Mandla लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Mandla लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

Narmada sangam sthal or Narmada sangam ghat mandla - Narmada or Banjar nadi ka sangam

नर्मदा संगम स्थल या नर्मदा संगम घाट मंडला - नर्मदा और बंजर नदी का संगम

 
Narmada sangam sthal or Narmada sangam ghat mandla - Narmada or Banjar nadi ka sangam
नर्मदा संगम घाट



Narmada sangam sthal or Narmada sangam ghat mandla - Narmada or Banjar nadi ka sangam
नर्मदा संगम घाट


नर्मदा संगम स्थल या नर्मदा संगम घाट मंडला जिले का एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है। यहां पर नर्मदा नदी और बंजर नदी का संगम हुआ है, इसलिए इसे संगम घाट कहा जाता है। यहां पर बहुत बड़ा घाट बना हुआ है। आप यहां पर आकर इस घाट में घूम सकते हैं। घाट के आस पास बहुत सारे प्राचीन मंदिर बने हुए हैं। आप इन मंदिरों में भी घूम सकते हैं। नर्मदा नदी और बंजर नदी मंडला शहर की एक प्रमुख नदी है। 
 
यहां पर आपको नर्मदा नदी का बहुत ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर नर्मदा नदी सी आकार की आपको देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर बोटिंग का मजा ले सकते हैं। बोटिंग का चार्ज भी नॉर्मल रहता है। आप इस जगह से नाव  के द्वारा नर्मदा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे पर जा सकते हैं। आपको नर्मदा नदी के दूसरे किनारे पर मंडला का किला देखने के लिए मिलता है। यह किला अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। मगर अपने समय में यह किला बहुत ही भव्य था। नर्मदा नदी के दूसरे किनारे पर आपको एक भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर पुरवा नाम की जगह पर स्थित है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है और आप संगम घाट से इस मंदिर का दृश्य देख सकते हैं। आप इस मंदिर से नाव के द्वारा भी पहुंच सकते हैं। आप इस मंदिर तक  सड़क मार्ग से भी जा सकते हैं। मगर सड़क मार्ग से आपको समय लगेगा। 
 
Narmada sangam sthal or Narmada sangam ghat mandla - Narmada or Banjar nadi ka sangam
बूढ़ी माता का मंदिर

Narmada sangam sthal or Narmada sangam ghat mandla - Narmada or Banjar nadi ka sangam
बूढ़ी माता का मंदिर

 
 संगम घाट में नाव में घूमने के अलावा भी आप यहां पर बहुत सारे लोगों को देखते हैं, जो तरह-तरह की क्रियाकलाप करते हुए देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग अपने मृत्य परिजनों का श्राद्ध करते हुए आपको देखने के लिए मिल जाएंगे। आपको यहां पर  कुछ लोग मछली पकड़ते हुए और उन्हें धूप में सुखते हुए भी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां के अधिकतर लोग मछली पकड़ते हैं और उन्हें बाजार में जाकर बेचते है। यहां पर नर्मदा जी की पूजा करते हुए भी बहुत सारे लोग देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आते हैं, तो नर्मदा नदी के घाट से थोड़ा आगे जाते हैं, तो आपको बूढ़ी माता का मंदिर देखने के लिए मिलता है। बूढ़ी माता का मंदिर बहुत ही प्राचीन है और मंदिर में माता जी की भव्य मूर्ति विराजमान है। यह मंदिर भी बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। मंदिर के सामने एक व्यूप्वाइंट बना हुआ है, जहां से आप नर्मदा नदी का भव्य दृश्य देख सकते हैं। यहां पर त्यौहार में बहुत ज्यादा भीड़ लगती है और लोग नर्मदा नदी के दर्शन करने के लिए आते हैं। मकर संक्रांति के समय और नर्मदा जयंती के समय यहां पर हजारों की तादाद में लोग आते हैं। यहां पर विशाल मेला भी लगता है। आप यहां से बूढ़ी माता मंदिर से थोड़ा आगे जाएंगे, तो आपको नर्मदा और बंजर नदी का संगम देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर पैदल जा सकते हैं। संगम घाट में सभी प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर सुलभ शौचालय भी बनवाया गया है, जिसका आपको प्रयोग करने का चार्ज लिया जाता है। यहां पर आसपास आपको चाय बगैरा के ठेले भी देखने के लिए मिल जाता है। आप इस जगह पर अपनी फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं रहती है। आप यहां पर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। 
 

मंडला में नर्मदा संगम घाट कहाँ है

Where is Narmada Sangam Ghat in Mandla

 
नर्मदा संगम घाट मंडला शहर के महाराजपुर में स्थित है और आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। नर्मदा संगम घाट में पहुंचना बहुत ही आसान है। आप अपनी गाड़ी से इस घाट तक बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यह घाट रपटा घाट के बहुत करीब है। यह करीब 1 किलोमीटर दूर होगा और आप यहां पर पैदल भी आ सकते हैं। 





मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

मंडला का किला - Mandla ka kila | नरेंद्र शाह बुर्ज | सतखंडा महल | मंडला शहर

मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

नरेंद्र शाह बुर्ज


मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

नरेंद्र शाह बुर्ज


मंडला का किला मंडला शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह किला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में यहां पर मौजूद है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला है। मगर अब यह किला धीरे.धीरे समाप्त होते जा रहा है। यहां पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण करके घर बना लिया गए हैं और आपको किले के खंडहर ही देखने के लिए मिलते हैं। इस किले में आने के लिए आपको एक पतली सी सड़क देखने के लिए मिलती है। इस सड़क के नीचे एक नाला है। यह नाला यहां के राजा के द्वारा खुदवाया गया था। यह नाला अब गंदे पानी से भरा हुआ है। मगर प्राचीन समय में इस नाले के दोनों छोर नर्मदा नदी को छूते थे और इस नाले में मगरमच्छ एवं जहरीले सांपों को रखा जाता था। ताकि बाहर से कोई भी आक्रमण हो, तो किले की रक्षा की जा सके। मंडला का किला कि ज्यादा देखरेख नहीं की जा रही है। अब यह किला चमगादड़ का घर बन गया है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर चमगादड़ देखने के लिए मिलते हैं और चमगादड़ इस किले को बहुत गंदा करते हैं। यहां पर बहुत ज्यादा बदबू भी आती है। 


मंडला किला के इतिहास के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। मगर यह किला राजा शंकर शाह रघुनाथ जी ने बनवाया था। आप यहां पर आते हैं, तो यहां पर आपको नरेंद्र शाह बुर्ज देखने के लिए मिलता है। यह बुर्ज भी अब खंडहर अवस्था में है। बुर्ज का प्रयोग पुराने समय में वॉच टावर के की तरह किया जाता था। नरेंद्र शाह बुर्ज में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां है। आप इन सीढ़ियों से ऊपर जा सकते हैं और चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं। इस बुर्ज के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत ही अद्भुत दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। यह स्थान नरेंद्र शाह रघुनाथ की जन्मस्थली भी है। आपको इस बुर्ज के आस पास बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको प्राचीन हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है और शीतला माता जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है और राजराजेश्वरी माता जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह सारे मंदिर प्राचीन है और आप इन मंदिरों की डिजाइन देख सकते हैं, जो बहुत ही अद्भुत लगती हैं। आप नरेंद्र शाह बुर्ज के थोड़ा आगे जाते हैं, तो आपको यहां पर नर्मदा नदी के किनारे सतखंडा महल देखने के लिए मिलता है। सतखंडा महल बहुत खूबसूरत महल है और अभी भी अच्छी हालत में मौजूद है। आप इस महल को देख सकते हैं। इस महल में शिवलिंग विराजमान है। बरसात के समय नर्मदा नदी में बाढ़ आती है, जिसके कारण महल में पानी भर जाता है और शिवलिंग पूरी तरह से पानी में डूब जाता है। बाढ़ का पानी जब कम होता है, तो शिवलिंग पूरी तरह मिट्टी में ढक जाता है। आप यहां पर आते हैं, तो आप यह देख सकते हैं, क्योंकि हम लोग भी यहां बरसात के बाद गए थे, तो हम लोगों को इस तरह का दृश्य यहां पर देखने के लिए मिला था।आप इस किले में घूमने के लिए आते हैं, तो यहां पर आपको बहुत सारे लोग मछली सूखते हुए देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे स्थानीय लोग मछली पकड़ते हैं और मछली सुखाते हैं। यहां पर बहुत सारे लोगों का रोजगार का साधन यही है और यहां पर आपको मछलियों की बदबू आती है। 


