Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास झरने

Waterfalls Near Jabalpur City

जबलपुर जिला के आसपास के झरने


जबलपुर मध्य प्रदेश राज्य का एक जिला है। जबलपुर को संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है। जबलपुर में बहुत सारे दर्शनीय स्थल है। आज के लेख में मैं आपको जबलपुर जिले के झरनों के बारे में बताऊंगी। जबलपुर जिले में बहुत सारे झरने हैं। जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। चलिए जानते हैं जबलपुर जिले के झरनों के बारे में

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Bagdari Falls 


 जबलपुर के आसपास  झरने (Waterfalls Near Jabalpur)

1. धुआंधार जलप्रपात - Dhuandhar Falls (Bhedaghat)

धुआंधार जलप्रपात (Dhuandhar Fallsजबलपुर में स्थित है। यह जलप्रपात पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह जबलपुर शहर की शान है। यह पर आप अपना अच्छा टाइम बिता सकते है यह जलप्रपात जबलपुर मुख्य शहर से लगभग 25 किमी की दूरी पर भेडाघाट में स्थित है। यह झरना नर्मदा नदी पर बना है। यह पर नर्मदा नदी 30 फीट उची चटटानों से नीचे गिरती है। यह बहुत ही खूबसूरत दिखाता है। यह पर आपको संगमरमर की चटटानें देखने मिलती है। इन संगमरमर के चटटानों के बीच से नर्मदा नदी बहती है। यह पर जलप्रपात देखने के अलावा आप शापिंग भी कर सकते है। यह पर आपको बहुत सारी दुकान देखने मिल जाएगी। यह पर रोपवे की भी सुविधा है। रोपवे से आप धुआधार का खूबसूरत नजारा देख सकते है। आप यह पर नर्मदा नदी मे बोटिग भी कर सकते है और सगमरमर की वदियों का मजा ले सकते है। इस जलप्रपात का मजा आप पूरे साल ले सकते है।

धुआंधार जलप्रपात (Dhuandhar Falls) से करीब 1 से डेढ किमी की दूरी पर चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) स्थित है। यहां पर आप प्राचीन समय के चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) के भी दर्शन कर सकते हैं। चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) में आपको 64 मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती है, जो खंडित अवस्था में है। यहां पर मंदिर के बीच में शिव भगवान जी का मंदिर बना हुआ है। जो प्राचीन समय का है जिस में शिव जी की पत्थर की मूर्ति विद्यमान है।

पचमट्ठा मंदिर धुआंधार जलप्रपात से करीब 2 से ढाई किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं। इस मंदिर में पांच मंदिर बने हुए हैं जिनमें शिव शिवलिंग स्थापित है।

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Dhuandhar Fall
s


2. घुघरा जलप्रपात - Ghughra Falls

घुघरा जलप्रपात (Ghughra Falls) नर्मदा नदी पर बना है। यह बहुत खूबसूरत एवं शांत जगह है। घुघरा जलप्रपात (Ghughra Falls) एक छोटा सा मगर बहुत खूबसूरत जलप्रपात है। यह पर आपको नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत नजरा देखने मिलता है। यह पर आप अपनी गाडी सीधे जलप्रपात के पास तक लेके जा सकते है। यह पर पानी का बहाव बहुत तेज है। यह पर ज्यादा भीड नही होती है या कहा जाए तो बिल्कुल भीड ही नहीं रहती है। तो यह पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते है यह पर आप अपनी फैमिली और फेडस के साथ आ सकते है। यह झरना जबलपुर से करीब 20 किमी की दूरी पर स्थित होगा। यह पर आप अपने वाहन से जा सकते है। यह जलप्रपात धुआधार से लगभग 5 से 6 किमी की दूरी पर होगा। यह पर ज्यादा शाॅप नहीं है केवल एक ही शाॅप है इसलिए आप ज्यादा समय के लिए जा रहे तो अपने लिए खाना और पानी लेकर जाए। 

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Ghughra Falls


3. भदाभदा जलप्रपात - Bhadbhada Falls

भदाभदा जलप्रपात (Bhadbhada Falls) गौर नदी पर बनता है। यह बहुत खूबसूरत जलप्रपात है। यह का दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है। यह पर ज्यादा भीड नही रहती है इसलिए यह पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते है। यह पर पानी का वहाव बहुत तेज होता है। यह पर आप अपने फैमिली और फेडस के साथ जाये । यह पर आपको बहुत सुंदर दृश्य दिखने मिलेगा। यह पर आप अपनी वाहन से असानी से पहुॅचा सकता है। यह पर बस या आटो नही चलती है। यह एक अच्छी जगह है। यह झरना आपको साल भर देखने नहीं मिलेगा यह गर्मी में पानी नही रहता है। इसका झरने का मजा आप बरसात और ठंड मे ले सकते है। यह झरना जबलपुर से 15 से 20 किमी की दूरी पर स्थित है। 

भदाभदा जलप्रपात (Bhadbhada Falls) से लगभग 5 से 6 किमी की दूरी पर जमतरा ब्रिज है। जहां से आपको नर्मदा मैया का खूबसूरत नजारा दिखेगा। यह पर गौर नदी आकर नर्मदा नदी से मिलती है आप वो भी देख सकते है। यह पर एक पुराना ब्रिज है जिसमें से पुराने समय में रेल निकलती थी। अब यहां से रेल नहीं निकलती है अब यहां पर आप घूमने जा सकते है। 

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Bhadbhada Falls

4. निदान जलप्रपात - Nidan Falls

निदान जलप्रपात (Nidan falls) बहुत खूबसूरत है। इस जगह की खूबसूरत की लाजाबाब है। निदान जलप्रपात  (Nidan falls) चारों तरफ खूबसूरत पहाडो से घिरा हुआ है। यह जबलपुर शहर 50 से 55 किमी की दूरी पर कंटगी पर स्थित है। आपको बरसात के समय मे कंटगी रोड से यह जलप्रपात दिखता है। यह पर आपको पर्किग चार्ज लगता है। आपको पार्किग चार्ज 20 रू लगता है। मै इस जलप्रपात 2019 में गई थी। हम लोग बरसात के मौसम में गए थे। आपको यह पर जाकर पर्किग स्थल से 1 किमी पैदल चलना पडता है। यहां चारों तरफ हरियाली और बहता हुआ पानी बहुत खूबसूरत लगता है। यह पर आप ग्रुप मे जाया क्योकि यहां पर जलप्रपात तक जाने के लिए जंगल वाला रास्ता पडता है इसलिए सेफटी का ध्यान जरूर दे। यह पर कुंड पर भी आप सेफटी का ध्यान दे क्योकि यह का कुंड गहरा है।  

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने


5. खंदारी जलप्रपात एवं जलाशय - Khandari Lake and Falls

खंदारी जलप्रपात (Khandari fall) जबलपुर शहर का एक मुख्य जलप्रपात है। इस जलप्रपात का मजा आपको बरसात में लेने मिलता है। यह पर एक छोटा सा जलप्रपात बनता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। हम यहां पर 2019 में गए थे। यहां पर खंदारी जलाशय (Khandari Lake) है। साल 2019 में बरसात बहुत ज्यादा हुई थी जिससे खंदारी जलाशय (Khandari Lake) ओवरफलो हो गया था, जिसको देखने के लिए पूरे जबलपुर से लोग आये हुए थे। यह पर खंदारी जलाशय (Khandari Lake) के पास ही मे एक छोटी सा झरना बनता है जो बहुत खूबसूरत लगता है। आप यहां पर नहा भी सकते। यहां का आसपास का वातावरण बहुत अच्छा है। यह जबलपुर शहर से 10 से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। यह पर आप अपने वाहन से जा सकते है।

6. बगदरी झरना - Bagdari Falls

बगदरी झरना (Bagdari falls) जबलपुर शहर से 50 से 55 किमी की दूरी पर है। बगदरी झरने (Bagdari falls) तक आप अपने वाहन से असानी से पहॅुच जायेगे। यह पर बहुत खूबसूरत झरना है। यहां पर आकर बहुत एजांय कर सकते है। यह पर खासकर लडके ही ज्यादा देखने मिलता है। आप यहां पर आकर खूबसूरत पहडियों का दृश्य देखने मिल जायेगा। यह पर आप अपने फैडस और फैमिली के साथ आ सकते है। यह पर पानी बरसात मे होता है गर्मी मे पानी नहीं रहता है। यहां पर आप एक बडी सी चटटान में बैठकर झरने का सुंदर व्यू देखने मिल जाएगा।

