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सीकर जिले के पर्यटन स्थल - Sikar tourist places

सीकर जिले के दर्शनीय स्थल - Major places to visit in Sikar District \ सीकर जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह 


सीकर राजस्थान राज्य का मुख्य जिला है। सीकर राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर से करीब 115 किलोमीटर दूर है। सीकर शेखावाटी रीजन का एक मुख्य क्षेत्र है। शेखावाटी रीजन में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। पूरे भारत में खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध मंदिर सीकर में ही स्थित है। सीकर में अरावली पर्वत श्रेणी भी देखने के लिए मिलती है। सीकर में सड़क माध्यम से पहुंचा जा सकता है। सीकर में रेल माध्यम से भी पहुंचा जा सकता है। यहां पर रेलवे स्टेशन है। सीकर में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। चलिए जानते हैं - सीकर में घूमने लायक कौन-कौन सी जगह है। 


सीकर में घूमने की जगह - Sikar mein ghumne ki jagah


मारु पार्क सीकर - Maru Park Sikar

मारु पार्क सीकर जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। मारु पार्क सीकर जिले में सांवली मार्ग पर स्थित है। यह पार्क मुख्य शहर से 3 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पार्क बहुत बड़ा और बहुत सुंदर है। पार्क में बहुत सारे आकर्षण है, जहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। पार्क में एक तालाब बना हुआ है। इस तालाब को माधव सागर बड़ा तालाब के नाम से जाना जाता है। यह तालाब देखने में बहुत सुंदर लगता है। यह तालाब अष्टकोणीय है। तालाब में पानी तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर आप बैठ के तालाब का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। वैसे इस तालाब में लोग गंदगी करते हैं। बोतल एवं कचरा फेंक देते हैं, जिससे तलाब गंदा हो गया है। मगर यहां पर आकर अच्छा लगता है। 

इसके अलावा यह पार्क बहुत सुंदर है। पार्क में चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर बहुत सारे फूल वाले पौधे लगे हुए हैं। यहां पर झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। आप इस पार्क में घूम सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


सीकर संग्रहालय सीकर - Sikar Museum Sikar

सीकर संग्रहालय सीकर जिले का एक मुख्य दर्शनीय स्थल है। सीकर संग्रहालय, सीकर जिले में सांगली रोड में स्थित है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं, क्योंकि यह मुख्य सड़क में बना हुआ है। यह मुख्य सीकर जिले से करीब 3 किलोमीटर दूर है। आपको इस संग्रहालय में बहुत सारी प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर हर्षनाथ मंदिर की बहुत सारी वस्तुएं और मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। 

यहां पर शेखावत लोगों की जीवन को दर्शाया गया है। यहां पर आपको मूर्तियों, हथियारों, पुराने सिक्के का अच्छा संग्रह देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। इन सभी चीजों के बारे में जानकारी देखने के लिए मिलती है। यहां पर मिट्टी के बर्तन देखने के लिए मिलते हैं। आप अगर इतिहास में रुचि रखते हैं, तो आप इस जगह जरूर घूमने के लिए आए। आपको अच्छा लगेगा। यहां पर प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यह संग्रहालय मारु उद्यान के पास बना हुआ है। 


नेहरू पार्क सीकर - Nehru Park Sikar

नेहरू पार्क सीकर जिले में घूमने वाली एक मुख्य जगह है। नेहरू पार्क सीकर जिले में सालासर जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित है। यह पार्क गवर्नमेंट हॉस्पिटल के ठीक सामने बना हुआ है। यह पार्क बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस पार्क में बहुत सारे प्लांट लगे हुए हैं। यहां पर फूलों वाले बहुत सारे प्लांट है, जो इस पार्क की शोभा को बढ़ाते हैं। 

इस पार्क में आपको नेहरू जी की मूर्ति देखने के लिए मिलेगी, जो सफेद पत्थर की बनी हुई है और जिसमें नेहरू जी के महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में भी जानकारी दी हुई है। यहां पर छोटा सा फव्वारा देखने के लिए मिलता है। पार्क में, बीच-बीच में कहीं-कहीं बैठने के लिए स्थान भी बनाए गए हैं। पार्क में चारों तरफ हरियाली है। आप यहां आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर सुबह एवं शाम के समय मॉर्निंग वॉक के लिए बहुत सारे लोग आते हैं। यह जगह बहुत सुंदर है। इस पार्क के पास में ही सीकर का तालाब देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर है। तलाब का डिजाइन बहुत ही आकर्षक है। आप यहां पर आ सकते हैं। 