मंडला किले के आस पास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। सतखंडा महल में आप नर्मदा नदी के उस पार भी जा सकते हैं। यहां पर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है और आप यहां पर बोटिंग का मजा ले सकते हैं। नर्मदा नदी के उस पर आपको राधे कृष्ण जी का बहुत ही भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो सफेद रंग का है और बहुत खूबसूरत लगता है। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


मंडला का किला कहां स्थित है

मंडला का किला मुख्य मंडला शहर में स्थित है। मंडला का किला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। आप इस किला में  आसानी से पहुंच सकते हैं। आप इस किले तक सड़क मार्ग से भी पहुंच सकते हैंए या आप चाहे तो नर्मदा नदी में बोटिंग करके भी पहुंच सकते हैं। संगम घाट से आप इस किले तक बोटिंग करके भी पहुंच सकते हैं। 


चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट, जबलपुर

निदान कुंड जलप्रपात, दमोह

पचमढ़ी दर्शनीय स्थल

वीरांगना दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण


मंडला जिले के दर्शनीय स्थल - Mandla tourist place || Best places to visit Mandla

मंडला जिले के पर्यटन स्थल - Places to visit in Mandla | Tourist places in Mandla


Mandla district information
मंडला जिले की जानकारी

मंडला मध्य प्रदेश का एक जिला है। मंडला मध्य प्रदेश के पूर्व में स्थित है। मंडला में नर्मदा नदी बहती है। नर्मदा नदी मंडला को तीन ओर से घेरती है। मंडला में अदिवासी जनजाति की अधिकता है। मंडला में नर्मदा नदी, बुढनेर नदी, बंजर नदी बहती है। मंडला में 6 तहसीलें है। मंडला की 6 तहसीलें नारायणगंज, निवास, नैनपुर, मंडला, बिछिया और घुघरी तहसील है। मंडला जिला जबलपुर संभाग में आता है। मंडला जबलपुर जिलें से करीब 120 किलोमीटर दूर है। मंडला 9 विकासखण्ड में बंटा है। मंडला के नौ विकासखंड बिछिया, बीजाडांडी, घुघरी, मण्डला, मवई, मोहगांव, नैनपुर, नारायणगंज है। मंडला में बहुत सारे दर्शनीय स्थल है, जहां पर आप घूम सकते हैं। मंडला में बहुत सारी प्राकृतिक और ऐतिहासिक जगह है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं। मंडला में नर्मदा नदी के बहुत सारे सुंदर घाट हैं, जहां पर आप शांति से समय बिता सकते हैं। आइए जानते हैं मंडला के दर्शनीय स्थलों के बारें में


मंडला में घूमने की जगहें
Places to visit in Mandla


सहस्त्रधारा मंडला - Sahastradhara Mandla

सहस्त्रधारा मंडला जिलें का एक दर्शनीय स्थल है। सहस्त्रधारा नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। सहस्त्रधारा मंडला जिलें से करीब 10 किलोमीटर दूर होगा। सहस्त्रधारा के चारों तरफ का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर बहुत शांती है। यहां पर ज्यादा भीड नहीं होती है। सहस्त्रधारा में आपके देखने के लिए दो जगह है। 

सहस्त्रबाहु मंदिर - Sahastrabahu Temple Mandla | sahastrabahu mandir mandla

सहस्त्रबाहु मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए एक पुल बना हुआ है। सहस्त्रबाहु मंदिर शंकर जी को समार्पित है। बरसात के समय यह मंदिर पानी से डूबा रहता है। गर्मी में आप मंदिर के दर्शन कर सकते है।

सहस्त्रधारा जलप्रपात - Sahastradhara Falls Mandla | sahastradhara jalprapat mandla

सहस्त्रधारा जलप्रपात नर्मदा नदी पर बना हुआ जलप्रपात है। सहस्त्रधारा पर नर्मदा नदी छोटी-छोटी धाराओं में बंटकर बहती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। यहां पर आपको जो चटटानें देखने मिलती हैं। वह कुछ अलग प्रकार की होती है। सहस्त्रधारा जलप्रपात तक पहुॅचने के लिए आपको पैदल चलना होता है।


रानी दुर्गावती संग्रहालय - Rani Durgavati Museum Mandla | Rani durgavati sangrahalaya mandla

रानी दुर्गावती संग्रहालय मंडला शहर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह संग्रहालय मुख्य मंडला शहर में स्थित है। इस संग्रहालय में आपको बहुत सारे प्राचीन वस्तुएं देखने मिल जाती है। इस संग्रहालय में गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर बच्चे  घूम सकते हैं।

रपटा घाट - Rapta Ghat Mandla | 

रपटा घाट मंडला शहर का मुख्य घाट है। यह घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। रपटा घाट मुख्य मंडला शहर में स्थित है। रपटा घाट में बहुत सारे मंदिर हैं। आप यहां पर साईं बाबा जी का मंदिर, गणेश जी का मंदिर, और नर्मदा जी का मंदिर देख सकते हैं। यहां पर आप नहा सकते हैं। यहां पर कपडे बदलने की व्यवस्था है। रपटा घाट पर बैठने की व्यवस्था भी है। यहां पर बैठकर आप शांति का अनुभव कर सकते हैं। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है।

दादा धनीराम समाधी - Dada dhaniram samadhi mandla

दादा धनीराम की समाधि नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। दादा धनीराम की समधि मुख्य मंडला शहर में स्थित है। यहां पर आपको एक मंदिर देखने मिलता है। मंदिर में दादा धनीराम की मूर्ति के दर्शन करने मिलते है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बहुत सारे लोग इस समाधि स्थल के दर्शन करने आते है।


नर्मदा संगम स्थल - Narmada sangam sthal mandla

नर्मदा संगम स्थल पर नर्मदा नदी और बंजर नदी का संगम हुआ है। यह बहुत खूबसूरत घाट है। यहां पर बहुत सारे प्राचीन मंदिर भी हैं। यहां पर नर्मदा नदी सी के आकार में बहती हुई दिखाई देती है। यहां पर लोग पूजा पाठ एवं विभिन्न तरह के क्रियाकलाप करते हुए देखने मिल जाते हैं। यहां पर आप नाव की सवारी का भी मजा ले सकते हैं।

बूढ़ी माई मंदिर - Budhi Mai temple mandla | Budhi mai mandir mandla

बूढ़ी माई का मंदिर मंडला शहर में महाराजपुर में स्थित है। यह पर आपको बूढ़ी माई के दर्शन करने मिलते है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आप आकर माता के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर नर्मदा और बंजर नदी के संगम पर स्थित है। इस मंदिर के आसपास भी बहुत सारे मंदिर स्थित है।

मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila mandla

मंडला का किला मंडला का प्राचीन स्मारक है, जो खंडहर अवस्था में है। यह नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां से नर्मदा नदी का अच्छा नजारा देखने मिलता है। मंडला किलें में एक शिवलिंग भी स्थापित है। यहां पर बहुत सारे चमगादड़ हैं। यह पर एक घाट भी बना हुआ है। इस महल से कुछ दूरी पर नरेंद्र शाह बुर्ज नाम की एक प्राचीन इमारत है। आप इस महल के ऊपर चढ़ा सकते हैं और आसपास का व्यू देख सकते हैं। इस महल के आसपास बहुत सारे मंदिर हैं, जिनके दर्शन आप कर सकते हैं।

सूरजकुंड - Surajkund Mandla

सूरजकुंड मंडला जिले के पिपरपनी ग्राम के पास स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हनुमान जी का प्रसिध्द मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर पुराना है। इस हनुमान मंदिर के बारें में कहा जाता है कि हनुमान जी प्रतिमा अपना रूप बदलती है। यह प्रतिमा सुबह बाल्यकाल में, दोपहर को युवावस्था में शाम को वृद्यावस्था में रहती है। यहां मंदिर बहुत खूबसूरत बना हुआ है।

रामनगर - Ramnagar Mandla

रामनगर मंडला शहर में स्थित है। रामनगर मंडला शहर की नगर है। रामनगर मंडला शहर से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रामनगर में बहुत सारे प्राचीन महल स्थित हैं।