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Bagdari Waterfalls 


7. टेमर झरना - Temar Falls

टेमर झरना (Temar Falls) जबलपुर के बरगी बांध पास ही मे स्थित है। इस झरने तक आप अपनी गाडी से जा सकते है। यह झरना बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर जाकर अच्छा समय बिता सकते है। यह जलप्रपात बरगी में काली जी विशाल मूर्ति के पास ही मे है। झरने तक जाने के लिए रोड कच्ची है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ जा सकते है और एजांय कर सकते है। 

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो। अपने इन झरनों में घूमा हो तो अपना अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam - Famous tourist place of Jabalpur City

बरगी बांध- जबलपुर शहर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

बरगी बांध नर्मदा नदी पर बना हुआ पहला बांध है। बरगी बांध जबलपुर जिले में बना हुआ है। मगर बरगी बांध का भराव क्षेत्र मंडला जिले तक है। बरगी बांध एक बहुत ही खूबसूरत बांध है। बरगी बांध जबलपुर का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। आप इस जगह पर अपना पूरा दिन बिता सकते हैं। यहां पर आपको बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। बरगी बांध में चारों तरफ आपको पानी पानी देखने मिलता है।

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Gate 


बरगी बांध जबलपुर में कहां स्थित है और आप कैसे जा सकते हैं

बरगी बांध जबलपुर में स्थित है। बरगी बांध जबलपुर से करीब 38 किलोमीटर की दूरी पर है। जबलपुर मध्यप्रदेश का एक जिला है। बरगी बांध में आपको पहुंचने के लिए किसी भी तरह की बस या ऑटो की सर्विस नहीं रहती है। बरगी बांध आप अपने वाहन से आ सकते हैं या आप  गाड़ी या आटो वगैरह बुक करके बरगी बांध तक पहुंच सकते हैं। आपके बरगी बांध जाने के लिए एक साधन और है। यहां पर आपका घंसौर और सिवनी के आसपास के गांव जाने के लिए बस भी चलती हैं। ये बसें बरगी बांध रूट से होते हुए जाते है, तो आप इन बस से भी बरगी बांध जा सकते है। आप जबलपुर से इन बसों में बैठ कर बरगी बांध में उतर सकते हैं। बाकी बरगी बांध तक जाने के लिए और कोई साधन नहीं है। 

बरगी बांध में आप नेशनल हाईवे 7 के द्वारा भी आसानी से पहुंच सकते हैं।  आप जबलपुर किसी अन्य शहर से आते है, तो आप बरगी बांध असानी से आ सकते है। नेशनल हाईवे 7 से बरगी बांध 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर होगा। नेशनल हाईवे 7 जबलपुर को नागपुर शहर को जोडता है।

अगर आप अपने वाहन से बरगी बांध आते है, तो आपको पहले से जबलपुर मंडला वाला रोड से आना होगा और गौर चौराहा से आपको आगे बढना होगा गौर चौराहा से बरगी बांध 25 किमी है। 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Gate 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam view 

बरगी बांध की खूबसूरती
The beauty of Bargi Dam


बरगी बांध एक खूबसूरत बांध है। अर्थात बरगी बांध का एक बहुत बडा जलाशय है। आप जब बरगी बांध जाते हैं, तो आपको यहां पर दूर-दूर तक पानी ही पानी नजर आता है। यहां पर आपको चारों तरफ पानी ही पानी देखने मिलता है। आप यहां पर पानी से सम्बान्धित गतिविधि भी कर सकते है। आप बरगी बांध में अपना पूरा दिन बिता सकते है। 

बरगी बांध जाने वाला रास्ता भी बहुत खूबसूरत है। आपको इस रास्ते में पेड़ पौधे देखने मिलते हैं। गर्मी के टाइम में पेड़ पौधों में लाल वाले फूल खिलते हैं, जिससे पूरे रास्ते में फुल फूल बिछ जाते है। ऐसा लगता है कि बरगी बांध आपका स्वागत कर रहा हो। 

आप बरगी बांध के गेट पर पहुंचते हैं, तो आपको यहां पर रेस्टोरेंट दिखाई देता है। जहां पर आप स्नेक वगैरह ले सकते हैं। चाय कॉफी पी सकते हैं। आप बरगी बांध के गेट से प्रवेश करते हैं, तो आपको बरगी बांध का खूबसूरत व्यू देखने स्टार्ट हो जाता है। आपको यहां पर नहर भी देखने मिलती है। यहां पर फोटो बहुत बढ़िया आती है। गर्मी के टाइम में बरगी बांध का पानी नीचे खिसक जाता है। बरगी बांध पर गर्मी के टाइम में आप शाम को आते हैं, तो आपको शाम को बहुत ही सुंदर दृश्य देखने मिलता है। आप पैदल ही बरगी बांध के गेट तक जा सकते हैं। इसकी दूरी काफी है, करीब 2 से 3 किमी होगा। बरगी बांध के प्रवेश गेट से बरगी बांध के गेट जहां से पानी निकलता है तक की दूरी बहुत ज्यादा है। यहां पर आप गाड़ी नहीं ले जा सकते हैं। पैदल ही जाना रहता है। बरगी बाध का प्रवेश द्वार कभी कबार का खुला रहता है, तो आप गाड़ी ले जा सकते हैं। बरगी बांध का गेट हमेशा ही बंद रहता है।

बरगी बांध के गेट जहां से पानी निकलता है के पास जाते हैं, तो गेट के अंदर जाने की मनाही है। ये गेट आपको बरसात के सीजन या फिर सण्डे के दिन आप जाते है, तो यह गेट खुले रहते है। तो आप लोग जा सकते है या फिर आपको गेट के पास बैठे चैकीदार को 10 या 20 रू देकर बरगी बांध घूम सकते है। 

वैसे मुझे तो बरगी बांध के इन गेटों पर बहुत ही डर लगता है। मगर आपको गेट के बाहर से बरगी बांध का बहुत ही प्यारा व्यू देखने मिलता है। बरगी बांध में वैसे बरसात एवं ठंडा के मौसम में ज्यादा भीड रहती है। गर्मी के मौसम में यहां पर कम भीड रहती है। बरगी बांध के गेट के पास ही मैं आपको उबली बैर और मक्के बेचते हुए लोग मिल जाएंगे। यह गांव वाले ही लोग रहते हैं जो ये सामान बेचते हैं, तो आप इनका आनंद भी उठा सकते हैं। 
आप बरगी बांध घूम के बरगी बांध के सामने का एरिया भी देख सकते हैं। आप बरगी बांध के गेट बरगी बांध के समाने से भी देख सकते है। बरगी बांध के सामने से घंसौर जाने के लिए रास्ता निकलता है। यह पर एक पुल बना है। आप इस पुल पर खंडे होकर बरगी बांध के पूरे गेट देख सकते है। बरगी बांध में 21 गेट है। 

आपको बरगी बांध में एक रेस्टोरेंट मिलता है। जहां पर आप कुछ स्नैक वगैरह खा सकते है। आप यहां पर चाय काफी भी ले सकते है। बरगी बांध में आपको वाटर स्र्पोटश का आंनद ले सकते है। यहां पर आपको बहुत सारे एडवेंचरस गेम भी देखने के लिए मिल जाते हैं जिसमें बोट राइड, फिशिंग वाटर, स्कूटर आदि सुविधाएं हैं। जिससे बरगी डैम की आपकी यात्रा और भी मनोरंजक बन जाएगी। 

बरगी बांध का नजारा बहुत ही खूबसूरत होता है। बरसात में बरगी बांध के  गेट खोल दिए जाते हैं। जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगते हैं। पानी बहुत ज्यादा रहता है बरसात के टाइम में। जो बरगी बांध के गेट है उनके उपर से पानी छलकता है। बरगी बांध गर्मी के टाइम में भी बहुत प्यारा लगता है। 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Canal 

बरगी बांध के आसपास में घूमने वाली जगह
Places to visit in the vicinity of Bargi Dam.


