सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आप हमारी मदद करना चाहते हैं, तो नीचे दिए लिंक से शॉपिंग कीजिए।

रायसेन जिले के पर्यटन स्थल - Raisen tourist places

रायसेन जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Raisen / Raisen attraction place / Raisen picnic spot


रायसेन में घूमने की जगह 

Raisen me ghumne ki jagah


रायसेन का किला - Raisen Fort

रायसेन का किला रायसेन जिले का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करके पहुंचना पड़ता है। किले के अंदर एक छोटी सी दुकान भी है, जहां से आप चाय नाश्ता कर सकते हैं। इस किले में प्रवेश का किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। यहां पार्किंग के लिए भी अच्छी जगह है। इस किले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है और देखने के लिए ऐतिहासिक चीजें हैं। यहां से रायसेन शहर का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। रायसेन किले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर पुरानी कचहरी, झिंझरी महल, बारादरी, इतर दान, दरगाह एवं मस्जिद, कोस मीनार, धोबी महल और धोबी तलाव, मोतिया तालाब, चोपड़ा गेट, रानी महल, बादल महल और मदागन  तालाब है। यह सब जगह रायसेन किले के अंदर है और आप इस किले में इन सभी जगह में घूम सकते हैं। 

रायसेन के किले में वर्षा के पानी को एकत्र करके वर्ष भर उपयोग किया जाता था। यहां पर वर्षा को जल को इकट्ठा करने के लिए छत में एक नाली के माध्यम से फर्श पर पानी को लाया जाता था और यहां से पानी एक प्रणाली के द्वारा भूमिगत टंकी में एकत्र हो जाता था। इस पानी का उपयोग साल भर महल में रहने वाले लोग किया करते थे। 

रायसेन के किले पीरजादा शेख सलाहुद्दीन की दरगाह है। यह दरगाह पूरे रायसेन में प्रसिद्ध है। सन 1532 में गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने रायसेन के लिए पर आक्रमण कर दिया। तब स्थानीय राजा सिलाहादी ने किले का विनाश से बचाने के लिए इस्लाम ग्रहण किया एवं स्वयं का नाम परिवर्तित कर सलाहुद्दीन रख दिया। बाद में उन्हें पीर मान लिया गया और इस दरगाह का निर्माण किया गया। आप यहां पर घूम सकते हैं। रायसेन किले में इसके अलावा देखने के लिए इत्र महल सबसे अच्छी जगह है। इत्र महल में आपको प्राचीन समय की नायाब  तकनीक देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर आकर रायसेन जिले के चारों तरफ के सुंदर दृश्य को देख सकते हैं। 


दरगाह शरीफ रायसेन - Dargah Sharif Raisen

दरगाह शरीफ रायसेन शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह दरगाह हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह चिश्ती रहमतुल्लाह औलिया की दरगाह है। इस दरगाह को साहिबे मजार शरीफ भी कहते हैं। यह दरगाह बहुत प्रसिद्ध है। यह मुसलमानों का एक पवित्र तीर्थ स्थल है। लोगों का विश्वास है, कि यहां पर लोगों की इच्छाएं पूरी होती है और हजरत पीर फतेहउद्दीन शाह बाबा की आशीर्वाद मिलता है। इसलिए बहुत सारे लोग दरगाह में आते हैं। दरगाह के बाहर ही प्रसाद और चादर की दुकान है। जिनकी भी इच्छा पूरी हो जाती है। वह यहां पर चादर चढ़ाता है। यहां पर बहुत सारे बंदर भी आपको देखने के लिए मिल जाएंगे। यह दरगाह रायसेन बस स्टैंड से 3 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


