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श्री गौरी शंकर मंदिर हटा तहसील दमोह - Shree Gauri Shankar temple Hatta, Damoh

श्री गौरी शंकर मंदिर हटा तहसील दमोह  - Shree Gauri shankar Mandir Hatta Tehsil Damoh   श्री गौरी शंकर मंदिर हटा का एक प्राचीन मंदिर है। हटा के गौरी शंकर मंदिर में आपको शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर शिव भगवान जी दूल्हा वेश धारण किए हुए हैं। शिव भगवान जी नंदी पर सवार है और माता पार्वती को लिए हुए यहां पर विराजमान है। आपको गौरी शंकर मंदिर परिसर में आपको और भी मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर श्री शनिदेव का मंदिर स्थापित है। हनुमान मंदिर भी आपको यहां पर देखने के लिए मिल जाता है, जो भगवा रंग का है। यहां पर गणेश मंदिर भी है। यहां पर सत्यनारायण मंदिर भी है। यहां पर पितांबरा पीठ भी आपको देखने के लिए मिलेगा। यहां पर यज्ञशाला भी बनी हुई है आप वह भी देख सकते हैं। यह मंदिर हटा शहर में केन नदी से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है।     हम हटा का किला घूम लिया। उसके बाद हम लोग हटा के गौरी शंकर मंदिर घूमने के लिए आगे बढ़े। गौरी शंकर मंदिर पहुंचने का जो रास्ता है। वह सकरी गलियों से होते हुए गुजरता है। हम लोग गाड़ी से गौरी शंकर मंदिर पहुंचे। गौरी शंकर मंदिर बहुत ही खूबसूर

दमोह का प्रसिद्ध किला - हटा का किला (Hatta Fort Damoh)

हट्टा का किला या रंग महल हटा दमोह - Hatta Fort or Rang Mahal Hatta Damoh   हट्टा का किला दमोह का एक प्राचीन किला है। हट्टा का किला दमोह जिले की हट्टा तहसील में स्थित है। हट्टा के किले को रंग महल या दमोह के किले के नाम से भी जानते हैं। यह किला अब खंडहर में बदल गया है। इस किले में आपके देखने के लिए खंडहर हुई इमारत है। यहां पर आप किले की बड़ी-बड़ी दीवारे देख सकते हैं। दीवारों के कोने पर बने हुए बुर्ज देख सकते हैं। यह दीवार किलों को चारों तरफ से घिरे हुए हैं। बीच में किला बना हुआ है और किले के चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। किले की दीवार के बाजू में ही एक बावली भी बनी हुई है, जिसमें गंदा पानी भरा हुआ है और इस बावली में चमगादड़ भी हैं। बावली के बाजू में ही एक गुंबद दार मंदिर बना हुआ है।     हट्टा किला का प्रवेश द्वार बहुत ही खूबसूरत है। आप किले के  अंदर जाएंगे, तो किले के अंदर आपको एक बड़ा सा आंगन देखने मिलता है। इस आंगन के इसके चारों तरफ आपको गैलरी देखने के लिए मिलती है। इन गैलरी की दीवारों में आपको आले भी देखने के लिए मिलते हैं। आले  का प्रयोग प्राचीन समय में सामानों को रखने के लिए कि

कुंडलपुर जैन मंदिर दमोह - Kundalpur Jain Mandir Damoh

कुंडलपुर जैन मंदिर और कुंडलपुर के बड़े बाबा का मंदिर - Kundalpur Jain Temple and Bade Baba Temple of Kundalpur   कुंडलपुर मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध जैन धार्मिक स्थल है। यह धार्मिक स्थल मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित है। कुंडलपुर में आपको जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। कुंडलपुर के जैन मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैले हुए हैं। यह पूरी पहाड़ी में फैले हुए हैं। यहां पर करीब आपको 35 से 36 मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर मुख्य मंदिर बड़े बाबा जी का है। कुंडलपुर में बड़े बाबा का मंदिर प्रसिद्ध है। बड़े बाबा जी की मूर्ति यहां पर बैठी हुई मुद्रा में विराजमान है। बड़े बाबा का मंदिर अभी भी बन रहा है। इस मंदिर में बहुत ही खूबसूरत नक्काशी आपको देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप आकर बड़े बाबा के दर्शन कर सकते हैं।     हम लोग कुंडलपुर अपनी गाड़ी से गए थे। हम लोग दोपहर के समय कुंडलपुर पहुंचे थे। कुंडलपुर में अगर आप सारे मंदिर देखना चाहते हैं, तो आपको सुबह के समय आना चाहिए। सुबह के समय आपको यहां पर सभी मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं, क्योंकि सुबह के समय यह सभी मंदिर खुले हुए रहते हैं। आ