बरगी बांध के आस-पास भी बहुत सारे दर्शनीय स्थल है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आपको घूमने के लिए एक शिव भगवान जी का मंदिर है। जो ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। जहां पर जाकर आपको बरगी बांध का बहुत ही खूबसूरत व्यू दिखाई देता है। यह शिव मंदिर है। यह पूरी तरह सफेद मार्बल से बना हुआ है और बहुत खूबसूरत मंदिर है। इस मंदिर में अच्छे से साफ सफाई की गई है। इस मंदिर तक आप अपनी गाड़ी लेकर जा सकते हैं। यह बरगी बांध का व्यूप्वाइंट है जो बहुत अच्छा है। आप यहां पर   घूम सकते हैं। इसके अलावा बरगी बांध में आपको काली जी प्रतिमा भी देखने मिलती है। यहां जबलपुर की सबसे ऊंची प्रतिमा देखने मिल जाएगी। यह प्रतिमा काली जी की है और यह करीब 106 फीट ऊंची है। इस प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। नवरात्रि में यहां पर बहुत भीड़ रहती है। यह प्रतिमा लोगों को दूर से दिखाई दी जाती है। इस मंदिर को काली गढ़ स्टेट के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर फेमस है।

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो या फिर आप बरगी बांध घूमा हो तो अपने अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Information about Pandava Cave of Pachmarhi
पचमढ़ी के पांडव गुफा की जानकारी 


पांडव गुफा पचमढ़ी की एक खूबसूरत और धार्मिक जगह है। पांडव गुफा पचमढ़ी शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। पचमढ़ी शहर का नाम पांच पांडव गुफा के नाम पर रखा गया है। यहां पर एक बहुत बड़ी चट्टान है। जिस पर गुफा बनाई गई है। यह पचमढ़ी शहर का एक खूबसूरत जगह है। यहां पर खूबसूरत गार्डन भी है, जिसमें आपको तरह तरह के फूल देखने मिलते हैं।

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Pandav Cave Garden 


पचमढ़ी के पांडव गुफा की स्थिति
Status of Pandav Cave of Pachmarhi


पचमढ़ी एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। पचमढ़ी सतपुडा की पहाडियों में बसा है। पचमढ़ी को सतपुडा की रानी कहा जाता है। पचमढ़ी होशंगाबाद शहर में स्थित है। होशंगाबाद शहर मध्य प्रदेश का एक जिला है। पचमढ़ी में आप रेलगाडी के माध्यम से पहूॅच सकते है। पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। पांडव गुफा पचमढ़ी में स्थित है। पांडव गुफा पचमढ़ी से करीब 2 या 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं। बहुत से लोग जिप्सी या ऑटो से यहां आते है। 

यहां पर हम लोग बहुत पहले करीब 10 साल पहले पैदल ही आये थे। उस समय पचमढ़ी में इतनी गाड़ियां वगैरह नहीं चलती थी। उस टाइम पर यहां पर इतने ज्यादा टूरिस्ट लोग नहीं आते थे। अभी तो बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पर उस टाइम पर हम लोग पांडव गुफा तक पैदल आ गए थे और अभी हम लोग गाड़ी से यहां पर घूमने गए थे। हम पाडंव गुफा अभी 2019 गए थें इस समय पचमढ़ी में बहुत बदलाव हो चुका है। यहां पर मै और मेरी मम्मी और हमारे साथ एक अंकल जो हम लोगों के साथ जिप्सी शेयरिंग किया था। हम लोग पांडव गुफा पहुॅचे यहां पर मेरी मम्मी गुफा के उपर नहीं चढी वहां नीचे खडी रही और मै अंकल हम दोनों इस गुफा के उपर चढकर पूरी गुफा  घूमें।  यहां पर मेरा अनुभव अच्छा रहा जो मै आपके साथ शेयर कर रही हूॅ। 

पांडव गुफा का विवरण
Description of Pandav Cave

पांडव गुफा पर एक बड़ी सी चट्टान है, ये गुफाए चटटानों को काटकर बनाई गई है। यह पर अब इन गुफाओं में ताला लगा दिया गया है, इन गुफाओं के जानें पर मनाही है, क्योंकि लोग इन गुफाओं को गंदा करते हैं। गुफा के अंदर ही बाथरूम वगैरह कर देते हैं। इसलिए गवर्नमेंट ने इन गुफाओं में ताला लगाया है। इन गुफाओं को देखने के लिए आपको इन गुफाओं तक पहुॅचना होगा उसके लिए इन चट्टान में सीढ़ियां बनाई गई है। चट्टान को तराश कर सीढ़ियां बनाई गई है। सीढ़ियों में रेलिंग लगाई गई है, ताकि कोई इन चट्टानों से गिरे ना। क्योंकि लोग बडे ही लपरवाह होते है। लोगों की लपरवाही के कारण यह बडी चटटान से गिर सकते है। इसलिए रेलिंग लगी है। इसके अलावा यह चटटान भी बहुत बडी है। आप इन गुफाओं को देखते है तो आपको बहुत    बढिया लगती है। 
पांडव गुफा एक छोटी से गुफा है जो खुली हुई है, जिसमें सरकार ने ताला नहीं लगाया है। मगर लोग उस गुफा में ही बाथरूम कर देते है। हम इन प्राचीन गुफा में इस तरह गंदा नहीं करना चहिए। इन गुफाओं को साफ रखना चहिए।

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Pandav Cave 

पांडव गुफा के सामने एक उद्यान स्थित है, जो बहुत खूबसूरत है। इस उद्यान में तरह तरह के फूल लगाए गए हैं। इस उद्यान की अच्छी तरह देखभाल की जाती है। इस उद्यान से होते हुए ही पांडव गुफा तक जाने का रास्ता है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है। आप इस उद्यान में बैठकर अपना समय बिता सकते हैं।

इस उद्यान पर आप फोटो भी खिंचा सकते हैं। आपकी फोटो यहां पर बहुत अच्छी आती है। यह एक अच्छी लोकेशन है और यहां पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आकर खूब मजे कर सकते हैं।

पांडव गुफा के बारे में कहा जाता है कि इन गुफाओं को बौद्ध भिक्षुओं द्वारा  बनाया गया है। आपको इन गुफाओं की बनावट और रचना से देखकर इस बात की जानकारी मिल सकती है। इन गुफाओं का निर्माण 6 वीं से 10 वीं शताब्दी के मध्य किया गया होगा। पांडव गुफा में आपको स्तंभ देखने मिलेगें जिनमें खूबसूरती से उकेर कर डिजाइन बनाया गया है। 

पांडव गुफा की चोटी में आपको ईट की एक संरचना के अवशेष देखने मिल जाएगे। जो प्राचीन समय में यह पर बौध्द स्तूप होगा। इसके अलावा यहां बुद्ध भगवान की एक मूर्ति मिली थी जो अब भोपाल में है।

पांडव गुफाओं के बारे में कहा जाता है कि इन गुफाओं में प्राचीन समय में पांडव आए हुए थे। निष्कासन काल के दौरान पांडव यहां पर रहने आए थे। पांडव यहां पर काफी समय तक रहे थे। युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव, भीम पाॅच पांडव थे और उनकी पत्नी द्रौपदी थी। इसलिए इन गुफाओं को पांडव गुफा कहा जाने लगा। इन गुफाओं में अलग अलग कक्ष है, जिनमें पांडव रहते थे। यह पर कहा जाता है कि द्रोपदी के लिए अलग कक्ष था। यह कथ बडा और हवादार था। भीम के लिए जो कक्ष था वो गहरा था। 

यह घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। आप यहां पर मार्च के पहले आयेगे तो अच्छा होगा। वैसे पचमढ़ी में गर्मी में भी लोग आते है। आप यहां पर गर्मी में आते है तो आपको यह पर जरूर परेशानी हो सकती है, क्योकि यह पर पहाडी पर किसी भी प्रकार की छाया की व्यवस्था नहीं है। गार्डन में आने वाले रास्ते में शेड लगाया गया है। 

