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सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran

सिंगौरगढ़ किला, रानी दुर्गावती अभयारण्य 
Singourgarh Fort, Rani Durgavati Sanctuary

सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran

सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran


सिंगौरगढ़ किला दमोह जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में स्थित है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस किले तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। यहाँ किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। हम लोग इस किले तक नहीं गए थे, क्योंकि हम लोग अकेले थे। आप अगर यहां पर जाते हैं, तो ग्रुप में जाइएगा, क्योंकि यह किला सुनसान में स्थित है और यहां पर किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं रहती है। यहां पर ना ही कोई गाइड रहता है और ना ही कोई सिक्योरिटी वाला। 


आप सिंगौरगढ़ किला तक आसानी से पहुंच सकते हैं। किले तक पहुंचने के लिए आधा रास्ता कच्चा रास्ता है और आधे रास्ते में पक्की सड़क बनी हुई है। किले के रास्ते के दोनों तरफ आपको बहुत ही खूबसूरत जंगल के दृश्य देखने के लिए मिल जाते हैं। आपको यहां पर जंगली जानवर भी देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर आप हिरण, सांप, मोर देख सकते हैं। यहां पर रास्ते में आपको साइन बोर्ड भी देखने के लिए मिलते हैं। रास्ते में हाथी द्वार आपको देखने के लिए मिलता है। आप उस साइन बोर्ड को फॉलो कीजिएगा और आप हाथी द्वार तक पहुंच जाते हैं। हाथी द्वार से ही सिंह और गढ़ किले के लिए सीढ़ियां गई हुई है। आपको सीढ़ियां चढ़ना है और करीब आधे घंटे में आप इस किले   तक पहुंच जाते हैं। हाथी द्वार भी बहुत खूबसूरत बना हुआ है। इसमें भी बहुत बड़े बड़े दरवाजे बनाए गए हैं। खूबसूरत नक्काशी की गई है और यह जगह जंगल के बीच में स्थित है, इसलिए बहुत खूबसूरत लगती है। 


सिंगौरगढ़ किला के बारे में ज्यादा लोगों को नहीं पता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इस किले के पास ही में आपको एक तालाब भी देखने के लिए मिलता है। कहा जाता है कि पुराने समय में रानी दुर्गावती इस तालाब में स्नान किया करती थी। इस तालाब में मगरमच्छ भी है। आप उन्हें भी देख सकते हैं। तालाब में उतरना मना है। तालाब के बाजू में ही बोर्ड लगा हुआ है, जिसे आप पढ़ सकते हैं। तालाब का जो दृश्य होता हैए  वह बहुत अद्भुत होता है। कहा जाता है कि यह किला एक भूतिया किला है और यहां पर आकर आपको नकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। मगर आप एडवेंचर प्रेमी है, तो आप इस किले में घूमने के लिए आ सकते हैं।


बरसात के समय यह जगह हरियाली से भरी रहती है और बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर्स के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर टू व्हीलर या फोर व्हीलर गाड़ी से पहुंचा जा सकता है।


रानी दुर्गावती अभयारण्य का प्रवेश शुल्क 
Entrance fee of Rani Durgavati Sanctuary


आपको रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। यहां पर स्कूटी का ₹60 लिया जाता है और आपको टिकट मिलता है। आप उस टिकट से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में जो भी दर्शनीय स्थल है। उनको घूम सकते हैं। यहां पर और भी दर्शनीय स्थल मौजूद है। यहां पर आपको निदान जलप्रपात और कुंड देखने के लिए मिलता है। यह बहुत ही खूबसूरत झरना है और पहाड़ों के बीच में से बहता है और बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर भी नहाने का मजा ले सकते हैं। यहां पर आपको नजारा व्यू प्वाइंट देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत व्यू प्वाइंट है और यहां से आप रानी दुर्गावती अभ्यारण्य का दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप इन जगहों में भी घूम सकते हैं। अगर आप पैदल घूमना चाहते हैं, तो आपका चार्ज लगता है। 


रानी दुर्गावती अभयारण्य कहाँ है 
Where is Rani Durgavati Sanctuary


रानी दुर्गावती अभ्यारण्य दमोह जिले में स्थित है। यह दमोह जिले के सिंग्रामपुर ग्राम में स्थित है। इस अभ्यारण में पहुंचने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। आप जबलपुर  दमोह हाईवे रोड से इस अभ्यारण में पहुंच सकते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण के अंदर ही सिंगौरगढ़  का किला स्थित है। आप किले तक भी आसानी से पहुंच सकते हैं।


