सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

a

त्रिवेणी संगम प्रयागराज - Triveni Sangam Prayagraj

 त्रिवेणी संगम इलाहाबाद 

Triveni Sangam Allahabad



संगम स्थल इलाहाबाद एक पवित्र स्थल है। इस स्थल पर गंगा नदी, यमुना नदी और सरस्वती नदी का संगम हुआ है। यहां पर गंगा नदी दाएं तरफ से आई है और यमुना नदी बाएं तरफ से आई है, और जो सरस्वती नदी है। वह गुप्त है। आप जब यहां पर माघ मेले के समय आते हैं, तो आपको यहां पर चारों तरफ दूर-दूर तक कैंप देखने के लिए मिलते हैं, जो रेत के मैदानों पर बने हुए हैं। यहां पर आपको संगम पर जाने के लिए नाव की सवारी लेनी पड़ती है। नाव की सवारी लेने का एक अलग ही मजा रहता है। यहां पर यमुना नदी के किनारे बहुत सारी नावे आपको देखने के लिए मिलते हैं। आप इन नाव की सवारी लेकर संगम स्थल तक पहुंच सकते हैं। संगम स्थल पर पहुंच कर आपको एक लंबी  नाव की कतार देखने के लिए मिलती है, जो यमुना नदी और गंगा नदी के मध्य में है। यहां पर आपको एक और अंतर देखने के लिए मिलेगा। वह यह है, कि गंगा नदी का पानी जो है, वह छिछला है। मतलब यहां पर आप नहा सकते हैं और जो यमुना नदी का पानी है। वह गहरा है। मतलब आप यहां डुबकी मारेंगे, तो दोबारा ऊपर नहीं आएंगे। मतलब आप समझ सकते हैं। यहां नाव की कतार लगी है। उसके एक तरफ गहराई है। यहां पर आकर लोग संगम में स्नान करते हैं और बहुत अच्छा लोगों का अनुभव रहता है। हम लोगों को भी यहां पर बहुत मजा आया।
 

त्रिवेणी संगम के फोटो 

 
 
 
त्रिवेणी संगम प्रयागराज - Triveni Sangam Prayagraj
संगम नगरी में आपका स्वागत है 

त्रिवेणी संगम प्रयागराज - Triveni Sangam Prayagraj
सुबह के समय गंगा नदी का दृश्य
 

त्रिवेणी संगम प्रयागराज - Triveni Sangam Prayagraj
पीपों का पुल पर जाते समय का दृश्य
 

त्रिवेणी संगम प्रयागराज - Triveni Sangam Prayagraj
शाम के समय त्रिवेणी संगम का दृश्य

 
 
आपको संगम स्थल पर गंगा नदी के पानी का कलर और यमुना नदी के पानी का कलर देखने के लिए मिलता है। यहां पर गंगा नदी का पानी मटमैला रहता है और यमुना नदी का पानी हरे कलर का रहता है और जो सरस्वती नदी है। वह यहां पर भूगर्भ से बहते हुए आती है और गुप्त रूप से इस संगम पर मिलती है। इस स्थल को त्रिवेणी संगम के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यहां पर तीनों नदियों का संगम होता है। यहां पर आप आएंगे तो आपको गंगा और यमुना का संगम देखने के लिए मिलता है। दोनों का अलग-अलग पानी का कलर भी देखने के लिए मिलेगा। यहां पर गंगा नदी का जो रेतीला मैदान रहता है, उसमें कैंप लगाए जाते हैं, जिसमें जो भी यात्री या पर्यटक आता है। वह रह सकता है। यहां पर गंगा नदी के उस पार भी कैंप लगाए जाते हैं और उसमें भी पर्यटक आकर रह सकते हैं। गंगा में बड़े-बड़े पीपा का पुल बनाया जाता है, जिससे लोग गंगा नदी के एक तरफ से दूसरे तरफ आना-जाना करते हैं। यहां पर गंगा नदी के किनारे बहुत सारे प्राचीन मंदिर भी हैं, जिनके दर्शन कर सकते हैं। यहां पर यमुना नदी के किनारे प्रयागराज महल के बाजू में ही बड़े हनुमान जी का मंदिर है, जो बहुत प्रसिद्ध है और इसमें भक्तों  हनुमान जी हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 
 
आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो आप इसे अपनी फैमिली और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। ताकि उनको भी त्रिवेणी संगम के बारे में जानकारी प्रदान प्रदान हो सके। 


टिप्पणियाँ

a

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रामघाट चित्रकूट के पास धर्मशाला - Dharamshala near Ramghat Chitrakoot

चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।