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पचमढ़ी झील - Pachmarhi lake | Boating in pachmarhi lake

पचमढ़ी लेक - Pachmarhi jheel | पचमढ़ी झील में नौका विहार

पचमढ़ी झील - Pachmarhi lake | Boating in pachmarhi lake

पचमढ़ी (pachmarhi) एक हिल स्टेशन है। पचमढ़ी (pachmarhi) मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित है। पचमढ़ी में बहुत सारी दर्शनीय जगह स्थित है, उनमें से एक जगह है - पचमढ़ी झील (pachmarhi lake)

पचमढ़ी झील
(pachmarhi lake) बहुत सुंदर है और यह पचमढ़ी (pachmarhi) शहर से करीब एक या डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी।  आप इस झील तक पैदल ही जा सकते हैं।  इस झील का नजारा बहुत खूबसूरत रहता है और इस झील में आपको कमल के फूल देखने के लिए मिल सकते हैं।  यह झील बरसात में पानी से पूरी तरह से भर जाती है।  गर्मी के समय यह झील सूख जाती है।  झील के पास ही में एक गार्डन बना हुआ है। गार्डन में एंट्री फ्री है। गार्डन में आकर आप पचमढ़ी झील (pachmarhi lake) का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गार्डन में तरह-तरह की फूल लगे हुए हैं। इस गार्डन में आकर आप बहुत लम्बा वॉक कर सकते हैं।  

इस गार्डन में आपके घूमने के लिए बहुत बड़ी जगह है, जहां पर आप शांति से घूम सकते हैं। पचमढ़ी झील
(pachmarhi lake) में बरसात के समय  आप नाव की सवारी का  मजा ले सकते हैं।  यहां पर नाव की सवारी का आपको अलग-अलग कीमत देनी पड़ती है। पचमढ़ी गार्डन (pachmarhi garden) के बाहर ही आपको बहुत सारी दुकानें देखने के लिए मिलती हैं, जहां पर खाने-पीने की सामग्री मिलती है।  आप को  गार्डन के बाहर  घुड़सवारी करने के लिए भी मिलती है।  यहां पर बहुत सारे लोग घुड़सवारी का मजा भी लेते हैं। पचमढ़ी झील गर्मी के समय सूख जाती है। गर्मी के समय पचमढ़ी झील (pachmarhi lake) में चोई जम  जाती है। पचमढ़ी झील (pachmarhi lake) का पानी इतना कम हो जाता है, कि आप इस झील के आर पार तक जा सकते हैं। गार्डन में बैठने के लिए पत्थर के कुरसी बने हुए हैं।  आप इन कुरसी में बैठकर इस झील का नजारा देख सकते हैं। झील के बीच से 1 पुल निकलता है।  इस पुल से ही आप पचमढ़ी के अन्य दर्शनीय स्थलों को घूमने के लिए रास्ता निकलता है। पचमढ़ी झील (pachmarhi lake) के थोड़े से दूरी पर ही आपको एक चर्च देखने के लिए मिलता है, जो बहुत पुराना चर्च है और अंग्रेजों के समय बनाया गया था। इसका डिजाइन भी बहुत अद्भुत है।  यह जगह आपको बहुत खूबसूरत लगती है।  इस जगह में आप अपना शाम के समय आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और एक अलग ही अनुभव मिलेगा। 


पचमढ़ी के मंदिर - Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


पचमढ़ी मंदिर - Pachmarhi ka mandir 

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra

महादेव मंदिर चौरागढ़ पचमढ़ी - Mahadev mandir chauragarh pachmarhi | chauragarh mandir

चौरागढ़ पचमढ़ी का एक धार्मिक स्थल है। चौरागढ़ पर एक मंदिर स्थित है, जो शिव भगवान जी को समर्पित है। चौरागढ़ का महादेव मंदिर बहुत प्राचीन मंदिर है। महादेव मंदिर पचमढ़ी में एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। महादेव मंदिर में जाने के लिए आपको करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। महादेव मंदिर में पहुंचने का जो रास्ता है, वह पूरा जंगल से घिरा हुआ है। महादेव मंदिर में आपको शंकर भगवान जी की अद्भुत प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप इस मंदिर से पचमढ़ी के चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम होता है। इस मंदिर में नागद्वार, महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर मेला लगता है और लाखों की संख्या में लोग भगवान शंकर जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

काल भैरव गुफा चौरागढ़ - Kaal bhairav gufa chauragarh

काल भैरव गुफा चौरागढ़ जाने वाले रास्ते में ही पड़ती है।  यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। इस गुफा तक जाने का रास्ता बहुत ही दुर्गम है। आप यहां पर शिवरात्रि और नाग पंचमी के समय जा सकते हैं, क्योंकि इस समय यहां पर बहुत भीड़ रहती है। यहां पर बहुत सारे लोग इस समय यात्रा करते हैं, तो आप भी इस समय काल भैरव गुफा घूम सकते हैं।

वैदेही गुफा चौरागढ़ - Vaidehi gufa chauragarh

वैदेही गुफा चौरागढ़ जाने वाले रास्ते में पड़ती है। यह एक छोटी सी गुफा है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में सीता जी इस गुफा में स्नान किया करती थी। आप यहां पर रुक कर फोटोग्राफी का मजा ले सकते हैं और यहां से पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों का दृश्य देख सकते हैं।

बड़ा महादेव पचमढ़ी  - Bada mahadev pachmarhi

बड़ा महादेव पचमढ़ी का एक धार्मिक स्थल है। बड़ा महादेव एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। इस गुफा में हमेशा पानी रिसता रहता है। गुफा के अंदर शिव भगवान जी का एक शिवलिंग विराजमान है। गुफा के प्रवेश द्वार पर एक पत्थर का शिवलिंग विराजमान है।  गुफा में एक कुंड भी बना हुआ है। यहां पर आकर आपको बहुत शांति मिलती है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


गुप्त महादेव पचमढ़ी  - Gupt mahadev pachmarhi

गुप्त महादेव पचमढ़ी में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। गुप्त महादेव बड़ा महादेव मंदिर से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा। आपको मंदिर तक पैदल चलकर जाना पड़ता है। यहां पर आपको एक सकरी गुफा देखने के लिए मिलती है, जिसके अंदर शिवलिंग विराजमान है। इस गुफा में एक बार में केवल 8 लोग ही अंदर जा सकते हैं। इस गुफा के बाहर आपको हनुमान जी की विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


जटाशंकर मंदिर पचमढ़ी - Jatashankar mandir pachmarhi

जटाशंकर पचमढ़ी का एक दर्शनीय स्थान है। यह एक धार्मिक स्थल है। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यह मंदिर खाई में स्थित है। आप को मंदिर जाने के लिए नीचे उतरना पड़ता है। नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।  जटाशंकर की गुफा जाने के रास्ते में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। जटाशंकर गुफा में  24 घंटे पानी रिसता रहता है। यहां पर एक कुंड बना हुआ है। कुंड के ऊपर एक पत्थर लटका हुआ है, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगता है। आपको यहां पर पत्थर पर बहुत सारी आकृतियां देखने के लिए मिल जाती हैं।  यह जगह बहुत ही मनोरम है और यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


नागद्वार मंदिर पचमढ़ी - Nagdwar mandir pachmarhi

नागद्वार पचमढ़ी का एक दर्शनीय स्थान है।  इस जगह में साल में सिर्फ एक ही बार जाया जा सकता है। यह जगह नाग पंचमी के समय 10 दिनों के लिए खोली जाती है। इस समय पचमढ़ी में विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग भाग लेते हैं। नागद्वार के मंदिरों में जाने का रास्ता बहुत ही दुर्गम है। यह मंदिर जंगल के बीच में है। इन मंदिरों में पहुंचने के लिए आपको ऊंची ऊंची घाटियां, पहाड़ियां,  बहते हुए झरने पार करने पड़ते हैं। इस जगह में आकर आपको बहुत सारी शांति मिलती है। यहां पर बहुत सारे मंदिर है। इन मंदिरों के बारे में आइए जानते हैं।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


श्री नागद्वार स्वामी मंदिर या श्री पद्म शेष मंदिर - shri nagdwar swami mandir or  padamshesh mandir pachmarhi

पद्म शेष मंदिर नागद्वार का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में आने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। इस मंदिर में जाने का रास्ता जंगल से भरा हुआ है। यहां पर आपको ऊंची ऊंची घाटियां, बहते हुए झरने, पहाड़ियां देखने के लिए मिलती हैं। यह मंदिर नाग देवता को समर्पित है। यहां पर आपको भगवान शंकर जी का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक  गुफा है। इस गुफा में जाने के लिए नाग पंचमी के समय पर बहुत लंबी लाइन लगती है। नाग पंचमी के समय पर यहां पर लोगों के ठहरने की व्यवस्था भी रहती है और उनके खाने पीने की व्यवस्था भी रहती है। यहां पर नाग पंचमी के समय जो माहौल रहता है। वह पूरा भक्तिमय रहता है और इस माहौल में आपको आकर मन की शांति मिलेगी। यहां पर आपको ऊंची ऊंची पहाड़ियां और पहाड़ियों में उभरी हुई आकृतियां देखने के लिए मिलती हैं, जो बिल्कुल नाग भगवान की तरह रहती हैं। यह जगह आश्चर्य से भरी हुई है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


पश्चिम द्वार पचमढ़ी - Paschim dwar nagdwar pachmarhi

पश्चिम द्वार नागद्वार की एक धार्मिक जगह है। यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती हैं। इस गुफा में शिवलिंग विराजमान है। यहां पर आपको पहाड़ी से गिरता हुआ झरना देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर लगता है, जिसमें बहुत सारे लोग आप को नहाते हुए देखने के लिए मिल जाते हैं। इस झरने का पानी गुफा के अंदर से तेजी से बहता है, जो एक अलग अनुभव रहता है। नाग पंचमी के समय बहुत से यात्री नागद्वार की यात्रा करते हैं, तो जगह-जगह पर आपको भंडारे की व्यवस्था मिलती है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और पूरी तरह प्राकृतिक है।

