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लखीमपुर खीरी जिले के पर्यटन स्थल - Lakhimpur Kheri tourist places

लखीमपुर खीरी जिले के दर्शनीय स्थल - places to visit in Lakhimpur Kheri District / लखीमपुर खीरी जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह




लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश का प्रमुख जिला है। लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 132 किलोमीटर दूर है। लखीमपुर खीरी जिला भारत में, भारत नेपाल बॉर्डर के पास स्थित है। लखीमपुर खीरी जिला बहुत सुंदर है। लखीमपुर खीरी जिले में दुधवा नेशनल पार्क है। उले नदी लखीमपुर खीरी जिले के बीचो-बीच से बहती है। लखीमपुर खीरी जिले में और भी बहुत सारी नदियां बहती है। यहां पर शारदा, घाघरा, चौका, गोमती, मोहाना आदि नदियां बहती हैं। लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। लखीमपुर खीरी जिले में आप रोड मार्ग से पहुंच सकते हैं। लखीमपुर खीरी जिला बहुत खूबसूरत है। लखीमपुर जिले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। चलिए जानते हैं - लखीमपुर जिले में कौन-कौन सी जगह घूमने लायक है। 

लखीमपुर खीरी जिले में घूमने वाली जगह - Lakhimpur Kheri mein ghumne ki jagah


बाबा लिलौटी नाथ धाम लखीमपुर खीरी - Baba Liloti Nath Dham Lakhimpur Kheri

बाबा लिलौटी नाथ धाम लखीमपुर खीरी का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर लखीमपुर खीरी मुख्यालय से करीब 6 किलोमीटर दूर नदी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां एक मुखी शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर के बारे में लोगों की अलग-अलग मान्यताएं हैं। लोगों का कहना है, कि आज भी इस मंदिर में शिव भगवान की पूजा सुबह के समय कोई और करके जाता है। कहा जाता है कि अश्वत्थामा यहां पर आकर शिव भगवान जी की पूजा करके जाते हैं। 
इसके अलावा इस मंदिर में, जो शिवलिंग विराजमान है। उसके बारे में कहा जाता है, कि यह शिवलिंग दिन में तीन बार, तीन तरह का रंग बदलता है। सुबह के समय काले रंग का दिखाई देता है। दोपहर के समय भूरे रंग का दिखाई देता है और शाम के समय हल्के पीले रंग का दिखाई देता है। यह मंदिर लखीमपुर खीरी में प्रकृति की गोद में बसा हुआ है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर सावन सोमवार के समय विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर दूर से लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां पर नदी में मगरमच्छ भी है। यहां पर आपको पार्वती जी, गणेश जी, कार्तिकेय जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर नंदी भगवान जी की भी बहुत बड़ी प्रतिमा है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह लखीमपुर खीरी जिले की सबसे अच्छी जगह है। 

इंदिरा मनोरंजन पार्क लखीमपुर खीरी - Indira Manoranjan park lakhimpur kheri

इंदिरा मनोरंजन पार्क लखीमपुर खीरी का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह जगह पूरी तरह से प्राकृतिक है और यहां पर एक सुंदर पार्क बना हुआ है। यहां पर आपको चारों तरफ पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं और प्रकृति का अनोखा रूप देखने के लिए मिलता है। 
यह पार्क लखीमपुर खीरी में निघासन रोड में स्थित है। आप यहां पर आराम से घूमने के लिए आ सकते हैं। इस पार्क में आपको पंचवटी वाटिका भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको घड़ियाल ताल, वन संग्रहालय, बाल उद्यान, पौधा शाला, मृग विहार, यह सभी चीजें देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर आप नौका विहार भी कर सकते हैं। यहां पर आप पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह लखीमपुर खीरी का सबसे अच्छी जगह है। 

श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर लखीमपुर खीरी - Shri Sankat Mochan Hanuman Mandir Lakhimpur Kheri

