Priyadarshini Point, Pachmarhi :- पचमढ़ी का खूबसूरत प्रियदर्शिनी प्वाइंट

Priyadarshini Point, Pachmarhi

प्रियदर्शिनी प्वाइंट, पचमढ़ी 


प्रियदर्शिनी प्वाइंट एक मनोरम दृश्य का प्रदान करना वाला स्थल है। यह पचमढ़ी  शहर में स्थित है। यह सतपुड़ा की पहाड़ियों का सबसे ऊंचा प्वाइंट है। इस स्थल से आपको सूर्यास्त का बहुत ही मनमोहक दृश्य देखने मिलता है। यहां स्थल बहुत शांत और प्रदूषण मुक्त है। यहां पर आपको चारों तरफ उचे उचे पहाड देखने मिलेगें और उन पहाडों पर आपको हरे भरे पेड लगे हुए है, इन्हे देखकर ऐसा लगता है जैसे धरती ने हरियाली की चादर ओढ ली है, आपको यहां आकर अच्छा लगेगा। 
Priyadarshini Point, Pachmarhi
View of Priyadarshini Point

प्रियदर्शिनी प्वाइंट पचमढ़ी (Priyadarshini Point, Pachmarhiका एक खूबसूरत स्थल है। यहां पचमढ़ी टाउन में स्थित है। पचमढ़ी मध्य प्रदेश राज्य के होशंगाबाद जिले में स्थित है। पंचमढ़ी मध्य भारत के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में एक है। पचमढ़ी टाउन को सतपुडा की रानी के नाम से भी जाना जाता है। पचमढ़ी टाउन मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। पचमढ़ी टाउन में लोग गर्मी में अपना समय बिताना आते है। गर्मी के मौसम में पचमढ़ी टाउन अन्य शहर के तुलना में ठंडा रहता है। पचमढ़ी टाउन में गर्मी में भी हरियाली होती है। आपको पचमढ़ी जाने वाले पूरे रास्ते में आम के पेड देखने मिल जाते है, अगर आप गर्मी के मौसम में जाते है तो आपको आम खाने भी मिल जाएगें। पचमढ़ी जाने वाले रास्ते में आपको बहुत सारी जगह आम की बेचने वाले देखने मिल जाएगें, जो छोटी छोटी टोकरी में आम बेचते रहते है। पचमढ़ी जाने का रास्ता बहुत अच्छा होता है, आपको रास्ते में बहुत सारे मनोरम दृश्य देखने मिल जाते है। आपको पचमढ़ी रास्ते में नदी, पहाड, खूबसूरत घाटी, तालाब, और चारो तरफ हरियाली देखने मिल जाती है और पचमढ़ी की रोड सर्पाकार है जिसमें आपको बहुत मजा आना वाला है। पचमढ़ी पहुॅचने के लिए आपको पिपरिया रेल्वे स्टेशन में उतरना पडता है। पिपरिया रेल्वे स्टेशन आपको बस और टैक्सी से मिल जाती है। आप पचमढ़ी की खूबसूरत वदियों का आंनद लेते हुए आप पचमढ़ी पहुॅच जाते है। 

Priyadarshini Point, Pachmarhi
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Priyadarshini Point, Pachmarhi
Priyadarshini Point

प्रियदर्शिनी प्वाइंट पचमढ़ी (Priyadarshini Point, Pachmarhi) से लगभग 5 से 6 किमी की दूरी पर स्थित है। यह सतपुड़ा की पहाड़ियों का सबसे ऊंचा प्वाइंट है। आपको प्रियदर्शिनी प्वाइंट (Priyadarshini Point, Pachmarhi) तक पहॅुचने के लिए जिप्सी मिल जाएगी। आप यहां पर बाइक किराये पर लेकर भी जा सकते है। आपको पचमढ़ी में साइकिल भी मिल जाती है रेन्ट पर जिससे आप पचमढ़ी  की सैर कर सकते है। पचमढ़ी में साइकिल से सैर करने में आपको ज्यादा मजा आयेगा। प्रियदर्शिनी प्वाइंट तक जाने का रास्ता बहुत  बढिया है। आपको इस रास्ते बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने मिलेगें। प्रियदर्शिनी प्वाइंट (Priyadarshini Point, Pachmarhi) बडा महादेव के रास्ते में पडता है। प्रियदर्शिनी प्वाइंट सूर्यास्त का नजारा बहुत मस्त होता है। आप प्रियदर्शिनी प्वाइंट से चैरागढ़ की पहाडी देख सकते है। चैरागढ़ पहाडी में महादेव का मंदिर है। चैरागढ की पहाडी पर जाने में बहुत चलना पडता है। प्रियदर्शिनी प्वाइंट की खोज कैप्टन जेम्स फोरसिथ ने की थी। इस खूबसूरत व्यू प्वाइंट का नाम पहले फोरसिथ प्वाइंट था लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर प्रियदर्शिनी प्वाइंट रख दिया गया। इस जगह का नाम प्रियदर्शिनी प्वाइंट इसलिए रखा गया है क्योकि श्रीमती इंदिरा गांधी यह जगह बहुत पसंद थी। श्रीमती इंदिरा गांधी इस जगह पर घूमनी के लिए आती थी। श्रीमती इंदिरा गांधी का बचपन का नाम प्रियदर्शनी था इसलिए इस जगह को प्रियदर्शिनी प्वांइट कहा जाता है। यहां पर आप प्रकृति का आंनद ले सकते है। यह पचमढ़ी की  सबसे अच्छी जगह है। यह बहुत सुंदर और शांतिपूर्ण जगह है। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं तो आपको यह जगह बहुत पसंद आयेगी। यहां पर आप बरसात के मौसम में जाते है तो आपको बहुत मनोरम व्यू देखने मिलता है, यहां की सभी घाटियाँ हरियाली से आच्छादित हैं। यहां का वातावरण अच्छा और साफ सुथरा है। आप भी यहां पर कचडा ना करें। प्रियदर्शिनी प्वाइंट तक जाने के लिए आपको अच्छी सडक मिल जाती है, आप इस जगह पहॅुचकर अपनी गाडी को रोड में पार्क कर सकते है और आपको रोड से करीब 1 किमी या उससे कम ही चलना पड सकता है। आपको यह पर थोडा पैदल चलना होगा। यह रास्ता जंगल का होता है मगर आपको अच्छा लगेगा। क्योकि यह पर चारों तरफ हरियाली होती है और यह रास्ता उबाड खबाड होता है तो आपको अच्छे से चलना होता है। आपको यहां पर नीबू पानी की दुकान मिल जाती है जहां पर आप नीबू पानी पी सकते है यहां पर आपको पीने का पानी भी मिल जाता है। आप जब इस व्यू पांइट पर पहॅुचते है तो आपको यहां का खूबसूरत व्यू पांइट देखने मिलता है। प्रियदर्शनी एक पहाड़ी व्यू पांइट है जहाँ से आप एक खूबसूरत घाटी का नजारा देख सकते हैं।  यहां पर चारों तरफ पहाडों का मनोरम दृश्य है। आपके पास दूरबीन होता है तो आपको चैरागढ़ पहाडी का महादेव का मंदिर भी देख सकते है। यहां पर दूरबीन वाले होते है जो आपको 10 रू में महादेव पहाडी का व्यू दिखाते है। 