तितली पार्क एवं मछलीघर रायसेन - Butterfly Park & Aquarium Raisen

तितली पार्क एवं मछलीघर रायसेन जिले की एक मुख्य जगह है। यहां पर आपको तितलियां और मछलियां देखने के लिए मिलती है। यह जगह रायसेन के गोपालपुर के वन मंडल में स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारी आकर्षक चीजें देखने के लिए मिलती है। यहां पर तरह तरह के फूल एवं पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर तितलियों की बहुत सारी प्रजातियों के बारे में आपको पता चल जाएगा, क्योंकि यहां पर उन सभी की बहुत सारी जानकारी दी गई है। इसके अलावा यहां पर आप मछलियां भी देख सकते हैं। यहां पर छोटा सा झरना देखने के लिए आपको मिल जाएगा। फव्वारा देखने के लिए मिल जाएगा। यहां पर डोम बना हुआ है, जहां पर तितलियां देखने के लिए मिलेंगी। यह जगह बच्चों को बहुत पसंद आएगी। 


सांची रायसेन - Sanchi Raisen

सांची रायसेन जिले में स्थित एक मुख्य पर्यटन आकर्षण स्थल है। सांची में बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर तीन मुख्य बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। इन तीनों बौद्ध स्तूप  को अच्छी तरह से बना दिया गया है। यहां पर और भी बहुत सारी प्राचीन इमारतों के खंडहर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर गुप्तकालीन मंदिर, बौद्ध विहार देखने के लिए मिलते हैं। सांची के स्तूप ऊंची पहाड़ी पर बने हुए हैं। सांची स्तूप में प्रवेश के लिए टिकट लगता है। यहां पर सांची स्तूप परिसर के अंदर आपको चाय एवं कॉपी की दुकान भी देखने के लिए मिलेगी, जहां से आप चाय कॉफी पी सकते हैं। इसके अलावा यहां पार्किंग की भी अच्छी सुविधा है। यहां पर बदक खरगोश एवं कबूतर को भी रखा गया है। यहां पर पहला और तीसरा स्तूप आपको मुख्य परिसर में ही देखने के लिए मिलेगा। दूसरा स्तूप मुख्य परिसर से थोड़ा दूरी पर स्थित है। सांची में आप ट्रेन के माध्यम से और रोड के माध्यम से पहुंच सकते हैं। 


सांची स्तूप संग्रहालय - Sanchi Stupa Museum

सांची स्तूप संग्रहालय रायसेन जिले के पर्यटन स्थल है। सांची स्तूप संग्रहालय में सांची बौद्ध स्मारक स्थल से प्राप्त प्राचीन वस्तुओं को संभाल कर रखा गया है। यहां पर आपको बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिलती है। यह संग्रहालय सुबह 10 बजे से 5 बजे तक खुला रहता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


सतधारा स्तूप - Satdhara Stupa

सतधारा स्तूप रायसेन जिले में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर सांची स्तूप से भी एक बहुत बड़ा स्तूप देखने के लिए मिलता है। यहां पर हलाली नदी का सुंदर दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। यह जगह जंगल के अंदर स्थित है। यह जगह मुख्य विदिशा भोपाल हाईवे सड़क से करीब 5 किलोमीटर अंदर जंगल में स्थित है। 


भीमबेटिका रायसेन - Bhimbetika Raisen

भीमबैठका रायसेन जिले में स्थित एक पर्यटन स्थल है। भीमबैठका में शैल चित्र देखने के लिए मिलते हैं। भीम बेटिका में आदिमानव द्वारा बनाई गई शैल चित्र बहुत ही आकर्षक है। यहां पर प्राचीन समय में आदिमानव रहा करते थे। यहां पर आदिमानव के द्वारा बनाए गए हथियार एवं और भी बहुत सारी वस्तुएं प्राप्त हुई हैं। भीमबेटका की गुफाएं रायसेन में रातापानी वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित है। भीमबेटका गुफा में प्रवेश के लिए टिकट लिया जाता है। भीमबेटका की गुफाएं में करीब 18 गुफाएं देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं। यहां पर गुफाओं में शेर, हाथी, शिकार करते हुए लोग, नृत्य करते हुए लोग, सूअर का शिकार करते हुए लोग का चित्र देखने के लिए मिलते हैं। भीमबैठका में आ कर बहुत अच्छा लगता है। भीम बेटिका के आगे आपको वैष्णो देवी मंदिर भी देखने के लिए मिलेगा, जो बहुत सुंदर है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। 


