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मंडला जिले के दर्शनीय स्थल - Mandla tourist place || Best places to visit Mandla

मंडला जिले के पर्यटन स्थल - Places to visit in Mandla | Tourist places in Mandla


Mandla district information
मंडला जिले की जानकारी

मंडला मध्य प्रदेश का एक जिला है। मंडला मध्य प्रदेश के पूर्व में स्थित है। मंडला में नर्मदा नदी बहती है। नर्मदा नदी मंडला को तीन ओर से घेरती है। मंडला में अदिवासी जनजाति की अधिकता है। मंडला में नर्मदा नदी, बुढनेर नदी, बंजर नदी बहती है। मंडला में 6 तहसीलें है। मंडला की 6 तहसीलें नारायणगंज, निवास, नैनपुर, मंडला, बिछिया और घुघरी तहसील है। मंडला जिला जबलपुर संभाग में आता है। मंडला जबलपुर जिलें से करीब 120 किलोमीटर दूर है। मंडला 9 विकासखण्ड में बंटा है। मंडला के नौ विकासखंड बिछिया, बीजाडांडी, घुघरी, मण्डला, मवई, मोहगांव, नैनपुर, नारायणगंज है। मंडला में बहुत सारे दर्शनीय स्थल है, जहां पर आप घूम सकते हैं। मंडला में बहुत सारी प्राकृतिक और ऐतिहासिक जगह है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं। मंडला में नर्मदा नदी के बहुत सारे सुंदर घाट हैं, जहां पर आप शांति से समय बिता सकते हैं। आइए जानते हैं मंडला के दर्शनीय स्थलों के बारें में


मंडला में घूमने की जगहें
Places to visit in Mandla


सहस्त्रधारा मंडला - Sahastradhara Mandla

सहस्त्रधारा मंडला जिलें का एक दर्शनीय स्थल है। सहस्त्रधारा नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। सहस्त्रधारा मंडला जिलें से करीब 10 किलोमीटर दूर होगा। सहस्त्रधारा के चारों तरफ का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर बहुत शांती है। यहां पर ज्यादा भीड नहीं होती है। सहस्त्रधारा में आपके देखने के लिए दो जगह है। 

सहस्त्रबाहु मंदिर - Sahastrabahu Temple Mandla | sahastrabahu mandir mandla

सहस्त्रबाहु मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए एक पुल बना हुआ है। सहस्त्रबाहु मंदिर शंकर जी को समार्पित है। बरसात के समय यह मंदिर पानी से डूबा रहता है। गर्मी में आप मंदिर के दर्शन कर सकते है।

सहस्त्रधारा जलप्रपात - Sahastradhara Falls Mandla | sahastradhara jalprapat mandla

सहस्त्रधारा जलप्रपात नर्मदा नदी पर बना हुआ जलप्रपात है। सहस्त्रधारा पर नर्मदा नदी छोटी-छोटी धाराओं में बंटकर बहती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। यहां पर आपको जो चटटानें देखने मिलती हैं। वह कुछ अलग प्रकार की होती है। सहस्त्रधारा जलप्रपात तक पहुॅचने के लिए आपको पैदल चलना होता है।


रानी दुर्गावती संग्रहालय - Rani Durgavati Museum Mandla | Rani durgavati sangrahalaya mandla

रानी दुर्गावती संग्रहालय मंडला शहर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह संग्रहालय मुख्य मंडला शहर में स्थित है। इस संग्रहालय में आपको बहुत सारे प्राचीन वस्तुएं देखने मिल जाती है। इस संग्रहालय में गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर बच्चे  घूम सकते हैं।

रपटा घाट - Rapta Ghat Mandla | 

रपटा घाट मंडला शहर का मुख्य घाट है। यह घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। रपटा घाट मुख्य मंडला शहर में स्थित है। रपटा घाट में बहुत सारे मंदिर हैं। आप यहां पर साईं बाबा जी का मंदिर, गणेश जी का मंदिर, और नर्मदा जी का मंदिर देख सकते हैं। यहां पर आप नहा सकते हैं। यहां पर कपडे बदलने की व्यवस्था है। रपटा घाट पर बैठने की व्यवस्था भी है। यहां पर बैठकर आप शांति का अनुभव कर सकते हैं। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है।

दादा धनीराम समाधी - Dada dhaniram samadhi mandla

दादा धनीराम की समाधि नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। दादा धनीराम की समधि मुख्य मंडला शहर में स्थित है। यहां पर आपको एक मंदिर देखने मिलता है। मंदिर में दादा धनीराम की मूर्ति के दर्शन करने मिलते है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बहुत सारे लोग इस समाधि स्थल के दर्शन करने आते है।


नर्मदा संगम स्थल - Narmada sangam sthal mandla

नर्मदा संगम स्थल पर नर्मदा नदी और बंजर नदी का संगम हुआ है। यह बहुत खूबसूरत घाट है। यहां पर बहुत सारे प्राचीन मंदिर भी हैं। यहां पर नर्मदा नदी सी के आकार में बहती हुई दिखाई देती है। यहां पर लोग पूजा पाठ एवं विभिन्न तरह के क्रियाकलाप करते हुए देखने मिल जाते हैं। यहां पर आप नाव की सवारी का भी मजा ले सकते हैं।

