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एक अनोखा कुंड - भीमकुंड छतरपुर मध्य प्रदेश / Bhimkund Chhatarpur Madhya Pradesh

भीमकुंड छतरपुर - Bhimkund Chhatarpur

 
भीमकुंड एक अद्भुत जगह है। भीमकुंड जमीन के नीचे स्थित एक कुंड है। इस कुंड का पानी पारदर्शी है। भीम कुंड में आपको शिव भगवान जी के शिवलिंग के दर्शन करने के लिए भी मिलते हैं। यह जगह धार्मिक के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता से भी भरपूर है। यह कुंड पहाड़ी के नीचे स्थित है। भीमकुंड आप पानी के नीचे स्थित चट्टाने मछलियां और सभी चीजें देख सकते हैं। यह कुंड बहुत सारे रहस्य अपने अंदर समेटे हुए हैं। यह कुंड बहुत खूबसूरत है। लोग इस कुंड में नहाने का मजा भी ले सकते हैं, जिन्हें तैरना आता है वह इस कुंड में तैरते भी हैं। 
 

भीम कुंड कहा है - Where is Bhimkund

भीमकुंड मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध स्थल है। यह स्थल धार्मिक और प्राचीन भी है। भीमकुंड छतरपुर जिले के बाजना गांव में स्थित है। भीमकुंड में पहुंचने के लिए बहुत अच्छी सड़क आपको मिल जाती है। यहां पर आप बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप अपने वाहन से आसानी से आ सकते हैं। 
 

भीमकुंड की अन्य शहरों से दूरी - Distance from Bhimkund to other cities

भीमकुंड छतरपुर के बाजना  नाम के गांव में स्थित है। 
 
छतरपुर से भीमकुंड की दूरी करीब 78 किलोमीटर है। 
दमोह से भीमकुंड की दूरी करीब 100 किलोमीटर है। 
पन्ना से भीमकुंड की दूरी करीब 121 किलोमीटर है। 
टीकमगढ़ से भीमकुंड की दूरी करीब 95 किलोमीटर है। 
सागर से भीमकुंड की दूरी करीब 110 किलोमीटर है। 
कटनी से भीमकुंड की दूरी 163 किलोमीटर है।
 

भीमकुंड का धार्मिक महत्व - Religious importance of Bhimkund

भीमकुंड धार्मिक महत्व की है। भीमकुंड के बारे में कहा जाता है कि पांडव यहां पर अज्ञातवास के समय आए थे और जंगल में घूमते हुए द्रोपति को बहुत प्यास लगी। तब भीम ने अपनी गदा से इस जगह पर प्रहार किया और एक कुंड के निर्माण हुआ। इस कुंड में पताल से जल निकल पड़ा, जिसे पीकर पांडवों ने अपनी प्यास बुझाई। इसलिए इस कुंड को भीम कुंड कहा जाता है। इस कुंड के पास में गुफा बनी हुई है, जिसमें शंकर जी का शिवलिंग विराजमान है। लोग यहां पर आकर शंकर जी की पूजा करते हैं। उन्हें बेलपत्र चढ़ाते हैं। यह भी कहा जाता है, कि इस कुंड में स्नान करने से सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं। लोग इस कुंड का पानी बोतल में भरकर लेकर जाते हैं। कहा जाता है कि कुंड का पानी गंगा मैया का जल के समान है। 
 
भीम कुंड के पास ही में आपको पहाड़ी के ऊपर भीमा देवी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। आप सीढ़ियां चढ़कर भीमा देवी के मंदिर जा सकते हैं। भीम कुंड के पास ही में राधा कृष्ण जी का मंदिर स्थित है। आप उनके दर्शन भी कर सकते हैं। भीमकुंड मंदिर परिसर में संस्कृत विद्यालय है, जिसमें ब्राह्मण शिक्षा प्राप्त करते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे ब्राह्मण देखने के लिए मिल जाएंगे, जो यहां पर शिक्षा लेते हैं। 
 

