकरी छिंदवाड़ा - Kalibari Dharma Tekri Chhindwara

कालीबाड़ी छिंदवाड़ा में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर काली माता का एक बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है, जिसे धर्म टेकरी के नाम से जाना जाता है। आप यहां पर आकर काली जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर साईं बाबा जी की मूर्ति भी विराजमान है। इस मंदिर में  आकर आपको अच्छा लगेगा। यह मंदिर खूबसूरत है। 

हिंगलाज माता मंदिर छिंदवाड़ा - Hinglaj mata mandir chhindwara

हिंगलाज माता मंदिर छिंदवाड़ा में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हिंगलाज देवी विराजमान है। हिंगलाज मंदिर भारत का  इकलौता मंदिर है, जो मध्यप्रदेश के  छिंदवाड़ा में स्थित है।  हिंगलाज देवी जी का एक मंदिर पाकिस्तान में स्थित है। वह एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। बंटवारे के दौरान वह मंदिर पाकिस्तान के हिस्से में चला गया है। छिंदवाड़ा का यह मंदिर भी प्राचीन है और इस मंदिर को लेकर भी कहानी प्रचलित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और बहुत ही भव्य है। आप यहां पर आकर मंदिर की खूबसूरती देख सकते हैं। यह मंदिर हिंगलाज देवी को समर्पित है। मंदिर के पास खूबसूरत गार्डन बना हुआ है। और यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 

हनुमान मंदिर सिमरिया छिंदवाड़ा - Hanuman temple simaria chhindwara

सिमरिया हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इस मंदिर में आपको हनुमान जी की 101 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो खड़ी हुई अवस्था में है। यह मंदिर मेन हाईवे रोड में ही स्थित है। यह मंदिर जबलपुर नागपुर हाईवे रोड में स्थित है। आप इस मंदिर में आसानी से आ सकते हैं। मंदिर के सामने एक बड़ा सा गार्डन बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। मंदिर के बाहर आपको प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिल जाती है, जहां से आप हनुमान जी को चढ़ाने के लिए प्रसाद वगैरह ले सकते हैं। आपको यहां पर आकर सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। सिमरिया हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप यहां पर बच्चों को लेकर भी आ सकते हैं। बच्चे यहां पर पार्क में एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर कुछ कैफे  भी स्थित हैं, जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकते हैं। 

देवगढ़ किला छिंदवाड़ा - Devgarh ka kila chhindwara

देवगढ़ का किला छिंदवाड़ा में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। आपको यहां पर एक किला देखने के लिए मिलता है, जो अब पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया है। देवगढ़ का किला छिंदवाड़ा से करीब 44 किलोमीटर दूर होगा। आप इस किले में अपने वाहन से आ सकते हैं। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। पहाड़ी से चारों ओर का दृश्य बहुत ही अद्भुत दिखाई देता है। यहां पर आप काली जी का मंदिर भी देख सकते हैं, जो यहां के राजा की कुलदेवी थी। इस किले में आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। इस किले में पहुंचने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी पड़ती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। देवगढ़ के किले में आपको एक मस्जिद भी देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यहां पर गोंड राजाओं का राज हुआ करता था। उसके बाद यहां पर मुस्लिम शासकों का राज हो गया। देवगढ़ का किला सोलहवीं शताब्दी में गोंड राजाओं के द्वारा निर्मित किया गया था। गोंड मध्यप्रदेश में रहने वाली जनजाति है। यह किला समुद्र सतह से लगभग 650 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। किले की इमारतें इस्लामिक शैली से निर्मित की गई है। देवगढ़ किले में देखने के लिए मोती टांका, हाथी खाना, नक्कर खाना, कचहरी, राजा की बैठक, खजाना तथा बादल महल आदि दर्शनीय स्थल है।    

जुन्नारदेव विशाला पहली पारी - Junnardeo (Junnardeo temple) Pahli paari

पहली पारी जुन्नारदेव में स्थित एक प्राचीन और धार्मिक स्थल है। यह स्थल शिव भगवान जी को समर्पित है। पहली पारी छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में स्थित है। जुन्नारदेव के विशाला गांव में आपको पहली पारी मंदिर देखने के लिए मिलता है। जुन्नारदेव में आप रेलवे स्टेशन से पहुंच सकते हैं। पहली पारी में भगवान भोले के दर्शन करने के लिए महाशिवरात्रि के समय लाखों लोग आते हैं। जुन्नारदेव विशाला को महादेव यात्रा की पहली सीढ़ी कहा जाता है। यह मंदिर चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण व पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां पर एक प्राकृतिक कुंड है। यहां पर आपको एक शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। शिवलिंग के ऊपर साल के 24 घंटे 365 दिन जल अभिषेक होता रहता है। कहा जाता है कि इस जल से स्नान करने से शरीर रोगमुक्त होता है। कहा जाता है कि भगवान शिव भस्मासुर नामक राक्षस से बचने के लिए यही से पहाड़ों के बीच रास्ता बनाते हुए चौरागढ़ महादेव पर्वत तक गए थे। इस दौरान भगवान शिव के प्रथम चरण यहां पढ़ने के कारण यह स्थान पहली पायरी कहलाया।

