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विदिशा पर्यटन स्थल - Vidisha tourist places | Tourist places in Vidisha

विदिशा के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Vidisha | Tourist places near Vidisha | Vidisha historical place

विदिशा में घूमने की जगहें


सांची स्तूप - Sanchi  ka stupa

सांची एक विश्व धरोहर स्थल है। सांची एक प्रसिद्ध बौद्ध स्मारक है। सांची मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यह भारत की सबसे पुरानी पत्थर की संरचना में से एक है। यहां पर आपको बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर पूरी दुनिया से लोग सांची के स्तूप को देखने के लिए आते हैं। सांची के स्तूप भोपाल से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप भोपाल से यहां पर ट्रेन के माध्यम से और रोड के माध्यम से आ सकते हैं। सांची के स्तूप एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको मंदिर, महल, खंडित स्तंभ, और मठ देखने के लिए मिल जाते हैं। सांची के बौद्ध स्तूप को पहली और दूसरी शताब्दी के मध्य बनाया गया था। यह स्तूप सम्राट अशोक के द्वारा बनाए गए थे। यहां पर सम्राट अशोक का शिलालेख भी पाया जाता है। यहां पर आपको तीन स्तूप देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें से एक स्तूप सबसे बड़ा है और इस स्तूप के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर भगवान बुद्ध की अस्थियों को रखा गया है। यहां पर मुख्य स्तूप बहुत खूबसूरत है और इसमें बहुत खूबसूरत कारीगरी की गई है। यहां पर तोरण द्वार बने हुए, जिसमें भगवान बुद्ध के जीवन काल को दर्शाया गया है। यहां पर आपको गुप्त काल के मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यह सारे मंदिर पत्थर के बने हुए हैं और इन मंदिरों में शंकर जी का शिवलिंग भी आपको देखने के लिए मिलेगा। यह जगह बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। आप यहां पर घूम सकते हैं। सांची के स्तूप में प्रवेश के लिए टिकट लगता है और टिकट का मूल्य बहुत ही कम है। यह स्तूप सुबह 11:00 बजे से 5:00 बजे तक खुले रहते हैं। आप दो या तीन घंटों में पूरे सांची के पूरे परिसर को घूम सकते हैं। यहां पर लाइट और साउंड शो भी किया जाता है, जो यहां शाम के समय होता है। 

एएसआई संग्रहालय सांची विदिशा - ASI Museum Sanchi

ए एस आई संग्रहालय सांची बौद्ध परिसर के बाहर स्थित एक संग्रहालय है। यह संग्रहालय सांची के बौद्ध स्मारक के पास स्थित है। आप सांची बौद्ध स्मारक में प्रवेश के लिए टिकट लेते हैं, तो संग्रहालय के लिए भी आप को टिकट मिल जाता है। आपको यहां पर विभिन्न तरह के मूर्तियां देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बौद्ध परिसर में मिली बहुत सी प्रतिमाओं को सहेज कर रखा गया है। आप इन प्रतिमाओं को देख सकते हैं और इनके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। जो प्रतिमाएं यहां पर रखी गई हैं, उनके बारे में जानकारी आपको नीचे एक तख्ती पर लिखी हुई मिल जाती हैं। यहां पर आपको हमारा राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ देखने के लिए मिलता है। 

माला देवी मंदिर ग्यारसपुर विदिशा - Mala Devi Temple Gyarspur Vidisha

माला देवी मंदिर विदिशा जिले में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील पर स्थित है। ग्यारसपुर विदिशा का एक छोटा सा कस्बा है, जो बहुत खूबसूरत है और हरियाली से भरपूर है। आपको यहां पर बहुत सारे मंदिर देखने मिलेंगे और माला देवी मंदिर भी ग्यारसपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर विदिशा सागर राजमार्ग पर स्थित है। यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों पर नक्काशी बनी हुई है। इस मंदिर से आप चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं। यह मंदिर पहाड़ी के किनारे पर बना हुआ है। इस मंदिर का निर्माण 9 वीं शताब्दी में प्रतिहार राजवंश द्वारा किया गया था। यह मंदिर शक्ति की देवी और माला देवी को समर्पित है। यहां पर आपको जैन संतों की भी मूर्तियां  देखने के लिए मिलेगी। यहाँ से सूर्यास्त का दृश्य शानदार है। 

बाजरामठ मंदिर या बज्र मठ मंदिर विदिशा - Bajramath Temple or Bajra Math Temple Vidisha

