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श्री पदम प्रभु जैन मंदिर कौशांबी - Jain Shwetambar Temple Kaushambi

श्री पदम प्रभु जैन श्वेतांबर मंदिर कौशांबी - Jain shwetambar mandir Kaushambi / Kaushambi tourism / कौशाम्बी पर्यटन

 
श्री पदम प्रभु जैन श्वेतांबर मंदिर कौशांबी में स्थित एक सुंदर मंदिर है। यह मंदिर पूरी तरह सफेद मार्बल से बना हुआ है और आपको इस मंदिर में खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलेगी, जो सफेद मार्बल पर की गई है। यह मंदिर कौशांबी नगर में मुख्य सड़क पर ही बना है। आप इस मंदिर में बहुत ही आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर कौशांबी थाने से करीब 300 से 400 मीटर दूर होगा। आप अगर बस से आते हैं, तो बस से इस मंदिर में डायरेक्ट पहुंच सकते है। 
 
हम लोग भी इस मंदिर में घूमने के लिए गए थे। हम लोग जब बस से आ रहे थे। तब इस मंदिर को हम लोगों ने देखा था। यह मंदिर सड़क के बाजू में ही स्थित है और हम लोग कौशांबी थाने से पैदल ही इस मंदिर में गए थे। इस मंदिर के प्रवेश द्वार में भी खूबसूरत नक्काशी की गई है। खूबसूरत मूर्तियां को पत्थर पर उकेरा गया है। अंदर जाकर आप देखेंगे, तो यह मंदिर पूरा संगमरमर से बना हुआ है। पूरे मंदिर में नक्काशी की गई है। मंदिर की दीवारों, प्रवेश द्वार, स्तंभों में भी खूबसूरत नक्काशी की गई है। जब हम लोग मंदिर गए थे। तब मंदिर खुला नहीं था। मंदिर खुलने और बंद होने का अलग-अलग समय रहता है। आप जाकर इस मंदिर में घूम सकते हैं। मंदिर की छत में भी नक्काशी की गई है। मंदिर की छत पर आपको अलग-अलग प्रकार की नक्काशी देखने के लिए मिलती हैं। इस मंदिर में आपको पंच स्तरीय मॉडल संरचना देखने के लिए मिलती है, जिसमें आपको गर्वग्रह, मंडप, अर्ध मंडप देखने के लिए मिल जाएगा। मंदिर में जो स्तंभ है, उसमें भी आपको नक्काशी देखने के लिए मिलती है। स्तंभों में ऊपर से नीचे तक नक्काशी की गई है। मंदिरों की दीवारों पर खूबसूरत मूर्तियां बनाई गई है, बहुत ही बारीक कारीगरी की गई है। आप यहां पर आकर इस मंदिर की भव्यता को देख सकते हैं।  
 
इस मंदिर के अंदर आपको श्री पदम प्रभु जी की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिल जाएगी। मंदिर के अंदर आपको संगमरमर की बहुत सारी नक्काशी में देखने के मिल जाएगी। हम लोग मंदिर के अंदर नहीं जा सकते थे। अगर आप यहां पर सुबह और शाम के समय जाएंगे, तो आपको मंदिर यहां पर जरूर खुले हुए मिल जाएंगे, क्योंकि सुबह और शाम के समय यहां पर आरती होती है। 
 
इस जैन मंदिर के बाजू में एक और मंदिर था, जो लाल पत्थरों से बना हुआ था और बहुत ही खूबसूरत लग रहा था। इस मंदिर में काम चल रहा था। इस मंदिर में भी बहुत ही खूबसूरत कारीगरी की गई थी। आप यहां पर जाकर इस मंदिर की भव्यता को देख सकते हैं। 
 

जैन श्वेतांबर मंदिर कौशांबी की फोटो 

Photo of Jain Shwetambar Temple Kaushambi

 
 
 
श्री पदम प्रभु जैन मंदिर कौशांबी - Jain Shwetambar Temple Kaushambi
श्री पदम प्रभु जैन मंदिर कौशांबी


श्री पदम प्रभु जैन मंदिर कौशांबी - Jain Shwetambar Temple Kaushambi
श्री पदम प्रभु जैन मंदिर कौशांबी