निदान कुंड जलप्रपात, दमोह

नजारा व्यूप्वाइंट, दमोह

वीरांगना दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण

रूपनाथ धाम कटनी


दमोह जिले के पर्यटन स्थल - Damoh tourist place | Places to visit near Damoh

दमोह जिले के दर्शनीय स्थल - Tourist places near damoh | Damoh famous places | दमोह जिला


प्राचीन जटा शंकर मंदिर दमोह - Jata shankar mandir damoh 

जटाशंकर मंदिर दमोह शहर का दर्शनीय स्थल है। जटाशंकर मंदिर दमोह-जबलपुर रोड पर स्थित है। यह दमोह में घूमने के लिए सबसे अच्छे धार्मिक स्थलों में से एक है। जटाशंकर मंदिर बहुत प्राचीन है। यहां मंदिर शिव शंकर जी को समार्पित है। यह मंदिर पहाडों से घिरा हुआ है। बरिश में यह का नजारा बहुत अदुभ्त होता है। मंदिर में अन्य देवी देवता की मूर्ति भी विराजमान है। मंदिर में भगवान की गणेश की बहुत उची प्रतिमा स्थित है। मंदिर सुबह से रात के 9 बजे तक खुल रहता है। आप मंदिर में दिन के समय कभी भी आ सकते है। मंदिर के पास अग्रेजों के समय का पुराना सार्किट हाउस बना हुआ है। यहां सार्किट हाउस पहाडी के उपर बना हुआ है। आपको यहां से आसपास बहुत ही मनमोहक दृश्य देखने मिलता है। जटाशंकर का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। जटाशंकर मंदिर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि में बहुत भीड रहती है। 

रानी दमयंती संग्रहालय - Rani Damayanti Museum or Rani Damayanti Fort

रानी दमयंती संग्रहालय दमोह शहर में स्थित एक प्राचीन स्मारक है। रानी दमयंती दमोह जिले के संस्थापक थी। रानी दमयंती का विवाह राजा नल हुआ था। रानी दमयंती संग्रहालय को  रानी दमयंती के किले के नाम से  भी जाना जाता है। यह किला मुख्य दमोह शहर में स्थित है। यहां पर आकर आपको पत्थर की मूर्तियां का संग्रह देखने मिलता है। महल के बाहर एक बहुत बड़ा गार्डन भी बना हुआ है। 

बड़ी देवी जी मंदिर - Badi Devi Ji Temple Damoh

यह दमोह शहर का बहुत पुराना मंदिर है। इस मंदिर को बड़ी देवी मां के मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है। यहां पर आपको दुर्गा जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर गणेश जी की प्रतिमा भी विद्यमान है। लोग अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए यहां पर नारियल को बंधते हैं। आपको यहां पर बहुत सारे नारियल बंधे हुए देखने के लिए मिल जाते हैं। यह दमोह की एक अच्छी जगह है और यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। बड़ी देवी मां का मंदिर दमोह के फुटेरा तालाब के पास है। 

राजनगर झील - Rajnagar lake or Rajnagar dam Damoh

राजनगर झील या राजनगर बांध दमोह जिले का एक दर्शनीय स्थल है। आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर झील का अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। झील का पानी ओवरफ्लो होता है और झरने का रूप लेता है, जो देखने में बहुत ही लुभावना होता है। झील के पास आपको एक मंदिर भी देखने के मिलता है, जो मां दुर्गा को समर्पित है। आप यहां गर्मी के समय भी आ सकते हैं। गर्मी के समय आपको यहां पर एक फव्वारा देखने के लिए मिलता है। राजनगर झील से दमोह जिले में पीने के पानी की सप्लाई की जाती है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। यह जगह दमोह बाईपास रोड के करीब स्थित है। आप यहां पर कभी भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर एकांत में समय बिता कर बहुत अच्छा लगता है।

नोहलेश्वर शिव मंदिर - Nohleshwar Shiva Temple Damoh

नोहलेश्वर शिव मंदिर दमोह शहर का एक प्राचीन और धार्मिक स्थल है। नोहलेश्वर मंदिर जबलपुर दमोह हाईवे रोड के पास स्थित है। नोहलेश्वर मंदिर दमोह जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर दमोह जिले के नोहटा नाम के गांव में स्थित है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर खजुराहो के मंदिर के समान दिखता है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर की दीवारों में आपको खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में आपको मंडप और गर्भ ग्रह देखने के लिए मिलता है। गर्भ ग्रह में शिव जी का पत्थर का शिवलिंग विराजमान है। मंदिर के बाहर एक बहुत बड़ा गार्डन भी बना हुआ है। नोहलेश्वर मंदिर का निर्माण 800 या 1000 ईसा पूर्व हुआ था। इस मंदिर का निर्माण चालुक्य वंश के कलचुरि राजा के द्वारा किया गया था। यह मंदिर एक उच्च मंच पर बनाया गया था। 