मोती महल रामनगर - Moti Mahal Ramnagar Mandla

मोती महल रामनगर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह एक प्राचीन महल है। मोती महल 2 मंजिला इमारत है। महल के बीच में एक कुंड बना हुआ है, जहां बरसात में पानी भर जाता है। यह महल अच्छी अवस्था में है। महल के सामने शिव मंदिर बना हुआ है। महल के आसपास बहुत सारे बंदर है, जो आपको नुकसान पहुॅचा सकते है। मोतीमहल का निर्माण गौड राजा हृदय शाह के द्वारा 1500 ईस्वी मे किया गया था। 

राय भगत की कोठी - Rai Bhagat's Kothi Ramnagar

राय भगत की कोठी रामनगर में मोती महल से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक प्राचीन महल है। यह महल हृदय शाह के दीवान राय भगत के निवास के रूप में किया गया था। राय भगत की कोठी का निर्माण 17 वी शताब्दी में किया गया था।  राय भगत की कोठी 2 मंजिला इमारत है। इमारत के बीच में एक कुंड बना है, जिसमें पानी भरा रहता है और कमल के फूल खिले रहते है। राय भगत की कोठी के सामने एक बगीचा बना हुआ है, जिसमें तरह तरह के फुल लगे हुए है। 

रानी का महल या बेगम पैलेस - Rani ka Mahal Ramnagar | Begum Palace Ramnagar

बेगम पैलेस रामनगर में मोती महल से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। बेगम पैलेस एक प्राचीन महल है। यह महल चिमनी रानी के लिए बनवाया गया था। यहां पर एक बावली भी बनी हुई है, जिसमें बरसात में पानी भरा रहता है। 

काला पहाड़ - Kala Pahad Ramnagar

काला पहाड़ रामनगर में स्थित एक प्राकृतिक जगह है। काला पहाड़ में आपको काले रंग के अष्ट फलक पत्थर देखने के लिए मिलते हैं, जो देखने में अद्भुत लगते है।  यहां पर इन पत्थरों से पूरा पहाड़ बना हुआ है, इसलिए इस जगह को काला पहाड़ कहा जाता है। काला पहाड़ रामनगर से करीब 3 किलोमीटर दूर होगा।


देवगांव संगम घाट मंदिर - Devgaon Sangam Ghat Temple Mandla | Devgaon sangam ghat mandir mandla

देवगांव संगम घाट मंडला की एक दर्शनीय जगह है। देवगांव मंडला डिंडोरी हाईवे रोड पर स्थित है। यहां पर नर्मदा नदी और बढ़नेर नदी का संगम हुआ है। यहां पर मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर मकर संक्रांति में बहुत बड़ा मेला लगता है। यहां पर ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि है। यहां का वातावरण शांत है। देवगांव संगम में एक मैदान है, जहां पर लोग नर्मदा नदी के किनारे पिकनिक मनाने आते है। ज्यादातर लोग यहां पर गक्कड भर्ता बनाते है। 

मटियारी जलाशय - Matiyari dam mandla | Matiyari reservoir mandla | Matiyari jalashay

मटियारी जलाशय मंडला शहर का दर्शनीय स्थल है। मटियारी जलाशय मंडला शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर है। यह जंगल के बीच स्थित है। यहां पर आप घूमने के लिए आया जा सकता है। बारिश के समय इस बांध का नजारा बहुत अच्छा रहता है। बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है और इसके गेट खोले जाते हैं।

थानवार जलाशय - Thanwar reservoir | Thanwar Dam Mandla | Thanwar jalashay

थानवार जलाशय मंडला में स्थित एक दर्शनीय जगह है। थानवार जलाशय मंडला से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। बरसात के समय यह बांध पानी से भर जाता है और इस बांध के गेट खोले जाते है, जो मनोरम दृश्य दिखता है। इस बांध को बीजेगांव बांध भी कहा जाता है। इस बांध के पास एक मंदिर भी है, जो दुर्गा जी को समर्पित है।

गर्म पानी का कुंड मंडला - Garam pani ka kund mandla

गर्म पानी का कुंड मंडला जिले में स्थित एक चमत्कारिक जगह है। यह कुंड नर्मदा नदी के भराव क्षेत्र स्थित है। यह जंगल के बीच में स्थित है। कुंड का पानी औषाधियां गुण से भरपूर है। यहां पर आपके त्वचा संबधी रोग ठीक हो जाते है। यह मंडला जिले से करीब 18 किलोमीटर दूर होगा।

नैरो गेज रेल संग्रहालय नैनपुर या छोटी लाइन रेल संग्रहालय नैनपुर - Narrow Gauge Rail Museum Nainpur Mandla | Choti Line Rail Museum Nainpur Mandla

नैरो गेज रेल म्यूजियम मंडला जिले के नैनपुर तहसील में स्थित है। यह एक बहुत बड़ा रेल म्यूजियम है। यहां पर आपको बहुत सारे रेल गाड़ी के मॉडल देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बच्चों के लिए गार्डन भी बनाया गया है। यहां पर आप आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह मंडला जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। यहां संग्रहालय नैनपुर जंक्शन से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा।

दलदली माता मंदिर नैनपुर - Daldali mata mandir nainpur mandla

दलदली माता मंदिर नैनपुर के पास स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर चकोर नदी के किनारे बना है। यहां पर दलदली माता का मंदिर है, जहां पर दलदली मां की मूर्ति है। मंदिर के पास एक छोटा सा तालाब बना हुआ है, जिसे दलदली कहते हैं। यहां पर साल भर पानी रहता है। इस मंदिर पर नवंबर के महीने पर 15 दिनों का मेला लगता है, जिसमें दूर दूर से लोग आते हैं। यह मेला बहुत प्रसिद्ध है। इस मेले में लोग बच्चों की मन्नत मनाने के लिए आते है। जेवनारा रेल्वे स्टेशन इस मंदिर के बहुत करीब है। 

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान - Kanha National Park Mandla | Kanha rashtriy udyan Mandla

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यह मंडला शहर का एक दर्शनीय स्थल है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान बाघों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर बाघों के अलावा भी आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मंडला और बालाघाट जिले में फैला हुआ है। यहां पर आपको जंगली जानवरों और पेड़ पौधों की बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप सफारी का मजा ले सकते हैं।

अजगर दादर - Ajgar dadar mandla

अजगर दादर पर आपको हजारों की संख्या में अजगर देखने के लिए मिल जाते हैं। इसे अजगर की बस्ती कहां जाता है। यहां पर अजगर चटटानों की गुफा के नीचे शरण लेते है। यहां पर अजगर ठंड के समय में धूप सेकने के लिए ऊपर आते हैं, तो आप ही उन्हें देख सकते हैं। अजगर दादर मंडला जिले के अंजनियां के अंतर्गत ककैया बीट गांव के वन परिक्षेत्र में स्थित है। यहां करीब 2 एकड के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर बड़ी संख्या में अजगर रहते हैं, इसलिए इस जगह को अजगर दादर कहा जाता है। अजगर दादर मंडला से करीब 25 किलोमीटर दूर है।

घुघरा जलप्रपात - Ghughra Falls Mandla | Ghughara jalprapat mandla 

घुघरा जलप्रपात मंडला जिले में स्थित एक खूबसूरत जलप्रपात है। यह मंडला जिले के निवास तहसील से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर बारिश के समय पर जा सकते हैं। बारिश के समय इस जलप्रपात में पानी रहता है। आपको यहां पर पहाड़ों के बीच से बहता हुआ जल प्रपात देखने मिलता है। इस जलप्रपात को मंडला जिले का पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आप इस जलप्रपात में जाकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं।

आपने अपना समय दिया उसके लिए धन्यवाद

कटनी दर्शनीय स्थल
खंदारी झील जबलपुर
घुघरा जलप्रपात जबलपुर
जल महल जयपुर



#mandlatourism
#mandlatouristplace
#mandlaplacetovisit
#mandlacity

Garam Pani Kund Mandla - गरम पानी कुंड मंडला

 Garam Pani Kund Mandla

Garam Pani Kund Mandla - गरम पानी कुंड मंडला
बरगी बांध का भराव क्षेत्र

गर्म पानी का कुंड मंडला शहर का प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर एक घूमने वाली जगह है। मंडला में गर्म पानी का कुंड स्थित है। गरम पानी के कुंड के बारे में कहा जाता है कि इस कुंड से सभी प्रकार के त्वचा रोग ठीक हो जाते हैं। यह पर कहा जाता है कि सभी प्रकार के कुष्ठ रोग ठीक हो जाते है।

