Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Nahargarh Fort Jaipur
नाहरगढ़ किला जयपुर



नाहरगढ़ किला जयपुर (Nahargarh Fort Jaipur) का एक प्रसिद्ध किला है। नाहरगढ़ किला (Nahargarh Fort ) पूरे राजस्थान में फेमस है। इस किले को देखने के लिए बहुत सारे पर्यटक आते हैं। नाहरगढ़ किला  (Nahargarh Fort की खूबसूरती निहारने के लिए फिल्मी हस्तियां भी आती है। नाहरगढ़ किला में बहुत सारी शूटिग भी हो चुकी है। नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort ) से आप पूरे शहर का खूबसूरत व्यू देख सकते हैं। नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां से आप इसके इतिहास को जान सकते हैं। नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort से आप खूबसूरत सनसेट का नजारा भी देखने मिलता है। 

Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Nahargarh Fort, Jaipur 


हम लोगों का जयपुर में 2 दिन रुकने का प्लान था। पहले दिन हम लोग जयपुर शहर के सभी किले घूमने वाले थे। सबसे पहले हम लोगों ने गाड़ी बुक किया था। गाडी हम लोगों की करीब 1600 रू. बुक किया गया था। हम लोग 6 लोग थे। हम लोगों की गाड़ी हम लोगों के होटल में आ गई। हम लोग नाहरगढ किले (Nahargarh Fort ) की ओर चल पडे। 

जलमहल जयपुर
Jal Mahal Jaipur


जब आप जयपुर से नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) की तरफ जाते हैं, तो आपको खूबसूरत जल महल भी देखने मिलता है। आप ठंड के टाइम में यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर बहुत सारे प्रवासी पक्षी भी देखने मिलते हैं। जो यहां ठंड के समय आते हैं और यहां पक्षी  आपको दिन के समय देखने मिल जाएंगे। जो बहुत खूबसूरत लगते हैं। आप यहां दिन के समय आते हैं, तो यहां पर आपको एक भी भीड़ नहीं देखने मिलती है। बहुत कम लोग यहां पर रहते हैं। मगर यहां पर शाम के समय बाजार लगता है। जल महल में एक स्ट्रीट बनी हुई है। इस स्ट्रीट में बाजार लगता है, तो यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है। शाम के समय में जल महल काफी अच्छा लगता है। क्योंकि इसमें लाइट जलती रहती है। यह महल जगमगाता रहता है। जल महल में जाने की मनाही है। जल महल को आप बाहर से देख सकते हैं। वहां पर जाने की इजाजत नहीं है। जल महल में बहुत खूबसूरत इमारत बनी हुई है। जो पानी में डूबी हुई है जिसको आप दूर से ही देख सकते हैं।

नाहरगढ़ किला पहुंचने का रास्ता
The way to reach Nahargarh Fort


जयपुर में हम लोग पहले नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) गए। नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) के रास्ते में आपको जो सड़क देखने मिलती है। वह पूरी घुमावदार सड़क रहती है और इस सड़क में आपको गाड़ी में चलाने में बहुत मजा आएगा।  आप यहां पर अपनी गाड़ी या स्कूटर लेकर भी जा सकते हैं। जयपुर में गाड़ी या स्कूटर आराम से रेन्ट में मिल जाती है। मगर इन  घुमावदार सडक में आपको गाड़ी संभाल कर चलाना होना होता है। यह पूरा पहाड़ी रास्ता है। इस पहाड़ी रास्ते में आपको बहुत सारे मोर देखने मिलते हैं। यहां पर मोर बहुत सारे हैं और नाहरगढ़ के पहाडी रास्ते में घूमते रहते हैं। मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी होता है और यहां पर पूरा समूह देख सकते है। आपको हर जगह यहां पर मोर देखने मिल जाते हैं और यहां पर मोर स्वतंत्रता से घूमते रहते हैं।

Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Nahargarh Fort, Jaipur 

नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) के पहाड़ी रास्तें से आपको जयपुर शहर का बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। आप इस पहाडी रास्ते से गुजरते हुए नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fortएंट्री गेट पहुॅचते है। एंट्री गेट के पहले आपको पर्किग का बहुत बडा स्पेस देखने मिलता है। हम लोग इस किले में जल्दी आ गये थे। इसलिए हम लोगों को यह पर एंट्री गेट के अंदर जाने मिल गया था, नहीं तो हम लोग को एंट्री गेट से पैदल चलना पडता। आपको एंट्री गेट से करीब 1 किमी चलना होता है। हम एंट्री गेट देखने मिल । एंट्री गेट से आप अंदर जाते हैं। एंट्री गेट में आपका गाडी ले जाने का अलग चार्ज लिया जाता है। शायद 100 रू लिया गया था। उसके बाद हम लोग अंदर गए। अंदर आपको गाडी के लिए पर्किग और एक एंट्री गेट और दिखाया देता है। 

यहां पर आपको अपनी गाड़ी पार्क करना है। अगर आप जल्दी आते है तो यहां पर अपनी गाडी पार्क कर सकते है। हम लोगों ने भी यहां पर अपनी गाड़ी पार्क कि, यहां पर आपको खाने के लिए कुछ सामग्रियां मिल जाती है। जिन्हें आप खरीद सकते हैं। मगर यहां पर ये वस्तुए बहुत महंगा मिलता है, तो आप देख लीजिएगा। हम लोग ने यहां पर एक बीही लिया था। यहां पर एक बीही 50 रू. की थी। बीही बड़ी थी, मगर 50 रू. बहुत ज्यादा होता है। इसके अलावा यहां पर हम लोगों को चावल के पापड़ एवं मसाले वाले चने खाने मिले थे। 

आप नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) में सुबह आते है, तो आपको भीड कम मिलती है। मगर यहां पर दोपहर का बहुत ज्यादा भीड हो जाती है। आप यहां पर दोपहर में आते है तो आपको गाडी पहले वाले एंट्री गेट से बाहर खडी करना होगा और वहां से पैदल आना होगा। 

Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Nahargarh Fort Entry gate 


नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) पर जो एंट्री गेट देखने मिलता है। वह भी पुराने जमाने का  गेट है। जो बहुत शानदार लगता है। हम लोगों ने एंट्री गेट से टिकट लिया। यहां पर टिकट लेना पड़ता है। यहां से आप टिकट लेते हैं। करीब 50 या 30 रू. का टिकट मिलता है। मुझे अभी याद नहीं है। टिकट लेने के बाद आप अंदर प्रवेश करते हैं। आपको यहां पर बहुत सारी चीजें देखने मिलती है। सबसे पहले यहां पर आपको देखने मिलता है। मोम संग्रहालय, मोम संग्रहालय बहुत खूबसूरत संग्रहालय है। इसके बारे में मैं एक अलग लेख लिखूगी। उसके बाद आप अंदर जाते हैं तो यहां पर आपको बहुत ही खूबसूरत किला देखने मिलता है। यहां पर जो किला है वह नाहरगढ़ किले के नाम से प्रसिद्ध है और यहां पर किले से एक दीवार गुजरती है। यहां दीवार आपको पूरा अरावली पर्वत पर देखने मिल जाती है। यह दीवार नाहरगढ किला (Nahargarh Fort ), जयगढ किला (Jaigarh Fortऔर आमेर किले (Amer Fortका घेर हुई है। किले के सामने एक खूबसूरत बावड़ी है। वह भी आप देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर पानी एकत्र करने के लिए एक बड़ी सी कुआं बना है। उसको भी आप देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर और भी बहुत खूबसूरत व्यू  पॉइंट है। जिनकी खूबसूरती आप निहार सकते हैं। आप जब महल के उपरी सिरे में जाते है तो आपको पूरे जयपुर शहर का यह मनोरम दृश्य मिलता है।

Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Inside Nahargarh Fort 


नाहरगढ़ किला (Nahargarh Fort) बहुत ही खूबसूरत किला है। आप यहां पर आकर अपनी यात्रा का भरपूर आंनद ले सकते है। आप यहां पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ आकर बहुत एजाॅय कर सकते है। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो आप इस लेख को शेयर जरूर करें। अगर आप जयपुर गए हो या आपको नाहरगढ़ किले का अनुभव हो। तो आप अपने विचार हमसे साझा जरूर करें। 

Jaipur Trip:- Jaipur Market - जयपुर के प्रसिद्ध बाजार

Jaipur Market - Famous Market in Jaipur
जयपुर शहर के बाजार


जयपुर की यात्रा (Trip to Jaipur) में आप दर्शनीय स्थलों के साथ-साथ जयपुर शहर के बाजारों (Jaipur city markets)  को भी घूमना ना भूलें। यहां के बाजार बहुत ही खूबसूरत है। आपको इन बाजारों में बहुत ही खूबसूरत राजस्थानी वस्त्र, जूतियां, कठपुतलियां, कंगन और भी चीजें मिल सकती हैं।  हम लोग ने भी राजस्थान यात्रा में यहां के बाजारों में घुमा। राजस्थान राज्य के हम लोगों ने तीन शहर घूमा और इन शहर के बाजार भी गए जो बहुत बढिया थे। आज हम जयपुर (Jaipurशहर के बाजार की बात करने वाले है। आप जयपुर के बाजारों में आप घूम सकते हैं। यह बाजार बहुत बड़े हैं, और बहुत खूबसूरती से इन बाजारों को सजाया गया था। 

Jaipur Trip:- Jaipur Market - जयपुर के प्रसिद्ध बाजार

Jaipur Market 


जयपुर के बापू बाजार की जानकारी
Bapu Bazaar of Jaipur


हम लोग यहां के बापू बाजार (Bapu market) घूमे थे। यह बाजार बहुत खूबसूरत था। इस बाजार को  काफी डेकोरेट किया गया था। मगर यहां पर जो सामान मिलता है। वह बहुत महंगा मिलता है। मतलब जो दुकानदार रहते हैं, वह काफी ज्यादा प्राइस बताते हैं समान का। मगर उस समान का उतना प्राइस रहता नहीं है। जितना वह बताते हैं और अगर आप बारगेन नहीं करते हैं। तो आप ज्यादा पैसे दे देते हैं। अर्थात आप दुकान वाले को ज्यादा पैसे देकर अपना नुकसान कर लेते है और दुकान वाले का फायदा कर देते है।  दुकान वाला आपके लूट लेता है। इसलिए आप किसी भी बाजार में घूमते हैं तो बारगेन जरूर कीजिएगा। आप किसी रोड वाले दुकान मे कोई सामान लेते है, तो अन्य दुकान में उस समान का मूल्य जरूर पता करें। आपको वह सामान कम मूल्य में मिल जाएगा। आपको 100 रू. का सामान 60 या 70 रू. में मिल जाता है। हम लोगों के साथ भी ऐसा ही हुआ था। 

हम लोग बापू बाजार (Bapu marketगए थे। बिरला मंदिर से निकलकर हम लोग बापू बाजार (Bapu marketगए। बापू बाजार (Bapu market) में हम लोग ऑटो से गए थे। बिरला मंदिर (Birla Mandir) के सामने काफी भीड रहती है शाम को। बिरला मंदिर (Birla Mandir) के सामने से हमें आटो मिला और ऑटो वाले ने 100 रू. में हमको बापू बाजार तक छोड़ दिया। बापू बाजार (Bapu market) पर हम लोगों ने चाय का मजा लिए। हम लोगों ने कुल्हड़ वाली चाय पिया। उसके बाद हम लोग यहां के मार्केट में घुस गए। शाम के समय इस बाजार में बहुत भीड रहती है। क्योकि दिन में लोगों यहां के दर्शनीय स्थलों (Scenic spots) की सैर करते है और शाम को बाजारों की सैर करते है। बाजार में आपको विभिन्न तरह के समान देखने मिलते हैं। बापू बाजार (Bapu market) पर हम लोगों एक ठेले वाली शॉप में गए। जहां पर कान के एयर रिंग और गले का नेकलेस मिल रहा था। राजस्थानी नेकलेस जो बहुत अच्छे लग रहे थे। मगर प्राइस बहुत ज्यादा था इसलिए हम लोगों ने वहां से लेना सही नहीं समझा। हम लोग आगे निकल गए उसके बाद हम लोग यहां पर बहुत सारी दुकानें देखें, जहां पर बहुत ही खूबसूरत कपड़े लगे हुए थे। राजस्थानी ड्रेसेस जो आपको बहुत पसंद आएगी। अगर आप यहां पर जाते हैं, तो आप राजस्थानी ड्रेस जरूर परचेस कीजिएगा। बहुत सुंदर रहती हैं। मगर आप बारगेन जरूर करें। तो बहुत अच्छे दामों में भी मिल जाती हैं। बापू बाजार में हम लोग आगे बढ़े तो एक लाइन से आपको दुकान है देखने मिल जाती हैं। जो पिंक कलर से पुती रहती है। शाम का समय ये दुकानें लाइट की रोशनी से जगमगा जाती है। 

Jaipur Trip:- Jaipur Market - जयपुर के प्रसिद्ध बाजार

Jaipur Market 

Jaipur Trip:- Jaipur Market - जयपुर के प्रसिद्ध बाजार

Jaipur Bapu Market 


शाम को इन दुकानों का कलर अच्छी तरह से समझ में नहीं आएगा। दुकानें किस कलर की हैं। मगर आप अगर दिन में जाते हैं तो इन दुकानों का कलर भी देख सकते हैं। सारी दुकान में बहुत अच्छा सामान मिलता है। मगर कुछ दुकानें बहुत ज्यादा महंगी है। जहां पर मुझे नहीं लगता है कि अपने पैसे देने चाहिए। 

बापू बाजार (Bapu marketमें हम लोगों को एक दुकान पर कंगन पसंद आया। वह कंगन लाख के थे। राजस्थान में आपको लाख के कंगन मिल जाते है। दुकान वाले ने हमें वहां कंगन 160 रू. प्राइस बताया। हम लोगों ने उस कंगन को प्राइस कम करवा कर 120 रू. कर दिया। दुकान वाला 120 रू. में मान गया और हम लोगों ने ले लिया। उसके बाद हम लोग आगे बढ़ें। हम लोगों ने बापू बाजार (Bapu market) की दूसरे कंगन की दुकान देखी। जो कंगन हम लोगों ने 120 रू. के लिए थे। वह कंगन हमें 100 रू. में मिले। उसके साथ कंगन को रखने के लिए प्लास्टिक का कवर भी दिया गया। बाकी हमने पुराने शॉप से लिया था। तो वहां हमें प्लास्टिक का कवर रखने के लिए नहीं मिला था। वह कंगन हमें कागज में लपेट करी दे दिए गए था। तो आप सोच सकते हैं कि आपको यहां पर समान किस तरह से लेना है। अगर आप किसी भी तरह के सामान को लेते हैं, तो एक-दो दुकान जरूर पता करें। उस सामान के लिए नहीं तो आप यहां पर ज्यादा पैसे देकर आ सकते हैं। 