पांडव गुफा के गार्डन के बाहर आपको बहुत सारी रोमाचक गतिविधि करने मिल जाती है। यह छोटी बाइक की सवारी करने मिल जाती है, जो बच्चों के लिए होती है। बच्चे यहां पर एंजाय कर सकते है। इसके अलावा यह पर आपको बहुत सारी फास्ट फुड की दुकानें मिल जाएगी। जहां से आप मैंगी या और कुछ फास्ट फुड आर्डर कर सकते है। यहां पर आपको घोडे भी देखने मिल जाएगे। यहां पर घुडसवारी का आंनद भी ले सकते है। 

पांडव गुफा फोटोग्राफी के लिए एक अच्छी जगह है। आप पांडव गुफा के ऊपर से पचमढ़ी का पूरा दृश्य देखा जा सकता है। पांडव गुफा अच्छी तरह से प्रबंधित पर्यटक स्थल है। गार्डन का रखरखाव ठीक से किया जाता है। यह जगह काफी आकर्षण लगती है। यह एक शांतिपूर्ण जगह है। 

हमारा इस जगह का अनुभव बहुत अच्छा रहा है और आप इस जगह आ सकते है। यह पचमढ़ी के बहुत ही पास ही में स्थित है। आप यहां पर असानी से पहुॅच सकते है। आप अगर पैदल आना चाहते है तो इस जगह आ सकते है। अगर आप यहां साइकिल से आने चाहते है, तो आ सकते है। साइकिल से  पचमढ़ी का सफर बहुत बढिया होता है। यह पर गर्मी के मौसम में भी 30 से 35 डिग्री तापमान रहता है। इसलिए लोग यहां पर गर्मी में भी आते है। 

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Rani Durgavati Sanctuary Beautiful Part of Damoh City.

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य दमोह जिले का एक खूबसूरत जगह है। यह जगह प्रकृति से भरपूर एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर आकर आप अपना पूरा दिन बिता सकते हैं। यहां पर आपको पूरा जंगल देखने मिलेगा और जंगली जानवर भी देखने मिलेंगे। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में जंगल में घूमने के अलावा भी बहुत सारी जगह है जहां पर आप घूम सकते हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Najara View Point

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य का लोकेशन

Location in Rani Durgavati Sanctuary


यह अभ्यारण्य मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित है। दमोह जिला जबलपुर जिले के बहुत करीब है। इस अभ्यारण्य में जबलपुर जिले से भी पहुंचा जा सकता है और दमोह जिले से भी पहुंचा जा सकता है। यह अभ्यारण्य दमोह जिले के सिंग्रामपुर तहसील के पास स्थित है। यह अभ्यारण्य दमोह जिले के सिंग्रामपुर तहसील में स्थित है। सिंग्रामपुर तहसील से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य 4 या 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा। यह अभ्यारण्य दमोह जबलपुर हाईवे रोड पर ही पड़ता है, तो आप यहां पर सड़क के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप अपनी बाइक के द्वारा आसानी से आ सकते हैं। आप इस अभ्यारण्य में कार से भी आ सकते हैं। 

आप रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में बाइक से अच्छी तरह घूम सकते है। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य  जितनी भी जगह है। वह पूरी तरह प्राकृतिक एवं प्राचीन है। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपको जंगली जानवर देखने मिलते है। आपको यह पर बहुत सारी जगह आपको देखने मिलती है।

रानी दुर्गावती अभ्यारण का एंट्री चार्ज
Rani Durgavati sanctuary's entry charge


रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपके वाहन का 60 रू. लगता है। आपको एक एंट्री टिकट मिलती है। इस टिकट के जरिये आप इस अभ्यारण्य में जितने भी  दर्शनीय स्थल है वो आप इस एंट्री टिकट से घूम सकते है। ये 60 रू. आपकी गाडी का चार्ज होता है आपकी जितनी भी गाडी रहेगी उन सभी गाडी का 60 रू. लगेगा। हम लोगों ने कार का पता नहीं किया था कि कितना चार्ज लगेगा कार का। मेरे हिसाब से कार का चार्ज भी 60 रू. लगता होगा। हम लोग स्कूटी ले गए थे तो स्कूटी का हम लोग का 60 रू. लगा था। आप यह 60 रू. देकर रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की निदान जलप्रपात, नजारा व्यू पांइट, सिंगौरगढ का किला, दानीताल तालाब, सद्भावाना शिखर, और भी बहुत से जगह देख सकते है। रानी दुर्गावती अभयारण्य में मैंने जिन भी जगह घुमा है। मैं आपको उन जगहों की जानकारी आपसे शेयर कर रही हूं।

निदान जलप्रपात - Nidan Waterfalls 

निदान जलप्रपात रानी दुर्गावती अभ्यारण में स्थित है और यह बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात है। यह जलप्रपात चारों तरफ से सुंदर पहाड़ियों से घिरा हुआ है और आपको जलप्रपात तक पहुंचने के लिए करीब एक से डेढ़ किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ता है। आप दूर से भी इस जलप्रपात को देख सकते हैं जो बहुत खूबसूरत दिखता है यहां पर आप जाकर जलप्रपात के नजदीक में बैठ सकते हैं। यहां पर एक कुंड भी है जहां पर आप स्नान कर सकते हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Nidan Waterfall

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Nidan Waterfall 

निदान जलप्रपात, दमोह

सिगौरगढ का किला - Fort of Singaurgarh

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपको सिगौरगढ का किला देखने मिलता है। यह एक खूबसूरत महल हुआ करता था अर्थात प्राचीन समय में यहां पर रानी दुर्गावती का गढ हुआ करता है। यह पर रानी दुर्गावती का विवाह हुआ था। यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण्य के अंदर स्थित है। आपको इस किले तक पहुॅचने के लिए आपको रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की मुख्य सडक से 3 से 4 किमी की दूरी दूरी तक चलना होता है। आप यह पर अपनी गाडी से आसानी से जा सकते है। आपको यह पर जाने के लिए आधी दूर पर कच्ची सडक मिलती है। आपकी गाडी या कार इस सडक पर असानी से चल जाती है। कहीं कहीं पर आपको पक्की सडक मिल जाती है। इसके अलावा आपको यहां पर एक तालाब भी देखने मिलेगा। यह तालाब भी प्राचीन समय का है। इस तालाब में पुराने समय में रानी दुर्गावती जी स्नान करने के लिए आती थी। यहां पर आपको एक हनुमान मंदिर भी देखने मिल जाएगा, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह हनुमान मंदिर प्राचीन समय का है। इस हनुमान जी के प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर दूर से लोगों आते है और जो भी फॉरेस्ट ऑफिसर ड्यूटी जॉइन करता है। वह जरूर इस हनुमान मंदिर में दर्शन करने के लिए आते है। इस तालाब के बारे में कहा जाता है कि यहां पर मगरमच्छ है। तालाब के पास बोर्ड लगा हुआ है जिसमें इस बारें में सूचना दी गई है। इसके अलावा यहां पर जो व्यू रहता है, वो बहुत मस्त है। तालाब के आसपास का नजारा बहुत ही मनोरम रहता है। यहां पर आपको अद्भुत दृश्य देखने मिलता है। तालाब के किनारे बेल के पेड़ हैं जो बहुत प्यारे लगते हैं। इस तालाब के आगे भी आपको खूबसूरत व्यू देखने मिलता है।

इस महल के जाने वाले रास्ते में एक महल और है जो ऐसा लगता है कि सैनिकों के रहने के लिए बनाया गया है। यह महल भी बहुत पुराना है और बहुत खूबसूरत लगता है। आप जब जंगल की सैर करने जाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे आप एक अलग दुनिया में आ गए हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Fort of singaurgarh


नजारा व्यूप्वाइंट - Najara View Point

रानी दुर्गावती अभयारण्य में आपको नजारा व्यूप्वाइंट भी देखने मिलता है। नजारा व्यूप्वाइंट्स में आपको दमोह जिले के रानी दुर्गावती अभ्यारण का खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलती है और यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। दमोह शहर का सबसे ऊंचा पॉइंट है जहां से अब दूर दूर तक का व्यू देख सकते हैं।