भीमकुंड का रहस्य - Bhimkund ka Rahasya

भीमकुंड एक चमत्कारी कुंड है। आप यहां आते हैं, तो आपको चमत्कार देखने के लिए स्वयं मिल जाता है, क्योंकि इस कुंड का पानी इतना साफ है। इतना पारदर्शी है, कि आपको पानी के नीचे मछलियां, चट्टाने, साफ-साफ देखने के लिए मिल जाती है। पानी के भीतर अगर कचरा भी डाला गया है, तो वह भी आपको साफ-साफ देखने के लिए मिल जाता है। 
 
इस कुंड का एक और रहस्य है कि इस कुंड की गहराई अभी तक नापी नहीं जा सकी है। भीमकुंड में बहुत सारे वैज्ञानिकों ने रिसर्च किया है। मगर इस कुंड के तल के बारे में किसी को भी जानकारी नहीं पता चली।
 
डिस्कवरी चैनल वालों ने भीमकुंड में रिसर्च किया था, कि इस कुंड की गहराई कितनी है। उन्होंने इस कुंड में कुछ यंत्र एवं गोताखोर डालकर इसकी गहराई नापने की कोशिश की। मगर उन्हें सफलता नहीं मिली, क्योंकि इस कुंड का उन्हें तल ही नहीं मिला। कहा जाता है, कि इस कुंड का पानी सीधे पाताल से ऊपर आता है। कुंड के बारे में यह भी कहा जाता है, कि अगर दुनिया के किसी भी भाग में कोई प्रलय आने वाला होता है, तो इस कुंड के पानी में भी बढ़ोतरी हो जाती है। यह भीम कुंड के कुछ रहस्यमई तथ्य हैं। 
 

भीमकुंड के बारे में हमारा अनुभव - Our experience about Bhimkund

भीम कुंड में हम लोग अप्रैल के महीने में घूमने गए हैं। अप्रैल के महीने में भीम कुंड में पानी कम था। भीमकुंड के लिए हमारी यात्रा की शुरुआत छतरपुर से होती है। छतरपुर से हम अपने गाड़ी से पहले गुलगंज पहुंचे और गुलगंज से बड़ा मल्हार पहुंचे। बड़ा मल्हार में एक छोटा सा रास्ता गांव और जंगल से होते हुए गुजरता है। भीमकुंड जाने के लिए हम लोगों ने वह रास्ता चुन लिया। यह रास्ता कुछ दूर तक पक्का था और थोड़ा सा कच्चा भी था, जिसमें चलने में कठिनाई हो रही थी। हम लोग भीमकुंड पहुंच गए। भीमकुंड मुख्य सड़क से कुछ दूरी पर स्थित है। भीमकुंड मुख्य सड़क से करीब आधा किलोमीटर दूर होगा। हम लोग भीमकुंड पहुंचे। यहां पर ढेर सारी दुकानें हैं, जहां पर आपको प्रसाद मिलता है। 
 
भीम कुंड पहुंचकर हमने अपनी गाड़ी पार्किंग में खड़ी कर दी। यहां पर पार्किंग चार्ज नहीं लगता है। उसके बाद हम लोग प्रसाद की दुकान में गए और प्रसाद लिया। प्रसाद वाले के पास आपको बाल्टी भी मिल जाती है। बाल्टी से आप भीमकुंड से पानी निकाल कर नहा सकते हैं। अप्रैल के महीने में भीम कुंड में पानी कम हो जाता है, जिससे जिस भी व्यक्ति को तैरते नहीं बनता है।  वह नहीं नहा सकता है, तो प्रसाद की दुकान में बाल्टी मिल जाती है, तो आप बाल्टी से आराम से नहा सकते हैं। 
 
हम लोग प्रसाद लेकर भीम कुंड के दर्शन करने के लिए गए।  भीमकुंड में हम लोगों को संस्कृत विद्यालय देखने के लिए मिला। यहां पर राधा कृष्ण का मंदिर बना हुआ है। राधे कृष्ण के मंदिर के सामने ही भीमकुंड स्थित है। भीमकुंड में जाने से पहले ऐसा लग रहा था, कि हम किसी गुफा में जा रहे हैं, जहां बहुत अंधेरा होगा। मगर भीमकुंड के अंदर पहुंचकर ऐसा कुछ नहीं था। 
 