लोग इस गर्म पानी के कुंड में स्नान करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। मंडला में यह जगह एक दर्शनीय जगह है और इस जगह का बहुत महत्व है। यह जगह नर्मदा नदी के बैकबाॅटर के बीच में स्थित है। लोग इस जगह पर प्राकृतिक खूबसूरती भी देखने के लिए आते है। यह पर सरकार के द्वारा इस कुंड को दुबारा बनाया गया है। यह कुंड अब अच्छी तरह बन गया है। बहुत समय पहले यह कुंड बरिश के समय बाढ में डूब गया था। जिसके कारण सरकार ने इस का पुननिर्माण कराया था। 

                                          --------------xxxxxxxxxxxxx-----------------

गरम पानी कुंड कैसे जाये 

How to go to hot water tank


यह गर्म पानी का कुंड मध्यप्रदेश के मंडला जिले में स्थित है। यह मंडला जिले की मंडला जबलपुर मार्ग पर स्थित है। यह जगह मंडला से 13 किलोमीटर दूर है और हाईवे रोड से आपको इस जगह पर जाना पड़ता है। इस जगह आप अपने वाहन से जा सकते है या टैक्सी बुक करके यहां पर जा सकते है। 

                                          --------------xxxxxxxxxxxxx-----------------


माना जाता है कि यह पर सल्फर युक्त चटटानें है, जिससे कुंड पर स्थित पानी पर औषाधीय गुण आ जाते है। जिस पर लोग नहाते है और उनके रोग ठीक हो जाते है। यह घने जंगल के बीच में स्थित है और नर्मदा नदी का भराव क्षेत्र है। यह इलाका हरे भरे पेड़ों से घिरा हुआ है और साथ में नर्मदा नदी का किनारा बहुत ही मनमोहक दृश्य पैदा करता है। लोगों को इस जगह पर शांत वातावरण में आकर समय बिताना पसंद करते है। हम लोग इस जगह पर नहीं जा पाए थे, क्योंकि हम लोग रात को इस जगह पर पहुंचे थे, इसलिए हम लोग इस जगह पर नहीं जा पाए थे। यह पर सरकार के द्वारा पर्किग एवं बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। यहां पर महिलाएं के लिए कपड़े चेंज करने के लिए लोहे के चेंजिग रूम बने हुए है। आप यहां पर अपने परिवार एवं दोस्तों के साथ घूमने जा सकते है। 

Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir Mandla

देवगांव संगम घाट मंदिर

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) एक ऐसी जगह है। जहां पर आप नर्मदा नदी का किनारा देख सकते हैं। नर्मदा नदी का इस स्थल पर एक अन्य नदी से संगम होता है। आप दोनों नदियों का संगम देख सकते हैं। इस संगम में स्थल पर आपको मंदिर भी देखने मिलता है। यहां का जो नजारा है वह बहुत ही शांत और खूबसूरत है। यह जगह बहुत ही प्यारी है आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) नर्मदा नदी और बुढनेर नदी का संगम स्थल है। इस स्थल पर यह दोनों नदियां मिलती हैं। इसलिए इस जगह को संगम स्थल कहा जाता है। इस स्थल का नजारा बहुत ही सुंदर है। 

Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir  


देवगांव संगम मंदिर कहां स्थित है
Where is Devgaon Sangam Temple located


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) मंडला शहर में स्थित है। यह स्थल देवगांव नाम के गांव में स्थित है। मंडला मध्यप्रदेश का एक जिला है। देवगांव संगम स्थल मंडला शहर से करीब 30 से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह पर आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए आपको अच्छी रोड मिल जाती है। इस स्थल पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। 

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) रामनगर से करीब 20 किलोमीटर दूर पर होगा। रामनगर मंडला जिले का एक प्रसिद्ध गांव है। हम लोगों को रामनगर से ही अपना सफर शुरू करना था। 

देवगांव संगम घाट मंदिर कैसे पहुंच सकते हैं
How to reach Devgaon Sangam Sthal Temple


आपको अगर देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) में पहुंचना है, तो आपको मंडला से डिंडोरी वाली हाईवे रोड पर चलना होता है। आपको यहां पर देवगांव नाम का एक गांव मिलता है। मेन रोड में ही आपको बोर्ड देखने मिलता है। उसमें देवगांव तीर्थ स्थल का नाम लिखा रहता है और आपको डारेक्शन दिया होता है। आपको इस बोर्ड से करीब एक से 2 किलोमीटर गांव की तरफ अंदर जाना पड़ता है। मेन रोड से आप इस तीर्थ स्थल तक पहुंच सकते हैं। आपको इस तीर्थ स्थल में मंदिर देखने मिलते हैं। नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। इसके अलावा आप यहां से बुढनेर नदी को भी देख सकते हैं। हम लोग गलत साइड चले गए थे। तो हम लोगों को यह सब मंदिर देखने नहीं मिला था। मगर आप अगर जाते हैं तो आप सही साइड से जाइएगा। आपको गांव मिलेगा देवगांव उसके बाद आप बोर्ड को देखकर सही डायरेक्शन में जाइएगा। ताकि आप इस जगह का अच्छी तरह से एंजॉय कर सकें।

देवगांव संगम घाट मंदिर  का सफर
Travel to Deogaon Sangam Ghat Mandir


राय भगत की कोठी घूमने के बाद हम लोग अपने अगले डेस्टिनेशन की तरफ निकल गए थे। हम लोग राय भगत की कोठी से निकल कर एक दुकान पर  हम लोगों ने चाय पिया, क्योकि इसकें बाद हम लोग कहीं रूकना नहीं चाहते थे। उसके बाद हम लोग आगे बढ़ गई। 

अगर अपने मेरे सारे ब्लाॅग पढे होगें तो आपको पता होगा कि हम लोग सुबह से निकले हैं और सुबह से हम लोग पहले सहस्त्रधारा गए, उसके बाद रपटा घाट और उसके बाद मोती महल और राय भगत की कोठी इतनी सारी जगह घूमने के बाद हम लोग देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) गए। 

अपनी अगली मंजिल के जाने वाले रास्ते में हमको बहुत सारी अच्छी अच्छी वस्तुओं के दर्शन करते हुए। हम अपने सफर में चले जा रहे थे। यहां पर उंचे उंचे पहाड, कहीं कहीं पर नदी, कहीं कही पर खेत देखने मिलते है। अपनी गाडी में सफर का मजा ही कुछ और होता है। आपको इस रोड कई गांव भी देखने मिलते है। हम लोग जिस रास्ते में जा रहे थे, वहां मंडला जिले से डिंडोरी जिले की तरफ जाता है। हम लोग हाईवे रोड पर चल रहे थे। 
इस जगह के पास पहुॅचकर हम लोगों ने गांव वालो से इस जगह में जाने का रास्ता पूछा। गांव वालों ने हम लोगों का रास्ता बताया। मगर हम लोगों गलत रास्तें में चलकर नर्मदा नदी के गलत साइड में पहुॅच गए। हम लोग इस साइड से सिर्फ नर्मदा जी के दर्शन कर सकते थे। दूसरी नदी आई थी उसके दर्शन कर सकते थे। यहां पर हम लोग अपनी गाड़ी खड़ी कर दिया। हम लोग को नीचे उतर के जाना था। 

Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir  


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर आप एक गांव के माध्यम से और गांव में जो सड़क है। उसके माध्यम से इस जगह पर पहुंचते हैं। हम लोग गलत साइड आ गए थे। यहां पर एक बडा सा बरगद का पेड था और यहां पर एक छोटा सा शायद मंदिर था या किसी तरह का कार्यालय वगैरह था। हम लोगों ने अपनी गाड़ी वहीं खड़ी करी और हम सीढ़ियां नीचे गए, तो यहां पर आप नर्मदा नदी और बुढनेर नदी का संगम  देख सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी गहरी नहीं है, उथली है। आप आराम से नर्मदा नदी पार कर सकते हैं। मगर नर्मदा नदी का बहाव बहुत तेज है यहां पर। आप गर्मी के मौसम में इस नदी को पार कर सकते हैं। नदियों के आर पार जा सकते हैं। मगर बरसात के मौसम में आप नदियों के आर पार नहीं जा सकते हैं। क्योंकि बरसात के टाइम पर यहां पर बहुत ज्यादा पानी रहता है। इसलिए आप इस बात का ध्यान दीजिए अगर यहां पर ज्यादा बहाव रहे तो नदी को पार करने की कोशिश ना करें।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर बहुत बड़ा मैदान था। मैदान में बहुत से लड़के लोग थे। गांव वाले ही होंगे और वह यहां पर मछली पकड़ रहे थे। कुछ लोग बैठे हुए थे। इस जगह पर आप आकर अपनी पिकनिक प्लान कर सकते हैं। यहां पर आकर आप काफी इंजॉय कर सकते हैं।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir जो लोग आते है। नर्मदा नदी में स्नान करते हैं। नर्मदा मैया की पूजा करते हैं। यहां पर कक्कड़ और भरता बनाते हैं। उन्हें कंडे आस-पास के गांव में मिल जाते हैं। यहां पर कक्कड़ भर्ता बनाते हैं। कक्कड़ भर्ता भारत के गांव देहातों का एक मशहूर व्यंजन है। और यह खाने में बहुत अच्छा लगता है यहां पर आपको बहुत सी जगह राख के ढेर देखने मिल जाएंगे। यहां पर अपना अच्छा टाइम बिताते हैं। 