बूढ़ी माई मंदिर - Budhi Mai temple mandla | Budhi mai mandir mandla

बूढ़ी माई का मंदिर मंडला शहर में महाराजपुर में स्थित है। यह पर आपको बूढ़ी माई के दर्शन करने मिलते है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आप आकर माता के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर नर्मदा और बंजर नदी के संगम पर स्थित है। इस मंदिर के आसपास भी बहुत सारे मंदिर स्थित है।

मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila mandla

मंडला का किला मंडला का प्राचीन स्मारक है, जो खंडहर अवस्था में है। यह नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां से नर्मदा नदी का अच्छा नजारा देखने मिलता है। मंडला किलें में एक शिवलिंग भी स्थापित है। यहां पर बहुत सारे चमगादड़ हैं। यह पर एक घाट भी बना हुआ है। इस महल से कुछ दूरी पर नरेंद्र शाह बुर्ज नाम की एक प्राचीन इमारत है। आप इस महल के ऊपर चढ़ा सकते हैं और आसपास का व्यू देख सकते हैं। इस महल के आसपास बहुत सारे मंदिर हैं, जिनके दर्शन आप कर सकते हैं।

सूरजकुंड - Surajkund Mandla

सूरजकुंड मंडला जिले के पिपरपनी ग्राम के पास स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हनुमान जी का प्रसिध्द मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर पुराना है। इस हनुमान मंदिर के बारें में कहा जाता है कि हनुमान जी प्रतिमा अपना रूप बदलती है। यह प्रतिमा सुबह बाल्यकाल में, दोपहर को युवावस्था में शाम को वृद्यावस्था में रहती है। यहां मंदिर बहुत खूबसूरत बना हुआ है।

रामनगर - Ramnagar Mandla

रामनगर मंडला शहर में स्थित है। रामनगर मंडला शहर की नगर है। रामनगर मंडला शहर से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रामनगर में बहुत सारे प्राचीन महल स्थित हैं।

मोती महल रामनगर - Moti Mahal Ramnagar Mandla

मोती महल रामनगर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह एक प्राचीन महल है। मोती महल 2 मंजिला इमारत है। महल के बीच में एक कुंड बना हुआ है, जहां बरसात में पानी भर जाता है। यह महल अच्छी अवस्था में है। महल के सामने शिव मंदिर बना हुआ है। महल के आसपास बहुत सारे बंदर है, जो आपको नुकसान पहुॅचा सकते है। मोतीमहल का निर्माण गौड राजा हृदय शाह के द्वारा 1500 ईस्वी मे किया गया था। 

राय भगत की कोठी - Rai Bhagat's Kothi Ramnagar

राय भगत की कोठी रामनगर में मोती महल से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक प्राचीन महल है। यह महल हृदय शाह के दीवान राय भगत के निवास के रूप में किया गया था। राय भगत की कोठी का निर्माण 17 वी शताब्दी में किया गया था।  राय भगत की कोठी 2 मंजिला इमारत है। इमारत के बीच में एक कुंड बना है, जिसमें पानी भरा रहता है और कमल के फूल खिले रहते है। राय भगत की कोठी के सामने एक बगीचा बना हुआ है, जिसमें तरह तरह के फुल लगे हुए है। 

रानी का महल या बेगम पैलेस - Rani ka Mahal Ramnagar | Begum Palace Ramnagar

बेगम पैलेस रामनगर में मोती महल से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। बेगम पैलेस एक प्राचीन महल है। यह महल चिमनी रानी के लिए बनवाया गया था। यहां पर एक बावली भी बनी हुई है, जिसमें बरसात में पानी भरा रहता है। 

काला पहाड़ - Kala Pahad Ramnagar

काला पहाड़ रामनगर में स्थित एक प्राकृतिक जगह है। काला पहाड़ में आपको काले रंग के अष्ट फलक पत्थर देखने के लिए मिलते हैं, जो देखने में अद्भुत लगते है।  यहां पर इन पत्थरों से पूरा पहाड़ बना हुआ है, इसलिए इस जगह को काला पहाड़ कहा जाता है। काला पहाड़ रामनगर से करीब 3 किलोमीटर दूर होगा।


देवगांव संगम घाट मंदिर - Devgaon Sangam Ghat Temple Mandla | Devgaon sangam ghat mandir mandla

देवगांव संगम घाट मंडला की एक दर्शनीय जगह है। देवगांव मंडला डिंडोरी हाईवे रोड पर स्थित है। यहां पर नर्मदा नदी और बढ़नेर नदी का संगम हुआ है। यहां पर मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर मकर संक्रांति में बहुत बड़ा मेला लगता है। यहां पर ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि है। यहां का वातावरण शांत है। देवगांव संगम में एक मैदान है, जहां पर लोग नर्मदा नदी के किनारे पिकनिक मनाने आते है। ज्यादातर लोग यहां पर गक्कड भर्ता बनाते है। 