Priyadarshini Point, Pachmarhi
View of Priyadarshini Point


आपको यह पर जाकर बहुत अच्छा लगेगा। प्रियदर्शिनी प्वाइंट में आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जा सकते है। यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते है। यहां सूर्यास्त का नजारा बहुत अच्छा होता है। 

आपके लिए सुझाव:-

  1. आपको यह पर शूज पहनकर जाना चहिए क्योकि यहां पर जंगल का एरिया है, और रास्ता पथरीला है। आपकी चप्पल और सैंडल यहां पर टूट सकती है। इसलिए आप जूते का प्रयोग करें। 
  2. आपको यह पर ज्यादा समय बिताने वाले है तो आप अपने साथ खाने का सामान और पीने का पानी लेकर जाये। यहां पर वैसे शाॅप उपलब्ध है मगर आपको वहां पर महंगा मिलेगा। 
  3. बूढे व्याक्ति के लिए यहां पर चलना कठिन हो सकता है, क्योकि यहां पर रास्ता उबाड खबाड है। 
  4. आप यहां पर कचरा नहीं फैलाये। ये जगह अच्छी और साफ सुथरी है जहां पर आप कचरा नहीं फैलाये। 
  5. यहां जगह सेफ है यहां पर लोग आते जाते रहते है मतलब भीड यहां पर लगी रहती है। 
  6. अगर आपके साथ बच्चे है, उनका विशेष ध्यान रखें। क्योकि यहां पर गहरी खाई है आप ध्यान दें कि बच्चे यहां लगी रेलिंग के पास न जायें। 
  7. अगर आप सेल्फी लेते है तो इस बात का जरूर ध्यान दे कि आप सुरक्षित जगह पर हो रेलिंग के पास खडे होकर सेल्फी न लें। 
  8. इस जगह पर आपको गाइड लेकर जाने की आवश्यकताा नहीं है आपका जिप्सी का चालक ही आपको इन जगहों की अच्छी जानकारी दे सकता है। मगर आप अगर डिटेल से जानना चाहते है तो आप गाइड अवश्य लेकर जायें। 


जटाशंकर मंदिर पचमढ़ी, मध्यप्रदेश

जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी 

जटाशंकर मंदिर पचमढ़ी टाउन का एक बहुत खूबसूरत जगह है। जटाशंकर मंदिर को शिव भगवान जी का दूसरा घर कहा जाता है। यहां पर आपको आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक दोनों तरह का वातावरण मिल जाता है। जटाशंकर में आपको शिव भगवान जी का प्राचीन मंदिर देखने मिलेगा और यह मंदिर प्रकृति की गोद पर बना हुआ है। यहां पर आकर आपको मनोरम दृश्य देखने मिलेगें। यहां पर लोगो देश के कोने कोने से आते है और विदेशों से भी लोगों इस जगह की खूबसूरती निहारने आते है। यह एक अद्भुत जगह है जहाँ पर आपको आंतरिक शांति और प्रकृति का अनोखा रूप देखने मिल जाता है। 

जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी
जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी 


जटाशंकर धाम पचमढ़ी टाउन में स्थित है। पचमढ़ी टाउन मध्यप्रदेश के होशगबाद जिले में स्थित है। पचमढ़ी पहुॅचने के लिए आपको पिपरिया रेल्वे स्टेशन में उतरना पडता है। पिपरिया रेल्वे स्टेशन आपको बस और टैक्सी आराम से मिल जाती है। आप पचमढ़ी की खूबसूरत वदियों का आंनद लेते हुए आप पचमढ़ी पहुॅच जाते है। जटाशंकर मंदिर पचमढ़ी में पैदल दूरी पर स्थित है, आप चाहे तो इस मंदिर तक पैदल ही जा सकते है। जटाशंकर मंदिर पचमढ़ी मार्केट से  2 किमी की दूरी पर होगा। हम लोग सुबह सुबह इस मंदिर में गए थे। सुबह सुबह आपको यहां पर ज्यादा लोग नहीं दिखेगे अगर कहा जाए तो एक भी लोग नहीं दिखेगें। हम लोग पचमढ़ी के अरविंद रोड के पास एक होटल में रूके थे, वहां से यहां जटाशंकर मंदिर 2 किमी की दूरी पर होगा। हम लोग सुबह 7 बजे नहाकर तैयार हो गये और मंदिर के लिए निकल गए, हम लोग पचमढ़ी के मार्केट एरिया से होते हुए मंदिर जा रहे थे आपके यहां पर सुबह सुबह बहुत शांती मिलेगी। पचमढ़ी मेन रोड बहुत सारे पार्क है, पचमढ़ी की मेन रोड पर चैपाटी भी है, सुबह सुबह यहां पर आपको गर्म गर्म नाश्ता मिलेगा। यहां पर आपको पोहा, जलेबी, समोसा, आलूबंडा और भी बहुत सारे आइटम मिल जाएगे। हम लोगों जटाशंकर मंदिर के ओर पैदल चले जा रहे थे। आपको पचमढ़ी की मेन बहुत सारे रेस्तरां देखने मिल जाएगा।
जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी
जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी 

आप जटाशंकर मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहुॅच जाते है। जटाशंकर मंदिर के पास किसी भी वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं है। आपको गाडी यही पर खडी करनी पडेगी।  आपको यह से पैदल चलना होगा, वैसे हम तो पैदल ही आये थे। आपको मुख्य मंदिर तक जाने के लिए पक्की सडक मिल जाएगी। रोड के दोनों ओर पहाड है जो आपके सफर को नई उमंग से भर देगा। 

