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भरतकूप चित्रकूट (Bharat Koop Chitrakoot) - चित्रकूट का चमत्कारी कुआ

भरतकूप मंदिर चित्रकूट - Bharatkoop Mandir Chitrakoot /  Bharat Koop Chitrakoot / चारों भाइयों का मंदिर

 
भरतकूप चित्रकूट के पास में स्थित एक धार्मिक जगह है। यहां पर आपको चारों भाइयों का मंदिर देखने के लिए मिलता है अर्थात यहां पर आपको श्री राम जी, लक्ष्मण जी, भरत जी और शत्रुघ्न जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको एक कुआं भी देखने के लिए मिलता है। जिसके बारे में कहा जाता है, कि इस कुएं में भरत जी ने सभी पवित्र जल स्त्रोत का जल लाकर इस कुआँ में डाला था। 
 
इस कुएं के बारे में लोगों की मान्यता यह है, कि इस कुएं का जल बहुत ज्यादा पवित्र है और इस कुएं के जल से अगर आप स्नान करते हैं, तो आपके जो भी रोग रहते हैं। वह नष्ट हो जाते हैं। इस कुआँ के जल को लोग पीते हैं और अपने साथ शीशी में भरकर लेकर जाते हैं। भरत जी ने सभी तीर्थ स्थलों के पवित्र जल को इस कुआ में डाला था। इसलिए इस कुएं को भरतकूप के नाम से जाना जाता है। 
 
कहा जाता है कि प्राचीन समय में भरत जी, श्री राम जी के राज अभिषेक के लिए यह जल सभी पवित्र तीर्थों से इकट्ठा किए थे। मगर राम जी अयोध्या वापस नहीं लौटे, तो  ऋषि अत्री के कहने पर भरत जी ने सभी पवित्र तीर्थों का जल कुएं में ही डाल दिया। इस कुएं के जल में सभी पवित्र तीर्थों का जल मिला हुआ है। इसलिए यह जल सबसे पवित्र है और यह जल मीठा है और इस जल में बीमारियों से लड़ने की शक्तियां भी है। 
 
आप जब भरतकूप मंदिर में आते हैं, तो आपको यहां पर चार भाइयों का मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर का नाम भी चार भाइयों का मंदिर ही है। मंदिर के अंदर आपको श्री राम जी, लक्ष्मण जी, भरत जी और शत्रुघ्न जी की बहुत ही प्यारी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर बाहर से भी देखने में बहुत ही खूबसूरत है। 
 
भरतकूप मंदिर के बाहर आपको प्रसाद की दुकानें देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां से प्रसाद चढ़ाने के लिए खरीद सकते हैं।  प्रसाद की दुकानों में आपको ज्यादातर प्लास्टिक की बोतल देखने के लिए मिलती हैं। प्लास्टिक की बोतलें लोग लेते हैं और उसमें कुए का जल भरकर अपने घर लेकर जाते हैं। हम लोगों ने भी एक बोतल यहां से ली थी। हम लोगों ने 2 लीटर की बोतल ली थी, जो 20 रूपए की आई थी। उसमें हम लोगों ने जल भरकर अपने घर तक लाया है। 
 
हम लोग सबसे पहले भरतकूप मंदिर में जाकर भगवान श्री राम जी, लक्ष्मण जी, भरत जी और शत्रुघ्न जी के दर्शन किए और उसके बाद हम लोगों ने मंदिर की परिक्रमा किया। मंदिर की परिक्रमा करने के बाद हम लोग भरतकूप के पास आए। जब हम लोग भरत कूप घूमने के लिए गए थे। तब यहां पर काम चल रहा था। भरतकूप के मरम्मत का काम चल रहा था। 
 
भरतकूप टीन के शेड से ढका हुआ है। ताकि इसमें कोई भी पत्ता ना गिरे। भरतकूप के पास हम लोगों को एक बाल्टी देखने के लिए मिली।  इस बाल्टी को आप कुएं में डाल कर पानी निकाल सकते हैं और आपके पास जो भी बर्तन हो, या प्लास्टिक की बोतल हो आप उसमें भर सकते हैं। हम लोग ने भी इस बाल्टी को कुएं में डाल कर पानी निकाला और अपनी बोतल भर लिए। हम लोगों ने पानी पिया और अपने ऊपर छिड़का। 
 
भरतकूप के पास ही में आपको बहुत सारे भगवान की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको हनुमान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती है और शंकर जी के शिवलिंग देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक बड़ा सा पीपल का वृक्ष है। पीपल के वृक्ष के नीचे ही भरतकूप स्थित है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। बहुत शांति मिलती है। 
 
भरतकूप मंदिर के बाहर ही आपको एक होटल देखने के लिए मिलती है। अगर आप सुबह जल्दी निकल जाते हैं। कुछ खा कर नहीं आते हैं, तो आप इस होटल में जाकर खा सकते हैं। जैसे हम लोग सुबह जल्दी घूमने के लिए आ गए थे, क्योंकि हमारे ऑटो वाले ने बोला था, कि आप जल्दी आ जाएगा। तभी आप सभी जगह घूम पाएंगे, तो हम लोगों ने इस होटल में जाकर चाय पिया और समोसे खाए। समोसे बहुत ज्यादा गर्म थे। मगर बहुत अच्छे लगे, खाने में। आप भी यहां पर आकर चाय और समोसे का आनंद ले सकते हैं। भरतकूप में आकर हम लोगों को बहुत अच्छा लगा। यहां पर एक मंदिर का निर्माण भी चल रहा है। आने वाले समय में यहां पर मंदिर बन जाएगा। 
 

भरतकूप चित्रकूट की फोटो 

Photo of Bharatkoop Chitrakoot

 


भरतकूप चित्रकूट (Bharat Koop Chitrakoot) - चित्रकूट का चमत्कारी कुआ
चार भाइयों का मंदिर

भरतकूप चित्रकूट (Bharat Koop Chitrakoot) - चित्रकूट का चमत्कारी कुआ
भरतकूप में चार भाइयों का मंदिर