एक और किस्सा जयपुर बाजार का


मैं आपको यहां का एक किस्सा और शेयर करना चाहती हूं। यहां पर हम लोगों ने घूमने के लिए गाड़ी बुक किया था। हम लोग गाड़ी से जयपुर जिले के प्राचीन किले देखने गए थे। गाड़ी वाले ने हम लोग गाड़ी वाले को शॉपिंग के लिए किसी बाजार में लेकर चलने को कहा, तो गाड़ी वाले ने हम लोगों को एक दुकान में ले गया। एक दुकान में जाकर रोक दिया और ड्राइवर ने हमें लोगों से बोला कि यहां से आप देख लीजिए। अगर आपको कुछ अच्छा लगे। तो आप यहां से ले सकते हैं। हम लोगों ने भी उस दुकान में गए। हम लोगों ने सोचा कि अगर हम लोगों को  कुछ पसंद आता है तो ले लेंगे और नहीं आएगा तो नहीं लेंगे। उसके बाद दुकान वाले नेे हमें वहां के कलर्स के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी दी, कि यहां के जो कलर्स बनते हैं। वह कितने पक्के रहते हैं। उसके बाद हम लोग दुकान के अंदर गए यहां पर मैं दुकान का नाम नहीं लेना चाहूंगी, क्योंकि वह अच्छा नहीं होगा। हम लोग दुकान के अंदर गए। दुकान वाले ने हमें जयपुर की रजाई बताया। जयपुर की रजाई इसी नाम से उसने हम लोग को एक प्रोडक्ट दिखाया और उसके बारे में विशेषता बताएं कि यह बहुत अच्छी है। आप इसको लेकर देखिए। ये सब दुकान वाले ने बताया। आपका बहुत विशेषता बताई रजाई के बारें में। एक तरह से हम लोग उस रजाई को लेने के लिए बिल्कुल तैयार हो गए। उस दुकानदार ने रजाई लेने के लिए हम लोगों को मना लिया। हम लोगों ने करीब 4 रजाई ले ली। हम लोगों को एक रजाई 1200 रू. की पडी। इसके बाद दुकान वाले ने हम लोगों को साड़ियां दिखाएं। साड़ियां हम लोग ने देखी। मगर साड़ियां भी बहुत महंगी थी। हम लोगों ने साडियां नहीं ली। हम लोग ने इसके बाद जूते दिखाएं। जूते चप्पल भी बहुत महंगे थे। मेरे हिसाब से तो आपको ब्रांड वाले जूते भी इतने मंहगे नहीं मिलते होगें। उसके बाद दुकान वालों ने हमें कहा कि आप लोग एस्ट्रोलॉजी में विश्वास करते हैं तो वह सामान भी मिलेगा। हम लोगों ने वह सामान नहीं लिया और हम लोग उस दुकान से बाहर आ गए। हम लोगों को एस्ट्रोलॉजी में विश्वास नहीं है, ऐसा कहा तो दुकान वाले हमारा मजाक उडाने लगें।  

दूसरे दिन शॉपिंग के लिए हम लोग दूसरी दुकान गए और हम लोगों रजाई का मूल्य पता किया तो वहां रजाई हमकों बहुत सस्तु मूल्य में मिल रही थी। वही रजाई हम लोगों को 800 रू. में मिल रही थी। आप सोच सकते हैं कि यहां पर किसी तरह से ब्रेन वाॅश किया जाता है, कि आप वहां सामान ले और दुकान वालों का फायदा हो। 

Jaipur Trip:- Jaipur Market - जयपुर के प्रसिद्ध बाजार

Jaipur Market 


जयपुर की यात्रा (Trip to jaipur) में मेरे तरफ से एक सलाह यह है कि अगर आपके गाड़ी चालक आपको दुकानों में ले जाते हैं। तो आप बिल्कुल न जाएं। इससे आपके गाडी चालक को फायदा कमाते हैं। आपके गाड़ी चालक कहता है कि इस दुकान में आपको बहुत सस्ता सामान मिलेगा। मगर ऐसा नहीं है, उस दुकान से उस गाड़ी वाले या ड्राइवर का कमीशन मिलता है। इसलिए आपको ड्राइवर उस दुकान में लेकर जाता है। जो दुकानदार रहते हैं, वह आपको पूरी तरह ब्रेनवाश कर देते हैं और आपको जो भी सामान दिखाते हैं। आप लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाते हैं।  ज्यादा पैसे दे देते हैं। ऐसे ही हमारे ड्राइवर ने हमारे साथ किया। हम लोगों ने वहां से करीब 6000 की शॉपिंग की और ड्राइवर को अपने कमीशन के अनुसार 30 से 35 परसेंट मिला गया होगा।

आप इस बात का जरूर ध्यान दें, कि आपको किसी भी जगह जाना है। तो आप गाड़ी वाले के रिफरेंस से मत जाइएगा, क्योंकि आपका वहां पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च हो जाएगा। आप एक तरह से लूटे हुए से महसूस करेंगे जैसे हम लोगों ने किया। 

अगर आपको शॉपिंग ही करनी है, तो आप यहां के बाजार जा सकते हैं। यहां का फेमस बाजार है। मगर टैक्सी वाले के साथ या ऑटो वाले के साथ आप किसी भी दुकान में न जाइएगा। क्योंकि और ऑटो वालों का कमीशन ऑलरेडी दुकान वाले उनको देते हैं। आपको जितना ज्यादा महंगा समान मिलता है। उतना कमीशन आॅटो वालों को दिया जाता है।  यहां हमारा जयपुर के बाजार का एक्सपीरियंस था।  बाकी अगर आप शॉपिंग करना चाहते हैं, तो यहां के बाजार घूम लीजिए। जो खरीदना है खरीद लीजिए। आप बाजार में बरगेन करते तो दुकान वाले कम कर लेते हैं। मगर आप टैक्सी वालों के साथ जाते हैं, तो वहां पर कम नहीं किया जाता है। वहां पर आपको पूरे पैसे देने पड़ते हैं, तो वहां पर बहुत ज्यादा पैसे लिए जाते हैं। इसलिए आप इस बात का जरूर ख्याल रखें। 

जयपुर में घूमने वाले प्रसिद्ध बाजार
Famous Markets in Jaipur


जयपुर जैसा कि आपको पता है यहां पर आप शॉपिंग के लिए बहुत सारे बाजार है। जहां पर आप शॉपिंग का मजा ले सकते हैं, तो यहां पर मैं आपको जयपुर के कुछ बाजार बता रही हूं। जहां पर आप जाकर शॉपिंग कर सकते हैं और यहां पर आपका जो चार्जेस रहते हैं। वह नॉमिनल रहते हैं और आप बारगेन जरूर कीजिएगा आप कहीं भी जाते हैं तो

1. जौहरी बाजार जयपुर (Johri Bazar, Jaipur)
2. त्रिपोलिया बाजार जयपुर (Tripolia Bazar, Jaipur )
3. बापू बाजार जयपुर (Bapu Bazar, Jaipur )
4. नेहरू बाजार जयपुर (Nehru Bazar, Jaipur )
5. तिब्बती मार्केट जयपुर (Tibetan Market, Jaipur )
6. किशनपोल बाजार जयपुर (Kishanpol Bazar, Jaipur)
7. चांदपोल बाजार जयपुर (Chandpol Bazar, Jaipur)
8. नेहरू बाजार जयपुर (Nehru Bazar, Jaipur)


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Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jabalpur to Jaipur Travel