सिंगौरगढ़ का किला -  Singaurgarh Fort Damoh

सिंगौरगढ़ का किला दमोह जिले के रानी दुर्गावती अभ्यारण के अंदर स्थित है। यहाँ किला ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। आपको इस किले तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ता है। यह किला अब खंडहर अवस्था में है। इस किले के बारे में कहा जाता है कि यहां पर रानी दुर्गावती अपने विवाह के पश्चात रहती थी और  किले के नीचे स्थित तालाब पर रानी दुर्गावती स्नान किया करती थी और अपनी कुलदेवी को जल चढ़ाया करती थी। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। किले के चारों तरफ आपको जंगल का खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है और यहां पर आपको कुछ प्राचीन प्रतिमाएं भी देखने के लिए मिलेगी। 

गिरिदर्शन वाच टावर - Giridarshan Watch Tower Damoh

गिरी दर्शन टावर रानी दुर्गावती अभ्यारण्य के अंदर स्थित है। गिरी दर्शन वॉच टावर जबलपुर दमोह हाईवे रोड पर स्थित है। यह हाईवे रोड से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर होगा। यहां आने के लिए अच्छी सड़क है। गिरी दर्शन वॉच टावर में आप अपनी दोपहिया और चार पहिया वाहन से आ सकते हैं। आपको गिरी दर्शन वॉच टावर से चारों तरफ का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको पहाड़ों का, झील का और जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह जगह बरसात के समय पूरी तरह स्वर्ग के समान लगती है। यहां से चारों तरफ हरियाली रहती है। आप यहां पर घूमने के लिए और पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह दमोह शहर की बहुत खूबसूरत जगह है और प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर है।

रानी दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य - Veerangana Durgavati Wildlife Sanctuary Damoh

वीरांगना दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य दमोह जिले का एक मुख्य आकर्षण है। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य जबलपुर दमोह हाईवे रोड पर स्थित है। यह अभ्यारण्य दमोह जिले के सिंग्रामपुर के पास स्थित है। इस अभ्यारण्य का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। रानी दुर्गावती एक गौड रानी थी। यह अभ्यारण्य 24 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है । इस अभ्यारण्य की स्थापना 1996 में हुआ था। यहां पर आपको नीलगाय, सांभर, चीतल, जंगली सूअर, चिंकारा, हिरन, सियार, तेंदुए, जंगली बिल्ली और लोमड़ी पाई जाती है। यहां पर आपको जंगली जानवरों के अलावा पक्षियों की भी बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर विशेषकर ठंड के समय आपको विभिन्न प्रजातियों के पक्षी देखने के लिए मिलते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की सैर करने के लिए दो रास्ते हैं, जिसमें से एक रास्ते को छोटा चक्कर और दूसरे को बड़ा चक्कर कहते हैं। यह दोनों रास्ते कच्चे हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपको देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आप सिंगौरगढ का किला, गिरी दर्शन व्यूप्वाइंट, नजारा व्यूप्वाइंट, दानीतालाब, और निदान जलप्रपात देख सकते हैं। यहां पर विश्राम गृह भी बनाया गया है। यहां पर आपको देखने के लिए नदी, पहाड और जंगल मिलती है ।


जोगन कुंड - Jogan Kund Damoh

जोगन कुंड दमोह शहर का एक लोकप्रिय दर्शनीय स्थल है । यहां पर आपको एक झरना देखने के लिए मिलता है, जो जंगल के बीच में स्थित है। झरने का पानी एक कुंड पर गिरता है। आप इस कुंड में नहाने का मजा भी दे सकते हैं। झरने के पास एक प्राचीन मंदिर है। इस झरने तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलकर आना पड़ता है, क्योंकि इस झरने तक आने के लिए किसी भी प्रकार की सड़क नहीं बनी है। यहां आने के लिए जंगल का रास्ता है। जोगन कुंड झरने में आप जब बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर पानी देखने के लिए मिलता है। ठंड के समय भी यहां पानी रहता है। मगर गर्मी के समय में यहां पर पानी नहीं रहता है। आपको अगर झरने का आनंद उठाना है, तो आपको बरसात के समय आना होगा। जोगन कुंड दमोह जिले के जबेरा तहसील में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर साल में एक बार मेले का आयोजन होता है। तब यहां पर हजारों की संख्या में लोग आते हैं। यहां पर आपको एक गुफा भी देखने के लिए मिलती है।

