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रायसेन जिले के पर्यटन स्थल - Raisen tourist places

रायसेन जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Raisen / Raisen attraction place / Raisen picnic spot रायसेन में घूमने की जगह  Raisen me ghumne ki jagah रायसेन का किला -  Raisen Fort रायसेन का किला रायसेन जिले का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करके पहुंचना पड़ता है। किले के अंदर एक छोटी सी दुकान भी है, जहां से आप चाय नाश्ता कर सकते हैं। इस किले में प्रवेश का किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। यहां पार्किंग के लिए भी अच्छी जगह है। इस किले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है और देखने के लिए ऐतिहासिक चीजें हैं। यहां से रायसेन शहर का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। रायसेन किले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर पुरानी कचहरी, झिंझरी महल, बारादरी, इतर दान, दरगाह एवं मस्जिद, कोस मीनार, धोबी महल और धोबी तलाव, मोतिया तालाब, चोपड़ा गेट, रानी महल, बादल महल और मदागन  तालाब है। यह सब जगह रायसेन किले के अंदर है और आप इस किले में इन सभी जगह में घूम सकते हैं।  रायसेन के किले में वर्

बीना नदी मध्य प्रदेश - Bina river Madhya Pradesh

बीना नदी की जानकारी  और  बीना नदी का उद्गम स्थल -  Bina River Information and  Bina River Origin बीना नदी मध्य प्रदेश की प्रमुख नदी है। बीना नदी बेतवा नदी की सहायक नदी है। बीना नदी मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से निकलती है। बीना नदी मध्य प्रदेश के मैदानी भाग और पर्वतीय भाग से बहते हुए बेतवा नदी से मिल जाती है। बीना नदी रायसेन जिले से निकलकर सागर और विदिशा जिले में बहती है और विदिशा जिले में कुरवाई में बीना नदी का बेतवा नदी से संगम हो जाता है।  बीना नदी की उत्पत्ति रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील से होती है।  गैरतगंज  तहसील से बहते हुए बीना नदी बेगमगंज तहसील में बहती है। उसके बाद बीना नदी सागर जिले में प्रवेश करती है और राहतगढ़ तहसील में बहती है।  सागर की राहतगंज तहसील में बीना नदी जीवन रेखा है, क्योंकि बीना नदी के पानी का उपयोग पीने के लिए यहां पर किया जाता है।   राहतगढ़ तहसील में बीना नदी सुंदर पहाड़ियों से बहती है। यहां पर बीना नदी का सौंदर्य देखते ही बनता है। यहां पर बीना नदी बहुत सुंदर लगती है। मगर यहां पर बीना नदी बहुत गहरी भी है।  यहां पर बहुत सारी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं

भीमबेटका की गुफाएं - Bhimbetka ki gufa or Bhimbetka Cave

भीमबेटका रॉक शेल्टर  और भीमबेटका रॉक पेंटिंग  की जानकारी -  Bhimbetka Rock Shelter and Bhimbetka Rock Painting भीमबेटका की गुफाएं विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर है। भीमबेटका की गुफाएं रायसेन जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। भीमबेटका की गुफाएं भोपाल के पास में स्थित है। यह गुफाएं आदिमानव काल के समय की है। यहां पर गुफाओं में आदिमानव द्वारा बनाई गई पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। यहां पर आदिमानव के द्वारा बहुत सारी पेंटिंग बनाई गई है। यहां पर प्राचीन समय में आदिमानव रहा करते थे। यह गुफाएं रातापानी वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित है। यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और यह गुफाएं पहाड़ियों पर बनाई गई है। यहां पर पहाड़ियों का लाजवाब दृश्य देखने के लिए मिलता है। रातापानी वन्य जीव अभ्यारण में जंगली जानवर भी देखने का मौका मिल सकता है। यहां पर जानवरों और पक्षियों की बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिल सकती हैं। हम लोगों को यहां पर मोर देखने के लिए मिला था। भीमबैठका गुफाओं के थोड़ा आगे जाने पर हम लोगों को मंदिर देखने के लिए मिला था। यह मंदिर वैष्णो माता को समर्पित है। यह मंदिर