देवगढ़ का किला सीकर - Deogarh Fort Sikar

देवगढ़ का किला सीकर में घूमने की एक मुख्य जगह है। यह किला प्राचीन है। देवगढ़ का किला सीकर से करीब 10 किलोमीटर दूर हर्षनाथ रोड पर स्थित है। यह किला ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। इस किले में, अगर आप घूमने के लिए जाते हैं, तो अपने साथ खाना और पानी जरूर लेकर जाएं। क्योंकि यहां पर किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। 

देवगढ़ का किला पहाड़ी के ऊपर चोटी पर बना हुआ है और किले का बहुत सारा भाग खंडित हो गया है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि किले से चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह किला बहुत ही जबरदस्त लगता है। इस किले का निर्माण सीकर के राव राजा देवी सिंह के द्वारा 1787 में किया गया था। 

देवगढ़ का किले में आपको प्राचीन दीवार, बुर्ज, किले का प्रवेश द्वार और महल देखने के लिए मिलते है। देवगढ़ किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है और इस किले में पानी के लिए जलाशय बनाया गया था, जिसमें वर्षा जल एकत्र किया जाता था और इसका उपयोग किया जाता था। देवगढ़ किले से सूर्यास्त का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप घूमने के लिए आते हैं, तो अपने दोस्तों के साथ या ग्रुप के साथ आये। यहां पर अकेले घूमने के लिए ना आए और इस किले में आप दिन के समय आए, रात के समय ना आए। 


बुधगिरी जी की मढ़ी सीकर - Budhgiri ji ki mandi siker

बुधगिरी जी की मढ़ी सीकर जिले का एक प्रसिद्ध स्थल है। यह जगह विश्व प्रसिद्ध है। यह जगह सीकर जिले में फतेहपुर तहसील में स्थित है। यह जगह फतेहपुर तहसील के बाहरी क्षेत्र में बनी हुई है। बुधगिरी एक सन्यासी थे। उन्होंने यहां पर तप किया था। यह उनके तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। यहां पर उनकी समाधि स्थित है। यह मंदिर या तपोस्थली एक पहाड़ी पर बनाई गई है। यहां पर आपको प्राचीन शिव मंदिर देखने के लिए मिलता है, जिसमें शिवलिंग विराजमान है। 

यहां पर हिंगलाज माता का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह जगह ऊंचाई पर बनी हुई है, जिससे यहां पर फतेहपुर शहर का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदिर की वास्तुकला बहुत अच्छी है। मंदिर में छोटा सा गार्डन बना हुआ है, जहां पर बैठकर शांति का अनुभव किया जा सकता है। यहां पर गौशाला भी बनी हुई है। यहां पर गेस्ट हाउस भी बना हुआ है, जहां पर दूर से आने वाले पर्यटक रुक सकते हैं। यहां पर बहुत सारे मंदिर है, जो अन्य देवी-देवताओं को समर्पित है। 


श्री धोली सती दादी जी मंदिर सीकर - Shri Dholi Sati Dadi Ji Mandir Sikar

श्री धोली सती दादी जी का मंदिर सीकर जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सीकर जिले में फतेहपुर में स्थित है। यह मंदिर फतेहपुर शहर के बीचो बीच बना हुआ है। इस मंदिर में माता का विग्रह बहुत सुंदर है। यह मंदिर सफेद मार्बल से बना हुआ है। मंदिर बहुत ही आकर्षक लगता है। मंदिर का गर्भ ग्रह चांदी का बना हुआ है। मंदिर में सभी प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर, जो भी भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं, उनके रहने के लिए गेस्ट रूम और खाने पीने की सुविधा यहां पर उपलब्ध है। यहां आकर अच्छा लगता है। 


श्री दो जंटी बालाजी धाम सीकर - Shree Do Janti Balaji Dham Sikar

श्री दो जंटी बालाजी मंदिर बहुत सुंदर है। यह मंदिर सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सीकर जिले के फतेहपुर का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर फतेहपुर नगर के बीचो बीच बना हुआ है। 

इस मंदिर में बालाजी हनुमान जी की बहुत सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यह मंदिर बहुत अच्छी तरह बना हुआ है। मंदिर के अंदर रेत का बड़ा सा आंगन देखने के लिए मिलता है, जिसमें आपको रेगिस्तान जैसी फीलिंग आएगी। यहां पर आप रेत में खेल सकते हैं। 

मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत सुंदर है। मंदिर के प्रवेश द्वार में गणेश जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर चाय और नाश्ते के लिए बहुत सारी दुकान है। यहां पर पार्किंग के लिए अच्छी व्यवस्था है। यह मंदिर मुख्य सड़क में स्थित है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां आकर शांति मिलती है। यह मंदिर शेखावत रीजन में घूमने वाली एक मुख्य जगह है।  


श्री लक्ष्मी नाथ मंदिर सीकर - Shri Laxmi Nath Temple Sikar

श्री लक्ष्मी नाथ मंदिर सीकर जिले का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सीकर जिले की फतेहपुर तहसील में स्थित है। यह फतेहपुर में घूमने वाली मुख्य जगह है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर करीब 500 साल पुराना है। यह मंदिर फतेहपुर शहर के बीचोबीच बना हुआ है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं और मंदिर में घूम सकते हैं। यह मंदिर विष्णु भगवान जी को समर्पित है। मंदिर में आपको लक्ष्मीनाथ भगवान के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

इसके अलावा मंदिर में शिव भगवान जी, हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर का गर्भ ग्रह बहुत सुंदर है। मंदिर के गर्भ गृह में बहुत सुंदर काम किया गया है। लक्ष्मीनाथ मंदिर फतेहपुर का आस्था का केंद्र है। लक्ष्मीनाथ जी को फतेहपुर का नगर सेठ कहा जाता है। यह मंदिर फतेहपुर की सब्जी मंडी के पास बना हुआ है। 


लक्ष्मणगढ़ का किला सीकर - Laxmangarh Fort Sikar

लक्ष्मणगढ़ का किला सीकर जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। लक्ष्मणगढ़ का किला सीकर जिले में लक्ष्मणगढ़ में स्थित है। यह किला ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह किला प्राचीन है। यह किला बहुत सुंदर है। यह किला एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है। इसलिए आप इस किले को बाहर से देख सकते हैं। इस किले के अंदर नहीं जा सकते हैं। इस किले में हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं। इस किले को सीकर के महाराजा राव राजा लक्ष्मण सिंह जी के द्वारा बनवाया गया था।  यह किला 1805 में बनाया गया था। 


श्री नाथ जी महाराज का आश्रम सीकर - Shree nath jee maharaj ashram sikar  

श्री नाथ जी महाराज का आश्रम सीकर का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। श्री नाथ जी महाराज का आश्रम सीकर जिले में, लक्ष्मणगढ़ में घूमने वाली प्रमुख जगह है। यह जगह श्री श्रद्धा नाथ जी की तपोस्थली के रूप में जानी जाती है। लोगों का मानना है, कि यहां पर आकर मन की इच्छा पूरी होती है। इस आश्रम में आपको पॉजिटिव एनर्जी फील होगी। 

इस आश्रम में बहुत बड़ी लाइब्रेरी है, जहां पर किताबों का अच्छा संग्रह है। आपको यहां पर बहुत सारी किताबें पढ़ने के लिए मिलेगी। इस आश्रम में आपको बहुत सारे पक्षी देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर मोर आप आसानी से देख सकते हैं। यहां पर पक्षी और मोर को दाना डाला जाता है। यहां पर आकर शांति का अनुभव होता है। यहां पर बहुत सारे छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं। दीपावली के समय इस मंदिर को लाइटों से सजाया जाता है। यह मंदिर सीकर में घूमने लायक एक मुख्य जगह है। 


हर्षनाथ का मंदिर सीकर - Harshnath Temple Sikar

हर्षनाथ मंदिर सीकर जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर सीकर जिले से 20 किलोमीटर दूर हर्ष पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर, जिस पहाड़ी के ऊपर स्थित है। उस पहाड़ी को हर्ष पर्वत के नाम से जाना जाता है। मंदिर के पास ही हर्ष गिरी गांव बसा हुआ है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर प्राचीन है और खंडहर अवस्था में था। इसे भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित करके व्यवस्थित किया गया है। मंदिर के बहुत सारे अवशेष यहां वहां रखे गए हैं। यहां पर आपको मंदिर की दीवारों पर की गई बहुत सुंदर कारीगिरी देखने के लिए मिलती है। पूरा मंदिर पत्थर का बना हुआ है और मंदिर की दीवारों में सुंदर-सुंदर कारीगरी की गई है। 