नजारा व्यू पॉइंट - Najara View Point Damoh

नजारा व्यू प्वाइंट दमोह जिले का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में स्थित है। यह व्यूप्वाइंट भैसा घाट में स्थित है। आप यहां पर अपने दो पहिया और चारपहिया वाहन से आ सकते हैं। आपको यहां से पूरी रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण्य का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह व्यू पांइट पहाडी के एक छोर पर बना हुआ है। यह व्यू प्वाइंट करीब 300 फीट उपर स्थित है। यहां से बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां से देखने में ऐसा लगता है, कि जैसे आप कश्मीर की वादियों देख रहे हैं।


बांदकपुर भोले नाथ मंदिर  या जागेश्वर धाम - Bandakpur Bhole Nath Temple or Jageshwar Dham Damoh

बांदकपुर का शिव मंदिर दमोह जिले का एक दर्शनीय स्थल है। यह दमोह जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह दमोह जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर को जागेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर दमोह जिले के बांदकपुर कस्बे में स्थित है। जागेश्वर धाम भगवान शिव और पार्वती माता को समर्पित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है। लोगों का कहना है कि महाशिवरात्रि के समय यहां पर दो अलग जगह पर लगे झंडे आपस में मिलते है। बांदकपुर के शिव मंदिर के ऊपर लोगों की आस्था है। लोगों का मानना है, कि यहां पर जो भी लोग आते है,  उनकी इच्छा जरूर पूरी होती है। मंदिर में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है । यह मंदिर एक ट्रस्ट द्वारा चलाया जाता है। मंदिर परिसर में गणेश जी की मूर्ति, दुर्गा जी  की मूर्ति, श्री राम दरबार, राधे कृष्णा जी की मूर्ति, हनुमानजी की मूर्ति स्थापित है। मंदिर में आप आपने दो पहिया वाहन या चार पहिया वाहनों से आ सकते हैं। बांदकपुर में रेलवे स्टेशन भी बना हुआ है। अगर आप रेल से आना चाहते हैं, तो आ सकते हैं। आपको यहां पर आसानी से ऑटो मिल जाएगी।

कुण्डलपुर - Kundalpur Damoh

कुंडलपुर दमोह जिले का एक जैन तीर्थ स्थल है। यहां पर आपको 63 जैन मंदिर देखने के लिए मिलेंगे, जो पहाड़ी पर बने हुए हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। कुंडलपुर में आपको रहने और खाने की व्यवस्था भी मिलती है। कुंडलपुर दमोह जिले से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर दो पहिया या चार पहिया वाहन से आसानी से पा सकते हैं। पहाड़ी पर बने मंदिरों में जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है। आपको इन मंदिर तक जाने के लिए पैदल सीढ़ियों से जाना पड़ेगा। कुंडलपुर में 65 मंदिर हैं। यह मंदिर पहाड़ियों पर स्थित है।  आप परिक्रमा करके इन सभी मंदिरों को घूम सकते हैं।  इन मंदिरों में बड़े बाबा का मंदिर सबसे प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां पर आपको एक अन्य मंदिर भी देखने के लिए मिलता हैए जो तालाब के बीच में स्थित हैए जिसे जल मंदिर के नाम से जाना जाता है। 

भदभदा जलप्रपात - Bhadbhada Waterfall damoh

भदभदा जलप्रपात दमोह जिले का एक दर्शनीय स्थल है। यह दमोह जिले के हटा तहसील में स्थित है। यह जलप्रपात सुनार नदी पर बना हुआ है। यहां पर आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। जब जलप्रपात का पानी चट्टानों से नीचे गिरता है, तो धुआ निकलता है, जो बहुत ही मनोरम लगता है। यह जबलपुर के धुआंधार जलप्रपात के समान दिखाई देता है। आप यहाँ  फैमिली के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आप यहां पर बरसात के समय आ सकते हैं।  बरसात के समय यहां पर पानी की बहुत अधिक मात्रा रहती है।  गर्मी में भी यहां पानी रहता हैए जिसमें आप काफी इंजॉय कर सकते हैं। यह झरना दमोह जिले से करीब 45 किलोमीटर दूर होगा।

शिवमंदिर खर्राघाट - Shiv Mandir Kharraghat Damoh

यह  मंदिर दमोह जिले के खर्रा घाट में स्थित है। यह मंदिर से भगवान शिव जी को समर्पित है। आपको मंदिर में शिवलिंग देखने के लिए मिलता है।  बाहर नंदी भगवान की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर के पास में ही आपको नदी का दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में हर साल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग इकट्ठे होते हैं। यह मंदिर बहुत पुराना है और बहुत सारे लोगों की इस मंदिर के प्रति आस्था है। 