निशानगढ़ पर्वत नागद्वार पचमढ़ी - Nishan gad pachmarhi

निशान गढ़ पर्वत नागद्वार में स्थित एक ऊंचा पर्वत है। इस पर्वत के ऊपर शिव भगवान जी विराजमान है। बहुत सारे लोग इस पर्वत के दर्शन करने के लिए आते हैं और इस पर्वत पर चढ़ाई करते हैं।  यहां से चारों तरफ का व्यू बहुत ही अद्भुत होता है और शिव भगवान जी के दर्शन का एक अलग ही अनुभव होता है।

स्वर्गद्वार पचमढ़ी - Swargadwar pachmarhi

स्वर्गद्वार नागद्वार में स्थित एक ऊंचा पहाड़ है। यहां पर शंकर भगवान जी की एक गुफा स्थित है।  गुफा के अंदर शिवलिंग विराजमान हैं। यहां से आपको पचमढ़ी की खूबसूरत वादियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर पहुंचने का रास्ता बहुत कठिन है। स्वर्गद्वार ऊंचे पहाड़ पर स्थित है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर भी आपके रुकने की और खाने पीने की व्यवस्था रहती है। यहां पर पहाड़ी के ऊपर एक गुफा बनी हुई है, जिस पर लोग नींबू फेंकते हैं और नींबू उस गुफा के अंदर जाना चाहिए। माना जाता है, कि जिसका भी नीबू गुफा के अंदर जाएगा। उसकी मनोकामना पूरी होगी और यहां पर बहुत सारे लोग आपको नींबू गुफा के अंदर फेंकते हुए देखने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर भगवान शिव के भजन चलते रहते हैं। यहां पर आकर एक अलग ही अनुभव होता है।

चित्रशाला पचमढ़ी - Chitrashala pachmarhi

चित्रशाला पचमढ़ी में स्थित एक दर्शनीय जगह है। यहां पर पहाड़ी के ऊपर एक मंदिर स्थित है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी है। यहां पर एक प्रकार से बहुत बड़ा मेला लगता है और आपको बहुत सारे खाने-पीने की दुकानें मिल जाती हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप ऊंचे ऊंचे पहाड़ देख सकते हैं। आप इन पहाड़ों पर भी जा सकते हैं। मगर बरसात के समय आपको इन पहाड़ों पर संभल कर जाना चाहिए, क्योंकि पहाड़ों पर बहुत ज्यादा फिसलन होती है।

नंदीगढ़ पचमढ़ी - Nandigarh pachmarhi

नंदीगढ़ नागद्वार में घूमने की एक बहुत ही खूबसूरत जगह है। यहां पर एक ऊंचा पहाड़ है, जिसका आकार नंदी के समान है।  यहां पर पहाड़ के ऊपर शिव भगवान जी का शिवलिंग स्थापित है।  इस पहाड़ के ऊपर बहुत से लोग चढ़ाई करके जाते हैं।  इस पहाड़ से चारों तरफ का दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

इन जगहों के अलावा भी नागद्वार में बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आपको पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यह यात्रा करीब 18 से 20 किलोमीटर लंबी रहती है और यहां का पूरा रास्ता जंगल का रहता है।  ऊंचे ऊंचे नदी, नाले, पहाड़ी, चट्टाने आपको देखने के लिए मिलती है और इन्हीं रास्तों से होकर आप इन मंदिरों तक पहुंच सकते हैं।

अम्बा माई मंदिर पचमढ़ी - Amba mai mandir pachmarhi

अंबा माई मंदिर पचमढ़ी जाने वाले रास्ते में पड़ता है। यह मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर के प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। यहां पर दो शेरों की मूर्ति विराजमान की गई है। आप मंदिर के अंदर जाते हैं, तो मंदिर में आपको अंबा माई की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। इसके अलावा यहां पर शिवलिंग स्थापित है। भैरव बाबा की मूर्ति स्थापित है। राधा कृष्ण की मूर्ति स्थापित है और श्री राम और माता सीता की मूर्ति स्थापित है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। अंबा माई मंदिर के थोड़ा ही आगे आपको बेगम पैलेस देखने के लिए मिलता है, जो एक प्राचीन महल है।

रजत प्रपात पचमढ़ी
बी फॉल पचमढ़ी
अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी
पचमढ़ी यात्रा

पचमढ़ी यात्रा - Jabalpur to Pachmarhi Travel | One day trip to pachmarhi

जबलपुर से पचमढ़ी तक की यात्रा - Pachmarhi darshan | Pachmarhi Travel | Pachmarhi yatra


पचमढ़ी यात्रा - Jabalpur to Pachmarhi Travel | One day trip to pachmarhi
हांडी खोह


पचमढ़ी यात्रा - Jabalpur to Pachmarhi Travel | One day trip to pachmarhi
बेगम पैलेस


जबलपुर से पचमढ़ी जाने के दो माध्यम है। एक माध्यम है ट्रेन के द्वारा और दूसरा माध्यम है सड़क के द्वारा। आप ट्रेन के द्वारा पचमढ़ी पहुंच सकते हैं। जबलपुर से पचमढ़ी के लिए बहुत सारी ट्रेनें चलती हैं। जबलपुर से  करीब 2 से 3 घंटे में आप पचमढ़ी पहुॅच सकते हैं। अगर आप 1 दिन की यात्रा का प्लान बनाकर पचमढ़ी घूमने जा रहे है, तो आप जबलपुर से सुबह की ट्रेन ले सकते है। जबलपुर से पचमढ़ी के लिए सुबह के समय बहुत सारी ट्रेनें चलती है। आप ट्रेन के टिकट ऑनलाइन भी बुक कर सकते हैं। मगर आप स्टेशन में सही समय पर पहुंच जाइए। 5:30 बजे जबलपुर स्टेशन से ट्रेन मिल जाती हैं। यह ट्रेन मदन महल स्टेशन में भी आपको मिल जाएगी, तो आप मदन महल स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकते हैं। जबलपुर से पचमढ़ी में पड़ने वाले स्टेशन है - भेड़ाघाट, भिटौनी, विक्रमपुर, श्रीधाम, बेलखेड़ा, नरसिंहपुर, करेली, गाडरवारा, बोहनी, सालीचौका, बनखेड़ी । इन रेलवे स्टेशनों में आपकी ट्रेन रुकती है, उसके बाद पिपरिया रेलवे स्टेशन में आपको उतरना पड़ता है। पिपरिया से पचमढ़ी करीब 60 किलोमीटर दूर होगा। पिपरिया से पचमढ़ी आपको रोड के माध्यम से जाना पड़ता है। पिपरिया में आपको बहुत सारे साधन मिल जाते हैं, पचमढ़ी जाने के लिए। पिपरिया रेलवे स्टेशन के बाहर ही बस स्टैंड है, जहां से आप बस ले सकते हैं। अगर आप पचमढ़ी जाने के लिए 1 दिन का प्लान बना रहे हैं, तो आप जिप्सी ले सकते हैं। जिप्सी आप को पिपरिया रेलवे स्टेशन में बुक करना पड़ता है। जिप्सी वाला आपको पचमढ़ी के सभी दर्शनीय जगह घुमा देगा। 

Places to visit in Pachmarhi in one day

पचमढ़ी यात्रा - Jabalpur to Pachmarhi Travel | One day trip to pachmarhi
कैथोलिक चर्च





पचमढ़ी यात्रा - Jabalpur to Pachmarhi Travel | One day trip to pachmarhi
प्रियदर्शनी



जिप्सी वाला आपको सबसे पहले बेगम पैलेस घुमाएगा, जो पचमढ़ी जाने के रास्ते में पड़ता है। बेगम पैलेस के पास आपको अंबा माई मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। उसके बाद आप जटाशंकर मंदिर घूम सकता है। जटाशंकर मंदिर मुख्य पचमढ़ी शहर में ही स्थित है। यह मंदिर खाई में स्थित है और यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। गुफा  पर 24 घंटे पानी रिसता रहता है। यहां पर एक कुंड भी बना हुआ है, जिसमें पानी भरा हुआ है। जटाशंकर की गुफा जाते समय आपको अन्य मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। उसके बाद आप पांडव गुफा जा सकते हैं। पांडव गुफा में आपको पांच गुफाएं देखने के लिए मिलती है, जो पत्थर की बनी रहती है। इन गुफाओं के बारे में कहा जाता है, कि यह गुफाओं पांडवों द्वारा बनवाया गया था। इन गुफाओं में पांडव रहते थे। सभी के लिए अलग-अलग गुफाएं बनी हुई है। सबसे बड़ी गुफा में द्रोपति के रहने के लिए बनाई गई थी। पांडव गुफा के पास एक बड़ा सा गार्डन देखने के लिए मिलता है। उसके बाद आप हांडी खोह घूम सकते हैं। हांडी खोह में आपको एक खाई देखने के लिए मिलती है। यह खाई 300 फीट गहरी है और इस खाई का शेप हांडी के आकार का है। उसके बाद प्रियदर्शनी घूम सकते हैं। प्रियदर्शनी में आपको पचमढ़ी की खूबसूरत वादियां देखने के लिए मिलती हैं । उसके बाद आप बड़ा महादेव जा सकते है। बड़ा महादेव में एक गुफा है। यहां पर शिवलिंग आप देख सकते हैं। गुफा में हमेशा पानी रिसता रहता है। बड़ा महादेव के आगे आपको गुप्त महादेव देखने के लिए मिलता है। गुप्त महादेव में एक सकरी गुफा है। सकरी गुफा के अंदर शिवलिंग विराजमान है। यहां से चौरागढ़ जाने का भी रास्ता आपको देखने मिलता है। मगर आपको चौरागढ़ जाने में 1 दिन लग जाता है और इसके बाद आपके पास समय बचता है, तो आप राजेंद्र गिरी जा सकते हैं। राजेंद्र गिरी एक प्वाइंट है। यहां से आप सनसेट का बहुत ही मनोरम दृश्य देख सकते हैं।  पचमढ़ी में कैथोलिक चर्च है।  वह मुख्य सड़क में स्थित है।  आप वहां पर भी जा सकते हैं।  पचमढ़ी की  मुख्य रोड पर पचमढ़ी झील  है। आप इस झील को पचमढ़ी के अन्य दर्शनीय स्थलों को  देखने जाते समय घूम सकते हैं।  उसके बाद आप वापस घर आने के लिए ट्रेन पकड़ सकते हैं। पिपरिया रेलवे स्टेशन में आपको जबलपुर के लिए बहुत सारी ट्रेनें मिल जाते हैं। शाम को पिपरिया रेलवे स्टेशन से आप जबलपुर आ सकते हैं। 