नजारा व्यू प्वाइंट, दमोह जिला


दानी तालाब - Dani Talab

रानी दुर्गावती अभयारण्य में आपको दानी तालाब देखने मिलता है। दानी  तालाब हाईवे रोड के बाजू में ही स्थित है। आप इस तालाब में ढेर सारे कमल के फूल देख सकते हैं और दानी  तालाब  के आसपास का जो जंगल का एरिया है वह भी आप देख सकते हैं।

वॉच टावर - Watch Tower

रानी दुर्गावती अभयारण्य में वॉच टावर भी स्थित है। यह वॉच टावर हाईवे रोड से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। आपको करीब 1 एक से डेढ़ किलोमीटर चलना पड़ता है। आपकी गाड़ी भी टावर तक आसानी से चली जाती है। यहां पर एक टावर बनाया गया है जिसमें आपको सीढ़ियों से चढ़कर जाना पड़ता है। आप इस टावर से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की खूबसूरती देख सकते हैं। आपको इस टावर से चारों तरफ पहाड़ियों का व्यू देखने मिलता है। इसके अलावा यहां पर फॉरेस्ट के जो कर्मचारी हैं। उनके रहने के लिए भी एक घर बनाया गया है। वह भी आप देख सकते हैं। वह भी बहुत खूबसूरत है।

रानी दुर्गावती अभयारण्य  अन्य जगह

Other Place in Rani Durgavati Sanctuary 

आप रानी दुर्गावती अभयारण्य में बड़ा चक्कर और छोटा चक्कर लगा सकते हैं आप बड़ा चक्कर और छोटे चक्कर लगाकर रानी दुर्गावती अभयारण्य का पूरी जगह घूम सकते हैं। आपको इस यात्रा में बहुत सारी जंगली जानवर देखने मिल जाएंगे। इसके अलावा रानी दुर्गावती अभयारण्य में जो भी जगह थी मैने उन सभी जगह की जानकारी आपको नहीं दी हूॅ क्योकि मै रानी दुर्गावती अभयारण्य की सभी जगह नहीं घूम पाई हूॅ। इसके अलावा भी रानी दुर्गावती अभयारण्य में बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यह जो भी जगह मैंने आपको बताया है। यह जगह मैं खुद घूमी हूं तो इनके बारे में मैंने आपको डिटेल में जानकारी दे दी हूं। जिन जगहों में आप रानी दुर्गावती अभयारण्य में घूम सकते हैं।

रानी दुर्गावती अभयारण्य में रतन कुंड है। 52 बजरिया है। आप गिरी दर्शन देख सकते है। सद्भावना शिखर है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं। इन जगह पर हम नहीं घूमे थे मगर आप इन जगहों पर जाकर घूम सकते हैं। 

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

View of Nidan falls 

रानी दुर्गावती अभयारण्य पर कहीं कहीं पर आपको फोन का नेटवर्क काम नहीं करता है, क्योंकि यहां पर पूरा जंगल और पहाड़ी वाला रास्ता है। इसलिए यहां पर फोन का नेटवर्क काम नहीं करता है। मगर आपको घूमने में बहुत मजा आएगा यहां पर जंगल में फॉरेस्ट के ऑफिस बने हुए हैं।

रानी दुर्गावती अभयारण्य पर आकर मुझको बहुत अच्छा लगा। यह हमारा  बहुत अच्छा एक्सपीरियंस रहा है। रानी दुर्गावती अभयारण्य जबलपुर जिले के पास में है, लगभग 50 से 60 किलोमीटर होगा। तो आप यहां पर कभी भी जा सकते हैं। अपनी 1 दिन का ट्रिप प्लान करके । दमोह जिले से भी रानी दुर्गावती अभयारण्य आ सकते हैं। 

रानी दुर्गावती अभयारण्य आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। यह जगह सुरक्षित है मगर कहीं कहीं पर सुनसान होता है। जहां पर भी दर्शनीय स्थल है। वहां पर लोग रहते हैं। मगर आप अपनी सेफ्टी का जरूर ध्यान दें। जगह अच्छी है आप जाकर काफी इजांय कर सकते है। 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी

पचमढ़ी का खूबसूरत सनसेट पॉइंट राजेंद्र गिरी

Pachmarhi's Beautiful Sunset Point Rajendra Giri


राजेंद्र गिरी एक बहुत खूबसूरत जगह है। राजेंद्र गिरी से आपको सूर्य अस्त का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। राजेंद्र गिरी से आपको खूबसूरत वादियां देखने मिलती है, जो बहुत मनमोहक रहती हैं। 

आपको राजेंद्र गिरी में बहुत मजा आता है। राजेंद्र गिरी पचमढ़ी में स्थित एक खूबसूरत व्यूप्वाइंट है। पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। पचमढ़ी होशंगाबाद शहर में स्थित है। पचमढ़ी पहुंचने के लिए आपको पिपरिया पहुंचना पड़ता है। पिपरिया से आपको बस या जिप्सी के माध्यम से आप यहां पचमढ़ी तक पहुंच सकते हैं। 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी

Rajendragiri Sunset View 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी


Rajendragiri Sunset View 

पचमढ़ी में राजेंद्र गिरी कहां स्थित है

Where is Rajendra Giri located in Pachmarhi.


पचमढ़ी पहुंचने के बाद आप राजेंद्र गिरी तक जिप्सी के द्वारा पहूॅच सकते है। आपको राजेंद्र गिरी जिप्सी बुक करके ही जाना पड़ता है। राजेंद्र गिरी जाने वाली सडक में आपको बहुत सारे व्यू पांइट देखने मिल जाते है। जिप्सी वाला आपको एक लाइन से इन सारे व्यू पांइट में घूमता हुआ राजेंद्र गिरी लेकर जाता है। सबसे पहले जिप्सी वाला आपको पांडव गुफा पहले लेकर जाता है उसके बाद हांडी खो को, उसके बाद प्रियदर्शनी, और उसके बाद बड़ा महादेव मंदिर और गुप्त महादेव मंदिर लेकर जाता है। उसके बाद आपका राजेंद्र गिरी लेकर जाता है। राजेंद्र गिरी सबसे लास्ट में है। ये सभी दर्शनीय स्थल एक ही रूट में आपको मिल जाते है। जिप्सी वाला इन जगह पर घुमाते हुए आराम से राजेंद्र गिरी लेकर जा सकता है। गाडी को पर्किग में खडा कर दिया जाता है, उसके बाद आप यह के चारों तरफ का व्यू देख सकते है। यह पर बहुत सारे लोग अपने शाम का समय बिताने आते है, क्योकि यह पर शाम का नजारा बहुत ही शानदार होता है। 

राजेंद्र गिरी में स्थित पार्क

Park located in Rajendra Giri


राजेंद्र गिरी में एक पार्क स्थित है। इस पार्क में प्रवेश का किसी भी तरह का चार्ज नहीं है। यह पर आप पूरा पार्क देख सकते है। वैसे यह पार्क छोटा सा ही है। आप इस पार्क से पचमढ़ी का खूबसूरत व्यू देख सकते है। यह पर खूबसूरत पहाडियों का व्यू अनोखा होता है। यह पर लोग अपना अच्छा समय बिताते है। इस पार्क के अंदर से सूर्यास्त का व्यू बहुत ही शानदार होता है। यह गार्डन बहुत खूबसूरत है और इस जगह पर सफाई का बहुत ज्यादा ध्यान दिया जाता है। 

राजेंद्र गिरी का नाम देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के नाम पर रखा गया है। राजेंद्र गिरी में डॉ राजेंद्र प्रसाद जी की एक मूर्ति भी स्थापित की गई है। यह पर एक वट वृक्ष लगा हुआ है। यह पर एक बोर्ड पर लिखा हुआ है कि इस वट वृक्ष को डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा लगाया गया था। 1953 में डा राजेंद्र प्रसाद ने यह वट वृक्ष लगाया था। जिसे अभी तक संरक्षित करके रखा गया है। 

राजेंद्र गिरी में पार्क के अंदर कुछ लोग टेलिस्कोप लिया होते है। जो आपको 10 रू चार्ज करते है। आप टेलिस्कोप के माध्यम से राजेंद्र गिरी की सुंदर वदियों का आंनद ले सकते है। टेलिस्कोप के द्वारा आपको बहुत ही बढिया व्यू देखने मिलता है। टेलिस्कोप की मदद से आप चैरागढ की पहाडियों और मंदिर भी देख सकते है। वैसे हम लोगों ने टेलिस्कोप का प्रयोग नहीं किया था। आप करना चाहे तो कर सकते है। 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी


Statue of Dr. Rajendra Prasad  

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी

Inside view of Rajendra Giri Garden 

राजेंद्र गिरी में स्थित फास्ट फूड की शॉप

Fast food shop located in Rajendra Giri.