यहां पर आपको मंदिर में अर्पण करने के लिए प्रसाद मिल जाएगा। आप अगर जिप्सी से आएगे तो आपकी जिप्सी यहां पर आकर आपको छोडेगी। आपको जटाशंकर मंदिर के प्रवेश द्वार लगभग 1 से 1.5 किमी की दूरी पैदल चलना होगा। मगर ये जो रास्ता बहुत खूबसूरत है यहां पर उचे उचे पहाड है जो बहुत मनोरम लगते है। यहां पर चारों तरफ हरियाली है, कही कही पर पहाडों की आकृति बहुत शानदार है, जो देखने मे अदुभूत लगता है। आपको पहाडों में के उपर मंदिर देखने मिल जाएगें आपको इन मंदिर में जाने के लिए पहाड चढाना होगा। पहाड में मंदिर में जाने के लिए सीढियाॅ भी बनी है, मगर हम लोग इन मंदिर में नही गए। आप अगर गर्मी के मौसम जाते है तो आपको यह पर आम खाने मिल जाएगें। यहां पर रास्ते पर बहुत सारे आम के पेड है। आपको जटाशंकर मंदिर के प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक रास्ता बहुत बढिया लगेगा। यहां पर सुबह का समय बहुत अच्छा होता है, क्योकि यहां पर सुबह समय भीड नहीं रहती है, आपको एक अच्छा वातावरण मिलता है, जहां पर आपको बहुत शांती मिलती है। यहां पर आपको सुबह सुबह चिडिया की आवाज आती है जो बहुत मधुर होती है। आप इस रोड से होते हुए मंदिर के परिसर तक पहुॅच जाते है। 

जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी
जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी 


जटाशंकर मंदिर प्राकृतिक रूप से बना हुआ है। यहां पर प्राकतिक गुफा है जो एक गहरी खाई पर बनी है।  मुख्य मंदिर तक जाने के लिए आपको सीढियाॅ मिल जाती है। मंदिर तक जाने के लिए पहाडी रास्ता है, पहाडों को काटकर सीढियाॅ बनाई गई है। यहां जगह बहुत साफ सुथरी और प्रबांधित है। आप सीढियों से नीचे उतरने स्टार्ट करते है तो आपको सीढियाॅ के पास ही में एक मंदिर देखने मिलेगा, जहां पर बहुत सारे खरगोश आपको देखने मिलेगा और यहां पर एक छोटी सी गुफा भी है जहां पर आपको शिव भगवान की प्रतिमा विराजमान है, आप सीढियों से नीचे आते है तो आपको इस पहाडी रास्ते में शिव भगवान की एक बडी मूर्ति देखने मिलेगी, जो एक बडी चटटान पर बनी है। आप पहाडी रास्ते के आगे बढते है तो आपको एक पहाडी पर एक बूढी महिला देखने मिलेगा, ये बहुत प्रसिध्द है यह शिव भगवान की भजन गाती रहती है और यह बूढी महिला एक पहाडी के उपर बैठकर भजन गाती रहती है। यह महिला वर्षो से शिव भजन गाती है। 

जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी
जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी 


 आप आगे बढते है तो आपको एक गुफा देखने मिलती है जिसमें शिव और पार्वती की मूर्ति एक छोटी सी चटटान पर बनी हुई है। आप यहां के दर्शन के बाद नीचे आते है तो आपको एक मंदिर देखने मिलेगा, जहां पर रामायण का पाठ चलता रहता है। यहां पर 24 घण्टे रामायण का पाठ चलता रहता है। आपका यहां पर बैठने के लिए भी है, यहां पर आप कुछ समय बैठ सकते है और यहां पर पीने के पानी की व्यवस्था भी है। यहां पर आपको अपनी चप्पल उतरकर चप्पल स्टैड में रखकर आगे जाना है। यहां पर आपको चटटानें देखने मिलेगी जो बहुत खूबसूरत है। पहाडी का दृश्य अनोखा है। आपको इस पहाडी रास्ते में बहुत सारे बंदर देखने मिलेगे जो आपको सामान छुडा सकते है। इसलिए बंदर से बचकर रहना वो आपके हाथ से समान लेकर भाग सकते है। आपको यहां से लोहे की सीढियाॅ देखने मिलेगा। आप लोहे की सीढियों से नीचे आते है तो आपको मुख्य मंदिर देखने मिलेगा और यहां पर एक जलकुण्ड भी है।  यहां पर गुफा है जो प्राकृतिक रूप से बनी है। गुफा में आपको शिव भगवान जी का शिवलिंग देखने मिलेगा और नाग की मूर्ति देखने मिलेगा, शिव भगवान का शिवलिंग  और नाग की मूर्ति यहां पर प्राकृतिक रूप से बने है। गुफा के अंदर शिव भगवान की मूर्ति चटटान की पर बनी हुई है। गुफा में आपको शिव भगवान की जटाए भी देखने मिलेगा अगर आप ध्यान से देखते है तो मगर आप सुबह जायेगें तो आपको अच्छे से देखने मिलेगा मगर दिन में यह भीड बढ जाती है। गुफा आपको चटटानों से रिसने वाला पानी भी देखने मिलेगा, यह पर सालभर पानी टपकता रहता है चटटानों से, यह पानी बिल्कुल शुध्द होता है, क्योकि यह पानी चटटान से रिसता है आप यह पानी पी सकते है। यह पर जो पहाड है वो बरसात में पानी का अवशोषित कर लेते है और यह पर चटटानों से साल भर पानी टपकता रहता है। कुण्ड का पानी भी साफ रहता है, यह पर लोगो चावल के दाने और फुल वगैरह डाल देते है। यह गुफा के अंदर बहुत ठण्डा रहता है। इसी जगह पर आपको ऐसा लगता है जैसे एसी लगा हो वो भी बिल्कुल फ्री का, यह पर इतना ठण्डा रहता है। यहां पर कुण्ड में एक चटटान दूसरी चटटान के उपर टंगी हुई है। यहां देखने में बहुत अदुभूत लगता है कि एक चटटान कैसे दूसरी चटटान पर बैलेंस बनाए हुए है। यहां पर आकर आपको आंतरिक शांति मिलती है। यह एक अद्भुत जगह है । 

जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी
जटाशंकर मंदिर, पचमढ़ी 


आपको  यह जगह बहुत पसंद आयेगी। दोस्तों और परिवार के साथ आने के लिए जगह बहुत अच्छी है। यहां पर आपको जटाशंकर मंदिर के प्रवेश द्वार के पास आपको बहुत सारी जडी बूटी की दुकान मिल जाएगी। पचमढ़ी में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह है। जटाशंकर मंदिर पचमढ़ी बाजार के पास स्थित है, इसलिए यहां तक ​​पहुंचना बहुत आसान है। यह पचमढ़ी के पास स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है।

आपके लिए सुझाव

  1. अगर आप यह बरसात में आते है तो सीढी में फिसलन हो सकती है इसलिए आप लोगो संभल कर चलें।
  2. यहां पर सुबह का व्यू बहुत मस्त होता है। सुबह के समय यह ज्यादा भीड नहीं रहती है। आपको शिव भगवान के अच्छे से दर्शन हो जायेगें। 
  3. यहां पर आपको बंदर से संभलकर रहना होगा क्योकि बंदर आप से समान छीन सकते है। 
  4. अगर आप यहां पर शिव भगवान के दर्शन करने आते है तो आप यहां अकेले आ सकते है मगर आप यहां के बारे डिटेल जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आपको गाइड के साथ लाना चहिए जो आपको यहां की डिटेल जानकारी दे पायेगा। 
  5. ये बहुत साफ सुधरी जगह है आप यहां पर कचरा न फैलाये। 