 
श्री पदम प्रभु जैन मंदिर कौशांबी - Jain Shwetambar Temple Kaushambi
जैन मंदिर परिसर में बना अन्य मंदिर

 
श्री पदम प्रभु जैन मंदिर कौशांबी - Jain Shwetambar Temple Kaushambi
मंदिर का प्रवेश द्वार

 
 
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श्रीलंका मंदिर कौशांबी - Sri Lanka Temple Kaushambi / Kaushambi tourism

श्रीलंका मंदिर कौशांबी - Sri Lanka Temple Kaushambi / धम्म मित्र बुद्ध विहार कौशांबी - Dhamma Mitra Buddha Vihar Kaushambi

 
श्रीलंका मंदिर कौशांबी में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर श्रीलंका देश की मदद से कौशांबी में बनाया गया है। इसलिए इस मंदिर को श्रीलंका मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। हम लोग मंदिर के अंदर नहीं जा पाए थे, इसलिए हम लोगों ने मंदिर को बाहर से ही देखा। बाहर से ही मंदिर की बनावट बहुत ही खूबसूरत है। 
 
हम लोग कौशांबी में जितने भी मंदिर घूमे हैं या जितने भी प्राचीन स्थल घूमे हैं। वह सभी पैदल ही घूमे हैं। हम लोग अशोक स्तंभ स्थल और गोष्ट राम बिहार स्थल में पैदल घूम कर कौशांबी की तरफ आ गए। कौशांबी थाने से श्रीलंका टेंपल करीब 500 से 600 मीटर दूर होगा। हम लोग पैदल ही श्रीलंका टेंपल की तरफ चल दिए। हम लोग टेंपल पहुंच गए। टेंपल बाहर से बंद था। हम लोगों ने टेंपल के भीतर बैठे कर्मचारियों से पूछा कि टेंपल में हम लोग दर्शन कर सकते हैं, तो उन्होंने बोला कि अभी कोविड-19 कारण आप लोग मंदिर के अंदर नहीं आ सकते हैं। मंदिर को बाहर से ही देख सकते हैं। 
 
श्रीलंका मंदिर खूबसूरत था। मंदिर के ऊपर आपको सफेद संगमरमर की बुद्ध प्रतिमा देखने मिलेगी। मंदिर के सामने आपको दीवारों में हाथी का डिजाइन बना हुआ है, जो सुंदर लगता है।  मंदिर के अंदर आपको भगवान बुद्ध की प्राचीन प्रतिमाएं देखने के लिए मिल जाएगी। मगर हम लोग मंदिर के अंदर नहीं गए, तो हम लोगों को नहीं मिली। श्रीलंका मंदिर के बाजू में आपको एक और मंदिर देखने के लिए मिलेगा। 
 

धम्म मित्र बुद्ध विहार

श्रीलंका मंदिर के पास में ही आपको धम बौद्ध विहार स्थल देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको बुद्ध भगवान की आकर्षक प्रतिमा देखने के लिए मिल जाएगी। इसके अलावा यहां पर आपको एक अशोक स्तंभ में भी देखने के लिए मिलता है। इस अशोक स्तंभ की स्थापना सम्यक संघ के द्वारा किया गया है। इस अशोक स्तंभ की स्थापना 18 जुलाई 2010 को रविवार के दिन किया गया है। इसका उद्घाटन इंजीनियर बीएस कुशवाहा के द्वारा किया गया था। आप इस मंदिर को घूम सकते हैं।  यहां पर हम लोग मंदिर के परिसर में थे। मंदिर के अंदर हम लोग ने प्रवेश नहीं किया, क्योंकि यहां पर हमें कोई भी मंदिर का कर्मचारी नहीं मिला। आप यहां जाते हैं, तो मंदिर में अवश्य घूमे। उसके बाद हम लोग वापस कौशांबी के थाने के तरफ आ गए, क्योंकि हमें बस यही से मिलने वाली थी। 
 

श्रीलंका मंदिर कौशांबी की फोटो - Photo of Sri Lanka Temple Kaushambi


श्रीलंका मंदिर कौशांबी - Sri Lanka Temple Kaushambi / Kaushambi tourism
श्रीलंका मंदिर का प्रवेश द्वार


