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दतिया पर्यटन स्थल - Datia tourist place

दतिया दर्शनीय स्थल - Best places to visit in Datia | Datia tourism | दतिया जिला


दतिया में घूमने की जगहें
Places to visit in Datia



दतिया पैलेस - Datia Palace

दतिया पैलेस को वीर सिंह पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। दतिया पैलेस दतिया शहर में घूमने की एक ऐतिहासिक महल है। इस महल में 7 मंजिल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर आपको गुंबद, खूबसूरत प्रवेश द्वार और खिड़कियां देखने के लिए मिलेगी। इस महल का निर्माण बुंदेला शासक वीर सिंह देव ने सन 1620 ईस्वी में करवाया था। यह महल चैकोर है, जिसमें कोने पर त्रिकोणीय मीनार है। दतिया महल को नरसिंह महल या पुराने महल के नाम से भी जाना जाता है। इस महल के निर्माण में पत्थरों का प्रयोग किया गया है। इस महल में लकड़ी और लोहे का प्रयोग कहीं पर भी नहीं किया गया है। आपको यहां पर कहीं पर भी लकड़ी और लोहे देखने के लिए नहीं मिलेंगे। यहां पर पत्थर की खूबसूरत जालियां बनाई गई है, जो आकर्षक लगती हैं। महल को सजाने के लिए छतरियां बनाई गई है, जिन पर गुंबद बने हुए हैं। वह भी बहुत खूबसूरत लगते हैं। महल की भीतरी दीवारों पर आपको सुंदर कलाकृतियां भी देखने के लिए मिल जाएगी। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं और आपको यहां आकर अच्छा लगता है। 


श्री पीताम्बरा पीठ दतिया - Shri Pitambra Peeth Datia

श्री पितांबरा पीठ मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में पूरे भारत देश से भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। श्री पितांबरा पीठ मंदिर मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित है। पितांबरा पीठ मंदिर बगलामुखी माता को समर्पित है, जो हिंदू धर्म की एक देवी हैं। यह मंदिर महाभारत काल से यहां पर निर्मित है। यहां पर एक प्राचीन शिवलिंग भी स्थित है, जो कहा जाता है, कि अति प्राचीन है। यहां पर आप धूमावती माता के दर्शन भी कर सकते है। सौभाग्यवती स्त्रियां धूमावती माता के दर्शन नहीं करती हैं। यह मंदिर सुबह से शाम तक बड़ी आरती तक खुला रहता है। आप आकर इस मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


राम सागर तालाब एवं राम सागर का किला दतिया - Ram Sagar Pond and Ram Sagar Fort Datia

राम सागर तालाब एवं राम सागर का किला दतिया शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको एक खूबसूरत जलाशय देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी है, जहां पर हनुमान जी की प्रतिमा विद्यमान है। आप हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपको एक किला भी देखने के लिए मिलेगा, जो प्राचीन है। आप  वह भी देख सकते हैं। 


गुप्तेश्वर धाम दतिया - Gupteshwar Dham Datia

गुप्तेश्वर धाम दतिया शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। गुप्तेश्वर धाम दतिया शहर के बडोनी में स्थित है। यहां पर आपको शंकर जी का एक शिवलिंग देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि शिवलिंग ऊंचाई बढ़ती जा रही है। यह जगह प्राकृतिक वातावरण से भरी हुई है। आपको यहां पर एक तालाब भी देखने के लिए मिलता है, जिस पर आप स्नान कर सकते हैं। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


बडोनी का किला दतिया - Badoni Fort Datia

बडोनी का किला दतिया शहर का एक प्राचीन स्थल है। यह किला दतिया शहर के बडोनी में स्थित हैं। आप यहां पर आकर यह किला देख सकते हैं। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले का बहुत सारा भाग अब खंडहर में तब्दील हो गया है। आपको इस किले से चारों तरफ का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिल जाएगा। 


जैन मंदिर सोनागिर दतिया - Jain Temple Sonagir Datia

सोनगिरी के जैन मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह जैन धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको बहुत सारे जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर श्री चंद्रप्रभु का मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। यह मंदिर पहाड़ियों पर बने हुए हैं। सोनगिरी का मतलब होता है - सोने का पहाड़। यहां पर आपको 108 जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर में 43 फीट ऊंचे मनस्तंभ को देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ लगती है। यह मंदिर वास्तुकला की दृष्टि से भी बहुत खूबसूरत है।आपको इन मंदिरों तक जाने के लिए पैदल चलना पड़ता है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर आकर शांति का अनुभव करेंगे। 


प्राचीन पद्मावती मंदिर दतिया - Ancient Padmavati Temple Datia

प्राचीन पद्मावती मंदिर देवास जिले के पास में पवाया गांव के पास में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर खुदाई से मिला है और चौथी शताब्दी का माना जाता है। यह अभी भी अच्छी हालत में यहां पर मौजूद है। यह मंदिर खंडहर अवस्था है।  आप आकर यहां पर घूम सकते हैं। यह मंदिर ईंटों से बना है। यह मंदिर ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है। इसलिए ज्यादा यहां पर भीड़भाड़ नहीं रहती। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा।


रतनगढ़ माता मंदिर दतिया - Ratangarh Mata Temple Datia

रतनगढ़ माता का मंदिर देवास जिले के पास में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। रतनगढ़ माता का मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। मंदिर पर पहुंच कर आपको चारों तरफ का खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। सिंधु नदी मंदिर के बहुत करीब है। आप मंदिर से सिंधु नदी को भी देख सकते हैं। चारों तरफ आपको पहाड़ियां देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर देवास जिले की स्योंधा  तहसील के रतनगढ़ में स्थित है। यह मंदिर देवास जिले से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। कहा जाता है कि यहां पर मांगी गई हर दुआ पूरी होती है। यहां पर हर सोमवार को मेला लगता है। यहां पर नवरात्रि में बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है,  जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। यहां पर दीपावली की भाई दूज में भी मेला लगता है, जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग आते हैं। 


संकुआ कुंड दतिया - sankua Kund datia

संकुआ कुंड देवास जिले के पास में स्थित एक धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगह है। संकुआ कुंड देवास जिले में स्योंधा के पास में स्थित है। यहां पर आपको शिवलिंग देखने के लिए मिलता है और यहां पर आपको एक खूबसूरत झरना देखने के लिए भी मिलता है, जो सिंधु नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आप झरने की खूबसूरती का मजा उठा सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री बालाजी धाम दतिया - Shri Balaji Dham Datia

श्री बालाजी धाम मंदिर देवास जिले के पास में डबरा नाम की जगह में स्थित है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर आपको माता सीता राम जी के और दुर्गा जी के मंदिर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही भव्य मूर्ति विराजमान है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


नवग्रह मंदिर करण सागर के पास में स्थित है। 

परशुराम हनुमान मंदिर करण सागर के पास में स्थित है। 

देवगढ़ का किला दतिया


भिंड के दर्शनीय स्थल

महेश्वर दर्शनीय स्थल

होशंगाबाद पर्यटन स्थल

छतरपुर के दर्शनीय स्थल


भिंड पर्यटन स्थल - Tourist places near Bhind

भिंड के दर्शनीय स्थल - Best places to visit in Bhind | Bhind sightseeing | भिंड शहर


भिंड में घूमने की जगहें
Places to visit in Bhind


वनखंडेश्वर मंदिर भिंड - Vankhandeshwar Temple Bhind 

वनखंडेश्वर मंदिर  भिंड शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। वनखंडेश्वर मंदिर भिंड शहर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है। यह मंदिर गौरी तालाब के पास में स्थित है। गौरी तालाब भिंड शहर में स्थित एक खूबसूरत झील है। वनखंडेश्वर मंदिर का निर्माण राजा पृथ्वीराज चौहान के समय में किया गया था। इस मंदिर में अखंड ज्योत जलाई गई है, जो प्राचीन समय से अभी तक जल रही है। इस मंदिर में सोमवार के दिन बहुत भीड़ लगती है। श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए यहां पर आते हैं। यहां पर सोमवार के दिन महाआरती भी होती है। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार की समय बहुत बड़े मेले का भी आयोजन किया जाता है। 


गौरी तालाब भिंड - Gauri Talab Bhind

गौरी तालाब भिंड शहर में स्थित एक झील है। गौरी तालाब भिंड शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। गौरी तालाब के आसपास बहुत सारे मंदिर है, जिनमें आप जाकर घूम सकते हैं और आपको वहां पर शांति मिलेगी।  गौरी तालाब के पास में गौरी लेक पार्क स्थित है। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां से आप सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। 


भिंड का किला या जिला पुरातत्व संग्रहालय भिंड - Bhind Fort or District Archaeological Museum Bhind

भिंड का किला भिंड शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले को संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है। किले में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला ऊंचाई में स्थित है, जिससे पूरे भिंड शहर के दृश्य को आप देख सकते हैं। इस किले को जिला पुरातत्व संग्रहालय भी कहा जाता है। आप यहां पर आकर भिंड के इतिहास के बारे में जान सकते हैं। 


नक्षत्र वाटिका भिंड - Nakshatra Vatika Bhind

नक्षत्र वाटिका भिंड शहर में स्थित एक खूबसूरत पार्क है। यहां पर आपको तरह तरह के पेड़ पौधे देखने के लिए मिल जाते हैं। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है। आप यहां पर मॉर्निंग वॉक के लिए आ सकते हैं। यह पार्क मुख्य भिंड शहर में ही स्थित है। 


