सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

श्योपुर जिले के पर्यटन स्थल - Sheopur tourist places

श्योपुर जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Sheopur District / श्योपुर जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह


श्योपुर जिला मध्य प्रदेश का मुख्य जिला है। श्योपुर जिला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 390 किलोमीटर दूर है। इस जिले के बीच से सीप नदी बहती है। सीप नदी के किनारे  प्राचीन किला देखने के लिए मिलता है। श्योपुर जिला मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। श्योपुर जिले की सीमा चंबल नदी बनाती है। चंबल नदी श्योपुर और राजस्थान की सीमा बनाते हुए बहती है। श्योपुर में घूमने के लिए बहुत सारे जगह है। चलिए जानते हैं - श्योपुर में कौन-कौन सी जगह घूमने लायक है। 


श्योपुर जिले में घूमने वाली जगह - Sheopur mein ghumne ki jagah


कूनो वन्य जीव अभ्यारण श्योपुर - Kuno Wildlife Sanctuary Sheopur

कुनो वन्यजीव अभयारण्य श्योपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह अभ्यारण श्योपुर और मुरैना जिले में फैला हुआ है। इस अभयारण्य के बीचो बीच से कूनो नदी बहती है। इसलिए इस अभ्यारण को कूनो वन्यजीव अभ्यारण के नाम से जाना जाता है। इस अभ्यारण में देखने के लिए बहुत सारे जानवर और पेड़ पौधों की प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां पर आपको पर्वतीय भू-भाग भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर ऊंची ऊंची पहाड़ियां हैं, जो बहुत ही सुंदर लगती हैं। आप यहां पर श्योपुर जिले से घूमने के लिए आ सकते हैं। श्योपुर जिले से टिकतौली गेट से आप इस अभ्यारण में आ सकते हैं। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 

कूनो वन्य जीव अभ्यारण में ठहरने के लिए विश्राम स्थल भी बना हुआ है, जहां पर आप ठहर सकते हैं और आप इस पार्क में सफारी का मजा ले सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको हिरण, भालू, अजगर, चीतल, लोमड़ी, जंगली कुत्ते  इन सभी के अलावा और भी बहुत सारे जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर बरसात के समय में सुंदर झरने भी बहते हैं। यहां पर प्रवेश के लिए एंट्री चार्ज लिया जाता है। यहां पर आकर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। प्राकृतिक प्रेमी के लिए यह जगह बहुत ही बढ़िया हैं। 


श्योपुर का किला श्योपुर - Sheopur Fort Sheopur

श्योपुर का किला श्योपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। श्योपुर का किला सीप नदी के किनारे बना हुआ है। यह किला बहुत प्राचीन है। इस किले के निर्माण किसने करवाया है। इसके बारे में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। इस किले मे बहुत सारे राजाओं ने राज किया है। यहां पर प्राचीन समय में राजा अजय पाल का शासन हुआ करता था। उसके बाद यहां पर मुगल शासन हुआ करता था। 1542 ईसवी में शेरशाह सूरी ने इस किले  को अपने अधिकार में लिया था। मुगल शासन के बाद यह किला ग्वालियर के राजा सिंधिया शासन के अंतर्गत आया। उसके पहले यह किला गोंड शासन के अंतर्गत आया था। 

श्योपुर के किले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आपको प्राचीन छतरियां देखने के लिए मिलती हैं, जो गोंड राजाओं के द्वारा बनाई गई हैं। यहां पर गुजरी महल, नरसिंह महल, बरादरी, घुड़साल महल, मनोहर दास की छतरियां, सहारिया म्यूजियम यह सभी जगह आपको यहां पर देखने के लिए मिल जाती हैं, जो बहुत ही सुंदर है और इनकी वास्तुकला भी बहुत जबरदस्त है। किले के ऊपर से आपको सीप नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर सहारिया म्यूजियम में सहरिया जनजाति से संबंधित बहुत सारी वस्तुओं को रखा गया है, जिन्हें आप यहां पर आकर देख सकते हैं। आप यहां पर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। आपको यहां पर आकर मजा आएगा। 


गुप्तेश्वर महादेव मंदिर श्योपुर - Gupteshwar Mahadev Temple Sheopur

गुप्तेश्वर महादेव मंदिर श्योपुर जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सीप नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर पानी में डूबा रहता है। जब सीप नदी का पानी सूख जाता है। तब आप इस मंदिर में जाकर शिव शंकर जी के दर्शन कर सकते हैं। इस मंदिर से थोड़ा ही ऊपर एक नया शिव मंदिर बना हुआ है, जिसमें जाकर आप भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है और मंदिर के अंदर शिवलिंग विराजमान हैं। 