राजेंद्र गिरी गार्डन के बाहर आपको बहुत सारी खाने-पीने की दुकानें देखने मिल जाती है। आपको यह पर ही लोगों बैठ हुए देखने मिलते है। सबसे ज्यादा यहीं पर भीड रहती है। यह पर आपको हर तरह का फास्ट फुड मिल जाता है। यह का फेवरेट फास्ट फूड मैंगी है। मैंगी यह पर आराम से मिल जाती है और मैंगी में अलग अलग वैरायटी मिल जाती है। यह पर मैंगी 30 या 40 रू की मिलती है एक प्लेट। 10 रू वाली मैंगी 30 या 40 रू मिल जाती है। इसके अलावा यह पर चाय भी मिल जाती है। यह पर बहुत ज्यादा भीड रहती है। यह पर खाने का सामान और चाय वगैरह का रेट बहुत ज्यादा है। हम लोगों ने तो यह पर चाय बस आर्डर किया था। वह शायद हम लोगों को 10 रू की मिल थी। उसके अलावा जो खाने का सामान है, वह भी बहुत ज्यादा महंगा मिलता है। पानी की बोतल की बहुत ज्यादा महंगी है तो आपकी मर्जी आप यहां जाकर कुछ खाना पीना चाहते हैं, तो खा सकते है। मगर हमारी हिम्मत ही नहीं हुई की हम लोग कुछ ना आर्डर कर सकें यहां पर। 

राजेंद्र गिरी में घुड़सवारी

Riding in Rajendra Giri


राजेंद्र गिरी में आपको अगर घुडसवारी करने का शौक है, तो यह पर आपको घोडे भी मिल जाते है। राजेंद्र गिरी गार्डन के बाहर आपको घोडे देखने मिल जाते है, जिनमें आप घुडसवारी कर सकते है। यह पर हम लोगों ने घुडसवारी का पता नहीं किया था। मगर आप चाहे तो कर सकते 100 रू के अंदर ही आपको यहां पर चार्ज किया जा सकता है। 

राजेंद्रगिरि एक सुंदर सूर्यास्त व्यू पांइट है। यह पर आकर आपको बहुत ही शांति मिलती है। यह पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है। यह पर आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते है। यह पर आपको सूर्यास्त का बहुत ही मनोरम व्यू रहता है। राजेंद्रगिरि से आपको सतपुडा की सुंदर पहाडियों देखने मिलती है। राजेंद्र गिरी में आपको पार्क में बैठने की जगह है, जहां पर आप बैठकर अच्छी तरह बिता सकते है। यहां पर बहुत शांति है। यहां पर बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा यह पर पीने के पानी की व्यवस्था भी है। यहां पर आपको वाशरूम की सुविधा गार्डन में नहीं देखने मिली। 

Rajendragiri Sunset Point, Pachmarhi - राजेंद्रगिरी सनसेट पॉइंट, पचमढ़ी


Beautiful view of Rajendra Giri 

राजेंद्र गिरी तक पहुंचने के लिए माध्यम

Medium to reach Rajendra Giri


आपको यह पर किसी भी तरह की चलने की जरूरत नहीं होती है। पर्किग स्थल से यह जगह बहुत ही पास हीं में है। यह पर पार्किग की लिए भी अच्छी जगह मिल जाती है। यह पर आप चाहे तो जिप्सी के अलावा यह पर साइकिल और बाइक से भी जा सकते है। पचमढ़ी से आपको साइकिल और बाइक किराए से मिल जाती है। जिनका किराया बहुत कम होता है। यह पर साइकिल से आने पर आपको बहुत अच्छा लगता है। आप अपने वाहन से आते है तो आप कहीं भी अपनी गाडी रोककर अच्छा व्यू देख सकते है। यह पर आपके वाहन का कुछ चार्ज लगता है। 

राजेंद्रगिरि में घूमने का मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा था। यह पर आपको बहुत बढिया लगता है। मै यहां पर अपनी मम्मी के साथ गई थी। मम्मी और मैनें यहां पर कुछ समय भी बिताया, जो बहुत अच्छा लगा।

चौरागढ़ मंदिर पचमढ़ी
प्रियदर्शनी पॉइंट पचमढ़ी

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh - हांडी खो, पचमढ़ी

 पचमढ़ी का खूबसूरत व्यू पांइट हांडी खो

Pachmarhi Beautiful View Point Handi Kho


हांडी खो  पचमढ़ी में प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां पर एक घाटी का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। हांडी खो  एक खूबसूरत घाटी जो हरे भरे पेड से भरी हुई है। हांडी खो में करीब 300 फुट गहरी खाई है। यह घाटी आगे जाकर हांडी का शेप बनाती है जो देखने में खूबसूरत लगता है। 

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh -  हांडी खो, पचमढ़ी

Handi Kho view


हांडी खो की स्थिाति


Handi Kho Position


यह खूबसूरत घाटी पचमढ़ी में स्थित है। यहां पर आपको प्राकृतिक खूबसूरती देखने मिल जाती है। यह खूबसूरत घाटी महादेव मंदिर जाने वाली रोड में पडती है। यहां पर पहुॅचने के लिए आपको जिप्सी मिल जाती है। हांडी खो पचमढ़ी नगर से 3 से 4 किमी की दूरी पर स्थित है। यह पर आप जिप्सी के अलावा साइकिल से भी जा सकते है। पचमढ़ी में आपको रेन्ट में साइकिल मिल जाती है जिससे आप हांडी खो असानी से पहूॅच सकते है और पचमढ़ी में साइकिल का सफर बहुत ही मजेदार होता है। पचमढ़ी का मौसम बहुत ही बढिया होता है। यहां पर आप पचमढ़ी के अन्य दर्शनीय जगह पर साइकिल के माध्यम से पहॅुच सकते है। आपको यह पर एक खाई देखने मिलती है, जो 300 फीट गहरी खाई है। यह पर जो खाई है, वह आगे जाने पर हांडी का शेप ले लेती है जो बहुत अच्छा दिखता है। यह पूरी तरह प्राकृतिक है और यहां पर आसानी से आ सकते हैं। आप जिप्सी से आसानी से आ सकते हैं। 

हांडी खो जाने का रास्ता और माध्यम


Handi Kho Track 


पचमढ़ी एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। पचमढ़ी होशंगाबाद में स्थित है।  यहां पर गर्मियों में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। पचमढ़ी आने के लिए आपको पहले पिपरिया आना होता है। उसके बाद आप पिपरिया से बस या जिप्सी के  द्वारा आसानी पचमढ़ी पहूॅच सकते है। पचमढ़ी आने तक का किराया 60 रू होता है। पचमढ़ी में उतर कर इस जगह पर जिप्सी के माध्यम से आसानी से जा सकते हैं। यह जाने के किराया 300 से 400 रू लगता है। आप शेयरिंग में जाते है तो 300 से 400 रू लगता है और अगर पर्सनल जिप्सी बुक करते है तो आपका ज्यादा किराया लग सकता है, ये किराया सीजन पर डिपेंड करता है, कि किस सीजन में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। उस सीजन में ज्यादा किराया लगता है।

