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गौरैया माता मंदिर छतरपुर - Gauraiya Mata Mandir Chhatarpur

गौरैया माता मंदिर मऊ सहानिया छतरपुर -  Gauraiya Mata Temple Mau Sahania Chhatarpur गौरैया माता मंदिर छतरपुर का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर छतरपुर के मऊ सहानिया में स्थित है। इस मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां हैं। यह मंदिर बहुत ऊंचाई में स्थित है, तो मंदिर में सीढ़ियों में बीच-बीच में ठहरने के लिए चेयर और शेड भी लगाया गया है, ताकि आप चढ़ते चढ़ते थक जाए, तो इनमें बैठ सके। गौरैया माता मंदिर में गौरैया माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर से आपको चारों तरफ का सुंदर दृश्य भी देखने के लिए मिलेगा। यह जगह उचाई में स्थित है। इसलिए यहां से मऊ सहानिया के बहुत दूर-दूर का दृश्य देखने के लिए मिल जाता है।  हम लोग गौरैया माता मंदिर अप्रैल के महीने में गए थे।  हम लोग इस मंदिर में अपनी स्कूटी से गए थे। इस मंदिर तक जाने के लिए बहुत अच्छी सड़क मिलती है और यह मंदिर धुबेला झील के किनारे बना हुआ है। आप यहां पर धुबेला झील का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। धुबेला झील के पास एक सुंदर बैठने के लिए जगह भी बनी हुई है। गौरै

चौसठ योगिनी मंदिर छतरपुर - Chausath Yogini Temple Chhatarpur

कांच भवन यज्ञशाला और 64 योगिनी मंदिर मऊ सहानिया छतरपुर -  Kanch Bhawan Yagyashala and 64 Yogini Temple Mau Sahania Chhatarpur कांच भवन यज्ञशाला और 64 योगिनी मंदिर छतरपुर का एक प्रसिद्ध स्थल है। यह दोनों जगह आजू-बाजू स्थित है।  कांचभवन यज्ञशाला और 64 योगिनी मंदिर छतरपुर के मऊ सहानिया में स्थित है। यह मंदिर जगत सागर तालाब के किनारे में बना हुआ है। इस मंदिर में घूमने के लिए आया जा सकता है। यह मंदिर पत्थरों का बना हुआ है। मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है और।  कांच भवन यज्ञशाला एवं चौसठ योगिनी मंदिर जगत सागर तालाब के किनारे स्थित है। हम लोग इस मंदिर में घूमने के लिए गए थे। 64 योगिनी मंदिर में जाने का रास्ता बिहारी जू मंदिर के सामने से ही गया है। यह रास्ता कच्चा है। इस रास्ते में आपकी गाड़ी आराम से चली जाएगी। यहां पर दोपहिया वाहन आराम से चला जाता है। हम लोग भी यहां पर अपनी स्कूटी से गए थे। चौसठ योगिनी मंदिर बिहारी जू मंदिर से करीब 500 से 600 मीटर दूर होगा। हम लोग जब यहां पहुंचे, तो हम लोगों को यहां पर दो मंदिर देखने के लिए मिले। यहां पर सुनसान थ

जगत सागर तालाब - Jagat Sagar Talab and Bihari ju Temple Chhatarpur

जगत सागर तालाब  और  बिहारी जू मंदिर मऊ सहानिया छतरपुर -  Jagat Sagar Talab and Bihari Zoo Temple Mau Sahania Chhatarpur जगत सागर तालाब मऊ सहानिया का एक प्रसिद्ध स्थल है। यह एक बहुत बड़ा तालाब है। यह तालाब बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। इस तालाब के किनारे बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यह तालाब बरसात में पूरा भर जाता है और जो मंदिर के तालाब के किनारे बने हुए हैं। वह डूब जाते हैं। गर्मी के समय इस तालाब के किनारे खेती करने लगते हैं। बहुत सारे लोग यहां पर तरह-तरह की फसल उगाते हैं। यह तालाब मऊ सहानिया का एक प्राचीन स्थल है और आप जब भी छतरपुर में मऊ सहानिया घूमने के लिए जाते हैं, तो जगत सागर तालाब और इसके आसपास स्थित प्राचीन मंदिरों में भी घूमने के लिए जा सकते हैं।  हम लोग जगत सागर तालाब के किनारे स्थित शनि धाम मंदिर में घूम कर जगत सागर तालाब के दूसरे तरफ स्थित मंदिर में घूमने के लिए गए। जगत सागर तालाब के दूसरे किनारे पर आपको बिहारी जू मंदिर देखने के लिए मिलेगा। जब हम लोग बिहारी जू  मंदिर गए थे। तब यह मंदिर बंद था। इस मंदिर में ताला लगा था। बिहारी जू मंदिर बहुत प्राची