यहां पर आपको मंदिर से कुछ दूरी पर भैरव बाबा जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। मंदिर से दूर-दूर तक का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदिर के पास बैठने के लिए एक अच्छी जगह बनाई गई है। मंदिर के पास व्यू पॉइंट बना हुआ है, जहां से आप दूर दूर तक के दृश्य को देख सकते हैं। यहां पर बैठने की व्यवस्था भी की गई है। यह जगह सीकर में देखने लायक है। 

मंदिर से शाम के समय सूर्यास्त का बहुत जबरदस्त दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप घूमने के लिए आते हैं, तो आपको यहां पर विंडमिल भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर पहाड़ी में बहुत सारी विंडमिल लगाई गई है। यह पूरा मंदिर नक्काशी दार है। यहां पर बरसात के समय आना बहुत अच्छा लगता है, क्योंकि बरसात के समय पूरी हर्षगिरी की पहाड़ियां हरियाली से घिर जाती है। मंदिर तक आने के लिए सड़क व्यवस्था है। मंदिर पर पार्किंग की अच्छी व्यवस्था है। मंदिर में आने के लिए, आपको सर्पाकार सड़क देखने के लिए मिलती है। यहां पर बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। मंदिर के अंदर आपको सफेद रंग के संगमरमर से बने शिवलिंग देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। यहां पर आकर बहुत जबरदस्त लगता है। 

हर्षनाथ मंदिर का निर्माण चाहमान शासक विग्रहराज प्रथम के शासनकाल में किया गया था। वह एक शैव संत अल्लत द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर विक्रम संवत 1030 में बना है। शिव भगवान जी चाहमान शासकों के कुलदेवता थे। यह मंदिर महामेरू शैली में बना हुआ है। मंदिर में आपको गर्भगृह, अंतराल, कक्षासन युक्त रंग मंडप एवं अर्थ मंडप के साथ एक अलग नंदी मंडप की योजना देखने मिलती है। अपने मौलिक अवस्था में यह मंदिर एक शिखर से परिपूर्ण था, जो आप खंडित हो चुका है। वर्तमान खंडित अवस्था में यह मंदिर अपने स्थापत्य विशेषताओं एवं सुंदर मूर्तियों के लिए उल्लेखनीय है। 

मंदिर से कुछ ही दूरी पर एक दूसरा मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर मध्यकालीन है तथा शिव को समर्पित है। मंदिर से कुछ ही दूरी पर भैरव बाबा का मंदिर है। अगर आप सीकर घूमने के लिए आते हैं, तो आपको हर्षनाथ मंदिर जरूर घूमने के लिए आना चाहिए। यह मंदिर पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध है और इस मंदिर में बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। 


लालोलाव बालाजी धाम सीकर - Lalolao Balaji Dham Sikar

लालोलाव बालाजी धाम सीकर जिले का एक मुख्य मंदिर है। यह मंदिर सीकर जिले में हर्षनाथ मंदिर जाने वाली सड़क मार्ग स्थित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यहां पर चारों तरफ पहाड़ी का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर बालाजी हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिलते है, जो बहुत सुंदर है। 


श्री जीण माता धाम सीकर - Shri Jeen Mata Dham Sikar

श्री जीण माता धाम सीकर का फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। यह मंदिर सीकर जिले से करीब 30 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर सीकर में रेवासा गांव के पास बना हुआ है। यह रेवासा गांव से 10 किलोमीटर दूर है। आप इस मंदिर से अपने वाहन से आराम से पहुंच सकते हैं। जीण माता को जयंती माता के नाम से जाना जाता है। यहां पर माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर मुख्य मंदिर का गर्भग्रह बहुत सुंदर है। पूरे गर्भग्रह को चांदी की प्लेटिंग सजाया गया है और इसमें सुंदर डिजाइन बनाया गया है। गर्भग्रह में माता की बहुत सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

जीण माता का मंदिर बहुत अच्छी लोकेशन में है। यहां पर चारों तरफ पहाड़ियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां चारों तरफ हरियाली है। बरसात में यह जगह और भी ज्यादा आकर्षक हो जाती है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि इस मंदिर की स्थापना पांडवों के द्वारा की गई थी। जब पांडव अज्ञातवास के दौरान यहां पर आए थे। तब उन्होंने मंदिर की स्थापना की थी। 

