सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आप हमारी मदद करना चाहते हैं, तो नीचे दिए लिंक से शॉपिंग कीजिए।

बौद्ध स्तूप सतधारा रायसेन - Buddhist Stupa Satdhara Raisen

बौद्ध स्तूप या स्मारक सतधारा,  रायसेन जिला, मध्य प्रदेश - Buddhist Stupa or Monument Satdhara, Raisen District, Madhya Pradesh


सतधारा स्तूप रायसेन जिले का एक प्रसिद्ध स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर प्राकृतिक दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर हलाली नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे हैं और हरियाली है। यहां पर आपको बहुत बड़ा स्तूप देखने के लिए मिलता है। सतधारा स्तूप विदिशा भोपाल राजमार्ग में स्थित है। यहां पर आपको जंगल कैंप का भी मजा लेने के लिए मिलेगा। आप यहां पर जंगल के बीच में कैंप लगाकर रह सकते हैं। उसके अलग पैकेजेस रहते हैं। वह आपको ऑनलाइन जाकर चेक करने पड़ेंगे। मगर यहां पर मजा बहुत आता है और यहां पर बंदर भी थे। अगर आपके पास कुछ सामान रहता है, तो संभाल कर रखने की जरूरत रहती है। नहीं तो बंदर आपसे छीन लेगा। 

इस जगह को सतधारा इसलिए कहते हैं, क्योंकि यहां पर हलाली नदी सात धाराओं में विभक्त होती है। इसलिए इस जगह सतधारा के नाम से जाना जाता है। हलाली नदी को 7 धारा में विभक्त देखने के लिए आपको थोड़ा आगे जाना पड़ता है। 

सतधारा स्तूप में हम लोग अपनी स्कूटी से गए थे। सतधारा पर जाने के लिए पक्की सड़क है और यह जगह जंगल के अंदर स्थित है। यह जगह सांची स्तूप के आगे पड़ती है। यहां पर हम लोग जब पहुंचे, तो यहां पर सबसे पहले एंट्री करनी पड़ती है। यहां के कर्मचारी आपका नाम, जगह और फोन नंबर लिखते हैं। एंट्री करने के बाद इस जगह को आप घूम सकते हैं। सतधारा स्तूप शाम को सूर्यास्त तक खुला रहता है। यहां पर जब हम लोग गए थे। तब कोई नहीं था। हम लोग अकेले ही स्तूप घूमने के लिए गए। वैसे यहां पर कुछ कर्मचारी रहते हैं। 

हम लोग यहां पर शाम के समय गए थे। इसलिए यहां पर बहुत सारे पर्यटक आकर चले गए थे। हम लोग बस यहां पर अकेले थे, घूमने वाले। हम लोग एंट्री करवा कर, स्तूप देखने के लिए गए। यहां पर सबसे पहले हम लोगों को एक छोटा सा स्तूप देखने के लिए मिला। यह स्तूप बहुत सुंदर लग रहा था और पूरी तरह पत्थर से कवर था। यहां पर व्यूप्वाइंट भी बना हुआ है, जहां से आप हलाली नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर पहाड़ और हलाली नदी का दृश्य बहुत ज्यादा शानदार था। 

हम लोग हलाली नदी का दृश्य देखने के बाद, आगे बढ़े। यहां पर आगे जाकर एक बड़ा सा मैदान था और यहां पर दीवारें बनी हुई थी। हम लोग आगे गए, तो यहां पर बड़े से मैदान में हमें एक बड़ा सा स्तूप देखने के लिए मिला। यह स्तूप सांची के स्तूप के बराबर ही था। यह स्तूप पूरी तरह से पत्थर से कवर था। यह स्तूप बहुत सुंदर लग रहा था। इस स्तूप में सीढ़ियां बनी थी और प्रदक्षिणा पथ बना हुआ था।  इस स्तूप की परिक्रमा कर सकते थे। इस स्तूप में एक छोटी सी गुफा भी थी, जिसमें ताला लगा हुआ था। यहां पर चारों तरफ हरियाली थी और जंगल का दृश्य लाजवाब था। 