Dhuandhar Falls

धुआंधार

धुआंधार संगमरमर की चटटानों के उपर से गिरने वाला एक खूबसूरत झरना है, इस झरने के सुन्दरता को देखने के लिए भारत देश के कोने कोने से लोग आते है। धुआंधार झरने की खूबसूरती देखने विदेशों से भी लोग आते है। धुआंधार झरना नर्मदा नदी पर बना हुआ है। यहां झरना तेज वहाव के साथ चटटानों से नीचे गिरता है, जो देखने में बहुत मनोरम लगते है। 
Dhuandhar Falls
Dhuandhar Falls

धुआंधार झरना (Dhuandhar Falls) मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित है । धुआंधार झरना (Dhuandhar Falls) जबलपुर जिले से लगभग 25 किमी की दूरी पर स्थित है। धुआंधार जबलपुर के भेडाघाट क्षेत्र में स्थित है। वैसे भेडाघाट में बहुत सारी जगह है जहां पर आप घूम सकते है, आपका पूरा दिन यहां पर घूमते घूमते ही बित जाएगा। आप इस झरने तक सडक के माध्यम से जा सकते है। यहां जलप्रपात बहुत फैमस है इसलिए आप यहां पर असानी से पहॅच सकते है। यहां पर जाने के लिए आप अपने वाहन से जा सकते है। धुआंधार झरना तक जाने के लिए अच्छी सडक है। इस जलप्रपात तक जाने के लिए आप आटो या मेट्रो बस से जा सकते है। आप आटो बुक कर सकते है तो आटो आप से धुआंधार  झरने आप कितना समय बिताते है उसके अनुसार चार्ज करेगा। अगर आप आटो शेयर करके धुआंधार जाते है तो आपको 20 से 30 रू चार्ज हो सकते है। इससे सस्ता है आप मेटो बस से धुआंधार झरने में जाये, मेट्रो बस में आपको चार्ज बहुत कम लगेगा। मेरे हिसाब से 15 रू अभी इस समय लग रहा है। आप अगर अपने वाहन से धुआंधार जलप्रपात जाते है, तो आपको सगडा रोड से आना चहिए क्योकि संगडा रोड से यहां झरना पास पडता है। वैसे आप चाहे तो भोपाल जबलपुर हाईवे रोड से भी धुआधार जलप्रपात तक पहॅुच सकते है। 
Dhuandhar Falls
Dhuandhar Falls

धुआधार पहुॅचकर आपको धुआधर के गाडी स्टैड में गाडी खडा करना है। गाडी स्टैड का चार्ज 10 रू है। आप गाडी खडा करके पैदल चलकर धुआधार के मार्केट एरिया से होते हुए धुआंधार झरने तक पहुॅच सकते है। मार्केट एरिया में आपको बहुत सारी शाॅप मिलेगी। आपको यहां के बाजार में मारबल के शिवलिंग मिल जाएगें । यहां बाजार में लोग दूर दूर से यहां पर शिवलिंग लेने आते है। इसके अलावा यहां पर पत्थर के सजावट के सामान भी मिल जाएगे। आपको इस बाजार क्षेत्र में बहुत सारी होटल भी मिल जाएगी। जहां पर आप खाने पीने का सामान ले सकते है। यहां पर आप चाय नाश्ता भी कर सकते है। आपको यहां पर रोपवे भी मिल जाएगा। 

अगर आप रोपवे का मजा लेना चाहते है तो बाजार में ही आपको रोपवे में जाने के लिए रास्ता मिल जाएगा। जहां पर आपका शायद 100 रू का टिकट मिलता है। आप टिकट लेकर रोपवे से उस पार जा सकते है और धुआंधार जलप्रपात के उस पास से आप इस झरने का व्यू देख सकते है। वैसे जब आप रोपवे में जाते है तो उपर से आपको धुआंधार झरने (Dhuandhar Falls) का बहुत ही मनोरम दृश्य दिखता है जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता है। रोपवे से आपको नर्मदा नदी अपनी तेज वहाव से चटटानों से बहती है और बहुत तेज आवाज करती है। यहां आपको नर्मदा  आप रोपवे से उतरकर आप नर्मदा नदी के किनारे आ सकते है और संगमरमर की चटटानों में बैठकर यहां पर मजे ले सकते है। आपको यहां पर बहुत सारी खाने की चीजे मिल जाती है, यहां पर कुछ खाने का समान ताजा होता है जैसे आपको यहां पर जामुन, ताजी बेर, बिही, और गन्ना का जूस मिल जाएगा जो ताजा और आपकी सेहत के लिए बहुत अच्छा होगा। आप यहां पर बहुत अच्छा समय बिता सकते है। धुआंधार झरने के इस पार ज्यादा भीड नहीं रहती है। झरने के इस पार भी आपको होटल मिल जाएगा जहां पर जाकर आप धुआंधार व्यू देख सकते है और खाने का आंनद भी ले सकते है। 
Dhuandhar Falls
Dhuandhar Falls

अब धुआंधार जलप्रपात (Dhuandhar Falls) के इस पार की बात करते है। आप मार्केट एरिया से होते हुए जलप्रपात तक पहुॅच जाते है। आप मार्केट एरिया से सीढियों के माध्यम से नीचे आते है और आपके जलप्रपात तक पहुॅचने के लिए एक पतली सी सडक मिलती है या फिर आप चाहे तो चटटानों के बीच से रास्ता जाता है जलप्रपात तक जाने का आप वहां से भी जा सकते है। आपको रास्ते में ताजा खीरा खाने मिल जाएगी या फिर उबली हुई बेर मिल जाएगी। आपको रास्ते में बहुत सारी दुकान मिल जाती है जहां पर आप मार्बल के बने सामान मिल जाते है जैसे बाल में लगाने वाली क्लिप, कान में पहने वाले एयररिंग और भी बहुत सारी चीजें आपको मिल जाती है। आप जलप्रपात में पहुॅचते है, जलप्रपात के पास लोहे की जाली लगी हुई है जिससे कोई यहां पर गिरे नहीं । आपको यहां पर धुआंधार जलप्रपात बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। यहां पर नर्मदा नदी संगमरमर की चटटान से 10 मीटर उचाई से नीचे गिरती है। यहां पर पानी इतनी तेजी से गिरता है कि उसकी आवाज आप दूर दूर तक सुन सकते है। यहा पानी तेज गति से उपर से नीचे गिरता है जिससे धुंआ निकलता है इसलिए इसे धुआधार कहा जाता है और ये पानी तेज गाति से गिरता है तो वो सूक्ष्म बूॅद बनता है जो आपको जब आप जाली सेे खडे होकर देखते है तो आपको ठण्डक का अहसास करता है। यहां पर नदी और चटटान का बहुत बढिया तालमेल बनता है जो देखने लायक होता है। आप कम कम अपना आधा या एक घण्टा आराम से दे सकते है। आप नदी के किनारे नहा भी सकते है। मगर यहां पर चेजिग रूम नही है। यहां पर भी एक रेस्टोरेन्ट है जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकते है। यहां पर आपके शौचालय की सुविधा मार्केट एरिया में है जलप्रपात के पास शौचालय नहीं है। आपको यहां पर एक टाॅवर भी देखने मिल जाएगा जिसमे चढने के लिए आपको सीढिया चढनी होगी। जिससे आपको भेडाघाट का खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। यहां पर आपको सूर्यास्त का व्यू भी देखने मिलेगा जो बहुत शानदार होता है। टावर से आपको संगमरमर चटटान एवं चारो तरफ का व्यू भी देखने मिलेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तो के साथ आ सकते है। यहां पिकनिक के लिए अच्छी जगह है। यहां पर नर्मदा जंयती पर विशाल मेला लगता है। इसके अलावा यहा पर नवंवर में पूर्णिमा में भी विशाल मेला लगता है जिसमें दूर दूर से लोग आते है, इस मेले मे रात मे चादनी रात में लोग नाव की सैर करते है। 