मंदिर के पास एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो प्राचीन है। इस कुंड के किनारे सीढ़ियां बनी है। आप इस प्राचीन कुंड को देख सकते हैं। मंदिर के पास में ही आपको काजल शिखर देखने के लिए मिलता है। काजल शिखर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर पहुंचने के लिए हजार सीढ़ियां है। यहां पर मंदिर बना हुआ है। कहां जाता है, कि यहां पर अमर ज्योति जल रही है, आप यहां पर दर्शन करने के लिए आ सकते हैं और यहां पर आप आकर चारों तरफ का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। आप यहां पर आ कर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह सीकर में घूमने लायक एक मुख्य जगह है। 


रेवासा झील सीकर - Rewasa Lake Sikar

रेवासा झील सीकर में घूमने के लिए प्रमुख जगह है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। यह झील सीकर जिले से करीब 30 किलोमीटर दूर रेवासा गांव में स्थित है। झील के आसपास बहुत सारे पक्षी देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं और बहुत सारी पक्षी की प्रजातियां को देख सकते हैं। 


रेवासा का किला सीकर - Rewasa Fort Sikar

रेवासा का किला सीकर का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह किला सीकर जिले में रेवासा ग्राम में स्थित है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले तक जाने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। किले में पहुंचकर एक खंडहर किला देखने के लिए मिलता है। किले का अधिकतर भाग टूटी हुई अवस्था में है। किले से आप दूर तक फैला हुआ सुंदर पहाड़ का दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर आते हैं, तो खाना पानी जरूर लाएं। क्योंकि यहां पर इस तरह की कुछ भी व्यवस्था नहीं है। आपको यहां पर मजा बहुत आएगा। 


श्री बालाजी मंदिर सालासर सीकर - Shree Balaji Mandir Salasar Sikar

श्री बालाजी मंदिर सीकर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पूरे भारत देश और पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यह मंदिर सालासर धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर सीकर जिले के पास घूमने वाली प्रमुख जगह है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यह मंदिर सफेद मार्बल से बना हुआ है। मंदिर का जो गर्भगृह बहुत ही अच्छी तरह से डिजाइन किया गया है और इसमें चांदी और सोने का काम किया गया है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। मंदिर के गर्भगृह में बालाजी भगवान जी की बहुत सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। 

बालाजी भगवान को अर्पित करने के लिए प्रसाद, महाप्रसाद, लड्डू, चिक्की, बूंदी मिठाई मंदिर के अंदर ही मिल जाती है।  मंदिर में सभी प्रकार की व्यवस्था हैं। आप यहां सुबह के समय आते हैं, तो आपको श्री बालाजी के अच्छे से दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। आपको यहां पर लाइन में खड़े होना पड़ता है। अगर आप वीआईपी दर्शन करने के लिए जाते हैं, तो आपको जल्दी दर्शन मिल जाते हैं। मंदिर के अंदर फोटो लेना की मनाही है। 


शिव मंदिर सालासर - Shiv temple salasar

शिव मंदिर सालासर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मंदिर सालासर में बस स्टैंड के पास बना हुआ है। इस मंदिर का आकार शिवलिंग जैसा है। इस मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत सुंदर है। प्रवेश द्वार में आपको शिव परिवार के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के अंदर आपको शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते है। यहां पर भगवान की धूनी जलती रहती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको अच्छा लगेगा। यह मंदिर मुख्य सड़क में स्थित है। यह सीकर के पास घूमने की सबसे अच्छी जगह है। 


अंजनी माता का मंदिर सालासर - Anjani Mata Temple Salasar

अंजनी माता का मंदिर सालासर में घूमने वाली एक प्रमुख जगह है। अंजनी माता का मंदिर सालासर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और अंजनी माता के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर गर्भ गृह में अंजनी माता की बहुत सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। अंजनी माता ने यहां पर हनुमान जी को अपनी गोद में उठाया हुआ है। मंदिर परिसर में हनुमान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर परिसर में राम जी, सीता जी और लक्ष्मण जी के दर्शन करने के लिए भी मिल सकते हैं। आप इस मंदिर में, श्री बालाजी मंदिर घूमने के बाद, अंजनी माता के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं। यहां पर अच्छा लगता है। मंदिर के पास में आपको तिरुपति बालाजी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 


