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नोहटा शिव मंदिर दमोह - Nohta Shiv Temple Damoh

नोहटा शिव मंदिर दमोह  - Nohta shiv Mandir Damoh / नोहटा का मंदिर


नोहटा शिव मंदिर दमोह जिले का एक धार्मिक स्थल है। यह दमोह जिले में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर शिव जी को समर्पित है। मंदिर के अंदर गर्भ गृह में शिव भगवान जी की शिवलिंग विराजमान है। नोहटा शिव मंदिर पूरा पत्थर से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है। यह मंदिर खजुराहो के मंदिर के समान ही लगता है। मंदिर के गर्भ गृह में और भी मूर्तियां रखी गई है, ताकि कोई इसे चोरी ना कर सके, क्योंकि यह मूर्तियां बेशकीमती हैं और मंदिर के गर्भ गृह में ताला लगा है। आप बाहर से ही शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं।  
 
नोहटा शिव मंदिर हम लोग बाइक से गए थे। हम लोग तीन लोग थे। हम लोग बाइक से रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण से होते हुए नोहटा पहुंचे। नोहटा दमोह जिले का एक प्रसिद्ध नगर है। नोहटा शिव मंदिर जबलपुर दमोह हाईवे रोड में ही स्थित है। आप यहां पर आएंगे, तो यहां पर ज्यादा घर नहीं बने हुए हैं।  
 
नोहटा शिव मंदिर के चारों तरफ बगीचा बना हुआ है और बाउंड्री बना दी गई है। ताकि कोई भी मंदिर की सीमा पर अतिक्रमण ना करें। हम लोग नोहटा शिव मंदिर शिवरात्रि के दिन गए थे। यहां पर शिवरात्रि के दिन बहुत से लोग शिव जी के दर्शन करने आ रहे थे। हम लोग भी यहां पर गए और अंदर प्रवेश किया। यहां पर एक चौकीदार भी रहते हैं। मंदिर के एंट्री गेट में ही एक छोटा सा घर बना हुआ है, जिसमें यहां का चौकीदार रहते होंगे। हम लोग मंदिर के एंट्री गेट से प्रवेश किए, तो मंदिर तक जाने के लिए, जो रास्ता बना हुआ है।  उसमें चीप बिछी हुई है। रास्ते के दोनों तरफ पौधे लगे हुए हैं। मार्च के महीने में गर्मी पड़ती है, तो हम लोग ने चप्पल मंदिर के एंट्री गेट में ही उतार दी थी और चीप में चलने में बहुत ज्यादा गर्म लग रहा था।  
 
हम लोग मंदिर के पास पहुंचे, तो मंदिर के पास हम लोग को एक शिवलिंग देखने के लिए मिले। यह शिवलिंग बहुत ही आकर्षक लग रहा था। यह शिवलिंग काले पत्थर का बना था और शिवरात्रि के दिन इस शिवलिंग पर बहुत सारे लोग फूल पत्ती और नारियल चढ़ा रहे थे। इस शिवलिंग के पास में बहुत सारे चमीटे भी रखे हुए थे। बहुत सारे लोग इन चमीटे को यहां पर चढ़ाते हैं। यह चमीटे शायद इसलिए चढ़ाए जाते हैं, क्योंकि लोगों की मनोकामना पूरी होती है और वह यहां पर चमीटे चढ़ा कर जाते हैं।  
 
नोहटा शिव मंदिर एक ऊंचा मंडप पर बना हुआ है। मंडप पर चढ़ने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। सीढ़ियों से हम लोग मंदिर के अंदर गए। मंदिर का द्वार बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर में प्रवेश किया, तो मंदिर में खंभे बने हुए हैं। इन खंभों में भी खूबसूरत नक्काशी की गई है। खंभों के ऊपर भी आपको नक्काशी देखने के लिए मिल जाती है। मंदिर की छत में भी नक्काशी की गई है।  मंदिर की छत में फूलों की खूबसूरत नक्काशी की गई है और मंदिर में जो दीवार हैं, उसमें देवी देवताओं की नक्काशी की गई है।  
 