देवगांव संगम स्थल के मंदिर
Temple of Deogaon Sangam Ghat Mandir

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर बहुत सारे मंदिर हैं। आप यहां पर बहुत सारे मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर जमदग्नि ऋषि आश्रम है। यहां जमदग्नि ऋषि का निवास स्थल है। यहां पर नर्मदा जी का मंदिर है। उनके दर्शन कर सकते हो। यह शिव मंदिर होग। नर्मदा तट के पास ही में एक मंदिर बना हुआ है। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। एक तो यहां का  प्राकृतिक वातावरण और यहां का धार्मिक माहौल आपको बहुत अच्छा लगेगा।

देवगांव संगम स्थल पर लगने वाला मेला
Fair to be held at Deogaon Sangam Ghat Mandir


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir में 14 जनवरी में मकर संक्रांति के समय यहां पर मेले का आयोजन किया जाता है। यहां पर विशाल संख्या में लोग यहां पर आते हैं और स्नान करते है। मकर संक्रांति के बारे में कहा जाता है कि मकर संक्रांति  के दिन नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है। इसलिए लोग बड़ी संख्या में यहां पर आते हैं। नर्मदा जी में स्नान करते हैं। यहां पर इस समय तरह-तरह की दुकानें लगांई जाती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

आप देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandirपर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बाथरूम वगैरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। तो इस बात का विशेष ध्यान   रखें। यहां पर आसपास चाय नाश्ते की दुकान में उपलब्ध नहीं है। इस बात का भी विशेष ध्यान दें। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसलिए को जरूर शेयर कीजिएगा और अगर आपने मंडला जिले की टूरिस्ट प्लेस के दर्शन किए हो तो अपने विचार हम से सांझा जरूर करें ।

आपने अपना बहुमूल्य समय दिया उसके लिए धन्यवाद



Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat Kothi Ramnagar, Mandla

राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला


राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiएक खूबसूरत प्राचीन महल है। आपको यहां एक खूबसूरत महल देखने मिलता है। आपको इस लेख में राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiकी जानकारी मिलेगी। राय भगत कोठी का निर्माण गोंड राजा हृदय शाह ने अपने मंत्री राय भगत के निवास स्थान के रूप में करवाया था । यहां महल मोती महल से छोटा है, और इस महल के चारों ओर खूबसूरत कमरे बने हुए हैं। जिन्हें आप देख सकते हैं ।

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat's Kothi 


राय भगत की कोठी कहां स्थित है

Where is Rai Bhagat's Kothi located


राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) मध्यप्रदेश राज्य के मंडला शहर में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाडी से यहां पर असानी से आ सकते है। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) रामनगर (Ramnagar) से में स्थित है। यह महल मोती महल से करीब 1 किमी या इससे से भी कम दूरी पर होगा। 

रामनगर मंडला में स्थित प्रसिद्ध जगह
Famous place located in Ramnagar Mandla


मोती महल घूमने के बाद हम लोग निकल पड़े। यहां की किसी अन्य जगह  देखने के लिए, और गूगल ने भी हमें सही जानकारी नहीं दी कि हम लोग यहां पर कहां कहां जा सकते है। मगर आप मंडला जिले के रामनगर में आते हैं। तो आपको यहां पर बहुत सारी जगह घूमने मिलती हैं। यहां पर आपको मोती महल और राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के अलावा भी बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। मोती महल एवं रायभगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiयह तो रामनगर पुल के पास ही में है। तो यहां पर लोग आ जाते है। मगर अन्य जगहों की जानकारी लोगों को नहीं रहती है। 

बेगम पैलेस रामनगर मंडला 

 Begum Palace Ramnagar, Mandla


यहां पर आपको प्राचीन बेगम पैलेस देखने मिलता है। यह प्राचीन महल है और यह महल भी गोंड शासक ने बनवाया था। मगर हमें इस महल के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए हम लोग इस जगह पर नहीं जा पाए थे। 

काला पहाड़ रामनगर मंडला

Kala Pahad Ramnagar, Mandla

इसके अलावा रामनगर में घूमने के लिए आपको काला पहाड़ नाम की एक जगह है। आप इस जगह में भी घूमने जा सकते हैं। हमको इस जगह के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए हम इस जगह पर नहीं गए थे। इस जगह मैं आपको बड़ी-बड़ी चट्टानों के टुकड़े देखने मिलेंगे। जो एक विशेष आकृति के हैं। जो हेक्साडेसिमल आकृति के मतलब इन पत्थर में 6 या 8 कोने है। यहां पर लोग काफी मात्रा में आते हैं। इन पत्थरों को देखने के लिए और यहां पर मंदिर भी है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि गोंड राजा ने अपनी तंत्र साधना के द्वारा काला पहाड के पत्थर आपने महल तक लाये थे। 

विष्णु मंदिर रामनगर मंडला

Vishnu Temple Ramnagar, Mandla


रामनगर में प्रसिद्ध विष्णु मंदिर भी है। जो प्राचीन समय का है और इस मंदिर को भी गोंड राजाओं ने बनवाया था। इस मंदिर में आपको जरूर देखना चाहिए यह भी पुराने समय का है। हम लोग इस मंदिर में नहीं जा पाए थे क्योंकि हम लोगों को इस मंदिर की जानकारी नहीं थी।

दल बादल महल रामनगर मंडला

Dal Badal Mahal Ramnagar, Mandla


यह महल भी रामनगर में स्थित है। यह महल मोती महल के पास ही में है।  आप इस महल में भी जा सकते हैं। इस महल में आपको पुराना और प्राचीन महल देखने मिलेगा।

चौगुना रामनगर मंडला

Chauguna Ramanagar, Mandla

चैगुना रामनगर (Ramnagar) से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां एक खाली मैदान है। यह मैदान बहुत बडे क्षेत्र में फैला है। यह पर प्राचीन समय युध्द का अभ्यास किया जाता था। यहां पर मंदिर भी स्थित है और नवरात्रि में यहां पर भीड़ लगती है। 

मैंने आपको इन सभी जगह की जानकारी इसलिए दी हूं, क्योंकि अगर आप मंडला जिले के रामनगर में घूमने जाते हैं। तो आप इन सभी जगहों पर जाकर घूम सकते हैं। हम लोगों को इन जगह की जानकारी नहीं थी इसलिए हम नहीं जा पायें। मगर आप इस जगह जाये तो यहां पर जरूर घूमें। 

राय भगत कोठी का निर्माण

Construction of Rai Bhagat Kothi

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) का निर्माण 17 वीं शताब्दी ईस्वी में गौड शासक हृदय शाह के दीवान राय भगत के निवास के रूप में हुआ था। यह भवन पूर्व मुखी है। इस महल का प्रवेश द्वार की चैखट संगमरमर पत्थर द्वारा निर्मित किया गया है। आंगन के चारों ओर कमरे एवं मेहराबों से युक्त दालान निर्मित किया गए है। भवन के चारों ओर फलक दार गुंबद निर्मित है। अपनी भव्यता और विशालता को संजोए हुए यह महल मोती महल का संक्षिप्त संस्करण है। जो इस तथ्य का प्रतीक है कि केवल शासक के लिए नहीं अपितु राजाओं के सहकर्मियों के लिए भी भवनों का निर्माण किया जाता था।

