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बालाघाट दर्शनीय स्थल - Balaghat tourist place | Tourist places near Balaghat

बालाघाट पर्यटन स्थल - Picnic spot near Balaghat | Balaghat famous places | Balaghat Jila


बालाघाट जिला
Balaghat District


बालाघाट मध्य प्रदेश का एक जिला है। बालाघाट छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा के पास स्थित है। बालाघाट में वैनगंगा नदी बहती है। बालाघाट में भारत की सबसे बड़ी कॉपर की खदान मौजूद है। बालाघाट का मलाजखंड क्षेत्र कॉपर का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। यहां खुली खदान मौजूद है। बालाघाट जबलपुर संभाग के अतंर्गत आता है। बालाघाट 10 तहसीलों में बटा हुआ है। यह तहसील है - बालाघाट, बैहर, बिरसा, परसवाडा ,कटंगी, वारासिवनी, लालबर्रा, खैरलांजी, लांजी, किरनापूर। बालाघाट जिलें में घूमने के लिए बहुत सारे प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल मौजूद है, जहां पर जाकर आप आप अपना समय बिता सकते है।

Places to visit in Balaghat
बालाघाट में घूमने लायक जगहें


बोटैनिकल गार्डन - Botanical Garden Balaghat

वनस्पति उद्यान बालाघाट जिले में स्थित एक दर्शनीय जगह है। यह बालाघाट में घूमने के लिए अच्छी जगह है। यह उद्यान वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आपको विभिन्न तरह के वनस्पतियां देखने मिलती है। यहां पर झूले भी लगे हुए हैं, जो बच्चों के लिए एक अच्छी जगह है। 

गांगुलपारा बांध - Gangulpara Dam Balaghat | Gangulpara baandh Balaghat | Gangulpara Reservoir

गंगुलपारा बांध बालाघाट की एक दर्शनीय स्थल है। गंगुलपारा बांध पहाड़ों से घिरा हुआ है। गंगुलपारा बांध बालाघाट शहर से करीब 14 किलोमीटर दूर है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह हरी भरी प्रकृति से घिरी हुई है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ आ सकते है। गंगुलपारा बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का है। 

गांगुलपारा झरना - Gangulpara Waterfall Balaghat | Gangulpara jharna Balaghat

गांगुलपरा झरना बालाघाट का एक दर्शनीय स्थल है। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह झरना बहुत खूबसूरत है। यहां पर पहाड़ से गिरता हुआ पानी बहुत ही मनोरम लगता है। यहां जगह प्रकृति प्रेमी को देखने लायक है। आपको मुख्य सड़क से झरने तक पैदल जाना पड़ता है। यह झरना बालाघाट से करीब 16 किलोमीटर दूर होगा। गांगुलपरा झरना को देखने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है।

बजरंग घाट - Bajrang Ghat Balaghat

बजरंग घाट बालाघाट जिले की एक दर्शनीय जगह है। बजरंग घाट वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आकर तैरने का मजा ले सकते हैं। यहां पर नदी ज्यादा गहरी नहीं है। बजरंग घाट में हनुमान जी का मंदिर भी है, जहां पर आप जा सकते हैं। बजरंग घाट बालाघाट के घूमने लायक जगह है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ जा सकते है। यहां का इलाका जंगल से घिरा हुआ है। बरसात के समय वैनगंगा नदी पर बाढ आ जाती है, इसलिए यहां पर आप बरसात में संभलकर जाएं। 

राजीव सागर बांध - Rajiv Sagar Dam Balaghat | Rajiv sagar bandh Balaghat

राजीव सागर बांध बालाघाट में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह बालाघाट शहर में बरसात के समय में घूमने की अच्छी जगह है। राजीव सागर बांध मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। यह बांध बालाघाट से करीब 90 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पिकनिक का प्लान बनाकर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ घूमने के लिए आया जा सकता है। राजीव सागर बांध को बावनथडी बांध भी कहा जाता है। राजीव सागर बांध बावनथडी नदी पर बना हुआ है। 