श्री जुगल किशोर मंदिर पन्ना - Shri Jugal Kishore Temple Panna

पन्ना का जुगल किशोर मंदिर - Shree Jugal Kishore Mandir Panna Madhya Pradesh पन्ना शहर को झील, मंदिर और हीरे के लिए जाना जाता है। यहां के जो मंदिर है। वह बहुत प्राचीन है और बहुत सुंदर है। उनमें से एक मंदिर है जुगल किशोर मंदिर । यह मंदिर भी बहुत सुंदर है। जुगल किशोर मंदिर पन्ना शहर का एक बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर जयपुरी वास्तुकला में बना हुआ है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। मंदिर में श्री कृष्ण जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको कृष्ण जी की मुरली देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि कृष्ण जी की मुरली में हीरा लगा हुआ है। यह हीरा बहुत पुराना है और बहुत सुंदर है। वैसे यह मंदिर भी बहुत खूबसूरत है।  पन्ना के जुगल किशोर के दर्शन -  Panna ke Jugal Kishor ji ke Darshan हम लोग पन्ना के जुगल किशोर मंदिर में घूमने के लिए शाम के समय गए थे। शाम के समय इस मंदिर में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। जुगल किशोर मंदिर पन्ना शहर के बीचो बीच में स्थित है। यह मंदिर बाहर अंदर सभी जगह से बहुत सुंदर है। हम लोगों को यह मंदिर बहुत अच्छा लगा। इस मंदिर में शाम के समय बहुत ज्यादा भ

वामन मंदिर खजुराहो - Vamana Temple Khajuraho

खजुराहो का वामन मंदिर -  Vamana Mandir khajuraho वामन मंदिर खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूर्वी मंदिर समूह में स्थित है। यह मंदिर ब्रह्मा मंदिर के आगे स्थित है। इस मंदिर में आपको विष्णु भगवान जी के वामन अवतार के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर भी एक ऊंचे मंडप पर बना हुआ है और बहुत खूबसूरत लगता है। ब्रह्मा मंदिर, जवारी मंदिर  और वामन मंदिर यह तीनों मंदिर आसपास में ही स्थित है और आप जब कभी भी खजुराहो घूमने जाते हैं, तो इन तीनों मंदिर में घूम सकते हैं।  खजुराहो के वामन मंदिर की वास्तुकला -  Architecture of Vamana Temple of Khajuraho खजुराहो का वामन मंदिर बहुत ही सुंदर है। यह मंदिर निरंधार शैली में बना हुआ है। इस मंदिर के अंदरूनी भाग को देखने पर 4 भाग आपको देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको मंडप, महा मंडप, अंतराल और गर्भ ग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर प्रदक्षिणा पथ नहीं बनाया गया है। इस मंदिर के गर्भ गृह में चतुर्भुजी वामन की प्रतिमा स्थापित की हुई है, जिनके बाएं ओर चक्रपुरुष एवं दाये ओर शंख पुष्प का अंकन है। मंदिर के गर्भ गृह के प्रवेश द्वार सप्तशाखाओं से अलंक

जवारी मंदिर खजुराहो - Javari Temple Khajuraho

खजुराहो का जवारी मंदिर -  Javari Mandir Khajuraho जवारी मंदिर खजुराहो में स्थित प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूर्वी मंदिर समूह में स्थित है। जवारी  मंदिर विष्णु भगवान जी को समर्पित है। यहां पर विष्णु भगवान की जो प्रतिमा स्थापित है, वह प्रतिमा खंडित अवस्था में है और उस प्रतिमा का सर आपको देखने के लिए नहीं मिलेगा। आप जब भी खजुराहो घूमने के लिए आते हैं, तो इस मंदिर में भी घूमने के लिए आ सकते हैं ,यह मंदिर ब्रह्मा मंदिर के आगे स्थित है। इस मंदिर में खूबसूरत गार्डन बना हुआ है और गार्डन के बीच में जवारी  मंदिर बना हुआ है, जो बहुत सुंदर लगता है।  खजुराहो के जवारी मंदिर की मूर्ति कला - Statue of Javari Temple of Khajuraho खजुराहो जवारी  मंदिर की मूर्ति कला बहुत ही अद्भुत है। जवारी मंदिर की बाहरी दीवार मूर्ति कला से सुसज्जित है। जब आप इस मंदिर में जाते हैं, तो आपको मंदिर के प्रवेश द्वार पर तोरण देखने के लिए मिलता है। इसे मकर तोरण कहते हैं। यह एक ही पत्थर का बना हुआ है और बहुत ही खूबसूरत लगता है। आप मंदिर के अंदर जाते हैं, तो मंदिर के अंदर आपको मंदिर के गर्भ गृह के प्रवेश द्वार में खूबसूरत मू

खजुराहो के मंदिर में कामुक मूर्तियां क्यों बनाई गई ?