रजत प्रपात पचमढ़ी - Silver falls pachmarhi | Rajat prapat pachmarhi

सिल्वर फॉल पचमढ़ी - Silver waterfall Pachmarhi | Rajat waterfall Pachmarhi


रजत प्रपात पचमढ़ी - Silver falls pachmarhi | Rajat prapat pachmarhi


रजत जलप्रपात पचमढ़ी का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है। इस जलप्रपात को सिल्वर जलप्रपात या रजत जलप्रपात भी कहते है। रजत जलप्रपात पचमढ़ी में घूमने वाला एक दर्शनीय स्थल है। रजत का मतलब होता है - चांदी। चांदी एक धातु है और इसके गहनें बनाये जाते है। यह धातु चमकदार होती है। रजत जलप्रपात भी दूर से देखने में चांदी के सामान चमकता है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है।

रजत जलप्रपात में पहुंचने के लिए आपको घने जंगलों के बीच में से पैदल चलना पड़ता है। यह जलप्रपात अप्सरा जलप्रपात के आगे है। इस जलप्रपात में बरसात में ज्यादा पानी रहता है। बरसात के समय रजत जलप्रपात घूमने का सबसे अच्छा समय है। इस समय आपको जंगल में हर जगह छोटे छोटे झरनें देखने मिल जाते है। गर्मी में पानी इस झरनें में रहता है, मगर कम रहता है। 

रजत जलप्रपात की ऊंचाई 130 फीट है। इस जलप्रपात को आप उपरी हिस्सा देख सकते है। इसका निचला हिस्सा आपको दिखाई नहीं देगा। यह झरना हरियाली से घिरा हुआ है। आपको इस झरनें तक पहुॅचने के लिए आपको पैदल चलना पडता है, क्योंकि यह झरना बीच जंगल में स्थित है। रजत जलप्रपात पचमढ़ी से 2 या 3 किलोमीटर दूर होगा। आप इस झरनें तक पैदल ही आना होगा, मगर आप इस झरनें में जिप्सी और बाइक या साइकिल से आ सकते है। जिप्सी पचमढ़ी में असानी से मिल जायेगी। बाइक या साइकिल आपको पचमढ़ी में किराये पर मिल जाती है। इस झरनें के प्रवेश द्वार पर पहुॅचकर आपको पैदल चलना पडता है। यह करीब आपको 1 या 1.5 किलोमीटर दूर आपको पैदल चलना पडेगा। उसके बाद आपको रजत जलप्रपात देखने मिलता है। आपको यहां पर पचमढ़ी की खूबसूरत वदियां देखने मिलती है। 

अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी - Apsara vihar pachmarhi | Apsara falls pachmarhi

अप्सरा जलप्रपात पचमढ़ी - Apsara vihar in pachmarhi


अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी  - Apsara vihar pachmarhi | Apsara falls pachmarhi


अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी का एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस जलप्रपात में एक प्राकृतिक पूल बना हुआ है, जिसमें आप नहाने का मजा ले सकते है। अप्सरा विहार जलप्रपात में पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। पचमढ़ी हरे-भरे जंगलों से घिरा हुआ है और जलप्रपात पर जाने का जो रास्ता है, वह भी हरा भरा है। यह रास्ता जंगल से घिरा हुआ है। यहां पर आपको कुछ रास्ता कच्चा और कुछ रास्ता पक्का मिलेगा। मगर आपको पैदल चलने में मजा आयेगा। 

अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर है। आप पचमढ़ी शहर से इस झरनें के प्रवेश द्वार तक जिप्सी से आ सकते है। पचमढ़ी के दर्शनीय स्थलों को घूमने में जिप्सी का प्रयोग किया जाता है। आप चाहे, तो यहां पर बाइक या साइकिल से भी आ सकते हैं। बाइक और साइकिल आपको पचमढ़ी शहर में किराए पर मिल जाती हैं। जिप्सी को प्रवेश द्वार के पास पार्क करके आप झरनें तक पैदल जा सकते है। आपको यहां पर करीब 1 किलोमीटर पैदल चलना पडता है। 

आप अप्सरा विहार जलप्रपात के पास पहुॅचते है, तो आपको छोटे छोटे झरने गिरते हुए दिखते है। फिर यह पानी एक बडे कुण्ड में गिरता है। यहां एक प्राकृतिक कुंड है, जो ज्यादा गहरा नहीं है। आप इसमें नहा सकते हैं और जिंदगी का आनंद ले सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं। अप्सरा विहार का नाम एक अनोखा नाम है। इस जलप्रपात में पुराने समय में अग्रेजों अफसरों की पत्नीयां स्नान किया करती थी, जिनकों यहां पर रहने वाले अदिवासी उन्हें देखा करते थे। वे लोग अग्रेजों अफसरों की पत्नीयां को अप्सरा समझाते थे और इस तरह यह जलप्रपात को अप्सरा जलप्रपात कहा जाना लगा। 
  

बी फॉल पचमढ़ी - Bee waterfall pachmarhi | B fall pachmarhi

जमुना जलप्रपात - Bee fall pachmarhi madhya pradesh | Jamuna Falls Pachmarhi



बी फॉल पचमढ़ी - Bee waterfall pachmarhi | B fall pachmarhi


बी फॉल पचमढ़ी (bee fall Pachmarhi) में स्थित एक खूबसूरत जलप्रपात है। आप जब भी पचमढ़ी की सैर करने जाते है, तो इस जलप्रपात में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस झरने को जमुना जलप्रपात के नाम से भी जाना जाता है। इस जलप्रपात में आप जिप्सी के द्वारा पहुंच सकते हैं। पचमढ़ी के दर्शनीय स्थलों की सैर करनें का सबसे अच्छा साधन जिप्सी है। आप इस जलप्रपात में साइकिल और बाइक के द्वारा भी पहुंच सकते हैं। यह साइकिल और बाइक भी पचमढ़ी में आपको किराए पर उपलब्ध हो जाते हैं।

बी फॉल (
bee fall) का नाम बी फॉल (bee fall) इसलिए रखा गया है, क्योंकि कहा जाता है कि यह पूरा क्षेत्र जंगल से घिरा हुआ है। इस एरिया में बहुत सारी मधुमक्खियों के छत्ते पाए जाते हैं। यहां पर आपको बोर्ड भी देखने के लिए मिलता है, जिसमें सरकार के द्वारा चेतावनी दी गई है, कि मधुमक्खियों से सावधान रहे और किसी भी तरह की छेड़खानी ना करें। इसके अलावा बी फॉल (bee fall) काफी ऊंचाई से गिरता है, जिससे जलप्रपात की जो आवाज रहती है वह मधुमक्खियों के भुनभुनाने की तरह आती है। इसलिए भी इस जलप्रपात को बी फॉल (bee fall) कहा जाता है।

बी फॉल
(bee fall) में पहुंचने के लिए आपको नीचे की तरह आना पडता है। यहां पर जलप्रपात तक पहुॅचने के लिए सीढियां बनाई गई है। यह करीब 100 या 150 सीढ़ियां होगें, जिसको उतरते हुए आप थक जाते है। मगर नीचे अगर आप थकान मिट जाती है। पहाडों के उपर से गिरता झरना बहुत ही मनोरम लगता है। आप इस झरने में नहाने का मजा ले सकते हैं। झरने के पास ही में आपको कुछ शॉप देखने के लिए मिल जाते हैं, जहां पर आप को नहाने के लिए कपड़े किराया पर मिल जाते हैं। आप अगर अपने साथ एकस्ट्रा कपड़े नहीं लाते है, तो यहां से कपड़े किराए पर लेकर नहा सकते हैं। आपको यहां पर मैंगी की कुछ अन्य शाॅप भी देखने मिलती है। आप यहां पर खाने का मजा भी ले सकते है। यहां पर चेंजिंग रूम भी बना हुआ है। इस झरने के नजदीक आकर आप को लगेगा कि आप प्रकृति की करीब आ गए है। यह जगह बहुत शांत और बहुत अच्छी है। बी फाॅल (bee fall) के जाने वाले रास्ते में आपको एक आर्टिफिशियल झरना देखने मिलता है,  जिससे पानी बहता है। इस झरने में आप बहुत सारी मछलियां देख सकते हैं। आप यहां पर अपने पैर डालकर बैठ सकते हैं और मछलियां आपके पैरों को गुदगुदी करेगी जो एक अच्छा अनुभव रहता है। पचमढ़ी एक बहुत ही मनोरम जगह है और यहां पर जाकर एक अलग अनुभव मिलता है। 