जबलपुर से जयपुर यात्रा 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 

जबलपुर से जयपुर यात्रा का प्लान हमारा नया साल में बना था। हम लोगों ने ट्रेन से जयपुर जाने का प्लान बनाया था। हम लोगों ने दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन में बुकिंग की थी। हम लोग फैमिली और फ्रेंड्स के साथ जा रहे थे। हम लोग जबलपुर रेलवे स्टेशन (Jabalpur Railway Stationसे दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) से जयपुर जाने वाले थे। दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन हम लोगों की शाम की ट्रेन थी। हम लोग अपने सही समय पर ट्रेन में पहुंच गए और ट्रेन में बैठ गए। उसके बाद ट्रेन भी अपने सही समय पर जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से चली दी थी। दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) का स्टार्टिंग पॉइंट जबलपुर ही है। यह ट्रेन जबलपुर से ही बनती है, और जबलपुर से यह आपको अजमेर तक लेकर जाती है। अगर आप अजमेर डायरेक्ट जाना चाहते हैं तो आप इस ट्रेन से जा सकते हैं। आप इस ट्रेन से 15 से 20 घंटे में जयपुर पहॅुच जाते है। 

दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन आपको सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन (Sihora Road Railway Station), कटनी रेलवे स्टेशन (Katni Railway Station), दमोह रेलवे स्टेशन (Damoh Railway Station), मुंगेली रेलवे स्टेशन (Mungeli Railway Station), अशोकनगर रेलवे स्टेशन (Ashoknagar Railway Station), और गुना रेलवे स्टेशन (Guna Railway Station) से डायरेक्ट आपको जयपुर और अजमेर पहॅुच सकती है। आप जयपुर और अजमेर डायरेक्ट ट्रेन से जा सकते हैं। 

जबलपुर से जयपुर के यात्रा (Travels from Jabalpur to Jaipur) हमारी शुरू हो गए थी। जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से ट्रेन हमारी चलना स्टार्ट हो गई। शाम का समय था। हम लोग थोड़ी देर बातचीत की, उसके बाद हम लोगों ने खाना खाए। करीब 9 बजे हम लोग ने खाना खाया। उसके बाद हम लोग सो गए, क्योंकि रात हो गई थी। इसलिए हम लोग सो गए। हम लोग पर सुबह उठे। सुबह ट्रेन से हम लोग कोटा जंक्शन (Kota Junction) पहुंच गए थे।  कोटा जंक्शन (Kota Junction) में ट्रेन का डब्बा चेंज होता है। तो वहां पर डब्बा चेंज हुआ। इसके बाद हमारे आगे का सफर चालू हुआ। हम यहां पर राजस्थान की सीमा पर पहुॅच गए है। आपको इस जगह पर ट्रेन के आजू-बाजू बहुत सारे खेत देखने मिलते है। जब हम लोग गए थे तो हम लोगों को बीही की खेती बहुत ज्यादा देखने मिली थी। हम लोगों को और सरसों और चना भाजी भी देखने मिली थी। इस रूट में एक स्टेशन है। जिसका नाम याद नहीं आ रहा है। वह स्टेशन बहुत खूबसूरत था। बहुत साफ-सफाई थी उसमें और काफी अच्छा था। 

आपको कोटा स्टेशन से ही राजस्थानी लोगों का दिखने लगते हैं। उनका पहनावा और उनका जो कल्चरल सिंबल आपको नजर आने लगता है। यहां महिलाओं का जो पहनावे रहता है। वह स्कर्ट रहती है। लॉन्ग स्कर्ट और ब्लाउज रहता है, ऊपर चुन्नी रहती है। महिलाए काफी चूड़ियां पहनी रहती है। टैटू (The tattoo) भी उनके हाथ में आपको देखने मिल जाता है जिसे गोदना (Tattooना कहते हैं। टैटू (The tattoo) नहीं कहते हैं। आपको देखने मिल जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jaipur Railway Station


आप इन सभी नजारों को देखते हुए जयपुर पहुंच जाते हैं। जयपुर पहुंचकर आप स्टेशन से उतरकर बाहर आते हैं। जयपुर स्टेशन (Jaipur station) के बाहर ही आपको कैब और टैक्सी  मिल जाती है। आप टैक्सी बुक करके अपने होटल जा सकते हैं। हम लोगों ने भी कैब बुक किया और अपने होटल गए। हम लोग का होटल 3 से 4 किलोमीटर दूर होगा।  हम लोग ने होटल ओयों से बुक किया था। हम लोग का होटल उतना अच्छा नहीं था। आप ओयो में जो होटल की फोटो देखते है। वहां कभी कभी सही नही रहती है। ओयो एप में होटल की फोटो तो काफी अच्छी दिखा देते हैं। मगर होटल बहुत बेकार रहता है। हम लोगों की ओयो वालों ने किसी भी तरह की कोई भी मदद नहीं किया था। न ओयो वाले होटल आपका चेंज करता है और ना ही पैसे रिटर्न करते है। 

आप चाहे तो होटल बुक करने से पहले आप होटल पहुंच जाएयें। उसके बाद आप होटल देख लीजिए। उसके बाद आप उसे बुक कर लीजिए। आपके लिए यहां अच्छा रहेगा, क्योंकि उसमें आप रूम देख सकते हैं और बाकी सुविधाए भी चेक कर सकते है। हमारा होटल जो था वह तो बहुत बेकार था। मगर कुछ भी नहीं किया जा सकता था। आप ओयो से होटल बुक करें तो पैसे पहले पे नहीं करें। हम लोगों ने होटल में थोड़ी देर आराम किया। वैसे भी जिस दिन हम लोग पहुंचे थे। उस दिन तो कहीं जाना हमारा संभव नहीं था। तो हम लोगों ने थोड़ा आराम किया।

Birla temple of Jaipur city

जयपुर शहर का बिरला मंदिर


हम लोग शाम को जयपुर शहर के प्रसिद्ध मंदिर बिरला मंदिर (Birla Mandirगए। बिरला मंदिर जयपुर मेन सिटी में स्थित है। आप यहां मंदिर घूम सकते है। बिरला मंदिर (Birla Mandir) बहुत खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर बहुत बडे क्षेत्र में फैला हुआ है। आपको मंदिर में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति देखने मिल जाती है। मंदिर में आपको बहुत शांति मिलती है। हम लोग आटों से मंदिर पहुॅचे थे।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


बिरला मंदिर (Birla Mandirमें बहुत बड़ा गार्डन है। मंदिर में गार्डन के बीच में बहुत ही खूबसूरत शिव भगवान की मूर्ति देखने मिलती है। जो बहुत प्यारी लगती है। आप मूर्ति के पास नहीं जा सकते हैं। सिर्फ बाहर से दर्शन कर सकते हैं। हम लोग मंदिर के गार्डन से होते हुए मुख्य मंदिर तक पहूॅच गए। आप जूते चप्पल बाहर ही उतरना पडता है।  मंदिर नंगे पैर जाना पड़ता है। मुख्य मंदिर सफेद मारबल से बना हुआ है। हम लोगों ने भगवान के दर्शन किए। उसके बाद हम लोग मंदिर से बाहर आए। मंदिर के बाहर भी आपको बहुत ही खूबसूरत कलात्मक मूर्तियां देखने मिलती हैं। आप यहां पर फोटोग्राफी कर सकते हैं। आपकी फोटो बहुत ही मस्त आती है। आपका यहां पर बहुत अच्छा लगता है। 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