गोहद का किला भिंड - Gohad Fort Bhind

गोहद का किला भिंड शहर के पास में गोहद नाम की जगह में स्थित है। यह एक प्राचीन किला है। यह किला बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले के अंदर आपको किलेबंदी, मीनारें, तालाब एवं मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। इस किले का निर्माण 1505 में जाट शासक राणा सिंघम देव द्वितीय ने कराया था। इस किले के पास में वैशाली नदी बहती है। यहां पर वैशाली नदी गोलाकार आकार में बहती है। किले के अंदर आपको बहुत सारी इमारतें देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको शीश महल, और रानी बाग देखने के लिए मिल जाएगा। 


गोहद बांध भिंड - Gohad Dam Bhind

गोहद बांध एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय भिंड जिले के पास में स्थित गोहद नाम के स्थान पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय गोहद जलाशय से पानी ओवरफ्लो होता है और बहता है, तो ऐसा लगता है। जैसे झरना बह रहा है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


चंबल वैली भिंड - Chambal Valley Bhind

चंबल नदी भिंड शहर के पास से गुजरती है।  चंबल नदी भारत देश की सबसे शुद्ध नदी है। चंबल नदी में किसी भी तरह का कोई भी प्रदूषण नहीं होता है, क्योंकि इस नदी के लिए किसी भी तरह की कथाएं प्रसिद्ध नहीं है। इस नदी के किनारे ना ही धार्मिक स्थल है और ना ही किसी भी तरह का धार्मिक कार्य किया जाता है। इसलिए यह नदी प्रदूषण मुक्त है। चंबल नदी का ज्यादातर हिस्सा भी बीहड़ है। आप चंबल वैली में बर्डवाचिंग कर सकते हैं। यहां पर आपको देशी और विदेशी पक्षियों की भरमार देखने के लिए मिल जाएगी। इसके अलावा चंबल नदी में मगरमच्छ देख सकते हैं। ठंड के समय मगरमच्छ नदियों के किनारे आराम करते हुए देखने के लिए आपको मिल जाएंगे। यहां चंबल नदी का जो एरिया है, वह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर चंबल वैली का लुफ्त उठा सकते हैं। 


श्री परमहंस आश्रम समन्ना भिंड - Sri Paramahams Ashram Samanna Bhind

श्री परमहंस आश्रम भिंड से इटावा जाने वाले रास्ते में पड़ता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत शांति मिलेगी। यहां पर आप गुरु जी के दर्शन कर सकते हैं। 


महामृत्युंजय जैन तीर्थ भिंड - Mahamrityunjaya Jain Tirtha Bhind

महामृत्युंजय जैन तीर्थ भिंड शहर के पास चंबल नदी के किनारे पर स्थित है। यह स्थल एक जैन तीर्थ स्थल है। आप यहां पर आ कर इस मंदिर को देख सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। यह मंदिर भिंड से इटावा आने वाले रास्ते में पड़ता है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी।

 

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड - Temple of Shri Ratangarh Mata Bhind

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड जिले के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक बहुत अच्छी एवं धार्मिक जगह है। यह जगह जंगल के बीच में स्थित है। यहां पर माता का मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। पहाड़ी से चारों तरफ का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखता है। सोमवार के दिन यहां पर मेला लगता है, जिसमें आसपास के लोकल लोगों के द्वारा मेला लगाया जाता है।  यहां पर नवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह भिंड शहर से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 


कन्हरगढ़ का किला स्योंधा भिंड - The fort of Kanhargarh is Sayondha Bhind 

कन्हार गढ़ का किला भिंड शहर के पास में स्थित एक प्राचीन किला है। यह किला सिंध नदी के पास में स्थित है। यह किला स्योंधा में स्थित है। स्योंधा भिंड से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।


संकुआ कुंड स्योंधा भिंड - Sankua Kund Sayondha Bhind

संकुआ कुंड सिंध नदी पर स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यहां पर आपको एक खूबसूरत कुंड देखने के लिए मिलता है। यहां पर सिंध नदी पर एक झरना देखने मिलता है। यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है। आप यहां पर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। संकुआ कुंड भिंड शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्योंधा में स्थित है। 


कालका माता का मंदिर भिंड - Kalka Mata Temple Bhind

कालका माता का मंदिर भिंड शहर के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सिंध नदी के किनारे स्थित हैं। मंदिर से आपको सिंध नदी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर कालका माता जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी।


झांसी के दर्शनीय स्थल

ग्वालियर पर्यटन स्थल

मुरैना दर्शनीय स्थल

जबलपुर पर्यटन स्थल


महेश्वर पर्यटन स्थल - Maheshwar tourist place

महेश्वर दर्शनीय स्थल - Maheshwar sightseeing | महेश्वर पिकनिक स्पॉट



महेश्वर में घूमने की जगह 
Places to visit in Maheshwar


श्री अहिल्येश्वर मंदिर, महेश्वर - Shri Ahilyeshwar Temple, Maheshwar

श्री अहिल्येश्वर मंदिर महेश्वर में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से पत्थरों को तराश कर बनाया गया है। यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है। मंदिर एक ऊंचे मंडप पर बना हुआ है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुंदर है। यहां आकर आपको शांति मिलेगी और आप सकारात्मक ऊर्जा से भर जाएंगे। मंदिर की दीवारों में आपको नक्काशी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। 


महेश्वर दुर्ग - Maheshwar Durg

महेश्वर दुर्ग महेश्वर में स्थित घूमने की एक प्रमुख जगह है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। प्रवेश द्वार के चारों तरफ खूबसूरत नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। किले के अंदर होलकर साम्राज्य की बहुत सारी वस्तुएं आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। किले के अंदर आपको म्यूजियम देखने के लिए मिलेगा। यह किला बहुत खूबसूरत है और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। 


श्री राज राजेश्वर सहस्त्रबाहु मंदिर महेश्वर - Shri Raj Rajeshwar Sahastrabahu Temple Maheshwar

श्री राज राजेश्वर सहस्त्रबाहु मंदिर महेश्वर में प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर राजा सहस्त्रबाहु को समर्पित है। श्री राज राजेश्वर मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर महिष्मति, जिसे आज महेश्वर की नाम से जाना जाता है, के राजा सहस्त्रबाहु के समय पर बनाया गया था। यहां पर आपको 11 दीपक देखने के लिए मिलते हैं, जो उस समय से जल रहे हैं। जब यह मंदिर बनाया गया था। माना जाता है कि यह सोमवंशी राजा सहस्त्रार्जुन कीर्ति वीर्य की समाधि मंदिर है। यहां पर राजा सहस्त्रार्जुन की प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिलेगी और यहां पर शंकर जी का शिवलिंग भी देखने के लिए मिल जाता है। राजा सहस्त्रार्जुन का जन्मदिन महेश्वर में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यहां 3 दिन उत्सव मनाया जाता है और यहां पर भंडारा भी किया जाता है। आप भी आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


महेश्वर के घाट, महेश्वर  - Maheshwar Ghats, Maheshwar

महेश्वर के घाट महेश्वर में घूमने के मुख्य स्थान है। यह  घाट नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है।आप इन घाटों से नर्मदा नदी का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आपको ढेर सारी मछलियां भी देखने के लिए मिलती है। आप मछलियों को खाने के लिए कुछ डाल सकते हैं। यहां पर आपको शांति मिलती है और आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह घाट साफ-सुथरे हैं। आपको यहां पर ढेर सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। आप यहां नर्मदा नदी में नौकायन का भी मजा ले सकते हैं। यहां पर बॉलीवुड की फिल्म पैडमैन की भी शूटिंग हुई है। यहां पर आकर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


बाणेश्वर महादेव मंदिर महेश्वर - Baneshwar Mahadev Temple Maheshwar

बाणेश्वर मंदिर महेश्वर में स्थित एक मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बने एक टापू पर बनाया गया है। यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर का बना हुआ है। मंदिर में शिवलिंग और नंदी भगवान आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। माना जाता है कि द्वापर युग में, बाणासुर ने यहां कठिन तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। बाणेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण 9 वीं से 10 वीं शताब्दी में हुआ है। इस मंदिर में आप नाव के द्वारा पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा महसूस होगा। 


सहस्त्रधारा जलप्रपात महेश्वर - Sahastradhara Falls Maheshwar

सहस्त्रधारा जलप्रपात महेश्वर में घूमने के लिए एक मुख्य जगह है। यहां पर आपको नर्मदा नदी पर एक जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात बहुत तीव्र गति से बहता है। यहां पर नर्मदा नदी छोटी-छोटी धाराओं में बहती है और जलप्रपात बनाती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप आते हैं, तो जूते पहन कर आइएगा, क्योंकि यहां का जो एरिया है। वह चट्टानों से भरा हुआ है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और आप यहां पर अच्छा समय बिता सकते हैं। अगर आप यहां आते हैं, तो खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी जरूर लाएं, क्योंकि आसपास यहां पर कोई दुकान नहीं है। 


श्री दत्तधाम महेश्वर - Shri Dattadham Maheshwar

श्री दत्तधाम महेश्वर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर करीब 30 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरती से बनाया हुआ है। यह मंदिर दत्तात्रेय को समर्पित है। यह चार दत्ता धामों में से पहला दत्ता धाम है। इस मंदिर को श्री नारायण महाराज द्वारा बनवाया गया है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे पर बना हुआ है। यहां पर आपको भगवान एक मुखी दत्ता जी, गणेश भगवान जी की, और मां नर्मदा जी की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाएगी। 


पंढरीनाथ मंदिर महेश्वर - Pandharinath Temple Maheshwar

पंढरीनाथ मंदिर महेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पंढरी भगवान जी को समर्पित है। पंढरी भगवान जी भगवान विष्णु जी के अवतार हैं। यह प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको खूबसूरत मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर प्राचीन समय में अहिल्या बाई होलकर जी के द्वारा मंदिर में पूजा की जाती थी। 