श्रीलंका मंदिर कौशांबी - Sri Lanka Temple Kaushambi / Kaushambi tourism
श्रीलंका मंदिर के सामने स्थित बौद्ध विहार

श्रीलंका मंदिर कौशांबी - Sri Lanka Temple Kaushambi / Kaushambi tourism
श्रीलंका मंदिर कौशांबी

धम्म मित्र बुद्ध विहार कौशांबी की फोटो - Photo of Dhamma Mitra Buddha Vihar Kaushambi



श्रीलंका मंदिर कौशांबी - Sri Lanka Temple Kaushambi / Kaushambi tourism
धम्म मित्र बुद्ध विहार कौशांबी

श्रीलंका मंदिर कौशांबी - Sri Lanka Temple Kaushambi / Kaushambi tourism
धम्म मित्र बुद्ध विहार में बना हुआ अशोक स्तंभ


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जैन मंदिर कौशांबी - Jain Temple Kaushambi / कौशांबी की यात्रा

 श्री कौशांबी जी दिगम्बर जैन तीर्थ - Shri Kaushambi Ji Digambar Jain Tirtha / Kaushambi Travel


जैन मंदिर कौशांबी में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह जैन धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां पर हम लोगों को भगवान बुद्ध की एक मूर्ति देखने के लिए मिली, जो सफेद संगमरमर की बनी थी। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि इस मंदिर में स्थापित मूर्ति यमुना नदी से प्राप्त हुई थी। इसलिए यह मंदिर प्रसिद्ध है और जो भी पर्यटक यहां पर घूमने आता है। वह इस मंदिर में जरूर घूमता है। 
 
घोषिता राम विहार स्थल घूम कर अब हम लोगों को जैन मंदिर जाना था। घोषिता राम विहार स्थल से जैन मंदिर करीब 1 से डेढ़ किलोमीटर दूर होगा। हम लोग जैन मंदिर की तरफ चलने लगे और रास्ते में हमें घोड़े देखने के लिए मिले, काफी करीब से हम लोगों ने घोड़े को देखा। यहां पर घोड़ों के सामने वाले पैरों में रस्सी बांध देते हैं, ताकि वह कहीं दूर ना चले जाएं और उन्हें मैदानों में छोड़ देते हैं, तो वह घास चढ़ते रहते हैं। हम लोगों ने घोड़ों के साथ फोटो भी खींची और जैन मंदिर की तरफ बढ़ चले। जैन मंदिर में पहुंचकर हम लोगों को बहुत सारे बच्चे देखने के लिए मिले, जो मंदिर में अंदर बाहर खेल रहे थे। हम लोग मंदिर के अंदर गए, तो मंदिर में एक लड़की ने मंदिर का द्वार खोला। हम लोगों को मुख्य मंदिर के तो दर्शन करने नहीं मिले, मगर बाहर से ही हम लोगों ने मंदिर में दर्शन किए। मंदिर के दीवारों पर कुछ प्रवचन लिखे हुए थे। वह हम लोगों ने पढ़े। मंदिर के एक तरफ में छोटे-छोटे मंदिर बने हुए थे। मगर वह बंद थे। हम लोग ने उन मंदिरों को बाहर से देखा। यहां पर हम लोगों को बुद्ध भगवान की एक मूर्ति भी देखने के लिए मिली जो पत्थर से बनी थी। 
 
मंदिर में जो पुजारी पूजा करते हैं। वह सुबह और शाम के समय आते हैं। पूजा करने के लिए, बाकी अगर कोई भी पर्यटक मंदिर घूमने आता है, तो मंदिर के कर्मचारी मंदिर का गेट खोल देते हैं। मंदिर के एक तरफ हम लोगों को प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिली। यह मूर्तियां भगवान बुद्ध की थी। मंदिर के बाहर परिसर में एक प्राचीन कुआ था। इस कुआँ में जाने का रास्ता मंदिर से नहीं था।  मंदिर के बाहर से इस कुआ में जाने का रास्ता था। मगर हम लोगों ने कुएं को मंदिर परिसर से ही देखा और मंदिर घूम कर, हम लोग बाहर निकल गए। बाहर हम लोगों को बहुत सारे बच्चे देखने के लिए मिले , जो ग्रामीण ही थे और खेल रहे थे। कुछ बच्चे हम लोग के पास आए और पैसे मांगने लगे। हम लोगों ने उन्हें कुछ पैसे दे दिए। उसके बाद यहां पर हम लोगों को और ढेर सारे घोड़े देखने के लिए मिले और हम लोगों ने बहुत सारी फोटो क्लिक करें। 
 
