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बनासकांठा (पालनपुर) जिले के पर्यटन स्थल - Banaskantha (Palanpur) Tourist Places

बनासकांठा (पालनपुर) जिले के दर्शनीय स्थल - Major places to visit in Banaskantha (Palanpur) District / बनासकांठा (पालनपुर) जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह



बनासकांठा गुजरात का एक मुख्य जिला है। बनासकांठा गुजरात की राजधानी गांधीनगर से करीब 122 किलोमीटर दूर है। बनासकांठा जिले का मुख्यालय पालनपुर है। बनासकांठा की मुख्य नदी बनास है। इसी नदी के नाम पर इस जिले का नाम बनासकांठा पड़ा है। यह नदी राजस्थान से निकलती है और बनासकांठा से बहते हुए कच्छ में बहती है। बनासकांठा जिले में आकर्षण का मुख्य केंद्र अंबाजी का मंदिर है। इस मंदिर में देश भर से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। बनासकांठा जिला गुजरात राज्य में, राजस्थान की सीमा के पास स्थित है। इस जिले की सीमा पाकिस्तान देश की सीमा को भी छूती है। बनासकांठा जिले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। चलिए जानते हैं - बनासकांठा में घूमने लायक कौन-कौन सी जगह है। 


बनासकांठा (पालनपुर) में घूमने की जगह - Banaskantha (Palanpur) mein ghumne ki jagah


जैसोर स्लॉथ भालू अभयारण्य बनासकांठा - Jessore Sloth Bear Sanctuary Banaskantha

जैसोर वन्यजीव अभयारण्य बनासकांठा जिले में का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। जैसोर वन्यजीव अभ्यारण बनासकांठा जिले में इकबालगढ़ के पास स्थित है। यह वन्य जीव अभ्यारण अरावली पर्वत श्रंखला में स्थित है। यह अभ्यारण राजस्थान और गुजरात की सीमा पर बना हुआ है। यह पालनपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर अपनी कार या बाइक से घूमने के लिए आ सकते हैं। इस अभ्यारण में आपको बहुत सारी जगह देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर आपको सनराइज प्वाइंट देखने के लिए मिलता है, जिसका नजारा बहुत सुंदर रहता है। यहां पर खूबसूरत जंगल, पहाड़, नदी, डैम और जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। इस अभयारण्य में आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको एक धार्मिक स्थल देखने के लिए मिलता है। यह धार्मिक स्थल शिव भगवान जी को समर्पित है। 

इस अभयारण्य में ठहरने के लिए सुविधा उपलब्ध हो जाती है। यहां पर आपको कॉटेज और डोरमेट्री रूम मिल जाते हैं, जहां पर आप ठहर सकते हैं। यहां पर आप कैंपिंग का मजा ले सकते हैं। इस अभ्यारण में आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। इस अभयारण्य में जंगली भालू का संरक्षण किया जाता है। इसके अलावा यहां पर लोमड़ी, जंगली कुत्ता, नीलगाय, हिरण, बंदर देखने के लिए मिल जाते हैं। इस अभ्यारण की स्थापना 1978 में की गई थी। यह अभ्यारण 180.66 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार की पक्षी देखने के लिए मिल जाते हैं। आप यहां पर आकर अपना अच्छा बीता समय बिता सकते हैं। यह बनासकांठा में घूमने लायक एक मुख्य जगह है। 


श्री केदारनाथ महादेव मंदिर बनासकांठा - Shri Kedarnath Mahadev Temple Banaskantha

श्री केदारनाथ महादेव मंदिर बनासकांठा जिले का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बनासकांठा जिले में जैसोर वन्यजीव अभयारण्य के अंदर स्थित है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर तक जाने के लिए करीब 300 से भी ज्यादा सीढ़ियां बनी हुई है। आप अगर यहां पर बरसात के समय जाएंगे, तो आपको बहुत मजा आएगा, क्योंकि बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है और यहां पर छोटे-छोटे जलप्रपात बहते हैं, जो बहुत सुंदर लगते हैं। 

श्री केदारनाथ महादेव मंदिर में शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग की स्थापना की गई है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि प्राचीन समय में यहां पर पांडवों ने निवास किया था और शिव भगवान जी की पूजा की थी। यहां मंदिर परिसर में आपको गंगा जी कुंड और जमुना जी कुंड देखने के लिए मिलता है, जिसमें साफ पानी है। इस कुंड में उतरने की मनाही है। आप दूर से देख सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है और यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। यहां पर किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। इसलिए आप अपने साथ खाने पीने का सामान जरूर लाएं और मंदिर की तरफ ट्रैकिंग करें। आपको यहां पर मजा आएगा। यह बनासकांठा में घूमने की सबसे अच्छी जगह है। 