भोजपुर मंदिर - Bhojpur Mandir Raisen

भोजपुर मंदिर रायसेन जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। भोजपुर मंदिर में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह शिवलिंग एक ही पत्थर का बना हुआ है और बहुत ही विशाल है। भोजपुर शिव मंदिर बहुत सुंदर है। भोजपुर शिव मंदिर बहुत बड़ा है और एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है। भोजपुर शिव मंदिर के सामने तीन छोटे-छोटे मंदिर भी बने हुए हैं। यह मंदिर भी शिव भगवान जी को समर्पित है और इसमें शिवलिंग विराजमान है। भोजपुर शिव मंदिर के बाहर बहुत सारी दुकान देखने के लिए मिलती है, जहां से भगवान को चढ़ाने के लिए प्रसाद लिया जाता है। यहां पर बहुत सारे खाने पीने की दुकानें भी है, जहां से चाय और नाश्ता किया जा सकता है। भोजपुर मंदिर के बाहर बहुत बड़ा गार्डन है, जहां पर बैठा जा सकता है। यहां पर सभी प्रकार की व्यवस्था मौजूद है। भोजपुर शिव मंदिर के बाहर पार्किंग की व्यवस्था है, जहां पर आप गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। 


कंकाली देवी मंदिर रायसेन - Kankali Devi Temple Raisen

कंकाली देवी मंदिर रायसेन जिले का एक प्रमुख धार्मिक मंदिर है। यह मंदिर ऐतिहासिक है। इस मंदिर में कंकाली माता की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस प्रतिमा में कंकाली माता का मुंह हल्का सा झुका हुआ है। यहां पर बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर प्रसाद के दुकान में भी देखने के लिए मिलती हैं। यहां पार्किंग के लिए भी अच्छी जगह है। यहां पर नवरात्रि में बहुत सारे लोग आते हैं। 


श्री केरवना धाम रायसेन - Sri Keravana Dham Raisen

श्री केरवना धाम रायसेन जिले का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको शंकर जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर को वन खंडेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर बहुत प्रचलित है। यहां पर केरवन्य ऋषि का  साधना स्थल देखने के लिए मिलता है। यह जगह चारों तरफ से जंगल से घिरी हुई है। केरबना धाम जैतपुर ग्राम के निकट है। यह वन मंडल अब्दुल्लागंज के अंतर्गत आता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आपको छोटा सा पानी की धार देखने के लिए मिलती है, जो साल भर 24 घंटे बहती रहती है। यहां पर केरवन्य ऋषि के आवाहन पर मां नर्मदा जी प्रकट हुई थी। यहां पर नर्मदा कुंड देखने के लिए मिलता है। यहां पर अगर आप दूर से आते हैं, तो आपके ठहरने के लिए धर्मशाला भी मौजूद है। यहां पर जंगल और आसपास की हरियाली देख कर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर पिकनिक मनाने आया जा सकता है। यह रायसेन जिले की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यह रत्तापानी वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित है। 


रातापानी वन्यजीव अभ्यारण रायसेन - Ratapani Wildlife Sanctuary Raisen

रातापानी वन्यजीव अभ्यारण रायसेन जिले का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण स्थल है। रातापानी वन्य जीव अभ्यारण रायसेन और भोपाल जिले में फैला हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको बाघ, तेंदुआ, देखने के लिए मिलेगा। 

अगर आपको प्राकृतिक स्थल देखने हैं, तो आप रातापानी वन्य जीव अभ्यारण में आ सकते हैं। यहां पर आपको प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भी देखने के लिए मिल जाते हैं। रातापानी वन्य जीव अभ्यारण के अंदर बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आपको प्रकृति की सुंदरता देखने के लिए मिलती है। इसके साथ जंगली जानवर भी देखने के लिए मिलते हैं। रातापानी वन्य जीव अभ्यारण में प्रवेश के लिए टिकट लिया लगता है। रातापानी वन्य जीव अभ्यारण में प्रवेश के लिए बहुत सारे गेट है, जिनसे आप प्रवेश करके इस अभ्यारण में घूम सकते हैं। यहां पर आपको पक्षियों एवं पौधों की बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिल जाती है। आप यहां पर अपना पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। रातापानी वन्य जीव अभ्यारण के अंदर आपको झील देखने के लिए मिलती है। यह झील बहुत सुंदर है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


