Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

Kankali Devi Temple 

कंकाली देवी मंदिर 


कंकाली देवी मंदिर बहोरीबंद (Kankali Devi Temple) के पास के एक गांव में स्थित है। इस गांव में कंकाली देवी मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा एक मंदिर और भी स्थित है। यह एक पुरातात्विक स्थल है और यहां पर आपको बहुत ढेर सारे खूबसूरत नक्काशी भरे पत्थर पर उकेरी गई कई कलाकृतियां देखने मिल जाएगी। यह एक बहुत प्राचीन स्थल है और आप इस जगह पर बहुत आसानी से आ सकते हैं। यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

कंकाली देवी मंदिर 

कंकाली देवी मंदिर (Kankali Devi Templeकटनी जिले में स्थित है। यह कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील (Bahoriband Tehsilके पास स्थित है। आप इस मंदिर पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर तक कोई भी टैक्सी या बस वगैरह नहीं चलती है। आपको अपनी गाड़ी से ही आना होगा। इस मंदिर तक आने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाती है, या बहोरीबंद तहसील (Bahoriband Tehsil) से जो कटनी जिले की तहसील है वहां से 3 या 4 किलोमीटर दूर होगा, तो आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं।

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

तिगवा में स्थापित पत्थर के शिवलिंग 

आपको यहां पर आकर बहुत ही सुंदर कंकाली देवी का मंदिर (Kankali Devi Temple) देखने को मिलता है, जो करीब 1000 साल पुरानी है। यह मंदिर सपाट छत वाला है। मंदिर के सामने छोटा सा आंगन बना हुआ है, जो जिसके बीच में एक हवन कुंड बना हुआ है। मंदिर के बाजू में ही एक बोर्ड लगा हुआ है, जिसमें मंदिर के बारे में जानकारी दी गई है। इस मंदिर में आपको खूबसूरत पत्थर पर की गई  नक्काशी देखने मिलती है। मंदिर पर खंभे बने हुए हैं, दो खंभे बने हुए हैं। जिस पर आपको खूबसूरत फूलों की आकृतियां देखने मिलती है। जिसको पत्थर पर उकेरकर बनाया गया है। मंदिर की दीवारों पर आपको भगवान विष्णु की खूबसूरत प्रतिमा देखने मिलेगी जिसको पत्थर पर उकेरकर कर बनाया गया है, जो बहुत खूबसूरत लगती है। इसके अलावा यहां पर भगवान पार्श्वनाथ की भी प्रतिमा आपको देखने मिलती है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और मंदिर की जो छत है। वह सपाट है, मतलब किसी भी तरह का यहां पर गुंबद नहीं बना हुआ है। यह जो पूरा मंदिर है, यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है और मंदिर के अंदर गर्भ गृह में कंकाली माता की प्रतिमा स्थित है। जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। यहां पर वैसे तो जब हम लोग गए थे, तो ताला लगा था मगर किसी खास अवसर पर यह मंदिर खोला जाता है, और आप भगवान जी के दर्शन कर सकते है। आप माता जी के दर्शन कर सकते हैं। 

वहां पर कंकाली देवी की मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा और भी बहुत सारी मूर्तियां है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर जितने भी मूर्तियां हैं। वह सारी मूर्तियां पत्थर की बनी हुई है। यहां पर आपको एक वॉचमैन भी है, जो इस मंदिर की देखरेख करता है। यह एक ऐतिहासिक धरोहर है। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

 पत्थर की खूबसूरत कलाकृति 

इस जगह पर बहुत कम लोग आते हैं। इस जगह को देखने के लिए क्योंकि इस जगह की जानकारी काफी लोगों को नहीं है। मगर यह जगह खूबसूरत है। 

यहां पर चारों तरफ पत्थर की बहुत सारी अलग-अलग प्रकार की कलाकृतियां मौजूद है, जिन्हें आप देख सकते हैं। इस जगह पर कंकाली देवी जी के मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा भी एक अन्य मंदिर स्थित है, जो शायद दुर्गा जी को समार्पित है।  यहां पर विशेषकर यहां के गांव वाले आते हैं। कंकाली देवी जी (Kankali Devi jiकी पूजा करने के लिए। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

दुर्गा माता का मंदिर 

यहां पर आप भगवान शिव जी के बहुत से शिवलिंग देख सकते हैं, जो पुराने समय के है। ये शिवलिंग पत्थर पर बना हुआ है। हम ने यहां पर तीन या चार शिवलिंग देखें थे। 

यह जो जगह है, वह तिगमा (Tigawa) नाम से प्रसिद्ध है। यहां जगह छोटा से एरिया में ही फैली हुई है और यह जगह चारों तरफ से बाउंड्री वॉल से घिरा हुआ है।  यहां पर आपको किसी भी तरह की एंट्री फी नहीं लगती है अंदर आने के लिए। यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर मंदिर भी है। यहां पर दुर्गा जी का जो मंदिर है। वहां पर पूजा होती रहती है और लोग यहां पर आकर भंडारे करते रहते हैं। हम लोग जब इस जगह पर आए थे। तब यहां पर पूजा हो रही थी और भंडारा बनाया जा रहा था। 

हम लोग इस जगह पर घूमने के लिए अपनी स्कूटी से आए थे। हम लोग पहले रूपनाथ मंदिर घूमे थे। उसके बाद हम लोग तिगमा (Tigawa) के कंकाली देवी मंदिर आए थे। यह जगह रूपनाथ धाम करीब 10 या 12 किलोमीटर दूर होगा। आप रूपनाथ धाम से इस जगह में आराम से जा सकते हैं।

यहां पर हम लोगों को काफी अच्छा लगा और यहां पर ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं रहती है। यहां पर गांव वाले ही लोग रहते है, तो आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं और अपने दोस्तों के साथ भी आ सकते हैं। अगर आप  पुरानी चीजें देखने के शौकीन हैं, तो आप यहां पर जरूर आकर देख सकते हैं। यहां पर आपको मंदिर के बाजू में ही एक तालाब है। 

हमें इस जगह आ कर बहुत अच्छा लगा। हम इस जगह दो बार आ चुके हैं और यहां पर काफी अच्छा और शांत माहौल रहता है। आप भी यहां आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़कें हैं, तो आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो आप इस लेख को शेयर जरूर करें और अगर आप इस जगह आए हो तो अपने विचार हमसे साझा जरूर करें। 

आपने अपना समय दिया इसके लिए धन्यवाद


Payli Eco Tourism Site - पायली

Payli Eco Tourism Site
पायली इको टूरिज्म साइट


पायली बरगी बांध का खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां जबलपुर जिले में स्थित है। पायली बरगी बांध का भराव क्षेत्र है, जो जबलपुर से थोडी दूरी पर स्थित है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है। यहां पर चारों तरफ खूबसूरत जंगल है और यहां पर बहुत सारी एक्टिविटी भी होती है। यहां पर आप काफी मजे कर सकते हैं। यहां पर आपको वोटिंग की सुविधा मिल जाती है। इसके अलावा आप यहां पर कैंपिंग करना चाहे, तो आप कैंपिंग भी कर सकते हैं। पायली इको टूरिज्म साइट है।

Payli Eco Tourism Site - पायली


पायली कहां स्थित है?
Where is the Payli?