श्री विश्वेश्वर महादेव मंदिर बनासकांठा - Shri Vishweshwar Mahadev Temple Banaskantha

श्री विश्वेश्वर महादेव मंदिर बनासकांठा जिले में घूमने वाली एक मुख्य जगह है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। मंदिर में गर्भग्रह देखने के लिए मिलता है। गर्भगृह में शिवलिंग और नाग देवता की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के बाहर मंडप देखने के लिए मिलता है। मंडप का ऊपरी भाग बहुत सुंदर लगता है। इसमें सुंदर पेंटिंग की गई है। 

यह मंदिर बनासकांठा जिले में इकबालपुर में स्थित है। यह मंदिर बानस नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आप बनास नदी में स्नान कर सकते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं और बानस नदी में स्नान करते हैं और यहां पर बहुत इंजॉय करते हैं। नदी के किनारे बहुत सारी दुकानें लगती है, जहां पर खाने पीने का सामान और बहुत सारा सामान मिलता है। यहां पर लोग आकर स्नान करके शिव भगवान जी के दर्शन करते हैं। यहां पर ऊंचे ऊंचे पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। यहां महाशिवरात्रि और सावन सोमवार में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 


श्री बलराम महादेव मंदिर बनासकांठा - Shri Balaram Mahadev Temple Banaskantha

श्री बालाराम महादेव मंदिर बनासकांठा जिले में घूमने लायक एक मुख्य जगह है। यह धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर बनासकांठा में जिले में चित्रसानी गांव के पास स्थित है। यहां पर मंदिर के चारों तरफ सुंदर पहाड़ी और जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदिर के पास से एक नदी भी बहती है, जो बहुत सुंदर लगती है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बनाया गया है और यहां पर गर्भग्रह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

मंदिर में आपको गर्भगृह और मंडप देखने के लिए मिलता है। गर्भगृह में शिव भगवान जी का शिवलिंग, नंदी महाराज, नाग देवता की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां नंदी महाराज के मुख से पानी की धार बहती रहती है, जो शिव भगवान जी का अभिषेक करती है। यह जगह बहुत ही अद्भुत लगती है और शिव भगवान जी के दर्शन करके मन शांत हो जाता है। यहां पर महाशिवरात्रि के समय बहुत विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर दूर से लोग इस मेले में शामिल होने के लिए आते हैं।  मंदिर परिसर में बरगद का पेड़ भी देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


धार माता मंदिर बनासकांठा - Dhar Mata Temple Banaskantha

धार माता मंदिर बनासकांठा जिले में श्री बलराम महादेव मंदिर के पास ही में स्थित है। यह मंदिर धार माता को समर्पित है। यह मंदिर भी नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आपको प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है। चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और धार माता के दर्शन कर सकते हैं। 


दांतीवाड़ा बांध बनासकांठा - Dantiwada Dam Banaskantha

दंतीवाड़ा बांध बनासकांठा जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह बांध बनास नदी पर बना हुआ है। यह बांध बहुत सुंदर है। इस बांध में 10 गेट है। यह बांध बरसात के समय, जब पानी से पूरी तरह भर जाता है, तो यह बांध ओवरफ्लो होकर बहता है। इस बांध के गेट खोले जाते हैं, जिससे बांध का बहुत ही जबरदस्त दृश्य देखने के लिए मिलता है। अगर आप इस बांध में घूमने के लिए आना चाहते हैं, तो आपको यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आना चाहिए। आपको बहुत अच्छा लगेगा।

आप यहां पर घूमने के लिए आएंगे, तो आपको दूर दूर तक फैला हुआ पानी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। बांध के आसपास की पहाड़ी का दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर फैमिली वालों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। बांध के गेट के सामने आपको मछली का एक स्टैचू भी देखने के लिए मिलता है। यह बांध बनासकांठा में दंतीवाड़ा में स्थित है। यह बनासकांठा का पिकनिक स्पॉट है। 


रानीटंक महादेव मंदिर बनासकांठा - Ranitank Mahadev Temple Banaskantha

रानीटूंक महादेव मंदिर बनासकांठा का मुख्य आकर्षण स्थल है। यह मंदिर शिव शंकर जी को समर्पित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर तरीके से बना हुआ है। यह मंदिर घने जंगल के अंदर बना हुआ है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करके जाना पड़ता है। 