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat's Kothi


राय भगत कोठी का सफर
Journey of Rai Bhagat Kothi


हम लोगों को यहां पर कौन कौन सी जगह जाने था। इस बारे में जानकारी नहीं थी। तो हम ने यहां पर किसी से पूछ कि यहां पर कौन सी जगह है जहां हम घूमने के लिए जायें तो उन्होनें हमें राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) की जानकारी दी। मोती महल से करीब 1 किमी की दूरी पर आपको मोती महल देखने मिल जाएगां। हम लोग राय भगत की कोठी के लिए निकल पड़े और मोती महल से ज्यादा दूर नहीं है 1 किलोमीटर दूर होगा। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के आसपास आपको बहुत सारी दुकान मिल जाती है। जहां पर आप चाय और नाश्ता कर सकते है। इसके अलावा राय भगत की कोठी के पास ही मुझे लगता है कि बस स्टॉप है। क्योंकि यहां पर आकर गाड़ियां रूकती है। तो यहां पर छोटी छोटी होटल भी है। 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के बाहर ही आपको एक बोर्ड देखने मिल जाएगा। इस बोर्ड में इस महल के बारें में इंफॉर्मेशन लिखी होती है। यहां पर आपकी स्कूटी का किसी भी प्रकार का स्टैड चार्ज नहीं लगता है। आप रोड के किनारे गाडी खडे कर दें और महल में प्रवेश कर सकते है। महल में प्रवेश का भी किसी प्रकार का चार्ज नहीं लगता है। 

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला


Pond inside Rai bhagat's kothi 

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

 Inside View of Rai bhagat's kothi 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के बाहर बहुत अच्छा गार्डन बना हुआ है। गार्डन के बीच से महल में जाने का रास्ता है। महल में हम लोगों ने प्रवेश किया। महल का प्रवेश द्वार संगमरमर पत्थर से निर्मित है और यह महल में लाल कलर का पेंट पुता हुआ है और प्रवेश द्वार पर महल के छत में खूबसूरत पेंटिंग देखने मिलती है। यहां पर महल के बीच में एक छोटा सा तालाब बना हुआ। जिसमें पानी भरा था और कमल के फूल खिले हुए थे।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) ज्यादा बड़ा नहीं था। आप इस महल को आधे घंटे में या इससे भी कम समय में पूरा घूम सकते हैं। वह हम लोगों ने भी घूमना स्टार्ट। हम लोग पहले महल के उपर वाले कमरे देखें। हम लोग ऊपर चढ़े और यहां पर जो सीढ़ियां हैं। वह काफी बड़ी बड़ी है और ऊंची ऊंची है। तो आपको  सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत जा सकती है। मुझे तो बहुत दिक्कत हुई। सीढ़ियां  चढ़ने में । 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) 3 मंजिला भवन है और काफी खूबसूरत है। इस महल का  रखरखाव काफी अच्छा किया गया है। क्योंकि यहां पर किसी भी तरह की कोई गंदगी नहीं थी। पर यहां पर लोग आते हैं और गंदा जरूर करते है। पालीथिन वगैरह जरूर छोडकर जाते है। हम जब यहां पर आये थे। तब यहां पर स्कूल से छुटटी मारकर आये हुए बच्चों देख थे। यह बच्चे महल के बाहर गार्डन में बैठा थे। यहां पर बैठकर टाइम पास कर रहे थे। आप महल के उपरी मंजिल से बाहर देख सकते हैं। बाहर का नजारा बहुत अच्छा है। मंडला कृषि प्रधान जिला है और इस महल के उपर से आप खड़े होकर खेत देख सकते है। इस महल के सामने खेत का दृश्य देखने मिलता है। जब हम लोग गए थे। तब यहां पर धान की खेती हुई थी और वही काटकर यहां पर रखी हुई थी। तो आप काफी दूर का एरिया देख सकते हैं खेतों का और यहां पर गार्डन भी बहुत खूबसूरती से बनाया गया है तो आप उसे भी देख सकते हैं जो बहुत अच्छा लगता है ऊपर वाली मंजिल से।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiमें कई कमरें बने हुए है। यहां पर जो उपर जो कमरे है वहां काफी अच्छे है और उसमें पर्याप्त मात्रा में रोशनी आती है। यहां पर बहुत बडे बडे बरामदे भी है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर बने हुए हैं या भवन बने हुए हैं और काफी खूबसूरत बने हुए हैं। इसके अलावा जहां पर बहुत ज्यादा अंधेरा रहता है तो चमगादड़ ने अपना घर बना लिया है और बहुत ज्यादा गंदा किया है। जहां पर चमगादड़ रहते है। वहां पर बहुत बदबू आती है। महल के नीचे वाले कमरे में चमगादड़ ज्यादा मात्रा में है क्योकि यहां पर सूरज की रोशनी कम आती है। महल के चारों कोने पर खूबसूरत गुम्बद बने हुए है। जो खूबसूरत लगते है। 

यहां काफी शांत जगह है। यहां पर शहरों की तरह बहुत ज्यादा शोर-शराबा और भीड़भाड़ वाला माहौल नहीं है। काफी अच्छा माहौल है। शांत इलाका है। यहां पर हमारे साथ कुछ और लोग भी घूमने आये हुए थे। 

हमारा इस महल का एक्सपीरियंस अच्छा रहा है। महल छोटा सा है। मगर रामनगर में आपके घूमने के लिए बहुत सारी जगह हैं। जहां पर आप घूम सकते है। 

यहां पर किसी भी तरह की वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध नहीं है। आपको खुले में ही जाकर वाॅशरूम जाना होगा। यहां पर खाने-पीने की व्यवस्था तो है। चाय पानी के ठेले हैं ढेर सारे, तो आप चाय, पानी, नाश्ता कर सकते हैं। यहां पर हम लोग ने राय भगत की कोठी के घूमने के बाद चाय पिया क्योंकि हम लोग सुबह से घूम रहें थे। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो आप जरूर इस लेख को शेयर करें और अगर आपने रामनगर की किसी भी जगह की सैर की हो तो अपने जो भी अनुभव है वह हमसे जरूर साझा करिएगा ।

आपने अपना बहुमूल्य समय दिया उसके लिए धन्यवाद


Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

मोती महल रामनगर, मंडला शहर 
Moti Mahal Ramnagar, Mandla City


रामनगर (Ramnagar) का किला मोती महल (Moti Mahal) नर्मदा नदी के किनारा बना हुआ है। इस महल को आप नर्मदा नदी के रामनगर पुल से देख सकते है। मोती महल मंडला (Moti Mahal, Mandla) शहर का एक प्राचीन किला है। मोती महल मंडला (Moti Mahal, Mandla) शहर में रामनगर गांव में स्थित है। आज के लेख में हम मोती महल के बारें में जानकारी दूॅगी।

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Moti Mahal 


मोती महल मंडला में कहां स्थित है
Where is Moti Mahal located in Mandla?


रामनगर मंडला शहर से करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। मंडला शहर के रामनगर गांव में मोती महल एवं अन्य प्राचीन स्मारक स्थित है। रामनगर जाने का रास्ता बहुत अच्छा है। रामनगर में आपको कई मंदिर एवं प्राचीन किलें देखने मिल जाते है। 

हम लोगों ने रपटा घाट घूम लिए थे। हम लोग रपटा घाट से अपनी स्कूटी से रामनगर की तरफ जाने के लिए निकले गए। रामनगर फोर्ट जाने वाला रास्ता मुख्य मंडला शहर से होकर रास्ता जाता है। फिर आपका हाईवे रोड मिल जाती है। हम लोग स्कूटी चला रहे थे। मंडला के इस रास्ते में आपको जंगल और पहाड देखने मिल जाते है। आपको मंडला के इस रोड में बहुत कम दुकान एवं देखने मिलेगी। जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकें। हम लोगों को एक चाय वाले की दुकान देखी थी। इस दुकान में हम लोगों ने चाय पी और एक स्नैक का पैकेट लिया और कुछ देर बैठकर चाय पी और स्नैक खाया। उसके बाद आप लोग आगे निकल गए। आपको इस रोड में एक तीर्थ स्थल और देखने मिल जाता है। 


Arandi Shrine Place
एरंडी तीर्थ स्थल


एरन्डी तीर्थ संगम (Arandi Shrine Place) यह तीर्थ स्थल आपको इस रोड में देखने मिल जाएगा। इस तीर्थ स्थल का बोर्ड भी आपको रोड में ही देखने मिल जाएगा। मुख्य सडक से यह तीर्थ स्थल करीब एक से डेढ़ किलोमीटर आपको अंदर जाना पड़ता है। यह पर जो रास्ता आपको मिलेगा वो उबाड खबाड रहता है। आपकी गाडी एरन्डी तीर्थ संगम तक आराम से चली जाती है। यह पर आपको नर्मदा नदी का किनारा देखने मिलता है और शिव भगवान जी का शिवलिंग एक चबूतरे में विराजमान है। इस जगह पर आपको एक छोटी नदी नर्मदा नदी से मिलती है। यह जगह काफी शांत है। यहां पर आपकी गाड़ी तो चली जाती है मगर गाड़ी ऊपरी खड़ी करनी पड़ती है और नीचे आपको आना पड़ता है। यह पर ढलान होती है तो आपको अपनी गाडी संभलकर खडी करनी होती है और आपको संभलकर चलना होता है। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Arandi Shrine Place 