पायली जबलपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। पायली बरगी बांध में पड़ता है, लेकिन यह बरगी बांध से करीब 12 किमी की दूरी पर है। पायली जबलपुर की घंसौर रोड पर स्थित है। पायली जाने के लिए सबसे सबसे अच्छा जो माध्यम है। वह आपकी खुद की गाड़ी है, क्योंकि यहां पर ऑटो से नही जा सकते हैं और ना ही यहां पर बसें चलती हैं और अगर आप यहां पर बस से भी जाते हैं, यहां पर घंसौर जाने के लिए बस चलती है। जबलपुर से घंसौर के लिए, अगर आप उससे भी जाते हैं। तो आपको यहां पर काफी दूर तक पैदल चलना पड़ेगा, तो वह एक अच्छा ऑप्शन नहीं है। तो यहां पर आप अपनी गाड़ी से जाएंगे तो वह आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन रहेगा। पायली जाने वाला जो रास्ता है। वह बहुत ही बढ़िया है। यहां पर आपको खूबसूरत जंगल देखने मिलता है और आप यहां पर बरसात के टाइम में जाते हैं, तो जंगल में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली देखने मिलती है और यहां पर आपको जानवर भी देखने मिल जाते हैं। जंगल में छोटी छोटी नदियां बहती रहती है, जो बहुत ही मस्त लगता है। मगर आप यहां पर बरसात के टाइम में नहीं जाइएगा। क्योकि हम लोग यहां पर बरसात के समय गए थे। पायली में घूमने के लिए आप यहां पर ठंड के टाइम में जाइएगा। 

अब जंगल वाले रास्ते में पायली जाते हैं, तो आपको यहां पर झाबुआ पावर प्लांट का बोर्ड देखने को मिलता है। बोर्ड में लिखा रहता है कि आपका स्वागत है झाबुआ पावर प्लांट में। उसके बाद यहां पर एक चढ़ाई वाला रास्ता पड़ता है। आपको वह चढ़ाई वाला रास्ता पार करना पड़ता है। उसके बाद आपको एक मंदिर भी रोड में देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय में मंदिर बहुत ही खूबसूरत लगता है। आप आगे बढ़ते हैं। आपको एक बोर्ड देखने मिलता है। जहां पर लिखा रहता है पायली इको टूरिज्म में आपका स्वागत है। बोर्ड के बाजू से ही आपको एक रास्ता देखने मिलता है, जो सीधा पायली जाता है। यहां रास्ता कच्चा रहता है। आपकी गाडी यहां चली जायेगी। यहां आपका दो पहिया वाहन और चार पहिया वाहन आराम से चला जाएगा, तो आप यहां पर अपनी स्कूटी वगैरह से भी आ सकते हैं और कार वगैरह से भी आ सकते हैं।

"पायली को मध्य प्रदेश का खंडाला भी कह सकते हैं। यहां पर एक बोर्ड लगा हुआ है जहां पर लिखा हुआ है कि मध्य प्रदेश का खंडाला। "

पायली पर बहुत सारी अलग-अलग जगह है। जहां पर आप जा सकते हैं यहां पर एक सेल्फी प्वाइंट है, जहां पर आप जाकर सेल्फी ले सकते हैं और आपकी बहुत अच्छी सेल्फी जाती हैं। 

पायली पर बड़े-बड़े साल के पेड़ लगे हुए हैं, और यहां का जो वातावरण है। वह काफी अच्छा है और ठंडा है। यहां पर इसके अलावा आप आगे जाते हैं, तो आगे बरगी डैम का भराव क्षेत्र है, वह देखने मिलेगा। आपको यहां बहुत अच्छा लगेगा। हम लोग इस जगह पर बरसात के टाइम में आए थे, इसलिए हम लोग इस जगह को ज्यादा एक्सप्लोर नहीं कर पाए थे। हमारा इतना ही यहां का एक्सपीरियंस रहा। यहां पर बरसात के टाइम में इतने ज्यादा सुविधाएं नहीं रहती है। मगर आप अगर यहां सर्दी के टाइम में और आते हैं तो यहां पर बहुत अच्छी सुविधाएं रहती होंगी। जब हम लोग गए थे, तब यहां पर किसी भी तरह की दुकान नहीं थी। यहां पर आपको वॉशरूम की व्यवस्था मिल जाती है। 

आप यहां पर जाएंगे आपको यहां पर बरगी बांध का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलेगा। यहां पर बंदर भी हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। पायली पर वैसे ठंड में ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पर आपको गेस्ट हाउस देखने मिलता है। आप गेस्ट हाउस से भी बरगी बांध का खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। 

पायली जाने का सही समय
Best time to visit Payli


पायली जाने का सबसे अच्छा जो समय होता है वह ठंडा होता है, क्योंकि ठंड के टाइम में यहां मौसम भी अच्छा रहता है और ज्यादा धूप नहीं रहती है। जिससे आपको यहां घूमने में और इस जगह का आनंद उठाने में कोई परेशानी नहीं होती है। अगर आप यहां पर बरसात में आते हैं। बरसात के मौसम में यहां का व्यू उतना अच्छा नहीं होता है। यहां पर जो पानी रहता है वह पूरा मटमैला होता है। आप यहां पर आकर ज्यादा मजे नहीं कर सकते है। यहां पर पहुंचने की जो रोड रहती है। वह कच्ची रोड रहती है, तो रोड बहुत ज्यादा खराब रहती है। बरसात के टाइम में तो आप यहां पर बरसात के समय ना आए, वह अच्छा होगा। क्योंकि हम लोग यहां पर बरसात के ही समय गए थे। हम लोगों को कुछ भी यहां पर देखने नहीं मिला था। 

आपको यहां पर एंट्री का चार्ज लगता है। यहां पर शायद 20 या 30 रू लिया जाता है। यहां पर शायद गाडी पार्किंग का भी चार्ज लगता है। यहां पर जब ज्यादा भीड़ रहती है। तब यह चार्ज लिया जाता है। बाकी यहां पर भीड़ नहीं रहती है, तो यहां पर चार्ज नहीं लिया जाता है। 

यहां पर आप अपना एक अच्छा दिन बता सकते हैं और आपको यहां पर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और अपने दोस्तों के साथ जाकर काफी इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप अपना एक दिन अच्छे से बता सकते हैं। 

अगर यह लेख आपको अच्छा लगा होगा, तो आप इस लेख को शेयर जरूर कीजिएगा। अपने दोस्तों के साथ अपने परिवार के साथ और अगर आप बरगी बांध या पायली गए हो तो अपने एक्सपीरियंस हम से जरूर शेयर कीजिएगा। 

आपने अपना समय दिया उसके लिए धन्यवाद।



Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ किला हम लोगों ने घुमा और हम लोगों को बहुत मजा आया। नाहरगढ़ किले से आपको जयपुर गुलाबी नगरी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य नजर आता है। हम लोगों ने नाहरगढ़ किला सुबह ही घूमने चले गए थे, तो हम लोगों को ज्यादा भीड़ नहीं मिले। हम लोग नाहरगढ़ किला कार बुक करके गए थे, तो कार का सफर बहुत अच्छा रहा। रास्ते में हम लोगों को जल महल देखने मिला और उसके बाद हम लोग अरावली की पर्वत श्रेणियों से होते हुए नाहरगढ़ किले में पहुंचे। 