बाजरा मठ मंदिर विदिशा के ग्यारसपुर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर पत्थर से बना हुआ है। पत्थर पर खूबसूरत नक्काशी उभरी हुई है। मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत मूर्तियों की नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती हैं। आपको यहां पर 3 मंदिर देखने के लिए मिलेंगे। इन तीनों स्थल पर जैन संतों की मूर्तियां विद्यमान है। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इस मंदिर के दरवाजे, चैखट व पृष्ठ भाग में शिव, गणेश, विष्णु ब्रह्मा आदि का कलात्मक अंकन किया है।

हिंडोला तोरण विदिशा - Hindola toran vidisha

हिंडोला तोरण विदिशा के ग्यारसपुर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर आपको चार खंबे देखने के लिए मिलेंगे, जो बहुत ही नक्काशी दार हैं। यहां पर एक तोरण भी बना बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। 

उदयगिरी गुफाएं विदिशा - Udayagiri Caves Vidisha

उदयगिरि की गुफाएं पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। उदयगिरि की गुफाएं मध्य प्रदेश का एक प्रमुख आकर्षण है। उदयगिरी की गुफाएं मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में स्थित प्राचीन गुफाएं हैं। इन गुफाओं में आपको हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यह सारी गुफाएं उदयगिरि की पहाड़ियों पर स्थित है। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो यहां का नजारा बहुत ही खुशनुमा होता है। चारों तरफ हरियाली होती है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर 20 गुफाएं मौजूद है, जो चट्टान पर बनी हुई हैं। इनमें से कुछ गुफाएं हिंदू भगवान को समर्पित है और कुछ गुफाएं जैन भगवान को समर्पित हैं। इन गुफाओं का निर्माण गुप्त काल के दौरान हुआ था। यहां पर आपको विष्णु भगवान की वराह अवतार की पत्थर पर उकेरी गई प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत विशाल है और देखने में बहुत अद्भुत लगती है। इसके अलावा यहां पर शिव पार्वती के अर्धनारीश्वर प्रतिमा, विष्णु भगवान की शेष शैया की प्रतिमाए गणेश जी की प्रतिमाए कार्तिकेय की प्रतिमा देखने मिलती है, जो चट्टान पर उकेर कर बनाई गई है। आप दो.तीन घंटों में पूरी उदयगिरी की गुफा घूम सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है और आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

उदयगिरि बांध  विदिशा  - Udayagiri Dam Vidisha

उदयगिरी बांध हलाली नदी पर बना हुआ एक छोटा सा स्टॉप डैम है। यह खूबसूरत लगता है। पहाड़ी के ऊपर से उदयगिरि का दृश्य खूबसूरत लगता है। 

जिला संग्रहालय विदिशा - District Museum Vidisha

जिला पुरातत्व संग्रहालय विदिशा शहर में स्थित एक अच्छी है। जो भी इतिहास प्रेमी है, वह इस जगह में घूम सकते हैं। इस  संग्रहालय में जाने के लिए प्रवेश शुल्क बहुत ही कम है। भारतीयों लोग का अलग शुल्क है। विदेशी नागरिकों के लिए अलग शुल्क है। अगर आप फोटोग्राफ और वीडियो ग्राफ करना चाहते हैं, तो उसके लिए अलग शुल्क लगेगा। इस संग्रहालय का खुलने का समय 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहता है। सोमवार को यह संग्रहालय बंद रहता है। आपको  इस संग्रहालय में प्राचीन मूर्तियों का बहुत बड़ा संग्रह देखने के लिए मिलता है। यह सारी मूर्तियां पत्थरों से बनी हुई है। यहां पर आप विष्णु भगवान के वराह अवतार की मूर्ति देख सकते हैं। इस पूरी मूर्ति में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी उकेरी गई है। आपको यहां पर भगवान गणेश जी की मूर्ति भी देखने के लिए मिलेगी। इसके अलावा यहां पर जैन धर्म के संतों की भी मूर्तियां देखने के लिए भी मिलती है। यह संग्रहालय विदिशा शहर में रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप इस संग्रहालय में बहुत ही आसानी से पहुंच सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 

बीजा मंडल मंदिर या विजय मंदिर विदिशा - Bija Mandal Temple or Vijay Mandir Vidisha