चिंतामणि गणेश मंदिर महेश्वर - Chintamani Ganesh Temple Maheshwar

चिंतामणि गणेश मंदिर महेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको गणेश जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर बुधवार को भक्तों की भीड़ रहती है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं और भगवान गणेश के दर्शन कर सकते हैं। 


शालिवाहन शिव मंदिर महेश्वर (Shalivahan Shiva Temple Maheshwar)

कालेश्वर मंदिर महेश्वर (Kaleshwar Temple Maheshwar)

जलेश्वर मंदिर महेश्वर (Jaleshwar Temple Maheshwar)

जगन्नाथ धामपुर मंदिर महेश्वर (Jagannath Dhampur Temple Maheshwar)


चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल

पन्ना पर्यटन स्थल

छतरपुर के दर्शनीय स्थल


होशंगाबाद पर्यटन स्थल - Hoshangabad tourist places in hindi

होशंगाबाद दर्शनीय स्थल - Tourist places near Hoshangabad | Hoshangabad picnic spot



होशंगाबाद में घूमने की जगह 


सेठानी घाट होशंगाबाद - Sethani Ghat Hoshangabad

सेठानी घाट होशंगाबाद का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। यह घाट बहुत बड़ा घाट है। यह भारत में स्थित सबसे बड़े घाटों में से एक है। इस घाट में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। आप इस घाट में नहाने का मजा भी ले सकते हैं। नर्मदा जयंती के समय हजारों की संख्या में लोग यहां आते हैं। यहां का दृश्य नर्मदा जयंती के समय देखते ही बनता है। सेठानी घाट का निर्माण जयंतीबाई  सेठानी ने किया था। इसलिए इस घाट को सेठानी घाट के नाम से जाना जाता है। यहां सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप सेठानी घाट में बैठकर नर्मदा नदी का खूबसूरत दृश्य इंजॉय कर सकते हैं। 


होशंग शाह का किला होशंगाबाद - Hoshang Shah's Fort Hoshangabad

होशंग शाह का किला होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यहां पर आपको एक पुराना खंडहर किला देखने के लिए मिलता है। होशंगाबाद शहर का नाम भी होशंग शाह राजा के नाम पर रखा गया है। इस के पास में ही एक पार्क आपको देखने के लिए मिलता है। पार्क में आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। आप इस किले में आकर घूम सकते हैं। किले के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। आपको इस जगह में आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


बांद्राभान - नर्मदा और तवा नदी का संगम स्थल होशंगाबाद -  Bandrabhan - the confluence of the Narmada and Tawa rivers, Hoshangabad

बांद्राभान होशंगाबाद शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। बांद्राभान होशंगाबाद से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह पर नर्मदा नदी और तवा नदी का संगम हुआ है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर आप आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां से आपको सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर रेत के बड़े-बड़े मैदान हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां पर साल में एक बार मेला भी लगता है। आप उस मेले में आकर आनंद उठा सकते हैं। 


आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद - Admgarh hills Hoshangabad

आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको रॉक शेल्टर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आदिमानव प्राचीन समय में रहा करते थे। उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग आप देख सकते हैं। यहां पर आप बहुत सारी पेंटिंग देख सकते हैं। यहां पर हिरण, शेर, सूअर, मानव की नृत्य  करते हुए एवं शिकार करते हुए पेंटिंग बनाई गई है। आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जगह होशंगाबाद के दक्षिणी सिरे में स्थित है। आप यहां पर आ सकते हैं और इस जगह को घूम सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर ज्यादा अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। 


हिंगलाज देवी मंदिर होशंगाबाद - Hinglaj Devi Temple Hoshangabad

हिंगलाज देवी का मंदिर होशंगाबाद में नर्मदा नदी के किनारे में स्थित है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर चारों तरफ से हरियाली से घिरा हुआ है और नर्मदा नदी का शानदार दृश्य आपको यहां पर देखने के लिए मिलता है। मंदिर में आपको माता हिंगलाज के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप शंकर जी के दर्शन भी कर सकते हैं। यहां आकर आप अपना समय शांति से बिता सकते हैं। यह मंदिर नर्मदा हाईवे ब्रिज के पास में है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। 


श्री जगदीश मंदिर होशंगाबाद - Shri Jagdish Temple Hoshangabad

श्री जगदीश मंदिर होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है, तो आप नर्मदा नदी का खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है। आप यहां पर आ कर मन को शांत कर सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में रुकने की व्यवस्था है। अगर आप कहीं बाहर से आते हैं, तो मंदिर में धर्मशाला है। आप वहां पर रुक सकते हैं। 


पर्यटन घाट होशंगाबाद - Paryatan ghat hoshangabad

पर्यटन घाट होशंगाबाद में स्थित नर्मदा नदी के किनारे पर बना हुआ एक सुंदर घाट है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह घाट एमपी टूरिज्म के द्वारा बनाया गया है। इस घाट को बहुत खूबसूरती से सजाया गया है। आप यहां पर बहुत सारी कलाकृतियां देख सकते हैंए जो एमपी टूरिज्म के द्वारा बनाई गई है। आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


हर्बल पार्क होशंगाबाद - Herbal Park Hoshangabad

हर्बल पार्क होशंगाबाद शहर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। मगर यह पार्क अच्छी तरह से मेंटेन नहीं है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि चारों तरफ हरियाली होती है। यहां पर आप मोर भी देख सकते हैं। यहां पर जोगिंग करने के लिए रोड बनी हुई है, जहां से आप पूरे पार्क को घूम सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा और ताजी हवा का आनंद लेने मिलेगा। 


श्री बूढ़ी माता धाम होशंगाबाद - shree boodhi mata dham hoshangabad

बूढ़ी माता का मंदिर होशंगाबाद जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर होशंगाबाद जिले में इटारसी में स्थित है। इस मंदिर में आपको बूढ़ी माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर परिसर में शिव भगवान जी के भी दर्शन आपको करने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर साल में एक बार मेला लगता है, जिसमें भारी जनसंख्या में लोग आते हैं। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री स्वप्नेश्वर हनुमान धाम होशंगाबाद - Sri Swapneshwar Hanuman Dham Hoshangabad

यह हनुमान मंदिर होशंगाबाद शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर होशंगाबाद शहर में इटारसी के पास में स्थित है।  यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर में छोटा सा बगीचा है, जहां पर आप शांति से बैठ सकते हैं। मंदिर में आपको हनुमान जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती है। मंदिर में शिव भगवान जी का भी छोटा सा मंदिर है और नर्मदा माई का भी छोटा सा मंदिर है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा और शांति का अनुभव होगा। मंदिर को सजाने के लिए हनुमान जी की छोटी-छोटी प्रतिमाओं को दीवारों पर रखा गया है और मंदिर की दीवारों पर सुंदर पेंटिंग बनाई गई है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर भी हनुमान जी की प्रतिमा को रखा गया है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।


तवा बांध होशंगाबाद - Tawa Dam Hoshangabad 

तवा बांध होशंगाबाद शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आपका पूरा 1 दिन यहां पर बीत जाएगा। यहां पर चारों तरफ जंगल का खूबसूरत नजारा आपको देखने के लिए मिलेगा और तवा बांध का मनोरम दृश्य भी आप देख सकते हैं। यहां पर आपको बोटिंग की सुविधा भी दी गई है, ताकि आप यहां पर वोटिंग कर सके। यहां पर क्रूज वगैरह भी हैं, जिनमें आप जा सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अगर बरसात के समय आते हैं, तो बरसात के समय आपको बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलेगा, क्योंकि बरसात के समय बांध के गेट खोले जाते हैं, जिससे अपार जल राशि गेट से निकलती है और उसका दृश्य देखने लायक होता है। इस बांध में 11 गेट हैं और यह बांध तवा नदी पर बना हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


सतपुड़ा नेशनल पार्क होशंगाबाद  - Satpura National Park Hoshangabad

सतपुड़ा नेशनल पार्क होशंगाबाद में घूमने के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आप यहां पर सफारी का मजा ले सकते हैं। आपको यहां पर विभिन्न प्रकार के जीव जंतु एवं पौधों की विभिन्न प्रजातियां देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आप बाघ, भालू, हिरण, सूअर देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलेगी। 


पचमढ़ी होशंगाबाद - Pachmarhi Hoshangabad

पचमढ़ी होशंगाबाद में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। पचमढ़ी में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। पचमढ़ी में आप  चैरागढ़ मंदिर, जटाशंकर मंदिर, गुप्त महादेव, सनसेट पॉइंट, धूपगढ़, राजेंद्र गिरी, हांडी खोह, रजत जलप्रपात आदि देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप आते हैं, तो कम से कम 2 दिन का प्लान बना कर आइए।  यहां पर आप जिप्सी से सारी जगह घूम सकते हैं। कई जगह पर आपको पैदल भी चलना पड़ सकता है। 


बोरी वन्यजीव अभयारण्य होशंगाबाद - Bori Wildlife Sanctuary Hoshangabad

बोरी वन्यजीव अभ्यारण होशंगाबाद शहर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको जंगल और जंगली जीव देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप जंगली जानवरों और वनस्पतियों की ढेर सारी प्रजातियां देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। बोरी वाइल्डलाइफ सेंचुरी पचमढ़ी बायोस्फीयर का ही हिस्सा है। यहां पर आपके प्रवेश का एंट्री चार्ज लिया जाता है। यह सेंचुरी 518 स्क्वेयर किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। 