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#bwaterfalls

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Information about Pandava Cave of Pachmarhi
पचमढ़ी के पांडव गुफा की जानकारी 


पांडव गुफा पचमढ़ी की एक खूबसूरत और धार्मिक जगह है। पांडव गुफा पचमढ़ी शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। पचमढ़ी शहर का नाम पांच पांडव गुफा के नाम पर रखा गया है। यहां पर एक बहुत बड़ी चट्टान है। जिस पर गुफा बनाई गई है। यह पचमढ़ी शहर का एक खूबसूरत जगह है। यहां पर खूबसूरत गार्डन भी है, जिसमें आपको तरह तरह के फूल देखने मिलते हैं।

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Pandav Cave Garden 


पचमढ़ी के पांडव गुफा की स्थिति
Status of Pandav Cave of Pachmarhi


पचमढ़ी एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। पचमढ़ी सतपुडा की पहाडियों में बसा है। पचमढ़ी को सतपुडा की रानी कहा जाता है। पचमढ़ी होशंगाबाद शहर में स्थित है। होशंगाबाद शहर मध्य प्रदेश का एक जिला है। पचमढ़ी में आप रेलगाडी के माध्यम से पहूॅच सकते है। पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। पांडव गुफा पचमढ़ी में स्थित है। पांडव गुफा पचमढ़ी से करीब 2 या 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं। बहुत से लोग जिप्सी या ऑटो से यहां आते है। 

यहां पर हम लोग बहुत पहले करीब 10 साल पहले पैदल ही आये थे। उस समय पचमढ़ी में इतनी गाड़ियां वगैरह नहीं चलती थी। उस टाइम पर यहां पर इतने ज्यादा टूरिस्ट लोग नहीं आते थे। अभी तो बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पर उस टाइम पर हम लोग पांडव गुफा तक पैदल आ गए थे और अभी हम लोग गाड़ी से यहां पर घूमने गए थे। हम पाडंव गुफा अभी 2019 गए थें इस समय पचमढ़ी में बहुत बदलाव हो चुका है। यहां पर मै और मेरी मम्मी और हमारे साथ एक अंकल जो हम लोगों के साथ जिप्सी शेयरिंग किया था। हम लोग पांडव गुफा पहुॅचे यहां पर मेरी मम्मी गुफा के उपर नहीं चढी वहां नीचे खडी रही और मै अंकल हम दोनों इस गुफा के उपर चढकर पूरी गुफा  घूमें।  यहां पर मेरा अनुभव अच्छा रहा जो मै आपके साथ शेयर कर रही हूॅ। 

पांडव गुफा का विवरण
Description of Pandav Cave

पांडव गुफा पर एक बड़ी सी चट्टान है, ये गुफाए चटटानों को काटकर बनाई गई है। यह पर अब इन गुफाओं में ताला लगा दिया गया है, इन गुफाओं के जानें पर मनाही है, क्योंकि लोग इन गुफाओं को गंदा करते हैं। गुफा के अंदर ही बाथरूम वगैरह कर देते हैं। इसलिए गवर्नमेंट ने इन गुफाओं में ताला लगाया है। इन गुफाओं को देखने के लिए आपको इन गुफाओं तक पहुॅचना होगा उसके लिए इन चट्टान में सीढ़ियां बनाई गई है। चट्टान को तराश कर सीढ़ियां बनाई गई है। सीढ़ियों में रेलिंग लगाई गई है, ताकि कोई इन चट्टानों से गिरे ना। क्योंकि लोग बडे ही लपरवाह होते है। लोगों की लपरवाही के कारण यह बडी चटटान से गिर सकते है। इसलिए रेलिंग लगी है। इसके अलावा यह चटटान भी बहुत बडी है। आप इन गुफाओं को देखते है तो आपको बहुत    बढिया लगती है। 
पांडव गुफा एक छोटी से गुफा है जो खुली हुई है, जिसमें सरकार ने ताला नहीं लगाया है। मगर लोग उस गुफा में ही बाथरूम कर देते है। हम इन प्राचीन गुफा में इस तरह गंदा नहीं करना चहिए। इन गुफाओं को साफ रखना चहिए।

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Pandav Cave 

पांडव गुफा के सामने एक उद्यान स्थित है, जो बहुत खूबसूरत है। इस उद्यान में तरह तरह के फूल लगाए गए हैं। इस उद्यान की अच्छी तरह देखभाल की जाती है। इस उद्यान से होते हुए ही पांडव गुफा तक जाने का रास्ता है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है। आप इस उद्यान में बैठकर अपना समय बिता सकते हैं।

इस उद्यान पर आप फोटो भी खिंचा सकते हैं। आपकी फोटो यहां पर बहुत अच्छी आती है। यह एक अच्छी लोकेशन है और यहां पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आकर खूब मजे कर सकते हैं।

पांडव गुफा के बारे में कहा जाता है कि इन गुफाओं को बौद्ध भिक्षुओं द्वारा  बनाया गया है। आपको इन गुफाओं की बनावट और रचना से देखकर इस बात की जानकारी मिल सकती है। इन गुफाओं का निर्माण 6 वीं से 10 वीं शताब्दी के मध्य किया गया होगा। पांडव गुफा में आपको स्तंभ देखने मिलेगें जिनमें खूबसूरती से उकेर कर डिजाइन बनाया गया है। 

पांडव गुफा की चोटी में आपको ईट की एक संरचना के अवशेष देखने मिल जाएगे। जो प्राचीन समय में यह पर बौध्द स्तूप होगा। इसके अलावा यहां बुद्ध भगवान की एक मूर्ति मिली थी जो अब भोपाल में है।

पांडव गुफाओं के बारे में कहा जाता है कि इन गुफाओं में प्राचीन समय में पांडव आए हुए थे। निष्कासन काल के दौरान पांडव यहां पर रहने आए थे। पांडव यहां पर काफी समय तक रहे थे। युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव, भीम पाॅच पांडव थे और उनकी पत्नी द्रौपदी थी। इसलिए इन गुफाओं को पांडव गुफा कहा जाने लगा। इन गुफाओं में अलग अलग कक्ष है, जिनमें पांडव रहते थे। यह पर कहा जाता है कि द्रोपदी के लिए अलग कक्ष था। यह कथ बडा और हवादार था। भीम के लिए जो कक्ष था वो गहरा था। 

यह घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। आप यहां पर मार्च के पहले आयेगे तो अच्छा होगा। वैसे पचमढ़ी में गर्मी में भी लोग आते है। आप यहां पर गर्मी में आते है तो आपको यह पर जरूर परेशानी हो सकती है, क्योकि यह पर पहाडी पर किसी भी प्रकार की छाया की व्यवस्था नहीं है। गार्डन में आने वाले रास्ते में शेड लगाया गया है। 

पांडव गुफा के गार्डन के बाहर आपको बहुत सारी रोमाचक गतिविधि करने मिल जाती है। यह छोटी बाइक की सवारी करने मिल जाती है, जो बच्चों के लिए होती है। बच्चे यहां पर एंजाय कर सकते है। इसके अलावा यह पर आपको बहुत सारी फास्ट फुड की दुकानें मिल जाएगी। जहां से आप मैंगी या और कुछ फास्ट फुड आर्डर कर सकते है। यहां पर आपको घोडे भी देखने मिल जाएगे। यहां पर घुडसवारी का आंनद भी ले सकते है। 

पांडव गुफा फोटोग्राफी के लिए एक अच्छी जगह है। आप पांडव गुफा के ऊपर से पचमढ़ी का पूरा दृश्य देखा जा सकता है। पांडव गुफा अच्छी तरह से प्रबंधित पर्यटक स्थल है। गार्डन का रखरखाव ठीक से किया जाता है। यह जगह काफी आकर्षण लगती है। यह एक शांतिपूर्ण जगह है। 

हमारा इस जगह का अनुभव बहुत अच्छा रहा है और आप इस जगह आ सकते है। यह पचमढ़ी के बहुत ही पास ही में स्थित है। आप यहां पर असानी से पहुॅच सकते है। आप अगर पैदल आना चाहते है तो इस जगह आ सकते है। अगर आप यहां साइकिल से आने चाहते है, तो आ सकते है। साइकिल से  पचमढ़ी का सफर बहुत बढिया होता है। यह पर गर्मी के मौसम में भी 30 से 35 डिग्री तापमान रहता है। इसलिए लोग यहां पर गर्मी में भी आते है। 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी

पचमढ़ी का खूबसूरत सनसेट पॉइंट राजेंद्र गिरी

Pachmarhi's Beautiful Sunset Point Rajendra Giri


राजेंद्र गिरी एक बहुत खूबसूरत जगह है। राजेंद्र गिरी से आपको सूर्य अस्त का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। राजेंद्र गिरी से आपको खूबसूरत वादियां देखने मिलती है, जो बहुत मनमोहक रहती हैं। 

आपको राजेंद्र गिरी में बहुत मजा आता है। राजेंद्र गिरी पचमढ़ी में स्थित एक खूबसूरत व्यूप्वाइंट है। पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। पचमढ़ी होशंगाबाद शहर में स्थित है। पचमढ़ी पहुंचने के लिए आपको पिपरिया पहुंचना पड़ता है। पिपरिया से आपको बस या जिप्सी के माध्यम से आप यहां पचमढ़ी तक पहुंच सकते हैं। 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी

Rajendragiri Sunset View 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी


Rajendragiri Sunset View 

पचमढ़ी में राजेंद्र गिरी कहां स्थित है

Where is Rajendra Giri located in Pachmarhi.


