सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

गंगा यमुना सरस्वती संगम स्थल - Ganga Yamuna saraswati sangam

गंगा यमुना संगम - Ganga Yamuna sangam
गंगा यमुना सरस्वती संगम - Ganga Yamuna saraswati sangam


गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का संगम स्थल एक पवित्र धार्मिक स्थल है। यह हिंदुओं के लिए पवित्र स्थल है और यहां पर हर साल माघ मेले के समय हजारों की संख्या में लोग आते हैं और पवित्र गंगा नदी और यमुना नदी के संगम पर स्नान करते हैं। इस साल हम लोग भी गंगा और यमुना नदी के संगम पर स्नान करने के लिए गए थे। 


गंगा और यमुना नदी का संगम स्थल इलाहाबाद शहर में स्थित है। इलाहाबाद शहर प्रयागराज के नाम से जाना जाता है। आप संगम स्थल पर ऑटो से पहुंच सकते हैं। यहां पर बहुत सारे ई-रिक्शा और ऑटो चलते रहते हैं, तो आप संगम तक आराम से पहुंच सकते हैं। हम लोग संगम में सुबह ही पहुंच गए थे और प्रयागराज किला के किनारे चलते चलते हम लोग घाट तक पहुंच गए। उसके बाद हमें बहुत सारे नाव वाले दिखे । वह सभी हम लोगों से पूछ रहे थे, कि आप लोग नाव से संगम में चलेंगे कि, नहीं चलेंगे। 



गंगा यमुना सरस्वती संगम स्थल - Ganga Yamuna saraswati sangam
प्रयागराज किले के किनारे से संगम की ओर जाते हुए हम लोग


गंगा यमुना सरस्वती संगम स्थल - Ganga Yamuna saraswati sangam
किले घाट में किनारे पर लगी हुई बहुत सारी नाव 


हम लोगों ने सवारी वाली नाव से संगम तक जाने का प्लान बनाया और हम लोग संगम के लिए चल दिया। सवारी वाली नाव में कम पैसे लगते हैं। हम लोगों से नाविक ने ₹60 लिया था। शायद सवारी वाली नाव में ₹60 से भी बहुत कम पैसे लगते होंगे। मगर हम लोगों को इतना नॉलेज नहीं था, क्योंकि हम लोग आज ही के दिन इलाहाबाद पहुंचे थे, इसलिए। सवारी वाली नाव में और भी कम पैसे में संगम तक जा सकते हैं। इसके अलावा अगर आप यहां पर पूरी नाव बुक करना चाहे, तो वह भी कर सकते हैं। वह भी आपको संगम तक ले जाएंगे और स्नान करा कर आपको वापस घाट पर छोड़ देंगे। उसका चार्ज अलग रहेगा और नाविक आपको काफी ज्यादा चार्ज बोलेंगे। मगर आपको वहां पर बारगन करना पड़ेगा। घाट पर बहुत सारी नावे लगी थी। हमारे नाविक ने हमें अपनी नाव में बैठाया। जैसे ही हम लोग नाव पर चढ़े। हम लोगों की नाव हिलने डुलने लगी, जिससे हम लोगों को बहुत डर लगने लगा, कि कहीं हम लोग गिर ना जाए और यमुना नदी का जो घाट है। वह भी बहुत ज्यादा गहरा था। हम लोगों की नाव में धीरे-धीरे लोगों की संख्या बढ़ने लगी और करीब 8 लोग नाव में सवार हो गए। 


नाव बहुत ज्यादा हिलने लगी थी, जिससे बहुत ज्यादा डर लगने लगा था। यहां जो नाव रहती है, लकड़ी की रहती है और हल्की रहती है। इसलिए बहुत ज्यादा हिलती है। हम लोगों को नाविक ने लाइफ जैकेट दिए, जिससे अगर हम लोग अगर पानी में गिर जाए, तो तैरते रहे। हम लोगों ने लाइफ जैकेट पहन लिया। उसके बाद हम लोग धीरे-धीरे यमुना नदी के की ओर संगम की तरफ चलना स्टार्ट हो गए। रास्ते में हमें ढेर सारे पक्षी देखने के लिए मिले। यह विदेशी पक्षी रहते हैं, जो ठंड के समय गंगा जी में आते हैं। इन पक्षियों की तादाद बहुत ज्यादा रहती है। चारों तरफ आपको यही विदेशी पक्षी देखने के लिए मिल जाते हैं। 