पन्ना पर्यटन स्थल

गुना पर्यटन स्थल

चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल


छतरपुर पर्यटन स्थल - Chhatarpur tourist places

छतरपुर के दर्शनीय स्थल - Places to visit in chhatarpur | Chhatarpur tourism



छतरपुर में घूमने की जगह


खजुराहो  छतरपुर  - Khajuraho Chhatarpur

खजुराहो मध्य प्रदेश में स्थित एक विश्व प्रसिद्ध स्थल है। खजुराहो में आपको पुराने मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही भव्य हैं। खजुराहो की मूर्तिकला भी बहुत ही अद्भुत है। खजुराहो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। खजुराहो में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो प्राचीन है। खुजराहो में 100 से भी ज्यादा पुराने मंदिर थे, जिसमें से अब कुछ ही मंदिर बचे हुए हैं, जो अच्छी अवस्था में है। यहां पर सबसे प्रसिद्ध मंदिर कंदरिया महादेव मंदिर है। इस मंदिर के गर्भ गृह में आपको महादेव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर खजुराहो में स्थित सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। इसके अलावा भी खजुराहो में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको वाराह मंदिर, विश्वनाथ मंदिर चित्रगुप्त मंदिर जैसे अन्य प्रसिद्ध मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर चैसठ योगिनी माता का मंदिर भी है, जिसमें 64 मंदिर आपको देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर भी खंडार अवस्था में यहां पर मौजूद है। इसके अलावा यहां पर आपको शिवसागर झील भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन समय की है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और अपने इतिहास के बारे में जानकर आपको अच्छा महसूस होगा। खजुराहो में आपको संग्रहालय भी देखने के लिए मिलते हैं, जहां पर आपको प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिलता है। 


रानेह जल प्रपात  छतरपुर  - Raneh waterfall Chhatarpur

रानेह जल प्रपात छतरपुर के पास में स्थित सबसे अच्छा स्थान है।  यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आपको चट्टानों की श्रंखला देखने के लिए मिलती है, जो करीब 5 किलोमीटर तक में फैली हुई है। यहां पर केन नदी बहती है, इसमें बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात बनता है। इस जलप्रपात को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर जो चट्टाने है। वह बहुत ही खूबसूरत है। यह चट्टाने आपको गुलाबी, लाल रंग में देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यह चट्टानें ज्वालामुखी विस्फोट से बनी हुई है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। रनेह जलप्रपात छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रनेह जलप्रपात खुजराहो से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। आपको जलप्रपात में अंदर जाने के लिए टिकट लेनी पड़ती है। 


कुटनी बांध  छतरपुर  - Kutni Dam Chhatarpur

कुटनी बांध छतरपुर के पास में स्थित एक अच्छी जगह है। यह एक अच्छा पिकनिक स्थल है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। कुटनी बांध कुटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर एमपी टूरिज्म का एक गेस्ट हाउस में बना हुआ है, जहां पर आपको रुकने के लिए और खाने पीने की व्यवस्था है। यह बांध बहुत खूबसूरत है और आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बांध छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप गाड़ी से इस बांध तक पहुंच सकते हैं। 


बेनीसागर जलाशय  छतरपुर  - Benisagar reservoir Chhatarpur

बेनीसागर जलाशय छतरपुर के पास में स्थित एक अच्छी जगह है। आप जब भी खजुराहो घूमने के लिए जाते हैं, तो आप बेनीसागर जलाशय भी घूमने के लिए जा सकते हैं। आपको यहां से खूबसूरत सूर्यास्त का नजारा देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आप अच्छी फोटो भी खींच सकते हैं। 


रंगुवान बांध  छतरपुर  - Ranguwan Dam Chhatarpur

रंगुवान बांध छतरपुर शहर में स्थित घूमने के लिए एक अच्छी जगह है।  यह एक बहुत बड़ा जलाशय है और यह बांध मुख्य तौर पर सिंचाई के उद्देश्य बनाया गया है। यह बांध 1957 में बनाया गया है। यह बांध छतरपुर जिले के रंगुवान गांव में स्थित है। यहां पर आप आकर अपना समय बिता सकते हैं। 


हनुमान टोरिया  छतरपुर  - Hanuman Toriya Chhatarpur

हनुमान टोरिया छतरपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर है। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही खूबसूरत प्रतिमा आपको देखने के लिए मिलती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर हनुमान जी के मंदिर के अलावा आपको राम जी का मंदिर, साईं बाबा जी का मंदिर और शिव भगवान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलेगा। यहां से आपको छतरपुर शहर का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए भी मिल जाता है। 


फूला देवी मंदिर छतरपुर - Phula Devi Temple Chhatarpur

फूला देवी मंदिर छतरपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर नवरात्रि में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर खूबसूरत गार्डन है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और शांति का अनुभव कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। मंदिर में आपको शेष नाग जी की और हनुमान जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। 


पितांबरा मंदिर छतरपुर - Pitambra Temple Chhatarpur

पितांबरा मंदिर छतरपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आकर आपको माता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। कहा जाता है, कि इस मंदिर में आकर लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नवरात्रि के समय लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


महाराजा छत्रसाल संग्रहालय  छतरपुर - Maharaja Chhatrasal Museum Chhatarpur

महाराजा छत्रसाल पुरातत्व संग्रहालय छतरपुर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह संग्रहालय धुबेला झील के पास में स्थित है। यह संग्रहालय झांसी हाईवे रोड में स्थित है। आप यहां पर आकर पुरानी वस्तुओं का संग्रह देख सकते हैं। यहां पर 8 गैलरी है, जहां पर आपको अलग-अलग प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर आप राजा के वस्त्र देख सकते हैं। पुरानी नक्काशी दार मूर्तियां देख सकते हैं। शिव लिंग देख सकते हैं और पुराने हथियार भी देख सकते हैं। यहां पर मस्तानी महल भी बना हुआ है, वह भी आप देख सकते हैं। यहां का एंट्री टिकट 20 रू है और विदेशियों के लिए 200 रू हैं। यहां पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का अलग चार्ज लिया जाता है। इस संग्रहालय का उद्घाटन 1955 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा किया गया था। 


धुबेला झील छतरपुर - Dhubela Lake Chhatarpur

धुबेला झील छतरपुर में मऊ सहानिया के पास में स्थित एक खूबसूरत झील है। आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। यह झील बहुत बड़ी है और बहुत सुंदर लगती है। 


हृदय शाह का महल छतरपुर - Hriday Shah's Palace Chhatarpur

हृदय शाह का महल छतरपुर में स्थित एक प्राचीन महल है। यह महल महाराजा छत्रसाल संग्रहालय के पास में स्थित है। यह महल बुंदेला वास्तुकला में बनाया गया है। यह महल बहुत खूबसूरत है। इस महल में आपको गुंबद और गेट देखने के लिए मिल जाएगा। यह महल दो मंजिला है। 

 

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर -  Mahaaraaja chhatrasal ki samadhi chhatarpur

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर में मऊ सानिया के पास में स्थित है। आपको यहां पर एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलती है। इस इमारत में एक बहुत बड़ा गुंबद है और इमारत के चारों तरफ आपको छोटे-छोटे 10 गुंबद देखने के लिए मिलते हैं। यह इमारत बहुत खूबसूरत लगती है। 

 

शीतल गढ़ी छतरपुर -  Sheetal Garhi Chhatarpur

शीतल गढ़ी छतरपुर में स्थित एक प्राचीन इमारत है। यह एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है।  प्राचीन समय में इस गढ़ी का निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचाई पर करवाया गया था। इस इमारत का निर्माण दीवान कीरत सिंह, जो महाराजा छत्रसाल के नाती एवं द्वितीय पुत्र जगत राज के पुत्र थे, उन्होंने करवाया था। यह 2 मंजिला इमारत है। अभी यह इमारत खंडहर अवस्था में है। आप यहां पर आकर इस इमारत की खूबसूरती को देख सकते हैं। 


श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर महेवा छतरपुर - Shri Krishna Pranami Temple Maheva Chhatarpur 

श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर छतरपुर में महेवा में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है और प्राचीन स्थल भी है। इस स्थान पर महाराज छत्रसाल के आध्यात्मिक गुरु स्वामी प्राणनाथ ने एक सभा ली थी। इस मंदिर का निर्माण सन 1729 में महाराजा छत्रसाल द्वारा किया गया था। 


भीमकुंड मंदिर समूह छतरपुर -  Bhimkund Temple Group Chhatarpur

भीमकुंड मंदिर समूह छतरपुर में स्थित प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर 13वीं 14वीं शताब्दी के हैं। आप यहां आते हैं, तो आपको पत्थर के बने हुए मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर के सामने आपको बावड़ी भी देखने के लिए मिल जाएगी। 


शनि मंदिर छतरपुर - Shani Temple Chhatarpur

शनि मंदिर छतरपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक प्राचीन स्थल है। यह मंदिर छतरपुर से नौगांव के बीच मऊ सानिया में जगतसागर तालाब के बीचो बीच में स्थित है। यह मंदिर अति प्राचीन है और यहां पर आपको शनि भगवान जी की नौ रूपों की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर शनिचरी अमावस्या को बहुत सारे कार्यक्रम किए जाते हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। शनिवार को यहां पर बहुत सारे लोग शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। बरसात के समय में जगतसागर तालाब में बहुत ज्यादा पानी भर जाता है, जिससे यह शनि मंदिर भी डूब जाता है। 


बिहारी जू मंदिर छतरपुर - Bihari joo Temple Chhatarpur

बिहारी जू मंदिर छतरपुर में जगत सागर तालाब के पास में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा छत्रसाल के द्वारा किया गया था। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है। 


गौरैया माता का मंदिर छतरपुर - Gauraiya mata ka mandir chhatarpur

गौरैया माता का मंदिर छतरपुर में मऊ सहानिया में स्थित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप माताजी के दर्शन कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर मऊ सानिया का खूबसूरत नाजरा देखने के लिए मिल जाता है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का भी बहुत खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। 


