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Nagdwar Yatra (Pachmarhi) - नागद्वार की रोमांचक यात्रा

नागद्वार (पचमढ़ी) की यात्रा की सम्पूर्ण जानकारी नागाद्वार की रोमांचक यात्रा पार्ट 1 आप नागद्वार की पैदल यात्रा करके कालाझाड या भजियागिरी पहुॅचा जाते है। काला झाड़ में आपको बहुत सारी दुकानें देखने मिल जाती है और पानी पीने के लिए भी आपको यहां सुविधा मिल जाती हैं। यहां पर आपको दो रास्ते मिलते हैं। आप दोनों में से कोई भी रास्ता चूस करके आगे बढ़ सकते हैं, दोनों रास्तों से ही आपको नाग देवता के और अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों के दर्शन करने मिल जाएंगे। हम लोगों ने काला झाड़ में थोड़ा सा रेस्ट किया  उसके बाद आगे बढ़े यहां पर आपको बहुत ज्यादा चलना पड़ता है, और यहां पर पहाड़ियों का व्यू बहुत ही अच्छा लगता है और जो रास्ता है, वो बहुत खतरानाक है। नागद्वार के खतरनाक रास्तें आपको नागद्वार यात्रा में कहीं पर ढलान वाला रास्ता मिलता है तो कहीं पर  चढ़ाई वाला रास्ता मिलता है। कहीं पर आपको उबाड खाबड रोड मिलती है तो कहीं कहीं पर उची चट्टानें मिलती है। आपको यहां पर हरियाली भरे जंगल मिलते हैं, और बरसात में पानी भी गिरता रहता है। आपको नागद्वार यात्रा में ऐसी रोड मिलती

Nagdwar Yatra -- नागद्वार का रोमांचक सफर

नागद्वार (पचमढ़ी) की यात्रा की सम्पूर्ण जानकारी नागाद्वार एक धार्मिक जगह है, आपको नागाद्वार में नागदेवता का रहस्यमयी मंदिर देखने मिलता है। नागाद्वार में हर साल नागपंचमी के समय लाखों की संख्या में श्रध्दालु पहूॅचते है। नागाद्वार एक ऐसी जगह जो आपको पूरी तरह रोमांच से भर देती है। नागाद्वार में आपको पैदल चलना रहता है। यह एक एडवेंचर सफर होता है, यहां पर आपको किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं मिलती है। नागाद्वार पर लोग दूर-दूर से नागदेवता के के दर्शन करने आते हैं। नागाद्वार पहुंचने के लिए पहले आपको रेल के माध्यम से पिपरिया स्टेशन आना होता है। उसके बाद बस के द्वारा पचमढ़ी पहुंच सकते है। पिपरिया से पचमढ़ी तक का सफर यह जो पिपरिया से पचमढ़ी का बस का सफर है वह बहुत ही अच्छा होता है, क्योंकि बरसात का टाइम रहता है और पचमढ़ी में चारों तरफ हरियाली रहती है पहाड़ों का बहुत ही खूबसूरत व्यू रहता है और आपको हर जगह छोटी-छोटी झरने देखने मिल जाते हैं, जो पहाड़ो से बहते रहते हैं और लोग उन झरनों में नहाते हुए दिख जाते हैं। खासतौर पर नाग पंचमी में मेले के टाइम में तो ये सफर लाजबाब होता है। 

Pachmarhi Nagdwar Yatra || पचमढ़ी नागद्वार यात्रा

Pachmarhi Nagdwar Yatra || Nagdwar status || Nagpanchami fair in Pachmarhi || Accommodation arrangement in Nag Panchami Mela  पचमढ़ी नागद्वार यात्रा  नागद्वार (Nagdwar) एक ऐसी दुनिया जो पूरी तरह से अलग है, नागद्वार   (Nagdwar)  को आप एक तरह से प्रकृति खूबसूरती का स्वर्ग कहा जा सकता है। नागद्वार पचमढ़ी में स्थित है।  नागद्वार   (Nagdwar)  जाने के लिए आपको पूरा रास्ता जंगल का मिलता है। यह आपके लिए एक एडवेंचर ट्रिप हो जाता है क्योकि यह जो पूरा रास्ता वह कच्चा और पहाडी रास्ता है जिनसे चलकर आपको पैदल मजा आ जायेगा। आपको नागद्वार   (Nagdwar)  में पूरा वातावरण प्राकृतिक मिलेगा यह पूरा जंगल का एरिया है, यहां पर किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं है। नागद्वार एक ऐसी दुनिया जो शहर की भीड़ भरी लाइफ से आपको एक सुकून भरा समय बिताने का मौका देती है। यह का प्राकृतिक वातावरण आपको आकर्षित करता है।  नागद्वार   (Nagdwar)  में जाने के लिए साल में सिर्फ 10 दिन का समय मिलता है, बाकि दिन में इस जगह में जाने मे पाबंदी है। नाग पंचमी के 10 दिन पहले से ही इस जगह जाने के लिए परमिशन मिल जाती है, और लोग दूर-दूर