पातालकोट छिंदवाड़ा - Patalkot chhindwara

पातालकोट छिंदवाड़ा में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यह जगह ऊंची ऊंची पहाड़ियों,  घाटियों और घने जंगलो से घिरा हुआ है। आपको यहां पर खूबसूरत घटियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर बहुत सारे व्यूप्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप सतपुड़ा की वादियों का बहुत ही मनोरम दृश्य देख सकते हैं। पातालकोट छिंदवाड़ा के तामिया में स्थित है। पातालकोट का आकार घोड़े की नाल के सामान है।  पातालकोट 87 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। पातालकोट में आपके ट्रैकिंग और कैंपिंग की व्यवस्था मौजूद है। इसके अलावा भी यहां पर बहुत सारे एडवेंचर स्पोर्ट्स किए जाते हैं। अगर आप बरसात के समय यहां पर आते हैं, तो यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। पातालकोट की घाटियों में 12 गांव बसे हैं, जहां पर आदिवासी जनजाति निवास करती है। यह जनजाति पूरी तरह से आत्मनिर्भर है। 

श्री हनुमान मंदिर, जाम सावली छिंदवाड़ा - Jamsavli mandir chhindwara

श्री हनुमान मंदिर जाम सांवली छिंदवाड़ा जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको हनुमान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो लेटी हुई अवस्था में है। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है और यहां पर बहुत सारे लोग हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर जबलपुर नागपुर हाईवे के बहुत करीब है। जाम सांवली हनुमान मंदिर को चमत्कारी हनुमान मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है। यहां पर आपको सुंदर घाटियां और नदी भी देखने के लिए मिलती है। मंदिर में सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध है।

घोघरा जलप्रपात छिंदवाड़ा - Ghogra waterfall 

घोघरा जलप्रपात छिंदवाड़ा में स्थित एक झरना है। यह झरना जाम सवाली मंदिर के बहुत करीब है। आप जब भी जाम सवाली हनुमान मंदिर घूमने के लिए आते हैं, तो इस झरने में भी आ सकते हैं। यह झरना बरसात के समय आपको देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय झरना पानी से भर जाता है। ठंड के समय भी इस झरने में पानी रहता है। गर्मी के समय में झरने में पानी नहीं रहता है। यह झरना खूबसूरत लगता है। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह झरना जाम सवाली हनुमान मंदिर से करीब ढाई किलोमीटर दूर होगा। यह एक अच्छा पिकनिक स्थल है। यहाँ झरना जबलपुर नागपुर हाईवे रोड के बहुत करीब है। 

कुकड़ी खापा जलप्रपात - Kukdi Khapa Waterfall chhindwara

कुकड़ी खापा जलप्रपात छिंदवाड़ा में स्थित एक झरना है। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह झरना छिंदवाड़ा से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस झरने तक जाने के लिए आप अपने दोपहिया और चार पहिया वाहन से जा सकते हैं। यह झरना नागपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर है। यह पिकनिक मनाने के लिए बहुत अच्छी जगह है। आप यहां पर दोस्तों और फैमिली के साथ आ सकते हैं। यहां पर पहाड़ों से बहता हुआ पानी बहुत ही खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है। चारों तरफ हरियाली रहती है और झरने में पानी भी रहता है। गर्मी में पानी नहीं रहता है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। 



प्रियदर्शिनी पार्क छिंदवाड़ा (Priyadarshini park chhindwara)
भगवान श्री परशुराम वाटिका छिंदवाड़ा (Lord shri parshuram vatika chhindwara)
अनगढ़ हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा (Anagarh hanuman temple chhindwara)
कन्हरगांव बांध छिंदवाड़ा (Kanhargaon dam chhindwara)
अर्धनारीश्वर महादेव मंदिर मोहगांव छिंदवाड़ा (Ardhanarishwar mahadev temple mohgaon chhindwara)
वाघ्यानाला बांध छिंदवाड़ा (Vaghyanala reservoir chhindwara)
जामलापानी बांध छिंदवाड़ा (Jamlapani dam chhindwara )



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।

बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city बैतूल जिले की जानकारी - Betul district information बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर, । बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है।  बैतूल में घूमने की जगहें Places to visit in Betul बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है।