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ किले का  ऊपर का दृश्य 

नाहरगढ़ किले के लिए प्रवेश शुल्क

Entry fee for Nahargarh Fort


हम लोग नाहरगढ पहुॅचकर प्रवेश द्वार से प्रवेश किया, तो यहां पर आपके वाहन का चार्ज लिया जाता है। उसके बाद दूसरे प्रवेश द्वार पर आपसे प्रवेश शुल्क लिया जाता है। तो सबसे पहले हम लोग नाहरगढ़ के मोम संग्रहालय पहुंचे। मैंने अलग ब्लॉक लिखा है। आप उसे पढ़ सकते हैं। मोम संग्रहालय में घूम कर हम लोग आगे बढ़े। हम लोग नाहरगढ़ किले के तरफ चल दिए। मोम संग्रहालय से नाहरगढ किला ज्यादा दूर नहीं है। 

आप जब नाहरगढ किला पहुॅचते है, तो आपको प्रवेश द्वार से प्रवेश करते हैं, तो आपको यहां पर एंट्री टिकट लेनी पड़ती है। यहां एंट्री टिकट लगभग 30 रू का होता है। उसके बाद आप इस किले में प्रवेश करते हैं। वह एंट्री टिकट आपको अपने पास ही रखना पडता है, क्योंकि आप यहां टिकट नाहरगढ़ किले में प्रवेश के समय दिखाना पडता है। नाहरगढ़ किले के एंट्री गेट पर पुलिस वाले बैठे रहते हैं, और आपकी टिकट चेक करते है। आप एंट्री टिकट अपने पास रखिए। आप नाहरगढ़ किले की तरफ आगे बढ़ते हैं, तो आपको बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। पहाड़ियों का खूबसूरत व्यू भी देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बावली देखने मिलती है, जो आपने देखा होगा "रंग दे बसंती "

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

बावली का दृश्य 


नाहरगढ़ किले का दृश्यNahargarh Fort  view


यह बावली आपको यहां पर देखने मिलती है। यह बहुत बड़ी है और जो इसकी डिजाइन है, बहुत खूबसूरत है और इस बबली का प्रयोग प्राचीन काल में राजा किया करते थे। राजा बावली में कार्यक्रम का आयोजन किया करते थे। लोगों के मनोरंजन के लिए यहां पर राजा अपने रानियों के साथ और अपने मेहमानों के साथ बैठकर कार्यक्रम का आंनद लिया करते है। यहां पर बावली में बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था है। बावली में जो सीढ़ियां बनाई हुई है। वह घुमावदार सीढ़ियां हैं। बावली के बीच में पानी भरा हुआ है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। यह बावली देखने में बहुत ही खूबसूरत लगती है। 

इसके अलावा आपको नाहरगढ़ किले के बाहर एक बड़ा सा पानी को एकत्र करने के लिए एक टैंक या कुंआ बना है। यह टैंक बावली के आगे और नाहरगढ़ किले सामने है। यहां टैंक बहुत विशाल है। पुराने समय में यह टैक खुला हुआ होगा मगर अभी इस टैंक को ढक दिया गया है। इसमें बरसात का पानी इकट्ठा होता है।

इन सभी चीजों के दर्शन करने के बाद हम लोग नाहरगढ किले के प्रवेश द्वार के तरफ बढें। आपको एक बहुत बड़ा गेट देखने मिलता है। आप गेट के अंदर प्रवेश कर सकते हैं आपको यहां पर टिकट दिखाना होता है। गेट के बाहर छोटा सा आगन है, जहां पर आपको दो तोप देखने मिल जाएंगे। गेट पर पुलिस वाले खड़े रहते हैं, जो आपकी टिकट चेक करते हैं और फिर आपको अंदर प्रवेश करने दिया जाता है। आपको एक मेटल डिटेक्टर मशीन से होकर जाना पड़ता है कि आपने कोई हथियार तो नहीं लिया है और उसके बाद आप किलें के अंदर प्रवेश कर सकते हैं।

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ किले के अंदर का दृश्य 

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

महल के अंदर रखी खूबसूरत कलाकृति 


आप महल के अंदर प्रवेश करते हैं, तो आपको एक बड़ा सा आगन या बरामदा देखने मिलता है। महल में आपको बहुत सारे कमरे देखने मिल जाते है, जिनमें बहुत सारी खूबसूरत एवं अदुभ्त वस्तुए देखने मिलती है। यहां पर एक वाइट कलर का खूबसूरत नक्काशी भरा पत्थर का बना हुआ शोपीस रखा था। जो बहुत बड़ा था और बहुत खूबसूरत था। 

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

महल के पीछे बना मंदिर और जयपुर का दृश्य 


हम लोग महल के ऊपर गए ऊपर जाकर। हम लोगों ने पूरा महल घुमा। ऊपर से जो आपको जयपुर का व्यू दिखता है। बहुत ही प्यारा व्यू दिखता है और यहां पर सबसे अच्छा चीज है। वह यही अनुभव रहता है कि पूरा जयपुर ऊपर से देखना बहुत अच्छा अनुभव रहता है। यहां पर हमने पूरा घूमा और महल से नीचे आते हैं, तो नीचे आप खूबसूरत पेंटिंग देख सकते हैं। इसके अलावा यहां के जो दरवाजे हैं पुराने टाइम के वह देख सकते हैं, किस तरह से बनाए गए हैं, कितनी खूबसूरती से उन्हें तराशा गया है। वह आप देख सकते हैं। यहां पर महल बहुत बड़ा है। हम लोगों ने महल का कुछ हिस्सा घूमा। उसके बाद हम लोग बाहर आ गए और यहां पर महल के बाजू में आपको वॉशरूम भी मिल जाती है। वाॅशरूम में जाने का चार्ज लिया जाता है। यहां  पर वॉशरूम है। उसके थोड़ा आगे आपको मंदिर भी देखने मिल जाता है, यह किस देवता का मंदिर था। यह हम नहीं देख पाए थे, क्योंकि यहां पर बहुत सारे बंदर थे और बंदर आपका सामान छीन सकते हैं इसलिए आप अपना सामान अच्छे से रखें।  यहां से भी आपको जयपुर शहर का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है और आपको अच्छा लगेगा यहां पर।

यह सब घूमने के बाद हम लोग आगे बढ़े, अपने जयपुर की यात्रा में उसका लेख आपको आगे मिल जाएगा और आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें अपने दोस्तों के साथ और अगर आपका जयपुर जाने का अनुभव हो तो वह भी हमसे साझा करें ।

धन्यवाद आपने अपना समय दिया उसके लिए


Wax Museum Nahargarh - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

Wax Museum Nahargarh Fort

मोम संग्रहालय नाहरगढ़ किला


हम लोग जयपुर शहर के नाहरगढ़ किला घूमने गए। नाहरगढ़ किला जयपुर शहर का बहुत ही फेमस किला है। यह किला पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। यहां पर दूर-दूर से लोग आते हैं। आप जैसे ही किले में प्रवेश करते हैं, तो आपको सबसे पहले देखने मिलता है - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum)

नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museumबाहर से देखने में काफी खूबसूरत दिखता है। यहां पर लोग मोम संग्रहालय (Wax Museum) के बाहर खड़े होकर संग्रहालय के बारे में आपको जानकारी देते हैं और संग्रहालय में प्रवेश करने के लिए आपको कहते हैं। संग्रहालय में प्रवेश करने के लिए यहां की फीस बहुत ज्यादा है। मेरे हिसाब से, मगर इस मोम संग्रहालय (Wax Museum) का प्रबंधन बहुत अच्छा है। आप जयपुर घूमने जा रहे है तो आपको यह चार्ज ज्यादा नहीं लगेगा। 

Wax Museum Nahargarh  - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

मोम संग्रहालय के बाहर का दृश्य 


नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum) का प्रवेश का एक व्याक्ति का शुल्क 500 रू लगता है। अगर आप संग्रहालय में प्रवेश करते हैं तो। संग्रहालय का वातावरण बहुत अच्छा है और यहां पर बहुत सारी अद्भुत चीजें हैं, जिन्हें देखकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। संग्रहालय में फोटो लेने की मनाही है। आप इस मोम संग्रहालय (Wax Museum) के अंदर फोटो नहीं ले सकते हैं। मगर आप चाहे तो बाहर से इस संग्रहालय का फोटो क्लिक कर सकते है। आपको संग्रहालय के अंदर फोटोग्राफर मिलता है, जो आपके फोटो क्लिक कर देगा। जिसका एक चार्ज फिक्स होता है। वहां चार्ज देकर आप यहां पर फोटो क्लिक करा सकते है। आपको यह चार्ज देकर भी अपनी फोटों की सॉफ्ट कॉपी मिलेगी बाकी हार्ड कॉपी आपको बनवानी पड़ेगी। मगर मुझे यहां भी ठीक नहीं लगा। क्योकि यहां पर सॉफ्ट कॉपी दी जा रही है और उसका भी चार्ज बहुत ज्यादा हाई है। आप यहां पर फोटो बनाकर भी नहीं देते है। इसके अलावा आपको यहां पर वाउचर भी दिए जाते हैं। उन वाउचर से आप कुछ खरीद सकते हैं। यहां पर यहां पर एक शॉप है,  जहां से आप कुछ भी खरीद सकते हैं। आप इस मोम संग्रहालय (Wax Museum) में और क्या-क्या कर सकते हैं, उन सभी चीजों के बारे में जानकारी आपको इस मोम संग्रहालय के बाहर स्थित डेक्स में दी जाती है। यहां पर आपको जयपुर शहर के फेमस टूरिस्ट स्पॉट की प्रतिकृति बनाई गई है। आप वहां जाकर फोटों खींच सकते है। ये सभी बातों की जानकारी आपको नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum) के बाहर बनें डेस्क में दी जाती है। 

हम लोग इस संग्रहालय में जाने का फैसला किया और हम लोग 7 लोग थे, और हम लोगों को करीब 3500 रू लगा। उसके बाद हम लोग इस संग्रहालय में प्रवेश किए। आप इस मोम संग्रहालय (Wax Museum) में प्रवेश करते है, तो यहां पर आपको बहुत सारी अनोखी चीजें देखने मिलती है। यहां पर तीन या चार गैलरी है। जहां पर आपको भारत और विदेश के कुछ प्रसिध्द व्याक्तिाओं के मोम की प्रतिमाए देखने मिलती है। 

हम लोगों के जूतों में पहनने के लिए एक प्लास्टिक का बैग दिया गया। उसको हम लोग ने जूते में पहना और इस संग्रहालय में प्रवेश किया। हम लोगों को सबसे पहले एक बाइक दिखाई दी, जो एक अनोखी बाइक थी। यह दुपहिया बाइक नहीं थी। यह बाइक बहुत बडी थी। इसमें करीब 3 या 4 टायर लगे हुए थे। मुझे अभी अच्छी तरह से याद नहीं है। मगर यह बहुत अनोखी बाइक थी और यह किसी राजा की बाइक थी।

Wax Museum Nahargarh  - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

मोम संग्रहालय के बाहर रखा स्टैचू 


यह मोटर बाइक आपको देखकर बहुत अच्छी लगेगा। आप इस बाइक पर फोटो भी खिचवा सकते है। यहां पर आप अंदर प्रवेश करते हैं, तो आपको यहां पर एक गैलरी देखने मिलती है। जहां आपको बहुत सारे मोम की प्रसिद्ध व्यक्तियों की प्रतिमाएं देखने मिलती हैं। यहां पर आपको गांधीजी की प्रतिमा देखने मिल जाती है और पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की प्रतिमा देखने मिल जाती है। आप यहां पर गांधी जी के स्टाइल में फोटो खीचा सकते है। यहां पर सचिन तेंदुलकर जी की भी प्रतिमा आपको देखने मिल जाएगी आप इन प्रतिमाओं के साथ फोटो भी खिंचवा सकते हैं। उसके अलावा यहां पर आपको एपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमा देखने मिल जाएगी और उनकी यहां पर बहुत सारी जानकारियां भी आपको देखने मिल जाएगी। इसके अलावा यहां पर बहुत सारी किताबें भी रखी गई हैं, जो एपीजे अब्दुल कलाम से संबंधित हो सकती हैं। तो वह भी आप देख सकते हैं।

आप दूसरी गैलरी में प्रवेश करते हैं, तो आपको यहां पर कल्पना चावला की मोम की प्रतिमा देखने मिलेगी और उनकी प्रतिमा के आसपास स्पेसशिप से रिलेटेड वस्तुएं रखी गई हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं और उनके बारे में जानकारियां भी दी है। वह भी आप यहां पर देख सकते हैं। दूसरे गैलरी में विशेषकर विदेशों के प्रसिद्ध व्यक्तियों की आपको प्रतिमा देखने मिलती है। यहां पर आपको जैकी चेन की प्रतिमा देखने मिलती हैं, जो एक प्रसिद्ध एक्टर हैं। यहां पर आपको फेमस फुटबॉलर की प्रतिमा देखने मिलती है। मुझे उनका नाम याद नहीं है। इसके अलावा यहां पर माइकल जैक्सन की भी प्रतिमा रखी गई है। यहां पर आपको फेमस विदेशी एक्टर की प्रतिमा देखने मिलती है। इन सभी का नाम मुझे याद नही है। 

उसके बाद आप इस गैलरी से आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक और गैलरी देखने मिलती है। जहां पर आपको नाहरगढ़ किले के राजा रानी की तस्वीर देखने मिलती है और उनकी भी मोम की प्रतिमाएं देखने मिलती हैं। उनके बारे में भी आपको यहां पर जानकारी मिल जाती है, जो यहां की रानी थी वह बहुत खूबसूरत थी। उन्हीं के बारे में यहां पर जानकारी आपको मिलती है।