मंदिर का जो गर्भ ग्रह है, उसके प्रवेश द्वार में भी नक्काशी की गई है। प्रवेश द्वार में गेट लगा हुआ है और इसमें ताला लगा रहता है, क्योंकि मंदिर के गर्भ गृह में शिव भगवान जी का शिवलिंग स्थापित है। शिव भगवान जी के शिवलिंग के अलावा भी यहां पर और भी बेशकीमती मूर्तियां रखी गई हैं, ताकि कोई भी इन्हें चोरी ना कर सके। हम लोगों ने शिव भगवान जी के दर्शन किए, उसके बाद मंदिर में ही कुछ समय बैठे रहे। यहां पर हम लोगों को अच्छा लगा।  
 
नोहटा शिव मंदिर पूरी तरह पत्थर से बना हुआ है और यह मंदिर पंच स्तरीय मॉडल पर बना हुआ है। आपको इसमें मंडप, अर्ध मंडप, और गर्भ ग्रह देखने के लिए मिल जाता है। मंदिर के दीवारों में भी खूबसूरत नक्काशी की गई है। उनमें से कुछ मूर्तियों के सर कटे हुए हैं। यह शायद मुस्लिम शासकों के द्वारा इनके सर काट दिए गए होंगे।  
 
हम लोग कुछ समय मंदिर में बैठकर, फिर मंदिर के चारों तरफ की परिक्रमा करने के लिए निकले। पूरे मंडप पर पत्थर बिछे हुए थे। पत्थर मार्च के महीने में चलने में बहुत ज्यादा गर्म लग रहे थे। हम लोगों ने पूरे मंदिर की परिक्रमा करें।  हम लोगों ने मंदिर का शिखर देखा, जो बहुत ऊंचा था। इस के शिखर से लेकर मंदिर के फर्श तक खूबसूरत नक्काशी की गई है। यहां पर आपको बहुत ही आकर्षक मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो मंदिर की दीवारों पर बनाई गई है।  
 
हम लोगों ने पूरा मंदिर घुमा। मंदिर का जो बगीचा है, उसमें आपको कुछ पत्थर की कलाकृतियां भी देखने के लिए मिल जाएगी, जो बगीचे में यहां वहां रखी गई है। मंदिर बहुत खूबसूरत है। अगर आप कभी भी दमोह से जबलपुर की यात्रा करते हैं, तो आप इस जगह पर जरूर घूम सकते हैं। 
 

नोहटा का शिव मंदिर कहां स्थित है -  Where is the Shiva temple of Nohta located?

नोहटा का शिव मंदिर बहुत ही प्राचीन है और यह मंदिर दमोह जबलपुर हाईवे रोड में स्थित है। यह मंदिर दमोह से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर तक बहुत ही आसानी से पहुंचा जा सकता है। नोहटा के शिव मंदिर बस के द्वारा और अपने वाहन के द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह हाईवे रोड है, तो यहां पर जबलपुर से दमोह के लिए या दमोह से जबलपुर के लिए बस चलती रहती है। 
 

नोहटा शिव मंदिर दमोह  की फोटो - Photo of Nohta Shiva Temple Damoh

 
 
नोहटा शिव मंदिर दमोह - Nohta Shiv Temple Damoh
नोहटा मंदिर का दृश्य
 
नोहटा शिव मंदिर दमोह - Nohta Shiv Temple Damoh
नोहटा मंदिर का प्रवेश द्वार

नोहटा शिव मंदिर दमोह - Nohta Shiv Temple Damoh
नोहटा मंदिर के प्रवेश द्वार के ऊपर की खूबसूरत नक्काशी

नोहटा शिव मंदिर दमोह - Nohta Shiv Temple Damoh
नोहटा मंदिर के छत पर की गई नक्काशी

नोहटा शिव मंदिर दमोह - Nohta Shiv Temple Damoh
नोहटा मंदिर के अंदर का मंडप

नोहटा शिव मंदिर दमोह - Nohta Shiv Temple Damoh
नोहटा मंदिर की दीवारों पर की गई नक्काशी
 
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