गौरी शंकर मंदिर हट्टा दमोह - Gauri Shankar Temple Hatta Damoh

गौरी शंकर मंदिर दमोह जिले के हटा में स्थित है। हटा दमोह जिले की तहसील है। हटा दमोह जिले से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। गौरी शंकर मंदिर पूरे जिले में प्रसिद्ध है। यहां पर आपको शंकर भगवान जी दूल्हे के वेश में नंदी पर सवार देखने के लिए मिलते हैं और माता पार्वती भी भोले भगवान के साथ देखने के लिए मिलती हैं। यह प्रतिमा देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। इसके अलावा यहां पर और भी प्रतिमाएं हैं। यहां पर पितांबरा पीठ की स्थापना की गई है। उसके साथ साथ गणेश जी का मंदिर, भैरव बाबा का मंदिर भी बनाया गया है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है और हजारों की संख्या में लोग यहां पर एकत्र होते हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और कहा जाता है कि यहां पर स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है। आप यहां पर भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं। 

चंडी माता मंदिर हट्टा दमोह -  Chandi Mata Temple Hatta Damoh

यह मंदिर दमोह जिले की हटा में स्थित है। यह मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बनाया गया है। यह मंदिर मेन रोड में ही स्थित है। यहां पर आप चंडी माता के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर परिसर बहुत खूबसूरत है। चंडी माता के मंदिर में और भी छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर और नाग देवता का मंदिर आपको देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है।  यह बहुत अच्छी जगह है।   

बेलाताल - Belatal Damoh

बेलाताल दमोह जिले की एक अच्छी जगह है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर तालाब के बीच में आपको हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत सुंदर हैं। बेलाताल जबलपुर दमोह हाईवे रोड पर स्थित है। आप यहां पर कभी भी आकर घूम सकते हैं। यहां पर एक साईं मंदिर भी बना हुआ है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 


भैसाघाट दमोह - Bhaisaghat | Bhaisaghat Jabalpur

भैसाघाट सिंग्रामपुर - Bhaisaghat Singrampur


भैसाघाट दमोह जिले की एक घूमने वाली जगह है। भैसाघाट दमोह जिले की खूबसूरत हरियाली से घिरी जगह है, जहां पर आप अपना समय बिता सकते है। भैसाघाट हरे-भरे घने जंगलों से घिरा हुआ है। यहां पर आकर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। भैंसाघाट जाने वाले रास्ते में आपको दोनों तरफ हरे भरे पेड़ देखने के लिए मिलते हैं। यह पर आपको सर्पाकार रोड देखने के लिए मिलती है। इस रोड से आप भैसाघाट में स्थित जलप्रपात और व्यूप्वाइंट में जाना होता है। भैसाघाट दमोह जिले के सिंग्रामपुर में स्थित है। भैसाघाट सिंग्रामपुर से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर होगा। सिंग्रामपुर दमोह जबलपुर हाईवे रोड पर स्थित है। 

भैसाघाट के आस पास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। भैसाघाट  के ऊपर खूबसूरत निदान जलप्रपात और कुंड है, जहां पर आप नहाने का मजा ले सकते हैं। मगर बरसात में अगर आप यहां जाते हैं, तो आप दूर से ही इस झरने का मजा ले सकते हैं। इसके अलावा यहां पर नजारा व्यूप्वाइंट है, जहां से पूरे रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण का दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस जगह से आप खूबसूरत तालाब और जंगल देख सकते हैं। आपको यहां से महल भी देखने के लिए मिल सकता है। भैसाघाट में आप सर्पाकार रोड से ऊपर चढ़ते हैं, आप जैसे जैसे ऊपर चढ़ते हैं। आपको खूबसूरत नजारा दिखना शुरू हो जाता है। रास्ते में आपको बंदर भी मिलते हैं, जो खाना के लिए रास्ते में बैठे रहते है। अगर आप उन्हें खाना देना चाहते हैं, तो उन्हें खाना दे सकते हैं। वह आपका कोई भी नुकसान नहीं करते है, नहीं तो आप अपनी गाड़ी से सीधे रोड में चलते जाये। बंदर से किसी भी तरह की खिलवाड न करें। आपको इस सर्पाकार रोड में अपनी गाड़ी बहुत आराम से चलाना चाहिए, क्योंकि यहां पर आपको सामने आने वाली गाड़ी दिखाई नहीं देती है और एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ रहता है। भैसाघाट में घूमने के लिए आप किसी भी समय आ सकते हैं। मगर यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर चारों तरफ हरियाली दिखती है और पहाड़ों से बहता हुआ पानी भी देखने के लिए मिलता है। जो बहुत खूबसूरत लगता है। आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो आपको झरने में भी पानी की मात्रा बहुत ज्यादा देखने के लिए मिलती है। बरसात भैसाघाट आने का सबसे अच्छा समय होता है।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Rani Durgavati Sanctuary Beautiful Part of Damoh City.