पहाड़ी बांध छतरपुर - Pahadi bandh chhatarpur

पहाड़ी बांध छतरपुर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह एक जलाशय है। यह एक बहुत बड़ा जलाशय है और बहुत सुंदर लगता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जलाशय धसन नदी पर बना हुआ है। 


चौधरी चरण सिंह लहचूरा बांध छतरपुर - Chaudhary Charan Singh Lahchura Dam Chhatarpur

चैधरी चरण सिंह लहचूरा बांध छतरपुर शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय धसन नदी पर बना हुआ है। यह जलाशय बहुत सुंदर है। यहां पर बहुत सारे आपको सेल्फी प्वाइंट देखने के लिए मिलते हैं, जहां से आप सुंदर तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। 


कमला पंत की समाधि मऊ सहानिया, छतरपुर (Kamala Pant's Samadhi Mau Sahania, Chhatarpur)

बादल महल मऊ सहानिया, छतरपुर (Badal Mahal Mau Sahania, Chhatarpur)

महेवा गेट मऊ सहानिया, छतरपुर (Maheva Gate Mau Sahania, Chhatarpur)

बेरछा रानी का मकबरा मऊ सहानिया, छतरपुर (Bercha Rani's Tomb Mau Sahania, Chhatarpur

सवाई सिंह का मकबरा मऊ सहानिया, छतरपुर (Sawai Singh's Tomb Mau Sahania, Chhatarpur)

चौसठ योगिनी मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Chausath Yogini Temple Mau Sahania, Chhatarpur)

गणेश मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Ganesh Temple Mau Sahania, Chhatarpur

नाग मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Nag Mandir Mau Sahania, Chhatarpur)

कबीर आश्रम मऊ सहानिया, छतरपुर (Kabir Ashram Mau Sahania, Chhatarpur)

सूर्य मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Sun Temple Mau Sahania, Chhatarpur)

मुखर्जी पार्क छतरपुर (Mukherjee Park Chhatarpur)

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क छतरपुर (Pandit Deendayal Upadhyay Park Chhatarpur)

गुरूनानक पार्क छतरपुर (Gurunanak Park Chhatarpur)


मंडला जिले के पर्यटन स्थल

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दमोह जिले के पर्यटन स्थल


पन्ना पर्यटन स्थल - Panna tourist places | Places to visit in Panna

पन्ना जिले के दर्शनीय स्थल - Panna visiting Places | Panna Tourism | पन्ना के आकर्षण स्थल | Panna sightseeing | पन्ना शहर



पन्ना में घूमने की जगहें
Panna me ghumne ki jagah


पन्ना राष्ट्रीय उद्यान, पन्ना - Panna National Park, Panna

पन्ना नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। पन्ना नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में स्थित है। पन्ना नेशनल पार्क पन्ना और छतरपुर जिले में फैला हुआ है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में आपको बाघ देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर आप और भी अन्य जंगली जानवरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आप तेंदुआ, भालू, हिरण, बंदर और विभिन्न प्रकार की चिड़ियों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपका एंट्री फीस लिया जाता है। यहां पर एंट्री करने के लिए दो गेट है एक मेधा गेट और दूसरा हिनौता गेट है। यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर गाइड भी लेना पड़ता है और आपको वन विभाग से जीप भी लेनी पड़ती है।

 

पांडव गुफा एवं झरना पन्ना - Pandav cave and waterfall, Panna

पांडव गुफा एवं झरना पन्ना शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आपको यहां पर एक सुंदर झरना देखने के लिए मिलता है। झरना एक कुंड पर गिरता है। झरने के सामने ही एक गुफा बनी हुई है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि प्राचीन काल में यहां पर पांडव ने निवास किया था। यहां पर आपको शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि पांडवों के द्वारा इस शिवलिंग की स्थापना की गई है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। पांडव गुफा एवं झरना पन्ना नेशनल पार्क के अंदर स्थित है। आप जब भी पन्ना से खजुराहो की तरफ जाते हैं, तो यह आपको देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां पर गाइड को लेकर भी आ सकते हैं। गाइड आपको इस जगह के बारे में पूरी जानकारी देगा। पांडव फॉल आपको बरसात में देखने के लिए मिल जाता है और गर्मी में यह फॉल सूख जाता है। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। 


किमासन जलप्रपात पन्ना - Kimasan Falls Panna

किमासन झरना पन्ना नेशनल पार्क में ही स्थित है। यह झरना हिनौता गेट की तरफ जाने वाले रोड में ही स्थित है। आप इस झरने को बरसात के समय देख सकते हैं। यह झरना बहुत ऊंचाई से गिरता है। झरने के नीचे कुंड बनता है और आप इस झरने को ऊपर से देख सकते हैं। झरने में पानी करीब 25-30 फीट ऊपर से गिरता है। 


श्री पद्मावती देवी मंदिर पन्ना - Shri Padmavati Devi Temple Panna

श्री पद्मावती मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रमुख मंदिर है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है। इस मंदिर को पद्मावती शक्तिपीठ के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि यहां पर सती माता की दाहिने पैर गिरा था। यहां पर आपको आकर शांति मिलेगी। यह एक अच्छी जगह है। आप यहां अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं। मंदिर के पीछे की तरफ किलकिला नदी बहती है। आप उसका नजारा भी यहां पर आकर देख सकते हैं। श्री पद्मावती मंदिर पन्ना जिले में अजयगढ़ बाईपास रोड में स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। 


किलकिला झरना पन्ना - Kilkila Falls Panna

किलकिला जलप्रपात पन्ना जिले में घूमने लायक जगह है। यहां पर एक सुंदर जलप्रपात आपको देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात अजयगढ़ बाईपास रोड पर स्थित है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको यह जलप्रपात देखने के लिए मिलेगा। जलप्रपात के पास में एक मंदिर भी है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। गर्मी में यह जलप्रपात सूख जाता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


प्राणनाथ जी मंदिर, पद्मावती पुरी धाम पन्ना - Prannathji Temple, Padmavati Puri Dham Panna

श्री प्राणनाथ मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्रनामी लोगों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। प्राणनाथ जी एक संत थे और उन्होंने यहां पर समाधि ली थी। यह मंदिर बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। मंदिर में आपको कांच का काम देखने के लिए मिल जाता है। मंदिर में आपको म्यूजियम भी देखने के लिए भी मिलेगा, जिसमें प्राणनाथ जी की बहुत सारी चीजों को संभाल कर रखा गया है। यहां पर आपको बुक्स वगैरह देखने के लिए मिल जाएंगे। मंदिर की छत को बहुत ही खूबसूरत पेंटिंग से सजाया गया है। यहां पर श्री कृष्ण जी की बहुत सारी पेंटिंग आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर शरद पूर्णिमा के दिन बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है, जिसमें बहुत सारे लोग आते हैं। 


श्री राम जानकी मंदिर पन्ना - Shri Ram Janaki Temple Panna

श्री राम जानकी मंदिर पन्ना जिले में स्थित मुख्य धार्मिक स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको श्री राम जी, माता सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाएंगे। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में ही स्थित है। यहां पर रामनवमी के समय बहुत भीड़ होती है।


श्री जुगल किशोर जी मंदिर पन्ना - Shri Jugal Kishore Ji Temple Panna

श्री जुगल किशोर मंदिर पन्ना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में ही स्थित है। इस मंदिर में आपको श्री कृष्ण जी और राधा जी की मूर्ति देखने के लिए मिलेगी। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बुंदेला वास्तु कला में बनाया गया है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बहुत बड़ा है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री बलदेव जी मंदिर पन्ना - Shri Baldev Ji Temple Panna

बलदेव जी का मंदिर पन्ना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में स्थित है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी के बड़े भाई बलदाऊ जी को समर्पित है। यह मंदिर खूबसूरती से बनाया गया है और बहुत बड़ा है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह मंदिर 1993 में राजा रूद्र प्रताप सिंह के द्वारा बनवाया गया था। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर रोमन वास्तुकला में बना हुआ है और मंदिर में आपको काले रंग की बलदाऊ भगवान की प्रतिमा देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको एक बड़ा सा हॉल देखने के लिए मिलेगा और बड़े-बड़े मंडप देखने के लिए मिलेंगे। 


छत्रसाल उद्यान पन्ना - Chhatrasal Garden Panna

छत्रसाल पार्क पन्ना जिले में स्थित एक घूमने लायक जगह है। आप जब भी पन्ना जिले में आते हैं, तो आप इस पार्क में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। इस पार्क में आपको महाराजा छत्रसाल की मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो काले कलर की है और घोड़े पर सवार है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। पार्क में आपको तरह तरह के फूल देखने के लिए मिलते हैं। पार्क में आपको बदक एवं खरगोश भी देखने के लिए मिल जाते हैं। पार्क में बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यह बच्चों के लिए बहुत अच्छी जगह है। पार्क में एक ट्रेन भी है, जिसके मजे आप ले सकते हैं। पार्क में जानवरों के स्टैचू भी बने हुए हैं, जो बहुत अच्छे लगते हैं। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


दहलन चौकी झरना पन्ना - Dhalan Chowki Waterfall Panna

दलहन चौकी झरना पन्ना शहर में स्थित एक अच्छी घूमने लायक जगह है। आप यहां पर बारिश के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर पहाड़ों से पानी बहता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। 


जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना  - District Archaeological Museum Panna

जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना शहर में घूमने का एक मुख्य स्थल है। यह एक पुराना बिल्डिंग है।  इस बिल्डिंग में आपको पुरानी मूर्तियां देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको पुरानी पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाएगी। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह छत्रसाल पार्क के पास ही में स्थित है। 


भपतपुर बांध पन्ना - Bhapatpur Dam Panna

भपतपुर बांध पन्ना जिले के पास स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यह एक जलाशय है और यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत अच्छा व्यू देखने के लिए मिल जाएगा।