श्री जागेश्वर धाम या बांदकपुर का शिव मंदिर दमोह - Shri Jageshwar Dham or Shiva temple of Bandakpur Damoh

बांदकपुर का मंदिर या बांदकपुर धाम - Bandakpur Temple or Bandakpur Dham श्री जागेश्वर धाम बांदकपुर या बांदकपुर का शिव मंदिर प्रसिद्ध स्थल है। यह मंदिर दमोह के पास में स्थित है। इस मंदिर के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। हम लोग भी इस मंदिर में शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए महाशिवरात्रि के दिन जबलपुर से गए थे। बांदकपुर के शिव मंदिर में आपको शिव जी का मंदिर और पार्वती जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह दोनों मंदिर अलग-अलग बने हुए हैं। शिवजी के मंदिर में बहुत ही बड़ा शिवलिंग विराजमान है और पार्वती जी के मंदिर में पार्वती जी की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यहां पर एक बावली भी बनी हुई है। यह बावली प्राचीन है। बांदकपुर मंदिर परिसर में ही हम लोगों को अन्य देवी देवताओं के छोटे-छोटे मंदिर भी देखने के लिए मिले। यहां पर लक्ष्मी जी, लक्ष्मी नारायण जी, गणेश जी, हनुमान जी के भी मंदिर बने हुए हैं और उनके भी दर्शन हम लोगों ने किए।     बांदकपुर मंदिर का चमत्कार या रहस्य तथ्य - Miracle or secret fact of Bandakpur temple बांदकपुर मंदिर में चमत्कार होते हैं। यह बात सभी भक्तों क

बांदकपुर का शिव मंदिर और बांदकपुर का मेला - Bandakpur dham

बांदकपुर का मंदिर और बांदकपुर का मेला - Bandakpur ka Mandir aur Bandakpur ka Mela   बांदकपुर शिवजी का एक प्रसिद्ध मंदिर है। बांदकपुर मंदिर दमोह जिले में स्थित है और बांदकपुर दमोह जिले से करीब 18 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है और इस मंदिर में चमत्कार होते हैं। इसलिए इस मंदिर में भक्तों की भीड़ महाशिवरात्रि के दिन उमड़ पड़ती है। हम लोग भी इस मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन आए थे। हम लोगों को इस मंदिर में बांदकपुर का मेला देखने के लिए मिला। बांदकपुर का मेला भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर दूर-दूर से लोग आते हैं, जो इस मेले में आकर सामान बेचते हैं।     बांदकपुर का मेला महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय लगता है। यह मेला बहुत विशाल होता है और इस मेले में असंख्य संख्या में लोग आते हैं। इस मेले में तरह-तरह की दुकान देखने के लिए मिल जाती है। इस मेले में भंडारा भी खाने के लिए मिलता है। हम लोग महाशिवरात्रि के दिन मेले में घूमने के लिए गए थे। मेले में हम लोगों के गाड़ी को एक बड़े से ग्राउंड में खड़ी करवा दी गई थी और उसके बाद हम लोगों को पैदल चलना था। यहां पर बहुत सारी पुलिस भी लगी थी। लोगों क

राज सागर झील दमोह - Raj Sagar Lake Damoh

राज सागर झील दमोह या राज सागर बांध दमोह - Raj Sagar Lake Damoh or Raj Sagar Dam Damoh   राज सागर झील दमोह जिले में स्थित एक प्रसिद्ध जलाशय है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर एक गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर मंदिर बना हुआ है। यहां पर शंकर जी की प्रतिमा विराजमान है। इस गार्डन में बहुत सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है और बांध राज सागर बांध को देखना बहुत ही अच्छा लगता है। इस गार्डन के अंदर कोई भी जा सकता है यहां पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं है।     हम लोग राजसागर झील बाइक से गए थे। हम लोग पहले दमोह के जटाशंकर मंदिर गए। उसके बाद हम लोग बाइक से राजसागर लेक गए। यहां पर हम लोग महाशिवरात्रि के दिन गए थे, तो रास्ते में यहां पर प्रसाद बांट रहा था। हम लोगों ने प्रसाद खाया। उसके बाद हम लोग आगे बढ़े। यहां हम लोग जबलपुर बाईपास से आगे बढ़े। उसके बाद मरहरा गांव देखने के लिए मिला। उसके बाद हमें राजसागर झील देखने के लिए मिली। यह झील बहुत बड़ी क्षेत्रफल में फैली हुई है और हम लोग इस झील के पास गए।       राजसागर झील के पास सबसे पहले हम लोगों को झील के गेट देखने

