सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

गोलामठ मंदिर मैहर - Golamath Temple Maihar / Maihar ke Mandir

गोलामठ मंदिर मैहर -   Golamath Mandir Maihar

 
गोला मठ मंदिर मैहर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है। गोला मठ मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। इस मंदिर में शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। गोला मठ मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग विराजमान है और मंदिर के बाहर नंदी भगवान की पत्थर की प्रतिमा विराजमान है। इस मंदिर की दीवारों में आपको नक्काशी देखने के लिए मिलेगी, जो पत्थर पर उकेर कर की गई है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यहां के लोगों का यह मानना है, कि यह मंदिर एक रात में तैयार किया गया है। आप यहां पर जाकर इस मंदिर की सुंदरता को देख सकते हैं।  
 

गोला मठ मंदिर का इतिहास - History of Gola Math Temple

गोला मठ के नाम से प्रसिद्ध मंदिर शिव को समर्पित है। नागर शैली में निर्मित पूर्वाभिमुख, पंचरथी मंदिर की लंबवत योजना में अधिष्ठान जंघा, शेखर एवं तल योजना में गर्भगृह, अंतराल एवं स्तंभों पर आधारित मुख्य मंडप प्रमुख अंग है। मंडप की छत शतदल कमल अलंकरण युक्त है। इसके स्तंभों का निचला भाग अष्टकोण एवं उपरी भाग षोडशकोणीय है। स्तंभ शीर्ष गोलाकार है, जिनके ऊपर भार वाहक कीचक है। मंडप में गर्भगृह किए नंदी आसीन है। गर्भगृह का द्वार सघन रूप से अलंकृत है। द्वार शाखा के निचले भाग में नदी देवियां गंगा, यमुना का अंकन है। रूप स्तंभ में मिथुन युगल तथा सिर दल पर ललाट बिंब में शिव उत्कीर्ण  है। गर्भ ग्रह में शिवलिंग स्थापित है। मंदिर के बाहरी भाग में जंघा  प्रतिमाओं से सुसज्जित है। यह मंदिर कलचुरी कालीन है।  
 
हम लोग इस मंदिर में ऑटो से गए थे। गोलामठ मंदिर मैहर मंदिर से करीब 3 या 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। यह मंदिर मैहर के शारदा मंदिर जाने वाली सड़क में ही स्थित है। आप इस मंदिर में आसानी से जा सकते हैं। इस मंदिर में जाने के लिए अच्छी सड़क है। हम लोग जब इस मंदिर में गए थे। तब यह मंदिर खुला हुआ था और मंदिर के बाहर प्रसादओं की दुकान देखने के लिए मिलती है, जहां से प्रसाद लिया जा सकता है। मगर हम लोगों ने प्रसाद नहीं लिया था। हम लोग मंदिर के अंदर गए, तो हम लोग को यह मंदिर देखने के लिए मिला। इस मंदिर में पंडित जी भी थे, जो हम लोगों को मंदिर में शंकर जी के दर्शन करने के लिए कह रहे थे। यहां पर और भक्त भी आए हुए थे, जो मंदिर में शंकर जी के दर्शन कर रहे थे। हम लोगों ने शंकर जी के दर्शन किए, नंदी भगवान के दर्शन किए। उसके बाद मंदिर की परिक्रमा की।  
 
गोला मठ मंदिर का परिसर बहुत बड़ा है। मंदिर परिसर में हम लोगों को एक और मंदिर देखने के लिए मिला था। यह मंदिर राम जी को समर्पित था। हम लोग इस मंदिर में नहीं गए थे। मगर आप इस मंदिर में जाकर देख सकते हैं। गोला मठ मंदिर परिसर में एक मंदिर और है, जो काली माता को समर्पित है। यहां पर हमें कुछ मूर्तियां भी देखने के लिए मिली थी। इस मंदिर की दीवारों पर हमने नक्काशी देखें, यह नक्काशी आपको खुजराहो के मंदिरों की नक्काशी से मिलती-जुलती लगेंगे। आप आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। बहुत खूबसूरत मंदिर है। 
 

गोला मठ मंदिर (मैहर) की फोटो - Photo of Gola Math Temple (Maihar)

 

गोलामठ मंदिर मैहर  - Golamath Temple Maihar / Maihar ke Mandir
गोला मठ मंदिर का बाहर से दृश्य

गोलामठ मंदिर मैहर  - Golamath Temple Maihar / Maihar ke Mandir
गोला मठ मंदिर की दीवारों पर की गई नक्काशी

गोलामठ मंदिर मैहर  - Golamath Temple Maihar / Maihar ke Mandir
गोला मठ मंदिर में विराजमान नंदी और शिव भगवान जी की प्रतिमा

गोलामठ मंदिर मैहर  - Golamath Temple Maihar / Maihar ke Mandir
गोला मठ मंदिर में स्थित अन्य मंदिर

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो आप इस लेख को अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। ताकि उन्हें भी मैहर के गोला मठ मंदिर के बारे में जानकारी मिल सके।

 
 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।

बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city बैतूल जिले की जानकारी - Betul district information बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर, । बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है।  बैतूल में घूमने की जगहें Places to visit in Betul बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है।