भरतकूप चित्रकूट (Bharat Koop Chitrakoot) - चित्रकूट का चमत्कारी कुआ
भरतकूप - चमत्कारी कुआं

भरतकूप चित्रकूट (Bharat Koop Chitrakoot) - चित्रकूट का चमत्कारी कुआ
भरतकूप परिसर में बन रहा नया मंदिर

भरतकूप चित्रकूट (Bharat Koop Chitrakoot) - चित्रकूट का चमत्कारी कुआ
भरतकूप कुआं के पास स्थित शिवलिंग


भरतकूप चित्रकूट (Bharat Koop Chitrakoot) - चित्रकूट का चमत्कारी कुआ
भरतकूप परिसर में स्थित प्रसाद की दुकान

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राम शैय्या चित्रकूट - Ram Shaiya Chitrakoot

राम शैय्या चित्रकूट - Ram shaiyya Chitrakoot / राम शैय्या मंदिर चित्रकूट



 
राम शैय्या चित्रकूट में स्थित एक पवित्र स्थान है। इस स्थान पर आपको  प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलेगा। यहां पर एक चट्टान भी देखने के लिए मिलती है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसी चट्टान में श्री राम जी और माता सीता जी रात के समय आराम करते थे। आज भी इस चट्टान में आपको उनके चिन्ह देखने के लिए मिलते हैं। राम भगवान जी की कितनी लंबाई थी। वह आप इस चट्टान में देखकर पता लगा सकते हैं। राम जी और सीता जी के बीच में धनुष रखा जाता था। उस धनुष का चिन्ह भी आपको चट्टान में देखने के लिए मिल जाएगा।  
 
राम शैय्या में आपको हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाएंगे। श्री कृष्ण जी के भी दर्शन करने के लिए यहां पर आपको मिल जाते हैं। यहां पर आपको एक प्राचीन कुआं भी देखने के लिए मिलता है, जो पूरी तरह कवर कर दिया गया है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।  
 
राम शैय्या चित्रकूट से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आते हैं, तो ऑटो से आइए या आप अपने वाहन से यहां पर आ सकते हैं। हम लोग राम सिया में ऑटो से आए थे। हमारा ऑटो सुबह 9 बजे इस जगह में आने के लिए निकल गया था। यह जगह कामदगिरि पर्वत से आगे हैं और रास्ते में आपको खूबसूरत पहाड़ों का दृश्य देखने के लिए मिलता है। खेतों का दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको मोर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। मंदिर मुख्य सड़क पर स्थित है। मंदिर के सामने कुआं बना हुआ है, जो प्राचीन है। आप मंदिर में जाते हैं, तो आपको राम शैय्या शिला देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको एक पंडित जी मिलते हैं, जो आपको इस शिलाखंड के परिक्रमा करने के लिए कहते हैं और इस जगह के बारे में जानकारी देते हैं। इस जगह के बारे में उन्होंने हम लोगों को बताया कि राम जी यहां पर विश्राम करते थे और उनके भाई लक्ष्मण जी इस जगह की पहरा देते थे।  
 
यहां पर श्री कृष्ण जी का मंदिर है। आप उनके भी दर्शन कर सकते हैं। पंडित जी ने हमें दान दक्षिणा के लिए कुछ नहीं कहा था। मगर आप अपने मन से यहां पर दान जरूर करिएगा। यहां पर चारों तरफ आपको पहाड़ियों का खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है और यह जो मंदिर है। वह पहाड़ी से सटा हुआ ही है। मंदिर के बाजू में आपको एक छोटा सा ठहरने के लिए घर देखने के लिए मिलता है, जहां पर आप अगर पैदल आते हैं, या अपनी गाड़ी से आते हैं, तो रुक सकते हैं और आराम कर सकते हैं।
 

राम शैय्या चित्रकूट की फोटो 

Photo of Ram Shaiya Chitrakoot

 
 
राम शैय्या चित्रकूट - Ram Shaiya Chitrakoot
राम शैय्या के पास ठहरने की जगह

राम शैय्या चित्रकूट - Ram Shaiya Chitrakoot
राम शैय्या मंदिर जाने का मार्ग

राम शैय्या चित्रकूट - Ram Shaiya Chitrakoot
राम शैय्या मंदिर के सामने स्थित कुआं

राम शैय्या चित्रकूट - Ram Shaiya Chitrakoot
पहाड़ों से सटा हुआ राम शैय्या मंदिर

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नाहन देवी मंदिर जबलपुर - Nahan Devi Temple Jabalpur

नाहन देवी मंदिर जबलपुर - Nahan devi Jabalpur / Nahan Devi Mandir Jabalpur


 
नाहन देवी मंदिर जबलपुर जिले में स्थित एक बहुत ही अद्भुत मंदिर है। इस मंदिर में आपको एक बड़ी सी चट्टान देखने के लिए मिलती है, जिसे देवी के रूप में पूजा जाता है। यहां के आसपास गांव के लोगों में इस मंदिर के प्रति बहुत श्रद्धा रखते है। बहुत से दूर दूर से लोग इस मंदिर में घूमने के लिए आते हैं। इस मंदिर में मन्नत मानते हैं। कहा जाता है कि, जो भी लोग  इस मंदिर में आकर देवी के सामने मन्नत मानता है। उसकी मन्नत जरूर पूरी होती है और वह इस मंदिर में दोबारा जरूर आता है।  
 
नाहन देवी मंदिर जबलपुर जिले में हिरण नदी के बीचो-बीच बना है। हिरण नदी के बीचों-बीच एक बहुत बड़ी चट्टान है, जिसे देवी के रूप में पूजा जाता है। इसी चट्टान में आपको छोटे-छोटे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। जब नदी में बाढ़ आती है, तब यह  छोटे-छोटे मंदिर डूब जाते हैं और बड़ी सी चट्टान देखने के लिए मिलती है, जिनकी पूजा लोग करते हैं।  
 
 