मोम संग्रहालय (Wax Museum) में और भी चीजें हैं, जिनके बारे में मुझे अभी अच्छी तरह से याद नहीं है। और इन सभी चीजों के दर्शन करने के बाद हम लोग संग्रहालय से बाहर आ गए।  बाहर आकर आपको एक के शेर का प्रतिमा देखने मिलती है या एक स्टेचू बना हुआ है। जिसमें साउंड लगाया गया है और शेर का जो सिर है। वह मूवमेंट करता है, तो वह काफी अच्छा लगता है। आप फोटो भी खींचा सकते हैं शेर की प्रतिमा के साथ।  


Wax Museum Nahargarh  - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

मोम संग्रहालय के बाहर रखा शेर का स्टेचू 


मोम संग्रहालय (Wax Museumके बाहर और भी मनोरंजक चीजें है जिनका आप आंनद ले सकते है। यहां पर आपको कठपुतली का खेल देखने मिलेगा। कठपुतली का खेल आप देख सकते हैं और आप चाहे तो उन्हें कुछ पैसे भी दे सकते हैं। आपके मन के अनुसार है। बाकी आप देना चाहें तो दे, नहीं देना चाहे तो नहीं दे। उसी प्रकार यहां पर जादू का खेल भी दिखाया जाता है और वह भी आप देख सकते हैं। उसमें भी आप काफी एंजॉय कर सकते हैं। इसके अलावा यहां पर एक कुम्हार भी है जो मटके बनाता है छोटे-छोटे और आप भी मटके बनाने मे अपनी भागीदारी दे सकते हैं और इन  छोटे-छोटे मटको को आप अपने साथ लेकर जा सकते हैं। आप इन मटको को एक ही आपकी तरह अपने साथ लेकर जा सकते हैं और आपको अच्छा लगेगा मटका बनाने में।

Wax Museum Nahargarh  - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

शीश महल 


इसके बाद यहां पर शीश महल है। आपको यहां पर शीश महल लेकर जाया जाता है। आपको फिर से जूतों में पहनने के लिए प्लास्टिक कवर दिया जाता है। तो आप उस प्लास्टिक कवर को लगाइए और शीश महल की तरफ आपको ले जाया जाता है।  शीश महल यहां का काफी खूबसूरत हैं। पहले गाइड आपको इस इस महल के बारे में जानकारी देता है और उसके बाद आप इस महल में घूम कर इस महल को देख सकते हैं। वैसे यह शीशमहल ज्यादा बड़ा नहीं है। मगर यह शीशमहल खूबसूरत है क्योंकि यहां पर चारों तरफ कांच लगे हुए हैं इसे देखने में आपको एक अलग अनुभव रहता है। आपको यहां पर 2 मिनट का समय दिया जाता है। 2 मिनट में आप यहां पर घूम कर शीश महल के बाहर आ सकते हैं। इस शीश महल में एक बार में 20 लोग ही जा सकते हैं वैसे ही यहां का एक्सपीरियंस काफी अच्छा रहा है। 

उसके बाद आप इस शीश महल से बाहर आते हैं, तो मोम संग्रहालय (Wax Museum) के बाहर भी आपको बहुत सारी आकर्षक चीजें दिखती है। जहां पर आप फोटो खींच सकते हैं।  यहां पर आपको एक बाहुबली की प्रतिमा देखने मिलती है, जो एक बड़े से टीवी स्क्रीन को उठाई हुए हैं। इसके अलावा यह पर एक और स्टेचू है, जो एक बूढ़े दादा का है और वह हुक्का पी रहा है। उस हुक्का का एक सिरा और है। जिसमे आप अलग अलग एक्शन करके फोटो खीचा सकते है।  यहां के शेर की स्टेचू के बारे मे बता दी हूॅ, जो शेर का पुतला बनाया गया है। वह आवाज भी करता है तो काफी आकर्षक लगता है।

यहां पर आप नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum) में प्रवेश करते हैं, तो आपको एक वाउचर दिया जाता है। उस वाउचर से आप यहां पर जो शॉप है। वहां से कुछ भी सामान ले सकते हैं। मगर मेरे हिसाब से उस शॉप में बहुत ज्यादा महंगा सामान मिलता हैं। इस शाॅप मे आपको बहुत मंहगा सामान दिया जाता है। यह पर 10 रू का समान 20 रू का दिया जाता है। मेरे हिसाब से तो आप यहां शॉपिंग ना करें, तो ही बेहतर रहेगा। आप अगर उसी समान को किसी और जगह में जा कर लेंगे तो वह आपको सस्ती मिल जाएगी। मोम संग्रहालय में इसके अलावा जहां पर आपने फोटो की सॉफ्ट कापी   कलेक्ट करने जाते हैं। वहां पर कैमरे का प्रतिरूप बनाया गया है, जो बहुत बड़े कैमरे है। वैसे वो रियल कैमरा नहीं है और वह लोगों को दिखाने के लिए बनाया गया है। इस जगह पर जयपुर शहर के बहुत सारे फेमस टूरिस्ट स्पॉट के प्रतिरूप बनाए गए हैं। जिनके साथ आप फोटो क्लिक कर सकते है। 


यह देखने में इसके अलावा यहां पर रखा गया है पुराने तरीके का वह भी काफी अच्छा है वह भी आप देख सकते हैं और फोटो बगैरा क्लिक कर सकते हैं और यहां पर आपको जब आप एंट्री करते हैं तो आपको कूपन मिलते हैं वह कूपन से आप कुछ ले सकते हैं मगर मेरे हिसाब से यहां पर जो सामान मिलता है वह बहुत महंगा मिलता है तो लेने का तो कोई फायदा नहीं है क्योंकि आपको तो का सामान डेढ़ सौ में जो कूपन आएगा वह कर लेंगे कोई फायदा नहीं है तो हम लोग नहीं लिया क्योंकि घाटे का सौदा था यह और यहां पर आपको घूम लेते हैं तो आप अपनी फोटो को फोटो ले सकते हैं और उसके बाद आप बाकी का महल घूम सकते हैं जो काफी खूबसूरत है।

नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum) काफी अच्छा है। मगर मुझे यह थोड़ा ज्यादा महंगा लगा, क्योंकि यहां पर बहुत ज्यादा चार्ज लिया जा रहा था। यह मेरा अनुभव है। बाकी यहां पर बहुत से लोग आते हैं, आप भी यहां आकर घूम सकते हैं और आप कभी भी जयपुर आते हैं, तो यहां पर घूम सकते हैं। 

मेरा अनुभव मोम संग्रहालय का यही था। अगर आपको अच्छा लगा हो, तो इस लेख को शेयर कीजिए और अपने साथियों के साथ शेयर कीजिएगा और आपने कमेंट हमसे सांझा करें। 

धन्यवाद आपने अपना समय दिया।

Tilwara Ghat - The beautiful ghat of the Narmada River.

तिलवारा घाट - जबलपुर का दर्शनीय स्थल


जबलपुर जिले की नर्मदा नदी पर बहुत सारे घाट बने हुए हैं और सारे ही घाट बहुत खूबसूरत और दर्शनीय है। आज हम उन्हें घाटों में से एक घाट की बात करने वाले हैं। आज हम तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) की बात करेगें। 

तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) जबलपुर में स्थित नर्मदा नदी पर बना हुआ एक और खूबसूरत घाट है। यह घाट खूबसूरत है और इस घाट में बहुत सारे मंदिर है। जिसको देखकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह घाट बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। यहां पर आपको मंदिर भी देखना मिलते हैं, जो अलग-अलग मंदिर हैं। 

Tilwara Ghat - The beautiful ghat of the Narmada River.