बीजा मंडल मंदिर को पुराने समय में बिजया मंदिर के नाम से भी जाना जाता होगा। यह मंदिर विदिशा में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको पत्थर की बहुत सारी कलाकृतियां देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको एक पुरानी बावड़ी भी देखने के लिए मिलेगी। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर पहले मंदिर हुआ करता था, जो परमार वंश के द्वारा बनाया गया था। इस मंदिर में पाए गए शिलालेख के अनुसार यह मंदिर चर्चिका देवी या चंडिका देवी को समर्पित था। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी के आसपास बनाया गया था। यहां पर खुदाई की गई जिसमें यहां पर अष्टभुजी गणेश जी की प्रतिमा, नृत्य करती हुई नारियों की प्रतिमा और महिषासुर मर्दिनी प्रतिमा पाई गई है। यहां पर खंडित परमार अभिलेख भी पाए गए हैं। इस स्मारक के उत्तर में एक बावड़ी है, जिसका मुंह वृत्ताकार है। बावड़ी पर लगभग आठवीं सदी की दो सुंदर अलंकृत स्तंभ है, जिसमें कृष्ण लीला के विभिन्न दृश्य उकरे गये हैं। मगर इस स्मारक को मुस्लिम शासक औरंगजेब ने मस्जिद में परिवर्तित कर दिया और मंदिर को ध्वस्त कर दिया। इस प्रकार आज आप इस जगह पर मंदिर के अवशेष देख सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर पर खूबसूरती से नक्काशी दार कलाकृतियां देखने के लिए मिलती हैं। यह जगह विदिशा से अशोकनगर जाने वाली सड़क के पास स्थित है। यह स्थान अब एएसआई द्वारा अच्छी तरह से बनाए रखा गया है।

चरन तीर्थ विदिशा - Charan Teerth Vidisha

चरण तीर्थ एक धार्मिक स्थल है। चरण तीर्थ मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यह विदिशा जिले का एक मुख्य आकर्षण है। चरण तीर्थ बेतवा नदी में स्थित है। यहां पर आपको दो मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बेतवा नदी के बीच में बने हुए हैं। इन मंदिर में जाने के लिए पुल बनाया गया है। आप इन मंदिरों में आ सकते हैं। आपको यहां का माहौल बहुत अच्छा लगेगा और बेतवा नदी का दृश्य बहुत अद्भुत होता है। चरण तीर्थ के बारे में कहा जाता है कि यहां पर श्री राम जी के चरण पडे थे। वनवास काल के दौरान राम जी यहां पर आए हुए थे। इसलिए इस  जगह को चरण तीर्थ के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि यहां पर च्यवन  ऋषि ने तपस्या की थी। यह जगह ऋषियों की तपोस्थली है। चरण तीर्थ में घाट भी बना हुआ है, जहां पर आप स्नान कर सकते हैं। 

नवग्रह शनि देव मंदिर विदिशा - Navagraha Shani Dev Temple Vidisha

नवग्रह शनि मंदिर विदिशा जिले में चरण तीर्थ के पास में स्थित है। यह प्राचीन मंदिर है। यहां पर शनि भगवान जी की मूर्ति विराजमान है। यहां पर आपको भगवान शिव की भी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर आकर शनि भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर हनुमान जी की भी प्रतिमा विद्यमान है। 

विश्वनाथ मंदिर देवपुर विदिशा - Vishwanath Temple Devpur Vidisha

विश्वनाथ मंदिर विदिशा के पास स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर एक कुंड बना हुआ है। जिसका जल बहुत ही पवित्र है और साफ है। विश्वनाथ मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर परिसर में बहुत सारे मंदिर हैं। यहां पर शिवजी, विष्णुजी, द्वारकाधीश, मंदिर आपको देखने मिलता है। विश्वनाथ मंदिर देवपुर में स्थित है। देवपुर सिरोंज से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत शांति मिलेगी। 

नीलकंठेश्वर मंदिर उदयपुर विदिशा - Neelkantheshwar Temple Udaipur Vidisha

नीलकंठेश्वर मंदिर विदिशा में स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। यह मंदिर 11 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यहां मंदिर परमार राजा उदयादित्य द्वारा निर्मित किया था। यह मंदिर लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। नीलकंठेश्वर मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है। यहां पर स्तंभ बनाए गए हैं और स्तंभों में खूबसूरत नक्काशी बनाई गई हैं। गर्भ ग्रह में शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर अर्धनारेश्वर शिवलिंग विराजमान है। यह शिवलिंग बहुत अद्भुत लगेगा। शिवलिंग के सामने ही नंदी भगवान की प्रतिमा विराजमान हैं। यहां पर आपको मंडप गर्भ ग्रह देखने के लिए मिल जाते हैं। 