 

महाराजा हृदय शाह का छत्री पन्ना - Chhatri of Maharaja Hriday Shah Panna 

महाराजा हृदय शाह का छत्री पन्ना में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह छत्री धर्म सागर झील के पास स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर आपको एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलते हैं। मकबरे के अंदर आपको समाधि भी देखने के लिए मिल जाएगी। यह छतरी बुंदेलखंडी शैली में बना हुआ है। 


रनेह जलप्रपात पन्ना - Raneh Falls Panna

रनेह जलप्रपात पन्ना शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर झरना है। इस जलप्रपात में जाने के लिए आपको टिकट लगती है। यह झरना जंगल के बीच में स्थित है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत है और आपको यहां पर कैनियन देखने के लिए मिलता है। यहां पर चट्टानों की बहुत ही खूबसूरत श्रंखला देखने के लिए मिलती है। यहां पर ग्रेनाइट चट्टाने है, जिनके बीच से केन नदी बहती है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। आप यहां पर करीब 5 किलोमीटर इन चट्टानों की श्रंखला देख सकते हैं। 


केन घड़ियाल सेंचुरी पन्ना - Ken Gharial Sanctuary Panna

केन घड़ियाल सेंचुरी पन्ना शहर में स्थित एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको घड़ियाल देखने के लिए मिलते हैं और मगरमच्छ देखने के लिए मिलते हैं। यह सेंचुरी रनेह जलप्रपात के पास ही में स्थित है। केन नदी के पास बहुत सारे व्यूप्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप घड़ियाल और मगरमच्छ को आराम करते हुए देख सकते हैं। आप इन व्यूप्वाइंट से केन नदी का सुंदरता देख सकते हैं। आपको यहां पर गाइड भी मिलता है, जो आपको इस सेंचुरी के बारे में जानकारी देता है। यहां पर आपको अन्य जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाएंगे। 


बृहस्पति कुंड झरना पन्ना - Brihaspati kund jharna panna

बृहस्पति कुंड झरना पन्ना शहर में स्थित एक सुंदर जलप्रपात है। आप यहां पर घूमने के लिए बरसात के समय आ सकते हैं। यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर दिखता है। आप इस झरने के नीचे भी जा सकते हैं और नहाने का मजा भी ले सकते हैं। इस झरने का पानी एक कुंड में गिरता है। आपको यहां पर खूबसूरत घाटी देखने के लिए मिलती है। यह झरना आपको बरसात के समय में देखने के लिए मिलेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और परिवार वालों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। बृहस्पति कुंड झरने के पास आपको प्राचीन गुफाएं भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग भी आपको देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं।

 

बेनीसागर जलाशय पन्ना - Benisagar Reservoir Panna

बेनीसागर जलाशय एक खूबसूरत जगह है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। बेनीसागर जलाशय पन्ना शहर के बहुत करीब है और आप यहां पर अपना एक दिन पिकनिक का प्लान बनाकर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


अजयगढ़ किला पन्ना - Ajaygarh Fort Panna

अजय गढ़ का किला पन्ना जिले में स्थित एक प्राचीन स्थल है। अजय गढ़ का किला पन्ना जिले के अजय गढ़ कस्बे में स्थित है। यह एक पहाड़ी पर बना हुआ है। पहाड़ी का आकार तिकोना है। अजय गढ़ के किले तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियों से आना पड़ता है। यह किला जंगल में स्थित है। आपको यहां पर खंडहर ही देखने के लिए मिलेंगे। अजय गढ़ किले के गेट में नक्काशी की गई है, जो बहुत सुंदर है। आपको किले के अंदर रंग महल देखने के लिए मिलता है। रंग महल के पास में ही 2 तालाब है। आप उनको देख सकते हैं। इन  तालाब को गंगा और जमुना के नाम से जाना जाता है। यह महल बुंदेला शासकों के द्वारा बनाया गया था। इस महल को कोई भी जीत नहीं सकता है था। इसलिए इस महल को अजय गढ़ किले के नाम से जाना जाता है। किले में बहुत सारे लोग पिकनिक मनाने आते हैं। आप भी यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।


पन्ना जिले के पास घूमने वाले अन्य दर्शनीय स्थल

निरपत सागर झील पन्ना
धर्म सागर झील पन्ना
बेनीसागर झील पन्ना
छत्रसाल की गढ़ी पन्ना
रानीपुर झरना पन्ना
लखनपुर सेहा झरना पन्ना
दहलन चौकी झरना पन्ना
राजगढ़ का किला  पन्ना
मनियागढ़ का किला पन्ना
स्वर्गेश्वर मंदिर पन्ना


गुना पर्यटन स्थल

चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल

झांसी के दर्शनीय स्थल


गुना पर्यटन स्थल - Guna tourist places | Places to visit in Guna

गुना शहर के दर्शनीय स्थल - Guna famous places | Guna places to visit | गुना जिले के प्रसिद्ध स्थान | Major Attractions of Guna District


गुना में घूमने की जगहें



हनुमान टेकरी गुना - Hanuman tekri mandir guna

हनुमान टेकरी गुना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक हिंदू मंदिर है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर 350 सीढ़ियां बनी हुई है। इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है। इस मंदिर में पहुंचकर गुना शहर का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। मंदिर सफेद मार्बल से बना हुआ है और हनुमान जी की मूर्ति विराजमान है। यहां पर शिव भगवान जी की मूर्ति विराजमान है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपना समय आकर बिता सकते हैं। मंदिर में मंगलवार और शनिवार के दिन लोग हनुमान जी के दर्शन करने विशेषकर आते हैं। 


बजरंगगढ़ का किला गुना - Bajrang Garh Fort Guna

बजरंग गढ़ का किला गुना शहर के पास में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर एक किला स्थित है। यह किला गुना शहर के बजरंग गढ़ गांव के पास स्थित है। यह किला एक पहाड़ी पर बना हुआ है। किले तक पहुंचने के लिए सड़क है। इस किले के अंदर आपको महल एवं मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यह किला 16वीं और 17वीं शताब्दी के बीच में बना है। यह किला यादव राजा जयसिंह के शासनकाल में बनाया गया है। किले के अंदर आप अभी भी मोती महल, रंग महल, राम मंदिर और बजरंग मंदिर देख सकते हैं। यह अभी भी अच्छी हालत में मौजूद है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। 


गोपी कृष्णा सागर डैम गुना - Gopi Krishna Sagar Dam Guna

गोपी कृष्ण सागर बांध गुना शहर में स्थित एक पर्यटन स्थल है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। यह गुना शहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर आपको खूबसूरत जलाशय देखने के लिए मिलता है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। आपके मनोरंजन के लिए यहां पर पार्क भी बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर कैफे भी बना हुआ है, जहां से आप चाय और नाश्ता ऑर्डर कर सकते हैं। यहां पर बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां पर आप तरह-तरह के बोट और क्रूस का मजा ले सकते हैं। गोपी कृष्ण सागर बांध नेशनल हाईवे 46 के करीब है। आप आराम से इस बांध तक पहुंच सकते हैं।

 

बीस भुजी मंदिर गुना - Bees bhuja mandir Guna

बीस भुजी  मंदिर गुना जिले के बजरंगगढ़ के पास है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत लगता है और यहां पर आप बीस भुजी माताजी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर माता जी की 20 भुजाएं वाली प्रतिमा आपको देखने मिलती है। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन पुण्योदय अतिशय तीर्थक्षेत्र गुना - Shree Shantinath Digambar Jain Punyodaya Atiyyat Tirthakshetra Guna

श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय मंदिर गुना शहर के पास में स्थित एक प्रमुख जैन तीर्थ स्थल है। यह तीर्थ स्थल बजरंगगढ़ में स्थित हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर में आपको श्री शांतिनाथ भगवान की 15 फुट की ऊंची प्रतिमा खड़ी हुई अवस्था में देखने के लिए मिलती हैए जो जैन धर्म के सोलवे जैन तीर्थ कार थे। यहां पर आपको मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो प्राचीन समय की हैं। यह मंदिर बहुत बड़ा है और बहुत खूबसूरत है। यहां पर ठहरने की भी व्यवस्था है। 


केदारनाथ मंदिर गुना - Kedarnath Mandir Guna

केदारनाथ धाम मंदिर गुना जिले में स्थित एक प्राकृतिक और धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह जगह चारों तरफ से जंगल से घिरी हुई है। यहां पर आपको शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है। शिवलिंग का साल भर जलाभिषेक होता रहता है। पहाड़ों से पानी शिवलिंग के ऊपर रिसता है। यहां पर आप आकर घूम सकते हैं। आप यहां पर झरने  पर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। झरने के नीचे कुंड बना हुआ है। अगर आपको तैरते नहीं बनता है, तो आप कुंड के ज्यादा करीब नहीं जाएं, क्योंकि यह कुंड  ज्यादा गहरा है। यहां पर बहुत सारी गुफाएं हैं, जो चट्टानों पर बनी हुई है। आप उन्हें देख सकते हैं। यहां पर जो चारों तरफ का माहौल है। वह पूरा प्राकृतिक है, जो आपको खूबसूरत लगेगा। यहां पर आकर आपको बहुत शांति मिलेगी।यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर शिवरात्रि के समय मेला भी लगता है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। केदारनाथ धाम मंदिर गुना जिले से करीब 34 किलोमीटर की दूरी पर है। आप यहां पर अपने वाहन से जा सकते हैं। 