हम लोग भीम कुंड में सीढ़ियों से नीचे गए। यहां पर बहुत सारे चमगादड़ भी थे, जो गुफा के ऊपरी सिरे में लटके हुए थे। हम लोग नीचे उतर रहे थे, तो गुफा का ऊपरी सिरा बहुत ही करीब था। हम लोग जैसे जैसे नीचे उतरे, तो गुफा का ऊपरी सिरा ऊपर चला गया। हम लोगों को यह कुंड देखने के लिए मिला। यह कुंड पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से बना हुआ है। कुंड की बनावट में  किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है। कुंड में बस सीढ़ियां पक्की बना दी गई है, ताकि जो भी पर्यटक यहां पर आते हैं, उन्हें किसी भी तरह की परेशानी ना हो। जैसा कि आपको पता है कि अप्रैल माह के समय कुंड में पानी कम हो जाता है, तो पानी नीचे चला गया था। पानी तक पहुंचने के लिए बल्टी की जरूरत थी और यहां पर एक रस्सी भी बंधी हुई थी, जिससे बल्टी को बांधकर पानी को खींच कर निकाला जा सकता था। यहां पर बहुत सारी फैमिली लोग कुंड को देखने के लिए आई थी, उनमें से कुछ लोग कुंड में जंप मार कर नहा भी रहे थे। 
 
भीम कुंड में जिसको तैरना आता है, उसके बहुत मजे हैं। वह यहां पर बहुत मजे से नहा सकता है और जिसको तैरना नहीं आता है। वह ऊपर बैठकर बाल्टी से नहा सकता है। मेरे जो दोस्त थे। उन्हें भी तैरना आता था। वह भी भीम कुंड में जंप मारकर नहा लिया। भीम कुंड का जो पानी है। वह बहुत साफ है। नीचे की एक एक चीज आपको देखने के लिए मिल जाएगी। भीम कुंड पर हमें बहुत बड़ी मछली भी देखने के लिए मिली ,जो कुंड के दूसरे ओर थी। मेरे दोस्त ने कुंड में नहाकर यहां पर भगवान शिव का मंदिर है, उसमें प्रसाद चढ़ाया। भीम कुंड में छतों से भी पानी टपकता है। हम लोगों ने बहुत सारी फोटो खींचे और सही में भीमकुंड आश्चर्यजनक है। 
 
भीम कुंड में नहाने और भगवान शिव की पूजा करने के बाद, हम लोग भीम कुंड में सीढ़ियों से ऊपर आ गए और राधे कृष्ण मंदिर के सामने आकर बैठ गया। यहां पर हम कुछ देर बैठे रहे। यहां पर हम लोगों ने पंडित जी से बात किया। पंडित जी ने बताया कि भीमकुंड बरसात के समय में भीमकुंड पूरा ऊपर तक भर जाता है और पानी पूरा ऊपर तक आ जाता है और पानी तब भी साफ रहता है। जैसा आपको गर्मी के समय पानी नीले कलर का देखने के लिए मिलता है। उसी प्रकार बरसात में भी आपको पानी नीले कलर का देखने के लिए मिल जाएगा। बरसात के समय आपने नदी और तालाबों कुओं का पानी देखा होगा, जिनका पानी बरसात के समय मटमैला हो जाता है। मगर पंडित जी ने बताया कि भीम कुंड का पानी मटमैला नहीं होता है। वह बिल्कुल साफ पारदर्शी रहता है। 
 
भीम कुंड में साबुन और शैंपू लगाने की मनाही है। भीम कुंड में जंप मारने की भी मनाही है। मैंने पहले के कुछ वीडियो देखे थे, जिसमें लोग भीमकुंड के सबसे ऊपरी छोर से नीचे छलांग मारते थे। यह खतरनाक हो सकता था। मगर लोग मजे के लिए यह सब करते थे। भीमकुंड के सबसे ऊपरी सिरे में सुरक्षा की दृष्टि से चारों तरफ बाउंड्री बना दी गई है, ताकि कोई व्यक्ति जानबूझकर या अनजाने में भीमकुंड में ना गिर जाए। भीमकुंड को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए एक और बाउंड्री बना दी गई है।
 