खजुराहो की मिथुन मूर्तियाँ -  Erotic sculptures of Khajuraho temple खजुराहो के मंदिर अपनी मूर्ति कला के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। इन मंदिरों में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं और यह मूर्तियां आपको उस युग के बारे में बताती हैं। इन मंदिरों में आपको कामुक मूर्तियां भी देखने के लिए मिलती हैं।  खजुराहो के मंदिर में इस तरह की मूर्तियां होना एक आश्चर्य वाली बात है और बहुत सारे लोग इस तरह की मूर्तियों को देखकर अलग-अलग मत देते आए हैं। बहुत सारे विद्वान इन मूर्तियों को देखकर अपने अलग-अलग मत लोगों से साझा किए हैं। वैसे यह मूर्तियां इन मंदिरों में इस तरह से बनाई गई हैं कि लोगों का ध्यान आकर्षित होता ही है।  खजुराहो की कामुक मूर्तियों के बारे में कुछ विद्वानों का मानना है, कि उस समय कुछ विशेष समुदाय के लोग रहते थे, जो योग की तरह भोग को भी मानते थे। अर्थात योग की तरह भोग भी मोक्ष पाने का एक मार्ग मानते थे। वह पूजा अनुष्ठान की तरह भोग भी किया करते थे। इसलिए उन्होंने इन दृश्यों को मंदिरों में बनवाया, क्योंकि वह इन्हें मोक्ष का एक मार्ग मानते थे।  खजुराहो के कामुक मूर्तियों को देखकर यह

खजुराहो मंदिर की मूर्तियां - Khajuraho ki Murti

खजुराहो मंदिर की मूर्तियां का रहस्य -  The secret of Khajuraho temple sculptures खजुराहो मंदिर के बारे में खजुराहो मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। खजुराहो छतरपुर जिले में स्थित है। खजुराहो को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। खजुराहो के मंदिर की मूर्ति कला बहुत अद्भुत है। यह जो मंदिर है। यह मूर्तिकला के ही कारण प्रसिद्ध है। खजुराहो में 22 मंदिर हैं। इन 22 मंदिरों की दीवारों में आपको बहुत ही खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इन मंदिरों को बहुत ही खूबसूरत तरीके से बनाया भी गया है। इन मंदिरों में पश्चिमी मंदिर समूह के मंदिर बहुत ही भव्य बने हुए हैं। इन मंदिरों में आपको उस युग के सभी प्रकार की गतिविधियां देखने के लिए मिल जाती है।  खजुराहो के मंदिर की मूर्तियों के रहस्य  खजुराहो के मंदिर बहुत प्रसिद्ध है और इन मंदिरों की दीवारों पर बनी हुई मूर्तियां में बहुत सारे रहस्य छुपे हुए हैं। ऐसे रहस्य जो आप इन मूर्तियों को देखकर पता लगा सकते हैं। इन मूर्तियों को आप देखते हैं, तो आपको कुछ ना कुछ उस युग के बारे में पता चलता ही है। इस मंदिर में इतनी सारी मूर्तियां हैं, कि आपको एक मं

घंटाई मंदिर खजुराहो - Ghantai Temple Khajuraho

घंटाई मंदिर खजुराहो - G hantai Mandir Khajuraho घंटाई मंदिर खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर है। वैसे यहां पर आपको मंदिर देखने के लिए नहीं मिलता है। यहां पर आपको स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं। प्राचीन समय में शायद यहां पर मंदिर रहा होगा। मगर अभी यहां पर स्तंभ बस देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर को घंटाई मंदिर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इन स्तंभों में आपको घंटियों की खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इसलिए इस मंदिर को घंटाई मंदिर कहते हैं।  घंटाई मंदिर खजुराहो के पूर्वी मंदिर समूह का एक मंदिर है। यह मंदिर सुंदर है और इसमें जो नक्काशी की गई है। वह भी बहुत सुंदर है। हम लोग इस मंदिर में अपनी स्कूटी से आए थे। यह मंदिर गांव के भीतर स्थित है और इस मंदिर में जाने के लिए पतली सी सड़क मिलती है। हम लोग खजुराहो के जैन मंदिर घूमने के बाद इस मंदिर में गए थे। इस मंदिर में जाने के लिए आपको रास्ते में ही एक बड़ा सा बोर्ड देखने के लिए मिलता है। आप उस बोर्ड के दिशा निर्देश का पालन करते हुए, इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं।  घंटाई मंदिर चारों तरफ से बाउंड्री वॉल से घिरा हुआ है। अंदर आपको स्तंभ देखने के लिए म

