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मिर्जापुर जिले के पर्यटन स्थल - Mirzapur tourist places

मिर्जापुर (विंध्याचल) जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Mirzapur district / मिर्जापुर (विंध्याचल) जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह


मिर्जापुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है। मिर्जापुर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 286 किलोमीटर दूर है। मिर्जापुर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है। मिर्जापुर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। इस जिले में पहाड़ी क्षेत्र देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत सारे प्राकृतिक पर्यटन स्थल मौजूद है। मिर्जापुर जिले को विंध्याचल के नाम से भी जाना जाता है। मिर्जापुर में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। चलिए जानते हैं - मिर्जापुर में कौन-कौन सी जगह घूमने लायक है। 


मिर्जापुर में घूमने वाली जगह - Mirzapur me ghumne ki jagah


विंध्यवासिनी देवी मंदिर मिर्जापुर - Vindhyavasini Devi Temple Mirzapur

विंध्यवासिनी देवी मंदिर मिर्जापुर का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। यह मंदिर मां विंध्यवासिनी देवी को समर्पित है। यह मंदिर मिर्जापुर में गंगा नदी के पास बना हुआ है। मंदिर में मां विंध्यवासिनी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर प्रसाद की बहुत सारी दुकान है, जहां से आप मां को अर्पित करने के लिए प्रसाद ले सकते हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। 

मां विंध्यवासिनी धाम शक्तिपीठ है। कहा जाता है, कि यहां पर देवी सती के शरीर के अंग गिरे थे। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे भक्त माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर गर्भगृह में माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। गर्भगृह पूरा तरह चांदी का बना हुआ है और माता को सोने का छत्र चढ़ाया गया है। यहां पर लोगों की इच्छाएं पूरी होती है। 


पक्का घाट मिर्जापुर - Pakka ghat mirzapur

पक्का घाट मिर्जापुर में स्थित एक सुंदर स्थल है। यह गंगा नदी के किनारे बना हुआ एक सुंदर घाट है। इस घाट के पास मे हीं बलुआ पत्थर से बनी हुई बहुत ही सुंदर स्मारक देखने के लिए मिलती है। इन स्मारकों में सुंदर कारीगरी की गई है। यहां पर बहुत सारे मंदिर हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां घाट पर शांति से बैठकर गंगा नदी का दृश्य देखना बहुत अच्छा लगता है। यह घाट पूरा अच्छी तरह से बना हुआ है। यहां पर बहुत सारे मंदिर भी बने हुए हैं, जो प्राचीन है और मंदिरों की दीवारों में और शिखर में बहुत ही सुंदर कारीगरी की गई है। यहां पर फोटो शूट के लिए भी आया जा सकता है। पक्का घाट के बाहर मार्केट एरिया है, जहां पर आपको खाने पीने की दुकान है और शॉपिंग करने की दुकान देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आप आकर नहा भी सकते हैं। यहां पर महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग घाट बना हुआ है। आप यहां पर बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। आप यहां पर आकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। 


तारकेश्वर नाथ मंदिर मिर्जापुर - Tarakeswar Nath Temple Mirzapur

तारकेश्वर नाथ मंदिर मिर्जापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। यह मंदिर प्राचीन है। आप यहां पर आकर शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर मिर्जापुर में गंगा नदी के पास में ही बना हुआ है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आपको और भी अन्य मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। 


मां अष्टभुजी देवी मंदिर मिर्जापुर - Maa Ashtabhuji Devi Temple Mirzapur

मां अष्टभुजी देवी मंदिर मिर्जापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर अष्टभुजी माता को समर्पित है। मंदिर में अष्टभुजी माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर बहुत सारे भक्त माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां का रास्ता है। आप यहां पर रोपवे के द्वारा भी पहुंच सकते हैं। यहां पर सड़क माध्यम के द्वारा भी पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर में आकर माता अष्टभुजी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। चारों तरफ पहाड़ी का दृश्य देखने के लिए मिलता है। बरसात में यह जगह और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाती है। 

कहा जाता है, कि मां अष्टभुजी भगवान कृष्ण को पालने वाली माता यशोदा की पुत्री थी। लोगों के अनुसार वह मथुरा का राजा कंस देवकी के आठवें पुत्र को मृत्युदंड दे रहा था। तब देवी उसके हाथों से निकलकर अष्टभुजी रूप में स्थापित हुई और देवी विंध्याचल पहाड़ी में आकर विराजमान हुई। यह मंदिर मुख्य मिर्जापुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर है। यहां पर और भी बहुत सारे धार्मिक स्थल के दर्शन आपको करने के लिए मिल जाते हैं। 