नाहन देवी मंदिर कहाँ है 

Where is Nahan Devi temple

 
नाहन देवी मंदिर जबलपुर जिले में जबलपुर दमोह रोड में स्थित है। यह मंदिर कटंगी के पास में स्थित है। नाहन देवी मंदिर कटंगी के पास ककरहटा गांव में स्थित है। मंदिर में जाने के लिए आपको इस गांव में जाना पड़ता है। इस गांव में जाने के लिए अच्छी सड़क बनी हुई है। आपको इसका बड़ा सा प्रवेशद्वार जबलपुर दमोह हाईवे रोड में ही देखने के लिए मिल जाता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है। अगर आप मंदिर तक पहुंचने से पहले रास्ता भटक जाते हैं, तो आप गांव वालों से मंदिर तक जाने के लिए रास्ता पूछ सकते हैं। गांव वाले आपको आराम से मंदिर तक जाने के लिए रास्ता बता देते हैं। आप मंदिर पहुंचते हैं, तो मंदिर के सामने एक बड़ा सा ग्राउंड बना हुआ है। इस ग्राउंड में मेला लगता है।  
 
 

नाहन देवी मंदिर का मेला 

Fair of Nahan Devi Temple

 
नाहन देवी मंदिर में नवरात्रि के समय और 14 जनवरी अर्थात मकर संक्रांति के समय विशाल मेला लगता है। इस मेले में दूर-दूर से लोग आते हैं। इस मेले में आपको झूले एवं तरह तरह की दुकानें देखने के लिए मिल जाती हैं। मंदिर के पास ही में पीने के पानी के लिए टंकी भी रखी हुई है। नाहन देवी मंदिर के पास आपको प्रसाद की एक दुकान देखने के लिए मिलती हैए जहां से आप देवी जी को प्रसाद चढ़ाने के लिए खरीद सकते हैं।  
 
 
नाहन देवी मंदिर हिरण नदी के पास में बना है, जिससे मंदिर का दृश्य बहुत ही खूबसूरत लगता है। इस जगह पर हिरण नदी बहुत गहरी है। कहा जाता है कि अगर कोई यहां पर डूब जाता है, तो वह वापस नहीं आ पाता है। आपको यहां पर बहुत सारी मछलियां भी देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर पंछियों की आवाज बहुत ही सुरीली लगती है। तोते यहां पर टाय टाय करते रहते हैं, जो आपको बहुत अच्छी लगेगी।  
 
नाहन देवी मंदिर पर मैंने देखा है, कि नवरात्रि के समय यहां पर नदी में पानी रहता है। फिर भी लोग अपनी जान की परवाह नहीं करते हैं और नदी के बीच में स्थित चट्टान में लोग माता के दर्शन करने के लिए जाते हैं। नदी को पार करके। लोगों को नाहन देवी के प्रति इतनी श्रद्धा है, कि लोग किसी भी चीज की परवाह नहीं करते हैं। यहां पर आपको चट्टानों में छोटे-छोटे मंदिर और भी देखने के लिए मिलेंगे।  
 
यहां पर नाहन देवी माँ का ज्यादा बड़ा मंदिर नहीं बना हुआ है।  छोटे-छोटे तीन मंदिर एक ही चट्टान पर बने हुए हैं और दूसरी चट्टान में आपको छोटे-छोटे अन्य मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं, जिसमें काली माता की प्रतिमा और शंकर जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर आकर बहुत ही अच्छा लगता है। चारों तरफ प्राकृतिक दृश्य का बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर माता के दर्शन कर सकते हैं और शांति से कुछ समय बिता सकते हैं।
 

नाहन देवी मंदिर की फोटो 

Photo of Nahan Devi Temple

 
 
नाहन देवी मंदिर जबलपुर - Nahan Devi Temple Jabalpur
चट्टान में स्थित नाहन देवी में मंदिर

नाहन देवी मंदिर जबलपुर - Nahan Devi Temple Jabalpur
नाहन देवी मंदिर का खूबसूरत दृश्य

नाहन देवी मंदिर जबलपुर - Nahan Devi Temple Jabalpur
हाईवे रोड पर स्थित नाहन देवी मंदिर का प्रवेश द्वार

 
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श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakoot

 भरत मिलाप चित्रकूट - Bharat Milap Chitrakoot / Bharat Milap Temple Chitrakoot


 
भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के रास्ते में ही पड़ता है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर में आपको राम जी और भरत जी, लक्ष्मण जी और शत्रुघ्न जी के चरण के चिन्ह देखने के लिए मिलते हैं, जो चट्टानों पर बन गए हैं। आपको यहां पर सीता जी और कौशल्या जी के चरण चिन्ह भी देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर बहुत ही प्राचीन है।  
 
मान्यता है, कि जब भरत जी राम जी से मिलने के लिए आए थे और उन्हें अयोध्या वापस ले जाने लिए मनाने के लिए आए थे। तो वह इसी जगह पर राम जी से मिले थे। राम जी और भरत जी  प्रेम को देखकर, जो यहां की चट्टाने हैं। वह भी पिघल गई थी और उनके चरण चिन्ह चट्टाने में उभर गए थे।  
 
आपको भरत मिलाप मंदिर के बाहर ही राम भगवान, सीता जी, लक्ष्मण जी और भरत जी की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगती हैं और ऐसा लगता है कि यह जीवंत प्रतिमाएं हैं। मंदिर का प्रवेश द्वार आपको देखने के लिए मिलता है, जिसमें आपको लिखा है, कि आप यहां जरूर दर्शन करें, क्योंकि यह मंदिर बहुत ही प्राचीन है और परिक्रमा मार्ग मंदिर के अंदर से भी होकर जाता है। इसलिए आप इस मंदिर में जरूर दर्शन करें।  
 
आपको भरत मिलाप मंदिर में तुलसी दास जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इसके साथ ही हैं मंदिर में आपको राम भगवान जी, भरत जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। जिसमें राम जी, भरत जी को अपनी चरण पादुका दे रहे हैं। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है। यहां का माहौल जो है बिल्कुल शांत है और यहां पर आपको बंदर देखने के लिए मिल जाएंगे।  
 