भगवान पार्श्वनाथ मंदिर खजुराहो - Parshwanath Temple Khajuraho

खजुराहो जैन मंदिर -  पार्श्वनाथ मंदिर खजुराहो / P arshwanath Mandir Khajuraho भगवान पार्श्वनाथ का मंदिर खजुराहो का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर खजुराहो के पूर्वी मंदिर समूह में स्थित है। यह मंदिर जैन मंदिर समूह में बना हुआ है। यहां पर आपको और भी मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। खजुराहो के इस मंदिर की विशेषता यह है, कि इस मंदिर के गर्भ ग्रह के पीछे एक और लघु मंदिर बना हुआ है, जो आपको खजुराहो के अन्य मंदिर में देखने के लिए नहीं मिलता है। इस मंदिर की दीवार भी मूर्तियों से सुसज्जित है।  यह मंदिर भी बहुत सुंदर है। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी में बना हुआ है।  खजुराहो का पार्श्व नाथ मंदिर का निर्माण -  Construction of Parshwanath temple Khajuraho पार्श्व नाथ मंदिर 10 वीं शताब्दी में बना था। इस मंदिर का निर्माण चंदेल राजा धंग के द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इसकी मूर्तिकला बहुत ही अद्भुत लगती है।  पार्श्वनाथ मंदिर की मूर्ति कला -  Parshwanath temple sculpture पार्श्वनाथ मंदिर की मूर्ति कला बहुत ही अद्भुत है। इस मंदिर की दीवारों में, जो मूर्ति बनाई गई हैं। उनमें आप मूर्तियों के भाव द

दूल्हादेव शिव मंदिर खजुराहो - Dulhadev shiv Temple Khajuraho

खजुराहो का दूल्हादेव शिव मंदिर - Dulha Dev shiv Mandir Khajuraho   दूल्हा देव मंदिर खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर है। दूल्हा देव मंदिर खजुराहो के दक्षिणी मंदिर समूह का एक मंदिर है। दूल्हा देव मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। दूल्हा देव मंदिर के गर्भ गृह में शिव भगवान जी का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। दूल्हा देव मंदिर को कुंवारा मठ भी कहा जाता है। दूल्हा देव मंदिर खुड़र नदी के किनारे पर  स्थित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर में आपको गार्डन भी देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर एक ऊंचे चबूतरे के ऊपर बना हुआ है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां है। मंदिर में लोग आज भी शंकर जी की पूजा करते हैं। यहां पर आपको फूल, बेलपत्र चढ़े हुए देखने के लिए मिल जाएंगे।     खजुराहो के दूल्हा देव मंदिर की वास्तुकला -  Architecture of Dulha Dev Temple of Khajuraho खजुराहो का दूल्हा देव मंदिर बहुत ही सुंदर है और खजुराहो के अन्य मंदिरों के समान है। इस मंदिर की बाहरी दीवार में आपको मूर्तिकला देखने के लिए मिलती है। खजुराहो के दूल्हा देव मंदिर में आपको मंडप, अंतराल, गर्भ ग्रह और महा मंडप देखने के लिए

बीजामंडल मंदिर खजुराहो - Bijamandal temple Khajuraho

बीजामंडल उत्खनन मंदिर खजुराहो - Bijamandal excavation temple Khajuraho   बीजामंडल खजुराहो का एक प्रसिद्ध मंदिर हुआ करता था, अर्थात यह मंदिर प्राचीन समय में अच्छे अवस्था में हुआ करता था। अभी आप इस मंदिर जाएंगे, तो अभी आपको इस मंदिर के खंडहर ही देखने के लिए मिलेंगे, क्योंकि यह मंदिर अब पूरी तरह से नष्ट हो गया है। इस मंदिर की दीवारें ही देखने के लिए मिलेंगी।  बीजामंडल मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित था और इस मंदिर में अभी भी आपको शिव भगवान जी का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर की जो दीवारें थी, उनके टुकड़ों को संभाल कर यहां पर रखा गया है। आप उनकी बारीक नक्काशी को यहां देख सकते हैं।     खजुराहो के बीजामंडल मंदिर के दर्शन -  Visit to Bijamandal Temple Khajuraho खजुराहो का बीजामंडल मंदिर मुख्य खजुराहो के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर चतुर्भुज मंदिर से करीब है। आप जब भी चतुर्भुज मंदिर जाते हैं, तो इस मंदिर को देखने के लिए जा सकते हैं। मगर यहां पर देखने के लिए मंदिर नहीं है। उसके खंडहर है और मंदिर की दीवारों के बहुत सारी नक्काशी हैं, जो आपको यहां पर बिखरी हुई देखने के लिए मि