 
जैन मंदिर कौशांबी - Jain Temple Kaushambi / कौशांबी की यात्रा
भगवान बुद्ध की मूर्ति 

जैन मंदिर कौशांबी - Jain Temple Kaushambi / कौशांबी की यात्रा
उत्तर प्रदेश टूरिज्म का बोर्ड

जैन मंदिर कौशांबी - Jain Temple Kaushambi / कौशांबी की यात्रा
मंदिर का प्रवेश द्वार

जैन मंदिर कौशांबी - Jain Temple Kaushambi / कौशांबी की यात्रा
मंदिर का बोर्ड

जैन मंदिर कौशांबी - Jain Temple Kaushambi / कौशांबी की यात्रा
मंदिर के पास मैदान में घास चरता घोडा

 
 
 


घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar site Kaushambi / Kaushambi travel / Kaushambi Fort

 
घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी एक प्राचीन स्थल है। यह एक भारतीय सर्वेक्षण स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह इसलिए प्रसिद्ध है, क्योंकि इस जगह भगवान बुद्ध अपने अनुयायियों के साथ आए थे और उन्होंने ने यहां पर प्रवचन दिया था। यहां पर बुद्ध भगवान काफी समय तक रहे थे। यह चैत्य एवं विहार दोनों था।
 
हम लोग अशोक स्तंभ स्थल घूमने के बाद, घोषिताराम विहार स्थल की तरफ जाने के लिए पैदल चल पड़े। घोषितराम विहार स्थल अशोक स्तंभ स्थल से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर दूर होगा। पैदल रास्ता था और इस रास्ते में आपको ज्यादा भीड़ देखने के लिए नहीं मिलेगी। इक्का-दुक्का गाड़ी ही आपको यहां पर देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर हम लोगों को घोड़े देखने के लिए मिले, जो बड़े-बड़े मैदानों पर घास चर रहे थे। हम लोग पैदल पैदल घोषिताराम विहार स्थल पर पहुंचे। बाहर बोर्ड लगा हुआ था और बच्चे खेल रहे थे। हम लोग अंदर गए, तो अंदर हमें इस स्थल के बारे में जानकारी मिली। अंदर एक बोर्ड लगा था , जिसमे इस जगह के बारे में जानकारी थी।
 

घोषिताराम विहार स्थल का इतिहास

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी

 
घोषिता राम बिहार प्राचीन बौद्ध साहित्य में विशिष्ट से उल्लेखित है। इसी कारण इसका नाम घोषिता राम बिहार पड़ा। जब बुद्ध श्रावस्ती में थे। घोषित अपने मित्रों के साथ कौशांबी उन्हें आने का निमंत्रण देने के लिए गया था। बुद्ध और उनके अनुयायियों के लिए उसने इस बिहार का निर्माण कराया था। बुद्ध प्राय बिहार में रहते थे। यहां पर उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण प्रवचन दिए थे। इस बिहार में बौद्ध संघ का पहला विभेद उत्पन्न हुआ था। जब यहां बुद्ध रुके हुए थे, यहां पर बुद्ध को देव दंत के षड्यंत्र के विषय में जानकारी मिली। वैशाली में संघ के भी विमत हो जाने पर घोषिता राम हीनयान के महासाधक संप्रदाय का केंद्र बन गया। 
 
कतिपय महत्वपूर्ण अभिलेख आयाग कमल दल के आकार वाले दीपस्तंभ तथा बिहार के उत्कीर्ण मुहर जो उत्खनन के दौरान प्राप्त हुई थी। निश्चित रूप से घोषिता राम बिहार की पहचान तथा कौशांबी नगर की पहचान को सिद्ध करते हैं। उत्कीर्ण मुहर पर अंकित है। 
 