चंबल मगरमच्छ अभयारण्य पाली घाट - Chambal Crocodile Sanctuary Pali Ghat

चंबल मगरमच्छ अभ्यारण मध्य प्रदेश और राजस्थान बॉर्डर में बहने वाली चंबल नदी में बना हुआ है। यह एक संरक्षित क्षेत्र है। यहां पर मगरमच्छों एवं घड़ियाल का संरक्षण किया जाता है। यहां पर आप सफारी का मजा ले सकते हैं। सफारी में आपको बहुत सारे मगरमच्छ एवं घड़ियाल देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर बहुत सारे देशी और विदेशी पक्षी भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर तीन नदियों का संगम स्थल भी देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर लगता है। 

आप चंबल मगरमच्छ अभ्यारण पर सफारी की बुकिंग ऑनलाइन कर सकते हैं। चंबल सफारी में आपको मगरमच्छ के अलावा और भी बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आप चंबल नदी में बोटिंग का मजा भी ले लेते हैं और यहां पर शाम के समय सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही जबरदस्त रहता है, जो आप यहां पर आकर देख सकते हैं। यहां पर आपके ठहरने की व्यवस्था हो जाती है और आप यहां पर शाम के समय ठहर कर, इस जगह पर सुकून का अनुभव कर सकते हैं। मोटर बोट में सफारी वाला आपको पूरी चंबल नदी में घूम आएगा। यहां पर आपको घड़ियाल और मगरमच्छ और बहुत सारी चिड़िया देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको त्रिवेणी संगम देखने के लिए मिलता है, जहां पर चंबल, पार्वती और द्वारिका नदी का संगम हुआ है। आपको यहां पर बहुत मजा आएगा। 


रामेश्वरम धाम और त्रिवेणी संगम श्योपुर - Rameshwaram Dham and Triveni Sangam Sheopur

रामेश्वरम धाम और त्रिवेणी संगम मध्यप्रदेश और राजस्थान बॉर्डर पर स्थित एक सुंदर जगह है। यहां पर तीन मुख्य नदियों का संगम हुआ है। यहां पर बानस, चंबल और सीप नदी का संगम हुआ है। यह संगम स्थल बहुत ही सुंदर है। इसी संगम स्थल पर रामेश्वरम मंदिर बना हुआ है, जहां पर शिवलिंग विराजमान है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आकर प्राकृतिक वातावरण को देख सकते हैं। यहां पर आप घाट में बैठ सकते हैं। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार के पक्षी भी देखने के लिए मिल जाते हैं। आपको यहां पर आकर शांति मिलेगी। 


सिरोनी वाले हनुमान जी का मंदिर श्योपुर - Sironi Wale Hanuman Temple sheopur

सिरोनी वाले हनुमान जी का मंदिर श्योपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। इस मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर को मंशापूर्ण हनुमान मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है, कि इस हनुमान मंदिर में आने से मन की इच्छा पूरी होती है। यह मंदिर प्राचीन है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यह मंदिर श्योपुर सबलगढ़ के रास्ते में बना हुआ है। यह मंदिर कूनो वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। 


धौरेट सरकार मंदिर - Dhoret Sarkar Temple

धौरेट सरकार मंदिर श्योपुर जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर घने जंगल के अंदर, कूनो वन्यजीव अभ्यारण में बना हुआ है। यहां पर, मंदिर में पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता है। मंदिर में पहुंचकर धौरेट भगवान के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर चारों तरफ प्राकृतिक माहौल देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यहां पर सुंदर जलप्रपात बहता है। यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर लगता है। जलप्रपात में नहाने का मजा लिया जा सकता है। यहां पर जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल सकते हैं। यह जगह चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर मजा आएगा। 


श्योपुर जिले के पिकनिक स्पॉट की सूची - List of Picnic Spots of Sheopur District

वीरपुर झील श्योपुर 
जोगीपुर का किला जोगीपुर श्योपुर 
अपर काकेटो झील श्योपुर 
देवरी धाम हनुमान मंदिर 
मानपुर का किला मानपुर श्योपुर 
बंजारा बांध श्योपुर 
अवादा बांध श्योपुर 
 जत्ती घाट श्योपुर 
जवाहरगढ़ का किला श्योपुर 
जवाहरगढ़ वाली माता का मंदिर श्योपुर 



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रामघाट चित्रकूट के पास धर्मशाला - Dharamshala near Ramghat Chitrakoot

चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।