भरत मिलाप मंदिर में जिस जगह पर राम जी और भरत जी मिले थे। उस जगह पर चट्टाने पिघल गई है। चट्टानों को चारों तरफ से बाउंड्री वॉल बनाकर घेर दिया गया है और लोहे की सलाखें लगा दी गई है, ताकि लोगों चट्टानों को बाहर से ही देख सकें। आप इन चट्टानों में साफ-साफ देख सकते हैं। राम जी के चरण भरत जी के चरण आपको एक चट्टान में देखने मिल जाएगे और शत्रुघ्न जी के चरण और लक्ष्मण जी के चरण भी आपको दूसरी चट्टान में देखने मिलते है। कौशल्या माता और सीता माता के चरण आपको एक चट्टान में देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको कुल 3 चट्टाने देखने के लिए मिलती हैं, जिनमें आप को चरण चिन्ह के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।
 
जब हम लोग भरत मंदिर पर गए थे। तब एक सन्यासी यहां पर ध्यान कर रहे थे। यहां पर एक सन्यासी और आए थे, जो राम और भरत जी के चरणों की परिक्रमा कर रहे थे। हम लोगों ने भी राम और भरत जी के चरणों की परिक्रमा करें और उसके बाद लक्ष्मण जी और शत्रुघ्न जी के चरणों की परिक्रमा करें। कुछ देर बाद यहां पर कुछ और लोग घूमने के लिए आए। उनमें से एक व्यक्ति बोले कि यहां पर इनके चरणों के चिह्न कैसे बन गए। क्या लक्ष्मण, राम जी और भरत जी यहां पर कूद रहे थे। यह बात उन सन्यासी जी ने सुन ली और उन्होंने उन लोगों को समझाया, कि राम जी और भरत जी यहां कूद नहीं रहे थे। राम जी और भरत जी के मिलन से यह पृथ्वी इतनी खुश हो गई, कि चट्टाने भी पिघल गई।  इस कारण उनके चरण चिन्ह चट्टानों पर उभर आए। आप भी आएंगे, तो आपको भी ऐसी कुछ संत ऐसे मिलेंगे, जो आपको ज्ञान की बातें बताएगे। हम लोगों इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगा। 
 

भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट की फोटो

Photo of Bharat Milap Temple Chitrakoot

 

श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakoot
भरत मिलाप मंदिर में स्थित चट्टानों में उभरे चरण चिन्ह

 
 
श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakootश्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakoot
सीता माता की आकर्षक प्रतिमा

श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakoot
राम जी, लक्ष्मण जी, भरत जी, शत्रुघ्न जी का मिलन

श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakoot
भरत मिलाप मंदिर परिसर

श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakoot
राम भगवान जी अपने चरण पादुका भरत जी को देते हुए

श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakoot
प्राचीन भरत मिलाप चरण चिन्ह मंदिर का मुख्य द्वार

श्री भरत मिलाप मंदिर चित्रकूट - Shri Bharat Milap Mandir Chitrakoot
राम जी और भरत जी के चरण चिन्ह

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कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot

कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Chitrakoot / Kamadgiri Parvat Chitrakoot / कामदगिरि / Chitrakoot Pahad



कामदगिरि पहाड़ी की परिक्रमा करने से पुण्य अर्जित होता है, इसलिए जो भी व्यक्ति चित्रकूट घूमने के लिए आता है। वह कामदगिरि की परिक्रमा जरूर करता है। यह भी कहा जाता है कि कामदगिरि मंदिर में कामतानाथ के दर्शन करने के बाद, जो भी परिक्रमा करता है। उसके मन में जो भी इच्छा होती है। वह जरूर पूरी होती है। यहां पर आपको हजारों लोग परिक्रमा करते हुए देखने के लिए मिल जाते हैं। कामदगिरि पहाड़ को ही चित्रकूट पहाड़ भी कहा जाता है। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग 5 किलोमीटर है और इस परिक्रमा मार्ग में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इनमें से कुछ मंदिर बहुत ही प्राचीन है। आप कह सकते हैं, कि जब रामचंद्र जी चित्रकूट में रहते थे। उस समय के भी मंदिर आपको यहां पर देखने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं। मगर यह बंदर किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाते।


कामदगिरि पर्वत का इतिहास
History of Kamadgiri Mountains

 

कामदगिरि पर्वत चित्रकूट 
Kamadgiri Mountains Chitrakoot

चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसी मान्यता है, कि 14 वर्ष के वनवास के दौरान श्री राम में साढे 11 वर्ष कामदगिरि पर्वत के घने जंगलों में ही गुजारे थे। कामदगिरि पर्वत की विशेषता है, कि इसके चार प्रमुख द्वार चार अलग-अलग दिशा में है। श्रीराम इन्ही जंगल में निवास करते थे और यहां से निकलने के लिए उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में एक-एक द्वार बनाया गया था। 

जब भगवान श्रीराम ने यहां से जाने लगे, तो चित्रकूट पर्वत ने उनसे कहा प्रभु आपने तो यहां वास किया है। इसलिए अब यह भूमि पवित्र हो गई। लेकिन आपके जाने के बाद हमें कौन पूछेगा। इस पर श्री राम जी ने उन्हें वरदान देते हुए कहा अब आप कामद हो जाएंगे, यानी इच्छाओं की पूर्ति करने वाले बन जाएंगे, जो आप की शरण में आएगा। उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी और हमारी कृपा बनी रहेगी। 


कामदगिरि पहाड़ी की परिक्रमा कामत नाथ मंदिर से शुरू होती है। यहां पर आप कामत नाथ जी के दर्शन करके परिक्रमा स्टार्ट करते हैं और आप की परिक्रमा कामत नाथ मंदिर में ही आकर समाप्त होती है। परिक्रमा मार्ग में आपको कामत नाथ मंदिर के प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलते हैं, जहां पर कामत नाथ जी विराजमान है। आपको करीब वहां पर चार प्रवेश द्वार देखने मिलेंगे,  जहां पर आपको कामत नाथ जी के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। 