लोहांगी पर्वत विदिशा - Lohangi Mountain Vidisha

लोहांगी पर्वत विदिशा में स्थित एक घूमने की अच्छी जगह है। यह एक विशाल पर्वत है, जो शहर के बीचोंबीच स्थित है। इस जगह से आपको विदिशा शहर का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। शहर की चोटी पर एक मंदिर और मस्जिद स्थित है।  आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। यह जगह बहुत ही खूबसूरत रहती है। बरसात के पहाड़ में समय चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर आने का सबसे अच्छा समय बरसात और ठंड का रहता है। लोहांगी पर्वत पर  जगह जगह पर बैठने के लिए जगह बनी हुई है, ताकि आप यहां पर बैठकर शहर की सुंदरता को निहार सकें। 

माधव उद्यान विदिशा - Madhav garden vidisha

माधव उद्यान एक बहुत ही खूब सुंदर पार्क है। यह पार्क विदिशा शहर में स्थित है और विदिशा शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इस पार्क में आप को हरा-भरा बगीचा देखने के लिए मिलता है और यहां पर एक झील भी है। इस झील में बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। माधव उद्यान का निर्माण स्वर्गीय श्री माधव राव सिंधिया जी की याद में किया गया है। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह पार्क योग, जॉगिंग और मॉर्निंग वॉक करने के लिए अच्छा है। यह पार्क विदिशा नगर निगम द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह विदिशा में सबसे अच्छा पार्क है। पार्क के खुलने का समय सुबह 6:00 से 9:00 बजे है और शाम को 5:00 से 8:00 बजे हैं। 

बौद्ध स्मारक सतधारा विदिशा - Buddhist Monument Satadhara Vidisha

बौद्ध स्मारक सतधारा विदिशा के पास में स्थित एक प्राचीन जगह है। यहां पर आपको बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। बौद्ध बिहार देखने के लिए मिलते हैं और मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह प्रकृति के बीच में स्थित है। इन स्तूप के बाजू में हलाली नदी बहती है। यहां का दृश्य देखने लायक रहता है। आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर हरियाली चारो तरफ रहती है। इसके कारण यह जगह बहुत ही आकर्षक लगती हैं। बौद्ध स्मारक सतधारा सांची के स्तूप से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है। आप यहां गाड़ी से आ सकते हैं। 

हेलिओडोरस स्तंभ या खंबा बाबा विदिशा - Heliodorus pillar or Khamba Baba Vidisha

खंबा बाबा या हेलिओडोरस स्तंभ विदिशा के पास में स्थित एक पिलर है। यह पिलर या खंबा विदिशा से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह खंबा 2000 साल से भी ज्यादा पुराना है। खंबे की ऊंचाई 20 फीट से भी अधिक है। खंबे में शिलालेख खुदे हुए हैं, जिससे मालूम चलता है कि यह खंबा गरुड़ध्वज है। इस खंभे को यहां के कुछ स्थानीय लोग पूजा भी करते हैं। इन लेखों के अनुसार हेलिओडोरस नामक एक यूनानी ने इस स्तंभ को स्थापित किया था। यह खंबा बेतवा और हलाली नदी के संगम के पास ही में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।

त्रिवेणी घाट विदिशा - Triveni Ghat Vidisha

त्रिवेणी संगम यहां पर बेतवा और हलाली नदी का संगम हुआ है। यहां पर आपको और भी धार्मिक जगह देखने के लिए मिल जाती हैं। यह जगह विदिशा में स्थित एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है और आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 

हलाली बांध विदिशा - Halali dam vidisha

हलाली बांध विदिशा के पास में स्थित एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय भोपाल विदिशा हाईवे रोड के पास में पड़ता है। आप इस जलाशय में आसानी से आ सकते हैं। अगर आप बरसात के समय इस जलाशय में आते हैं, तो जलाशय का दृश्य अद्भुत होता है। यहां पर जलाशय में पानी पूरी तरह से भरा रहता है। आप यहां पर वोटिंग का भी मजा ले सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली के साथ जाकर बहुत मजे कर सकते हैं। 

हलाली जलप्रपात विदिशा - Hallali falls vidisha

हलाली जलप्रपात हलाली नदी पर बनता है। यह जलप्रपात हलाली बांध से करीब 200 मीटर की दूरी पर बनता है। इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए आपको थोड़ा सा पैदल चलना पड़ता है। यह जलप्रपात की लोकेशन बहुत खूबसूरत है। चारों तरफ हरियाली है और चट्टानों से पानी नीचे आता है, जो बहुत ही मनोरम लगता है। 


रंगाई हनुमान मंदिर विदिशा (Rangai Hanuman Temple Vidisha)
दिगंबर जैन मंदिर उदयगिरी विदिशा (Digambar Jain Temple Udayagiri Vidisha)
म्यूज़िकल पार्क विदिशा (Musical park vidisha)




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