बड़े स्तूप के सामने ही एक बौद्ध विहार देखने के लिए मिलता है, जो अभी खंडहर अवस्था में है। इस बौद्ध विहार के अंदर भी जाया जा सकता है। आप यहां से हलाली नदी के दृश्य को देख सकते हैं। इस बौद्ध विहार में बहुत सारे बंदर बैठे हुए थे। इसलिए हम लोग यहां पर नहीं गए। हम लोगों ने बौद्ध विहार को बाहर से ही देखा। बड़े स्तूप से आगे जाने के लिए रास्ता था। आगे और भी स्तूप थे। यहां पर करीब 40 से ज्यादा स्तूप मौजूद है। इन सभी स्तूप को अच्छे से बनाने की कोशिश की गई है। इनमें से कुछ स्तूप आधे अधूरे हैं और कुछ स्तूप अच्छी तरह से बने हैं। यहां पर आपको बौद्ध विहार भी देखने के लिए मिलते हैं। हम लोगों ने बड़े  स्तूप को बस घुमा। उसके बाद हम लोग वापस आ गए हैं। यहां पर व्यूप्वाइंट भी बनाया गया है। यहां पर एक बहुत बड़ा व्यूप्वाइंट बना हुआ था, जिसमें से सीढ़ियों से चढ़कर आप ऊपर से चारों तरफ का दृश्य देख सकते थे। 

आप यहां पर आते हैं, तो आप यहां पर पानी की बोतल जरूर लाएं। क्योंकि यहां पर किसी भी तरह की दुकान वगैरा नहीं है। अगर यहां पर ज्यादा समय बिताने के लिए आते हैं, तो अपने साथ खाने के लिए जरूर लाएं। मगर यहां पर कचरा ना फैलाएं। क्योंकि यह जगह बहुत ही साफ-सुथरी है और इसे ऐसे ही रखना है। 

अगर आप सतधारा में जंगल कैंप का मजा लेना चाहते हैं, तो उसकी भी व्यवस्था है। उसके लिए आपको यहां के कर्मचारियों से बात करनी पड़ेगी। वह आपको उसकी सारी जानकारी दे देंगे। हम लोगों ने उसके बारे में जानकारी नहीं ली। इसके चार्जेस वगैरह अलग रहते हैं। मगर यहां पर आकर बहुत मजा आता है और आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


सतधारा बुद्ध स्तूप कहां है - Where is Satadhara Buddha Stupa

सतधारा बुद्ध स्तूप रायसेन जिले का एक प्रमुख स्थल है। यह स्तूप हलाली नदी के किनारे जंगल के अंदर स्थित हैं। सतधारा बुद्ध स्तूप भोपाल से सांची जाने वाली सड़क में स्थित है। यह मुख्य सड़क से करीब 5 किलोमीटर अंदर, जंगल के अंदर स्थित है। सतधारा में अपने कार और बाइक से आराम से जा सकते हैं। यहां पर जाने के लिए पक्की सड़क है। यहां पर आपकी कार और बाइक की पार्किंग के लिए भी जगह है। यहां पर अच्छा लगता है। 


सतधारा बुद्ध स्तूप की फोटो - Photo of Satdhara Buddha Stupa


बौद्ध स्तूप सतधारा रायसेन - Buddhist Stupa Satdhara Raisen
सतधारा में स्थित सबसे बड़ा स्तूप 

बौद्ध स्तूप सतधारा रायसेन - Buddhist Stupa Satdhara Raisen
बौद्ध विहार के खंडहर 

बौद्ध स्तूप सतधारा रायसेन - Buddhist Stupa Satdhara Raisen
प्राचीन बाउंड्री वॉल 

बौद्ध स्तूप सतधारा रायसेन - Buddhist Stupa Satdhara Raisen
बौद्ध बिहार के खंडहर



हलाली झरना भोपाल

हलाली बांध भोपाल

उदयगिरि की गुफाएं विदिशा

बीजामंडल या विजय मंदिर विदिशा





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।

रामघाट चित्रकूट के पास धर्मशाला - Dharamshala near Ramghat Chitrakoot

चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का