हम लोगों ने भी परिक्रमा कामदगिरि मंदिर से शुरू करें। यहां पर हम लोगों को बंदर मिलने स्टार्ट हो गए थे। यहां पर आपको बहुत सारे अलग-अलग दुकान एवं ठेले देखने के लिए मिलते हैं। यह हमें चने के ठेला देखने के लिए मिला। यहां पर हम लोगों ने बंदरों को खिलाने के लिए चने लिए। यहां पर चने वाली दुकान में हमें बहुत सारे सिक्के भी देखने के मिले। जो एक और दो के थे। हम लोगों ने पूछा कि यह सिक्के आप क्यों रखे हैं, तो ठेला वाले ने कहा, कि आप यह सिक्के यहां पर दान कर सकते हैं। जो भी लोग यहां पर आप से दान मागे, आप उन्हें दे सकते हैं। हम लोगों ने यह सिक्के भी ठेला वाले से ले लिए। यह सिक्के आपको ₹10 में 9 सिक्के मिल जाते हैं। मतलब ₹10 में आपको ₹9 मिलते हैं। आप यह सिक्के किसी को भी दान में दे सकते हैं। 

उसके बाद हम लोग आगे बढ़े। यहां पर आपको बहुत सारे बाबा लोग भी मिलते हैं, जो आप लोगों को विश्वास दिलाते हैं, कि आप उन्हें कुछ दान दक्षिणा करें, तो वह आपकी समस्याओं का हल करेंगे, तो आप चाहे तो उन्हें दान दक्षिणा कर सकते हैं। अगर आपका ऐसा कोई इरादा ना हो, तो आप अपनी परिक्रमा जारी रख सकते हैं। आगे चलकर हमें यहां पर केले और गाजर की ठेले देखने के लिए मिले। 

कामदगिरि परिक्रमा में बहुत सारे श्रद्धालु आते हैं, जो दान दक्षिणा में करते हैं। यहां पर बंदर ढेर सारे हैं। इसलिए गाजर और केले के ठेले लगे रहते हैं। यहां पर अन्य सब्जियों के भी आपको ठेले देखने के लिए मिल जाएंगे, जैसे भटा हो गया टमाटर हो गया। इन सभी के ठेले भी यहां पर लगे रहते हैं। श्रद्धालु इन सामानों को खरीद कर बंदरों या लोगों को दान कर सकते हैं। वैसे यहां पर बंदर बहुत हैं, तो लोग यहां पर बंदरों को ही यह सभी चीजें दान करते हैं। यहां पर श्रद्धालु कभी-कभी पूरा-पूरा ठेला खरीद लेते हैं और दान करते हुए चलते हैं। हम लोगों ने भी यहां पर एक दर्जन केले लिए, जो हमने बंदरों को खिलाएं। जब हम लोग बंदर को केला खिला रहे थे। तब एकदम से ढेर सारे बंदर आ गए, जिससे हम लोगों को बहुत डर लगने लगा था। मगर जो हमारा केले वाले भैया थे, उन्होंने बोले कि आप खिला दीजिए और वह कुछ नहीं करेंगे, तो हम लोगों ने केले खिला दिए। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में आपको बंदरों के अलावा भी बहुत सारे जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको गाय भी देखने के लिए मिल जाती है। बकरियां भी देखने के लिए मिल जाती है और कुत्ते भी देखने के लिए मिल जाते हैं। आप इन्हें भी कुछ खिलाना चाहे तो खिला सकते हैं। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में हमें बहुत सारे मंदिर भी देखने मिले। इनमें से कुछ मंदिर बहुत ही खूबसूरत बने हुए हैं और कुछ मंदिर बहुत पुराने हैं और जर्जर हालत में है। कामदगिरि में बांके बिहारी जी का मंदिर है। यह कामदगिरि मंदिर के पास ही में स्थित है। जब आप कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में जाएंगे, तो आपको श्री हनुमान गढ़ी या बड़ा हनुमान मंदिर देखने के लिए मिलेगा और श्री कामना देवी अष्टभुजी माता का मंदिर देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आपको बाबा भी मिलेंगे। आप आगे जाते हैं, तो आपको यहां पर काली माता का एक और मंदिर देखने के लिए मिलेगा। भगवान शंकर जी की पंचमुखी प्रतिमा देखने के लिए मिलेगी। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर देखने के लिए मिलेगा, जो बहुत खराब हालत में था। यहां पर आपको प्राचीन अनादी श्री कामनाथ मुखर बिंदु मंदिर देखने के लिए मिलेगा। यह कामदगिरि का पहला द्वार है। 

आप कामदगिरि परिक्रमा में आगे बढ़ते हैं, तो आपको श्री राम जानकी महल मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर के पास भी बहुत सारे बाबा लोग बैठे रहते हैं, जो आपसे दान में पैसे मांगते हैं। आप आगे जाएंगे, तो आगे आपको रास्ते में ही नरसिंह भगवान की प्रतिमा देखने के लिए मिलेंगे। यहां मंदिर नहीं बना हुआ है, सिर्फ प्रतिमा रखी गई है। छाँव के लिए ऊपर घास बिछा दिया है। यहां पर नरसिंह भगवान हिरण कश्यप का वध कर रहे है। आप आगे जाएंगे, तो आपको महानिर्वाणी अखाड़ा देखने के लिए मिलेगा। यह मंदिर भी काफी बड़ा है और काफी खूबसूरत है। आप आगे जाएंगे, तो आपको श्री धनुष धारी वनवासी राम मंदिर देखने के लिए मिलेगा। श्री धनुषधारी मंदिर के पास ही आपको भगवान शंकर और मां पार्वती जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलेगी। यहां पर राम भगवान जी की भी आपको प्रतिमा देखने के लिए मिलते हैं। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में आगे जाने पर आपको श्री साक्षी गोपाल मंदिर देखने के लिए मिलता है। आप इस मंदिर में भी दर्शन कर सकते हैं। आगे जाने पर आपको श्री बद्री नारायण मंदिर के दर्शन करने के लिए मिलते हैं और यह आश्रम भी है। आगे जाने पर आपको श्री गुरु वशिष्ठ आश्रम देखने के लिए मिलता है। यहां पर गुरु वशिष्ट जी की प्रतिमा विराजमान है। उसके अलावा आपको यहां पर सती अनुसुइया एवं बाल रूप में त्रिदेव की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर भगवान राम, सीता और लक्ष्मण जी और हनुमान जी की प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिल जाएगी, जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में आपको राम भरत मिलाप मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में आपको जब राम जी भरत जी से मिले थे। तब चटटने भी उनके मिलने से पिघल गई थी तो वह चटटने आप यहां पर देख सकते हैं। यह मंदिर कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर स्थित एक प्रमुख मंदिर है। 