हम लोगों ने भी जिप्सी बुक किया था। हम दो लोगों थे और हम लोग के साथ एक अंकल जी थे। तो हम लोग शेयरिंग में थे। हमारा 1 व्यक्ति का किराया 400 रू लगा था। 400 रू में जिप्सी वाले ने हम लोगों को पचमढ़ी के 10 से भी ज्यादा दर्शनीय स्थल घुमाया गया था। सबसे पहले हम लोग पांडव गुफा गए थे। उसके बाद हांडी खो, उसके बाद प्रियदर्शनी, उसके बाद बड़ा महादेव मंदिर और गुप्त महादेव मंदिर, उसके बाद राजेंद्र गिरी और राजेंद्र गिरी के बाद हम लोग सूर्य नमस्कार पार्क गए थे। जो मध्य प्रदेश का पहला सूर्य नमस्कार पार्क है। उसके बाद हम लोग जटाशंकर मंदिर गए थे।

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh -  हांडी खो, पचमढ़ी

Handi Kho View 

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh -  हांडी खो, पचमढ़ी

Handi Kho View 

हांडी खो की जानकारी


Handi Kho Information


हम लोग हांडी खो पहुंचे तो यहां पर पर्किग पास में ही थे। हम लोगों को ज्यादा दूर चलना नहीं पड़ था। पर्किग स्थल से 100 मीटर पैदल चलना पड होगा। आपको दूर से ही यह खूबसूरत घाटी दिखने लगता है। यहां पर घाटी बहुत गहरी है। करीब 300 फीट गहरी है। कहा जाता है कि यहां पर हांडी नाम के एक अंग्रेज व्यक्ति थे। जिनकी मृत्यु इस घाटी में गिरकर हो गई थी इसलिए इस घाटी नाम हांडी खो रखा गया। इसके अलावा इस जगह के बारे में एक धार्मिक कथा भी कहीं जाती है कि शंकर भगवान ने एक तक्षक नाम के नाग को मारकर इस घाटी में फेंका था। इसलिए यह घाटी हांडी खो कहलाती है। यह पचमढ़ी शहर की खूबसूरत जगह है। यह पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आया जा सकता है। 

यह पर चारों तरफ हरियाली रहती है और जो घाटी है। वह बहुत ही मस्त है। यहां पर आपको बहुत सारी दुकानें भी मिल जाती है। जहां पर आपको खाने पीने के लिए सामान मिल जाता है। मगर यह पर बहुत महंगा रहता है। अगर आप यहां पर आते हैं, तो अपने साथ खाने पीने का सामान और पानी की बोतल जरूर लाएं। क्योकि यह पर मिलने वाला सामान मंहगा होता है। अगर आप लेना चाहे तो ले सकते हैं। परन्तु मेरे हिसाब से तो यह मंहगा बहुत है। 

आप घोड़े की सवारी यहां पर कर सकते हैं, वैसे यह चार्ज ज्यादा नहीं है। आप दो या तीन राउंड घोडे की सवारी कर सकते है।  इस जगह की जो खूबसूरती है वह लाजवाब है इस जगह में दो पहाड़ियां हैं उनके बीच से गहरी खाई है जो करीब 300 फीट गहरी है। 

यहां पर घुड़सवारी का भी चार्ज आपको 80 रू लगा था। आप करना चाहे तो वह भी कर सकते हैं। यह भी एक अच्छा एक्सपीरियंस रहता है। मगर हम लोगों ने घोड़े की सवारी नहीं किया था। यहां पर आप आते हैं तो आपको बहुत संदर घाटी देखने मिलती है। यह घाटी पूरी तरह से प्राकृतिक है। यह घाटी हांडी का शेप ले लेती है, जो देखने में जबरदस्त होता है। 

Handi Kho Pachmarhi, Madhya Pradesh -  हांडी खो, पचमढ़ी

Handi Kho view



आप यहां पर कुछ टाइम बिता कर मजा ले सकते हैं। यहां पर आप अपने फैमिली वालों के साथ आ सकते हैं और अपने दोस्तों के साथ भी आकर यहां पर खूब इंजॉय कर सकते हैं। आप इस जगह के बारे में अपने जिप्सी ड्राइवर से इंफॉर्मेशन ले सकते हैं। आपका जिप्सी ड्राइवर इस जगह के बारे में आपको इंफॉर्मेशन दे सकता है। आपको वैसे गाइड लाने की आवश्यकता नहीं है। अगर आप इस जगह के बारें मे ज्यादा जानकारी जानना चाहते है, तो एक गाइड  ले सकते है, जो आपको पचमढ़ी और अन्य जगह की अच्छी जानकारी दे पायेगा। 

हम लोग पचमढ़ी मई के महीने में गए थे। यहां पर मई के महीने में आपको आइसक्रीम और जूस की दुकानें देखने मिल जाएंगी। यहां पर बहुत साफ सुथरा है। यहां पर बोर्ड भी लगा हुआ है कि आप इस जगह पर किसी भी तरह का कचरा ना फैलाए और यहां पर डस्टबिन रखा हुआ है। जहां पर आप अगर कुछ भी लाते हैं। खाने पीने का सामान तो आपका जो भी कचरा निकलता है आप डस्टबिन में डाल सकते हैं। यह घाटी बहुत खूबसूरत है जैसा कि पहले ही मैंने आपको बता चुकी हूं। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा अपना टाइम बिता सकते हैं। शांति से बैठ सकते हैं। यहां पर किसी भी तरह का शोर-शराबा आपको नहीं मिलेगा। यहां पर चिड़िया चहकती रहती है और बहुत शांति है । इस जगह भीड़ बनी रहती है क्योंकि बहुत सारे लोग आते हैं। गर्मी के सीजन यहां पर तो यहां पर भीड़भाड़ रहती है। यहां पर जब हम लोग गए थे।   

यह पर जब हम लोग गए थे। तब यह पर जिओ का नेटवर्क काम नहीं करता था। मगर अब यहां पर जियो का नेटवर्क कुछ जगहों पर मिल जाता है। जिओ नंबर से फोन आप कर सकते हैं और फोन लग जाते हैं। पहले यहां पर बीएसएनएल का नेटवर्क ही काम करता था । यह पर बीएसएनएल की सिम आराम से चल जाती है। मगर अब यहां पर जियो और एयरटेल चल जाते हैं उसके अलावा यहां पर आपको बहुत अच्छी सुविधाएं मिल जाती हैं

आपको यह पर प्रकृति द्वारा बनाई गई विशिष्ट प्रकार की हांडी की संरचना देखने मिलती है। यह शांतिप्रिय जगह है यह पर घुड़सवारी का आंनद लिया जा सकता है। आप इस स्थान पर दिन के किसी भी समय और किसी भी परिवार, दोस्तों, जोड़े, रिश्तेदारों के साथ जा सकते हैं।

चौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी
प्रियदर्शनी प्वाइंट, पचमढ़ी

बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

बड़ा महादेव मंदिर पचमढ़ी 


पचमढ़ी में बहुत सारी खूबसूरत जगह, इन खूबसूरत में जगह में से एक जगह है बड़ा महादेव और गुप्त महादेव। बड़ा महादेव मंदिर और गुप्त महादेव एक धार्मिक जगह है और पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से बने हुआ है। यह मंदिर प्राकृतिक वातावरण के बीच में स्थित है। इन दोनों मंदिर में गुफाएॅ है, जिनमें शंकर जी का शिवलिंग स्थापित है। 

बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

बड़ा महादेव मंदिर की स्थिति एवं पहुॅचने का रास्ता


बड़ा महादेव एवं गुप्त महादेव मंदिर पचमढ़ी में स्थित है। यह मंदिर पचमढ़ी से 10 से 11 किलोमीटर दूर होगें। बड़ा महादेव एवं गुप्त महादेव मंदिर पहुंचने के लिए आपको पचमढ़ी पहुंचना पड़ेगा। पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एक बहुत खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह हिल स्टेशन होशंगाबाद जिले में स्थित है। होशंगाबाद मध्य प्रदेश का एक जिला है। पचमढ़ी पहुंचने का सबसे अच्छा माध्यम ट्रेन का है। आप ट्रेन से आसानी से पचमढ़ी पहुंच सकते हैं। आपको ट्रेन के माध्यम से पहले पिपरिया आना होता है फिर उसके बाद पिपरिया से पचमढ़ी तक कर सफर बस के द्वारा किया जाता है। पिपरिया से पचमढ़ी के रास्ते में आपको बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। सर्पाकार सडक से आपकी बस जाती है जिसमें चलकर आपको मजा आता है। आपको बस से ही पचमढ़ी के प्रकृति सुंदरता देखने मिलती है। यहां पर आपको ऊंचे ऊंचे पहाड़ और खूबसूरत घाटियां देखने भी मिलती है यहां पर आपको देनवा नदी का मनोरम दृश्य देखने मिलता है। इस तरह खूबसूरत व्यू का देखते हुए आप पचमढ़ी पहुॅच जाते है। 