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य दमोह जिले का एक खूबसूरत जगह है। यह जगह प्रकृति से भरपूर एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर आकर आप अपना पूरा दिन बिता सकते हैं। यहां पर आपको पूरा जंगल देखने मिलेगा और जंगली जानवर भी देखने मिलेंगे। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में जंगल में घूमने के अलावा भी बहुत सारी जगह है जहां पर आप घूम सकते हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Najara View Point

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य का लोकेशन

Location in Rani Durgavati Sanctuary


यह अभ्यारण्य मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित है। दमोह जिला जबलपुर जिले के बहुत करीब है। इस अभ्यारण्य में जबलपुर जिले से भी पहुंचा जा सकता है और दमोह जिले से भी पहुंचा जा सकता है। यह अभ्यारण्य दमोह जिले के सिंग्रामपुर तहसील के पास स्थित है। यह अभ्यारण्य दमोह जिले के सिंग्रामपुर तहसील में स्थित है। सिंग्रामपुर तहसील से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य 4 या 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा। यह अभ्यारण्य दमोह जबलपुर हाईवे रोड पर ही पड़ता है, तो आप यहां पर सड़क के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप अपनी बाइक के द्वारा आसानी से आ सकते हैं। आप इस अभ्यारण्य में कार से भी आ सकते हैं। 

आप रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में बाइक से अच्छी तरह घूम सकते है। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य  जितनी भी जगह है। वह पूरी तरह प्राकृतिक एवं प्राचीन है। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपको जंगली जानवर देखने मिलते है। आपको यह पर बहुत सारी जगह आपको देखने मिलती है।

रानी दुर्गावती अभ्यारण का एंट्री चार्ज
Rani Durgavati sanctuary's entry charge


रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपके वाहन का 60 रू. लगता है। आपको एक एंट्री टिकट मिलती है। इस टिकट के जरिये आप इस अभ्यारण्य में जितने भी  दर्शनीय स्थल है वो आप इस एंट्री टिकट से घूम सकते है। ये 60 रू. आपकी गाडी का चार्ज होता है आपकी जितनी भी गाडी रहेगी उन सभी गाडी का 60 रू. लगेगा। हम लोगों ने कार का पता नहीं किया था कि कितना चार्ज लगेगा कार का। मेरे हिसाब से कार का चार्ज भी 60 रू. लगता होगा। हम लोग स्कूटी ले गए थे तो स्कूटी का हम लोग का 60 रू. लगा था। आप यह 60 रू. देकर रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की निदान जलप्रपात, नजारा व्यू पांइट, सिंगौरगढ का किला, दानीताल तालाब, सद्भावाना शिखर, और भी बहुत से जगह देख सकते है। रानी दुर्गावती अभयारण्य में मैंने जिन भी जगह घुमा है। मैं आपको उन जगहों की जानकारी आपसे शेयर कर रही हूं।

निदान जलप्रपात - Nidan Waterfalls 

निदान जलप्रपात रानी दुर्गावती अभ्यारण में स्थित है और यह बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात है। यह जलप्रपात चारों तरफ से सुंदर पहाड़ियों से घिरा हुआ है और आपको जलप्रपात तक पहुंचने के लिए करीब एक से डेढ़ किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ता है। आप दूर से भी इस जलप्रपात को देख सकते हैं जो बहुत खूबसूरत दिखता है यहां पर आप जाकर जलप्रपात के नजदीक में बैठ सकते हैं। यहां पर एक कुंड भी है जहां पर आप स्नान कर सकते हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Nidan Waterfall