श्री खाटू श्याम जी का मंदिर सीकर - Shri Khatu Shyam Temple Sikar

खाटू श्याम जी का मंदिर राजस्थान का प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में खाटू श्याम जी के दर्शन करने के लिए देश और विदेशों से भी लोग आते हैं। यह मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है। यह सीकर जिले का मुख्य आकर्षण स्थल है। यह सीकर जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर खाटू नाम की जगह में है और राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर है। खाटू श्याम जी के मंदिर तक पहुंचने के लिए, सड़क की व्यवस्था बहुत अच्छी है आप यहां पर ट्रेन के माध्यम से भी आ सकते हैं। ट्रेन से आने के लिए आपको रींगस तक आना पड़ता है। उसके बाद आप सड़क माध्यम से मंदिर तक पहुंच सकते हैं। 

खाटू श्याम जी का मंदिर बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है। मंदिर की प्रवेश द्वार में सोने से की सुंदर नक्काशी की गई है। मंदिर में गर्भ ग्रह में खाटू श्याम जी के सिर के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर को बहुत अच्छी तरह से सजाया गया है। खाटू श्याम जी को बहुत सारे नामों से जाना जाता है। खाटू श्याम जी को लखदातार नाम से जाना जाता है, क्योंकि कहा जाता है, कि खाटूश्यामजी से आप जो कुछ भी मांगते हैं। वह आपकी इच्छा जरूर पूरी करते हैं। 

खाटू श्याम जी को बाबा श्याम, हारे का सहारा, लखदातार, खाटू श्याम जी, खाटू का नरेश, शीश का दानी विभिन्न नामों से जाना जाता है। खाटू श्याम जी के मंदिर में, जो सिर की प्रतिमा विराजमान है। वह खाटू श्याम मंदिर से थोड़ी दूरी पर जमीन की खुदाई करके प्राप्त की गई थी। इसके लिए एक बहुत ही आश्चर्यजनक घटना घटी थी। जहां से यह प्रतिमा प्राप्त हुई, वहां पर अब श्याम कुंड बना हुआ है। 

हर साल फाल्गुन महीने में, यहां पर विशाल मेला लगता है। जिसे फाल्गुन मेले के नाम से जाना जाता है। इस मेले में बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। इस मेले में लाखों की संख्या में लोग आते हैं। यह मेला 8 दिनों के लिए आयोजित होता है। यह मेला फागुन माह की षष्ठी से द्वादशी तक लगता है। खाटू श्याम जी का मंदिर एक प्रसिद्ध स्थल है और आप यहां पर आकर खाटू श्याम जी के दर्शन कर सकते हैं। 


श्री श्याम कुंड सीकर - Shree Shyam Kund Sikar

श्री श्याम कुंड सीकर जिले का दर्शनीय स्थल है। यह धार्मिक स्थल है। यह कुंड पवित्र है। इस कुंड में लोग स्नान करते हैं और अपने सभी कष्टों को भुला देते हैं। इस कुंड के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर बाबा श्याम के सिर का अवतरण हुआ था। इसलिए इसे श्याम कुंड के नाम से जाना जाता है। कुंड में स्नान करके भगवान खाटू श्याम के दर्शन करने के लिए लोग जाते हैं। यहां पर 2 कुंड बने हुए हैं। 1 कुंड महिलाओं के लिए और एक पुरुष के लिए बना है। यह कुंड बहुत ही अच्छी तरह से डिजाइन किया गया है। कुंड के चारों तरफ बाबा के जयकारे के स्लोगन लिखे हुए हैं। यह सीकर का एक पिकनिक स्पॉट है। 


रामगढ़ सीकर - Ramgarh Sikar

रामगढ़ शेखावाटी सीकर जिले का एक फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। रामगढ़ सीकर जिले का एक प्राचीन स्थल है। रामगढ़ सीकर जिले की एक तहसील है और रामगढ़ में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। रामगढ़ शेखावटी के नाम से जाना जाता है। यह शेखावटी रीजन का प्रमुख क्षेत्र है। यहां पर आपको बहुत सारी प्राचीन स्थल देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको रामगढ़ का किला, वेदरनय हवेली, बाबा रामदेव जी का प्राचीन मंदिर, काली माता का मंदिर, गणेश मंदिर, रामदेवरा मंदिर, भैरवमल का कुआ देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत सारी जगह घूम सकते हैं। आपको यहां आकर अच्छा लगेगा। 


सीकर राजस्थान के अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थल - Famous Tourist Places Of Sikar Rajasthan

रेवासा धाम सीकर 
जैन मंदिर रेवासा
महालक्ष्मी मनोकामना पूरण मंदिर अलोदा ग्राम सीकर
सीकर का किला
फतेहपुर की बावड़ी





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चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का

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मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।