सीता कुंड मिर्जापुर - Sita Kund Mirzapur

सीताकुंड मिर्जापुर का एक धार्मिक स्थल है। सीताकुंड मिर्जापुर में अष्टभुजी मंदिर के पास में स्थित है। कहा जाता है कि अपने 14 वर्ष के वनवास काल के दौरान भगवान राम और मां सीता यहीं पर रूके थे। यहां पर आपको एक छोटा सा कुंड देखने के लिए मिलता है और आप यहां पर सीता कुंड के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं। 


काली खोह मंदिर मिर्जापुर - Kali Khoh Temple Mirzapur

काली खोह मंदिर मिर्जापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मिर्जापुर में विंध्याचल पहाड़ियों में स्थित है। इस मंदिर में आपको गुफा देखने के लिए मिलती है। गुफा के अंदर काली माता की मूर्ति के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर मिर्जापुर शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं। 

आप मिर्जापुर में अगर मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने के लिए आते हैं, तो आप अष्टभुजी माता मंदिर और काली खोह मंदिर भी आ सकते हैं। यह तीनों मंदिर त्रिकोण परिक्रमा के अंतर्गत आते हैं। मां काली राक्षस रक्तबीज के संहार करते समय बहुत ही विकराल रूप धारण कर लिया था और उन को शांत कराने हेतु शिवजी भूमि पर लेट गए और मां काली ने उनके ऊपर अपने चरण रख दिए। जब मां काली जी का चरण शिवजी पर पड़ा, तो लज्जा वंश मां काली पहाड़ियों की खोह में छिप गई। इस वजह से इस स्थान को काली खोह के नाम से जाना जाता है। यहां पर आकर आप जो भी मनोकामना मांगेंगे। वह जरूर पूरी होती है। यहां पर बहुत अच्छा लगता है और अपना शांतिपूर्वक समय आप यहां पर बिता सकते हैं। 


मां तारा शक्तिपीठ मिर्जापुर - Maa Tara Shaktipeeth Mirzapur

मां तारा शक्तिपीठ मिर्जापुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको मां तारा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मां तारा कि यहां पर बहुत सुंदर प्रतिमा है। यहां पर घाट भी बना हुआ है। यहां पर शिवपुर घाट बना हुआ है। आप यहां पर आकर गंगा नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर वैकुंठ धाम भी है। 


टांडा जलप्रपात मिर्जापुर - Tanda Falls Mirzapur

टांडा जलप्रपात मिर्जापुर का एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात ऊंची चट्टानों से एक कुंड में गिरता है। यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर चारों तरफ हरियाली और चट्टानें देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर जलप्रपात के थोड़ा ऊपर की तरफ टांडा जलाशय भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर पार्किंग शुल्क लिया जाता है। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह मिर्जापुर का एक पिकनिक स्पॉट है। 


सिरसी बांध और सिरसी जलप्रपात मिर्जापुर - Sirsi Dam and Sirsi Falls Mirzapur

सिरसी बांध मिर्जापुर का एक सुंदर बांध है। सिरसी बांध मिर्जापुर से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बांध बहुत सुंदर है। यह बांध बेलन नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। जब बांध का पानी बहता है। तब यहां का दृश्य बहुत ही जबरदस्त रहता है। सिरसी बांध के थोड़ा आगे ही सिरसी जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। सिरसी जलप्रपात भी बहुत खूबसूरत है। आप इस जलप्रपात में नीचे की तरफ जा सकते हैं और इस जलप्रपात में नहाने का मजा ले सकते हैं। यहां पर चट्टानों का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर विष्णु भगवान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर वॉच टावर बना हुआ है, जहां से आप पहाड़ियों का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर पार्किंग के लिए भी जगह है। यह मिर्जापुर का पिकनिक स्पॉट है। 


पिपरी बांध - Pipri Dam

पिपरी बांध मिर्जापुर का एक सुंदर स्थल है। यहां पर आपको एक बहुत बड़ा जलाशय देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय बेलन नदी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप घूम सकते हैं। यहां चारों तरफ का दृश्य बहुत ही जबरदस्त है। यह मिर्जापुर की सबसे अच्छी जगह है। 


कोटारनाथ शिव मंदिर मिर्जापुर - Kotarnath Shiv Temple Mirzapur

कोटारनाथ शिव मंदिर मिर्जापुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मिर्जापुर में सरहरा गांव में स्थित है। यह मंदिर बेलन नदी के बीच में बना हुआ है और बहुत ही सुंदर है। मंदिर में आपको प्राचीन प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती हैं। यह भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। यहां पर शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर माँ गौरी, गणेश, हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आ कर अपना शांति में समय बिता सकते हैं। 


