सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जल मंदिर नरसिंहगढ़ - Jal Mandir Narsinghgarh

 नरसिंहगढ़ रियासत का जल मंदिर या पशुपतिनाथ मंदिर और पारसराम झील
Narsinghgarh State Jal Temple or Pashupatinath Temple and Parasram Lake


जल मंदिर नरसिंहगढ़ तहसील का एक मुख्य धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर झील के बीच में बना हुआ है। इसलिए इस मंदिर को जल मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर को पशुपतिनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर बहुत सुंदर लगता है। मंदिर में शिव भगवान का, जो शिवलिंग है। वह पंचमुखी है। शिव भगवान जी की प्रतिमा के सामने नंदी भगवान जी विराजमान है। इस झील को परशुराम झील या पारसनाथ झील के नाम से जाना जाता है। 

जल मंदिर बहुत ही सुंदर लगता है। इस मंदिर का दृश्य किले से आप देखेंगे, तो बहुत ही आकर्षक लगेगा और आप इस मंदिर में घूमने के लिए जा सकते हैं। हम लोग भी इस मंदिर में घूमने के लिए गए थे। यह मंदिर मुख्य नरसिंहगढ़ शहर में ही स्थित है और यह मंदिर नरसिंहगढ़ की बाजार के पास ही में स्थित है, तो आप यहां पर अगर बस से भी आते हैं, तो  पैदल घूमने के लिए आराम से आ सकते हैं।  वैसे हम लोग स्कूटी से इस मंदिर गए थे। हम लोग जल मंदिर पहुंच गए हैं। जल मंदिर के पास में ही पार्किंग के लिए व्यवस्था है। हम लोगों ने अपनी गाड़ी वहां पर खड़ी कर दी। उसके बाद हम लोग जल मंदिर गए थे। 

जल मंदिर पारसनाथ झील के बीच में बना हुआ है। झील का नाम पारसनाथ इसलिए पड़ा, क्योंकि पारसनाथ नरसिंहगढ़ रियासत में शासन किया करते थे। इसलिए झील का नाम उनके नाम पर पड़ा। झील के बीच में, जो मंदिर बना हुआ है। वह बहुत ही जबरदस्त लगता है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। मगर झील का पानी साफ नहीं है। झील का पानी पूरा काला काला है और झील में बहुत सारी मछलियां है। झील के किनारे आप देखेंगे, तो मछलियों पानी में बिछी हुई हैं। झील में बहुत सारे लोग कपड़े भी धो रहे थे। इस तरह से झील का पानी बहुत ज्यादा प्रदूषित हो रहा है और इस तरफ कोई भी ध्यान नहीं देता है। पारसनाथ झील के चारों तरफ मकान बने हुए थे। यहां पर बहुत सारे मंदिर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। इस झील के चारों तरफ घनी आबादी थी। हम लोग झील के पास पहुंचकर अपनी गाड़ी पार्किंग में खड़ी की। उसके बाद, हम लोग मंदिर गए। मंदिर तक जाने के लिए पुल बना हुआ था। वैसे मुझे यहां पर पुल में चलने में थोड़ा सा डर लग रहा था। 

मगर इस जगह पर हमने डर को थोड़ा साइड में रखा और मंदिर गए। मंदिर में हमने शिव भगवान जी के दर्शन किए। शिव भगवान जी का शिवलिंग बहुत ही सुंदर लग रहा था। पंचमुखी शिवलिंग, प्राचीन शिवलिंग यहां पर विराजमान है। बाहर नंदी भगवान जी का मूर्ति देखने के लिए मिलती है। मंदिर का जो डिजाइन है। वह भी पुराना है। हमने यहां पर कुछ बच्चों को देखा, जो यहां पर बोट राइट कर रहे थे। यहां पर पेडलबोर्ड का बच्चे लोग मजा ले रहे थे और सभी बच्चों ने सेफ्टी के लिए सेफ्टी जैकेट भी पहना हुआ था। यह बच्चे लोकल थे, जिनको बोट राइड करने में बहुत मजा आ रहा था। 

वैसे यहां पर बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। अगर आप चाहे, तो बोटिंग भी कर सकते हैं। मगर हम लोगों ने बोटिंग वगैरह नहीं किया। क्योंकि हम लोगों को बहुत लेट हो चुका था। यहां पर आकर अच्छा लगता है और शांति मिलती है। आप जब भी नरसिंहगढ़ जाते हैं, तो शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए जा सकते हैं। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है और महाशिवरात्रि के समय इस मंदिर को सजाया जाता है, जिससे मंदिर में चार चांद लग जाते हैं। शाम के समय लाइटिंग में यह मंदिर बहुत ही जबरदस्त लगता है। 

झील पर फव्वारा भी चल रहा था, जो बहुत ही अच्छा लग रहा था। यहां पर दो फव्वारे चल रहे थे। हम लोग जब गए थे। तब दोनों ही फव्वारे चल रहे थे। मंदिर से नरसिंहगढ़ किले का दृश्य बहुत ही सुंदर दिख रहा था। हम लोग करीब 15 से 20 मिनट यहां पर रुक कर फोटो क्लिक किए और शांति को अनुभव किया। यहां पर महाशिवरात्रि के समय और सावन सोमवार के समय बहुत सारे लोग भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं। यह जल मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है। यहां पर कावड़ यात्री आते हैं और भगवान शिव जी को जल चढ़ाते हैं। हमें इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगा और उसके बाद हम लोग को नरसिंहगढ़ किला जाना था और हम लोग अपने आगे के सफर की तरफ निकल गए। 


जल मंदिर नरसिंहगढ़ की फोटो - Photo of Jal Mandir Narsinghgarh


जल मंदिर नरसिंहगढ़ - Jal Mandir Narsinghgarh
झील में बने हुए फव्वारे 


जल मंदिर नरसिंहगढ़ - Jal Mandir Narsinghgarh
झील में बना हुआ जल मंदिर 


जल मंदिर नरसिंहगढ़ - Jal Mandir Narsinghgarh
जल मंदिर से किले का सुंदर दृश्य 


जल मंदिर नरसिंहगढ़ - Jal Mandir Narsinghgarh
दूर तक फैली हुई पारसनाथ झील




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रामघाट चित्रकूट के पास धर्मशाला - Dharamshala near Ramghat Chitrakoot

चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।