आगे बढ़ने पर आपको प्राचीन ब्रह्मा रमा बैकुंठ कामत नाथ मंदिर देखने के लिए मिलता है। आप इस मंदिर के भी दर्शन कर सकते हैं। आगे जाने पर आपको विराज कुंड देखने के लिए मिलता है। विराज कुंड  एक प्राचीन कुंड है  और इसमें पानी भी भरा है। यहां पर बंदर पानी पीते है। यह कुंड चारों तरफ से लोहे के पाइप से कवर है। आगे बढ़ने पर आपको लेटे हुए हनुमान जी देखने के लिए मिलते हैं। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में आगे बढ़ने पर श्री कामधेनु माता का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर प्राचीन है। मंदिर में जाने के सीढ़ी है। आप आगे जाते हैं तो आपको श्री साकेत बिहारी आश्रम देखने के लिए मिलता है, जो खूबसूरत लगता है। आपको यहां पर लक्ष्मण पहाड़ी भी देखने के लिए मिलती है। लक्ष्मण पहाड़ी पर जाने के लिए आपको रोपवे और सीढ़ियां दोनों ही मिलती है, तो आप आसानी से लक्ष्मण पहाड़ी में जा सकते हैं। यहां पर आपको श्री राम जी माता, सीता जी और लक्ष्मण जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग आप आगे जाते हैं, तो आपको श्री नरसिंह अवतार दर्शन एवं लक्ष्मण झूला मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर भी प्रमुख है और आप इस मंदिर को देख सकते हैं। काफी खूबसूरत और काफी बड़ा मंदिर है। आप आगे जाएंगे, तो आपको कामतनाथ मंदिर का तृतीय मुख्य बिंदु मतलब प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलेगा। आप आगे जाएगे, तो आपको  लक्ष्मी नारायण मंदिर देखने के लिए मिलता है और कामत नाथ जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको बद्रीनारायण मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। आप आगे जाएंगे, तो आपको बरहा के हनुमान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलेगा। इस मंदिर का भी पौराणिक महत्व है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यहां स्थापित मूर्ति की स्वयं प्रकट हुई है। 

आगे जाने पर आपको श्री रघुवीर किशोरी जी मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह पश्चिमी प्रवेश द्वार है। आप इनके भी दर्शन कर सकते हैं। आगे जाने पर आपको चोपड़ा मंदिर देखने के लिए मिलता है। चोपड़ा मंदिर में आपको एक प्राचीन बावड़ी भी देखने के लिए मिल जाएगी। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में चोपड़ा मंदिर के बाद आपको हमें पीली कोठी नाम का एक बोर्ड देखने के लिए मिला। मगर यहां पर पीली कोठी कहीं नहीं दिख रही थी। यह इस जगह का नाम है। आगे बढ़ने पर हमें चित्रकूट पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ स्वामी दयानंद जी महाराज का आश्रम देखने के लिए मिला। आप इसे पीली कोठी चित्रकूट आश्रम भी कहा सकते है।  यह आश्रम में बहुत बड़ा था और अच्छा था। आगे बढ़ने पर हमें श्री वनवासी राम मंदिर देखने के लिए मिला, जो पीली कोठी ट्रस्ट द्वारा संचालित होता है। आगे जाने पर हमें लोधी राजपूत धर्मशाला देखने के लिए मिली। यह धर्मशाला है।  यहां पर हनुमान जी के एक बड़ी सी मूर्ति प्रवेश द्वार पर लगी  रखी हुई थी और प्रवेश द्वार में गणेश जी का चित्र बना हुआ था। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ने पर हमें सरयू कुंड देखने के लिए मिला। सरयू कुंड एक तालाब है और यह तालाब जब हम गए थे। तब सुखा हुआ था। तालाब बरसात के समय शायद पानी से भरा रहता है। यहां पर बैठने के लिए अच्छी जगह बनी हुई थी। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ने पर हमें कामत नाथ जी का चौथा फाटक देखने के लिए मिला और आप इस मंदिर में भी जाकर दर्शन कर सकते हैं। आगे जाने पर हमें दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर देखने के लिए मिला। श्री विजय राघव भगवान जी का मंदिर हमें यहां पर देखने के लिए मिला। श्री सीताराम जी का मंदिर देखने के लिए मिला। श्री जगदीश मंदिर हमको यहां पर देखने के लिए मिला। श्री बलदाऊ जी का मंदिर भी देखने के लिए मिला। परिक्रमा करते हुए श्री बांके बिहारी के मंदिर पहुंच गए। इस तरह मंदिरों के दर्शन करते हुए हम कामदगिरि मंदिर तक पहुंच गए हैं। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पूरा पक्का बना हुआ है और इस मार्ग छाया के लिए लोहे के शेड लगे हुए हैं। ताकि किसी भी तरह की परेशानी लोगों को ना हो। लोग आराम से परिक्रमा मार्ग में चल सके। आपको परिक्रमा मार्ग में एक जगह पर आपको बहुत सारी खाने पीने की दुकानें देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको तरह-तरह की मिठाइयां, नमकीन आइटम मिल जाते हैं। आप यहां से चाय नाश्ता भी कर सकते हैं और खरीद के भी अपने घर लेकर जा सकते हैं। परिक्रमा मार्ग में आप कामदगिरि पहाड़ी को देखते हैं, तो यहां पर सरकार की तरफ से बहुत सारे पेड़ लगाए हुए हैं। यहां पर जगह-जगह पर आपको गंदगी न फैलाने का बोर्ड देखने के लिए मिल जाता है। आप इस चीज का जरूर पालन करें। किसी भी प्रकार की गंदगी ना फैलाएं। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में हम लोगों को करीब 5 घंटे लगे थे, क्योंकि हम लोग आराम से परिक्रमा कर रहे थे। आप चाहें तो यहां पर जल्दी परिक्रमा कर सकते हैं। करीब 2 से ढाई घंटे में यह परिक्रमा पूरी हो जाती है। परिक्रमा मार्ग में आपको बहुत सारी दुकान देखने के लिए मिलती है। जहां पर आपको पौराणिक किताबें, पर्स, बैग, धार्मिक सामान, सिंदूर, खिलौने बहुत सारे चीजें मिल जाती हैं, तो आप यहां पर शॉपिंग करते हुए भी परिक्रमा कर सकते हैं। 