पचमढ़ी पहुंचने के बाद आप राजेंद्र गिरी तक जिप्सी के द्वारा पहूॅच सकते है। आपको राजेंद्र गिरी जिप्सी बुक करके ही जाना पड़ता है। राजेंद्र गिरी जाने वाली सडक में आपको बहुत सारे व्यू पांइट देखने मिल जाते है। जिप्सी वाला आपको एक लाइन से इन सारे व्यू पांइट में घूमता हुआ राजेंद्र गिरी लेकर जाता है। सबसे पहले जिप्सी वाला आपको पांडव गुफा पहले लेकर जाता है उसके बाद हांडी खो को, उसके बाद प्रियदर्शनी, और उसके बाद बड़ा महादेव मंदिर और गुप्त महादेव मंदिर लेकर जाता है। उसके बाद आपका राजेंद्र गिरी लेकर जाता है। राजेंद्र गिरी सबसे लास्ट में है। ये सभी दर्शनीय स्थल एक ही रूट में आपको मिल जाते है। जिप्सी वाला इन जगह पर घुमाते हुए आराम से राजेंद्र गिरी लेकर जा सकता है। गाडी को पर्किग में खडा कर दिया जाता है, उसके बाद आप यह के चारों तरफ का व्यू देख सकते है। यह पर बहुत सारे लोग अपने शाम का समय बिताने आते है, क्योकि यह पर शाम का नजारा बहुत ही शानदार होता है। 

राजेंद्र गिरी में स्थित पार्क

Park located in Rajendra Giri


राजेंद्र गिरी में एक पार्क स्थित है। इस पार्क में प्रवेश का किसी भी तरह का चार्ज नहीं है। यह पर आप पूरा पार्क देख सकते है। वैसे यह पार्क छोटा सा ही है। आप इस पार्क से पचमढ़ी का खूबसूरत व्यू देख सकते है। यह पर खूबसूरत पहाडियों का व्यू अनोखा होता है। यह पर लोग अपना अच्छा समय बिताते है। इस पार्क के अंदर से सूर्यास्त का व्यू बहुत ही शानदार होता है। यह गार्डन बहुत खूबसूरत है और इस जगह पर सफाई का बहुत ज्यादा ध्यान दिया जाता है। 

राजेंद्र गिरी का नाम देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के नाम पर रखा गया है। राजेंद्र गिरी में डॉ राजेंद्र प्रसाद जी की एक मूर्ति भी स्थापित की गई है। यह पर एक वट वृक्ष लगा हुआ है। यह पर एक बोर्ड पर लिखा हुआ है कि इस वट वृक्ष को डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा लगाया गया था। 1953 में डा राजेंद्र प्रसाद ने यह वट वृक्ष लगाया था। जिसे अभी तक संरक्षित करके रखा गया है। 

राजेंद्र गिरी में पार्क के अंदर कुछ लोग टेलिस्कोप लिया होते है। जो आपको 10 रू चार्ज करते है। आप टेलिस्कोप के माध्यम से राजेंद्र गिरी की सुंदर वदियों का आंनद ले सकते है। टेलिस्कोप के द्वारा आपको बहुत ही बढिया व्यू देखने मिलता है। टेलिस्कोप की मदद से आप चैरागढ की पहाडियों और मंदिर भी देख सकते है। वैसे हम लोगों ने टेलिस्कोप का प्रयोग नहीं किया था। आप करना चाहे तो कर सकते है। 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी


Statue of Dr. Rajendra Prasad  

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी

Inside view of Rajendra Giri Garden 

राजेंद्र गिरी में स्थित फास्ट फूड की शॉप

Fast food shop located in Rajendra Giri.


राजेंद्र गिरी गार्डन के बाहर आपको बहुत सारी खाने-पीने की दुकानें देखने मिल जाती है। आपको यह पर ही लोगों बैठ हुए देखने मिलते है। सबसे ज्यादा यहीं पर भीड रहती है। यह पर आपको हर तरह का फास्ट फुड मिल जाता है। यह का फेवरेट फास्ट फूड मैंगी है। मैंगी यह पर आराम से मिल जाती है और मैंगी में अलग अलग वैरायटी मिल जाती है। यह पर मैंगी 30 या 40 रू की मिलती है एक प्लेट। 10 रू वाली मैंगी 30 या 40 रू मिल जाती है। इसके अलावा यह पर चाय भी मिल जाती है। यह पर बहुत ज्यादा भीड रहती है। यह पर खाने का सामान और चाय वगैरह का रेट बहुत ज्यादा है। हम लोगों ने तो यह पर चाय बस आर्डर किया था। वह शायद हम लोगों को 10 रू की मिल थी। उसके अलावा जो खाने का सामान है, वह भी बहुत ज्यादा महंगा मिलता है। पानी की बोतल की बहुत ज्यादा महंगी है तो आपकी मर्जी आप यहां जाकर कुछ खाना पीना चाहते हैं, तो खा सकते है। मगर हमारी हिम्मत ही नहीं हुई की हम लोग कुछ ना आर्डर कर सकें यहां पर। 

राजेंद्र गिरी में घुड़सवारी

Riding in Rajendra Giri


राजेंद्र गिरी में आपको अगर घुडसवारी करने का शौक है, तो यह पर आपको घोडे भी मिल जाते है। राजेंद्र गिरी गार्डन के बाहर आपको घोडे देखने मिल जाते है, जिनमें आप घुडसवारी कर सकते है। यह पर हम लोगों ने घुडसवारी का पता नहीं किया था। मगर आप चाहे तो कर सकते 100 रू के अंदर ही आपको यहां पर चार्ज किया जा सकता है। 

राजेंद्रगिरि एक सुंदर सूर्यास्त व्यू पांइट है। यह पर आकर आपको बहुत ही शांति मिलती है। यह पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है। यह पर आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते है। यह पर आपको सूर्यास्त का बहुत ही मनोरम व्यू रहता है। राजेंद्रगिरि से आपको सतपुडा की सुंदर पहाडियों देखने मिलती है। राजेंद्र गिरी में आपको पार्क में बैठने की जगह है, जहां पर आप बैठकर अच्छी तरह बिता सकते है। यहां पर बहुत शांति है। यहां पर बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा यह पर पीने के पानी की व्यवस्था भी है। यहां पर आपको वाशरूम की सुविधा गार्डन में नहीं देखने मिली। 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी


Beautiful view of Rajendra Giri 

राजेंद्र गिरी तक पहुंचने के लिए माध्यम

Medium to reach Rajendra Giri


आपको यह पर किसी भी तरह की चलने की जरूरत नहीं होती है। पर्किग स्थल से यह जगह बहुत ही पास हीं में है। यह पर पार्किग की लिए भी अच्छी जगह मिल जाती है। यह पर आप चाहे तो जिप्सी के अलावा यह पर साइकिल और बाइक से भी जा सकते है। पचमढ़ी से आपको साइकिल और बाइक किराए से मिल जाती है। जिनका किराया बहुत कम होता है। यह पर साइकिल से आने पर आपको बहुत अच्छा लगता है। आप अपने वाहन से आते है तो आप कहीं भी अपनी गाडी रोककर अच्छा व्यू देख सकते है। यह पर आपके वाहन का कुछ चार्ज लगता है। 

राजेंद्रगिरि में घूमने का मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा था। यह पर आपको बहुत बढिया लगता है। मै यहां पर अपनी मम्मी के साथ गई थी। मम्मी और मैनें यहां पर कुछ समय भी बिताया, जो बहुत अच्छा लगा।

चौरागढ़ मंदिर पचमढ़ी
प्रियदर्शनी पॉइंट पचमढ़ी

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh - हांडी खो, पचमढ़ी

 पचमढ़ी का खूबसूरत व्यू पांइट हांडी खो

Pachmarhi Beautiful View Point Handi Kho


हांडी खो  पचमढ़ी में प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां पर एक घाटी का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। हांडी खो  एक खूबसूरत घाटी जो हरे भरे पेड से भरी हुई है। हांडी खो में करीब 300 फुट गहरी खाई है। यह घाटी आगे जाकर हांडी का शेप बनाती है जो देखने में खूबसूरत लगता है। 

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh -  हांडी खो, पचमढ़ी

Handi Kho view


हांडी खो की स्थिाति


Handi Kho Position


यह खूबसूरत घाटी पचमढ़ी में स्थित है। यहां पर आपको प्राकृतिक खूबसूरती देखने मिल जाती है। यह खूबसूरत घाटी महादेव मंदिर जाने वाली रोड में पडती है। यहां पर पहुॅचने के लिए आपको जिप्सी मिल जाती है। हांडी खो पचमढ़ी नगर से 3 से 4 किमी की दूरी पर स्थित है। यह पर आप जिप्सी के अलावा साइकिल से भी जा सकते है। पचमढ़ी में आपको रेन्ट में साइकिल मिल जाती है जिससे आप हांडी खो असानी से पहूॅच सकते है और पचमढ़ी में साइकिल का सफर बहुत ही मजेदार होता है। पचमढ़ी का मौसम बहुत ही बढिया होता है। यहां पर आप पचमढ़ी के अन्य दर्शनीय जगह पर साइकिल के माध्यम से पहॅुच सकते है। आपको यह पर एक खाई देखने मिलती है, जो 300 फीट गहरी खाई है। यह पर जो खाई है, वह आगे जाने पर हांडी का शेप ले लेती है जो बहुत अच्छा दिखता है। यह पूरी तरह प्राकृतिक है और यहां पर आसानी से आ सकते हैं। आप जिप्सी से आसानी से आ सकते हैं। 