Dhuandhar Falls
Dhuandhar Falls


आपके लिए सुझाव 



  1. आप यहां पर गंदगी न करें। कचडा डस्टबिन मे डाले और आप शौचालय के लिए सार्वजानिक शौचालय का प्रयोग कर सकते है। 
  2. आप यहां पर स्नान करते है। तो नदी के किनारे ही करे ज्यादा अंदर न जाये क्योकि यहां नर्मदा नदी उथली है मगर उसका वहाव बहुत तेज होता है।
  3. आप सेल्फी लेते समय जरूर सावधानी बरतें। सुरक्षित जगह देखकर ही सेल्फी लें । जाली के पास खडे होकर सेल्फी न ले और सेल्फी ले भी तो अपनी सेफटी का ध्यान रखें। 
  4. नर्मदा नदी के किनारे जो चटटाने है उनको विशेष ध्यान दें उनमें खडे होकर सेल्फी न खीचें। 

Sahastradhara:- Mandla city best tourist place

Sahastradhara
सहस्त्रधारा 

Sahastradhara:- Mandla city best tourist place
सहस्त्रधारा (Sahastradhara)एक खूबसूरत और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगह है। यह जगह मंडला शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। मंडला मध्यप्रदेश के एक जिला है। इस जगह पर आपको नर्मदा नदी का बहुत खूबसूरत रूप देखने मिलेगा। सहस्त्रधारा एक धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको बहुत खूबसूरत जलप्रपात देखने मिलेगा, इसके अलावा यहां पर आप सहस्त्रार्जन मंदिर देख सकते है जो नर्मदा नदी के बीच में बना है। आप इस मंदिर में बरसात में नहीं जा सकते है क्योकि बरसात के समय यहां मंदिर नर्मदा नदी के पानी से डूबा जाता है। गर्मी के दिन में नर्मदा नदी का पानी सूख जाता है तो आप इस मंदिर जा सकते है। यहां का चारों तरफ का वातावरण बहुत ज्यादा मनोरम है।
Sahastradhara  Mandla city best tourist place
View of Sahastradhara 


आप अगर मंडला जाते है तो इस जगह आपको जरूर जाना चहिए, हमारा मंडला यात्रा में इस जगह का अनुभव बहुत अच्छा रहा है। मंडला मध्यप्रदेश के एक जिला है। मंडला एक अदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। मंडला जिले में आप जबलपुर जिले से बस से जा सकते है। यहां पर रेल्वे स्टेशन है मगर अभी रेल्वे की सुविधा नहीं है। आप इस जगह पर अपने वाहन से या आॅटो बुक करके पहॅुच सकते है। सहस्त्रधारा (Sahastradhara) मुख्य शहर से लगभग 4 किमी की दूरी पर होगा। यहां तक आने के लिए आपको पक्की सडक मिल जाएगी। आपको सहस्त्रधारा (Sahastradhara)आने वाले रास्ते में नर्मदा नदी के कई घाट एवं मंदिर मिलते है आप चाहे तो इन घाट और मंदिर में जा सकते है। आप जब इस जगह पहूॅचते है, तो आपको एक बहुत बडा मैदान देखने मिलेगा। इस मैदान से होते हुए आप सहस्त्रार्जन मंदिर तक पहुॅचते है। इस मंदिर तक आने के लिए अच्छी रोड बनी है आपकी गाडी आसानी से आ जायेगी। 

Sahastradhara  Mandla city best tourist place
Sahastadhara Temple

सहस्त्रधारा (Sahastradhara) पहुॅचकर आप सहस्त्रार्जन मंदिर के दर्शन कर सकते है। यहां मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बना है। मंदिर तक जाने के लिए रास्ता बनाया गया है। मंदिर का डिजाइन बहुत खूबसूरत है और यहां पानी में स्थित होने के कारण बहुत खूबसूरत लगता है। मंदिर में शिव भगवान का शिवलिंग स्थापित है। आपको मंदिर के बाहर ही बहुत सारे शिवलिग देखने मिल जाएगे। मंडला का यहां क्षेत्र बरगी बांध का डूब क्षेत्र है मतलब यहां पर बरगी बांध भराव क्षेत्र है, इसलिए यहां पर पानी भरा हुआ रहता है। इसलिए यहां पानी भरा होता है। हम यहां पर ठंड के समय में गए थे, तब भी यहां पर पानी भरा हुआ था। हम लोग इस मंदिर के अंदर नहीं जा पाये थे। हम बस मंदिर के पास तक जा पाये थे। यहां पर शायद गर्मी में पानी कम हो जाता हो तब आप इस मंदिर में घूम पाये। इसके अलावा यहां पर एक मंदिर और यहां मंदिर बहुत खूबसूरत है। यहां मंदिर सफेद कलर का है जो देखने में बहुत अच्छा लगता है। आप इस जगह पर स्नान भी कर सकते है मगर यहां पर कपडे बदलने की सुविधा नहीं है। वैसे यहां जगह बहुत अच्छी है। 