हम लोगों को बिरला मंदिर (Birla Mandir) जाकर बहुत मजा आया था। यह मंदिर बहुत अच्छा है।  मंदिर में आपको म्यूजियम (Museumभी देखने मिलता है। म्यूजियम मुख्य मंदिर के नीचे है। आप म्यूजियम देख सकते हैं। यह संग्रहालय की स्थापना बिरला मंदिर जिन्होंने स्थापित किया है, उनके बारे में बहुत सी जानकारी आपको मिल जाती है। मंदिर बहुत खूबसूरत है। बहुत बड़ा मंदिर है। सफेद मार्बल से बना हुआ है। यहां पर बहुत बड़ा गार्डन भी है। आप गार्डन में बैठ सकते हैं। कुछ टाइम अपना समय बिता सकते हैं। बिरला मंदिर (Birla Mandir) जयपुर में जवाहरलाल नेहरू मार्ग (Jawaharlal Nehru Margपर स्थित है। यहां पर आपको श्रीमती इंदिरा गांधी जी (Mrs. Indira Gandhiकी प्रतिमा भी देखने मिलती है। 

Moti Dungri Fort and Shiva Temple

मोती डूंगरी का किला और शिव मंदिर


आपको मंदिर के बाजू में पहाड़ी देखने मिलती है। पहाड़ी में मोती डूंगरी का किला (Moti Dungri Fort) है। जिसमें जाने की मनाही है। यहां पर शिव भगवान जी का प्राचीन मंदिर है। यहां पर जाना मना है। मोती डूंगरी किला (Moti Dungri Fort) एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है। मोती डूंगरी किला जयपुर राज दरबार के शाही परिवार की निजी संपत्ति है। महारानी गायत्री देवी (Maharani Gayatri Devi) जब जीवित थीं, तब उन्होंने यहां निवास किया था। यहां पर राज परिवार के पूजा करने के लिए रॉयल फैमिली प्राइवेट शिव मंदिर बनाया हैं। शिवरात्रि के टाइम पर यह मंदिर खोला जाता है तो उस टाइम पर ही विजिट किया जा सकता है। इस शिव मंदिर एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (Ekalingeshwar Mahadev Temple) कहा जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Moti Dungri Fort, Jaipur 


बिरला मंदिर के बाहर आपको बहुत सारी दुकानें मिलती हैं। जहां पर डोसा, चाट, फुलकी, और कोल्ड ड्रिंक का मजा ले सकते है। जहां पर आप यह सब आइटम खा सकते हैं। मंदिर परिसर में आपको वॉशरूम की सुविधा भी मिल जाती है। अगर आप यहां पर जाना चाहे तो जा सकते हैं। वाॅशरूम में कोई भी चार्ज नहीं लिया जाता है।   यह जो एरिया है वहां बहुत भीड़ वाला एरिया है। 

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Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

जयपुर शहर की यात्रा का मेरा अनुभव
My Experience of Traveling to Jaipur city


मेरी जयपुर (Jaipur) शहर  की यात्रा बहुत ही मजेदार रही है। हम ठंड के टाइम में जयपुर (Jaipur) गए थे। हमें जयपुर पर बहुत मजा आया है। जयपुर  बहुत अच्छा शहर है। जयपुर में आपको बहुत सारी आधुनिक चीजों के दर्शन करने मिल जाएंगे। हम लोगों जयपुर (Jaipur) जाकर यहां के दर्शनीय स्थलों की सैर किया। जयपुर के खाने का स्वाद लिया और जयपुर के बाजार भी घूमें। जयपुर (Jaipur) को पिंक सिटी (Pink City) कहा जाता है या गुलाबी नगरी के नाम से जाना जाता है। जयपुर (Jaipur) की बहुत सी इमारतों पिंक कलर की है। 


Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

Jaipur View

जयपुर (Jaipur) शहर भारत देश के राजस्थान राज्य की राजधानी है। राजस्थान सबसे बडे क्षेत्रफल का राज्य है। राजस्थान की कला एवं संस्कृति इसे अन्य राज्यों से एक अनोखी पहचान दिलाती है। राजस्थान राज्य का एक शहर जयपुर (Jaipur) है जो अपने पुरानी इमारतों और किलो के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर दुनिया भर से पर्यटक लोग जयपुर के किलो एवं इसके पुरानी इमारतों के दर्शन करने आते है। जयपुर (Jaipur) शहर की स्थापना आमेर के महाराजा सवाई जयसिंह (द्वितीय) ने की थी। यूनेस्को द्वारा जयपुर शहर को जुलाई 2019 में वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया गया है। 

जयपुर के दर्शनीय स्थल
Places to visit in Jaipur


जयपुर शहर अपने पुराने किलो एवं पुरानी इमारतों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। जयपुर शहर में आपको यहां का प्रसिद्ध किला नाहरगढ़ का किला, जयगढ़ का किला और आमेर का किला यह तीनों किले के लिए जयपुर शहर में प्रसिद्ध है। पर्यटक इनके किले के दर्शन करने के लिए ही जयपुर आते हैं। इसके अलावा जयपुर में आपको हवा महल देखने मिलता है। हवा महल एक खूबसूरत महल है। हवा महल आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। इसके अलावा यहां पर आपको जंतर-मंतर देखने मिलता है। जंतर-मंतर को पुराने समय में समय ज्ञात करने के लिए बनाया गया था। जंतर-मंतर राजा सवाई जयसिंह के द्वारा बनाया गया था। जंतर मंतर के पास आपको सिटी पैलेस भी देखने मिलता है। जयपुर में अल्बर्ट हाॅल संग्रहालय है। यहां संग्रहालय प्राचीन इमारत में बनाया गया है। यह इमारत बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर कनक घाटी घूम सकते है। जयपुर में जलमहल बहुत ही प्रसिध्द है, जो एक झील के बीच में बना है। आप उसे देख सकते है। वह बहुत ही खूबसूरत है और देखने में बहुत अद्भुत लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको और भी बहुत सारे दर्शनीय स्थलों के दर्शन करने मिलते है। 

Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

Jaipur city view 

जयपुर के बाजार
Jaipur Market


जयपुर (Jaipur) के बाजार घूमने के लिए एक बहुत अच्छी जगह है। जयपुर (Jaipur) के बाजार में आपको राजस्थान वस्त्र मिलते है। यहां पर जयपुर (Jaipur) की जूतियां भी आपको मिलती है। जयपुर (Jaipur) में बहुत सारे बाजार हैं। हम लोगों ने भी एक बाजार घुमा था बापू बाजार। बापू बाजार में बहुत सारी दुकानें हैं। इस बाजार में काफी भीड़ होती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप किसी भी सामान को लेते हैं तो अब बारगेन जरूर करिएगा और अगर आपको समान नहीं लेना है तो आप बाजार घूमने तो आई सकते हैं और घूम सकते हैं।

बापू बाजार बहुत अच्छा बाजार है। यहां बाजार अच्छी तरह प्रबंधित है। आपको बहुत सारे तरह-तरह के समान बाजार में मिलते है। आपको यहां पर लाख के कंगन मिलते हैं, जो पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। मगर यहां पर आप सोच समझकर खरीदारी करें। क्योंकि यहां पर सामानों में जितने वैरायटी है, उतना ही यहां दुकानदार ग्राहक को बेवकूफ भी बनाते हैं। इसलिए आप जो भी सामान लेते हैं। वह अच्छे से बारगेनिंग करके ले। यहां पर आप जो भी सामान देखते है। उसका मूल्य बहुत ज्यादा बताते हैं। मगर आप उस सामान को किसी अन्य दुकान में जाकर पता करेंगे। तो उस समान की उतनी कीमत नहीं रहती है। वह समान काफी कम रेट में आपको मिल सकता है। यहां पर हम लोगों को इस बात का भी अनुभव हुआ, इसलिए मैने यह बात आपसे शेयर किया। 