हांडी खो जाने का रास्ता और माध्यम


Handi Kho Track 


पचमढ़ी एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। पचमढ़ी होशंगाबाद में स्थित है।  यहां पर गर्मियों में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। पचमढ़ी आने के लिए आपको पहले पिपरिया आना होता है। उसके बाद आप पिपरिया से बस या जिप्सी के  द्वारा आसानी पचमढ़ी पहूॅच सकते है। पचमढ़ी आने तक का किराया 60 रू होता है। पचमढ़ी में उतर कर इस जगह पर जिप्सी के माध्यम से आसानी से जा सकते हैं। यह जाने के किराया 300 से 400 रू लगता है। आप शेयरिंग में जाते है तो 300 से 400 रू लगता है और अगर पर्सनल जिप्सी बुक करते है तो आपका ज्यादा किराया लग सकता है, ये किराया सीजन पर डिपेंड करता है, कि किस सीजन में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। उस सीजन में ज्यादा किराया लगता है।

हम लोगों ने भी जिप्सी बुक किया था। हम दो लोगों थे और हम लोग के साथ एक अंकल जी थे। तो हम लोग शेयरिंग में थे। हमारा 1 व्यक्ति का किराया 400 रू लगा था। 400 रू में जिप्सी वाले ने हम लोगों को पचमढ़ी के 10 से भी ज्यादा दर्शनीय स्थल घुमाया गया था। सबसे पहले हम लोग पांडव गुफा गए थे। उसके बाद हांडी खो, उसके बाद प्रियदर्शनी, उसके बाद बड़ा महादेव मंदिर और गुप्त महादेव मंदिर, उसके बाद राजेंद्र गिरी और राजेंद्र गिरी के बाद हम लोग सूर्य नमस्कार पार्क गए थे। जो मध्य प्रदेश का पहला सूर्य नमस्कार पार्क है। उसके बाद हम लोग जटाशंकर मंदिर गए थे।

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh -  हांडी खो, पचमढ़ी

Handi Kho View 

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh -  हांडी खो, पचमढ़ी

Handi Kho View 

हांडी खो की जानकारी


Handi Kho Information


हम लोग हांडी खो पहुंचे तो यहां पर पर्किग पास में ही थे। हम लोगों को ज्यादा दूर चलना नहीं पड़ था। पर्किग स्थल से 100 मीटर पैदल चलना पड होगा। आपको दूर से ही यह खूबसूरत घाटी दिखने लगता है। यहां पर घाटी बहुत गहरी है। करीब 300 फीट गहरी है। कहा जाता है कि यहां पर हांडी नाम के एक अंग्रेज व्यक्ति थे। जिनकी मृत्यु इस घाटी में गिरकर हो गई थी इसलिए इस घाटी नाम हांडी खो रखा गया। इसके अलावा इस जगह के बारे में एक धार्मिक कथा भी कहीं जाती है कि शंकर भगवान ने एक तक्षक नाम के नाग को मारकर इस घाटी में फेंका था। इसलिए यह घाटी हांडी खो कहलाती है। यह पचमढ़ी शहर की खूबसूरत जगह है। यह पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आया जा सकता है। 

यह पर चारों तरफ हरियाली रहती है और जो घाटी है। वह बहुत ही मस्त है। यहां पर आपको बहुत सारी दुकानें भी मिल जाती है। जहां पर आपको खाने पीने के लिए सामान मिल जाता है। मगर यह पर बहुत महंगा रहता है। अगर आप यहां पर आते हैं, तो अपने साथ खाने पीने का सामान और पानी की बोतल जरूर लाएं। क्योकि यह पर मिलने वाला सामान मंहगा होता है। अगर आप लेना चाहे तो ले सकते हैं। परन्तु मेरे हिसाब से तो यह मंहगा बहुत है। 

आप घोड़े की सवारी यहां पर कर सकते हैं, वैसे यह चार्ज ज्यादा नहीं है। आप दो या तीन राउंड घोडे की सवारी कर सकते है।  इस जगह की जो खूबसूरती है वह लाजवाब है इस जगह में दो पहाड़ियां हैं उनके बीच से गहरी खाई है जो करीब 300 फीट गहरी है। 

यहां पर घुड़सवारी का भी चार्ज आपको 80 रू लगा था। आप करना चाहे तो वह भी कर सकते हैं। यह भी एक अच्छा एक्सपीरियंस रहता है। मगर हम लोगों ने घोड़े की सवारी नहीं किया था। यहां पर आप आते हैं तो आपको बहुत संदर घाटी देखने मिलती है। यह घाटी पूरी तरह से प्राकृतिक है। यह घाटी हांडी का शेप ले लेती है, जो देखने में जबरदस्त होता है। 

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh -  हांडी खो, पचमढ़ी

Handi Kho view



आप यहां पर कुछ टाइम बिता कर मजा ले सकते हैं। यहां पर आप अपने फैमिली वालों के साथ आ सकते हैं और अपने दोस्तों के साथ भी आकर यहां पर खूब इंजॉय कर सकते हैं। आप इस जगह के बारे में अपने जिप्सी ड्राइवर से इंफॉर्मेशन ले सकते हैं। आपका जिप्सी ड्राइवर इस जगह के बारे में आपको इंफॉर्मेशन दे सकता है। आपको वैसे गाइड लाने की आवश्यकता नहीं है। अगर आप इस जगह के बारें मे ज्यादा जानकारी जानना चाहते है, तो एक गाइड  ले सकते है, जो आपको पचमढ़ी और अन्य जगह की अच्छी जानकारी दे पायेगा। 

हम लोग पचमढ़ी मई के महीने में गए थे। यहां पर मई के महीने में आपको आइसक्रीम और जूस की दुकानें देखने मिल जाएंगी। यहां पर बहुत साफ सुथरा है। यहां पर बोर्ड भी लगा हुआ है कि आप इस जगह पर किसी भी तरह का कचरा ना फैलाए और यहां पर डस्टबिन रखा हुआ है। जहां पर आप अगर कुछ भी लाते हैं। खाने पीने का सामान तो आपका जो भी कचरा निकलता है आप डस्टबिन में डाल सकते हैं। यह घाटी बहुत खूबसूरत है जैसा कि पहले ही मैंने आपको बता चुकी हूं। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा अपना टाइम बिता सकते हैं। शांति से बैठ सकते हैं। यहां पर किसी भी तरह का शोर-शराबा आपको नहीं मिलेगा। यहां पर चिड़िया चहकती रहती है और बहुत शांति है । इस जगह भीड़ बनी रहती है क्योंकि बहुत सारे लोग आते हैं। गर्मी के सीजन यहां पर तो यहां पर भीड़भाड़ रहती है। यहां पर जब हम लोग गए थे।   

यह पर जब हम लोग गए थे। तब यह पर जिओ का नेटवर्क काम नहीं करता था। मगर अब यहां पर जियो का नेटवर्क कुछ जगहों पर मिल जाता है। जिओ नंबर से फोन आप कर सकते हैं और फोन लग जाते हैं। पहले यहां पर बीएसएनएल का नेटवर्क ही काम करता था । यह पर बीएसएनएल की सिम आराम से चल जाती है। मगर अब यहां पर जियो और एयरटेल चल जाते हैं उसके अलावा यहां पर आपको बहुत अच्छी सुविधाएं मिल जाती हैं

आपको यह पर प्रकृति द्वारा बनाई गई विशिष्ट प्रकार की हांडी की संरचना देखने मिलती है। यह शांतिप्रिय जगह है यह पर घुड़सवारी का आंनद लिया जा सकता है। आप इस स्थान पर दिन के किसी भी समय और किसी भी परिवार, दोस्तों, जोड़े, रिश्तेदारों के साथ जा सकते हैं।

चौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी
प्रियदर्शनी प्वाइंट, पचमढ़ी

बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

बड़ा महादेव मंदिर पचमढ़ी 


पचमढ़ी में बहुत सारी खूबसूरत जगह, इन खूबसूरत में जगह में से एक जगह है बड़ा महादेव और गुप्त महादेव। बड़ा महादेव मंदिर और गुप्त महादेव एक धार्मिक जगह है और पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से बने हुआ है। यह मंदिर प्राकृतिक वातावरण के बीच में स्थित है। इन दोनों मंदिर में गुफाएॅ है, जिनमें शंकर जी का शिवलिंग स्थापित है। 

बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

बड़ा महादेव मंदिर की स्थिति एवं पहुॅचने का रास्ता


बड़ा महादेव एवं गुप्त महादेव मंदिर पचमढ़ी में स्थित है। यह मंदिर पचमढ़ी से 10 से 11 किलोमीटर दूर होगें। बड़ा महादेव एवं गुप्त महादेव मंदिर पहुंचने के लिए आपको पचमढ़ी पहुंचना पड़ेगा। पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एक बहुत खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह हिल स्टेशन होशंगाबाद जिले में स्थित है। होशंगाबाद मध्य प्रदेश का एक जिला है। पचमढ़ी पहुंचने का सबसे अच्छा माध्यम ट्रेन का है। आप ट्रेन से आसानी से पचमढ़ी पहुंच सकते हैं। आपको ट्रेन के माध्यम से पहले पिपरिया आना होता है फिर उसके बाद पिपरिया से पचमढ़ी तक कर सफर बस के द्वारा किया जाता है। पिपरिया से पचमढ़ी के रास्ते में आपको बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। सर्पाकार सडक से आपकी बस जाती है जिसमें चलकर आपको मजा आता है। आपको बस से ही पचमढ़ी के प्रकृति सुंदरता देखने मिलती है। यहां पर आपको ऊंचे ऊंचे पहाड़ और खूबसूरत घाटियां देखने भी मिलती है यहां पर आपको देनवा नदी का मनोरम दृश्य देखने मिलता है। इस तरह खूबसूरत व्यू का देखते हुए आप पचमढ़ी पहुॅच जाते है। 