"कौशांब्या घोषिताराम विहारे भिक्षु संघस्य शिलाकारापिता"
 
यह चैत्य एवं बिहार दोनों था। 
 

Ghositaram Vihar site Kaushambi ki Photo

घोसिताराम विहार स्थल कौशाम्बी की फोटो

 
 
घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi
घोसिताराम विहार स्थल का बोर्ड

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi
घोसिताराम विहार स्थल में बने अवशेष

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi
घोसिताराम विहार स्थल में बने अवशेष

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi
घोसिताराम विहार स्थल में बने अवशेष

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi
घोसिताराम विहार स्थल में बने अवशेष

घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi
मैदान में घास चरता घोड़ा

 
 
 
घोषिताराम विहार स्थल कौशांबी - Ghositaram Vihar sthal Kaushambi
घोसिताराम विहार स्थल में बने अवशेष

 
 
हम लोग जब यहां पर गए थे, तब यहां पर स्थित अवशेषों की मरम्मत हो रही थी। यहां पर आपको प्राचीन अवशेष देखने के लिए मिल जाएंगे। इन अवशेषों को देखकर लगता है, कि यहां पर किसी समय में किला रहा होगा। यहां पर आपको किले के बहुत सारे अवशेष देखने के लिए मिल जाएंगे। मगर इन अवशेषों में अब मरम्मत हो गई है, तो यह अवशेष नए जैसे लगेंगे। घोषिता राम बिहार स्थल भी चारों तरफ से तार की बाउंड्री से घिरा हुआ है। यहां पर आप आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर अच्छा लगेगा। यहां पर सरकार के द्वारा वॉशरूम की सुविधा दी गई है।  इस जगह को कौशांबी के किले के नाम से जान सकते हैं, क्योंकि यह जगह किले जैसी लग रही थी। यहां पर मरम्मत का काम चल रहा था। यहां पर आपको बहुत सारे अवशेष देखने के लिए मिल जाएंगे। 


अशोक स्तंभ बौद्ध स्थल कौशाम्बी - Ashok Pillar Buddhist site Kaushambi

अशोक स्तंभ स्थल कौशांबी - Ashok pillar site Kaushambi / Kaushambi ka kila / Kaushambi Travel


अशोक स्तंभ स्थल कौशांबी एक प्राचीन स्थल है। यह कौशांबी नगर में स्थित है। कौशांबी नगर इलाहाबाद से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप कौशांबी पर आकर बहुत सारे प्राचीन स्थल देख सकते हैं। उनमें से अशोक स्तंभ स्थल भी एक है। यहां पर आपको एक प्राचीन स्तंभ देखने के लिए मिलता है और इस स्तंभ में प्राचीन भाषाओं में लेख लिखा है। वह भी आप देख सकते हैं। मगर आप पढ़ नहीं पाएंगे। इसके अलावा यहां पर आपको प्राचीन नगर के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक कुआं है। वह आप देख सकते हैं।  सरकार की तरफ से यहां पर वॉशरूम की सुविधा की गई है और यहां पर ज्यादा भीड़ होने की स्थिति में टिकट की व्यवस्था होगी। मगर हम लोग जब गए थे, तब यहां पर ऐसा कुछ नहीं था।  
 