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Nidan Waterfall 

निदान जलप्रपात, दमोह

सिगौरगढ का किला - Fort of Singaurgarh

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपको सिगौरगढ का किला देखने मिलता है। यह एक खूबसूरत महल हुआ करता था अर्थात प्राचीन समय में यहां पर रानी दुर्गावती का गढ हुआ करता है। यह पर रानी दुर्गावती का विवाह हुआ था। यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण्य के अंदर स्थित है। आपको इस किले तक पहुॅचने के लिए आपको रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की मुख्य सडक से 3 से 4 किमी की दूरी दूरी तक चलना होता है। आप यह पर अपनी गाडी से आसानी से जा सकते है। आपको यह पर जाने के लिए आधी दूर पर कच्ची सडक मिलती है। आपकी गाडी या कार इस सडक पर असानी से चल जाती है। कहीं कहीं पर आपको पक्की सडक मिल जाती है। इसके अलावा आपको यहां पर एक तालाब भी देखने मिलेगा। यह तालाब भी प्राचीन समय का है। इस तालाब में पुराने समय में रानी दुर्गावती जी स्नान करने के लिए आती थी। यहां पर आपको एक हनुमान मंदिर भी देखने मिल जाएगा, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह हनुमान मंदिर प्राचीन समय का है। इस हनुमान जी के प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर दूर से लोगों आते है और जो भी फॉरेस्ट ऑफिसर ड्यूटी जॉइन करता है। वह जरूर इस हनुमान मंदिर में दर्शन करने के लिए आते है। इस तालाब के बारे में कहा जाता है कि यहां पर मगरमच्छ है। तालाब के पास बोर्ड लगा हुआ है जिसमें इस बारें में सूचना दी गई है। इसके अलावा यहां पर जो व्यू रहता है, वो बहुत मस्त है। तालाब के आसपास का नजारा बहुत ही मनोरम रहता है। यहां पर आपको अद्भुत दृश्य देखने मिलता है। तालाब के किनारे बेल के पेड़ हैं जो बहुत प्यारे लगते हैं। इस तालाब के आगे भी आपको खूबसूरत व्यू देखने मिलता है।

इस महल के जाने वाले रास्ते में एक महल और है जो ऐसा लगता है कि सैनिकों के रहने के लिए बनाया गया है। यह महल भी बहुत पुराना है और बहुत खूबसूरत लगता है। आप जब जंगल की सैर करने जाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे आप एक अलग दुनिया में आ गए हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Fort of singaurgarh


नजारा व्यूप्वाइंट - Najara View Point

रानी दुर्गावती अभयारण्य में आपको नजारा व्यूप्वाइंट भी देखने मिलता है। नजारा व्यूप्वाइंट्स में आपको दमोह जिले के रानी दुर्गावती अभ्यारण का खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलती है और यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। दमोह शहर का सबसे ऊंचा पॉइंट है जहां से अब दूर दूर तक का व्यू देख सकते हैं।

नजारा व्यू प्वाइंट, दमोह जिला


दानी तालाब - Dani Talab

रानी दुर्गावती अभयारण्य में आपको दानी तालाब देखने मिलता है। दानी  तालाब हाईवे रोड के बाजू में ही स्थित है। आप इस तालाब में ढेर सारे कमल के फूल देख सकते हैं और दानी  तालाब  के आसपास का जो जंगल का एरिया है वह भी आप देख सकते हैं।

वॉच टावर - Watch Tower

रानी दुर्गावती अभयारण्य में वॉच टावर भी स्थित है। यह वॉच टावर हाईवे रोड से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। आपको करीब 1 एक से डेढ़ किलोमीटर चलना पड़ता है। आपकी गाड़ी भी टावर तक आसानी से चली जाती है। यहां पर एक टावर बनाया गया है जिसमें आपको सीढ़ियों से चढ़कर जाना पड़ता है। आप इस टावर से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की खूबसूरती देख सकते हैं। आपको इस टावर से चारों तरफ पहाड़ियों का व्यू देखने मिलता है। इसके अलावा यहां पर फॉरेस्ट के जो कर्मचारी हैं। उनके रहने के लिए भी एक घर बनाया गया है। वह भी आप देख सकते हैं। वह भी बहुत खूबसूरत है।

रानी दुर्गावती अभयारण्य  अन्य जगह

Other Place in Rani Durgavati Sanctuary 

आप रानी दुर्गावती अभयारण्य में बड़ा चक्कर और छोटा चक्कर लगा सकते हैं आप बड़ा चक्कर और छोटे चक्कर लगाकर रानी दुर्गावती अभयारण्य का पूरी जगह घूम सकते हैं। आपको इस यात्रा में बहुत सारी जंगली जानवर देखने मिल जाएंगे। इसके अलावा रानी दुर्गावती अभयारण्य में जो भी जगह थी मैने उन सभी जगह की जानकारी आपको नहीं दी हूॅ क्योकि मै रानी दुर्गावती अभयारण्य की सभी जगह नहीं घूम पाई हूॅ। इसके अलावा भी रानी दुर्गावती अभयारण्य में बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यह जो भी जगह मैंने आपको बताया है। यह जगह मैं खुद घूमी हूं तो इनके बारे में मैंने आपको डिटेल में जानकारी दे दी हूं। जिन जगहों में आप रानी दुर्गावती अभयारण्य में घूम सकते हैं।