अलोपी दरी मिर्जापुर - Alopi Dari Mirzapur

अलोपी दरी मिर्जापुर का एक सुंदर झरना है। यह झरना घने जंगल के अंदर स्थित है। यहां पर आकर आपको प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह झरना बरसात के समय पहाड़ियों के बीच से कल कल ध्वनि करते हुए बहता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह झरना मिर्जापुर से 35 किलोमीटर दूर है। झरने तक पहुंचने के लिए कुछ दूरी तक पैदल भी चलना पड़ता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह मिर्जापुर की सबसे अच्छी जगह है। 


चरणाट धाम मिर्जापुर - Charanat Dham Mirzapur 

चरणाट धाम मिर्जापुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां पर श्री महाप्रभु श्रीवल्लभाचार्य जी की बैठक तथा प्राचीन भारतीय संस्कृति के उन्नायक श्रीमतप्रभु चरण गोसाई श्री विट्ठलनाथजी का प्राकट्य स्थल है। यह स्थल गंगा नदी के तट के किनारे चुनार में स्थित है। प्राकृतिक छटा एवं हरियाली से घिरे हुए इस जगह पर एक सरोवर के मध्य में भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी की गोद में गुसाई श्री विट्ठलनाथजी विराजमान होने से इस प्राकट्य स्थल की महत्ता बड़ी है। यह एक अंतरराष्ट्रीय तीर्थ धाम बन गया है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


चुनार का किला मिर्जापुर - Chunar Fort Mirzapur

चुनार का किला पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। चुनार का किला मिर्जापुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। यह किला गंगा नदी के किनारे मिर्जापुर के चुनार में स्थित है। यह किला धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां पर आपको बहुत बड़ा किला देखने के लिए मिलता है। यह किला गंगा नदी के किनारे एक ऊंचे टीले पर बना हुआ है। इस किले से गंगा नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस किले को देखने के लिए बहुत दूर दूर से लोग आते हैं। किले के खुलने का समय सुबह 7 बजे से शाम के 5 बजे तक है। इस किले का कुछ भाग ही लोगों के लिए खोला गया है, जहां पर आप घूम सकते हैं। 

मान्यता है कि लगभग 2000 वर्ष से भी पहले उज्जैन के विख्यात सम्राट विक्रमादित्य के अनुज भरतरी नाथ जी ने सन्यास लेकर, इसी स्थान को अपनी तपस्थली बनाया। इसकी सूचना पाकर विक्रमादित्य यहां आए और भरतरी नाथ के लिए एक महल तथा यहां दुर्ग भी बनवाया। दुर्ग के अंदर स्थित भरतरी नाथ मंदिर की स्थानीय जनों में बड़ी मान्यता है। चुनार का किला कुछ समय के लिए गुप्त और मौखरी राजाओं के अधिकार में भी रहा। यहां पर 1300 वर्ष पुराने प्राचीन अभिलेख और मूर्तियां मिली है। यहां पर 1000 वर्ष पुराने एक ही प्रस्तर प्रखंड पर निरूपित सुंदर शिल्पाकृतियां देखने के लिए मिली है। इस किले पर दिल्ली पति राय पिथौरा का अधिकार भी होने की मान्यता है। यह भी कहा जाता है, कि रानी सोनवा के रहने के लिए दुर्ग में सोने का एक महल बनवाया गया था, जो आज सोनवा मंडप कहलाता है। 

इस दुर्ग में मुगल शासक ने भी राज्य किया है। इस किले में शेरशाह सूरी, मुगल बादशाह हुमायूं, अकबर, अवध के नवाब इन सभी का शासन रहा है। उसके बाद यहां पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया और इसका उपयोग कारागार के रूप में किया। यह किला बहुत ही सुंदर है। इस किले मे आपको सोनवा मंडप, महाराज भरथरी का मंदिर, कारागार, जहां पर कैदी लोगों को फांसी दी जाती थी, देखने के लिए मिलता है। किले के ऊपर से गंगा नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप अगर मिर्जापुर घूमने के लिए जाते हैं, तो आपको इस किले मे जरूर जाना चाहिए। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। मिर्जापुर इस जगह से करीब 45 किलोमीटर दूर है। यह मिर्जापुर में घूमने लायक जगह है। 