धुटी डैम - Dhuti Dam Balaghat | Dhuti bandh Balaghat | Dhuty Reservoir

धुटी बांध बालाघाट जिले की एक दर्शनीय जगह है। धुटी बांध पर आप बरसात के समय आते है, तो आपको बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। जब धुटी बांध ओवरफ्लो होता है, तो बांध का पानी बांध के ऊपर से गिरता है, जो झरने की तरह लगता है। यह बांध अंग्रेजो के समय बनाया गया था। धुटी बांध बालाघाट से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। बांध के आसपास का नजारा भी बहुत शानदार है। 

नहलेसरा डैम - Nahlesra Dam Balaghat | Nahlesara bandh Balaghat | Nahlesra Reservoir

नहलेसरा बांध बालाघाट में घूमने की एक अच्छी जगह है। यह बालाघाट के पास स्थित एक जलाशय है, जहां पर आप पिकनिक मनाने के लिए आ सकते है। नहलेसरा बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है। नहलेसरा बांध बालाघाट से करीब 58 किलोमीटर दूर है। यह बांध चंदन नदी पर बनाया गया है। यह एक पुराना बांध है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते है। 

अंबा माई मंदिर - Amba Mai Temple Balaghat | Amba mai mandir Balaghat

अंबा माई मंदिर नहलेसरा बांध के पास स्थित एक खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। यहां का वातावरण शात है। 

लांजी का किला - Lanji Fort Balaghat | Lanji ka kila Balaghat

लांजी का किला बालाघाट में देखने के लिए एक प्राचीन किला है। लांजी का किला बालाघाट का दर्शनीय स्थल है। यह किला बालाघाट से करीब 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। लांजी का किला करीब 7 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर आपको पत्थर पर बनी हुई नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इस किलें में आपको एक प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक जलाशय भी है। किलें के परिसर में आपको बरगद एवं पीपल देखने के लिए मिलते है। 

गोमजी - सोमजी मंदिर - Gomji Somji Temple Balaghat | gomji - Somji mandir Balaghat | Jwala devi mandir balaghat

गोमजी सोमजी मंदिर बालाघाट में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पहाड़ी पर स्थित है। गोमजी सोमजी मंदिर बालाघाट के भरवेली क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर ज्वाला देवी को समर्पित है। यह मंदिर बालाघाट से करीब 8 किलोमीटर दूर है। 

शंकर घाट - Shankar Ghat Balaghat

शंकर घाट बालाघाट की सुंदर जगह है। यह घाट वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां का वातावरण हरियाली से भरा हुआ है। दोस्तों और परिवार के साथ घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको शिव भगवान का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको नंदी भगवान, कछुआ और नाग देवता का मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यहां पर और भी मूर्तियां बनी हुई है। 

हट्टा की बावली - Hatta ki baoli Balaghat 

हट्टा की बावड़ी बालाघाट जिले की एक प्राचीन जगह है। यहां पर आपको एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है, जिसमें पानी भरा हुआ है। इस बावड़ी में स्तंभों में खूबसूरत नक्काशी की गई है। यह बावड़ी प्राचीन समय में बनाई गई थी। यह बावडी बालाघाट जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर होगी।

काली पाठ माता मंदिर बालाघाट - Kali Peeth Mata Temple Balaghat | Kali Peeth mata mandir Balaghat

कालीपीठ माता मंदिर बालाघाट में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां मंदिर काली माता को समार्पित है। यहां पर काली माता जी की काले रंग की मूर्ति है। यह मूर्ति स्वयंभू है, अर्थात जमीन से स्वयं निकाली है। धीरे धीरे इस मूर्ति का आकार बढा रहा है। यहां पर नवरात्रि में बहुत भीड़ लगती है। बहुत सारे लोग माता के दर्शन के लिए आते हैं। यहां पर आकर आप को शांति मिलती है।

दादा कोटेश्वर धाम - Dada Koteshwar Dham Balaghat

दादा कोटेश्वर धाम बालाघाट जिले में घूमने की एक प्रमुख जगह है। यह बालाघाट जिले का एक प्राचीन शिव मंदिर है। यहां शिव मंदिर 12 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह शिव मंदिर बालाघाट से करीब 70 किलोमीटर दूर है। आप इस मंदिर में  गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आपको पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो पत्थर पर तराशकर बनाई गई है। यहां पर सावन सोमवार को कावड यात्रा निकाली जाती है।

मंडला जिले के पर्यटन स्थल
कटनी दर्शनीय स्थल
परियट बांध जबलपुर
शारदा मंदिर बरेला जबलपुर



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