कामदगिरि परिक्रमा करने में जो भी लोग असमर्थ रहते हैं। उनके लिए यहां पर व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध रहती है। यहां पर छोटे-छोटे बच्चे व्हीलचेयर के द्वारा बूढ़े लोगों को और असमर्थ लोगों को कामदगिरि की परिक्रमा करवाते हैं और उनको कुछ चार्ज पे करना पड़ता है, तो यहां पर सभी लोग परिक्रमा आराम से कर सकते हैं। 

कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में हम लोगों को बहुत अच्छा लगा और एक अलग तरह का अनुभव मिला।

 

कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट की फोटो
Photo of Kamadgiri Parikrama Chitrakoot

 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि परिक्रमा मार्ग 



कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री राम जानकी महल मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि परिक्रमा मार्ग 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
नरसिंह भगवान की प्रतिमा 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि परिक्रमा मार्ग 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि परिक्रमा मार्ग 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री साक्षी गोपाल मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री धनुषधारी वनवासी राम मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि पर्वत 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री गुरु वशिष्ट जी की प्रतिमा 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
सती अनसूया एवं बाल रूप श्री त्रिदेव जी की मूर्तियां


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री राम जी, माता सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की मूर्तियां


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
विराज कुंड 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में लगा बाजार


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री कामधेनु माता का मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री भरत मिलाप मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि परिक्रमा का तीसरा प्रवेश द्वार 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में लगा बाजार 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
प्रकट हुए बरहा के श्री हनुमान जी का मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री रघुवीर किशोर मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
पीली कोठी का बोर्ड 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
श्री बांके बिहारी जी का मंदिर 


कामदगिरि परिक्रमा चित्रकूट - Kamadgiri Parikrama Chitrakoot
कामदगिरि पर्वत का दृश्य

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कामदगिरि मंदिर चित्रकूट  

चित्रकूट में धर्मशाला

रामघाट चित्रकूट

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)


कामदगिरि मंदिर चित्रकूट - Kamadgiri Temple Chitrakoot

कामदगिरि मंदिर चित्रकूट -  Kamadgiri mandir Chitrakoot / Kamadgiri Temple



कामदगिरि मंदिर चित्रकूट का एक प्रसिद्ध मंदिर है। कामदगिरि मंदिर को कामत नाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। कामदगिरि मंदिर कामदगिरि पहाड़ी में स्थित है और कामदगिरि परिक्रमा कामदगिरि मंदिर से ही शुरू होती है। कामदगिरि मंदिर में आपको कामत नाथ की आकर्षक प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा काले रंग की है। कामदगिरि मंदिर चित्रकूट से करीब 2 से ढाई किलोमीटर दूर होगा। कामदगिरि मंदिर में आने के लिए आप ऑटो का प्रयोग कर सकते हैं। ऑटो किराया आपका ₹10 लगता है और ऑटो वाला आपको कामदगिरि मंदिर के एंट्री गेट पर छोड़ देता है। 

कामदगिरि मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि आप यहां पर जो भी मनोकामना लेकर आते हैं, तो आपकी वह मनोकामना पूरी होती है और भगवान आपको उसका फल जरूर देता है। 

कामदगिरि मंदिर के एंट्री गेट में आपको बहुत सारे प्रसादओं की दुकान देखने के लिए मिलती है। मंदिर के गेट से लेकर मुख्य मंदिर तक आपको बहुत सारी प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलती है। आप जिस भी दुकान में चाहे प्रसाद ले सकते हैं। यहां पर प्रसादओं की दुकान में आप अपनी चप्पल भी रख सकते हैं, क्योंकि आपको कामदगिरि परिक्रमा करनी पड़ती है, जिसमें आप बिना चप्पल पहने पूरी परिक्रमा करते हैं। प्रसाद की दुकान में जो आप प्रसाद लेते हैं। प्रसाद का मूल्य ₹50 रहता होता है। प्रसाद में आपको नारियल, चिरौंजी, अगरबत्ती, धागा यह सभी आइटम दिए जाते हैं। यहां पर प्रसाद के अलावा भी आपको बहुत सारे सामान मिलते हैं। जैसे बच्चों के खिलौने आपको मिल जाएंगे और सिंदूर वगैरह मिल जाएगा। आप यह सब भी खरीदना चाहेए तो खरीद सकते हैं। उसके बाद आप मंदिर जाते हैं, तो आपको मंदिर का भव्य प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलता है। आप मंदिर के अंदर जाते हैं, तो आपको कामत नाथ जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

कामतनाथ मुख्य मंदिर में आपको दो पंडित जी देखने के लिए मिलते हैं, जो आपसे प्रसाद लेते हैं और कामत नाथ जी भगवान को चढ़ा देते हैं। यहां पर एक साइट पर आप नारियल तोड़ सकते हैं और अगरबत्ती जला सकते हैं। यहां पर आपको श्री राम जी, लक्ष्मण जी और मां सीता जी के दर्शन करने भी मिलते हैं। 