बड़ा महादेव मंदिर पहुॅचने के लिए जिप्सी बुंकिग


पचमढ़ी पहुॅचकर आपको महादेव मंदिर जाने के लिए गाडी बुक कराना होता है। पचमढ़ी में आपको जिप्सी में सफर करना होता है। अगर आप पर्सनल जिप्सी बुक करते है तो जिप्सी का किराया 1000 रू से उपर ही होता है। अगर आप लोग किसी के साथ जिप्सी शेयर करते है तो आपका किराया 300 या 400 रू हो सकता है। जिप्सी वाला आपको पचमढ़ी के बडा महादेव मंदिर के रूट में जो भी मंदिर या व्यू प्वांइट पडते है वो घूमता हुआ। आपको बडा महादेव मंदिर लेकर जाता है। आप अगर मेले के समय में यहां आते हैं, तो बडा महादेव मंदिर जाने का किराया कम लगता है। मेले के समय 30 या 40 रू में आपको बडा महादेव मंदिर में छोडा दिया जाता है। मगर ऐसे आम दिनों में किराया ज्यादा लगता है। एक व्यक्ति का 300 से 400 रू किराया लगेगा।

बड़ा महादेव मंदिर पहुॅचाने वाला रास्ता


आप 300 या 400 रू किराया देकर इस जगह पर पहुंच जाते हैं। बड़ा महादेव पहुंच जाते हैं। बड़ा महादेव के रास्ते में आपको बहुत सारे व्यूप्वाइंट देखने मिल जाते हैं, जैसे आपको इस रास्ते में पांडव गुफा देखने मिल जाएगी। प्रियदर्शनी पॉइंट देखने मिल जाएगा। हांडी को देखने मिल जाएगा, उसके बाद आप बड़ा महादेव मंदिर पहुॅचते है। बडा महादेव मंदिर पहुॅचने का जो रास्ता है वहां थोडा खतरानाक है। यह पर बहुत सारे ऐक्सीडेन्ट होते रहते है। आपको यहां पहुंचकर जिप्सी से उतरना होता है। उसके बाद आप पैदल यात्रा द्वारा इस मंदिर तक जा सकते हैं। मंदिर जाने वाले रास्ते में आपको बहुत सारे बंदर   देखने मिलते है जो बहुत शैतान होते है। आपके हाथ में उनको कोई भी चीज दिखती है तो वह छीन कर ले जाते है। इसलिए यह पर आपको अपना सामान और पर्स वगैरह संभालकर रखने की जरूरत होती है। मंदिर जाने वाले रास्ते में आपको बहुत दुकानें देखने मिलती है जहां पर प्रसाद मिलता है। शिव भगवान को अर्पण करने के लिए । यह का वातावरण बहुत अच्छा है।


बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर



बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

लोगों द्वारा कहीं जाने वाली कथा


इस गुफा के बारे में लोगों का कहना है कि शंकर जी भस्मासुर से बचने के लिए इस गुफा में छुपे थे। भस्मासुर नाम का एक राक्षस था। उस राक्षस का वरदान प्राप्त था कि वह जिस किसी के उपर हाथ रखेगा तो वह भस्म हो जायेगा। भस्मासुर शंकर जी को भस्म करने लगा और शंकर जी को भस्मासुर से बचने के लिए यहां वहां छुपाना पडा। शंकर जी ने इस गुफा में भी शरण लिया था। यह कथा यह पर प्रचलित है।

नर्मदा गौ कुंभ, जबलपुरचौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी

बड़ा महादेव मंदिर का विवरण


यह मंदिर में एक गुफा है, जो बहुत ही खूबसूरत है और यह पहाड़ी पर बनी  है। यहां गुफा पहाडी पर बनाई गई है। इस गुफा के अंदर आपको एक जलकुंड देखने मिलेगा। इस कुंड में पानी भर रहता है। इस गुफा में साल भर पानी रिसता रहता है और आप यहां जाते हैं तो यह पर गीला ही रहता है। पूरी गुफा गीली रहती है आप अपनी चप्पल उतारकर गुफा में प्रवेश कर सकते हैं। मंदिर के पास ही में आपको दुकानें मिल जाएगी जहां से आप प्रसाद लेकर गुफा में शंकर जी पर अर्पण कर सकते हैं। यहां पर आप गुफा में जाते हैं तो आपको शंकर जी का शिवलिंग देखने मिलता है उसके साथ ही साथ गणेश जी देखने मिलते हैं। गुफा के द्वार में नंदी भगवान की प्रतिम बैठी हुई है जो पत्थर की बनी हुई है। आप गुफा में शंकर जी के दर्शन करके वापस आते हैं तो आपको नंदी भगवान जी देखने मिलते हैं। आप गुफा मंदिर से बाहर आ जाते है तो आपको यह पर मंदिर के बाहर आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक कुंड देखने मिलेगा। जहां पर पानी भर रहता है। यह पानी पहाड़ों से आता है और इकट्ठा होता है। उसके बाद यह पानी जंगल की ओर बढा जाता है। आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक छोटी सी गुफा देखने मिलेगी जिसमें और शंकर जी की शिवलिंग के साथ साथ अन्य देवी देवता विराजमान है। यहां पर आप पूजा कर सकते हैं। यहां पर आपको बहुत ढेर सारे बंदर है, जिनसे आपको बच के रहना पड़ेगा, जो आपका सामान छीन कर भाग सकते हैं। खासतौर पर खाने का सामान आपसे छीन सकते हैं। आपको यहां पर पहाडों का खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। आप यह पर आगे बढते है तो हनुमान जी का छोटा सा मंदिर देखने मिलता है। 
यहां पर जो पहाड़ी है। उसका व्यू बहुत ज्यादा खूबसूरत है। यहां का एरिया पूरा जंगल का एरिया है। आप अगर गर्मी के टाइम में यहां आते है तो आपको यहां पर ढेर सारे आम के पेड़ देखने मिल जाते हैं, और उसमें आम लगे भी रहते हैं। यहां सभी प्रकार की व्यवस्थाएं हैं। आपके लिए पीने का पानी एवं शौचालय की अच्छी व्यवस्था है। 



बड़ा महादेव मंदिर -- पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में स्थित भोलेनाथ का मंदिर

गुप्त महादेव मंदिर का विवरण


आप यहां से आगे बढते है तो यह पर आपको जो रास्ता मिलेगा। वह पूरा तरह से कच्चा रास्ता है। इसके बाद आप आगे जाएंगे तो आपको गुप्त महादेव गुफा देखने मिल जाएंगे। यह गुफा बड़ा महादेव से एक या डेढ़ किलोमीटर आगे जाते हैं, गुप्त महादेव में भी एक संकरी गुफा है। इस गुफा में एक बार में 8 से 9 ही लोग जा सकते हैं। यहां पर हनुमान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा है और यहां पर लोगों को अक्सर लाइन लगाकर गुफा के अंदर जाना पडता है। गुफा के अंदर शिवलिंग स्थपित है। आपको गुप्त महादेव गुफा के बाहर भी बहुत खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। यह पर आपको बहुत अच्छा लगता है पूरी तरह से प्राकृतिक माहौल में आके। 
यह जगह बहुत खूबसूरत है और आपको यहां पर बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। इसके आगे आप जाते हैं तो आपको चैरागढ़ मंदिर पहुंच सकते हैं। जिसका ब्लाॅग पोस्ट आपको मेरी वेवसाईट में मिल जाएगा।

ग्वारीघाट, जबलपुर
कचनार सिटी, जबलपुर
आदेगांव का किला एवं काल भैरव जी का मंदिर