यहां पर आप बरसात के समय आएंगे, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां पर आपको पहाड़ी और जंगल का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर बरसात के समय कई छोटे-छोटे झरने बहते हैं, जो इस जगह को और ज्यादा खूबसूरत बनाते हैं। यह मंदिर बनासकांठा जिले में दंतीवाड़ा  के पास स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


बलराम पैलेस बनासकांठा - Balaram Palace Banaskantha

बलराम पैलेस बनासकांठा का एक मुख्य ऐतिहासिक स्थल है। बलराम पैलेस बनासकांठा जिले में चित्रसानी गांव के पास स्थित है। यहां पर आपको एक सुंदर महल देखने के लिए मिलता है। यह महल अब एक होटल में बदल दिया गया है। अगर आप इस महल को देखना चाहते हैं, तो आप यहां पर आकर होटल में रूम की बुकिंग कर सकते हैं और इस महल में घूम सकते हैं। 

इस महल का निर्माण 1922 से 1936 के बीच हुआ है। इस महल का निर्माण पालनपुर के राजा के द्वारा किया गया था। यह महल देखने में बहुत ही जबरदस्त लगता है। महल के चारों तरफ सुंदर बगीचा देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर फोटोशूट करवा सकते हैं। 


श्री हर गंगेश्वर महादेव मंदिर बनासकांठा - Shri Har Gangeshwar Mahadev Temple Banaskanth

श्री हरगंगेश्वर महादेव मंदिर बनासकांठा में घूमने लायक एक मुख्य जगह है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बनासकांठा जिले में हाथीदरा में स्थित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर आपको एक साथ बहुत सारी जगह देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको पहाड़, जंगल, चेक डैम, गुफा देखने के लिए मिलती है। यहां पर जब आप आएंगे, तो मुख्य सड़क पर हर गंगेश्वर महादेव मंदिर की तरफ जाने वाला प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलता है। यह प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदरता से बनाया गया है। 

आप इस प्रवेश द्वार को फॉलो करते हुए जाएंगे, तो आपको महादेव का मंदिर देखने के लिए मिलेगा, जहां पर आप ट्रैकिंग करके पहुंच सकते हैं। यहां पर सीढ़ियां बनी हुई है। आप जब मंदिर पहुंचेंगे, तो आपको मुख्य मंदिर में, गुफा के अंदर शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको धातु के शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको पार्वती माता, गणेश जी और कार्तिकेय जी के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां से सूर्यास्त का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर शिव भगवान जी और नाग देवता की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आपको बहुत अच्छा अनुभव मिलेगा। 


अंबाजी मंदिर बनासकांठा - Ambaji Temple Banaskantha

अंबाजी मंदिर बनासकांठा जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह मंदिर एक शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। यह मंदिर बनासकांठा जिले में दांता तहसील में राजस्थान और गुजरात की बॉर्डर के पास में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन समय से पूजनीय है और यहां पर बहुत सारे भक्त देवी मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। कहा जाता है, कि यहां पर देवी सती का दिल गिरा था और यहां पर शक्तिपीठ का निर्माण हुआ है। यह मंदिर बहुत सुंदर बना हुआ है। 

मंदिर परिसर में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर आप आएंगे, तो आपको नक्काशीदार सुंदर मंदिर देखने के लिए मिलता है। मंदिर का शिखर गोल्डन कलर का है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है और मंदिर मार्बल से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों में सुंदर नक्काशी की गई है। मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार शक्ति द्वार है, जो बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है और यह बहुत आकर्षक लगता है। मंदिर में ठहरने के लिए धर्मशाला है और भोजन करने के लिए भोजशाला है। मंदिर परिसर में आपको मोबाइल ले जाने की मनाही है। मंदिर के बाहर आपको प्रसाद की बहुत सारी दुकान मिलती है, जहां से आप माता को चढ़ाने के लिए प्रसाद ले सकते हैं। यहां पर पूर्णिमा के दिन बहुत सारे भक्त माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


कैलाश टेकरी महादेव मंदिर बनासकांठा - Kailash Tekri Mahadev Temple Banaskantha

कैलाश टेकरी महादेव मंदिर बनासकांठा जिले में दांता तहसील में अंबाजी माता मंदिर से करीब 1 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर के पीछे आपको मंगल्या वन देखने के लिए मिलता है। यह सुंदर गार्डन है। यह गार्डन बहुत आकर्षक लगता है। गार्डन में तरह-तरह के पेड़ पौधे लगे हुए हैं। गार्डन में ओम का साइन भी देखने के लिए मिलता है, जो पौधों से बनाया गया है। गार्डन में बैठने के लिए जगह बनाई गया है, जहां पर आप बैठकर गार्डन का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। गार्डन में आपको शिव भगवान जी की मूर्ति के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर लगती है। 