जयपुर का खाना
Food of Jaipur


जयपुर (Jaipur) का खाना बहुत अच्छा रहता है। यहां पर आपको रीजनेवल प्राइस में खाना मिल जाता है। जो रेट हर जगह मिलता है, उसी रेट में खाना मिल जाता है। 150 रू में आपको फुल थाली मिल जाती है। खाने में वैरायटी और टेस्ट दोनों रहता है।  150 रू फुल थाली मिलती है। आप जितना खाना खाना चाहो खा सकते हैं। आपको थाली में दो टाइप की सब्जी, दाल, चावल, रोटी, सलाद, और पापड मिल जाता है। कहीं-कहीं पर दही भी मिल जाता है। खाना भी बहुत अच्छा टेस्टी रहता है। अगर आप खाली ना लेना चाहे अलग अलग सब्जी ले सकते है, रोटी ले सकते है। आप अपने अनुसार खाना का आर्डर दे सकते है। आपको जयपुर में अच्छी होटल सस्ती और टिकाऊ होटल मिल जाती है। 

जयपुर और राजस्थान के बहुत से जिलों में तीखा कम खाया जाता है। यहां पर हरी मिर्ची मांगने पर आपको मोटी वाली मिर्ची दी जाती है। जो तीखी बिल्कुल नहीं रहती है। 

राजस्थान का फेमस खाना दाल बाटी है। आप अगर राजस्थान के किसी भी जिले में जाते हैं तो आपको दाल बाटी जरूर मिलती है। जयपुर के हर जगह आपको दाल बाटी मिलती है। हर ढाबे में हर होटल में दाल बाटी आपको जरूर मिलेगी। तो आप ट्राई कर सकते हैं।

मेरा जयपुर शहर का अनुभव
My Jaipur city experience


मेरा जयपुर (Jaipur) शहर का अनुभव बहुत ही बढ़िया रहा है। यहां पर हम लोगों ने जयपुर (Jaipur) शहर का खाना ट्राई किया जो बहुत ही मस्त रहा है। जयपुर (Jaipur) शहर  के किलें घुमा, जो प्राचीन है और बहुत ही खूबसूरत है। यहां के बाजारों को घुमा जहां पर हम थोड़ा लूट भी गए मगर अच्छा लगा। कुछ नया अनुभव मिला। जयपुर (Jaipur) बहुत खूबसूरत शहर है। यहां पर हमें बहुत मजा आया यहां पर हम अपने फैमिली और दोस्तों के साथ गए थे। जयपुर शहर का अनुभव बहुत अच्छा रहा। जयपुर का आगे आने वाले लेखों में आपको जयपुर की जगह के बारे में पता चलेगा और उन जगहों का क्या एक्सपीरियंस था। उन सभी का आने वाले लेखों में आपको विस्तारपूर्वक पता चलेगा।

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो। तो इस लेख को जरुर शेयर करें। अगर आपने जयपुर घुमा हो तो अपने विचार हम से सांझा जरूर करें। 

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Haunted Place of India - भारत की भूतिया जगह

भारत की भूतिया जगह है जहां पर लोग जाने से डरते हैं रात में

Haunted place of India


भारत में बहुत सी जगह है। जहां पर भूत होने के दावे किया जाते है। आज के लेख में मैं आपको भारत की भूतिया जगहों की जानकारी दूगी। इन जगहों पर पर रात में लोगों के जाने में मनाही है। चलिये जानते है इन जगहों के बारें में

Haunted Place of India - भारत की भूतिया जगह


1. भानगढ़ का किला , राजस्थान 


राजस्थान के अलवर जिले का भानगढ़ भारत के सबसे ज्यादा डरावनी जगहों में से एक है। भानगढ़ का किला भूतिया किले के रूप में जाना जाता है। भानगढ एक रहस्यमय जगह है। भानगढ़ का किला को सत्रहवीं शताव्दी में राजा माधो सिंह ने बनवाया था। लोगों का कहना है कि इस महल में आत्माओं का वास है। सरकार ने यह चेतावनी लगाकर रखा है कि यहां अंधेरा होने पर इस किले में रूकने की मनाही है। लोगों के कहने के अनुसार 16वीं शताब्दी में इसी शहर में एक तंत्रिक रहता था। उस तंत्रिक को भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती के साथ प्यार हो गया। राजकुमारी को अपने वश में करने के लिए तंत्रिक ने काला जादू कर दिया। लेकिन इस सब बातों की जानकारी राजकुमारी को पता चल गया था और तंत्रिक में ही इस काला जादू का असर हो गया। तंत्रिक की मृत्यु हो गई। तंत्रिक ने मरते समय भानगढ़ के किले को श्राप दिया कि इस किले का विनाश हो जाएगा। उस श्राप के बाद यह किला एक ही रात में बर्बाद हो गया। इस किले में रहने वाले सभी लोगों की मृत्यु होने लगी और इस किले में आत्माओं का वास हो गया। यह किला खंडहर में तब्दील हो गया।

2. रामूजी फिल्म सिटी, हैदराबाद 


रामूजी फिल्म सिटी तेलंगाना राज्य का हैदराबाद जिलें में स्थित है। यह फिल्म सिटी बहुत बड़ी है। यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार यह सबसे बड़ी फिल्म शूटिंग की जगह है। यह पर बहुत सी आलौकिक गतिविधियों हो चुकी है। लोगों का मनना है कि यह पर आत्माओं का निवास है। यहां पर कई लाइटमैन गिर गए है। जिनको गहरी चोटों भी आई है।

3. जीपी ब्लॉक, मेरठ


जीपी ब्लाॅक उप्र राज्य के मेरठ जिले में स्थित है। यह भारत की डरावनी जगहों में से एक है। हर कोई यहां के बारे में जानता है। आपको यह पर एक इमारत है। जिसमें कई प्रेत आत्माएं का वास हैं। इस इमारत में लोगों ने  अक्सर चार लोगों को बैठकर ड्रिंक करते हुए देखा गया है और यहां के स्थानीय लोगों को अक्सर यह पर लाल ड्रेस में कोई लड़की भी घर से बाहर निकलती है। 

4. शानिवारवाड़ा किला, पुणे


यह किला महाराष्ट्र राज्य का सबसे बड़ा किला है। यह किला महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले में है। इस किले के बारें में कहा जाता है कि यह किला रहस्यमयी है। इस किले का निर्माण मराठा साम्राज्य के बाजीराव पेशवा ने 1746 ई. में किया था। इस किले का बारे में कहा जाता है कि सत्ता के लालच में 18 साल की उम्र में नारायण राव की हत्या इस महल में कर दी गई थी। इस महल में 1828 ई मे रहस्यमय तरीक से आग लग गई थी और महल नष्ट हो गया था। कहा जाता है कि यहां पर राजकुमार की आत्मा वहां हर पूर्णिमा को मौत का बदला लेने आती है। इस किले में कोई भी सूर्यास्त के बाद नहीं जाता है।

5. टनल नंबर 103, शिमला


यह टनल हिमाचल प्रदेश के शिमला-कालका रोड पर स्थित है। इस टनल में  घनघोर अंधेरा होता है। इस टनल का निर्माण एक अंग्रेज इंजीनियर ने करवाया था। इस टनल को बनाने में अंग्रेज इंजीनियर ने एक भूल कर दी थी। उन्होनें एक ही बार में दोनों ओर से सुरंग बनाने का कार्य शुरू कर दिया। इस भूल के कारण सुरंग के दोनों छोर मिल नहीं पाए और अंग्रेज इंजीनियर को जर्माना चुकाना पडा। इस भूल के चलते अंग्रेज इंजीनियर बहुत दुखी हो गए और  आत्महत्या कर ली। इस टनल में अंग्रेज इंजीनियर की आत्मा भटकती है। इस टनल के बारे में लोगों का कहना है कि यहां पर आत्माएं रहती हैं। कई बार लोगों ने यहां औरत की आत्मा को टहलते हुए देखा है। इस टनल में जाने से रोकने के लिए सरकार के द्वारा बोर्ड लगाया है।