Sahastradhara  Mandla city best tourist place
Sahastradhara falls


सहस्त्रधारा जलप्रपात (Sahastradhara Falls)नर्मदा नदी पर बना हुआ एक खूबसूरत झरना है। यहां झरना सहस्त्रार्जन मंदिर से थोडी दूरी पर स्थित है। आपको देखने मे लगेगा कि यहां झरना पास ही में मगर जब आप इस झरने की ओर चलना शुरू करते है तो यहां झरना आपसे दूर होते जाता है। यहां मै अपना अनुभव बताया है, यहां झरना मेरे हिसाब से करीब 1 किमी की दूरी पर होगा। इस झरने तक आपको पैदल ही चलना होगा क्योकि यहां पर चटटान है। यहां पर जो चटटान वो कुछ अलग प्रकार की है, यह चटटान काले रंग की है। आपको यहां पर जरूर जूते पहनना चाहिए, क्योकि चप्पल या सैडल पहनकर चलना संभव नहीं है। यहां जो चटटान है वो मैग्नीशियम, चूना पत्थर और बेसाल्ट की है। आपको इस झरने तक पहुॅचने में समय लगेगा, मगर यहां पर पहुॅचकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नर्मदा नदी कई धाराओं में विभक्त हो गई है, नर्मदा नदी के ये धाराए इन चटटानों के माध्यम से बहती है, जो देखने में बहुत अच्छी लगती है। यहां पर आपको इन धाराए के बहुत सारे छोटे छोटे जलप्रपात देखने मिल जाएगे। यहां पर नर्मदा नदी तेज बहाव से इन चटटानो से बहती है जो एक शानदार दृश्य पैदा करती है। आप इस जगह पर अपनी परिवार एवं दोस्तों के साथ जा सकते है।
Sahastradhara  Mandla city best tourist place
Sahastradhara falls


यहां जगह शांत एवं प्राकृतिक है। यहां पर ज्यादा लोग भी नही रहते है। यहां पर कोई त्योहार पर ही ज्यादा भीड होती होगी। यहां पर लोगों के द्वारा गंदगी की जाती है, लोग जलप्रपात के पास ही में लेटरिंग कर देते है जो मुझे मुझे अच्छा नही लगा है। यहां पर सरकार के द्वारा शौचालय की सुविधा है, वहां पर जाना चहिए । यह बहुत  अच्छा स्थान है यहां पर आपको गंदगी नहीं करना चहिए। यहां पर वैसे डस्टबिन वगैरह भी नहीं थे। लोग डस्टबिन की कमी के कारण, लोग कचरा इधर-उधर फेंक देते थे। आप अगर कुछ लेकर जाते है खाने पीने का सामान तो उसे यहां वहां न फैकें। 
सहस्त्रधारा (Sahastradhara)एक फैमस दर्शनीय स्थल है। सहस्त्रधारा (Sahastradhara) एक धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल है। यहां पर साल भर लोग आते रहते है। आप अगर बरसात में जाते है तो आपको यहां पर चारों तरफ पानी ही पानी देखेगें, जो यहां पर झरना है वहां बरसात में गायब हो जाता होगा क्योकि बरसात में पानी बहुत ज्यादा मात्रा में आ जाता है। 

आपके लिए सुझाव :- 

  • अगर इस जगह आपको ज्यादा समय बिताना है तो आप इस जगह अपना खाना पीना लेकर जाये क्योकि यहां पर किसी भी तरह की दुकान नहीं हो जहां पर आप खाने पीने का ले सकें। 
  • यहां पर आप शूज पहनकर जाये क्योकि यहां पर आपको नर्मदा नदी में बना सहस्त्रधारा झरना पैदल चलकर जाना होगा, आपको अगर जलप्रपात तक जाना है तो आपके पास पैदल चलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। मेरे हिसाब से आपको चप्पल और सैडल पहनकर चलने में दिक्कत आ सकती है। 
  • आप सहस्त्रधारा जाते है तो आपसे निवेदन है इस जगह गंदगी न करें, आप अपने साथ जो भी कचरा लेकर जाते है वो अपने पास रखें। यहां वहां न फैके। यहां पर सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। सार्वजनिक शौचालय इस जगह में पहुचते साथ बना हुआ है। जब आप इस जगह पहुॅचते है यहां पर मैदान की शुरूवात होती है वही पर सुलभ शौचालय स्थित है। आप वहां पर लेटरिग करें ।
  • आप यहां पर स्नान करते है। तो ज्यादा गहरे में न जाये क्योकि यहां पर आपको बचाने वाला कोई नही रहेगा।
  • अगर आप सहस्त्रधारा जलप्रपात में जाते है तो पानी के तेज वहाव में मत जाये क्योकि  कभी भी कोई भी हादसा हो सकता है। इसलिए आप किनारे में रहकर जलप्रपात का आंनद लें।


Kataw Dham Jabalpur || कटाव धाम की खूबसूरत वदियां

कटाव धाम 

Kataw Dham:- Best Picnic Place in Jabalpur

कटाव धाम जबलपुर का एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थल है, यहां पर आपको नदी, पहाड और प्राचीन मंदिर सभी चीजों के एक ही जगह दर्शन करने मिल जाएगे। यहां पर आपको प्राकृतिक सौदर्य के दर्शन करने मिलेगें। 

Kataw Dham:- Best Picnic Place in Jabalpur
Hanuman ji Temple Kataw Dham


कटाव धाम की स्थिति


कटाव धाम जबलपुर (Kataw dham jabalpur)जिले की सीमा पर स्थित एक प्रसिध्द प्राकृतिक क्षेत्र है जहां की प्राकृतिक खूबसूरत आपको जरूर पसंद आयेगी। जबलपुर-दमोह और कटनी की सीमा पर स्थित कटाव धाम एक ऐसा तीर्थ क्षेत्र है जहां पर कटनी, दमोह और जबलपुर से लोग इस स्थल पर स्थित मंदिर और इसकी सुंदरता निहारने आते है। कटाव धाम जबलपुर से 45 किमी की दूरी पर, कटनी से लगभग 70 किमी की दूरी पर और दमोह से 60 किमी की दूरी पर स्थित होगा। यहां पर आप स्वयं के वाहन से आ सकते है या आप यहां आने के लिए आॅटो भी कर सकते है। यहां पर बस भी चलती है जो आपको इस स्थान तक पहुॅच देगी। यहां पर आपके आने के लिए रोड पक्की मिल जाएगी। कटाव धाम जबलपुर दमोह हाईवे रोड से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। 



Kataw Dham:- Best Picnic Place in Jabalpur
River and Mountain view


कटाव धाम का सौदर्य 


कटाव धाम (Kataw Dham)में नदी बडी बडी चटटान के बीच से निकलती है, जो देखने में बहुत खूबसूरत लगती है। नदी के दोनों ओर आपको मंदिर देखने मिल जाएगा। कटाव धाम में नदी चटटानों की काटकर अपना रास्ता निकली है जिसके कारण इसका नाम कटाव धाम पडा है। यहां पर जो नदी बहती है उसे कनाडी नदी कहते है। यहां पर आपको एक ओर खूबसूरत पहाड और मंदिर देखने मिलेगें वहीं दूसरी ओर पहाडों को काटकर बनाया गया सडक मार्ग आपको देखने मिलेगा। कटाव धाम के चारों तरफ फैला प्रकृति का अनोखा रूप लोगों को यहां रूकने के लिए मजबूरी कर देता है। कटाव धाम से जबलपुर दमोह रोड से सिहोरा या कटनी जाने के लिए रास्ता है। यहां पर जो रास्ता बना है वहां सर्पाकार बना हुआ है। यहां रास्ता चटटानों को काटकर बनाया गया है। यहां पर जो मोड है वो थोडा खतरनाक है, मगर ये वादियों लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर ही लेती है और नदी का व्यू आपको बहुत पसंद आयेगा। 