श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर लखीमपुर खीरी का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर लखीमपुर खीरी में राजापुर में स्थित है। यह मंदिर लखीमपुर खीरी नानाराव हाईवे सड़क पर स्थित है। आप यहां पर बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर के गर्भगृह में हनुमान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर परिसर बहुत अच्छा है और आप यहां पर आकर शांति से बैठ सकते हैं। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और फूलों वाले पौधे भी यहां पर लगाए गए हैं। यहां पर शनिवार और मंगलवार के दिन बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह लखीमपुर खीरी में घूमने लायक जगह है।
 

मां नर्वदेश्वर महादेव मंदिर (मेंढक मंदिर) लखीमपुर खीरी - Maa Narvadeshwar Mahadev Temple (Frog Temple) Lakhimpur Kheri

श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर लखीमपुर खीरी का एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर को मेडक मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस मंदिर में आपको एक बहुत बड़ा मेंढक देखने के लिए मिलता है। यह मेंढक पत्थर से बना हुआ है और बहुत सुंदर लगता है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर मुख्य रूप से तांत्रिक क्रियाओं के लिए बनाया गया था। मंदिर की दीवारों में आपको बहुत अलग-अलग मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग क्रियाएं कर रही हैं। इनमें से कुछ मूर्तियां तांत्रिक क्रियाएं भी कर रही हैं। 
मंदिर के गर्भ गृह में आपको शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह शिवलिंग सफेद मार्बल के बने एक छोटे से चबूतरा में रखा हुआ है और यह चबूतरा भी बहुत सुंदर बना हुआ है। इसमें नक्काशी की गई है। इसके ऊपर शिवलिंग रखा हुआ है। यहां पर आपको नंदी भगवान जी की भी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। नंदी भगवान जी की प्रतिमा यहां पर खड़ी हुई अवस्था में है। बाकी सभी मंदिरों में देखा होगा, नंदी भगवान की प्रतिमा बैठी हुई रहती है। मगर यहां पर खड़ी हुई अवस्था में है। नंदी भगवान की प्रतिमा भी सफेद मार्बल से बनी हुई है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है और यह मंदिर लखीमपुर खीरी में ओएल में स्थित है। आप इस मंदिर में आराम से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर ओएल तालाब के पास में है और इस मंदिर के बारे में आप जान सकते हैं। यह लखीमपुर खीरी जिले की सबसे अच्छी जगह है। 

देवकली मंदिर लखीमपुर खीरी - Devkali Temple Lakhimpur Kheri

देवकली मंदिर लखीमपुर खीरी का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर लखीमपुर खीरी जिले में देवकली गांव में बना हुआ है। इस मंदिर में आपको देवेश्वर नाथ शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको परशुराम जी की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर हनुमान जी की भी बहुत बड़ी प्रतिमा बनी हुई है। यहां पर आपको 12 ज्योतिर्लिंगों की भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर शिव भगवान जी की भी बहुत बड़ी मूर्ति बनी हुई है। इसके अलावा यहां पर एक कुंड बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। कुंड के किनारे यह मंदिर बने हुए हैं और यहां पर आपको नेपाली बाबा का आश्रम भी देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपको अच्छा लगेगा और मन में शांति मिलेगी। 