हम लोग कौशांबी बस के द्वारा गए थे। हम लोगों को बस इलाहाबाद बस स्टैंड में करीब 11 बजे मिल गई थी। बस वाले ने हमें 1 बजे के करीब कौशांबी में छोड़ दिया था। हम लोग का किराया कौशांबी तक का ₹60 लगा था। हम लोग दो व्यक्ति थे। हम लोगों से बस वाले ने पूछा, कि आप लोग कौशांबी क्यों जा रहे हैं, तो हम लोगों ने बस वाले से बोला कि, हम लोग वहां घूमने जा रहे हैं, तो बस वाले ने हम लोग को कहा, कि आप कौशांबी का किला देखने जा रहे हैं। अब हम लोग को कौशांबी के बारे में जानकारी नहीं थी, तो हम लोग ने हा बोला। हम लोग कौशांबी का किला देखने जा रहे हैं। हम लोगों को बस वाले ने कौशांबी थाने के पास उतार दिया। अब यहां से हम लोग वह पैदल यात्रा करनी थी। यहां पर पर्यटक ज्यादा नहीं आते हैं। इसलिए यहां पर आपको ऑटो वगैरह नहीं मिलेगी।  थाने के पास से हम लोग पैदल पैदल अपने गंतव्य की तरफ बढ़ने लगे। रास्ते में हमें खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिले। यहां पर हमें सरसों के खेत देखने के लिए मिले, जो बहुत ही खूबसूरत लग रहे थे। ऊंचे ऊंचे पहाड़ भी देखने के लिए मिल रहे थे। यह जगह ग्रामीण है, तो यहां का जो एरिया है। वह हरा भरा था। आप जब भी यहां आएंगे तो, आपको यहां पर अच्छा लगेगा। यहां पर हम लोग धीरे-धीरे अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे और हम लोग करीब 2 किलोमीटर चलने के बाद कौशांबी के किले के पास पहुंचे।  
 
कौशांबी के किले के पास पहुंचकर। हमें इस स्थल के बारे में पता चला। यह स्थल अशोक स्तंभ स्थल है। इस स्थल के चारों तरफ तार की बाड़ी लगी थी, ताकि इस स्थल को किसी भी प्रकार का नुकसान ना हो। यहां पर गेट लगा हुआ था। गेट के बाजू में ही एक छोटा गेट था, जिसे खोल कर अंदर जा सकते थे। हम लोग ने गेट खोला और अंदर गए। यहां पर हमें घरों के अवशेष देखने के लिए मिले, जो पुराने जमाने के घर थे। यह अवशेष देखने में ज्यादा पुराने नहीं थे, क्योंकि इन अवशेषों की मरम्मत कर दिया गया था। इसलिए यह ज्यादा पुराने नहीं दिख रहे थे। आप आगे जाएंगे, तो आपको एक अशोक स्तंभ देखने के लिए मिलेगा। अशोक स्तंभ के चारों तरफ रॉड की बाउंड्री बना दी गई है, ताकि इसे किसी भी तरह का नुकसान ना पहुंचाया जाए। यहां पर एक कुआं भी है। कुएं के मुंह में लोहे की रॉड लगा दिए गए हैं, ताकि कोई भी इस कुएं में गिरे ना।  हम लोग जब यहां गए थे , तब यहां पर कोई भी नहीं था। यहां पर पर्यटक भी ज्यादा नहीं आते हैं। यह जगह ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है, मगर ज्यादा फेमस नहीं है। इसलिए यहां पर लोग बहुत ही कम आते हैं। यहां पर होली के टाइम में ज्यादा लोग आपको देखने के लिए मिल जाएंगे।  
 

 अशोक स्तंभ स्थल कौशांबी की फोटो

 Photo of Ashok Pillar site Kaushambi

 
 
अशोक स्तंभ बौद्ध स्थल कौशाम्बी - Ashok Pillar Buddhist site Kaushambi
अशोक स्तंभ स्थल कौशांबी का बोर्ड

अशोक स्तंभ बौद्ध स्थल कौशाम्बी - Ashok Pillar Buddhist site Kaushambi
अशोक स्तंभ

अशोक स्तंभ बौद्ध स्थल कौशाम्बी - Ashok Pillar Buddhist site Kaushambi
अशोक स्तंभ स्थल पर बने अवशेष

अशोक स्तंभ बौद्ध स्थल कौशाम्बी - Ashok Pillar Buddhist site Kaushambi
अशोक स्तंभ स्थल पर बना कुआं

अशोक स्तंभ बौद्ध स्थल कौशाम्बी - Ashok Pillar Buddhist site Kaushambi
अशोक स्तंभ स्थल पर बने अवशेष

 
 
हम लोग जब इस स्थल पर घूम रहे थे। तब यहां पर गांव का एक बच्चा निकला, तो हम लोगों ने इस बच्चे से पूछा, कि यहां पर और कौन-कौन सी जगह घूमने के लिए है, तो उसने हमें दो जगह के बारे में बताया और हम लोग उस जगह की तरफ पैदल ही चल दिए।