इफ्तिखार का मकबरा मिर्जापुर - Iftikhar's Tomb Mirzapur

इफ्तिखार खां का मकबरा मिर्जापुर का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है। यह मकबरा मिर्जापुर के चुनार में स्थित है। इफ्तिखार खान मुगल सम्राट जहांगीर का एक पदाधिकारी था। इस मकबरे का निर्माण लगभग 1613 ईसवी में चुनार के बलुआ पत्थर द्वारा किया गया है। मकबरे के प्रवेश द्वार पर स्थित कुएं से प्राप्त अभिलेख के आधार पर इस मकबरे को किसी अज्ञात सिकंदर के द्वारा 1613 ईस्वी में निर्मित माना जाता है। 

इफ्तिखार खां अपनी दिलेरी और बहादुरी के लिए प्रसिद्ध थे। 1612 ईसवी के एक युद्ध में बंगाल में वीरगति प्राप्त की थी। इस मकबरे का एकमात्र प्रवेश द्वार दक्षिण की ओर है। मकबरे की निर्माण की योजना वर्गाकार है। यह मकबरा एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है। मकबरे के चारों तरफ सुंदर गार्डन बना हुआ है। मकबरे के ऊपर एक बड़ा सा गुंबद देखने के लिए मिलता है और गुंबद के कोने पर छोटे गुंबद बने हुए हैं। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपको अच्छा लगेगा। 


जरगो बांध मिर्जापुर - Jargo Dam Mirzapur

जरगो बांध मिर्जापुर के पास स्थित एक सुंदर स्थल है। यह एक बहुत बड़ा जलाशय है। यह जलाशय पहाड़ों से घिरा हुआ है। यह जलाशय मिर्जापुर जिले के चुनार से करीब 30 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक पिकनिक स्पॉट है। यहां पर शाम के समय सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही आकर्षक रहता है। जरगो बांध के पास में ही अष्टभुजा माता का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर मिर्जापुर वेब सीरीज  की शूटिंग भी की गई है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 

लखनिया दरी मिर्जापुर - Lakhaniya Dari Mirzapur

लखनिया दरी मिर्जापुर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको जंगल, पहाड़, नदी और झरने देखने के लिए मिलते हैं। लखनिया दरी लतीफपुर में स्थित है। यहां पर आप बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर सोनभद्र वाराणसी हाईवे सड़क गुजरती है। हाईवे सड़क से थोड़ा अंदर जाकर ही लखनिया दरी देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर बरसात के समय बहुत अच्छा लगता है। चारों तरफ हरियाली रहती है। यह एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर चारों तरफ बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं। यहां पर आपकी गाड़ी का पार्किंग का चार्ज लिया जाता है। आप अपना बहुत अच्छा समय यहां पर बिता सकते हैं। यह मिर्जापुर में घूमने लायक जगह है। 


चूनादरी झरना मिर्जापुर - Chunadari Waterfall Mirzapur

चूनादरी झरना मिर्जापुर का एक सुंदर झरना है। यह झरना लखनिया दरी के पास स्थित है। आपको लखनिया दरी से करीब 1 से डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। तब आपको यह झरना देखने के लिए मिल जाता है। मगर यह रास्ता बहुत कठिन रहता है। पूरा पहाड़ी मार्ग रहता है। मगर जब आप इस झरने पर पहुंचते हैं, तो आपको यहां पर बहुत ही सुंदर एक साथ दो झरने देखने के लिए मिलते हैं। आप इस झरने मे चाहे, तो ऊपर की तरफ से ट्रैकिंग करके झरने के ऊपरी भाग में भी पहुंच सकते हैं और अगर आप चाहें तो नीचे घाटी से ट्रैकिंग करके जा सकते हैं। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह पूरी तरह प्राकृतिक है। 


डोंगिया जलाशय एवं जलप्रपात मिर्जापुर - Dongia Reservoir and Waterfall Mirzapur

डोंगिया जलाशय एवं जलप्रपात मिर्जापुर का एक बहुत ही सुंदर स्थल है। यह स्थल पूरी तरह प्राकृतिक है। यह स्थल सुकृत रेंज में स्थित है। यह स्थल वन विभाग के अंतर्गत आता है। यहां पर आपको एक सुंदर और बहुत बड़ा जलाशय देखने के लिए मिलता है। जलाशय से थोड़ी ही दूरी पर आपको एक जलप्रपात भी देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर है। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह मिर्जापुर के पास स्थित पिकनिक स्थल है। 