शिव मंदिर में आपको शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं और यहां पर गर्भगृह में कांच का सुंदर काम देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


कुंभारिया जैन मंदिर बनासकांठा - Kumbhariya Jain Temple Banaskantha

कुंभारिया जैन मंदिर बनासकांठा जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बनासकांठा जिले में दंता तहसील में अंबाजी में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर 12 वीं शताब्दी का है। यह मंदिर नेमिनाथ भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर में आपको नेमिनाथ भगवान जी की प्राचीन प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत सुंदरता से बनाया गया है। मंदिर के बाहर प्रवेश द्वार में, हाथियों की दो प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही जबरदस्त लगती है। 

पूरा मंदिर नकाशीदार है। मंदिर के अंदर बहुत ही बारीक नक्काशी देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको प्राचीन प्रतिमाएं भी देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में धर्मशाला है, जहां पर आप ठहर सकते हैं और यहां पर खाना भी मिल जाता है, जो स्वादिष्ट रहता है। यह मंदिर अंबाजी मंदिर से करीब 2 किलोमीटर दूर है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यहां पर आपको सभी प्रकार की सुविधा मिल जाती है। यहां पर आपको गार्डन देखने के लिए मिलता है। 


कामाक्षी देवी मंदिर बनासकांठा - Kamakshi Devi Temple Banaskantha

कामाक्षी देवी मंदिर बनासकांठा जिले का एक मुख्य मंदिर है। यह मंदिर बनासकांठा जिले में दंता तहसील में अंबाजी में स्थित है। यह मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बना हुआ है। यह मंदिर कामाक्षी देवी को समर्पित है। मंदिर बहुत ही कलरफुल है। यह मंदिर अंबाजी से खेडब्रह्मा जाने वाली सड़क पर स्थित है। आपको यहां पर जरूर आकर घूमना चाहिए। यह 1 शक्ति पीठ है। 


कोटेश्वर महादेव मंदिर बनासकांठा - Koteshwar Mahadev Temple Banaskantha

कोटेश्वर महादेव मंदिर बनासकांठा जिले का एक मुख्य मंदिर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर सरस्वती माता की गुफा देखने के लिए मिलती है। यहां पर सरस्वती कुंड बना हुआ है। यहां सरस्वती नदी का उद्गम स्थल है। यहां पर गोमुख से पानी बहता है। यहां पर बहुत सारे लोग इस कुंड में स्नान भी करते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण देखने के लिए मिलता है। यहां पर भगवान शिव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। 

इसके अलावा यहां पर विष्णु भगवान जी के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर पहाड़ी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। यह जगह बनासकांठा जिले में दंता तहसील में अंबाजी से करीब 5 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर वाल्मीकि ऋषि आश्रम भी देखने के लिए मिलता है। यह जगह बहुत सुंदर है। यह जगह राजस्थान और गुजरात बॉर्डर पर स्थित है। 


गायत्री शक्तिपीठ बनासकांठा - Gayatri Shaktipeeth Banaskantha

गायत्री शक्तिपीठ बनासकांठा जिले में अंबाजी गांव में स्थित है। यह मंदिर गायत्री माता जी को समर्पित है। यह मंदिर मार्बल से बना हुआ है और बहुत सुंदर लगता है। यहां पर आकर आपको सूर्यास्त और सूर्योदय का सुंदर नजारा देखने के लिए मिल जाता है। यह मंदिर मुख्य सड़क पर स्थित है। इस मंदिर में ठहरने के लिए कमरे मिल जाते हैं। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


श्री आरासुरी अंबाजी मंदिर बनासकांठा - Sri Arasuri Ambaji Temple Banaskantha

श्री आरासुरी अंबाजी मंदिर या गब्बर तीर्थ बनासकांठा जिले का एक मुख्य मंदिर है। यह बनासकांठा जिले का प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर अंबाजी माता को समर्पित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस पहाड़ी को गब्बर हिल के नाम से जानते हैं। इस पहाड़ी पर मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप पहाड़ी में रोपवे के द्वारा भी जा सकते हैं। यहां पर रोपवे की सुविधा उपलब्ध है। रोपवे में जाने के लिए आपको अलग से चार्ज लिया जाता है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां पर गर्भ गृह में माता की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है और एक ज्योत देखने के लिए मिलती है, जो बहुत पवित्र है। यह अखंड ज्योत है और यह ज्योत करीब 400 सालों से चल रही है। 