मटियारी जलाशय - Matiyari dam mandla | Matiyari reservoir mandla | Matiyari jalashay

मटियारी जलाशय मंडला शहर का दर्शनीय स्थल है। मटियारी जलाशय मंडला शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर है। यह जंगल के बीच स्थित है। यहां पर आप घूमने के लिए आया जा सकता है। बारिश के समय इस बांध का नजारा बहुत अच्छा रहता है। बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है और इसके गेट खोले जाते हैं।

थानवार जलाशय - Thanwar reservoir | Thanwar Dam Mandla | Thanwar jalashay

थानवार जलाशय मंडला में स्थित एक दर्शनीय जगह है। थानवार जलाशय मंडला से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। बरसात के समय यह बांध पानी से भर जाता है और इस बांध के गेट खोले जाते है, जो मनोरम दृश्य दिखता है। इस बांध को बीजेगांव बांध भी कहा जाता है। इस बांध के पास एक मंदिर भी है, जो दुर्गा जी को समर्पित है।

गर्म पानी का कुंड मंडला - Garam pani ka kund mandla

गर्म पानी का कुंड मंडला जिले में स्थित एक चमत्कारिक जगह है। यह कुंड नर्मदा नदी के भराव क्षेत्र स्थित है। यह जंगल के बीच में स्थित है। कुंड का पानी औषाधियां गुण से भरपूर है। यहां पर आपके त्वचा संबधी रोग ठीक हो जाते है। यह मंडला जिले से करीब 18 किलोमीटर दूर होगा।

नैरो गेज रेल संग्रहालय नैनपुर या छोटी लाइन रेल संग्रहालय नैनपुर - Narrow Gauge Rail Museum Nainpur Mandla | Choti Line Rail Museum Nainpur Mandla

नैरो गेज रेल म्यूजियम मंडला जिले के नैनपुर तहसील में स्थित है। यह एक बहुत बड़ा रेल म्यूजियम है। यहां पर आपको बहुत सारे रेल गाड़ी के मॉडल देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बच्चों के लिए गार्डन भी बनाया गया है। यहां पर आप आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह मंडला जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। यहां संग्रहालय नैनपुर जंक्शन से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा।

दलदली माता मंदिर नैनपुर - Daldali mata mandir nainpur mandla

दलदली माता मंदिर नैनपुर के पास स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर चकोर नदी के किनारे बना है। यहां पर दलदली माता का मंदिर है, जहां पर दलदली मां की मूर्ति है। मंदिर के पास एक छोटा सा तालाब बना हुआ है, जिसे दलदली कहते हैं। यहां पर साल भर पानी रहता है। इस मंदिर पर नवंबर के महीने पर 15 दिनों का मेला लगता है, जिसमें दूर दूर से लोग आते हैं। यह मेला बहुत प्रसिद्ध है। इस मेले में लोग बच्चों की मन्नत मनाने के लिए आते है। जेवनारा रेल्वे स्टेशन इस मंदिर के बहुत करीब है। 

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान - Kanha National Park Mandla | Kanha rashtriy udyan Mandla

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यह मंडला शहर का एक दर्शनीय स्थल है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान बाघों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर बाघों के अलावा भी आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मंडला और बालाघाट जिले में फैला हुआ है। यहां पर आपको जंगली जानवरों और पेड़ पौधों की बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप सफारी का मजा ले सकते हैं।

अजगर दादर - Ajgar dadar mandla

अजगर दादर पर आपको हजारों की संख्या में अजगर देखने के लिए मिल जाते हैं। इसे अजगर की बस्ती कहां जाता है। यहां पर अजगर चटटानों की गुफा के नीचे शरण लेते है। यहां पर अजगर ठंड के समय में धूप सेकने के लिए ऊपर आते हैं, तो आप ही उन्हें देख सकते हैं। अजगर दादर मंडला जिले के अंजनियां के अंतर्गत ककैया बीट गांव के वन परिक्षेत्र में स्थित है। यहां करीब 2 एकड के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर बड़ी संख्या में अजगर रहते हैं, इसलिए इस जगह को अजगर दादर कहा जाता है। अजगर दादर मंडला से करीब 25 किलोमीटर दूर है।

घुघरा जलप्रपात - Ghughra Falls Mandla | Ghughara jalprapat mandla 

घुघरा जलप्रपात मंडला जिले में स्थित एक खूबसूरत जलप्रपात है। यह मंडला जिले के निवास तहसील से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर बारिश के समय पर जा सकते हैं। बारिश के समय इस जलप्रपात में पानी रहता है। आपको यहां पर पहाड़ों के बीच से बहता हुआ जल प्रपात देखने मिलता है। इस जलप्रपात को मंडला जिले का पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आप इस जलप्रपात में जाकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं।

आपने अपना समय दिया उसके लिए धन्यवाद

कटनी दर्शनीय स्थल
खंदारी झील जबलपुर
घुघरा जलप्रपात जबलपुर
जल महल जयपुर



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