6.  डुमास बीच, सूरत 


गुजरात राज्य में स्थित डुमास बीच एक डरावनी जगहों में से एक है। डुमास बीच सूरत शहर से करीब 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बीच अरब सागर के किनारे स्थित एक खूबसूरत बीच है। डुमास बीच अपनी काली बालू एवं भूतिया घटनाओ के लिए प्रसिद्ध है। इस बीच में दिन में पर्यटक आते है मगर शाम को यहां पर सन्नाटा पसरा होता है। इस बीच के बारें में लोगों का कहना है कि यहां पर तरह-तरह की आवाजे सुनाई देती है लेकिन कोई दिखाई नहीं देता। लोगों को जो आवाज आती है, उसमें कहा जाता है कि जहाँ से आये हो वही लौट जाओ। इस बीच में जो लोग रात में घूमने गए है वो कभी लौट के नहीं आये। यहां पर किसी के रोनें की आवाजें भी आती है। इस बीच में बहुत से लोग की जान भी चली गई है। 

7.  साऊथ पार्क सिमेट्री , कोलकाता


कोलकाता शहर का यह पार्क एक भूतिया जगह है। इस जगह के भूतिया होने का दावा किया जाता है। यह पार्क प्राचीन समय में सबसे बडा ईसाई कब्रिस्तान हुआ करता था। इस कब्रिस्तान में कुछ ऐतिहासिक कब्र भी मौजूद है, जिन्हें एडो इस्लामिक और गोथिक शैलियों से डिजाइन किया गया है। इस कब्रिस्तान के बारें लोगों का कहना है कि इस कब्रिस्तान पर घूमने पर किसी और का साथ होना महसूस होता है। कि आपके साथ कोई चल रहा हो। दोस्तों के एक समूह यहाँ पर घूमना आया हुआ था और उन्होनें यहां पर कुछ तस्वीर ली थी। तब से उनके साथ अजीब घटनाए होनी लगी थी। उनमें से एक की मृत्यु दमा से हुई थी जबकि उसे दमे की कोई समस्या नहीं थी।

8. लोथियन कब्रिस्तान, दिल्ली


यह कब्रिस्तान पुरानी दिल्ली में कश्मीरी गेट के पास स्थित है। यह कब्रिस्तान कश्मीरी गेट से 5 मिनट की दूरी पर स्थित है। यह कब्रिस्ताजन 200 साल से अधिक पुराना है। इस कब्रिस्तान का निर्माण अग्रेजों ने किया था। यह कब्रिस्तान अग्रेजों का मुख्य कब्रिस्तान हुआ करता था। इस कब्रिस्तान में ब्रिटिश सेनानायक निकोलस की आत्मा भटकती है। कहा जाता है कि एक अंग्रेज सेनानायक सर निकोलस एक भारतीय महिला से प्रेम करता था। लेकिन महिला को सर निकोलस में कोई रूचि नहीं थी। सर निकोलस ने अपने प्यार का इजहार महिला से किया। मगर महिला ने उनके प्यार को ठुकरा दिया। जिसके कारण सर निकोलस ने आत्माहत्या कर ली। तब से सर निकोलस की आत्मा इस कब्रिस्तान में भटकती है। उनकी सर कटी आत्मा घोडे के उपर बैठकर कब्रिस्तान में घूमती है।  

9.  कुलधारा, राजस्थान


कुलधरा राजस्थान राज्य के जैसेलमेर जिलें में स्थित है। कुलधरा जैसेलमेर जिले से 18 से 20 किलोमीटर दूर होगा। कुलधरा गांव के बारे में लोगों का कहना है कि यहां पर रात में आत्माएं भटकती हैं। यहां पर आत्माओं का वास है। यहां पर दिन में पर्यटक घूमने आते हैं। भारत सरकार के द्वारा इस जगह को एक पर्यटक स्थल घोषित किया गया है। मगर रात में यहां पर लोगों की आने की मनाही है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां पर एक जुल्मी मंत्री सलीम सिंह था। जो लोगों पर अत्याचार करता था। उसे कुलधरा गांव की  एक ब्राहमण लड़की पसंद आ गई थी। वह उस लड़की से शादी करना चाहता था। गांव वालों के सामने सलीम सिंह ने प्रस्ताव रखा कि वह लड़की शादी करना चाहता है। मगर गांव वालों को यह पसंद नहीं था। मंत्री गांव वालों पर दबाव बना रहा था। जिसके कारण कुलधरा गांव के लोगों ने इस गांव को एक ही दिन में छोड़ने का फैसला किया और वह इस गांव को खाली करके चले गए। गांव वालों ने जाते समय श्राप दिया कि यह गांव कभी नहीं बसेगा। तब से कुलधरा गांव विराना और सुनसान है। यहां पर आत्माएं भटकती हैं।

Haunted Place of India - भारत की भूतिया जगह


10. अग्रसेन की बावड़ी, दिल्ली


अग्रसेन की बावली दिल्ली में स्थित एक पुरातात्विक जगह है। यह बाबली नई दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास स्थित है। इस बावड़ी में सीढ़ीनुमा कुएं में करीब 105 सीढ़ीयां हैं। इस बाबडी का निर्माण 14वीं शताब्दी में महाराजा अग्रसेन ने किया था। यह बाबडी बहुत खूबसूरत है। इस बाबडी के बारें में कहा जाता है कि इस बाबडी में भरा काला पानी लोगों को सम्मेहित करता है कि वो आत्मा हत्या करें। यहां पर कई जान भी गई है। 

11. कोटा का ब्रिज राज भवन महल 


यह भवन राजस्थान के कोटा शहर में स्थित है। इस महल को भी भूतिया माना जाता है। यह महल 178 वर्ष पुराना है। इस महल में ब्रिटिश सेना का मेजर बुर्टोन का भूत रहता है। 1857 की क्रांति में भारतीय लोगों ने अग्रेजों अफसर और उनके बेटों को मार दिया था। जिसके कारण अग्रेजों अफसर की आत्मा यहां पर भटकती है। यहां पर आत्मा किसी को नुकसान नहीं पहुचती है। मगर आत्मा अपने होने का अहसास जरूर कराती है। मेजर बुर्टोन को इस महल से बहुत प्यार था और वह इस महल को छोडना नहीं चाहते है। 


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Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir Mandla

देवगांव संगम घाट मंदिर

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) एक ऐसी जगह है। जहां पर आप नर्मदा नदी का किनारा देख सकते हैं। नर्मदा नदी का इस स्थल पर एक अन्य नदी से संगम होता है। आप दोनों नदियों का संगम देख सकते हैं। इस संगम में स्थल पर आपको मंदिर भी देखने मिलता है। यहां का जो नजारा है वह बहुत ही शांत और खूबसूरत है। यह जगह बहुत ही प्यारी है आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) नर्मदा नदी और बुढनेर नदी का संगम स्थल है। इस स्थल पर यह दोनों नदियां मिलती हैं। इसलिए इस जगह को संगम स्थल कहा जाता है। इस स्थल का नजारा बहुत ही सुंदर है। 

Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir  


देवगांव संगम मंदिर कहां स्थित है
Where is Devgaon Sangam Temple located


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) मंडला शहर में स्थित है। यह स्थल देवगांव नाम के गांव में स्थित है। मंडला मध्यप्रदेश का एक जिला है। देवगांव संगम स्थल मंडला शहर से करीब 30 से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह पर आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए आपको अच्छी रोड मिल जाती है। इस स्थल पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। 