Kataw Dham:- Best Picnic Place in Jabalpur
River view


कटाव धाम में स्थित मंदिर


कटाव धाम पिकनिक (Kataw Dham Best Picnic Place in Jabalpur) के लिए एक अच्छी लोकेशन है। आप यहां पर पूरा दिन बिता सकते है। कटाव में रोड से नदी के उस पार एक मंदिर है। जो हनुमान जी को समार्पित है। यहां मंदिर चटटानों के उपर लाल रंग बना हुआ है। इस मंदिर नजारा रोड के इस पार से बहुत खूबसूरत लगता है। आप इस मंदिर में गर्मी के समय जा सकते है क्योकि यहां पर मंदिर और रोड के बीच में नदी बहती रहती है। गर्मी में पानी सूख जाता है। यहां पर पहले नदी के आर पार जाने के लिए एक लोहे का पुल बना हुआ था जो अभी नहीं था जब हम बरसात के समय साल 2019 में गये थें । आपको सडक में भी हनुमान मंदिर देखने मिल जाएगें। आप सडक के थोडा आगे जाते है तो आपको नदी का किनारा और श्री राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी का मंदिर देखने मिलेगा। नदी के किनारे पहाडी व्यू आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


कटाव धाम (Kataw dham) मृगन्नाथ का मंदिर है। जो कटाव धाम की उची पहाडी पर स्थित है। आपको यहां पर जाने के लिए सीढियाॅ चढकर जाना होगा। लोगों का मनना है कि इस मंदिर में जाने से सभी काम सिध्द होते है। दूर दूर लोग इस मंदिर में आते है।
कटाव धाम (Kataw dham) में आपको बहुत सारे बंदर देखने मिलेगें आप अपना समान संभलकर रखें क्योकि बंदर आपके समान को छीन सकते है। आप चाहे तो बंदर के लिए कुछ लेकर जा सकते है। यहां पर जो दुकान है वहां पर आपको प्रसाद मिल जाएगा मंदिर में अर्पण करने के लिए।
यहां जगह बहुत खूबसूरत है आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते है। आप यहां पर अपनी फैमिली और फैडस के साथ आ सकते है। 

Most Haunted Place in India:- Kuldhara village || भारत का भूतिया गांव

एक भूतिया गांव :- कुलधरा गांव 


Most Haunted Place in India:- Kuldhara village

कुलधारा गांव भारत देश की सबसे डरावनी जगह में से एक है। लोगों के अनुसार कुलधरा गांव में आत्माओं का वास है। इसे गांव को लोग हान्टेड गांव कहते है। इस गांव के लिए लोगों के लिए अलग अलग कहानियाॅ कहते है। मगर आप जब इस गांव मे जाते है तो आपको यहां पर खूबसूरती देखने मिलती है, आपको गांव के चारों तरफ खंडहर देखने मिलेगे जो प्राचीन समय में घर हुआ करते थे। आपको यहां आकर शांत मिलती है क्योकि यहां पर किसी भी तरह का शोरगुल नहीं है आप पूरे कुलधरा गांव घूमकर देख सकते है, यहां पर कुछ समय के लिए बैठ सकते है, और यह जगह फोटो क्लिक करने के लिए बेस्ट प्लेस है। 
Most Haunted Place in India:- Kuldhara village
Kuldhara village


कुलधरा गांव राजस्थान राज्य के जैसेलमेर जिले में स्थित है। यह जैसेलमेर शहर से लगभग 18 किमी की दूरी पर होगा, आपको यह तक पहुॅचने के लिए अपनी वाहन से जाना होगा या फिर आपको गाडी बुक करना होगा क्योकि मुझे नहीं लगता है कि यहा पर कोई बस चलती होगी। आप जब इस गांव में जाते है तो आपको रोड में बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है, आपको जैसलेमर में ज्यादातर पत्थर के ही घर देखने मिलेगें, जो देखने में बहुत खूबसूरत होते है। आपको यह पर दूर दूर सुनसान वीरान देखने मिलेगा और आपको पवन चक्की भी देखने मिलेगी।  आप जब इस गांव में पहुॅचते है तो एंट्री गेट से आपको 1 किमी तक जाना होता है इस गांव की सैर करने के लिए, आपको यहां पर कैक्टस का एक बगीचा भी देखने मिलेगा मगर लोग इस बगीचे में नहीं जाते है आप चाहे तो देख सकते है। यहां पर एक वैन मे केन्टीन की सुविधा है जहां से आप खाने और पीने का सामान ले सकते है, मगर आप कचरा डस्टबिन मे डालें इस बात का आप जरूर ख्याल रखें। कुलधरा साइट बहुत साफ सुधरी है यहां पर ज्यादा गंदगी नहीं है, आप भी जरूर ध्यान दें। आपको यहां पर वाशरूम की सुविधा नही मिलेगी। 
Most Haunted Place in India:- Kuldhara village
Kuldhara village


आप इस गांव में पहुॅचते है तो आपको यह पर सरकार की तरफ से एक बोर्ड देखने मिलेगा, वैसे यह जगह बहुत अच्छी एवं शांत है। यहां पर किसी भी तरह का शोर गुल नहीं है। यहां पर आपको खंडहर देखने मिलेगें जो प्राचीन समय में लोगों के घर हुआ करते थे। यहां पर कुछ नये निर्माण भी किए गए है जो सरकार के द्वारा हुए है। यहां पर एक प्राचीन मंदिर भी है जहां पर किसी भी प्रकार की मूर्ति की स्थापना नहीं कि गई है। मगर मंदिर की डिजाइन बहुत खूबसूरत है। मंदिर पूरा पत्थर से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों पर  पत्थर पर खोद कर नक्काशी की गई है। उसमें विभिन्न फूल एवं अन्य डिजाइन का निर्माण किया गया है। यहां मंदिर जरूर पुराने समय का होगा। जो नये निर्माण सरकार के द्वारा किये गए है वहां आपको देखने में अलग ही समझ आ जाएगे। कुलधरा गांव का पूरा परिसर बार्डर के द्वारा घिरा हुआ है। आप पूरा गांव घूमकर देख सकते है। आपको बहुत सारी रूचिकर चीजे देखने मिल सकती है। 
Most Haunted Place in India:- Kuldhara village
Kuldhara village