मां भंडारी देवी मंदिर मिर्जापुर - Maa Bhandari Devi Temple Mirzapur

मां भंडारी देवी मंदिर मिर्जापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मिर्जापुर जिले के अहरेरा में स्थित है। यह मंदिर पहाड़ी पर बना हुआ है। आप यहां पर आ कर इस मंदिर को देख सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है और भंडारी देवी जी को समर्पित है। यहां पर सम्राट अशोक का शिलालेख देखने के लिए मिलता है। यह जगह ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखती है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


लोहंदी महावीर मंदिर मिर्जापुर - Lohandi Mahavir Temple Mirzapur 

लोहंदी महावीर मंदिर मिर्जापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यह प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर की स्थापना त्रेतायुग में महर्षि लोमस के द्वारा की गई थी। इस मंदिर में आकर सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही सुंदर मूर्ति के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां सावन के महीने में मेला लगता है। यहां हर शनिवार और मंगलवार को बहुत भीड़ रहती है। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


लाल भैरव मंदिर मिर्जापुर - Lal Bhairav Temple Mirzapur

लाल भैरव मंदिर मिर्जापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर मिर्जापुर में कंटित रोड में स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर भैरव बाबा की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। कहा जाता है कि भैरव बाबा के दर्शन के बिना मां विंध्यवासिनी के दर्शन अधूरे रहते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। 


मोतिया तालाब मिर्जापुर - Motia Talab Mirzapur

मोतिया तालाब या मोती तालाब मिर्जापुर की एक सुंदर जगह है। यहां पर आपको एक बड़ा सा तालाब देखने के लिए मिलता है। इस तालाब में बहुत सारे कमल के फूल खिले हुए हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर तालाब के पास में शिव जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह तालाब मिर्जापुर में विंध्याचल पहाड़ी पर स्थित है। यह अष्टभुजा माता मंदिर के पास में स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


विंढम (विन्धम) जलप्रपात मिर्जापुर - Vindam (Vindham) Falls Mirzapur

विंढम जलप्रपात मिर्जापुर का एक प्रसिद्ध जलप्रपात है। यह जलप्रपात मिर्जापुर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है। यहां पर जलप्रपात चट्टानों के बीच से बहता है। जलप्रपात के पास में भी एक छोटा सा पार्क बना है। इस पार्क में बहुत सारे झूले लगे हुए हैं और जानवरों की स्टेचू बने हुए हैं। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां बरसात के समय बहुत अच्छा लगता है। यह जलप्रपात मिर्जापुर घोरावल हाईवे सड़क पर स्थित है। आपको इस जलप्रपात तक जाने के लिए हाईवे सड़क से थोड़ा अंदर जाना पड़ता है। यहां पर आप पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। 


कंतित दरगाह शरीफ मिर्जापुर - Kantit Dargah Sharif Mirzapur

कंतित दरगाह शरीफ मिर्जापुर शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मुस्लिम धार्मिक स्थल है। यह दरगाह हजरत ख्वाजा इस्माइल चिश्ती की है। हजरत ख्वाजा इस्माइल चिश्ती अजमेर शरीफ वाले ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के भांजे हैं। आप यहां पर आ कर इस दरगाह को देख सकते हैं। यहां पर उर्स मेले में पूरे भारतवर्ष से भारी संख्या में लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां पर लोग मुरादे मानते हैं और जिनकी मुरादे पूरी हो जाती है।  वह चादर चढ़ाते हैं। आप मिर्जापुर आते हैं, तो यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


मिर्जापुर जिले के प्रसिद्ध स्थल - Famous Places of Mirzapur District

नौकादरी झरना मिर्जापुर 
मां चंद्रिका धाम चुनार मिर्जापुर
बरिया घाट मिर्जापुर
बाबा घाट मिर्जापुर 
सुंदर घाट मिर्जापुर
ऐतिहासिक ओझला ब्रिज मिर्जापुर 
प्राचीन नाग कुंड मिर्जापुर 
दीवान घाट मिर्जापुर 
मां विंध्यवासिनी घाट मिर्जापुर
अहरौरा जलाशय मिर्जापुर
सिद्धनाथ की दरी मिर्जापुर 
संकट मोचन मंदिर मिर्जापुर 
अगोरी का किला मिर्जापुर 
देवहवा बाबा आश्रम मिर्जापुर
चुनार घाट और बालू घाट मिर्जापुर
चुनार दरगाह शरीफ मिर्जापुर
नवल वीर मंदिर चुनार मिर्जापुर
सुखरा बांध सिकटा मिर्जापुर 
खजूरी बांध मिर्जापुर
बोकरिया जलप्रपात मिर्जापुर
अदवा बांध मिर्जापुर



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मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

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कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।