गोकर्णनाथ शिव मंदिर लखीमपुर खीरी - Gokarnath Shiva Temple Lakhimpur Kheri

गोकर्णनाथ शिव मंदिर लखीमपुर खीरी का एक प्रसिद्ध मंदिर है।  इस मंदिर को और भी नामों से जाना जाता है। इस मंदिर को छोटी काशी, गोला शिव की नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां पर भगवान शिव का बहुत प्रसिद्ध मंदिर है और इस मंदिर के बारे में एक बहुत प्रसिद्ध ऐतिहासिक कहानी जुड़ी हुई है। कहा जाता है, कि रावण शिव भगवान का शिवलिंग लेकर यहां से जा रहा था। तब उसे लघुशंका लगी और उसने एक चरवाहे को वह शिवलिंग रखने के लिए दे दिया। शिवलिंग का भार बढ़ने लगा और चरवाहे को शिवलिंग बहुत भारी लगने लगा और उसने शिवलिंग जमीन में ही रख दिया, जिससे शिवलिंग की स्थापना इसी स्थान पर हो गई और रावण ने बहुत जोर लगाया। शिवलिंग को उठाने का, मगर वह शिवलिंग को ना उठा पाया। 
इस कहानी को आप यहां पर आकर विस्तार पूर्वक जान सकते हैं। यहां पर सावन सोमवार के समय बहुत सारे लोग भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर कावड़ यात्रा निकाली जाती है। यहां पर शिव जी का शिवलिंग जमीन के अंदर धसा हुआ है और बहुत सुंदर लगता है। यहां पर एक सरोवर भी है जिसका दृश्य बहुत शानदार रहता है। यहां पर शिव भगवान जी की एक बहुत विशाल प्रतिमा है, जो बहुत सुंदर लगती है। गोकरण नाथ शिव मंदिर लखीमपुर जिले में गोला ब्लॉक में स्थित है। आप यहां पर आकर इस मंदिर में शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं और धन्य हो सकते हैं। 

त्रिलोकी नाथ मंदिर लखीमपुर खीरी - Triloki Nath Temple Lakhimpur Kheri

त्रिलोकी नाथ मंदिर लखीमपुर खीरी में गोला तहसील में स्थित एक मुख्य मंदिर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। यहां पर चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण देखने के लिए मिलता है। यहां आकर शांति मिलती है। यहां पर एक बरगद का पेड़ लगा हुआ है, जिसमें महिलाएं लोग पूजा करती है। आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर भी प्राचीन है। यहां पर आपको शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर धर्मशाला भी है, जहां पर आप आकर ठहर सकते हैं। 

भूतनाथ मंदिर लखीमपुर खीरी - Triloki Nath Temple Lakhimpur Kheri

भूतनाथ मंदिर लखीमपुर खीरी में गोला तहसील में स्थित एक मुख्य मंदिर है। यह मंदिर प्राचीन है और सावन सोमवार के समय यहां पर, जो विशाल मेला लगता है। वह भूतनाथ मेले के नाम से ही प्रसिद्ध है। यहां पर आपको एक प्राचीन कुआं देखने के लिए मिलता है, जहां पर ग्वाला अपनी जान बचाने के लिए कूद गया था। इसलिए इस जगह को गोला नाम से जाना जाता है। आप यहां पर आकर इस जगह की प्राचीन महत्व को जान सकते हैं। 

किशनपुर वन्य जीव अभ्यारण - Kishanpur Wildlife Sanctuary

किशनपुर वन्य जीव अभ्यारण लखीमपुर खीरी का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह दुधवा नेशनल पार्क का एक भाग है। इस पार्क में आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप सफारी का मजा ले सकते हैं। यहां पर गेस्ट हाउस भी है, जहां पर आप ठहर सकते हैं। यहां पर आपको चारों तरफ प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह लखीमपुर खीरी जिले का पिकनिक स्पॉट है। 

अद्भुत साईं धाम लखीमपुर खीरी - Adbhut Sai Dham Lakhimpur Kheri

अद्भुत साईं धाम लखीमपुर खीरी में मतैहिया गांव में स्थित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और बहुत विशाल है। इस मंदिर में आपको साईं बाबा जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के आसपास का वातावरण बहुत ही सुंदर है। यहां पर आपको एक कुंड देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत सारे लोग साईं बाबा जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर और भी बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