निहाल देवी मंदिर निहालगढ़ गुना - Nihal Devi Mandir Nihalgarh Guna

निहाल देवी मंदिर गुना जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक हिंदू मंदिर है। यहां पर आपको माता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर जंगल में है। आपको यहां चारों तरफ से हरियाली देखने मिलेगी। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप बंदरों को यहां पर दाना डाल सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर बहुत शांति है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप इस मंदिर तक बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर गुना जिले के निहालगढ़ में स्थित है। मंदिर के बाहर आपको कुछ मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो खंडित अवस्था में हैं। यह मूर्तियां भगवान बुद्ध की है। मंदिर के बाहर आपको प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलती हैं, जहां से आप प्रसाद ले सकते हैं। 


संजय सागर जलाशय गुना - Sanjay Sagar Reservoir Guna

संजय सागर जलाशय गुना शहर में स्थित एक घूमने वाली जगह है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर आपको खूबसूरत जलाशय देखने के लिए मिलता है। इस जलाशय में आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यह जलाशय गुना इंदौर मार्ग पर स्थित है। यह जलाशय खूबसूरत है और चारों तरफ हरियाली से घिरा है। 


तुका बाबा मंदिर गुना  - Tuka Baba Mandir Guna

तुका बाबा मंदिर गुना शहर में राघोगढ़ में स्थित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर घने जंगल के बीच में स्थित है। यह मंदिर बहुत पुराना है। यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। आप यहां पर आ कर माता रानी के दर्शन कर सकते हैं। कहा जाता है कि यहां पर मांगी गई हर दुआ पूरी होती है, तो आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


अष्टभुजी माता का मंदिर गुना - Ashtbhuji mata ka mandir Guna

अष्टभुजी माता का मंदिर गुना शहर में राघोगढ़ में स्थित है। इस मंदिर में आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर भी घने जंगल के बीच में स्थित है। मंदिर के चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर मां अष्टभुजी की प्रतिमा आपको देखने के लिए मिल जाएगी। इसके अलावा यहां पर शंकर जी की और हनुमान जी की प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां आकर आपको बहुत शांति मिलेगी। 


शाहाबाद का किला गुना - Shahabad ka kila Guna 

शाहाबाद का किला गुना जिले से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह एक प्राचीन किला है। किले के अंदर आपको पुरानी बावड़ी, छतरी, मंदिर एवं मजार भी देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको घोड़ों का अस्तबल भी देखने के लिए मिलेगा। यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। आप किले तक ट्रैकिंग कर पहुंच सकते हैं। यह किला पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यह किला मुगलों के अधीन भी रह चुका है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


सिंगवासा पार्क गुना (singwasa park Guna)

मकरोड बांध गुना (Makarod bandh Guna )

प्राचीन शिव मंदिर गादेर गुफा  गुना (prachin shiv mandir gader gufa Guna)

खाटूश्याम जी मंदिर गुना (Khatushyam jee mandir Guna)


झांसी के दर्शनीय स्थल

ग्वालियर पर्यटन स्थल

मुरैना दर्शनीय स्थल

जबलपुर पर्यटन स्थल



चंदेरी पर्यटन स्थल - Chanderi tourist places | chanderi places to visit

चंदेरी के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Chanderi | Chanderi  tourism चंदेरी शहर | Chanderi Attractions 



चंदेरी में घूमने की जगह


चंदेरी का किला - Chanderi ka kila

चंदेरी का किला चंदेरी शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण है। यह किला चंदेरी शहर में चंद्र गिरी नामक पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले का निर्माण 11 वीं शताब्दी में कीर्तिपाल नाम के प्रतिहार शासक ने करवाया था, जिसके कारण इस किले को कीर्ति दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है। वर्तमान में बुंदेला राजा दुर्जन सिंह द्वारा बनवाए गए नवखंडा महल भी आपको यहां पर देखने के लिए मिल जाता है। किले में पहुंचने के लिए आपको यहां पर तीन रास्ते मिलते हैं। पश्चिम की ओर जो प्रवेश द्वार है, उसे हवा महल या हवापौर के नाम से जाना जाता है। दूसरा खूनी दरवाजा है, जिसके बारे में अनोखी कहानी प्रसिद्ध है और तीसरा जोगेश्वरी देवी मंदिर की तरफ से सीढ़ियों द्वारा चढ़ाई चढ़कर किले में पहुंचा जा सकता है। किले तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग भी उपलब्ध है। 

यह किला बलुआ पत्थर से बना हुआ है। यह किला 250 फीट ऊंची चट्टानों पर स्थित उत्तर से दक्षिण की तरफ लगभग 1 मील से ज्यादा क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले के प्रवेश द्वार को खूनी दरवाजा कहते हैं, क्योंकि कहा जाता है कि यहां कैदियों को मौत के घाट उतारा जाता था। इस किले के अंदर आपको खिलजी का मकबरा, जो 14 वी शताब्दी में बनाया गया था। जोहर स्मारक तथा प्रसिद्ध संगीतकार बैजू बावरा की समाधि देखने के लिए मिल जाएगी, जो दर्शनीय स्थल है। किले से आपको चंदेरी शहर का खूबसूरत भी अभी देखने के लिए मिलता है। 


जागेश्वरी माता मंदिर चंदेरी - Jageshwari mata mandir chanderi

जागेश्वरी माता का मंदिर चंदेरी में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। जागेश्वरी माता का मंदिर चंदेरी दुर्ग के पास ही में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन है और प्राकृतिक है। यहां पर आकर आपको जगदंबा माता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको शिवलिंग के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ का जो माहौल है, वह पूरी तरह से प्राकृतिक है। यहां पर पहाड़ों से जलधारा भी बहती है। वह भी आप देख सकते हैं। यहां पर आपको आकर सुकून मिलेगा। 


चंदेरी संग्रहालय  - Chanderi sangrahalay

चंदेरी संग्रहालय चंदेरी में स्थित एक प्रमुख जगह है। यहां पर आपको प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर अलग-अलग गैलरी बनाई गई है, जहां पर जाकर आप प्राचीन इतिहास के बारे में जान सकते हैं। यह संग्रहालय सुबह से शाम तक खुला रहता है। यह संग्रहालय दो मंजिला है और यहां पर प्रवेश का शुल्क बहुत कम है। आप यहां पर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र खंदारजी चंदेरी - shree digambar jain atishay kshetra khandar ji Chanderi

श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र खंदारजी चंदेरी में स्थित एक प्रमुख जैन तीर्थ स्थल है। यहां पर आपको श्री आदिनाथ जी की पत्थर पर बनी हुई प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो 38 फीट ऊंची है। यह बहुत सुंदर है और कलात्मक है। आपको इसको देख कर बहुत अच्छा लगेगा। यह स्थल चंदेरी से करीब 1 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यह विंध्याचल पहाड़ी पर बनी हुई है। यहां पर आपको आकर बहुत सारी गुफाएं देखने के लिए मिलती है। 


कटी घाटी चंदेरी - Kati ghati chanderi

कटी घाटी चंदेरी शहर का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यहां पर पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया गया है। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां से चंदेरी शहर का खूबसूरत व्यू देखने के लिए मिलता है। कटी घाटी चंदेरी नगर के दक्षिण में पहाड़ को काटकर बनाया गया है। कटी घाटी की ऊंचाई 80 फीट है। इसकी चैड़ाई 29 फीट है और लंबाई 192 फिट है। इस घाटी के बीच में ही पहाड़ को काटकर प्रवेश द्वार बनाया गया है, जिसके दोनों ओर दो बुर्ज बनाए गए हैं। यहां पर आप घाटी के ऊपर भी जा सकते हैं। ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है। कटी घाटी के पास मिल लेख के अनुसार यह घाटी सन 1490 ईसवी में मालवा के सुल्तान गयासुद्दीन के शासनकाल में जिमन खा द्वारा बनाई गई थी। यह भी कहा जाता है कि इस घाटी का निर्माण एक ही रात में चट्टानों को काटकर किया गया है।  यह बात बहुत आश्चर्यजनक है। 


कोशक महल चंदेरी - Koshak mahal chanderi

कोशक महल चंदेरी में घूमने के लिए का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आपको यहां पर एक खूबसूरत महल देखने के लिए मिलता है। यह महल ऐतिहासिक स्थल है। इस महल का निर्माण 15वीं शताब्दी में मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम ने जौनपुर विजय के उपलक्ष में करवाया था। यह एक अनूठा स्मारक है और धन के आकार में चार बराबर खंडों में बटा हुआ है। इसके चारों खंडों की नाप एवं आकृति सभी एक समान है। यह महल अफगान शैली में बना हुआ है। इस महल की 3 मंजिले पूर्ण हो गई है, जबकि चैथी मंजिल के कुछ भाग ही शेष हुआ है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर प्रवेश का किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। आप यहां पर सुबह से शाम तक घूम सकते हैं और यहां पर समय बिता सकते हैं। यहां पर फोटोग्राफ भी बहुत अच्छी आती है।


शहजादी का रोजा चंदेरी - shahzadi ka roza chanderi

शहजादी का रोजा चंदेरी शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको एक स्मारक देखने के लिए मिलता है, जो प्राचीन है। यहां पर राजकुमारी मेहरुनिसा की कब्र है। कहा जाता है कि राजकुमारी मेहरुनिसा एक सामान्य व्यक्ति से प्यार करती थी। जब उनके पिताजी को पता चला, तो उन्होंने राजकुमारी के प्रेमी को हत्या करने का षड्यंत्र रचा और हत्यारे भेज दिया। जब राजकुमारी को इन सब बातों का पता चला तो राजकुमारी अपने प्रेमी को बचाने के लिए उनके पास पहुंची। मगर उनके प्रेमी की मृत्यु हो गई थी। यह सब राजकुमारी सहन नहीं कर सकी और उन्होंने भी अपने जीवन को समाप्त कर दिया। यह सब देखकर राजकुमारी मेहरुनिसा के पिताजी को अच्छा नहीं लगा और उन्होंने यहां पर राजकुमारी मेहरुनिसा की कब्र बनाए और उनके कब्र के बाजू में ही उनके प्रेमी को भी दफन किया। आप यहां पर आकर इस मकबरे की खूबसूरती को देख सकते हैं। यहां पर खूबसूरत गार्डन भी बना हुआ है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