कामतनाथ मंदिर के परिसर में कुछ अन्य पंडित जी भी बैठे रहते हैं, जिनसे आप धागा बंधा सकते हैं और उन्हें दक्षिणा दे सकते हैं। मंदिर में आ कर बहुत अच्छा लगता है और यहां पर हमेशा ही भीड़ लगी रहती है। उसके बाद आप परिक्रमा के लिए निकलते हैं और यह परिक्रमा 5 किलोमीटर की होती है, जो कामदगिरि पहाड़ी की करनी होती है। कामदगिरि मंदिर में आकर और कामतनाथ के दर्शन कर के   बहुत ही अच्छा लगता है।  


कामदगिरि मंदिर की फोटो
Photo of Kamadgiri temple


कामदगिरि मंदिर चित्रकूट - Kamadgiri Temple Chitrakoot
कामदगिरि मंदिर का प्रवेश द्वार



कामदगिरि मंदिर चित्रकूट - Kamadgiri Temple Chitrakoot
कामदगिरि मुख्य मंदिर 


कामदगिरि मंदिर चित्रकूट - Kamadgiri Temple Chitrakoot
कामदगिरि में लगी हुई दुकानें 


कामदगिरि मंदिर चित्रकूट - Kamadgiri Temple Chitrakoot
कामदगिरि मंदिर का रास्ता



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रामघाट चित्रकूट

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)

जवाहर तारामंडल इलाहाबाद

आनंद भवन इलाहाबाद


आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज) - Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad (Prayagraj)

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज) - Adi Viman Mandapam Mandir Allahabad (Prayagraj) /  Allahabad Tourism / इलाहाबाद पर्यटन

 
आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद का एक प्रसिद्ध मंदिर है। विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद में संगम स्थल के पास ही में स्थित है। आदि विमान मंडपम मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बना हुआ है। इस मंदिर में आपको चार मंजिल देखने के लिए मिलती है, जिनमें से तीन मंजिलों में भगवान जी की स्थापना की गई है। इस मंदिर के ग्राउंड फ्लोर में मीनाक्षी माता की प्रतिमा विराजमान है। आप उनके दर्शन कर सकते हैं। सेकंड फ्लोर में आपको भगवान बालाजी की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाएगी और थर्ड फ्लोर में आपको शिव जी का शिवलिंग देखने के लिए मिल जाएगा। यह मंदिर कांची शंकराचार्य मठ के द्वारा बनवाया गया है। इस मंदिर की कारीगरी बहुत ही खूबसूरत है।  
 
आप आदि विमान मंडपम मंदिर में आएंगे, तो इस मंदिर की दीवारों पर आपको खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलेगी। इस मंदिर में आपको हर जगह पर मूर्ति की स्थापना देखने के लिए मिलती है। यह मूर्तियां काले पत्थर से बनी हुई है और बहुत ही आकर्षक लगती है। इस मंदिर में आपको खूबसूरत पेंटिंग में देखने के लिए मिलेगी, जो रामायण से संबंधित है, जिसमें राम भगवान जी किस तरह शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, किस तरह उन्होंने रावण का वध किया, किस तरह से सीता जी का हरण हुआ। इन सभी घटनाओं को चित्रों के माध्यम से आपके सामने पेश किया गया है।  
 
आप संगम क्षेत्र में कहीं भी रहते हैं। आपको आदि विमान मंडपम मंदिर देखने के लिए मिल जाता है। यह मंदिर बाहर से जितना खूबसूरत लगता है। अंदर से भी उतना ही खूबसूरत है। इस मंदिर में आप आएंगे, प्रवेश करते हैं, तो आपको दो छोटे छोटे हाथी देखने के लिए मिलते हैं, जो पत्थर से बने हुए हैं। आपको मंदिर की छत पर खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। मंदिर में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है, सीढ़ियां से आप ऊपर की अन्य दो मंजिल भी घूम सकते हैं।  
 
आदि विमान मंडपम मंदिर की सबसे ऊपर वाली मंजिल में आपको शिव भगवान जी का बहुत ही अद्भुत शिवलिंग देखने के लिए मिलेगा। यह शिवलिंग बहुत बड़ा है और इस शिवलिंग में आपको छोटे-छोटे शिवलिंग और देखने के लिए मिलते हैं, जो इस बड़े से शिवलिंग में उकेर कर बनाए गए हैं। जब हम लोग यहां पर गए थे। तब यहां पर कथा चल रही थी। यहां पर आप कथा करवा सकते हैं और उसके अलग-अलग चार्ज रहते हैं। आप यहां पर जाप करवा सकते हैं, उसके भी अलग चार्ज रहते हैं। सबसे ऊपर वाली मंजिल में आकर बहुत अच्छा लगता है, क्योंकि यहां से आपको पूरे संगम का नजारा देखने के लिए मिलता है। आप दूर तक संगम का नाजरा देखने मिलते हैं। चारों तरफ आपको लाइटिंग देखने के लिए मिलती है, जो ऐसा लगता है, कि तारे टिमटिम आ रहे हैं और आप उन्हें ऊपर से देख रहे हैं। आदि विमान मंडपम मंदिर सुबह 9:00 बजे खुलता है और दोपहर 1:00 बजे बंद हो जाता है और शाम को 4:00 बजे खुलता है और करीब 9:00 बजे बंद हो जाता है। आप इस टाइम पर यहां पर आकर घूम सकते हैं 
 

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद की फोटो

Photo of Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad

 
  
 
आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)  - Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad (Prayagraj)
आदि विमान मंडपम मंदिर का पिछला भाग

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)  - Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad (Prayagraj)
आदि विमान मंडपम मंदिर का सामने का भाग

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)  - Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad (Prayagraj)
मंदिर में विराजमान प्रतिमा

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)  - Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad (Prayagraj)
मंदिर के प्रवेश द्वार के पास बनी प्रतिमा

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)  - Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad (Prayagraj)
तीसरे मंजिल पर बनी आकर्षक प्रतिमा

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)  - Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad (Prayagraj)
मंदिर के ऊपर से संगम का दृश्य

आदि विमान मंडपम मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज)  - Adi Vimana Mandapam Temple Allahabad (Prayagraj)
मंदिर के ऊपर से संगम का दृश्य

 
 
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