बड़े पुल का खूबसूरत नजारा 


तिलवाराघाट (Tilwara Ghat) में नर्मदा नदी के ऊपर से पुल बना हुआ हैं। यहां पर दो पुल बने हुए है। एक पुल पुराना है जो शायद अग्रेजों के समय में बना हुआ है। एक पुल अभी नया बना हुआ, जो सिवनी होते हुए नागपुर को जोड़ता है। यह हाईवे रोड है। यह रोड अच्छी है, हम इस रोड पर जा चुके है। यहां पर रोज शाम को मां नर्मदा जी की आरती की जाती हैं। नर्मदा जी मे दीप दान करना एवं शाम को घाट किनारे बैठना बहुत अच्छा लगता है।

Shani Devta Temple of Tilwara Ghat
तिलवारा घाट का शनि देवता का मंदिर

तिलवारा घाट का सबसे ज्यादा फेमस है - शनि भगवान जी का मंदिर 

शनि भगवान जी का मंदिर यहां पर बहुत अधिक फेमस है। यहां पर हर शनिवार को लोगों की भीड़ जमा होती है। शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए यहां पर लोग शनि भगवान जी को तेल चढ़ाने आते हैं और उनसे अपने अपने कष्टों को दूर करने के लिए प्रार्थना करते हैं। शनि भगवान जी के मंदिर में आपको शंकर जी की भी विशाल मूर्ति देखने मिलती है। शंकर जी के साथ पार्वती माता की मूर्ति भी स्थापित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। शनि भगवान के मंदिर के पास आपको दुकान मिल जाती है, जहां पर शनि भगवान को चढाने के लिए फुल एवं तेल मिल जाती है। 

Tilwara Ghat - The beautiful ghat of the Narmada River.

तिलवारा घाट में स्थित से भगवान जी का मंदिर 


Hanuman Temple of Tilwara Ghat
तिलवारा घाट का हनुमान मंदिर


तिलवारा घाट पर हनुमान जी का मंदिर भी है, जो बहुत खूबसूरत है। यहां हनुमान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा है। आपको यहां पर देखने के लिए बहुत ही खूबसूरत मंदिर देखने मिलेगा।

Kali Ji's statue of Tilwara Ghat
तिलवारा घाट की काली जी की प्रतिमा


काली जी की भव्य प्रतिमा तिलवारा घाट में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह प्रतिमा बहुत ही खूबसूरत है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी के किनारे स्थित है।  यहां पर नर्मदा नदी के किनारे यह मंदिर खुले आसमान के नीचे स्थित है, जो खूबसूरत है। यहां पर काली माता की प्रतिमा भव्य है जो अच्छी लगती है, देखने में आंखों को सुकून मिलता है।


Tilwara Ghat - The beautiful ghat of the Narmada River.

छोटे पुल का खूबसूरत नजारा 


तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) में बड़ा पुल और छोटा पुल दोनों ही उपस्थित है। बड़े पुल में भारी वाहन का आना जाना होता है। छोटा पुल अब बंद कर दिया गया है। शायद पहले छोटे पुल से ही आने जाने का काम किया जाता होगा। बड़े पुल के बनने के कारण छोटे पुल का उपयोग बंद कर दिया गया है। छोटा पुल जो है, वह अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ है। छोटा पुल बहुत खूबसूरत है और नर्मदा नदी में अभी भी खड़ा हुआ है। आप बड़े पुल को भी देख सकते हैं। यह भी बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर छोटा पुल में बहुत सुंदर पेंटिंग बनाई गई है। जो बहुत खूबसूरत लगती है। 

यहां पर आप चाहे तो बोट की सवारी भी कर सकते हैं। बोट की सवारी करने में आपको यहां पर बहुत मजा आएगा। यहां पर आप नहा भी सकते हैं। घाट के किनारे नहाने के लिए अच्छी व्यवस्था है। आप यहां पर नहाते है, तो ज्यादा गहराई में न जाए। यहां पर आधा घाट पक्का बना हुआ है और आधा घाट कच्चा बना हुआ है। तो आप यहां पर नहा भी सकते हैं। नदी के बीच में थोड़ा गहरा है, तो आप सावधानी बरतें। यहां पर बहुत से छोटे बच्चे और बहुत से युवा नर्मदा नदी पर बनें पुराने पुल के ऊपर से नर्मदा नदी में छलांग लगाते हैं। यह खतरनाक हो सकता है और इस तरह का स्टंट नहीं करना चाहिए। यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

बरसात में यहां पर बाढ जैसे माहौल बन जाता है और पूरा पानी से घाट और  मंदिर वगैरह सब जलमग्न हो जाते हैं।


Tilwara Ghat - The beautiful ghat of the Narmada River.

          तिलवारा घाट में स्थित से भगवान जी का शिवलिंग 

नर्मदा नदी के तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) में बहुत ही खूबसूरत मूर्तियां आपको देखने मिल जाते हैं। यहां पर नर्मदा नदी के किनारे अलग-अलग शिवलिंग रखे गए हैं। जहां पर आप शंकर जी के दर्शन और उनकी पूजा कर सकते हैं। 

यहां पर आप पिकनिक मनाने आ सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्त लोगों के साथ आ सकते हैं। यह अच्छी जगह है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) जबलपुर में स्थित सबसे अच्छी घूमने वाली जगह में से एक है। तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) में आप असानी से आ सकते है। यहां पर आप अपने गाड़ी से आ सकते हैं। आप यहां पर आटो से भी आ सकते है। तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) जबलपुर से करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर होगा। आप तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) पर बरगी हिल्स वाली रोड से जा सकते हैं या आप चाहे तो मेडिकल रोड से भी जा सकते हैं। दोनों रोड से आप तिलवारा घाट (Tilwara Ghat) तक पहुंच सकते हैं और दोनों रोड अच्छी है पक्की रोड है। 

यहां पर घाट के पास दुकानें भी लगी रहती है। आप नर्मदा मैया को प्रसाद वगैरह चढ़ा सकते हैं। मगर मेरे हिसाब से आपको नर्मदा मैया में किसी भी तरह का प्रसाद वगैरह नहीं चढ़ाना चाहिए। आप अगर प्रसाद वगैरह लेते हैं, तो उसे गरीबों में बांट देना चाहिए। क्योंकि आपको पता है कि नर्मदा माई हमारे द्वारा डाले गए प्रसाद के कारण और दीप दान के कारण गंदी होती है, इसलिए आप नर्मदा नदी पर कचडा न डालें। 


अगर यह लेख अच्छा लगा हो तो ले कुछ शेयर जरूर करें और अगर आप इस घाट में आए हो तो अपने विचार हम से सांझा जरूर करें। 