हम लोग नर्मदा जी के दर्शन करने के बाद आगे बढ़े। रामनगर का जो रास्ता है। वह बहुत बढ़िया रास्ता है। यह पर चारों ओर जंगल है। आप इस जंगल वाले रास्ते से होते हुए रामनगर के पुल तक पहुॅच गए थे। 

नर्मदा नदी में पानी अभी कम हो गया था। रामनगर में नर्मदा जी उथली हुई है। यहां पर आप नहा सकते है, मगर यहां पर कपडे बदलने के लिए चेजिंग रूम नहीं है। नर्मदा नदी में बरिश के मौसम में पानी से लबालब भर जाती है और गर्मी आती है तो नर्मदा नदी पानी कम हो जाता है और इस खाली जगह में खेती होने लगती है। जब इस खाली जगह में खेती लगाते है, उसे तरी कहते है। यहां पर रामनगर पुल से ही हम लोगों को मोती महल देखने लगा। 

मोती महल रामनगर, मंडला की पूरी जानकारी
Complete information about Moti Mahal Ramnagar, Mandla


नर्मदा नदी के पास से हम लोग मोती महल पहुॅचे। मोती महल के बाहर एक मंदिर है जो शिव भगवान को समार्पित है। यह बहुत सुंदर मंदिर है मंदिर ज्यादा बड़ा नहीं है छोटा सा है। मगर लोगों की श्रद्धा बहुत बड़ी रहती है। इस मंदिर में बहुत सारे लोग भगवान के मंदिर में भजन कर रहे थे। यहां का माहौल काफी अच्छा था। यहां पर भंडारे का भी कार्यक्रम चल रहा था।

मोती महल (Moti Mahal) का निर्माण राजा हृदय शाह ने करवाया था और राजा हृदय शाह का यह निवास स्थल था उन्होंने इस महल का निर्माण 1651 में कराया था। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Narmada River view 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

View in front of Moti Mahal 


मुझे लगता है कि मोती महल (Moti Mahal) का प्रवेश द्वार पहले नर्मदा नदी की ओर होगा। मगर अब यह नहीं है। इस प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है। महल के  बाजू से एक चढ़ाई वाला रास्ता है। इस रास्ते पर आपकी गाडी भी चली जाती है। वहां से आप मोती महल में प्रवेश कर सकते है। 

मोती महल (Moti Mahal) में हम लोगों ने प्रवेश किया। मोती महल (Moti Mahal) के सामने गाडी पर्किग का स्पेस है। यह पर आप गाडी खडी सकती है। गाडी खडी करने में किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है। बिल्कुल फ्री है। अब अपनी गाड़ी खड़ी करके अंदर जा सकते हैं। आपको महल के जो प्रवेश द्वार है, उसके बाहर ही आपको ढेर सारे मिट्ठू देखने मिल जाते हैं। यहां पर बहुत सारे मिट्ठू है। मिट्ठू तो आपको पता होगे तोते। तोते अपनी आवाज में चैं चैं करते रहते है। 

उसके बाद हम लोग मोती महल (Moti Mahal) के अंदर गए। प्रवेश करने के लिए एक छोटा द्वार है। आप प्रवेश करते हैं, तो आपको महल के बीचोंबीच एक तालाब देखने मिलता है। हम जब गए थे। तब तलाब में थोड़ा पानी था। बरसात के समय में यह तालाब भरा रहता होगा। हम लोगों ने तालाब और चारों तरफ का महल का स्ट्रक्चर देख रहे थे। उसके बाद महल की रखरखाव करने वाले एक व्यक्ति ने हमें महल के एक तरफ से ऊपर चढ़ने को कहा और पूरा महल घूमते हुए दूसरी तरफ से नीचे उतरने के लिए कहा। हम लोग उसी प्रकार एक तरफ से ऊपर चढ़ गए और पूरा महल देखते हुए नीचे आ गए। महल काफी अच्छी तरह से बना हुआ है। महल में किसी भी तरह का भी नुकसान नहीं हुआ है। महल में अलग-अलग गुंबद देख सकते हैं। यह महल तीन मंजिला है आप देख सकते हैं।

मोती महल (Moti Mahal) में हम लोगों ने देखा कि लोग अपने नाम दीवारों पर लिख देते हैं।  महल की दीवारों को गंदा कर देते हैं। ये सब नहीं करना चाहिए। मोती महल छोटा ही है। ज्यादा बड़ा नहीं है। आप पूरा महल आधे घंटे में घूम सकते हैं। और इसके अलावा हम लोग महल के नीचे भी गए थे। महल के नीचे तहखाने में कमरें बने हुए थे। मगर इन तहखाने में थोड़ा अंधेरा रहता है। हम लोग ने बाहर से सब देख। हम लोग ज्यादा अंधेरे में नहीं गए। आप देखना चाहे तो अंदर जाकर देख सकते है। आप टॉर्च का जरूर प्रयोग करिएगा। तहखाने में पानी को निकलने की व्यवस्था की गई है वो आप देख सकते है। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

View inside Moti Mahal 


मोती महल (Moti Mahal) में बहुत सारे बंदर है। जो आपका सामान छीन कर भाग सकते हैं। तो आप अपना सामान अपने बैग में अच्छे से अपने पास रखें। खाने का सामान हाथ में लटका कर ना चले नहीं, तो बंदर आपका सामान छीन कर भाग सकते हैं। तो बंदरों से यहां पर आप सावधान जरूर रहे।

इस तरह हम लोगों ने पूरा महल घुमा और काफी अच्छा लगा हम लोग को महल घूम कर और यह महल ज्यादा बड़ा नहीं है, छोटा है। महल के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत अच्छा व्यू देखने मिलता है। महल में आपको वॉशरूम की सुविधा नहीं मिलती है। तो आपको इस चीज का जरूर ध्यान देना है। महल के आजू-बाजू में किसी भी तरह की खाने पीने की दुकान नहीं है। आपकी यात्रा यहां पर शुभ हो।

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो और आप मंडला जिले के रामनगर के मोती महल गयें हों, तो अपना अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए


Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

Rapta Ghat Of Mandla City

रपटा घाट मंडला शहर का खूबसूरत घाट

रपटा घाट मंडला जिले का खूबसूरत है। रपटा घाट मुख्य मंडला जिले में स्थित है। रपटा घाट नर्मदा नदी पर मंडला शहर में स्थित एक मुख्य घाट है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। रपटा घाट मंडला जिले में बहुत फेमस है। इस घाट में बहुत सारे मंदिर हैं। आज के लेख में मैं आपको मंडला जिले की यात्रा में रपटा घाट के बारे में जानकारी दूंगी। यहां पर मेरे हिसाब से वृद्धजनों के रहने के लिए आश्रम भी स्थित है। हमारी मंडला की यात्रा 2 दिन की थी, और हम लोग पहले सहस्त्रधारा घूमने गए थे। उसके बाद हम लोग रपट घाट घूमने गए थे। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  


रपटा घाट मंडला में कहां स्थित है
Where Is Rapta Ghat Located In Mandla?