हम लोग राधा कृष्ण मंदिर के सामने बैठे रहे और यही पर हम लोगों ने कुछ फोटो भी खींची। यहां पर आप भीमा देवी के मंदिर भी जा सकते हैं। यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है। आप राधे कृष्ण मंदिर में राधे कृष्ण जी के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां आकर बहुत अच्छा लगता है और भीमकुंड एक अद्भुत जगह है, जो हम लोगों को बहुत ही खूबसूरत लगी है। 
 

भीम कुंड में ठहरने की व्यवस्था - Accommodation arrangements at Bhim Kund

भीम कुंड में अगर कोई पर्यटक दूर से आता है, तो उसके रहने के लिए यहां पर रूम की भी व्यवस्था हैं। इन रूम में रहने के लिए आपको मंदिर संस्था से परमिशन लेनी पड़ेगी। आप यहां रुक सकते हैं। भीमकुंड में खाने के लिए होटल भी हैं। यहां पर मंदिर परिसर के बाहर आपको होटल मिल जाते हैं, जहां पर आप को पेट भर खाना खाना मिल जाता है। यहां पर आप 60 रूपए की थाली में खाना खा सकते हैं, जो बहुत अच्छा है। 
 

भीमकुंड का मेला - Bhimkund ka Mela

भीमकुंड एक धार्मिक स्थल है और भीम कुंड में मकर संक्रांति के समय बहुत विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर दूर से लोग भीमकुंड में देखने के लिए आते हैं। भीमकुंड के सामने ही एक बहुत बड़ा मैदान है, जिसमें मेले का आयोजन होता है। भीम कुंड में बहुत सारी दुकानें लगती है और झूले लगाए जाते हैं, जिसका लोग आनंद उठाने यहां पर आते हैं। 
 

भीम कुंड की गहराई - Depth of Bhima Kund

भीम कुंड की गहराई के बारे में अभी तक कोई भी जानकारी नहीं है। भीमकुंड की गहराई नापने की बहुत कोशिश की गई। मगर इसकी गहराई नापी नहीं जा सकी। कहा जाता है कि यह कुंड सीधे पताल से जुड़ा हुआ है। इसकी गहराई नापने की कोशिश डिस्कवरी चैनल के द्वारा की गई। मगर उन्हें सफलता नहीं मिली।   
 

भीमकुंड की फोटो - Photo of Bhimkund Chhatarpur

एक अनोखा कुंड - भीमकुंड छतरपुर मध्य प्रदेश / Bhimkund Chhatarpur Madhya Pradesh
भीमकुंड का पारदर्शी पानी

 

एक अनोखा कुंड - भीमकुंड छतरपुर मध्य प्रदेश / Bhimkund Chhatarpur Madhya Pradesh
भीमकुंड का प्रवेश द्वार

एक अनोखा कुंड - भीमकुंड छतरपुर मध्य प्रदेश / Bhimkund Chhatarpur Madhya Pradesh
तीर्थ स्थल भीमकुंड में आपका स्वागत है

एक अनोखा कुंड - भीमकुंड छतरपुर मध्य प्रदेश / Bhimkund Chhatarpur Madhya Pradesh
भीमकुंड का ऊपरी सिरा

एक अनोखा कुंड - भीमकुंड छतरपुर मध्य प्रदेश / Bhimkund Chhatarpur Madhya Pradesh
भीम कुंड में स्थित शिवलिंग

एक अनोखा कुंड - भीमकुंड छतरपुर मध्य प्रदेश / Bhimkund Chhatarpur Madhya Pradesh
भीमा देवी मंदिर भीमकुंड

एक अनोखा कुंड - भीमकुंड छतरपुर मध्य प्रदेश / Bhimkund Chhatarpur Madhya Pradesh
भीम कुंड में प्रवेश के लिए सीढ़ियों से आने का रास्ता




 
आशा करती हूं कि आपको भीमकुंड की यह सभी जानकारी बहुत पसंद आई होगी। अगर आपको अच्छी लगी हो, तो आप यह जानकारी अपने फैमिली और दोस्तों से जरूर शेयर करें। 
 
 
 
 
 



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