आशापुरी मंदिर भोपाल - Ashapuri Temple Bhopal

आशापुरी मंदिर समूह या भूतेश्वर मंदिर समूह रायसेन  मध्य प्रदेश  - Ashapuri Temple Group or Bhuteshwar Temple Group Raisen  Madhya Pradesh आशापुरी मंदिर समूह प्राचीन मंदिरों का समूह है। यहां पर बहुत सारे प्राचीन मंदिर है। यह सभी मंदिर खंडहर अवस्था में यहां पर देखने के लिए मिलते हैं। इन मंदिरों के अवशेष यहां पर इधर-उधर बिखरे पड़े हुए हैं। यह मंदिर पत्थरों से बने हुए हैं और सुंदर सुंदर मूर्तियों की नक्काशी इनमें की गई है। यह मंदिर शिव भगवान जी और आशापुरी देवी जी को समर्पित है। इन मंदिरों के किनारे तालाब बना हुआ है। इस तालाब को भूतेश्वर बांध कहते हैं। यहां पर तालाब के किनारे जो मंदिर बना हुआ है। वह शंकर जी को समर्पित है और इस मंदिर को भूतेश्वर मंदिर भी कहते हैं। यहां पर आशापुरी देवी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है, जो भूतेश्वर मंदिर से थोड़ी दूरी पर स्थित है। यह जगह सुंदर है। यहां पर बहुत सारे मंदिर हैं। आशापुरी गांव में संग्रहालय भी देखने के लिए मिलता है। यह स्थानीय संग्रहालय है और यहां पर बहुत सारी मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलता है।  आशापुरी मंदिर समूह भोपाल शहर से करीब 35

धसान नदी मध्य प्रदेश - Dhasan River Madhya Pradesh

धसान नदी की जानकारी  और  धसान नदी का उद्गम स्थल -  Dhasan River Information and  D hasan river origin धसान नदी मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण नदी है। धसान नदी बेतवा नदी की सहायक नदी है। धसान नदी का उद्गम रायसेन जिले में होता है। धसान नदी का प्राचीन नाम दशार्ण है। धसान नदी घाटियों और मैदानी क्षेत्र से बहते हुए झांसी के पास बेतवा नदी से मिल जाती है। धसान नदी रायसेन के सुल्तानगंज से निकलती है। धसान नदी सुल्तानगंज से निकलकर सागर जिले में प्रवेश करती है और सागर जिले से यह धमोनी की सुंदर घाटियों में बहती है। यहां पर पूरा एरिया जंगल से भरा हुआ है और बहुत ही सुंदर लगता है। उसके बाद धसान नदी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बहती है। उसके बाद धसान नदी टीकमगढ़ जिले में प्रवेश करती है।  टीकमगढ़ जिले में धसान नदी में सुजारा बांध बना हुआ है। यह बान सुजारा नामक जगह में बना हुआ है। इस बांध के बाद धसान नदी आगे बढ़ती है और मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बहती है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बहते हुए धसान नदी पर एक और बांध बनता है। यह बांध मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सी

विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग - भोजपुर का शिवलिंग / Bhojpur temple Bhopal

भोजेश्वर मंदिर  या  भोजपुर शिव मंदिर भोपाल मध्य प्रदेश -  Bhojeshwar Temple or Bhojpur Shiv  temple  Bhopal Madhya Pradesh भोजपुर शिव मंदिर मध्य प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग विराजमान है। यह शिवलिंग एक ही पत्थर से बना हुआ है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यह मंदिर करीब 1000 साल पुराना है। भोजपुर शिव मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। यह शिवलिंग बहुत विशाल है। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। शिवलिंग के सामने छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं, जिनमें अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं विराजमान है।   भोजपुर शिव मंदिर के अंदर स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर लगते हैं। मंदिर के अंदर सुंदर नक्काशी भी देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर अपनी भव्यता और विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के लिए जाना जाता है।  भोजपुर के शिव मंदिर को भोजेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। भोजपुर का शिव मंदिर मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शिव मंदिर है और मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शिवलिंग यहां पर विराजमान है। यहां पर दर्शन करने के लिए पूरे भारत से लोग आते ह