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) रामनगर से करीब 20 किलोमीटर दूर पर होगा। रामनगर मंडला जिले का एक प्रसिद्ध गांव है। हम लोगों को रामनगर से ही अपना सफर शुरू करना था। 

देवगांव संगम घाट मंदिर कैसे पहुंच सकते हैं
How to reach Devgaon Sangam Sthal Temple


आपको अगर देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) में पहुंचना है, तो आपको मंडला से डिंडोरी वाली हाईवे रोड पर चलना होता है। आपको यहां पर देवगांव नाम का एक गांव मिलता है। मेन रोड में ही आपको बोर्ड देखने मिलता है। उसमें देवगांव तीर्थ स्थल का नाम लिखा रहता है और आपको डारेक्शन दिया होता है। आपको इस बोर्ड से करीब एक से 2 किलोमीटर गांव की तरफ अंदर जाना पड़ता है। मेन रोड से आप इस तीर्थ स्थल तक पहुंच सकते हैं। आपको इस तीर्थ स्थल में मंदिर देखने मिलते हैं। नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। इसके अलावा आप यहां से बुढनेर नदी को भी देख सकते हैं। हम लोग गलत साइड चले गए थे। तो हम लोगों को यह सब मंदिर देखने नहीं मिला था। मगर आप अगर जाते हैं तो आप सही साइड से जाइएगा। आपको गांव मिलेगा देवगांव उसके बाद आप बोर्ड को देखकर सही डायरेक्शन में जाइएगा। ताकि आप इस जगह का अच्छी तरह से एंजॉय कर सकें।

देवगांव संगम घाट मंदिर  का सफर
Travel to Deogaon Sangam Ghat Mandir


राय भगत की कोठी घूमने के बाद हम लोग अपने अगले डेस्टिनेशन की तरफ निकल गए थे। हम लोग राय भगत की कोठी से निकल कर एक दुकान पर  हम लोगों ने चाय पिया, क्योकि इसकें बाद हम लोग कहीं रूकना नहीं चाहते थे। उसके बाद हम लोग आगे बढ़ गई। 

अगर अपने मेरे सारे ब्लाॅग पढे होगें तो आपको पता होगा कि हम लोग सुबह से निकले हैं और सुबह से हम लोग पहले सहस्त्रधारा गए, उसके बाद रपटा घाट और उसके बाद मोती महल और राय भगत की कोठी इतनी सारी जगह घूमने के बाद हम लोग देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir) गए। 

अपनी अगली मंजिल के जाने वाले रास्ते में हमको बहुत सारी अच्छी अच्छी वस्तुओं के दर्शन करते हुए। हम अपने सफर में चले जा रहे थे। यहां पर उंचे उंचे पहाड, कहीं कहीं पर नदी, कहीं कही पर खेत देखने मिलते है। अपनी गाडी में सफर का मजा ही कुछ और होता है। आपको इस रोड कई गांव भी देखने मिलते है। हम लोग जिस रास्ते में जा रहे थे, वहां मंडला जिले से डिंडोरी जिले की तरफ जाता है। हम लोग हाईवे रोड पर चल रहे थे। 
इस जगह के पास पहुॅचकर हम लोगों ने गांव वालो से इस जगह में जाने का रास्ता पूछा। गांव वालों ने हम लोगों का रास्ता बताया। मगर हम लोगों गलत रास्तें में चलकर नर्मदा नदी के गलत साइड में पहुॅच गए। हम लोग इस साइड से सिर्फ नर्मदा जी के दर्शन कर सकते थे। दूसरी नदी आई थी उसके दर्शन कर सकते थे। यहां पर हम लोग अपनी गाड़ी खड़ी कर दिया। हम लोग को नीचे उतर के जाना था। 

Deogaon Sangam Ghat Mandir - देवगांव संगम घाट मंदिर

Deogaon Sangam Ghat Mandir  


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर आप एक गांव के माध्यम से और गांव में जो सड़क है। उसके माध्यम से इस जगह पर पहुंचते हैं। हम लोग गलत साइड आ गए थे। यहां पर एक बडा सा बरगद का पेड था और यहां पर एक छोटा सा शायद मंदिर था या किसी तरह का कार्यालय वगैरह था। हम लोगों ने अपनी गाड़ी वहीं खड़ी करी और हम सीढ़ियां नीचे गए, तो यहां पर आप नर्मदा नदी और बुढनेर नदी का संगम  देख सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी गहरी नहीं है, उथली है। आप आराम से नर्मदा नदी पार कर सकते हैं। मगर नर्मदा नदी का बहाव बहुत तेज है यहां पर। आप गर्मी के मौसम में इस नदी को पार कर सकते हैं। नदियों के आर पार जा सकते हैं। मगर बरसात के मौसम में आप नदियों के आर पार नहीं जा सकते हैं। क्योंकि बरसात के टाइम पर यहां पर बहुत ज्यादा पानी रहता है। इसलिए आप इस बात का ध्यान दीजिए अगर यहां पर ज्यादा बहाव रहे तो नदी को पार करने की कोशिश ना करें।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर बहुत बड़ा मैदान था। मैदान में बहुत से लड़के लोग थे। गांव वाले ही होंगे और वह यहां पर मछली पकड़ रहे थे। कुछ लोग बैठे हुए थे। इस जगह पर आप आकर अपनी पिकनिक प्लान कर सकते हैं। यहां पर आकर आप काफी इंजॉय कर सकते हैं।

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir जो लोग आते है। नर्मदा नदी में स्नान करते हैं। नर्मदा मैया की पूजा करते हैं। यहां पर कक्कड़ और भरता बनाते हैं। उन्हें कंडे आस-पास के गांव में मिल जाते हैं। यहां पर कक्कड़ भर्ता बनाते हैं। कक्कड़ भर्ता भारत के गांव देहातों का एक मशहूर व्यंजन है। और यह खाने में बहुत अच्छा लगता है यहां पर आपको बहुत सी जगह राख के ढेर देखने मिल जाएंगे। यहां पर अपना अच्छा टाइम बिताते हैं। 

देवगांव संगम स्थल के मंदिर
Temple of Deogaon Sangam Ghat Mandir

देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir पर बहुत सारे मंदिर हैं। आप यहां पर बहुत सारे मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर जमदग्नि ऋषि आश्रम है। यहां जमदग्नि ऋषि का निवास स्थल है। यहां पर नर्मदा जी का मंदिर है। उनके दर्शन कर सकते हो। यह शिव मंदिर होग। नर्मदा तट के पास ही में एक मंदिर बना हुआ है। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। एक तो यहां का  प्राकृतिक वातावरण और यहां का धार्मिक माहौल आपको बहुत अच्छा लगेगा।

देवगांव संगम स्थल पर लगने वाला मेला
Fair to be held at Deogaon Sangam Ghat Mandir


देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandir में 14 जनवरी में मकर संक्रांति के समय यहां पर मेले का आयोजन किया जाता है। यहां पर विशाल संख्या में लोग यहां पर आते हैं और स्नान करते है। मकर संक्रांति के बारे में कहा जाता है कि मकर संक्रांति  के दिन नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है। इसलिए लोग बड़ी संख्या में यहां पर आते हैं। नर्मदा जी में स्नान करते हैं। यहां पर इस समय तरह-तरह की दुकानें लगांई जाती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

आप देवगांव संगम घाट मंदिर (Deogaon Sangam Ghat Mandirपर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बाथरूम वगैरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। तो इस बात का विशेष ध्यान   रखें। यहां पर आसपास चाय नाश्ते की दुकान में उपलब्ध नहीं है। इस बात का भी विशेष ध्यान दें। 

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