यहां पर आप आकर माता के दर्शन कर सकते हैं। गब्बर हिल के ऊपरी सिरे से आपको चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको सूर्योदय और सूर्यास्त का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। बहुत सारे लोग यहां पर गब्बर पर्वत की परिक्रमा करते हैं। आप यहां पर परिक्रमा कर सकते हैं। यहां पर चारों तरफ आपको प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलेगा, जो बहुत सुंदर लगता है। यह मंदिर बनासकांठा जिले में दंता तहसील के अंबाजी गांव में बना हुआ है। यह मंदिर गुजरात और राजस्थान की बॉर्डर पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिलता है। यहां मंदिर के नीचे बहुत सारी दुकान है, जहां पर आपको प्रसाद और खाने पीने का सामान मिल जाता है। यह बनासकांठा की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। 


अंतरशाह पीर दरगाह बनासकांठा - Antarshah Pir Dargah Banaskantha

अंतरशाह पीर दरगाह बनासकांठा का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मुस्लिम धार्मिक स्थल है। यह दरगाह बाबा हजरत अंतरशाह पीर जी की है। यह दरगाह बहुत प्रसिद्ध है। यह दरगाह बनासकांठा जिले में दंता तहसील में स्थित है। यह दरगाह पहाड़ी पर स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। कहा जाता है, कि यहां पर आकर दुआ मांगने से सारी दुआएं पूरी होती है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


पानीयारी झरना बनासकांठा - Paniyari Waterfall Banaskantha

पानीयारी झरना बनासकांठा जिले का एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यह झरना घने जंगल के अंदर स्थित है। इस झरने में पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यह झरना आपको बरसात में देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको बड़ी-बड़ी चट्टानें देखने के लिए मिलती है, जिनके बीच से यह झरना बहता है और बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर चारों तरफ का दृश्य प्राकृतिक है। यह झरना बनासकांठा जिले में मुमनवास गांव में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर बनासकांठा - Shri Pataleshwar Mahadev Temple Banaskantha

श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर बनासकांठा में पालनपुर में स्थित है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बनाया गया है और मंदिर का शिखर बहुत सुंदर लगता है। यह मंदिर पालनपुर शहर के बीचोंबीच स्थित है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर पालनपुर रेलवे स्टेशन के पास में स्थित है। 


हवाई पिलर बनासकांठा - Hawai Pillar Banaskantha

हवाई पिल्लर बनासकांठा का एक ऐतिहासिक स्मारक है। इस स्मारक का निर्माण ब्रिटिश सरकार के द्वारा 1824 में किया गया था। इस स्मारक का उपयोग हवा में प्रेशर का पता लगाने के लिए किया गया था। यह एक खूबसूरत इमारत है। यह इमारत बहुत ऊंची है। यह इमारत बनासकांठा जिले में डीसा में स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर छोटा सा गार्डन भी बना हुआ है। इसे 2013 में पुननिर्मित किया गया। 


इंडो-पाक बॉर्डर नडाबेट - Indo-Pak Border Ndabet

इंडो-पाक बॉर्डर नडाबेट बनासकांठा के जिले के पास घूमने वाली एक मुख्य जगह है। हर एक भारतीयों को यह जगह देखनी चाहिए। यहां पर आपको इंडिया और पाकिस्तान का बॉर्डर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको गार्डन देखने के लिए मिलता है। यह जगह बहुत अच्छी तरह से मैनेज की जाती है। यहां पर म्यूजियम, शॉप, प्लेग्राउंड देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर आपको इंडियन आर्मी के बारे में बहुत सारी जानकारी मिलती है, कि इंडियन आर्मी किस तरह से हमारे देश की रक्षा कर रही है। यहां पर हथियारों की संग्रह देखने के लिए मिलती है। 


बनासकांठा जिला के अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थल - Famous Tourist Places in Banaskantha District

जलाराम बापा मंदिर डीसा बनासकांठा
गायत्री माता मंदिर डीसा बनासकांठा
कीर्ति स्तंभ पालनपुर बनासकांठा
शशिवन गार्डन पालनपुर बनासकांठा
मानसरोवर झील पालनपुर
सिद्ध अंबिका मंदिर जूना डीसा गांव बनासकांठा
श्री नारन देवी मंदिर थराड तहसील बनासकांठा
जैन मंदिर जगाना ग्राम पालनपुर
कंथेरिया हनुमान मंदिर पालनपुर बनासकांठा
त्रिशूलिया घाट एवं मंदिर बनासकांठा 


नाडियाड में घूमने की जगह
मेहसाना में घूमने की जगह
आहवा में घूमने की जगह
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तापी में घूमने की जगह


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मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

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कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।