रानी दुर्गावती अभयारण्य में रतन कुंड है। 52 बजरिया है। आप गिरी दर्शन देख सकते है। सद्भावना शिखर है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं। इन जगह पर हम नहीं घूमे थे मगर आप इन जगहों पर जाकर घूम सकते हैं। 

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

View of Nidan falls 

रानी दुर्गावती अभयारण्य पर कहीं कहीं पर आपको फोन का नेटवर्क काम नहीं करता है, क्योंकि यहां पर पूरा जंगल और पहाड़ी वाला रास्ता है। इसलिए यहां पर फोन का नेटवर्क काम नहीं करता है। मगर आपको घूमने में बहुत मजा आएगा यहां पर जंगल में फॉरेस्ट के ऑफिस बने हुए हैं।

रानी दुर्गावती अभयारण्य पर आकर मुझको बहुत अच्छा लगा। यह हमारा  बहुत अच्छा एक्सपीरियंस रहा है। रानी दुर्गावती अभयारण्य जबलपुर जिले के पास में है, लगभग 50 से 60 किलोमीटर होगा। तो आप यहां पर कभी भी जा सकते हैं। अपनी 1 दिन का ट्रिप प्लान करके । दमोह जिले से भी रानी दुर्गावती अभयारण्य आ सकते हैं। 

रानी दुर्गावती अभयारण्य आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। यह जगह सुरक्षित है मगर कहीं कहीं पर सुनसान होता है। जहां पर भी दर्शनीय स्थल है। वहां पर लोग रहते हैं। मगर आप अपनी सेफ्टी का जरूर ध्यान दें। जगह अच्छी है आप जाकर काफी इजांय कर सकते है। 

Veerangana Durgawati Wildlife Sanctuary / रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण्य

रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण्य 

Veerangana Durgawati Wildlife Sanctuary



दमोह जिले का रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण्य बहुत खूबसूरत है। यह पर आप प्रकृति का खूबसूरत दृश्य देख सकते है। 


Veerangana Durgawati Wildlife Sanctuary
Damoh


यह अभ्यारण्य मध्यप्रदेश के दमोह जिले के जबेरा तहसील के सिंग्रामपुर गांव में स्थित है। सिंग्रामपुर जबलपुर दमोह हाईवे रोड में पडता है। यह पर आपको रोड अच्छी मिलेगी। इस अभ्यारण्य में आपको एक साथ सभी प्रकार के दर्शनीय स्थल के दर्शन करने मिल जाएगें । इस वन्यजीव अभ्यारण्य में चारों तरफ हरियाली एवं खूबसूरत पहाडियों का दृश्य का आपको देखने मिलेगा। हम लोग इस जगह पर दो बार जा चुके है मगर अभी तक यह कि सभी जगह नहीं घूम पाए है। यह पर अगर आप बरसात के समय जायेगें तो आपको बहुत खूबसूरत नजारे देखने को मिलेगें। बरसात में चारों तरफ इतनी हरियाली होती है कि आपका दिल वापस आने को नहीं करेगा। बरसात में आप जबलपुर हाईवे रोड से अभ्यारण्य का खूबसूरत नजारे का लुप्त उठा सकते है। यह पर बरसात में हरियाली बहुत रहती है और छोटे छोटे नाले बन जाते है जो बहुत अच्छे लगते है देखने में। यह पर आपको खूबसूरत जंगल के अलावा जंगली जानवर भी देखने मिलेगें। 


Veerangana Durgawati Wildlife Sanctuary
Damoh

हम लोगों को यह पर हिरन देखने मिलें थे और बंदर तो हर कही हम देखने मिल जाता है। आप अभ्यारण्य का छोटा चक्कर या बडा चक्कर लगा सकते है। हम लोगों ने छोटा चक्कर लगाया था। हम लोगों एक साॅप दिख था जो बहुत मोटा था। इस अभ्यारण्य में आपके वाहन के लिए एक पर्ची कटती है हमारी स्कूटी थी जब हम लोग गए थे तब 60 रू की थी। यह पर्ची आपकी वन विभाग कार्यालय से कटती है। यह कार्यालय आपको अभ्यारण्य में ही मिल जाएगी। वहीं पर्ची दिखाकर आप अभ्यारण्य की अन्य दर्शनीय स्थल भी देख सकते है। यह पर आपके घूमने के लिए सिगौंरगढ का किला, निदान कुंड एवं जलप्रपात, नजारा व्यू पाइंट, खूबसूरत तालाब, वाॅच टाॅवर, दानीताल तालाब, भैसाघाट और भी बहुत खूबसूरत दर्शनीय स्थल आपको यहां पर देखने मिल जाएगे। यह पर आपको आने के लिए पक्की सडक मिल जाएगी। जहां पर आप अपनी गाडी लेकर जा सकते है।