आपने अपना समय दिया उसके लिए धन्यवाद।


Balancing Rock Jabalpur - बैलेंसिंग रॉक जबलपुर

Balancing Rock Jabalpur
बैलेंसिंग रॉक जबलपुर


जबलपुर शहर आश्चर्य से भर हुआ है। आज हम ऐसे ही एक जगह के बारे में बात करने वाले है। जबलपुर में एक ऐसी आश्चर्यजनक जगह है। जहां पर आप कह सकते हैं कि गुरुत्वाकर्षण बल काम नहीं करता है। हां जी आप समझ गये होगे मै कहा की बात कर रही हूॅ। मै बैलेंसिंग रॉक (Balancing Rock) की बात कर रही हूॅ। यहां पर एक चट्टान दूसरी चट्टान के उपर एक अदुभ्त अवस्था में रखी हुई है जिसे देखकर सभी को आरचर्य होता है।

बैलेंसिंग रॉक (Balancing Rock) में एक बडी चट्टान दूसरी चट्टान के ऊपर इस अवस्था में रखी हुई है कि वह नीचे गिरने वाली है, ऐसा लगता है, मगर वह अभी तक गिर नहीं। इस चट्टान को भूकम्प भी नहीं हिल सका है। 1997 को भारत में जोरदार भूकंप आया था। मगर इस चटटान को कुछ नहीं हुआ है और ये अभी तक खडी हुई है। इन दोनों चटटानों में ऐसा सतुंलन है कि यह एक दूसरे के उपर टिकी हुई है। 


Balancing Rock Jabalpur - बैलेंसिंग रॉक जबलपुर

बैलेंसिंग रॉक जबलपुर 

बैलेंसिंग रॉक कहाँ स्थित है

Where is the balancing rock located


बैलेंसिंग रॉक (Balancing Rock) को लोग दूर दूर से देखने आते हैं। आप भी इस चट्टान को देखने जा सकते हैं। यह चट्टान जबलपुर जिले के मदन महल क्षेत्र में रखी गई है। जबलपुर मध्य प्रदेश का एक जिला है। जबलपुर को संस्कृत संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है। जबलपुर में यह एक प्रकृति का उपहार है कि यहां पर इतनी खूबसूरती से चट्टान एक दूसरे के ऊपर रखी हुई है। यहां पर और भी जगह है आपके देखने के लिए है। आप यहां पर रानी दुर्गावती का किला देख सकते हैं। उसके अलावा यहां पर शारदा माता जी का मंदिर है। वह भी देख सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए आप मेडिकल रोड से आ सकते हैं या आप गुप्तेश्वर रोड से भी बैलेंसिंग रॉक तक पहुंच सकते हैं। 

 बैलेंस रॉक (जबलपुर) की पूरी जानकारी
Complete information of Balance Rock (Jabalpur)


यहां पर एक गार्डन बना हुआ है। गार्डन में बहुत सारी चट्टाने रखी हुई है।  बैलेंस रॉक (Balancing Rock) भी आपको यहां पर देखने मिलता है। गार्डन में उतनी ज्यादा देखरेख नहीं होती है। मगर यहां पर एक चैकीदार हमेशा ही तैनात रहता है क्योंकि यहां पर कुछ असामाजिक तत्व इस खूबसूरत चट्टान की छेड़छाड़ करते हैं और इसे गिराने की कोशिश करते हैं। इस चट्टान पर चढ़ जाते हैं। अगर आप इन्टरनेट में सर्च करेंगे तो आपको बहुत से लोग इस तरह के देखने मिलते हैं। जो इस चट्टान के ऊपर चढ़ गए हैं। लोगों ने इस चटटान के उपर  चढ़कर फोटो खिचाया है और नेट में अपलोड किया है। तो इसलिए यहां पर एक चैकीदार हमेशा तैनात रहता है और वह इसकी देखभाल करता है। इसके अलावा यह जो गार्डन बनाया हुआ है, यह चारों तरफ से बाउंड्री वॉल से घिरा हुआ है। यह गार्डन मेन रोड में ही स्थित है। यहां ज्यादा बडे क्षेत्र में नही फैला हुआ है। आधा एकड में फैला होगा। आप अपनी गाड़ी से आते हैं तो गार्डन के बाहर गाड़ी खड़ी करके। गार्डन में प्रवेश कर सकते है। ये गार्डन मेन रोड में ही स्थित है। गेट के बाजू में ही एक बोर्ड लगा हुआ है जिसमें बैलेंसिंग रॉक (Balancing Rock) के बारे में जानकारी लिखी गई है। आप जानकारी पढ़ सकते हैं जिससे आपको इसके बारे में और अधिक जान सके। आप गार्डन के अंदर जाते हैं, तो आपके अंदर बैठने की व्यवस्था है। आप यहां बैठकर कुछ टाइम को इस चटटान को देख सकते हैं और कुदरत के नमूने की तारीफ कर सकते हैं।  यहां पर आपको और भी जगह घूमने मिल जाएगी यहां पर रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) है और यहां पर शारदा माता जी का मंदिर (Temple of Sharda Mata) है जिसमें नवरात्रि के टाइम में बहुत ज्यादा भीड़ होती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है बहुत शांत रहता है यहां का वातावरण। यहां पर लोग आते ही रहते हैं भीड़ भाड़ बनी रहती है। आप भी आकर यहां पर घूम सकते हैं। बैलेंस रॉक (Balancing Rock) के पास ही में तक्षशिला इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी काॅलेज और माउंट लीटर जी विद्यालय स्थित है। यहां पर एंट्री फ्री है। किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाता है। ना ही पार्किंग का और ना ही गार्डन में एंटर करने का।

बैलेंस रॉक (Balancing Rock) में आप अपने फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर बैलेंस राॅक (Balancing Rock) के अलावा भी बहुत सारी जगह है, जैसे यहां पर शारदा माता जी का मंदिर (Temple of Sharda Mata) है, जो बहुत शांत जगह है और शांति मिलती है बहुत ज्यादा यहां पर। इसके अलावा यहां पर रानी दुर्गावती जी का महल (Rani Durgavati Fort) है या मदन महल किला (Madan Mahal Fort) है। मदन महल किला (Madan Mahal Fort) एक ऐतिहासिक किला है और यह जो किला है वह आपको देखकर बहुत अच्छा लगेगा यह किला एक चट्टान पर बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक है तो आप यहां पर आकर इन जगहों को देख सकते हैं। आप यहां पर अपना एक दिन बहुत अच्छे से बिता सकते हैं। 1 दिन गुजारने के लिए यह जगह बहुत पर्फेक्ट है। आप यहां पर पिकनिक मानने आ सकते है। 

आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो आप लोग शेयर कीजिएगा इसे और अगर आप जबलपुर आए हो कभी भी अपने अनुभव हमसे जरूर सांझा करें धन्यवाद अपना समय देने के लिए


Paat Baba Temple, Jabalpur - पाठ बाबा मंदिर, जबलपुर

Famous Hanuman Temple of Paat Baba Temple Jabalpur.
पाठ बाबा मंदिर - जबलपुर का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर


जबलपुर (Jabalpur) एक प्रसिद्ध शहर है। जबलपुर (Jabalpur)  मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध जिला है। जबलपुर में आपको बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने मिलते है। हम आज एक जबलपुर (Jabalpur) में स्थित एक बहुत खूबसूरत मंदिर की बात करने वाले है। आप इस जगह पर जाकर अपना बहुत अच्छा टाइम बता सकते हैं। आज हम आपको लेकर चल रहे हैं  पाठ बाबा मंदिर (Paat Baba Temple)

Paat Baba Temple, Jabalpur - पाठ बाबा मंदिर, जबलपुर


हनुमान जी का मंदिर 


पाठ बाबा मंदिर (Paat Baba Temple) बहुत खूबसूरत मंदिर है। यहां का वातावरण है बहुत बढ़िया वातावरण है। यहां पर चारों तरफ ऊंचे ऊंचे पहाड़ हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर है, जो बहुत फेमस है। 

यह मंदिर जिस एरिया में स्थित है। वह पूरा मिलेट्री एरिया लगता है। पाठ बाबा मंदिर (Paat Baba Temple) का वातावरण शांत है। यहां पर आपको बहुत शांति मिलती है, क्योंकि यहां पर किसी भी तरह का शोर-शराबा नहीं रहता है। मंदिर जाने का रास्ता और मंदिर बहुत अच्छी तरह से साफ सुथरा है। 

पाठ बाबा मंदिर (Paat Baba Temple) पहुंचने के लिए आपको घमापुर के आगे आना पड़ता है। घमापुर के आगे सतपुला बाजार पड़ता है। सतपुला बाजार से आपको आगे आना पड़ता है। आपको यहां पर गन कैरिज फैक्ट्री देखने मिलती है। इस  फैक्ट्री से आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको मंदिर जाने का रास्ता दिखाई देगा। मंदिर जाने के लिए रास्ते में ही मंदिर का प्रवेश द्वार बनाया गया है। इस प्रवेश द्वार से होते हुए आप मंदिर जा सकते है। यहां पर जो रास्ता है वहां चढाई वाला रास्ता होता है।   

Paat Baba Temple, Jabalpur - पाठ बाबा मंदिर, जबलपुर

मंदिर का प्रवेश द्वार 


आप मंदिर तक पहुंच जाते हैं। यहां पर पार्किंग के लिए बहुत बड़ा स्पेस दिया गया है। अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। उसके बाद आप मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहुंचते है। तो मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर आपको हनुमान जी की एक बहुत ही अद्भुत प्रतिमा देखने मिलती है, जो दीवार पर उकेरी गई है। यह पेंटिंग बहुत अच्छी लगती है। मंदिर परिसर में अंदर जाने के लिए लोहे का गेट है। लोहे के गेट को बंद ही रखा जाता है। लोहे के गेट के के बाजू में जो छोटा गेट है। उसे खोला जाता है भक्तों के अंदर जाने के लिए।

Paat Baba Temple, Jabalpur - पाठ बाबा मंदिर, जबलपुर

मंदिर परिसर का प्रवेश द्वार 

पाठ बाबा मंदिर (Paat Baba Temple) में आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। क्योंकि यहां पर बहुत शांति है। इस मंदिर में भगवान हनुमान जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा है। इसके अलावा यहां पर यह जो मंदिर है। वह बहुत बड़े क्षेत्र फैला हुआ है।  मंदिर परिसर में हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है और हनुमान जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा है। मंदिर परिसर में इसके अलावा दुर्गा जी का मंदिर भी बना हुआ है और दुर्गा जी की बहुत खूबसूरत विद्मान है। परिसर में शंकर जी का शिवलिंग भी स्थापित है। उनके लिए अलग मंदिर बना हुआ है। 

पाठ बाबा मंदिर (Paat Baba Temple) में बच्चों के खेलने के लिए आपको एक छोटा सा प्ले गांउड देखने मिल जाता है। जिसमें बच्चों के लिए झूले एवं फसलपटटी बनी हुई है। इसके अलावा मंदिर परिसर में बैठने की अच्छी व्यवस्था भी है। यहां पर चेयर बना हुआ है। आप मंदिर में कुछ टाइम बैठ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 

Paat Baba Temple, Jabalpur - पाठ बाबा मंदिर, जबलपुर

मंदिर परिसर  


आप पाठ बाबा मंदिर (Paat Baba Temple) में जाते हैं, तो बाहर आपको दुकाने देखने मिलती है। यहां पर ज्यादा दुकान नहीं है। दो ही दुकानें थी जब हम गए थें। जहां पर हनुमान जी को चढ़ाने के लिए प्रसाद और अगरबत्ती मिल जाती है। यहां पर हुनमान जी को अर्पण करने के लिए लडडू भी मिलते है। आप प्रसाद लेकर मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं। आप अंदर प्रवेश करते हैं। आप मंदिर में प्रवेश करते है तो उस रास्ते के दोनों तरफ आपको नारंगी रंग के झंडे देखने मिलते है। आपको चप्पल उतार के रखने के लिए स्टैड दिखता है। आप अपनी चप्पल को स्टैंड में रखकर आप पैर धोकर मुख्य हनुमान मंदिर में जा सकते हैं और हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर पूरे मंदिर में टाइल्स लगी हुई है। मंदिर परिसर में बगीचा भी है। जहां पर तरह तरह के पेड लगें हुए है। मंदिर में आपको लाइब्रेरी भी देखने मिलती है। लाइब्रेरी में पुस्तकों का संग्रह है।   आप किताबें पढ़ सकते हैं। इसके लिए शायद मेंबरशिप लेनी पड़ती होगी। अगर आप पुस्तक पढ़ने के शौकीन हैं। आप यहां पर आकर शांत माहौल में पुस्तक पढ़ने का अपना शौक पूरा कर सकते हैं। यहां पर आकर हम लोगों को बहुत अच्छा लगा था। यहां पर शांत माहौल था और बहुत सारे लोग यहां पर शाम को आते हैं। भगवान जी के दर्शन करते हैं। यहां पर सतपुला की बाजार भी भर्ती है, तो आप यहां से बाजार करते हुए अपने घर जा सकते हैं। बाकी यहां पर आपका मन बहुत शांत होता है और बहुत अच्छा लगता है।

यह बहुत आध्यात्मिक जगह है। मंदिर परिसर के चारों ओर जंगल है जिससे यहां पर मोर और बंदर आपको देखने मिलते है। यह पहाड़ी है। मंदिर का प्रबंधन बहुत अच्छा है। सभी चीजों की सुविधा यहां पर मौजूद है। मंदिर में कचरा न फैलाने के लिए नेाटिस बोर्ड लगा हुआ है और यहां पर डिस्टबिन भी रखा हुआ है। आप मंदिर में अपने परिवार और दोस्तों के साथ आ सकते है। 

हम लोग इस मंदिर में गए थे। इस मंदिर में बहुत सारे कुत्ते थे। जो शायद यहां पर रहते होगें। हम लोग को जानवर से बहुत पसंद है। तो हम लोगों ने उन्हें बिस्किट खिलाई। आप भी जानवरों को पसंद करते हैं तो आप उन्हें खाना देकर उनकी मदद कर सकते हैं। हम सब लोगों को जानवरों से प्यार करना ही चाहिए क्योंकि वह बहुत प्यारे होते हैं और वफादार होते हैं।

हम अपना लेख यहीं पर समाप्त करते हैं। आपको लेख पसंद आया होगा तो आप इस लेख को जरूर शेयर और अपने अनुभव हम से बाॅटे।

अपना समय देने के लिए धन्यवाद।