रानी दमयंती का किला एवं संग्रहालय - Rani Damayanti Fort and Museum

रानी दमयंती बाई का किला या रानी दमयंती पुरातात्विक संग्रहालय - Rani Damayanti Bai Fort or Rani Damayanti Archaeological Museum   रानी दमयंती बाई का किला दमोह सिटी की एक प्राचीन जगह है।  यह किला दमोह जिले में कोतवाली थाने के सामने स्थित है। यह किला मुख्य सड़क में स्थित है और हम लोग इस किले  में शिवरात्रि के समय घूमने गए थे। मगर हम लोग इस किले  के अंदर नहीं जा पाए थे। मगर इस किले के बारे में मैं आपको कुछ जानकारी दे देती हूं।     रानी दमयंती बाई का किला को अब संग्रहालय में बदल दिया गया है और आपको इस किले में बहुत सारी पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। इस किले में आपको पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर आपको गणेश जी की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो आकर्षक लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर के स्टैचू देखने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बुद्ध भगवान की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला भी बहुत खूबसूरत है। किले के बाहर बहुत ही सुंदर बगीचा बना हुआ है, जो देखने में आकर्षक लगता है।

दीनदयाल उपाध्याय पार्क दमोह और बेलाताल तालाब दमोह / सर्किट हाउस दमोह

दीनदयाल उपाध्याय पार्क दमोह / बेलाताल तालाब दमोह / सर्किट हाउस दमोह Deendayal Upadhyay Park Damoh / Belatal Talab Damoh / Circuit House Damoh   दीनदयाल उपाध्याय पार्क दमोह - Deendayal Upadhyay Park Damoh दीनदयाल उपाध्याय पार्क दमोह में जटाशंकर मंदिर के पास में ही स्थित है। हम लोग जटाशंकर मंदिर शिवरात्रि के समय घूमने गए थे। शिवरात्रि के समय या पार्क भी पूरे समय खुला रहा और हम लोग इस पार्क में भी घूमने के लिए चले गए। इस पार्क में  एंट्री निशुल्क थी और पार्क में हम लोगों को खूबसूरत बगीचा देखने के लिए मिला।  पार्क में तरह-तरह के फूल लगे हुए थे। पार्क में एक झील भी बनी हुई थी। इस झील में हम लोगों को मछलियां देखने के लिए मिली। यह पर बहुत बड़ी बड़ी मछलियां थी, जो बहुत ही सुंदर लग रही थी। इस पार्क में हम लोगों को बहुत ढेर सारे झूले भी देखने के लिए मिले।     दमोह के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में बहुत सारे युवक और युवतियां घूम रहे थे। यहां पर बहुत सारे फैमिली वाले भी आकर घूम रहे थे। यहां पर अच्छा लगता है। दीनदयाल उपाध्याय पार्क नगर निगम के द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इस पार्क के खुलने और बंद हो

जटा शंकर मंदिर दमोह - Jata shankar Mandir Damoh

प्राचीन जटा शंकर मंदिर दमोह मध्य प्रदेश - Ancient Jata Shankar Temple Damoh Madhya Pradesh   जटा शंकर मंदिर दमोह जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। जटाशंकर मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर दमोह जिले का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में आप आते हैं, तो आपको शिव भगवान जी की शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। गणेश जी की एक विशाल प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। राम जी के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको अंजनी पुत्र हनुमान जी के दर्शन करने पर के लिए भी मिल जाते हैं। यहां पर श्री गुरु गोविंद जी का मंदिर भी बना हुआ है और काल भैरव जी का मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर राधे कृष्ण जी का मंदिर भी आपको देखने के लिए मिल जाएगा। यह मंदिर एक लाइन से बने हुए हैं।     हम लोग शिवरात्रि के दिन दमोह के जटाशंकर मंदिर घूमने के लिए आए थे। जटाशंकर मंदिर में बहुत ज्यादा भीड़ लगी हुई थी।  यहां पर मेला भी लगा हुआ था। बहुत सारी दुकानें लगी हुई थी।  हम लोग बाइक से आए थे।     जटाशंकर मंदिर बेला तालाब के सामने स्थित है। यह मुख्य सड़क में स्थित है और मुख्य सड़क में ही आपको मंदिर का एक