बड़ा महादेव मंदिर पहुॅचने के लिए जिप्सी बुंकिग


पचमढ़ी पहुॅचकर आपको महादेव मंदिर जाने के लिए गाडी बुक कराना होता है। पचमढ़ी में आपको जिप्सी में सफर करना होता है। अगर आप पर्सनल जिप्सी बुक करते है तो जिप्सी का किराया 1000 रू से उपर ही होता है। अगर आप लोग किसी के साथ जिप्सी शेयर करते है तो आपका किराया 300 या 400 रू हो सकता है। जिप्सी वाला आपको पचमढ़ी के बडा महादेव मंदिर के रूट में जो भी मंदिर या व्यू प्वांइट पडते है वो घूमता हुआ। आपको बडा महादेव मंदिर लेकर जाता है। आप अगर मेले के समय में यहां आते हैं, तो बडा महादेव मंदिर जाने का किराया कम लगता है। मेले के समय 30 या 40 रू में आपको बडा महादेव मंदिर में छोडा दिया जाता है। मगर ऐसे आम दिनों में किराया ज्यादा लगता है। एक व्यक्ति का 300 से 400 रू किराया लगेगा।

बड़ा महादेव मंदिर पहुॅचाने वाला रास्ता


आप 300 या 400 रू किराया देकर इस जगह पर पहुंच जाते हैं। बड़ा महादेव पहुंच जाते हैं। बड़ा महादेव के रास्ते में आपको बहुत सारे व्यूप्वाइंट देखने मिल जाते हैं, जैसे आपको इस रास्ते में पांडव गुफा देखने मिल जाएगी। प्रियदर्शनी पॉइंट देखने मिल जाएगा। हांडी को देखने मिल जाएगा, उसके बाद आप बड़ा महादेव मंदिर पहुॅचते है। बडा महादेव मंदिर पहुॅचने का जो रास्ता है वहां थोडा खतरानाक है। यह पर बहुत सारे ऐक्सीडेन्ट होते रहते है। आपको यहां पहुंचकर जिप्सी से उतरना होता है। उसके बाद आप पैदल यात्रा द्वारा इस मंदिर तक जा सकते हैं। मंदिर जाने वाले रास्ते में आपको बहुत सारे बंदर   देखने मिलते है जो बहुत शैतान होते है। आपके हाथ में उनको कोई भी चीज दिखती है तो वह छीन कर ले जाते है। इसलिए यह पर आपको अपना सामान और पर्स वगैरह संभालकर रखने की जरूरत होती है। मंदिर जाने वाले रास्ते में आपको बहुत दुकानें देखने मिलती है जहां पर प्रसाद मिलता है। शिव भगवान को अर्पण करने के लिए । यह का वातावरण बहुत अच्छा है।


बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर



बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

लोगों द्वारा कहीं जाने वाली कथा


इस गुफा के बारे में लोगों का कहना है कि शंकर जी भस्मासुर से बचने के लिए इस गुफा में छुपे थे। भस्मासुर नाम का एक राक्षस था। उस राक्षस का वरदान प्राप्त था कि वह जिस किसी के उपर हाथ रखेगा तो वह भस्म हो जायेगा। भस्मासुर शंकर जी को भस्म करने लगा और शंकर जी को भस्मासुर से बचने के लिए यहां वहां छुपाना पडा। शंकर जी ने इस गुफा में भी शरण लिया था। यह कथा यह पर प्रचलित है।

नर्मदा गौ कुंभ, जबलपुरचौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी

बड़ा महादेव मंदिर का विवरण


यह मंदिर में एक गुफा है, जो बहुत ही खूबसूरत है और यह पहाड़ी पर बनी  है। यहां गुफा पहाडी पर बनाई गई है। इस गुफा के अंदर आपको एक जलकुंड देखने मिलेगा। इस कुंड में पानी भर रहता है। इस गुफा में साल भर पानी रिसता रहता है और आप यहां जाते हैं तो यह पर गीला ही रहता है। पूरी गुफा गीली रहती है आप अपनी चप्पल उतारकर गुफा में प्रवेश कर सकते हैं। मंदिर के पास ही में आपको दुकानें मिल जाएगी जहां से आप प्रसाद लेकर गुफा में शंकर जी पर अर्पण कर सकते हैं। यहां पर आप गुफा में जाते हैं तो आपको शंकर जी का शिवलिंग देखने मिलता है उसके साथ ही साथ गणेश जी देखने मिलते हैं। गुफा के द्वार में नंदी भगवान की प्रतिम बैठी हुई है जो पत्थर की बनी हुई है। आप गुफा में शंकर जी के दर्शन करके वापस आते हैं तो आपको नंदी भगवान जी देखने मिलते हैं। आप गुफा मंदिर से बाहर आ जाते है तो आपको यह पर मंदिर के बाहर आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक कुंड देखने मिलेगा। जहां पर पानी भर रहता है। यह पानी पहाड़ों से आता है और इकट्ठा होता है। उसके बाद यह पानी जंगल की ओर बढा जाता है। आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक छोटी सी गुफा देखने मिलेगी जिसमें और शंकर जी की शिवलिंग के साथ साथ अन्य देवी देवता विराजमान है। यहां पर आप पूजा कर सकते हैं। यहां पर आपको बहुत ढेर सारे बंदर है, जिनसे आपको बच के रहना पड़ेगा, जो आपका सामान छीन कर भाग सकते हैं। खासतौर पर खाने का सामान आपसे छीन सकते हैं। आपको यहां पर पहाडों का खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। आप यह पर आगे बढते है तो हनुमान जी का छोटा सा मंदिर देखने मिलता है। 
यहां पर जो पहाड़ी है। उसका व्यू बहुत ज्यादा खूबसूरत है। यहां का एरिया पूरा जंगल का एरिया है। आप अगर गर्मी के टाइम में यहां आते है तो आपको यहां पर ढेर सारे आम के पेड़ देखने मिल जाते हैं, और उसमें आम लगे भी रहते हैं। यहां सभी प्रकार की व्यवस्थाएं हैं। आपके लिए पीने का पानी एवं शौचालय की अच्छी व्यवस्था है। 



बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

गुप्त महादेव मंदिर का विवरण


आप यहां से आगे बढते है तो यह पर आपको जो रास्ता मिलेगा। वह पूरा तरह से कच्चा रास्ता है। इसके बाद आप आगे जाएंगे तो आपको गुप्त महादेव गुफा देखने मिल जाएंगे। यह गुफा बड़ा महादेव से एक या डेढ़ किलोमीटर आगे जाते हैं, गुप्त महादेव में भी एक संकरी गुफा है। इस गुफा में एक बार में 8 से 9 ही लोग जा सकते हैं। यहां पर हनुमान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा है और यहां पर लोगों को अक्सर लाइन लगाकर गुफा के अंदर जाना पडता है। गुफा के अंदर शिवलिंग स्थपित है। आपको गुप्त महादेव गुफा के बाहर भी बहुत खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। यह पर आपको बहुत अच्छा लगता है पूरी तरह से प्राकृतिक माहौल में आके। 
यह जगह बहुत खूबसूरत है और आपको यहां पर बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। इसके आगे आप जाते हैं तो आपको चैरागढ़ मंदिर पहुंच सकते हैं। जिसका ब्लाॅग पोस्ट आपको मेरी वेवसाईट में मिल जाएगा।

ग्वारीघाट, जबलपुर
कचनार सिटी, जबलपुर
आदेगांव का किला एवं काल भैरव जी का मंदिर



Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा

नागद्वार (पचमढ़ी) की यात्रा की सम्पूर्ण जानकारी



आप नागद्वार की पैदल यात्रा करके कालाझाड या भजियागिरी पहुॅचा जाते है। काला झाड़ में आपको बहुत सारी दुकानें देखने मिल जाती है और पानी पीने के लिए भी आपको यहां सुविधा मिल जाती हैं। यहां पर आपको दो रास्ते मिलते हैं। आप दोनों में से कोई भी रास्ता चूस करके आगे बढ़ सकते हैं, दोनों रास्तों से ही आपको नाग देवता के और अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों के दर्शन करने मिल जाएंगे। हम लोगों ने काला झाड़ में थोड़ा सा रेस्ट किया  उसके बाद आगे बढ़े यहां पर आपको बहुत ज्यादा चलना पड़ता है, और यहां पर पहाड़ियों का व्यू बहुत ही अच्छा लगता है और जो रास्ता है, वो बहुत खतरानाक है।



Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा



Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा




नागद्वार के खतरनाक रास्तें

आपको नागद्वार यात्रा में कहीं पर ढलान वाला रास्ता मिलता है तो कहीं पर  चढ़ाई वाला रास्ता मिलता है। कहीं पर आपको उबाड खाबड रोड मिलती है तो कहीं कहीं पर उची चट्टानें मिलती है। आपको यहां पर हरियाली भरे जंगल मिलते हैं, और बरसात में पानी भी गिरता रहता है। आपको नागद्वार यात्रा में ऐसी रोड मिलती है जो बहुत ही पतली होती है और रोड के बाजू से गहरी खाई होती है। अगर आपका एक गलत कदम हुआ तो आप डायरेक्ट नीचे जा सकते हैं और पता नहीं कहां जाएंगे इसका कोई अंदाजा नहीं है, इसलिए आपको यहां पर संभलकर चलने की जरूरत होती है।

आपको कहीं पर कहीं पर लगता है कि आप नीचे की तरफ जाते जा रहे है मतलब पूरा खाई वाला रास्ता रहता है और इस रास्ते में बडे बडे पत्थर अडी ढेडी रोड मिलती है। आपकी हालत बहुत ज्यादा डाउन हो जाती है, चलते चलते। मगर आपको यह पर जो व्यू देखने मिलता वो स्वर्ग से कम नहीं होता है। नागद्वार में आपको चलते रहना चहिए इससे आप रात के सही समय पर लौटे सकते है। अगर आप को यह पर रात हो जाती है तो आप मंदिर में रूक सकते है और यहां पर बहुत सी दुकानें होती है जहां पर आप रूक सकते है। आप नागद्वार जाते है तो जूते का प्रयोग करें और यदि चप्पल का प्रयोग करते है तो मजबूत चप्पल पहनें। क्योकि यह के रास्ते में आपके चप्पल टूटा जाती है।