Narmada Gau Kumbh, Jabalpur || नर्मदा गौ कुंभ मेला, जबलपुर

Narmada Gau Kumbh, Jabalpur नर्मदा गौ कुंभ मेला, जबलपुर नर्मदा गौ कुंभ नर्मदा नदी के किनारे लगा हुआ है। नर्मदा कुंभ में देश के कोने-कोने से साधु-संत सम्मिलित हुए हैं। नर्मदा गौ कुंभ मेले में आपको बहुत सारी अनोखी चीजों के दर्शन करने मिल जाएंगे, नर्मदा गौ कुंभ का मेला कई सालों में आयोजित किया जाता है। इस बार यह कुंभ मेला फरवरी महीने की 23 तारीख से शुरू होकर 3 मार्च तक चला है। नर्मदा गौ कुंभ मेलें में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग आए हैं। Narmada Gau Kumbh, Jabalpur नर्मदा गौ कुंभ मेले में अयोजन मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में ग्वारीघाट के गीताधाम मंदिर के सामने वाले मैदान में किया गया था। इस मेले में बहुत से मंदिर बनाये गये थें जहां पर मूर्तियां की स्थापना की गई थी। यहां पर मां दुर्गा, श्री राम चन्द्र, माता नर्मदा जी का मंदिर बनाये गए थे।  ग्वारीघाट के नर्मदा कुंभ में आपको साधु संतो के दर्शन करने मिलेंगे, और इस कुंभ के मेले में ग्वारीघाट के नर्मदा नदी के घाटों पर हजारों लोग श्रद्धा की डुबकी लगने देश के कोने से लोग आये हुए थे। नर्मदा गौ कुंभ का आयोजन का मुख्य उद्दे

Math Ghogra waterfall and Cave || Shri Paramhans Ashram Math Ghoghara Dham || Shiv Dham Math Ghoghara

श्री शिवधाम मठघोघरा लखनादौन मठघोघरा जलप्रपात एवं गुफा (Math Ghogra Waterfall and cave) सिवनी जिलें का एक दर्शनीय स्थत है। यह झरना एवं गुफा प्रकृति की गोद में स्थित है। यहां पर आपको बरसात के सीजन में एक खूबसूरत झरना देखने मिलेगा। मठघोघरा  (Math Ghogra Waterfall )   में प्राचीन शिव मंदिर है। यहां पर शिव भगवान की अनोखी प्रतिमा विराजमान है। आपको यह पर चारों तरफ प्रकृति की खूबसूरती देखने मिल जाएगी। यहां जगह आपको बहुत पसंद आयेगी।  Math Ghogra Waterfall and Cave Math Ghogra Waterfall and Cave मठघोघरा झरना एवं गुफा  (Math Ghogra Waterfall and cave)  सिवनी जिले के लखनादौन तहसील में स्थित है। आप यहां पर असानी से पहॅुच सकते है। लखनादौन सिवनी से लगभग 60 किमी की दूरी पर होगा। लखनादौन जबलपुर नागपुर हाईवे रोड पर स्थित है। आप लखनादौन तक बस द्वारा असानी से पहुॅच सकते है। मगर आपको लखनादौन बस स्टैड से आपको आटो बुक करना होगा इस मठघोघरा जलप्रपात  (Math Ghogra Waterfall )  तक जाने के लिए। आप यहां पर अपने वाहन से भी आ सकते है। मठघोघरा  (Math Ghogra Waterfall )   तक पहुॅचने के लिए आपक

Pachmarhi Chauragarh Temple || चौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी

 Pachmarhi Chauragarh Shiv Temple चौरागढ़   महादेव पचमढ़ी चौरागढ़   (Chauragarh  Shiv Temple) का प्रसिद्ध मंदिर शिव मंदिर मध्य प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल है और यह पचमढ़ी में स्थित है। चैरागढ़ का मंदिर एक ऊंचे पहाड़ पर स्थित है यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है।  चौरागढ़  (Chauragarh  Shiv Temple)  महादेव पचमढ़ी   (Pachmarhi) की एक खूबसूरत जगह है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और जंगलों से घिरी हुई है। इस मंदिर तक जाने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि इस मंदिर तक पहॅुचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ेगा और यह जगह पूरी तरह से जंगल और पहाड़ों से घिरी हुई है, यहां पर आपको बहुत खूबसूरत प्राकृतिक व्यू देखने मिलता है, यहां पर वादियों का मनोरम दृश्य देखने मिलता है।    चौरागढ़  (Chauragarh  Shiv Temple)  मंदिर 1326 मीटर की ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको 1300 चढ़ने पड़ती है। पचमढ़ी  (Pachmarhi)  को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है और यहां पर बहुत सारी धार्मिक जगह है, जिनमें से प्राचीन शिव भगवान जी का मंदिर भी एक है,जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यह

Vijayraghavgarh Fort Katni -- विजयराघव गढ़ किला का इतिहास एवं सम्पूर्ण जानकारी

Vijayraghavgarh Fort Katni  विजयराघवगढ़ किला  विजयराघवगढ़ किला ( Vijayradhavgarh Fort ) कटनी शहर की शान है। यह एक प्राचीन किला है। विजय राघव गढ़ किले में आपको प्राचीन किला देखने मिल जाएगा। विजयराघव गढ़ किले    ( Vijayradhavgarh Fort )  में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर आप अपने प्राचीन इतिहास को जान सकते हैं, यहां पर आपको रंग महल, मंदिर, समाधि स्थल, रानी की रसोई, रानी राजा का महल, पुरानी पेटिग, प्राचीन कुआं और भी बहुत सी चीजें आपको यहां देखने मिल जाएंगे। Vijayraghavgarh Fort Katni विजयराघवगढ़ किले का स्थिाति विजय राघव गढ़ किला    ( Vijayradhavgarh Fort )  कटनी शहर में स्थित है। कटनी शहर मध्य प्रदेश का एक जिला है। विजयराघवगढ़ कटनी शहर की तहसील एवं नगर पंचायत है। यह किला विजयराघवगढ़ तहसील में स्थित है। यह कटनी शहर से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर होगा, आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। विजय राघव गढ़ किला    ( Vijayradhavgarh Fort )  तक आने के लिए आपको बस भी मिल जाएंगी। यह किला बहुत बड़ा है। विजयराघवगढ़ किले का जानकारी विजयराघवगढ़ किले   ( Vijayradha