इस गांव के बारे में सरकार और यहां के लोगों का कहना अलग अलग है। सरकार का कहना है कि यहां पर पानी का कमी या भुकम्प के वजह से पूरे गांव को लोगों ने एक रात में गांवं खाली कर दिया और लोगों के अनुसार इस गांव का विनाश जैसेलमेर के राज्य मंत्री सलीम सिंह के कारण हुआ है। प्राचीन समय में इस गांव में  पालीवाल ब्राहमण रहते थे और सलीम सिंह इस क्षेत्र का मंत्री था। सलीम सिंह गाँव वालों से शख्ती से पेश आता था। एक बार सलीम सिंह को गांव की एक लडकी पसंद आ गई, सलीम सिंह ने गांव वालों से लडकी से शादी करने का प्रस्ताव रखा और कहा कि गांव वाले नहीं मानेगे तो वहां लडकी को उठाकर ले जायेगा। गांव वालो ने सलीम सिंह को समझने की बहुत कोशिश की लडकी ब्राहमण समाज की है और आप क्षत्रिय है ऐसा नही हो सकता है, पर सलीम सिंह ने किसी की भी नहीं सुनी । उसी रात को गांवो वालों ने एक बैठक बुलाई और कुलधरा और आसपास के गांव को छोडने का फैसला लिया और एक रात में ही कुलधारा गांव खाली हो गया, गांव वाले जाते जाते कुलधारा गांव को श्राप देकर गये, ये गाॅव दुबारा कभी भी न बस पायेगा। उस समय से कहा जाता है कुलधरा गांव में आत्माओं का वास है। यह पहले रात और दिन में कोई जाता नहीं था क्योकि यहां पर भूत प्रेत रहते थे। यह गाँव अभी भी भूतिया गाँव कहलाता है लेकिन अभी राजस्थान सरकार ने इसे पर्यटन स्थल का दर्जा दे दिया है,इस कारण अब यहां रोजाना हजारों की संख्या में देश एवं विदेश से पर्यटक आते रहते है।

Most Haunted Place in India:- Kuldhara village


दोस्तो कुलधरा का मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा है, यहां बहुत खूबसूरत जगह है जहां पर जाकर आपको प्राचीन समय के बारे में जानकारी मिल सकती है। यहां पर पूरे कुलधरा परिसर में खंडहर ही खंडहर है। आपको यहां पर बहुत शाती मिलेगी यहां बहुत शांत जगह है। 


Famous Fair in Madhya Pradesh :- Satdhara Mela / मध्यप्रदेश का प्रसिध्द मेला :-सतधारा का मेला

सतधारा का मेला

Famous Fair in Madhya Pradesh :- Satdhara Mela

सतधारा का मेला प्राचीन समय से हिरन नदी के तट पर लगता आ रहा है। यहां का वातावरण बहुत अच्छा है। यहां पर दूर दूर से लोगों आते मेले को  घूमने के लिए, यहां मेला लकडी से सम्बान्धित समान के लिए प्रसिध्द है। यहां पर नदी का नजारा बहुत शानदार होता है और नदी का पानी कंचन के सामान साफ है। यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर अनेकों तरह की दुकानें लगती है। 
Famous Fair in Madhya Pradesh :- Satdhara Mela

मेला कब और कहाॅ लगता है

सतधारा का मेला जबलपुर (Satdhara Mela jabalpur)जिले की सिहोरा तहसील से 20 किमी की दूरी पर कुम्ही नाम के गाॅव के पास लगता है। यहां पर हिरन नदी बहती है, नदी के बाजू से ही मेला लगता है। यहां पर नदी के समीप ही शंकर जी का मंदिर है और नदी के समीप में अनोखी प्रातिमा विराजमान है जो देखने में बहुत आकर्षक है। यहां पर हिरन नदी का नजारा बहुत सुंदर लगता है। यहां पर हिरन नदी सात धाराओं में बॅट जाती है। यहां मेला मकर संक्राति के बाद लगता है। हम लोग 20 जनवरी को गए थे तब मेला लगना शुरू हुआ था। बहुत सी दुकान न्यू खुलने की तैयारी हो रही थी। यहां पर आप अपनी गाडी से आसानी से आ सकते है। गूगल मैप में भी सही दिशा निर्देश दिए गए है। आप यहां असानी से आ सकते है। इसके अलावा यहां पर बस भी चलती है मगर उनका टाइम टेबल का आपको ध्यान रखना होगा। 
Famous Fair in Madhya Pradesh :- Satdhara Mela
Satdhara Hiren river view

सतधारा मेले (Satdhara Mela)का महत्व

सतधारा का मेला लकडी से बने समान के लिए पूरे देश में प्रसिध्द है। यहां मेला करीब 300 साल प्राचीन समय से लगता हुआ आ रहा है। हिरन नदी के बाजू में शिव भगवान का मंदिर स्थित है। यहां पर रानी दुर्गावती के कार्यभारी गंगाराम गोसाई ने एक पर्थिव शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करते है। वहां शिवलिंग पत्थर में परिवर्तित हो गया। उस शिवलिंग की स्थापना इस मंदिर में कराई गई है और इस मेले का आरम्भ हो गया है। गंगाराम गोसाई की अग्रेजों से मुठभेड में मृत्यु हो गई थी और उनकी समाधि मंदिर के बाजू में स्थित है।
Famous Fair in Madhya Pradesh :- Satdhara Mela

सतधारा का मेला (Satdhara Mela)धार्मिक क्षेत्र भी है

यहां स्थान सात ऋषियों ने तपस्या और उनके प्रभाव के कारण जाना जाता था। कहा जाता है उनके तप के प्रभाव से नदी का वेग थम गया था। तब हिरन नदी ने ऋषियों से प्रर्थाना की उन्हे आगे जाने का मार्ग दिया जाये मगर ऋषियों ने कहा कि वह अपनी तपस्या बीच में नहीं छोडे सकते है, तब हिरन नदी अपने वेग को सात धाराओं में विभक्त करना पडा और नदी ऋषियों के बीच से होते हुए दूध की सामान धाराओं के सामान आगे प्रवहित हुई। इस कारण इस जगह का नाम सतधारा पडा। यहां पर कुम्ही गांव बसा हुआ है इसलिए इसे कुम्ही सतधारा कहा जाता है। 
Famous Fair in Madhya Pradesh :- Satdhara Mela
Hiren River view

मेरे विचार

यहां पर गाडी स्टैड का चार्ज बहुत ज्यादा लगा है 20 रू एक गाडी का ये मुझे लगा है। आप अपने विचार जरूर बताये। बाकी मेला बहुत अच्छा ये जगह बहुत मस्त है। नदी इस जगह ज्यादा गहरी भी नहीं है। यहां पर कई सारी दुकाने एवं झूले लगे है जहां पर आप मजे कर सकते है। यहां पर शंकर जी का मंदिर बहुत अच्छा है।