आपको यहां पर किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिलती है। मंदिरों में या मंदिर के आसपास आपको रहने और खाने पीने के लिए सुविधा मिल जाती है। अगर आप यहां पर चलते रहेगें तो आपकी यात्रा एक ही दिन में पूरी हो जाएगी।

नागद्वार में आपको जंगल की खूबसूरत पहाड़ियां, घाटियां, और नदियां देखने मिलेगी। यह पर जगह जगह पर झरने आपको देखने मिल जाते है क्योकि बरसात का सीजन होता है और पानी बरसात रहता है तो पहाडों से झरने बहते रहते है। कहीं कहीं पर विशाल पर्वत श्रृंखला आपको देखने मिलती है। पहाडों का अदुभ्त दृश्य होता है, वह भी बहुत मस्त रहती हैं एक अलग ही अनुभव रहता है, इस जगह का। क्योंकि यहां पर मानवीय क्रियाकलाप बस इन दस दिन के लिए ही होता है। यह पूरी तरह से जंगल है और एक अलग एडवेंचरस हमे यहां मिलता है।

नागद्वार का मेला

हम लोगों ने पैदल चलकर मेले तक पहुंच गए थे। यहां जंगल में छोटा सा मेला भरता है और अगर आप नाग पंचमी के 10 दिन पहले जाते हैं तो आपको यह मेला देखने मिलता है। अगर आप नागपंचमी के दिन जाएंगे तो यह मेला खत्म हो जाता है। कुछ ही दुकानें यहां पर आपको देखने के लिए मिलती हैं और बहुत से लोग अपना दुकानें लेकर जाने लगते हैं । यहां पर आपको भंडारा भी मिल जाता है और पीने के लिए पानी भी मिल जाता है यहां पर रुकने की व्यवस्था भी होती है मगर अभी भी मंदिर बहुत दूर होता है। मेले में आपको एक बरसाती नाला देखने मिलता है, आप इससे आगे जाते है तो आपको भोले बाबा का छोटा सा मंदिर देखने मिलता है और यह से आपको विशाल पहाडा का मनोरम व्यू भी देखने मिलता है। बहुत से लोगों को यह मन्नत माॅग कर आते है और पहाडी में साष्टांग प्रणाम करते हूए चलते है।

Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा

पद्मशेष मंदिर


नागद्वार पर आपको बरसात के टाइम में छोटी-छोटी नदियां बहती हैं। यहां पर आपको बहुत सारी जगह झरनों देखने मिल जाती है। आप इन झरनों में नहाने का आंनद भी ले सकते है। आप पद्मशेष मंदिर पहूॅचते है तो यहां पर बहुत ज्यादा भीड होती है आपको यहां पर लाइन लगना पडता है। भगवान के दर्शन करने के लिए। आपको यहां पर भंडारा भी मिलता रहता है और यहां पर आपको पीने का पानी भी मिलता है। आपको दूर से ही मुख्य मंदिर दिखाई देता है। यहां पर गुफा भी स्थित है जहां पर शिव भगवान और नागदेवता की बहुत सी मूर्तिया आपको देखने मिलती है। आप भगवान के दर्शन करके आगे  बढा सकते है। यहां पर आपको बहुत सारी दुकान मिल जाती है और यह पर एक नाला भी बहता रहता है। जिसके आजू बाजू लोग गन्दा कर देते वैसे यहां पर जहां पर बरसाती नाले होते है, वहां पर लोग गंदा कर देते है। आप इस जगह से होते हुए आगे बढते है तो आपको पश्चिमद्वार के दर्शन करने मिलते है। यह पर एक झरना पहाडों के उपर से आता है और उसका पानी नीचे अडरग्राउण्ड हो जाता है। यहां पर उचे उचे पहाड है जिसके नीचे एक गुफा है जहां पर आपको शिव भगवान की मूर्ति स्थापित है।



Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा



Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा

स्वर्गद्वार

आप यहां पर आगे बढते है, कुछ दूरी चलने पर आपको एक नदी मिलती है। इसके बाद आपको यह पर पहाडों के उपर चढना होता है तो आपको लोहे की सीढियाॅ मिलेगी। इन लोहे की सीढ़ियों से चढ़कर आपको पहाड़ी पर चढ़ना होता है और पहाड़ी से चलते हुए आपको दूर से ही स्वर्ग द्वार देखने मिल जाता है, तो आप स्वर्ग द्वार पहुंचते हैं, तो यहां पर बहुत बड़ी पहाड़ी है। पहाड़ी में एक खूबसूरत संरचना है जिसे लोग स्वर्गद्वार कहते हैं। यहां पर भी एक छोटी सी गुफा है और गुफा में भगवान शिव का शिवलिंग रखा हुआ है। स्वर्गद्वार का जो व्यू होता है वहां लाजबाब होता है। स्वर्गद्वार के उपर छत में चटटान के उपर एक गुफा है जिसमें लोग नीबू को फेकते है, उस गुफा के अंदर नीबू जाना चहिए। इस तरह करने से कहा जाता है कि इच्छाए पूरी होती है। ये बहुत बडी पहाड की श्रृंखला है। इस पहाड़ी से बाजू से ही पहाड़ को काटकर ही रास्ता बनाया गया है, इस रास्ते में लोहे की राॅड लगी है, आपको इस रास्ते से ही आगे बढना होता है।

आपको आगे बढने पर एक और मंदिर देखने मिलते हैं और यह मंदिर भी बहुत ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर शायद चित्रशाला का होता है। इस यात्रा में हम लोग ने इन मंदिरों के ही दर्शन किए थे। यहां के दर्शन करके आप आगे जाते हैं तो आपको यहां से पर लगातार चलना पड़ता है।

आपको यहां पर आगे जा कर एक झरना देखने मिलता है जो बहुत ही खूबसूरत रहता है और यहां पर बहुत सारे लोग नहाते हुए भी आप को दिख जाते हैं, क्योंकि यहां तक आते-आते लोग बहुत ज्यादा थक जाते हैं और बहुत ज्यादा उन्हें गर्मी लगने लगती है, तो यहां पर बहुत से लोग नहाते हुए भी आप को दिख जाएंगे इसके बाद आपको लगातार पैदल चलना है। आप पैदल चलते चलते कालाझाड पहुंच जाते हैं। कालाझाड में आप रेस्ट करके अपनी आगे का सफर तय करें। अपनी घर या होटल की तरफ बढा सकते है। यहां पर शाम को भी लोग चलते रहते हैं और यहां मेले के समय में आपको शाम को भी जिप्सी मिल जाती है।


Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा



Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा



नागद्वार यात्रा की कुछ जानकारी

यहां पर बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। चारों तरफ हरियाली और पहाड़ रहते है। यहां पर आपको मंदिर के आसपास पानी की व्यवस्था मिल जाती है।  यह पानी पहाड से आता है। यह पानी बहुत शुध्द होता है। इस पानी का उपयोग भंडारा बनाने में भी होता है। वैसे यहां पानी साफ रहता है।

नागद्वार की पूरी यात्रा में आपको किसी भी तरह के शौचालय नहीं मिलते हैं। आपको जंगल में ही बाथरूम लैट्रिन करना पडता है। जंगल में आपका फोन का नेटवर्क काम नहीं करता है। आप जब कालाझाड पहुॅचकर आगे बढते है तब ही आपका फोन का नेटवर्क काम करता है।

यहां पर बहुत सारी दुकानें लगी रहती है। यहां पर खाने-पीने का सामान मिलता रहता है और यहां पर भंडारा भी मिलता रहता है। मगर मेरे हिसाब से तो आपको खाने पीने का सामान अपने साथ खुद लेकर जाना चाहिए क्योंकि यहां पर जो सामान मिलता है वह बहुत महंगा मिलता है, और पानी भी बहुत महंगा मिलता है। तो खाने पीने का सामान आप खुद लेकर जाइए और यहां पर आपको देशी शराब भी मिलती है। देसी शराब बहुत से लोग शराब पीकर यहां वहां डले रहते हैं। वैसे यह अच्छा नहीं लगता है। आप इस बात का जरूर ध्यान दीजिए। किसी भी धार्मिक जगह पर शराब का सेवन ना करिए और इस जगह की खूबसूरती का आनंद लीजिए।

यहां पर लोग भोले बाबा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते हैं। भोले बाबा के दर्शन करते हुए वापस आता है और यहां का जो नजारा रहता वह तो एकदम मस्त रहता है तो आपकी जो भी थकान रहती है। वह पूरी उतर जाती है। यहां पर आप जाएं तो किसी भी तरह का वजन बैग या फिर एकस्टा सामान लेकर ना जाए। जरूरी सामान ही लेकर चलें।

मेरा नागद्वार यात्रा का एक्सपीरियंस बहुत बढिया रहा है। मैने अपनी जिंदगी में पहली बार ऐसी जगह देखी है। यह जगह बहुत मस्त है। मैं यहां पर 2019 में गई थी। मेरा इस जगह 2020 में भी जाने का इरादा है।

नागद्वार यात्रा में आपको पद्मशेष मंदिर, पश्चिमद्वार, स्वर्गद्वार, चित्रशाला, अग्निद्वार, नागिनीपद्मिनी, चिंतामणि, गंगावणेश, श्रवणबोध, हलदीश, गुलेश, दादा धूनीवाले, नंदीगढ़, निशांगध, राजगिरि, देखने मिलती है जो बहुत ज्यादा आकर्षक है।

नागद्वार में आपको प्रकृति स्थल, हरियाली, प्राकृतिक दृश्य, झरने, पर्वत धाराएं और दुर्लभ वन्यजीव हैं।