रपटा घाट मंडला शहर में स्थित एक खूबसूरत घाट है। मंडला शहर मध्यप्रदेश शहर का एक जिला है। रपटा घाट मुख्य मंडला शहर में स्थित है। सहस्त्रधारा से रपटा घाट 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा। हम लोग अपनी स्कूटी में गए थे। आप इस घाट में आराम से पहुंच सकते हैं। हम लोग  अपनी स्कूटी से लगभग 30 मिनट रपटा घाट पर पहुंच गए थे। यहां पर आप अपनी स्कूटी खड़ी कर सकते हैं।

रपटा घाट बहुत बड़ा घाट है। यह पर बहुत सारा स्पेस है। आप यहां पर आकर अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं और पूरा घाट घूम सकते हैं। घाट में बहुत सारी मंदिर है। घाट में बहुत सुंदर गार्डन बना हुआ है। जहां पर आप बैठ सकते हैं। 

मेरे द्वारा की गई रपटा घाट की यात्रा
My Trip To Rapta Ghat


हम लोग होटल में रुके थे और मैंने सुबह नहाया नहीं था। तो मुझे नहाना था, तो रपटा घाट में मैंने नहाया और घाट में आपको कपड़े चेंज करने के लिए छोटे-छोटे रूम मिलते हैं। जो लोहे के बने रहते हैं। तो मैंने वहां कपड़े चेंज किए। रपटा घाट में पानी इतना गहरा नहीं है। यह काफी खूबसूरत है। यहां पर घाट के पास ही में और नर्मदा नदी में एक चबूतरा बना हुआ है। इस चबूतरे में शंकर जी की मूर्ति स्थापित है तो उनकी पूजा कर सकते हैं। इस चबूतरा के पास आप जा सकते है। यह पर नदी थोडी गहरी होती है। 


हम ने नहा लिया और कपड़े बदले लिए। उसके बाद हम लोगों ने घाट में    घूमना शुरू किया। हम लोग रपटा घाट के उपर बहुत सारे मंदिर देखने मिले है। आपके बैठने के लिए रपटा घाट में बहुत अच्छी व्यवस्था है। आप कुछ समय यहां बैठकर रपटा घाट का देख सकते हैं। वैसे हम ने यहां पर एक मृत पशु की लाश बहती हुए देखी जो हम लोगों को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा।  कुछ लोग इस तरह से पशुओं की लाश को नर्मदा नदी में बह देते है। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की फेमस नदी है, और हमें अपनी नदियों को साफ    रखना चहिए। नदियों में कचरा नहीं डालना चहिए उन्हे स्वच्छ रखना चहिए। हमें अपनी नदियों को साफ सुथरा रखना चाहिए। किसी तरह की गंदगी हमें नदियों में नहीं डालना चाहिए। तो यह दृश्य देखकर हम लोग को बहुत बुरा लगा। मगर इसके लिए क्या कर सकते हैं। बस लोगों को जागरूक कर सकते हैं, कि कोई भी इस तरह का काम नहीं करें। नर्मदा नदी में किसी भी प्रकार की गंदगी ना करें। किसी भी प्रकार का कचरा ना फैलाएं। 

रपटा घाट में नर्मदा नदी का खूबसूरत व्यू के अलावा यह पर बहुत सारे मंदिर है। यह मंदिर घाट के ऊपर बने हुए है। आप नर्मदा नदी व्यू देखने के बाद इन मंदिरों के दर्शन कर सकते हो। आपको यहां पर मां नर्मदा मां की रसोई  देखने मिल जाएगी, और साईं बाबा जी का मंदिर है। श्री गणेश जी का मंदिर भी है। 

श्री गणेश जी का बहुत खूबसूरत मंदिर है। यहां पर गणेश जी की बहुत खूबसूरत मूर्ति है और काफी बड़ी मूर्ति है। इसके अलावा यहां पर साईं बाबा जी का बहुत ही भव्य मंदिर है। हम लोग मतलब मैं मंदिर के अंदर नहीं गई थी। मै सभी मंदिर के बाहर से ही दर्शन किया। यहां पर नर्मदा रसोई भी है, जहां पर नर्मदा मां की मूर्ति विराजमान है। साईं बाबा जी के दर्शन करने के बाद आप नर्मदा मां के दर्शन कर सकते है।  

इन मंदिर के पास भी बैठने की भी अच्छी जगह है। जहां से आप नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। नर्मदा नदी के घाट के बाजू में ही आपको हाईवे रोड देखने मिल जाती है। नर्मदा नदी पर एक पुल बना हुआ है। इस हाईवे रोड से होते हुए आप नरसिंहपुर, सिवनी जा सकते है। यहां पर नर्मदा नदी पर एक छोटा पुल भी बना हुआ है। शायद पहले इसी पुल का प्रयोग किया जाता होगा। अब इस छोटे पुल में लोग घूमते रहते है और आपको बहुत से लोग यहां पर मछली पकडते दिख जाते है। नर्मदा नदी के एक सिरे से दूसरे सिरे पर जाने के लिए अभी बड़ा पुल का प्रयोग किया जाता है। नर्मदा नदी के बडे पुल में बड़ी बड़ी गाड़ियों को एक सिरे से दूसरे सिरे पर ले जाने के लिए इस पुल का प्रयोग किया जाता है। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

रपटा घाट पर एक छोटा पुल और भी बना हुआ है। इस छोटे पुल पर आप भी घूम सकते है। इस छोटे पुल से आप नर्मदा नदी के आर पार जा सकते है।  यह पुल पानी को रोकने के लिए मतलब पुल बना दिए हैं। पुल के नीचे गोल छिद्र बने हुए जिसमें से पानी निकलता है। इन छिद्रों से बहुत तेजी पानी निकलता है। यहां पर हमने कुछ लोगों को देखा जो टोकरी को इन छिद्र में बांधकर मछली पकडते थे। जो भी पानी के साथ मछलियां आती थी तो वो उनके टोकरी में आ जाती थी मतलब पानी बहुत ज्यादा निकलता है, तो टोकरी में मछली आ जाती थी। पुल के छिद्र में जहां पर पानी फोर्स फुली निकलता है। वहां पर टोकरी बांध दिया थे। इस छोटे पुल में कम से कम 10 से 15 छिद्र थे। बीच में नर्मदा जी का बहाव बहुत तेज था। जहां पर बहाव तेज था। वहां पर टोकरी बंधी हुई थी। हमने इन टोकरी में मछली भी देखा। मुझे लगता है कि दिन भर में करीब 10 से 20 किलो मछली ये लोग आराम से पकड लेते होगें। 

रपटा घाट में वृध्दााश्रमा बना हुआ है। आपको बहुत से वृध्द लोग जिनके घर वाले उन्हें नहीं रखते हैं, तो उनके लिए आश्रम बना हुआ है। यहां पर आप देख सकते हैं, उन लोगों को और रपटा घाट में बहुत से गरीब लोग जिनके रहने की किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं है। वो भी यह पर शेड बनी हुई है यहां पर रहते है और खाना पीना बना रात को वही पर सो जाते हैं। 

रपटा घाट बहुत खूबसूरत है। हम लोग रपटा घाट में छोटे पुल बना है। हम लोग एक नर्मदा घाट से दूसरे तरफ जाने के लिए इस पुल से जा रहे थे। मगर हम लोग नही गए आधे से ही वापस आ गए। ये पुल काफी ज्यादा लंबा था, इसलिए हम लोग आगे नही गए थे। इस पुल में जहां पर नर्मदा नदी का तेज बहाव है। वहां पर पानी निकलता है वहां पर देखने में बहुत अच्छा लगता है। 

आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं और यहां पर आप इंजॉय कर सकते हैं। वैसे मेरे हिसाब से मंडला सिटी जो है वह काफी सस्ती है, अगर आप यहां यात्रा करते हैं। तो आपका बहुत कम पैसा खर्चा होगा यहां पर और खाना भी ज्यादा महंगा नहीं है। हम लोगों को यहां पर खाना काफी कम दामों पर मिला। हम लोग लॉज रुके थे। उस लाॅज का खाना उतना अच्छा नहीं था मगर सस्ता था। 

हम लोग का रपटा घाट का एक्सपीरियंस बहुत अच्छा रहा। यहां पर आप आकर बहुत अच्छा टाइम बिता सकते हैं। यह घाट मुख्य शहर के बीच में स्थित है तो आप अगर यहां पर आते हैं। तो आराम से घाट तक पहुंच सकते हैं। आप गूगल मैप से इस जगह पर असानी से पहुंच सकते हैं। मंडला शहर में यह मुख्य घाट है और इस घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते है। 

रपटा घाट में मुझे वॉशरूम की व्यवस्था नहीं देखी। यह पर जो लोग शेड के नीचे रहते है, वहां नर्मदा जी के किनारे वॉशरूम के लिए जा रहे थे। तो यह बात मुझे अच्छी नहीं लगी, नर्मदा नदी के किनारे गंदगी करना अच्छी बात नहीं है। सरकार को और लोगों को इस बात का विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि नर्मदा जी को इस तरह से गंदा ना किया जाए।

मै आप सब लोगों से ये ही कहना चाहती हूॅ कि आप लोग नर्मदा जी को स्वच्छ रखें। नर्मदा नदी में कचडा न डालें और नर्मदा नदी के किनारे शौच न करें। 

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो। आप मंडला जिले के रपटा घाट   घूमें हो तो तो अपना अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए