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छतरपुर पर्यटन स्थल - Chhatarpur tourist places

छतरपुर के दर्शनीय स्थल - Places to visit in chhatarpur | Chhatarpur tourism



छतरपुर में घूमने की जगह


खजुराहो  छतरपुर  - Khajuraho Chhatarpur

खजुराहो मध्य प्रदेश में स्थित एक विश्व प्रसिद्ध स्थल है। खजुराहो में आपको पुराने मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही भव्य हैं। खजुराहो की मूर्तिकला भी बहुत ही अद्भुत है। खजुराहो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। खजुराहो में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो प्राचीन है। खुजराहो में 100 से भी ज्यादा पुराने मंदिर थे, जिसमें से अब कुछ ही मंदिर बचे हुए हैं, जो अच्छी अवस्था में है। यहां पर सबसे प्रसिद्ध मंदिर कंदरिया महादेव मंदिर है। इस मंदिर के गर्भ गृह में आपको महादेव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर खजुराहो में स्थित सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। इसके अलावा भी खजुराहो में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको वाराह मंदिर, विश्वनाथ मंदिर चित्रगुप्त मंदिर जैसे अन्य प्रसिद्ध मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर चैसठ योगिनी माता का मंदिर भी है, जिसमें 64 मंदिर आपको देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर भी खंडार अवस्था में यहां पर मौजूद है। इसके अलावा यहां पर आपको शिवसागर झील भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन समय की है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और अपने इतिहास के बारे में जानकर आपको अच्छा महसूस होगा। खजुराहो में आपको संग्रहालय भी देखने के लिए मिलते हैं, जहां पर आपको प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिलता है। 


रानेह जल प्रपात  छतरपुर  - Raneh waterfall Chhatarpur

रानेह जल प्रपात छतरपुर के पास में स्थित सबसे अच्छा स्थान है।  यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आपको चट्टानों की श्रंखला देखने के लिए मिलती है, जो करीब 5 किलोमीटर तक में फैली हुई है। यहां पर केन नदी बहती है, इसमें बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात बनता है। इस जलप्रपात को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर जो चट्टाने है। वह बहुत ही खूबसूरत है। यह चट्टाने आपको गुलाबी, लाल रंग में देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यह चट्टानें ज्वालामुखी विस्फोट से बनी हुई है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। रनेह जलप्रपात छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रनेह जलप्रपात खुजराहो से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। आपको जलप्रपात में अंदर जाने के लिए टिकट लेनी पड़ती है। 


कुटनी बांध  छतरपुर  - Kutni Dam Chhatarpur

कुटनी बांध छतरपुर के पास में स्थित एक अच्छी जगह है। यह एक अच्छा पिकनिक स्थल है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। कुटनी बांध कुटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर एमपी टूरिज्म का एक गेस्ट हाउस में बना हुआ है, जहां पर आपको रुकने के लिए और खाने पीने की व्यवस्था है। यह बांध बहुत खूबसूरत है और आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बांध छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप गाड़ी से इस बांध तक पहुंच सकते हैं। 


बेनीसागर जलाशय  छतरपुर  - Benisagar reservoir Chhatarpur

बेनीसागर जलाशय छतरपुर के पास में स्थित एक अच्छी जगह है। आप जब भी खजुराहो घूमने के लिए जाते हैं, तो आप बेनीसागर जलाशय भी घूमने के लिए जा सकते हैं। आपको यहां से खूबसूरत सूर्यास्त का नजारा देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आप अच्छी फोटो भी खींच सकते हैं। 


रंगुवान बांध  छतरपुर  - Ranguwan Dam Chhatarpur

रंगुवान बांध छतरपुर शहर में स्थित घूमने के लिए एक अच्छी जगह है।  यह एक बहुत बड़ा जलाशय है और यह बांध मुख्य तौर पर सिंचाई के उद्देश्य बनाया गया है। यह बांध 1957 में बनाया गया है। यह बांध छतरपुर जिले के रंगुवान गांव में स्थित है। यहां पर आप आकर अपना समय बिता सकते हैं। 


हनुमान टोरिया  छतरपुर  - Hanuman Toriya Chhatarpur

हनुमान टोरिया छतरपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर है। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही खूबसूरत प्रतिमा आपको देखने के लिए मिलती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर हनुमान जी के मंदिर के अलावा आपको राम जी का मंदिर, साईं बाबा जी का मंदिर और शिव भगवान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलेगा। यहां से आपको छतरपुर शहर का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए भी मिल जाता है। 


फूला देवी मंदिर छतरपुर - Phula Devi Temple Chhatarpur

फूला देवी मंदिर छतरपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर नवरात्रि में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर खूबसूरत गार्डन है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और शांति का अनुभव कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। मंदिर में आपको शेष नाग जी की और हनुमान जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। 


पितांबरा मंदिर छतरपुर - Pitambra Temple Chhatarpur

पितांबरा मंदिर छतरपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आकर आपको माता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। कहा जाता है, कि इस मंदिर में आकर लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नवरात्रि के समय लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


महाराजा छत्रसाल संग्रहालय  छतरपुर - Maharaja Chhatrasal Museum Chhatarpur

महाराजा छत्रसाल पुरातत्व संग्रहालय छतरपुर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह संग्रहालय धुबेला झील के पास में स्थित है। यह संग्रहालय झांसी हाईवे रोड में स्थित है। आप यहां पर आकर पुरानी वस्तुओं का संग्रह देख सकते हैं। यहां पर 8 गैलरी है, जहां पर आपको अलग-अलग प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर आप राजा के वस्त्र देख सकते हैं। पुरानी नक्काशी दार मूर्तियां देख सकते हैं। शिव लिंग देख सकते हैं और पुराने हथियार भी देख सकते हैं। यहां पर मस्तानी महल भी बना हुआ है, वह भी आप देख सकते हैं। यहां का एंट्री टिकट 20 रू है और विदेशियों के लिए 200 रू हैं। यहां पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का अलग चार्ज लिया जाता है। इस संग्रहालय का उद्घाटन 1955 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा किया गया था। 


धुबेला झील छतरपुर - Dhubela Lake Chhatarpur

धुबेला झील छतरपुर में मऊ सहानिया के पास में स्थित एक खूबसूरत झील है। आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। यह झील बहुत बड़ी है और बहुत सुंदर लगती है। 


हृदय शाह का महल छतरपुर - Hriday Shah's Palace Chhatarpur

हृदय शाह का महल छतरपुर में स्थित एक प्राचीन महल है। यह महल महाराजा छत्रसाल संग्रहालय के पास में स्थित है। यह महल बुंदेला वास्तुकला में बनाया गया है। यह महल बहुत खूबसूरत है। इस महल में आपको गुंबद और गेट देखने के लिए मिल जाएगा। यह महल दो मंजिला है। 

 

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर -  Mahaaraaja chhatrasal ki samadhi chhatarpur

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर में मऊ सानिया के पास में स्थित है। आपको यहां पर एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलती है। इस इमारत में एक बहुत बड़ा गुंबद है और इमारत के चारों तरफ आपको छोटे-छोटे 10 गुंबद देखने के लिए मिलते हैं। यह इमारत बहुत खूबसूरत लगती है। 

 

शीतल गढ़ी छतरपुर -  Sheetal Garhi Chhatarpur

शीतल गढ़ी छतरपुर में स्थित एक प्राचीन इमारत है। यह एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है।  प्राचीन समय में इस गढ़ी का निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचाई पर करवाया गया था। इस इमारत का निर्माण दीवान कीरत सिंह, जो महाराजा छत्रसाल के नाती एवं द्वितीय पुत्र जगत राज के पुत्र थे, उन्होंने करवाया था। यह 2 मंजिला इमारत है। अभी यह इमारत खंडहर अवस्था में है। आप यहां पर आकर इस इमारत की खूबसूरती को देख सकते हैं। 


श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर महेवा छतरपुर - Shri Krishna Pranami Temple Maheva Chhatarpur 

श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर छतरपुर में महेवा में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है और प्राचीन स्थल भी है। इस स्थान पर महाराज छत्रसाल के आध्यात्मिक गुरु स्वामी प्राणनाथ ने एक सभा ली थी। इस मंदिर का निर्माण सन 1729 में महाराजा छत्रसाल द्वारा किया गया था। 


भीमकुंड मंदिर समूह छतरपुर -  Bhimkund Temple Group Chhatarpur

भीमकुंड मंदिर समूह छतरपुर में स्थित प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर 13वीं 14वीं शताब्दी के हैं। आप यहां आते हैं, तो आपको पत्थर के बने हुए मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर के सामने आपको बावड़ी भी देखने के लिए मिल जाएगी। 


शनि मंदिर छतरपुर - Shani Temple Chhatarpur

शनि मंदिर छतरपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक प्राचीन स्थल है। यह मंदिर छतरपुर से नौगांव के बीच मऊ सानिया में जगतसागर तालाब के बीचो बीच में स्थित है। यह मंदिर अति प्राचीन है और यहां पर आपको शनि भगवान जी की नौ रूपों की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर शनिचरी अमावस्या को बहुत सारे कार्यक्रम किए जाते हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। शनिवार को यहां पर बहुत सारे लोग शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। बरसात के समय में जगतसागर तालाब में बहुत ज्यादा पानी भर जाता है, जिससे यह शनि मंदिर भी डूब जाता है। 


बिहारी जू मंदिर छतरपुर - Bihari joo Temple Chhatarpur

बिहारी जू मंदिर छतरपुर में जगत सागर तालाब के पास में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा छत्रसाल के द्वारा किया गया था। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है। 


गौरैया माता का मंदिर छतरपुर - Gauraiya mata ka mandir chhatarpur

गौरैया माता का मंदिर छतरपुर में मऊ सहानिया में स्थित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप माताजी के दर्शन कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर मऊ सानिया का खूबसूरत नाजरा देखने के लिए मिल जाता है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का भी बहुत खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। 


पहाड़ी बांध छतरपुर - Pahadi bandh chhatarpur

पहाड़ी बांध छतरपुर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह एक जलाशय है। यह एक बहुत बड़ा जलाशय है और बहुत सुंदर लगता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जलाशय धसन नदी पर बना हुआ है। 


चौधरी चरण सिंह लहचूरा बांध छतरपुर - Chaudhary Charan Singh Lahchura Dam Chhatarpur

चैधरी चरण सिंह लहचूरा बांध छतरपुर शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय धसन नदी पर बना हुआ है। यह जलाशय बहुत सुंदर है। यहां पर बहुत सारे आपको सेल्फी प्वाइंट देखने के लिए मिलते हैं, जहां से आप सुंदर तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। 


कमला पंत की समाधि मऊ सहानिया, छतरपुर (Kamala Pant's Samadhi Mau Sahania, Chhatarpur)

बादल महल मऊ सहानिया, छतरपुर (Badal Mahal Mau Sahania, Chhatarpur)

महेवा गेट मऊ सहानिया, छतरपुर (Maheva Gate Mau Sahania, Chhatarpur)

बेरछा रानी का मकबरा मऊ सहानिया, छतरपुर (Bercha Rani's Tomb Mau Sahania, Chhatarpur

सवाई सिंह का मकबरा मऊ सहानिया, छतरपुर (Sawai Singh's Tomb Mau Sahania, Chhatarpur)

चौसठ योगिनी मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Chausath Yogini Temple Mau Sahania, Chhatarpur)

गणेश मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Ganesh Temple Mau Sahania, Chhatarpur

नाग मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Nag Mandir Mau Sahania, Chhatarpur)

कबीर आश्रम मऊ सहानिया, छतरपुर (Kabir Ashram Mau Sahania, Chhatarpur)

सूर्य मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Sun Temple Mau Sahania, Chhatarpur)

मुखर्जी पार्क छतरपुर (Mukherjee Park Chhatarpur)

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क छतरपुर (Pandit Deendayal Upadhyay Park Chhatarpur)

गुरूनानक पार्क छतरपुर (Gurunanak Park Chhatarpur)


मंडला जिले के पर्यटन स्थल

बालाघाट पर्यटन स्थल

बैतूल पर्यटन स्थल

दमोह जिले के पर्यटन स्थल


भिंड पर्यटन स्थल - Tourist places near Bhind

भिंड के दर्शनीय स्थल - Best places to visit in Bhind | Bhind sightseeing | भिंड शहर


भिंड में घूमने की जगहें
Places to visit in Bhind


वनखंडेश्वर मंदिर भिंड - Vankhandeshwar Temple Bhind 

वनखंडेश्वर मंदिर  भिंड शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। वनखंडेश्वर मंदिर भिंड शहर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है। यह मंदिर गौरी तालाब के पास में स्थित है। गौरी तालाब भिंड शहर में स्थित एक खूबसूरत झील है। वनखंडेश्वर मंदिर का निर्माण राजा पृथ्वीराज चौहान के समय में किया गया था। इस मंदिर में अखंड ज्योत जलाई गई है, जो प्राचीन समय से अभी तक जल रही है। इस मंदिर में सोमवार के दिन बहुत भीड़ लगती है। श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए यहां पर आते हैं। यहां पर सोमवार के दिन महाआरती भी होती है। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार की समय बहुत बड़े मेले का भी आयोजन किया जाता है। 


गौरी तालाब भिंड - Gauri Talab Bhind

गौरी तालाब भिंड शहर में स्थित एक झील है। गौरी तालाब भिंड शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। गौरी तालाब के आसपास बहुत सारे मंदिर है, जिनमें आप जाकर घूम सकते हैं और आपको वहां पर शांति मिलेगी।  गौरी तालाब के पास में गौरी लेक पार्क स्थित है। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां से आप सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। 


भिंड का किला या जिला पुरातत्व संग्रहालय भिंड - Bhind Fort or District Archaeological Museum Bhind

भिंड का किला भिंड शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले को संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है। किले में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला ऊंचाई में स्थित है, जिससे पूरे भिंड शहर के दृश्य को आप देख सकते हैं। इस किले को जिला पुरातत्व संग्रहालय भी कहा जाता है। आप यहां पर आकर भिंड के इतिहास के बारे में जान सकते हैं। 


नक्षत्र वाटिका भिंड - Nakshatra Vatika Bhind

नक्षत्र वाटिका भिंड शहर में स्थित एक खूबसूरत पार्क है। यहां पर आपको तरह तरह के पेड़ पौधे देखने के लिए मिल जाते हैं। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है। आप यहां पर मॉर्निंग वॉक के लिए आ सकते हैं। यह पार्क मुख्य भिंड शहर में ही स्थित है। 


गोहद का किला भिंड - Gohad Fort Bhind

गोहद का किला भिंड शहर के पास में गोहद नाम की जगह में स्थित है। यह एक प्राचीन किला है। यह किला बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले के अंदर आपको किलेबंदी, मीनारें, तालाब एवं मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। इस किले का निर्माण 1505 में जाट शासक राणा सिंघम देव द्वितीय ने कराया था। इस किले के पास में वैशाली नदी बहती है। यहां पर वैशाली नदी गोलाकार आकार में बहती है। किले के अंदर आपको बहुत सारी इमारतें देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको शीश महल, और रानी बाग देखने के लिए मिल जाएगा। 


गोहद बांध भिंड - Gohad Dam Bhind

गोहद बांध एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय भिंड जिले के पास में स्थित गोहद नाम के स्थान पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय गोहद जलाशय से पानी ओवरफ्लो होता है और बहता है, तो ऐसा लगता है। जैसे झरना बह रहा है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


चंबल वैली भिंड - Chambal Valley Bhind

चंबल नदी भिंड शहर के पास से गुजरती है।  चंबल नदी भारत देश की सबसे शुद्ध नदी है। चंबल नदी में किसी भी तरह का कोई भी प्रदूषण नहीं होता है, क्योंकि इस नदी के लिए किसी भी तरह की कथाएं प्रसिद्ध नहीं है। इस नदी के किनारे ना ही धार्मिक स्थल है और ना ही किसी भी तरह का धार्मिक कार्य किया जाता है। इसलिए यह नदी प्रदूषण मुक्त है। चंबल नदी का ज्यादातर हिस्सा भी बीहड़ है। आप चंबल वैली में बर्डवाचिंग कर सकते हैं। यहां पर आपको देशी और विदेशी पक्षियों की भरमार देखने के लिए मिल जाएगी। इसके अलावा चंबल नदी में मगरमच्छ देख सकते हैं। ठंड के समय मगरमच्छ नदियों के किनारे आराम करते हुए देखने के लिए आपको मिल जाएंगे। यहां चंबल नदी का जो एरिया है, वह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर चंबल वैली का लुफ्त उठा सकते हैं। 


श्री परमहंस आश्रम समन्ना भिंड - Sri Paramahams Ashram Samanna Bhind

श्री परमहंस आश्रम भिंड से इटावा जाने वाले रास्ते में पड़ता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत शांति मिलेगी। यहां पर आप गुरु जी के दर्शन कर सकते हैं। 


महामृत्युंजय जैन तीर्थ भिंड - Mahamrityunjaya Jain Tirtha Bhind

महामृत्युंजय जैन तीर्थ भिंड शहर के पास चंबल नदी के किनारे पर स्थित है। यह स्थल एक जैन तीर्थ स्थल है। आप यहां पर आ कर इस मंदिर को देख सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। यह मंदिर भिंड से इटावा आने वाले रास्ते में पड़ता है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी।

 

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड - Temple of Shri Ratangarh Mata Bhind

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड जिले के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक बहुत अच्छी एवं धार्मिक जगह है। यह जगह जंगल के बीच में स्थित है। यहां पर माता का मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। पहाड़ी से चारों तरफ का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखता है। सोमवार के दिन यहां पर मेला लगता है, जिसमें आसपास के लोकल लोगों के द्वारा मेला लगाया जाता है।  यहां पर नवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह भिंड शहर से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 


कन्हरगढ़ का किला स्योंधा भिंड - The fort of Kanhargarh is Sayondha Bhind 

कन्हार गढ़ का किला भिंड शहर के पास में स्थित एक प्राचीन किला है। यह किला सिंध नदी के पास में स्थित है। यह किला स्योंधा में स्थित है। स्योंधा भिंड से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।


संकुआ कुंड स्योंधा भिंड - Sankua Kund Sayondha Bhind

संकुआ कुंड सिंध नदी पर स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यहां पर आपको एक खूबसूरत कुंड देखने के लिए मिलता है। यहां पर सिंध नदी पर एक झरना देखने मिलता है। यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है। आप यहां पर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। संकुआ कुंड भिंड शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्योंधा में स्थित है। 


कालका माता का मंदिर भिंड - Kalka Mata Temple Bhind

कालका माता का मंदिर भिंड शहर के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सिंध नदी के किनारे स्थित हैं। मंदिर से आपको सिंध नदी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर कालका माता जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी।


झांसी के दर्शनीय स्थल

ग्वालियर पर्यटन स्थल

मुरैना दर्शनीय स्थल

जबलपुर पर्यटन स्थल


होशंगाबाद पर्यटन स्थल - Hoshangabad tourist places in hindi

होशंगाबाद दर्शनीय स्थल - Tourist places near Hoshangabad | Hoshangabad picnic spot



होशंगाबाद में घूमने की जगह 


सेठानी घाट होशंगाबाद - Sethani Ghat Hoshangabad

सेठानी घाट होशंगाबाद का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। यह घाट बहुत बड़ा घाट है। यह भारत में स्थित सबसे बड़े घाटों में से एक है। इस घाट में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। आप इस घाट में नहाने का मजा भी ले सकते हैं। नर्मदा जयंती के समय हजारों की संख्या में लोग यहां आते हैं। यहां का दृश्य नर्मदा जयंती के समय देखते ही बनता है। सेठानी घाट का निर्माण जयंतीबाई  सेठानी ने किया था। इसलिए इस घाट को सेठानी घाट के नाम से जाना जाता है। यहां सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप सेठानी घाट में बैठकर नर्मदा नदी का खूबसूरत दृश्य इंजॉय कर सकते हैं। 


होशंग शाह का किला होशंगाबाद - Hoshang Shah's Fort Hoshangabad

होशंग शाह का किला होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यहां पर आपको एक पुराना खंडहर किला देखने के लिए मिलता है। होशंगाबाद शहर का नाम भी होशंग शाह राजा के नाम पर रखा गया है। इस के पास में ही एक पार्क आपको देखने के लिए मिलता है। पार्क में आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। आप इस किले में आकर घूम सकते हैं। किले के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। आपको इस जगह में आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


बांद्राभान - नर्मदा और तवा नदी का संगम स्थल होशंगाबाद -  Bandrabhan - the confluence of the Narmada and Tawa rivers, Hoshangabad

बांद्राभान होशंगाबाद शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। बांद्राभान होशंगाबाद से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह पर नर्मदा नदी और तवा नदी का संगम हुआ है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर आप आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां से आपको सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर रेत के बड़े-बड़े मैदान हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां पर साल में एक बार मेला भी लगता है। आप उस मेले में आकर आनंद उठा सकते हैं। 


आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद - Admgarh hills Hoshangabad

आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको रॉक शेल्टर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आदिमानव प्राचीन समय में रहा करते थे। उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग आप देख सकते हैं। यहां पर आप बहुत सारी पेंटिंग देख सकते हैं। यहां पर हिरण, शेर, सूअर, मानव की नृत्य  करते हुए एवं शिकार करते हुए पेंटिंग बनाई गई है। आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जगह होशंगाबाद के दक्षिणी सिरे में स्थित है। आप यहां पर आ सकते हैं और इस जगह को घूम सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर ज्यादा अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। 


हिंगलाज देवी मंदिर होशंगाबाद - Hinglaj Devi Temple Hoshangabad

हिंगलाज देवी का मंदिर होशंगाबाद में नर्मदा नदी के किनारे में स्थित है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर चारों तरफ से हरियाली से घिरा हुआ है और नर्मदा नदी का शानदार दृश्य आपको यहां पर देखने के लिए मिलता है। मंदिर में आपको माता हिंगलाज के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप शंकर जी के दर्शन भी कर सकते हैं। यहां आकर आप अपना समय शांति से बिता सकते हैं। यह मंदिर नर्मदा हाईवे ब्रिज के पास में है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। 


श्री जगदीश मंदिर होशंगाबाद - Shri Jagdish Temple Hoshangabad

श्री जगदीश मंदिर होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है, तो आप नर्मदा नदी का खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है। आप यहां पर आ कर मन को शांत कर सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में रुकने की व्यवस्था है। अगर आप कहीं बाहर से आते हैं, तो मंदिर में धर्मशाला है। आप वहां पर रुक सकते हैं। 


पर्यटन घाट होशंगाबाद - Paryatan ghat hoshangabad

पर्यटन घाट होशंगाबाद में स्थित नर्मदा नदी के किनारे पर बना हुआ एक सुंदर घाट है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह घाट एमपी टूरिज्म के द्वारा बनाया गया है। इस घाट को बहुत खूबसूरती से सजाया गया है। आप यहां पर बहुत सारी कलाकृतियां देख सकते हैंए जो एमपी टूरिज्म के द्वारा बनाई गई है। आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


हर्बल पार्क होशंगाबाद - Herbal Park Hoshangabad

हर्बल पार्क होशंगाबाद शहर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। मगर यह पार्क अच्छी तरह से मेंटेन नहीं है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि चारों तरफ हरियाली होती है। यहां पर आप मोर भी देख सकते हैं। यहां पर जोगिंग करने के लिए रोड बनी हुई है, जहां से आप पूरे पार्क को घूम सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा और ताजी हवा का आनंद लेने मिलेगा। 


श्री बूढ़ी माता धाम होशंगाबाद - shree boodhi mata dham hoshangabad

बूढ़ी माता का मंदिर होशंगाबाद जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर होशंगाबाद जिले में इटारसी में स्थित है। इस मंदिर में आपको बूढ़ी माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर परिसर में शिव भगवान जी के भी दर्शन आपको करने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर साल में एक बार मेला लगता है, जिसमें भारी जनसंख्या में लोग आते हैं। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री स्वप्नेश्वर हनुमान धाम होशंगाबाद - Sri Swapneshwar Hanuman Dham Hoshangabad

यह हनुमान मंदिर होशंगाबाद शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर होशंगाबाद शहर में इटारसी के पास में स्थित है।  यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर में छोटा सा बगीचा है, जहां पर आप शांति से बैठ सकते हैं। मंदिर में आपको हनुमान जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती है। मंदिर में शिव भगवान जी का भी छोटा सा मंदिर है और नर्मदा माई का भी छोटा सा मंदिर है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा और शांति का अनुभव होगा। मंदिर को सजाने के लिए हनुमान जी की छोटी-छोटी प्रतिमाओं को दीवारों पर रखा गया है और मंदिर की दीवारों पर सुंदर पेंटिंग बनाई गई है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर भी हनुमान जी की प्रतिमा को रखा गया है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।


तवा बांध होशंगाबाद - Tawa Dam Hoshangabad 

तवा बांध होशंगाबाद शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आपका पूरा 1 दिन यहां पर बीत जाएगा। यहां पर चारों तरफ जंगल का खूबसूरत नजारा आपको देखने के लिए मिलेगा और तवा बांध का मनोरम दृश्य भी आप देख सकते हैं। यहां पर आपको बोटिंग की सुविधा भी दी गई है, ताकि आप यहां पर वोटिंग कर सके। यहां पर क्रूज वगैरह भी हैं, जिनमें आप जा सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अगर बरसात के समय आते हैं, तो बरसात के समय आपको बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलेगा, क्योंकि बरसात के समय बांध के गेट खोले जाते हैं, जिससे अपार जल राशि गेट से निकलती है और उसका दृश्य देखने लायक होता है। इस बांध में 11 गेट हैं और यह बांध तवा नदी पर बना हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


सतपुड़ा नेशनल पार्क होशंगाबाद  - Satpura National Park Hoshangabad

सतपुड़ा नेशनल पार्क होशंगाबाद में घूमने के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आप यहां पर सफारी का मजा ले सकते हैं। आपको यहां पर विभिन्न प्रकार के जीव जंतु एवं पौधों की विभिन्न प्रजातियां देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आप बाघ, भालू, हिरण, सूअर देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलेगी। 


पचमढ़ी होशंगाबाद - Pachmarhi Hoshangabad

पचमढ़ी होशंगाबाद में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। पचमढ़ी में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। पचमढ़ी में आप  चैरागढ़ मंदिर, जटाशंकर मंदिर, गुप्त महादेव, सनसेट पॉइंट, धूपगढ़, राजेंद्र गिरी, हांडी खोह, रजत जलप्रपात आदि देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप आते हैं, तो कम से कम 2 दिन का प्लान बना कर आइए।  यहां पर आप जिप्सी से सारी जगह घूम सकते हैं। कई जगह पर आपको पैदल भी चलना पड़ सकता है। 


बोरी वन्यजीव अभयारण्य होशंगाबाद - Bori Wildlife Sanctuary Hoshangabad

बोरी वन्यजीव अभ्यारण होशंगाबाद शहर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको जंगल और जंगली जीव देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप जंगली जानवरों और वनस्पतियों की ढेर सारी प्रजातियां देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। बोरी वाइल्डलाइफ सेंचुरी पचमढ़ी बायोस्फीयर का ही हिस्सा है। यहां पर आपके प्रवेश का एंट्री चार्ज लिया जाता है। यह सेंचुरी 518 स्क्वेयर किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। 


पन्ना पर्यटन स्थल

गुना पर्यटन स्थल

चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल


पन्ना पर्यटन स्थल - Panna tourist places | Places to visit in Panna

पन्ना जिले के दर्शनीय स्थल - Panna visiting Places | Panna Tourism | पन्ना के आकर्षण स्थल | Panna sightseeing | पन्ना शहर



पन्ना में घूमने की जगहें
Panna me ghumne ki jagah


पन्ना राष्ट्रीय उद्यान, पन्ना - Panna National Park, Panna

पन्ना नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। पन्ना नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में स्थित है। पन्ना नेशनल पार्क पन्ना और छतरपुर जिले में फैला हुआ है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में आपको बाघ देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर आप और भी अन्य जंगली जानवरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आप तेंदुआ, भालू, हिरण, बंदर और विभिन्न प्रकार की चिड़ियों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपका एंट्री फीस लिया जाता है। यहां पर एंट्री करने के लिए दो गेट है एक मेधा गेट और दूसरा हिनौता गेट है। यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर गाइड भी लेना पड़ता है और आपको वन विभाग से जीप भी लेनी पड़ती है।

 

पांडव गुफा एवं झरना पन्ना - Pandav cave and waterfall, Panna

पांडव गुफा एवं झरना पन्ना शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आपको यहां पर एक सुंदर झरना देखने के लिए मिलता है। झरना एक कुंड पर गिरता है। झरने के सामने ही एक गुफा बनी हुई है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि प्राचीन काल में यहां पर पांडव ने निवास किया था। यहां पर आपको शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि पांडवों के द्वारा इस शिवलिंग की स्थापना की गई है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। पांडव गुफा एवं झरना पन्ना नेशनल पार्क के अंदर स्थित है। आप जब भी पन्ना से खजुराहो की तरफ जाते हैं, तो यह आपको देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां पर गाइड को लेकर भी आ सकते हैं। गाइड आपको इस जगह के बारे में पूरी जानकारी देगा। पांडव फॉल आपको बरसात में देखने के लिए मिल जाता है और गर्मी में यह फॉल सूख जाता है। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। 


किमासन जलप्रपात पन्ना - Kimasan Falls Panna

किमासन झरना पन्ना नेशनल पार्क में ही स्थित है। यह झरना हिनौता गेट की तरफ जाने वाले रोड में ही स्थित है। आप इस झरने को बरसात के समय देख सकते हैं। यह झरना बहुत ऊंचाई से गिरता है। झरने के नीचे कुंड बनता है और आप इस झरने को ऊपर से देख सकते हैं। झरने में पानी करीब 25-30 फीट ऊपर से गिरता है। 


श्री पद्मावती देवी मंदिर पन्ना - Shri Padmavati Devi Temple Panna

श्री पद्मावती मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रमुख मंदिर है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है। इस मंदिर को पद्मावती शक्तिपीठ के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि यहां पर सती माता की दाहिने पैर गिरा था। यहां पर आपको आकर शांति मिलेगी। यह एक अच्छी जगह है। आप यहां अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं। मंदिर के पीछे की तरफ किलकिला नदी बहती है। आप उसका नजारा भी यहां पर आकर देख सकते हैं। श्री पद्मावती मंदिर पन्ना जिले में अजयगढ़ बाईपास रोड में स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। 


किलकिला झरना पन्ना - Kilkila Falls Panna

किलकिला जलप्रपात पन्ना जिले में घूमने लायक जगह है। यहां पर एक सुंदर जलप्रपात आपको देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात अजयगढ़ बाईपास रोड पर स्थित है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको यह जलप्रपात देखने के लिए मिलेगा। जलप्रपात के पास में एक मंदिर भी है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। गर्मी में यह जलप्रपात सूख जाता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


प्राणनाथ जी मंदिर, पद्मावती पुरी धाम पन्ना - Prannathji Temple, Padmavati Puri Dham Panna

श्री प्राणनाथ मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्रनामी लोगों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। प्राणनाथ जी एक संत थे और उन्होंने यहां पर समाधि ली थी। यह मंदिर बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। मंदिर में आपको कांच का काम देखने के लिए मिल जाता है। मंदिर में आपको म्यूजियम भी देखने के लिए भी मिलेगा, जिसमें प्राणनाथ जी की बहुत सारी चीजों को संभाल कर रखा गया है। यहां पर आपको बुक्स वगैरह देखने के लिए मिल जाएंगे। मंदिर की छत को बहुत ही खूबसूरत पेंटिंग से सजाया गया है। यहां पर श्री कृष्ण जी की बहुत सारी पेंटिंग आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर शरद पूर्णिमा के दिन बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है, जिसमें बहुत सारे लोग आते हैं। 


श्री राम जानकी मंदिर पन्ना - Shri Ram Janaki Temple Panna

श्री राम जानकी मंदिर पन्ना जिले में स्थित मुख्य धार्मिक स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको श्री राम जी, माता सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाएंगे। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में ही स्थित है। यहां पर रामनवमी के समय बहुत भीड़ होती है।


श्री जुगल किशोर जी मंदिर पन्ना - Shri Jugal Kishore Ji Temple Panna

श्री जुगल किशोर मंदिर पन्ना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में ही स्थित है। इस मंदिर में आपको श्री कृष्ण जी और राधा जी की मूर्ति देखने के लिए मिलेगी। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बुंदेला वास्तु कला में बनाया गया है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बहुत बड़ा है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री बलदेव जी मंदिर पन्ना - Shri Baldev Ji Temple Panna

बलदेव जी का मंदिर पन्ना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में स्थित है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी के बड़े भाई बलदाऊ जी को समर्पित है। यह मंदिर खूबसूरती से बनाया गया है और बहुत बड़ा है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह मंदिर 1993 में राजा रूद्र प्रताप सिंह के द्वारा बनवाया गया था। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर रोमन वास्तुकला में बना हुआ है और मंदिर में आपको काले रंग की बलदाऊ भगवान की प्रतिमा देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको एक बड़ा सा हॉल देखने के लिए मिलेगा और बड़े-बड़े मंडप देखने के लिए मिलेंगे। 


छत्रसाल उद्यान पन्ना - Chhatrasal Garden Panna

छत्रसाल पार्क पन्ना जिले में स्थित एक घूमने लायक जगह है। आप जब भी पन्ना जिले में आते हैं, तो आप इस पार्क में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। इस पार्क में आपको महाराजा छत्रसाल की मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो काले कलर की है और घोड़े पर सवार है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। पार्क में आपको तरह तरह के फूल देखने के लिए मिलते हैं। पार्क में आपको बदक एवं खरगोश भी देखने के लिए मिल जाते हैं। पार्क में बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यह बच्चों के लिए बहुत अच्छी जगह है। पार्क में एक ट्रेन भी है, जिसके मजे आप ले सकते हैं। पार्क में जानवरों के स्टैचू भी बने हुए हैं, जो बहुत अच्छे लगते हैं। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


दहलन चौकी झरना पन्ना - Dhalan Chowki Waterfall Panna

दलहन चौकी झरना पन्ना शहर में स्थित एक अच्छी घूमने लायक जगह है। आप यहां पर बारिश के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर पहाड़ों से पानी बहता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। 


जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना  - District Archaeological Museum Panna

जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना शहर में घूमने का एक मुख्य स्थल है। यह एक पुराना बिल्डिंग है।  इस बिल्डिंग में आपको पुरानी मूर्तियां देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको पुरानी पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाएगी। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह छत्रसाल पार्क के पास ही में स्थित है। 


भपतपुर बांध पन्ना - Bhapatpur Dam Panna

भपतपुर बांध पन्ना जिले के पास स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यह एक जलाशय है और यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत अच्छा व्यू देखने के लिए मिल जाएगा।

 

महाराजा हृदय शाह का छत्री पन्ना - Chhatri of Maharaja Hriday Shah Panna 

महाराजा हृदय शाह का छत्री पन्ना में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह छत्री धर्म सागर झील के पास स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर आपको एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलते हैं। मकबरे के अंदर आपको समाधि भी देखने के लिए मिल जाएगी। यह छतरी बुंदेलखंडी शैली में बना हुआ है। 


रनेह जलप्रपात पन्ना - Raneh Falls Panna

रनेह जलप्रपात पन्ना शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर झरना है। इस जलप्रपात में जाने के लिए आपको टिकट लगती है। यह झरना जंगल के बीच में स्थित है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत है और आपको यहां पर कैनियन देखने के लिए मिलता है। यहां पर चट्टानों की बहुत ही खूबसूरत श्रंखला देखने के लिए मिलती है। यहां पर ग्रेनाइट चट्टाने है, जिनके बीच से केन नदी बहती है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। आप यहां पर करीब 5 किलोमीटर इन चट्टानों की श्रंखला देख सकते हैं। 


केन घड़ियाल सेंचुरी पन्ना - Ken Gharial Sanctuary Panna

केन घड़ियाल सेंचुरी पन्ना शहर में स्थित एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको घड़ियाल देखने के लिए मिलते हैं और मगरमच्छ देखने के लिए मिलते हैं। यह सेंचुरी रनेह जलप्रपात के पास ही में स्थित है। केन नदी के पास बहुत सारे व्यूप्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप घड़ियाल और मगरमच्छ को आराम करते हुए देख सकते हैं। आप इन व्यूप्वाइंट से केन नदी का सुंदरता देख सकते हैं। आपको यहां पर गाइड भी मिलता है, जो आपको इस सेंचुरी के बारे में जानकारी देता है। यहां पर आपको अन्य जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाएंगे। 


बृहस्पति कुंड झरना पन्ना - Brihaspati kund jharna panna

बृहस्पति कुंड झरना पन्ना शहर में स्थित एक सुंदर जलप्रपात है। आप यहां पर घूमने के लिए बरसात के समय आ सकते हैं। यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर दिखता है। आप इस झरने के नीचे भी जा सकते हैं और नहाने का मजा भी ले सकते हैं। इस झरने का पानी एक कुंड में गिरता है। आपको यहां पर खूबसूरत घाटी देखने के लिए मिलती है। यह झरना आपको बरसात के समय में देखने के लिए मिलेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और परिवार वालों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। बृहस्पति कुंड झरने के पास आपको प्राचीन गुफाएं भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग भी आपको देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं।

 

बेनीसागर जलाशय पन्ना - Benisagar Reservoir Panna

बेनीसागर जलाशय एक खूबसूरत जगह है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। बेनीसागर जलाशय पन्ना शहर के बहुत करीब है और आप यहां पर अपना एक दिन पिकनिक का प्लान बनाकर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


अजयगढ़ किला पन्ना - Ajaygarh Fort Panna

अजय गढ़ का किला पन्ना जिले में स्थित एक प्राचीन स्थल है। अजय गढ़ का किला पन्ना जिले के अजय गढ़ कस्बे में स्थित है। यह एक पहाड़ी पर बना हुआ है। पहाड़ी का आकार तिकोना है। अजय गढ़ के किले तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियों से आना पड़ता है। यह किला जंगल में स्थित है। आपको यहां पर खंडहर ही देखने के लिए मिलेंगे। अजय गढ़ किले के गेट में नक्काशी की गई है, जो बहुत सुंदर है। आपको किले के अंदर रंग महल देखने के लिए मिलता है। रंग महल के पास में ही 2 तालाब है। आप उनको देख सकते हैं। इन  तालाब को गंगा और जमुना के नाम से जाना जाता है। यह महल बुंदेला शासकों के द्वारा बनाया गया था। इस महल को कोई भी जीत नहीं सकता है था। इसलिए इस महल को अजय गढ़ किले के नाम से जाना जाता है। किले में बहुत सारे लोग पिकनिक मनाने आते हैं। आप भी यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।


पन्ना जिले के पास घूमने वाले अन्य दर्शनीय स्थल

निरपत सागर झील पन्ना
धर्म सागर झील पन्ना
बेनीसागर झील पन्ना
छत्रसाल की गढ़ी पन्ना
रानीपुर झरना पन्ना
लखनपुर सेहा झरना पन्ना
दहलन चौकी झरना पन्ना
राजगढ़ का किला  पन्ना
मनियागढ़ का किला पन्ना
स्वर्गेश्वर मंदिर पन्ना


गुना पर्यटन स्थल

चंदेरी के दर्शनीय स्थल

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गुना पर्यटन स्थल - Guna tourist places | Places to visit in Guna

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गुना में घूमने की जगहें



हनुमान टेकरी गुना - Hanuman tekri mandir guna

हनुमान टेकरी गुना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक हिंदू मंदिर है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर 350 सीढ़ियां बनी हुई है। इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है। इस मंदिर में पहुंचकर गुना शहर का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। मंदिर सफेद मार्बल से बना हुआ है और हनुमान जी की मूर्ति विराजमान है। यहां पर शिव भगवान जी की मूर्ति विराजमान है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपना समय आकर बिता सकते हैं। मंदिर में मंगलवार और शनिवार के दिन लोग हनुमान जी के दर्शन करने विशेषकर आते हैं। 


बजरंगगढ़ का किला गुना - Bajrang Garh Fort Guna

बजरंग गढ़ का किला गुना शहर के पास में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर एक किला स्थित है। यह किला गुना शहर के बजरंग गढ़ गांव के पास स्थित है। यह किला एक पहाड़ी पर बना हुआ है। किले तक पहुंचने के लिए सड़क है। इस किले के अंदर आपको महल एवं मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यह किला 16वीं और 17वीं शताब्दी के बीच में बना है। यह किला यादव राजा जयसिंह के शासनकाल में बनाया गया है। किले के अंदर आप अभी भी मोती महल, रंग महल, राम मंदिर और बजरंग मंदिर देख सकते हैं। यह अभी भी अच्छी हालत में मौजूद है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। 


गोपी कृष्णा सागर डैम गुना - Gopi Krishna Sagar Dam Guna

गोपी कृष्ण सागर बांध गुना शहर में स्थित एक पर्यटन स्थल है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। यह गुना शहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर आपको खूबसूरत जलाशय देखने के लिए मिलता है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। आपके मनोरंजन के लिए यहां पर पार्क भी बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर कैफे भी बना हुआ है, जहां से आप चाय और नाश्ता ऑर्डर कर सकते हैं। यहां पर बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां पर आप तरह-तरह के बोट और क्रूस का मजा ले सकते हैं। गोपी कृष्ण सागर बांध नेशनल हाईवे 46 के करीब है। आप आराम से इस बांध तक पहुंच सकते हैं।

 

बीस भुजी मंदिर गुना - Bees bhuja mandir Guna

बीस भुजी  मंदिर गुना जिले के बजरंगगढ़ के पास है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत लगता है और यहां पर आप बीस भुजी माताजी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर माता जी की 20 भुजाएं वाली प्रतिमा आपको देखने मिलती है। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन पुण्योदय अतिशय तीर्थक्षेत्र गुना - Shree Shantinath Digambar Jain Punyodaya Atiyyat Tirthakshetra Guna

श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय मंदिर गुना शहर के पास में स्थित एक प्रमुख जैन तीर्थ स्थल है। यह तीर्थ स्थल बजरंगगढ़ में स्थित हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर में आपको श्री शांतिनाथ भगवान की 15 फुट की ऊंची प्रतिमा खड़ी हुई अवस्था में देखने के लिए मिलती हैए जो जैन धर्म के सोलवे जैन तीर्थ कार थे। यहां पर आपको मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो प्राचीन समय की हैं। यह मंदिर बहुत बड़ा है और बहुत खूबसूरत है। यहां पर ठहरने की भी व्यवस्था है। 


केदारनाथ मंदिर गुना - Kedarnath Mandir Guna

केदारनाथ धाम मंदिर गुना जिले में स्थित एक प्राकृतिक और धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह जगह चारों तरफ से जंगल से घिरी हुई है। यहां पर आपको शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है। शिवलिंग का साल भर जलाभिषेक होता रहता है। पहाड़ों से पानी शिवलिंग के ऊपर रिसता है। यहां पर आप आकर घूम सकते हैं। आप यहां पर झरने  पर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। झरने के नीचे कुंड बना हुआ है। अगर आपको तैरते नहीं बनता है, तो आप कुंड के ज्यादा करीब नहीं जाएं, क्योंकि यह कुंड  ज्यादा गहरा है। यहां पर बहुत सारी गुफाएं हैं, जो चट्टानों पर बनी हुई है। आप उन्हें देख सकते हैं। यहां पर जो चारों तरफ का माहौल है। वह पूरा प्राकृतिक है, जो आपको खूबसूरत लगेगा। यहां पर आकर आपको बहुत शांति मिलेगी।यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर शिवरात्रि के समय मेला भी लगता है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। केदारनाथ धाम मंदिर गुना जिले से करीब 34 किलोमीटर की दूरी पर है। आप यहां पर अपने वाहन से जा सकते हैं। 


निहाल देवी मंदिर निहालगढ़ गुना - Nihal Devi Mandir Nihalgarh Guna

निहाल देवी मंदिर गुना जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक हिंदू मंदिर है। यहां पर आपको माता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर जंगल में है। आपको यहां चारों तरफ से हरियाली देखने मिलेगी। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप बंदरों को यहां पर दाना डाल सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर बहुत शांति है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप इस मंदिर तक बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर गुना जिले के निहालगढ़ में स्थित है। मंदिर के बाहर आपको कुछ मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो खंडित अवस्था में हैं। यह मूर्तियां भगवान बुद्ध की है। मंदिर के बाहर आपको प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलती हैं, जहां से आप प्रसाद ले सकते हैं। 


संजय सागर जलाशय गुना - Sanjay Sagar Reservoir Guna

संजय सागर जलाशय गुना शहर में स्थित एक घूमने वाली जगह है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर आपको खूबसूरत जलाशय देखने के लिए मिलता है। इस जलाशय में आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यह जलाशय गुना इंदौर मार्ग पर स्थित है। यह जलाशय खूबसूरत है और चारों तरफ हरियाली से घिरा है। 


तुका बाबा मंदिर गुना  - Tuka Baba Mandir Guna

तुका बाबा मंदिर गुना शहर में राघोगढ़ में स्थित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर घने जंगल के बीच में स्थित है। यह मंदिर बहुत पुराना है। यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। आप यहां पर आ कर माता रानी के दर्शन कर सकते हैं। कहा जाता है कि यहां पर मांगी गई हर दुआ पूरी होती है, तो आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


अष्टभुजी माता का मंदिर गुना - Ashtbhuji mata ka mandir Guna

अष्टभुजी माता का मंदिर गुना शहर में राघोगढ़ में स्थित है। इस मंदिर में आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर भी घने जंगल के बीच में स्थित है। मंदिर के चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर मां अष्टभुजी की प्रतिमा आपको देखने के लिए मिल जाएगी। इसके अलावा यहां पर शंकर जी की और हनुमान जी की प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां आकर आपको बहुत शांति मिलेगी। 


शाहाबाद का किला गुना - Shahabad ka kila Guna 

शाहाबाद का किला गुना जिले से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह एक प्राचीन किला है। किले के अंदर आपको पुरानी बावड़ी, छतरी, मंदिर एवं मजार भी देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको घोड़ों का अस्तबल भी देखने के लिए मिलेगा। यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। आप किले तक ट्रैकिंग कर पहुंच सकते हैं। यह किला पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यह किला मुगलों के अधीन भी रह चुका है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


सिंगवासा पार्क गुना (singwasa park Guna)

मकरोड बांध गुना (Makarod bandh Guna )

प्राचीन शिव मंदिर गादेर गुफा  गुना (prachin shiv mandir gader gufa Guna)

खाटूश्याम जी मंदिर गुना (Khatushyam jee mandir Guna)


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Gwalior mein ghumne wali jagah



ग्वालियर का किला

ग्वालियर का किला पूरे देश में प्रसिद्ध है। ग्वालियर का किला ग्वालियर में स्थित एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है। ग्वालियर किले के अंदर ही बहुत सारी जगह है, जो देखने लायक है।  ग्वालियर का किला एक ऊंचे पर्वत पर स्थित है। इस पर्वत से आपको पूरे शहर का नजारा देखने के लिए मिल जाता है। आप यहां पर आ कर किले का भ्रमण कर सकते हैं। ग्वालियर  किला घूमने में आपको 1 दिन पूरा लग सकता है। यह किला  बहुत बड़ा है और बहुत खूबसूरत है। हर एक चीज देखने लायक है, इसलिए आप यहां पर आते हैं, तो अपना समय निकाल कर आये। यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ग्वालियर का किला तीसरी शताब्दी में बनाया गया था। ग्वालियर का किला लाल बलुआ पत्थर से बना है। यह किला देश के सबसे बड़े किले में से एक है। 


ग्वालियर किले में घूमने वाली जगह - Places to visit in Gwalior Fort


भीम सिंह राणा की छत्री ग्वालियर - Bhim Singh Rana Ki Chhatri Gwalior


राजा भीम सिंह राणा गोहद के जाट राजा थे। जाट राजा भीम से ने सन 1754 में ग्वालियर के किले पर अधिकार कर लिया था। उनकी मृत्यु के पश्चात भी यह छतरी बनाई गई। राजा भीम सिंह राणा की छतरी भूरे बलुआ पत्थर से निर्मित की गई है। यह ऊचे चबूतरे पर बनी हुई है। छतरी  के चारों ओर परिक्रमा करने के लिए परिक्रमा पथ बनाया गया है। यह छतरी तीन मंजिला है। छतरी के ऊपर गुंबद के आकार का शिखर है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


गुजरी महल ग्वालियर - Gujari Mahal Gwalior

गुजरी महल ग्वालियर शहर का एक पुरातात्विक संग्रहालय है। इस संग्रहालय में आपको बहुत सारे प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिल जाएगी। गुजरी महल प्राचीन काल में रानी मृगनयनी का निवास स्थान था। रानी मृगनयनी राजा मान सिंह की पत्नी थी। वह गुजरी समाज से थी। इसलिए इस महल को गुजरी महल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने राजा मानसिंह से शर्त रखी थी, कि उन्हें रहने के लिए अलग महल दिया जाए और पानी की व्यवस्था की जाए। तो राजा ने उनके लिए अलग महल का निर्माण करवाया और पानी की व्यवस्था के लिए नदी से पाइप महल तक लगवाए। आप यहां पर आते हैं, तो यहां पर पानी की व्यवस्था देख सकते हैं। यहां पर आपको तरह तरह के खूबसूरत नक्काशी दार वस्तुएं देखने के लिए मिल जाएगी। वर्ष 1922 में यह महल संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है, तो आपको यहां पर तरह-तरह के प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिल जाएगी। गुजरी महल ग्वालियर किले से थोड़ी दूरी पर स्थित है। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं और गाड़ी वगैरह लेकर भी जा सकते हैं।


जहांगीर महल और शाहजहां महल ग्वालियर - Jahangir Mahal and Shah Jahan Mahal Gwalior

जहांगीर महल और शाहजहां महल ग्वालियर किले में स्थित एक देखने लायक जगह है। यहां पर आपको दो महल देखने के लिए मिलते हैं। दोनों ही महल अलग-अलग मुगल शासक के शासन में बनाया गए थे। यह महल खूबसूरत है। महल के बीच में आपको बड़ा सा प्रांगण देखने के लिए मिलता है। दोनों महल मुगल स्थापत्य कला के सुंदर नमूना है। 


विक्रम महल ग्वालियर - Vikram Mahal Gwalior

विक्रम महल ग्वालियर महल में देखने लायक महल है। विक्रम महल का निर्माण महाराजा मानसिंह के पुत्र एवं उत्तराधिकारी विक्रमादित्य ने करवाया था। वे भगवान शिव के भक्त भी थे, इसलिए इस स्थान को विक्रम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। 1516 से 1523 ईसवी में इस महल का निर्माण हुआ है। महल के मध्य में बरादरी है। महल की ऊपरी मंजिल में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। महल की लंबाई लगभग 65 मीटर है। 


कर्ण महल ग्वालियर - Karn Mahal Gwalior

करण महल ग्वालियर किले के अंदर स्थित एक और ऐतिहासिक महल है। यह महल आप ग्वालियर किले के अंदर आकर देख सकते हैं। करण महल का निर्माण तोमर राजवंश के दूसरे शासक कीर्ति सिंह ने करवाया था। इस महल का निर्माण 1480 से 1486 ईसवी के बीच करवाया गया था। कीर्ति सिंह को दूसरा नाम करण सिंह था। इसलिए इस महल को करण महल  के नाम से जाना जाता है। यह महल हिंदू स्थापत्य शैली में निर्मित है।  करण महल दो मंजिला एवं आयताकार है।

 

मानसिंह पैलेस ग्वालियर - Mansingh Palace Gwalior

राजा मानसिंह का महल ग्वालियर किले के परिसर में स्थित सबसे आकर्षक महल है। यह महल ग्वालियर किले का सबसे खूबसूरत महल है। आप जब भी ग्वालियर आते है, तो आपको ग्वालियर के मानसिंह महल को जरूर घूमना चाहिए। राजा मानसिंह महल 4 मंजिला है। मानसिंह का महल 1486 और 1517 के बीच बनवाया था। मान सिंह महल में खूबसूरत पेंटिंग की गई है, जो बहुत आकर्षक है। यहां पर आप खूबसूरत नक्काशी भी देख सकते हैं। यहां पर अलग-अलग कमरे बनाए गए थे। यहां पर संगीत सुनने के लिए राजा और रानी के लिए अलग अलग है। यहां पर जेल भी है। आप गाइड करेंगे तो गाइड आपको और अच्छी जानकारी दे सकता है। यहां पर हर शाम एक विशेष ध्वनि और प्रकाश शो का आयोजन किया जाता है। यहां पर हर शाम को लाइट और साउंड शो का आयोजन भी होता है। लाइट और साउंड शो का अलग चार्ज लिया जाता है। आप इस किले के सामने से ग्वालियर शहर का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर संग्रहालय है। जिस पर एंट्री का अलग चार्ज लिया जाता है। संग्रहालय में विभिन्न तरह के मूर्तियां एवं प्राचीन वस्तुओं का संग्रह करके रखा गया है। 


अस्सी खम्भों की बावड़ी ग्वालियर - Asasee khambon ki bawadi gwalior

80 खंभों की बावड़ी ग्वालियर किले के अंदर देखने वाली एक खूबसूरत जगह है, जहां पर आपको एक बावड़ी देखने के लिए मिलता है। इस बावड़ी में भूमिगत जाने का भी रास्ता है। मगर वह अब आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। पुराने समय में बावड़ी में भूमिगत तरीके से भी जाया जा सकता था। बावड़ी चारों तरफ से 80 खंबे से घिरी हुई है। इसलिए इस बावड़ी को 80 खंबे की बावड़ी कहा जाता है। इस बावड़ी का निर्माण राजा मानसिंह तोमर ने 16वीं शताब्दी में किया था। पानी के भंडारण के लिए इस बावड़ी का निर्माण किया गया था। बावड़ी में अलग अलग कक्ष बने थे, जिसमें रानियों के स्नान के लिए भी अलग कमरा था और यहां पर कैदखाना भी था। 


गुरुद्वारा श्री दाता बंदी छोड़ साहिब ग्वालियर - Gurudwara shri data bandi chhod sahib gwalior

श्री दाता बंदी छोड़ साहिब गुरुद्वारा ग्वालियर के किले के अंदर स्थित है। यह गुरुद्वारा ग्वालियर में फेमस है और आप जब भी ग्वालियर आते हैं, तो इस गुरुद्वारे में आ सकते हैं। यहां पर आपको फ्री खाना मिलता है। यहां का जो माहौल है। वह बहुत शांति भरा है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। सिख गुरु हरगोविंद जी ने  52 हिंदू राजाओं को मुगल राजा जहाँगीर की हिरासत से रिहा करने में मदद की थी। यह गुरुद्वारा सिख गुरु हरगोविंद जी की याद में बना है। इसलिए गुरुद्वारे का नाम दाता बंदी छोड़ साहिब रखा गया है। इस गुरुद्वारे में एक बड़ा तालाब, लंगर हॉल, रहने की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर फ्री पार्किंग सुविधा उपलब्ध है।


तेली का मंदिर ग्वालियर - Teli ka mandir

तेली का मंदिर ग्वालियर किले के अंदर स्थित एक प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण प्रतिहार राजा मिहिर भोज के शासनकाल में हुआ था। इस मंदिर का निर्माण तेल के व्यापारियों द्वारा दिए गए धन से किया गया था। इसलिए इस मंदिर को तेली का मंदिर कहते हैं। यह मंदिर मुख्य रूप से विष्णु भगवान को समर्पित है। मंदिर के अंदर किसी भी तरह की मूर्ति स्थापित नहीं है। यह मंदिर ग्वालियर किले में स्थित सबसे ऊंचे मंदिर में से एक है। इस मंदिर की ऊंचाई लगभग 30 मीटर है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी की गई हैं। मंदिर में उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय वास्तुकला का मिश्रण आपको देखने के लिए मिलता है। मंदिर की छत को द्रविड़ शैली में निर्मित किया गया है। मंदिर को विभिन्न तरह की मूर्ति कला से सजाया गया है। इस मंदिर को 9 वीं सदी में बनाया गया है। मंदिर बहुत खूबसूरत है और आपके यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


सास.बहू मंदिर ग्वालियर - saas bahu mandir gwalior

सास बहू का मंदिर ग्वालियर किले के अंदर स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर ग्वालियर किले के पूर्वी हिस्से में स्थित है। इस मंदिर को सास और बहू का मंदिर कहा जाता है। मगर यह मंदिर सहस्त्रबाहु मंदिर के नाम से प्राचीन समय में जाना जाता था। धीरे-धीरे सहस्त्रबाहु को सास और बहू के नाम में बदल दिया गया। आप यहां पर आते हैं, तो इस मंदिर में आपको खूबसूरत कारीगरी देखने के लिए मिलती है। प्रवेश द्वार में आपको ब्रह्मा, विष्णु और महेश एवं सरस्वती की खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर दो मंदिर बने हुए हैं। एक मंदिर को सास  का मंदिर और दूसरे मंदिर को बहू के मंदिर के नाम से जाना जाता है। मगर वास्तविक रूप से इसमें से एक मंदिर विष्णु भगवान जी को समर्पित है और दूसरा मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। आप यहां पर आकर दोनों मंदिरों की खूबसूरती को देख सकते हैं। इन मंदिरों का निर्माण 11 वीं शताब्दी में कछवाहा वंश के राजा महीपाल ने बनवाया था।


सूरज कुंड ग्वालियर - Suraj Kund Gwalior

सूरज कुंड ग्वालियर किले में के अंदर स्थित एक कुंड है। इस कुंड में जो पानी है। उसको चमत्कारी माना जाता है। कहा जाता है कि इस कुंड के पानी से स्नान करने से सभी प्रकार के रोग दूर होते हैं। कुंड के बीच में एक मंदिर बना हुआ है। मंदिर में शिवलिंग स्थापित है। यहां आ  कर आपको अच्छा लगेगा। 


सिद्धाचल जैन मंदिर गुफाएँ ग्वालियर - Siddhachal Jain Temple Caves Gwalior

सिद्धचल जैन गुफा ग्वालियर में घूमने की एक ऐतिहासिक जगह है। इस जगह में आपको जैन धर्म के तीर्थकारों की पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिलेगी। यह मूर्तियां बलुआ पत्थर पर बनाई गई है। यह मूर्तियां बहुत खूबसूरत है। इन मूर्तियों में से अधिकांश मूर्तियां नष्ट हो गई हैं, मगर बहुत खूबसूरती से इन्हें तराशा गया है। यह मूर्तियां सातवीं शताब्दी से लेकर 15 शताब्दी तक बनाई गई है। इन मूर्तियों को 16वीं शताब्दी में मुगल राजवंश के सम्राट बाबर के आदेश से इन मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया। यह एक शांतिपूर्ण जगह है। आप यहां पर चट्टानों में गुफाएं भी देख सकते हैं। यहां पर चारों तरफ हरियाली आपको देखने के लिए मिलेगी। आप यहां पर अगर बारिश में घूमने आते हैं, तो आपको बहुत शानदार नजारा देखने के लिए मिलेगा। 


गोपाचल रॉक कट जैन मूर्ति ग्वालियर - Gopachal Rock Cut Jain Idol Gwalior

गोपाचल रॉक कट जैन गुफाएं ग्वालियर शहर में घूमने वाली एक प्रमुख जगह है। यहां पर 26 गुफाएं हैं, जिनमें जैन तीर्थकरो की मूर्तियां आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर जैन तीर्थकरो कि छोटी और बड़ी मूर्तियां बनाई गई है। यहां पर उन्हें खड़ी हुई मुद्रा में और बैठी हुई मुद्रा में दर्शाया गया है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर पहुंचने के लिए थोड़ा सा ट्रैकिंग करना पड़ता है। उसके बाद आप इन गुफाओं में जा सकते हैं। यहां पर गुफा नंबर 1 के पास बावली भी है, जिसे एक पत्थर की बावली के नाम से जाना जाता है। यहां पर सभी तरह की व्यवस्था उपलब्ध है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। बहुत शांत है और यहां आकर अच्छा लगता है। 


ग्वालियर जू या गांधी प्राणी उद्यान ग्वालियर - Gwalior Zoo or Gandhi Zoological Park Gwalior

ग्वालियर जू ग्वालियर शहर में घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। ग्वालियर जू को गांधी प्राणी उद्यान के नाम से जाना जाता है। इस उद्यान का प्रबंधन ग्वालियर नगर निगम के द्वारा किया जाता है। यहां पर आपको देशी और विदेशी जानवर देखने के लिए मिलते हैं। ग्वालियर जू में प्रवेश का टिकट लिया जाता है। यहां पर आपको अलग-अलग जानवरों की जानकारी भी मिलती है। यहां पर बहुत सारे झूले भी हैं। यहां पर बच्चे बहुत खुश होंगे। यहां पर टॉय ट्रेन है, जिसमें बच्चे बहुत मस्ती कर सकते हैं। यहां पर आपको मगरमच्छ, शेर, चीता, भालू, बदक, बंदर हिप्पोपोटामस, कोबरा सांप, देखने के लिए मिल जाएंगे। और भी जंगली जानवर आपको यहां पर देखने के लिए मिल जाएंगे।

 

महारानी लक्ष्मीबाई स्मारक ग्वालियर - Maharani Laxmibai Memorial Gwalior

महारानी लक्ष्मीबाई स्मारक ग्वालियर शहर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है।रानी दुर्गावती एक स्वतंत्रता सेनानी थी। रानी दुर्गावती ने अंग्रेजों का डटकर सामना किया था। यहां पर लड़ते हुए उनकी मृत्यु हो गई थी। रानी दुर्गावती गीत 23 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई थी। यहां पर उनकी याद पर स्मारक बनाया गया है। इस स्मारक में आप आते हैं, तो यहां पर आपको बगीचा देखने के लिए मिलता है, जिसमें घोड़े पर सवार रानी दुर्गावती की मूर्ति है और एक अमर ज्योति देखने के लिए मिलती है। यह ज्योति हमेशा जलती हुई रहती है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां रानी दुर्गावती के बारे में आपको जानकारी भी पढ़ने के लिए मिल जाएगी। 


मोहम्मद घौस का मकबरा ग्वालियर - Mohammad Ghaus's Tomb Gwalior

मोहम्मद गौस का मकबरा ग्वालियर में घूमने का एक प्रमुख स्थल है। यहां पर आपको खूबसूरत मकबरा देखने के लिए मिल जाता है। इस मकबरे का मुख्य आकर्षण नक्काशीदार पत्थर की जाली हैं, जो बाहरी दीवार पर लगी हैं। मोहम्मद गौस एक सूफी संत थे। उनका जन्म 1500 ई में हुआ था। यह अकबर के एक सलाहकार थे। इन्होंने तानसेन को भी संगीत की शिक्षा दी थी। यहां पर बहुत बड़ा गार्डन भी है। 


तानसेन का मकबरा ग्वालियर - Tansen's Tomb Gwalior

तानसेन का मकबरा ग्वालियर में घूमने वाला एक प्रमुख जगह है। इस जगह में तानसेन की समाधि है। तानसेन भारत देश के एक संगीतज्ञ हैं। तानसेन अकबर के दरबार के नवरत्नों में से एक है। कहा जाता है कि तानसेन का संगीत सुनकर पशु-पक्षी भी आनंदित हो जाते थे। आप यहां पर आकर तानसेन की कब्र देख सकते हैं। तानसेन की कब्र उनके गुरु मोहम्मद गौस के पास ही में बनी हुई है। तानसेन मोहम्मद गौस के छात्र थे जिन्होंने उन्हें हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत सिखाया था। तानसेन समारोह हर साल नवंबर के महीने में आयोजित किया जाता है, जहां पर देश भर के संगीतकार आते हैं और विभिन्न शास्त्रीय संगीत शो प्रदर्शित करते हैं। 


सूर्य मंदिर ग्वालियर - Sun Temple Gwalior

सूर्य मंदिर को सन टेंपल के नाम से भी जाना जाता है। यह सूर्य मंदिर ग्वालियर में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सूर्य देवता जी को समर्पित है। यह मंदिर उड़ीसा के कोर्णाक में बने सूर्य मंदिर के समान है। आप यहां पर आ कर इस मंदिर की खूबसूरती को देख सकते हैं। इस मंदिर में बहुत सारे देवी देवता विराजमान हैं। यहां पर गणेश जी की प्रतिमा को दीवार पर बनाया गया है, जो बहुत ही भव्य लगती है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। मंदिर का निर्माण वर्ष 1988 में प्रसिद्ध उद्योगपति जीडी बिड़ला द्वारा किया गया था। ग्वालियर का सूर्य मंदिर बलुआ पत्थर और संगमरमर के संगम से बना हुआ है, जो बहुत ही मनमोहक लगता है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी। यहां पर बहुत सारे लोकल लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां पर आपको मोर भी  देखने के लिए मिल सकते हैं। 


सरोद घर ग्वालियर - Sarod Ghar Gwalior

सरोद घर ग्वालियर शहर में स्थित एक संग्रहालय है। यह संग्रहालय प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद हाफिज अली खान का पैतृक घर है। उनके पैतृक घर को अब संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है। इस संग्रहालय में आपको प्राचीन संगीत वाद्य यंत्र देखने के लिए मिलते हैं, जो प्राचीन समय में प्रसिद्ध भारतीय संगीतकारों के द्वारा उपयोग किए गए थे। यहां पर आपको तस्वीरों का एक बहुत बड़ा संग्रह देखने के लिए मिलता है। इस संग्रहालय का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संस्कृति और संगीत को बढ़ावा देना है। यह संग्रहालय संगीत प्रेमियों के लिए ग्वालियर में घूमने के लिए एक प्रमुख जगह है। यह संग्रहालय ग्वालियर जंक्शन से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह संग्रहालय ग्वालियर के जीवाजी गंज में स्थित है। आप यहां पर आकर संगीत के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। 


अम्मा महाराज की छतरी ग्वालियर - Amma Maharaj's Chhatri Gwalior

अम्मा महाराज की छतरी ग्वालियर शहर में घूमने की अच्छी जगह है। यहां पर आप को बहुत बड़ा गार्डन देखने के लिए मिलता है, जो बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। गार्डन में बहुत सारे मंदिर भी बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आने का प्रवेश शुल्क लिया जाता है। यह छतरियां मुख्य तौर पर सिंधिया परिवार की शाही स्मारक स्थल है। यहां पर स्थित छतरी में आपको भारतीय वास्तुकला देखने के लिए मिल जाएगी। यह छतरियां गुंबद आकार की हैं। यहां पर फव्वारा भी आपको देखने के लिए मिल जाएंगे। बच्चों के लिए यहां पर बहुत बड़ा प्लेग्राउंड है, जिसमें बच्चे खेल सकते हैं। यहां पर पार्किंग की भी अच्छी व्यवस्था है। यह सप्ताह के सभी सात दिनों में खुला रहता है।


जय विलास पैलेस ग्वालियर - Jai Vilas Palace Gwalior

जय विलास पैलेस ग्वालियर शहर में घूमने के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक विशाल महल है, जो सफेद संगमरमर से बना हुआ है। इस महल में करीब 400 कमरे हैं, जिसमें से 200 कमरे संग्रहालय में परिवर्तित कर दिए गए हैं और बाकी कमरों में सिंधिया परिवार के लोग रहते हैं। यहां पर आप संग्रहालय में विभिन्न तरह के प्राचीन सामग्रियों का संग्रह देख सकते हैं। यहाँ पर जीवाजीराव महाराजा से संबंधित सभी चीजें देख सकते हैं। यहां पर आपको चांदी की ट्रेन देखने के लिए मिलती है, जो खाना परोसती है। इसके अलावा यहां पर आपको झूमर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत वजन के हैं और बहुत खूबसूरत है। यहां पर एक प्राचीन घोड़ा गाड़ी भी है, जो चांदी से बनी हुई है। जय विलास पैलेस में प्रवेश का आपसे शुल्क लिया जाता है और फोटो क्लिक करने का वीडियो बनाने का भी अलग से शुल्क लिया जाता है। आप यहां पर आ कर इन सभी चीजों को देख सकते हैं। 


इटालियन गार्डन ग्वालियर - Italian Garden Gwalior

इटालियन गार्डन ग्वालियर में स्थित एक पार्क है। इस पार्क में आपको तरह तरह के फूल देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर म्यूजिकल फाउंटेन भी हैए जो बहुत अच्छा है। इटालियन गार्डन ग्वालियर जू के पास में है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इस गार्डन को इटालियन गार्डन इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह इटालियन शैली में बना हुआ है और बहुत खूबसूरत है। 


बटरफ्लाई पार्क ग्वालियर - Butterfly Park Gwalior

बटरफ्लाई पार्क ग्वालियर में स्थित एक अच्छे घूमने वाले स्थानों में से एक है। यहां पर आपको हरियाली भरा माहौल देखने के लिए मिलता है। आप यहां दिन के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। 


तिघरा बांध ग्वालियर - Tighara Dam Gwalior

तिघरा बांध ग्वालियर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको एक बहुत बड़ा जलाशय देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय ग्वालियर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। तिघरा बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय मानसून का होता है, क्युकि उस समय यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिल जाती है। यह जगह फोटोशूट के लिए भी बहुत बढ़िया है। आप यहां पर आकर बांध के नजारों को देख सकते हैं। तिघरा बांध ग्वालियर शहर के पीने के पानी की पूर्ति करता है। 


नलकेश्वर धाम ग्वालियर - Nalakeshwar Dham Gwalior

नलकेश्वर धाम ग्वालियर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको प्राकृतिक और धार्मिक दोनों ही जगह देखने के लिए मिलती है। यह जगह  ग्वालियर शहर से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए कच्ची रोड आपको मिलती है। यहां पर आपको भगवान शिव का मंदिर देखने के लिए मिलता है और यहां पर बारिश के मौसम में आपको खूबसूरत जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जगह प्राकृतिक हरियाली से भरी हुई है। 


श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम ग्वालियर - Shri Anandpur Satsang Ashram Gwalior

श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम एक धार्मिक स्थल है। यह  ग्वालियर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको आकर आत्मिक शांति मिलेगी। यहां पर आप आकर अध्यात्म से जुड़ सकते हैं। यहां पर आपको आश्रम के पीछे एक तालाब भी देखने के लिए मिलता है, जिसे जानकी ताल के नाम से जाना जाता है। 


श्री कोटेश्वर महादेव मंदिर ग्वालियर - Shri Koteshwar Mahadev Temple Gwalior

श्री  कोटेश्वर महादेव मंदिर ग्वालियर शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत पुराने मंदिरों में से एक है। आप यहां पर आकर शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर के बाहर आपको बहुत सारे प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलती है, जहां से आप प्रसाद ले सकते है। यहां पर शिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत भीड़ लगती है। 

प्राचीन शिव मंदिर गिरगांव ग्वालियर - Ancient Shiva Temple Girgaon Gwalior

यह ग्वालियर शहर में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह मंदिर गिरगांव गांव में स्थित है। आप यहां पर शिव भगवान के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आपको मंदिर से आसपास का खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिल जाता है। 


श्री सिद्ध तलवार वाले हनुमान जी महाराज ग्वालियर

यह मंदिर ग्वालियर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इस मंदिर में हनुमान जी की जो मूर्ति हैए उनके एक हाथ में गदा की जगह तलवार है। इसलिए इस जगह को तलवार वाले हनुमान जी के नाम से जाना जाता है। यहां पर भक्त हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


श्री गुप्तेश्वर मंदिर ग्वालियर - Shri Gupteshwar Temple Gwalior

श्री गुप्तेश्वर मंदिर ग्वालियर शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां हैं। इस मंदिर से ग्वालियर शहर का खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर ग्वालियर में तिघरा बांध जाने वाली सड़क पर स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 



अचलेश्वर मंदिर ग्वालियर - Achleshwar Temple Gwalior
फूलबाग मैदान ग्वालियर - Phulbagh Maidan Gwalior
शनि देव का मंदिर ग्वालियर - Shani Dev's temple Gwalior
सुदर्शन पार्क ग्वालियर - Sudarshan Park Gwalior