परमेश्वर तालाब एवं लक्ष्मण मंदिर चंदेरी - Parmeshwar talab aur lakshman mandir chanderi

परमेश्वर तालाब चंदेरी में शहजादी के रोजा के पास ही में स्थित है। आप यहां पर जाकर अपना कुछ समय बिता सकते हैं। परमेश्वर तालाब प्राचीन है। तलाक के बाजू में ही लक्ष्मण मंदिर स्थित है। यह मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध है। तालाब में महिला और पुरुष के नहाने के लिए अलग-अलग घाट बने हुए हैं। तालाब में आप मछलियों को खाना खिला सकते हैं। पूजा कर सकते हैं। तालाब के चारों ओर बैठने की अच्छी व्यवस्था है। झील में फव्वारा भी लगा हुआ है, जो रात में बहुत खूबसूरत लगता है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। परमेश्वर तालाब के किनारे में लक्ष्मण मंदिर बना हुआ है। इसे 18वीं सदी में बुंदेला राजा अनिरुद्ध सिंह ने बनवाया था। यह मंदिर और भी पुराना है। मंदिर में शेषनाग की मूर्ति स्थापित है। 


राजा भरत शाह की छतरी चंदेरी - Raja bharat shah ki chhatri chanderi

परमेश्वर तालाब के एक छोर पर बुंदेला राजा भरत शाह की छतरी है।  इस छतरी का निर्माण राजा देवी सिंह बुंदेला द्वारा 1642 से 1654 के बीच में किया गया था। इस इमारत के पास एक बोर्ड लगा है जिस पर इस छतरी के बारे में जानकारी दी गई है। यह छतरी बलुआ पत्थर से निर्मित है। यह छतरी अष्टकोण है। यह छतरी अब खंडार अवस्था में यहां पर मौजूद है। आप यहां पर आकर इस छतरी की खूबसूरती को देख सकते हैं। 


बत्तीसी बावड़ी चंदेरी - Battisi bawdi chanderi

बत्तीसी बावड़ी चंदेरी में घूमने की एक प्रमुख जगह है। यह चंदेरी शहर के जंगल में स्थित है। इसलिए यहां पर बहुत कम ही यात्री जाते हैं। आप यहां पर जा सकते हैं। आपको यहां पर कुछ दूरी तक पैदल भी चलना पड़ सकता है। बत्तीसी बावली चंदेरी के सबसे बड़े बावड़ी में से एक है। यहां पर आपको खूबसूरत बावड़ी देखने के लिए मिलती है। इस बावड़ी में 32 घाट हैं। इसलिए शायद इसे बत्तीसी बावड़ी के नाम से जाना जाता है। इस बावड़ी का निर्माण 1485 में मालवा के सुल्तान ग्यास शाह ने करवाया था। 


बड़ा मदरसा चंदेरी - Bada madarsa chanderi

बड़ा मदरसा चंदेरी में स्थित एक प्राचीन इमारत है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह सुनसान इलाके में स्थित है। यहां पर आपको एक इमारत देखने के लिए मिलती है। इमारत के अंदर दो कब्र हैं। इस मकबरे को बाद में मदरसे में परिवर्तित कर दिया गया था। इस मकबरे का निर्माण मालवा सल्तनत के महमूद खिलजी के द्वारा 1450 में किया गया था। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


सिंहपुर महल चंदेरी - Singhpur Mahal Chanderi

सिंहपुर महल चंदेरी में स्थित एक प्रमुख जगह है। यह महल पिछोर रोड पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। महल के सामने ही सुंदर तालाब बना हुआ है। आप उसे भी देख सकते हैं। यह महल चंदेरी शहर से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर एक ऊंचे पहाड़ पर स्थित है। यह महल तीन मंजिला है। इस महल का निर्माण देवी सिंह बुंदेला ने 1656 में किया था। इस महल का उपयोग उस समय रेस्ट हाउस के रूप में किया जाता था। इस महल के चारों तरफ जंगल है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति महसूस होगी। 


बादल महल दरवाजा चंदेरी - Badal Mahal Darwaza Chanderi

बादल महल दरवाजा चंदेरी शहर में घूमने का एक प्रमुख आकर्षण है। यहां पर आपको एक प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है। यहां पर बहुत बड़ा पार्क है, जहां पर आप अपना समय बिता सकते हैं। यह जो प्रवेश द्वार है, यह किसी किले का गेट नहीं है या किसी महल का गेट नहीं है। यह सिर्फ गेट की संरचना बनाई गई है। यह प्रवेश द्वार बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। प्रवेश द्वार  के दोनों तरफ आपको मीनारें देखने के लिए मिलती हैं। प्रवेश द्वार के ऊपरी भाग में खूबसूरत जाली की आकृति है।  इस प्रवेश द्वार का निर्माण मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी ने 15 वी शताब्दी में करवाया था। यह एक महत्वपूर्ण जीत को चिन्हित करने के लिए बनाया गया था। बादल महल दरवाजे की ऊंचाई 100 फीट की है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


जामा मस्जिद चंदेरी  - Jama Masjid Chanderi

जामा मस्जिद चंदेरी में स्थित सबसे पुरानी मस्जिद है। यह मस्जिद बादल महल के पास ही में है। जामा मस्जिद चंदेरी शहर की सबसे पुरानी और बड़ी मस्जिद है। इस मस्जिद का निर्माण गयासुद्दीन तुगलक ने करवाया था। मस्जिद में आपको बड़े-बड़े हॉल देखने के लिए मिलते हैं और उस पर गुंबद देखने के लिए मिलते हैं। यह मस्जिद बहुत ही आकर्षक लगती है। 


राजा रानी पैलेस चंदेरी - Raja Rani Palace Chanderi

राजा रानी महल चंदेरी में एक देखने लायक जगह है। यहां पर आपको महल देखने के लिए मिलता है, जिसमें राजा रानी रहते थे। यह महल 15वीं सदी में बनाया गया है। इस महल को बुंदेला राजा दुर्जन सिंह ने 1587 से 1733 ईसवी के बीच बनाया है। इस महल का उपयोग हमाम खाने के रूप में किया जाता था। 


चौबीसी दिगंबर जैन मंदिर चंदेरी - Chaubisi Digambar Jain Mandir Chanderi

चैबीसी दिगंबर जैन मंदिर चंदेरी में घूमने की एक प्रमुख जगह है। यह जैन धर्म का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। चैबीसी जैन मंदिर को बुंदेलखंड का गौरव कहा जाता है। यह मंदिर दो भागों में विभक्त है। प्रथम भाग बड़ा मंदिर है, जो 13वीं शताब्दी में निर्मित किया गया है। इसमें बाहुबली भगवान की कायोत्सर्ग प्रतिमा निर्मित है। द्वितीय भाग में  चौबीसी जैन मंदिर है, जिसमें दिगंबर जैन के 24 तीर्थंकर की प्रतिमा पृथक पृथक 24 शिखर युक्त, पद्मासन, ध्यानासन  मुद्रा में विराजमान है। इस मंदिर की प्रसिद्धि का कारण यह है, कि इस मंदिर में जो मूर्तियां पाई गई हैं। उस तरह की मूर्तियां आपको और कहीं देखने के लिए नहीं मिलेगी। इस मंदिर का निर्माण सन 1893 में कराया गया था। 


पुरानी कचहरी चंदेरी - Purani kachahari chanderi

पुरानी अदालत चंदेरी में घूमने की एक प्रमुख जगह है। यहां पर आपको एक महल देखने के लिए मिलता है। यह महल दो मंजिला है। इस महल का निर्माण बुंदेला राजाओं के द्वारा किया गया है। इस महल को पुरानी कचहरी के नाम से जाना जाता है। लेकिन यह बुंदेला शासकों का महल है। इस महल का निर्माण 17 और 18 वीं शताब्दी में बुंदेला राजा द्वारा किया गया है। पूर्व काल में न्यायालय संचालित रहने के कारण इसे पुरानी कचहरी कहा जाता था। इस इमारत के सामने बोर्ड पर लिखा है कि यह विशाल इमारत न्याय का घर है 


चकला बावड़ी चंदेरी - Chakla bawdi chanderi

चकला बावड़ी चंदेरी में घूमने की एक प्रमुख जगह है। इस बावड़ी का निर्माण 15वीं सदी में मांडू के सुल्तान द्वारा कराया गया था।  उस बावड़ी का उपयोग महिलाओं के स्नान हेतु किया जाता था। बाबरी में दोनों और सीढ़ियां बनी हुई है। इसका निर्माण सन 1684 ईसवी में हुआ था। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।


मालन खो झरना चंदेरी - Malankho jharna chanderi

मालन खो झरना चंदेरी से करीब 6  किलोमीटर की दूरी पर घने जंगलों में स्थित है। यह खूबसूरत झरना है। यह झरना चंदेरी में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। इस झरने के चारों तरफ घना जंगल स्थित है। आप यहां पर बरसात के समय पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर सिद्धेश्वर हनुमान जी का मंदिर है। यहां करीब 50 मीटर की ऊंचाई से झरना नीचे गिरता है, जिसमें लोग नहाने का मजा ले सकते हैं। चारों तरफ हरियाली के बीच में यह झरना बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर एक गुफा भी स्थित है। यहां पर शिवलिंग स्थित है, जिसका जल अभिषेक पहाड़ों से गिरते हुए पानी के द्वारा होता है और यह पानी साल भर और 24 घंटे गिरता है। यह एक प्राकृतिक स्थल के साथ-साथ धार्मिक स्थल भी है। आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। 


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