अमरगढ़ जलप्रपात रायसेन - Amargarh Falls Raisen

अमरगढ़ जलप्रपात रायसेन जिले में स्थित एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। अमरगढ़ जलप्रपात एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ता है। यह जलप्रपात रतापानी वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित है। यहां पर बरसात में सुंदर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यहां पर ऊंची चट्टान से पानी नीचे गिरता है, जिसका दृश्य बहुत ही आकर्षक रहता है। यहां पर बरसात के समय बहुत सारे पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। यहां पर करीब 5 से 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। अगर आप फिजिकल फिट नहीं है, तो आप इस जगह पर नहीं आए। 


बरना डैम रायसेन - Barna Dam Raisen

बरना डैम रायसेन जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह डैम रायसेन जिले में बाड़ी तहसील में बना हुआ है। यह डैम बरना नदी पर बना हुआ है। यह डैम बहुत सुंदर है। यह डैम बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। बरसात के समय जब डैम का पानी ओवरफ्लो होता है, तो इसके गेट खोले जाते हैं। जिसका दृश्य बहुत सुंदर लगता है। यहां पर व्यूप्वाइंट भी बना हुआ है, जहां से आप दूर तक फैले दृश्य को देख सकते हैं, जो बहुत ही ज्यादा आकर्षक रहता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिताया जा सकता है। 


चौकी गढ़ किला रायसेन - Chowki Garh Fort Raisen

चौकी गढ़ किला रायसेन जिले में स्थित एक प्राचीन किला है।  यह किला रायसेन के बाड़ी तहसील में स्थित है। यह किला पूरी तरह से खंडहर में बदल गया है। यह किला जंगल के अंदर स्थित है। यह किला रायसेन सुल्तानपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के अंदर स्थित है। आप यहां पर ट्रैकिंग करके पहुंच सकते हैं। इस किले मे आपको बुर्ज, प्राचीन दीवार एवं महल देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर चारों तरफ जंगल है। बरसात के समय यह जगह बहुत ही सुंदर लगती है, क्योंकि यहां पर हरियाली रहती है। आप यहां पर आकर पूरा 1 दिन बिता सकते हैं। यहां पर आपको मजा आएगा। 


आशापुरी मंदिर भोजपुर - Ashapuri Temple Bhojpur

आशापुरी मंदिर प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको मंदिर के खंडहर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक तालाब भी है, जिसे भूतेश्वर तलाब के नाम से जाना जाता है। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर है, जिसे भूतेश्वर मंदिर कहते हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। हनुमान जी का मंदिर अभी अच्छी अवस्था में है। आप इस मंदिर में आकर घूम सकते हैं। मगर यहां पर स्थित बाकी मंदिर टूट गए हैं और खंडहर अवस्था में मौजूद है। यहां पर आशापुरी का मंदिर भी है, जो मुख्य मंदिरों से कुछ दूरी पर स्थित है। यहां पर संग्रहालय भी देखने के लिए मिलता है, जहां पर मूर्तियों का संग्रह करके रखा गया है। 


रायसेन जिले के अन्य प्रसिद्ध पर्यटन आकर्षण स्थल - Famous Tourist Attractions in Raisen District


रैसलपुर माता मंदिर आशापुरी भोजपुर 

अपर पलकमती जलाशय 

लोअर पलकमती जलाशय 

भूतेश्वर सिद्ध धाम मंदिर बाड़ी रायसेन 

सीता तलाई जलप्रपात एवं तालाब रायसेन

काली मंदिर गोपालपुर

नरवर मंदिर नरवर गांव रायसेन

छोले वाली माता का मंदिर खंडेरा रायसेन


सिंगरौली में घूमने की जगह

सीधी में घूमने की जगह

अनूपपुर जिले के दर्शनीय स्थल

शहडोल में घूमने की जगह



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।

रामघाट चित्रकूट के पास धर्मशाला - Dharamshala near Ramghat Chitrakoot

चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का