खैरीगढ़ राजमहल - Khairigarh Rajmahal

खैरीगढ़ राजमहल लखीमपुर खीरी का एक प्रसिद्ध महल है। यह महल लखीमपुर खीरी में निघासन तहसील के पास में खैरीगढ़ स्टेट में स्थित है। आप यहां पर गाड़ि या कार से घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर एक सुंदर महल देखने के लिए मिलता है और यहां पर प्राचीन शिव भगवान और काली जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। 
खैरीगढ़ राजमहल का निर्माण 19वीं शताब्दी में किया गया था। राजा इंद्र विक्रम शाह एवं राजा पृथ्वी ध्वज शाह के कार्यकाल में इस भवन का निर्माण हुआ था। इस महल का निर्माण 1880 में शुरू हुआ था और 1891 ईसवी में समाप्त हुआ था। यह महल एक टीले के ऊपर बना है। इस महल की वास्तुकला इंडो सारसेनिक है। इस महल को महारानी सूरत कुमारी के नाम से जाना जाता है, क्योंकि महारानी सूरत कुमारी ने इस राज महल में बहुत सारी महत्वपूर्ण इमारतों का निर्माण करवाया था। उन्होंने श्री मां काली और शिव जी के मंदिर का निर्माण करवाया था। इस महल में प्रवेश के लिए शुल्क लगता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 

चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज लखीमपुर खीरी - Chaudhary Charan Singh Ghaghra Barrage Lakhimpur Kheri

चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज लखीमपुर खीरी के पास स्थित एक सुंदर जगह है। यह बैराज लखीमपुर खीरी जिले में निघासन तहसील के पास में स्थित है। यह एक जलाशय है। यह जलाशय घाघरा नदी पर बना हुआ है। यहां पर आपको घाघरा नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय चौधरी चरण सिंह को समर्पित है। 
चौधरी चरण सिंह किसानों की मसीहा थे। यह जलाशय उन्हीं की याद में बनाया गया है और इसका नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है। यहां पर आपको चौधरी चरण सिंह की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको एक सुंदर गार्डन देखने के लिए मिलता है, जहां पर आप घूम सकते हैं। इस जलाशय को पहले गिरिजा बैराज के नाम से जाना जाता था। मगर बाद में इसका नाम बदल दिया गया। 

बालाजी मंदिर लखीमपुर खीरी - Balaji Temple Lakhimpur Kheri

बालाजी मंदिर लखीमपुर खीरी का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नगर क्षेत्र में बना हुआ है। यह मंदिर बालाजी को समर्पित है। मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर जो भी अपनी मनोकामना मांगता है। उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। यहां पर मंगलवार और शनिवार के दिन बहुत भीड़ लगती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 

शारदा बैराज लखीमपुर खीरी - Sharda Barrage Lakhimpur Kheri

शारदा डैम लखीमपुर खीरी का एक सुंदर स्थल है। यह एक जलाशय है। यह जलाशय लखीमपुर खीरी में शारदा नगर क्षेत्र में स्थित है। यह बांध काली नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर चारों तरफ का दृश्य बहुत अच्छा है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यह लखीमपुर खीरी जिले का पिकनिक स्पॉट है। 

दुधवा नेशनल पार्क लखीमपुर खीरी - Dudhwa National Park Lakhimpur Kheri

दुधवा नेशनल पार्क लखीमपुर खीरी का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह पार्क लखीमपुर जिले में लखीमपुर खीरी जिले में भारत नेपाल बॉर्डर पर स्थित है। साल 1962 में इस क्षेत्र को वन्य जीव अभ्यारण घोषित किया गया और 1977 में इस पार्क को राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर दिया गया। यह राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश राज्य के तराई जिले में स्थित एक सुंदर पार्क है।  
दुधवा नेशनल पार्क लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली इन सब जगह से बहुत करीब पड़ता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको बाघ, हाथी, जंगली कुत्ता, हिरण, मगरमच्छ देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार की चिड़िया भी देखने के लिए मिलती है। यह जगह हरे भरे पेड़ों से घिरी हुई है। यहां पर आपको लुप्तप्राय जंतु भी देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर सफारी का मजा ले सकते हैं। यहां पर ठहरने के लिए पर्यटन विभाग के द्वारा गेस्ट हाउस भी बनाए गए हैं, जहां पर आप ठहर सकते हैं। 

सुहेली बैराज रूपनगर लखीमपुर खीरी


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