गंगा यमुना सरस्वती संगम स्थल - Ganga Yamuna saraswati sangam
सी  ईगल पक्षी संगम में आराम करते हुए 


यहां पर विदेशी पक्षी को आप खाना भी डाल सकते हैं और बहुत सारे श्रद्धालु खाना डालते हैं। यहां पर बहुत सारे नाविक इन पक्षियों का दाना बेचते हुए आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। इन पक्षियों को बेसन के सेव बहुत अच्छे लगते हैं और यह जो नाविक रहते हैं। वह ₹10 में आपको एक पैकेट सेव देते हैं, जो आप इन पक्षियों को डाल सकते हैं। उसके बाद हमारी नाव धीरे धीरे चलना स्टार्ट हुई। हम लोगों ने भी एक पैकेट सेव लिए और पक्षियों को डाला। पक्षी एकदम से आ गए और हम लोगों ने कुछ फोटो क्लिक कर लिए। उसके बाद हम लोगों की नाव धीरे-धीरे  आगे बढ़ी और हम लोग संगम में पहुंच गए। संगम में पहुंचकर हम लोगों को नावो का जमघट देखने के लिए मिला। यहां पर इतनी सारी नाव रहती है, कि इनकी गिनती करना बहुत मुश्किल होता है। संगम पर जो बड़ी नावे रहती हैं, उनकी एक  कतार लगी रहती है। 


संगम पर जो बड़ी नाव की कतार रहती है। उसके एक तरफ गंगा नदी है, जो कम गहरी रहती है। घुटनों तक पानी रहता है और नाव के दूसरी तरफ यमुना नदी रहती है, जो बहुत गहरी रहती है। यमुना नदी के साइट कोई भी स्नान नहीं करता है। 


गंगा यमुना सरस्वती संगम स्थल - Ganga Yamuna saraswati sangam
गंगा और यमुना नदी के संगम पर लगा जमघट 


गंगा यमुना सरस्वती संगम स्थल - Ganga Yamuna saraswati sangam
संगम पर नहाते हुए लोग 


गंगा यमुना सरस्वती संगम स्थल - Ganga Yamuna saraswati sangam
गंगा नदी पर मस्ती करते हुए लोग

संगम पर जो बड़ी नाव एक कतार से लगी हुई थी। हमारी छोटी सी नाव  उन नावों  के किनारे जाकर खड़ी हो गई और बड़ी नाव से एक व्यक्ति आया और हम लोगों को कहा अगर आप लोगों को नाव के उस पार जाना है। गंगा नदी में स्नान करने के लिए, तो आप लोगों को ₹10 देने पड़ेंगे। हम लोगों ने पूछा ₹10 किस लिए, तो उसने कहा कि आपको हमारी नाव पार करके जाना पड़ेंगे। हमारी नाव में पैर रखने के ₹10 आपको लगेंगे। यह हम लोगों को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। मगर क्या कर सकते हैं। इतना दूर आए हैं, तो ₹10 दे दिया। यहां पर आपको बड़ी नावों में पंडित जी भी देखने के लिए मिलते हैं, जो संगम पर ही पूजा कराते हैं। अगर आप पूजा करवाना चाहे, तो यहां पर पूजा भी करवा सकते हैं। इसके अलावा आपको यहां पर एक  और अद्भुत चीज देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको चाय और पकोड़े संगम के बीच में ही गरमा गरम खाने के लिए मिलते हैं। यहां पर  नाविक चाय और पकौड़े की सेवा आपको प्रदान करते हैं। बस आपको थोड़ा महंगा जरूर पड़ेगा। मगर आप इसका मजा भी ले सकते हैं। 


आप संगम पर दोनों नदियों के पानी का अंतर भी देख सकते हैं। यहां पर गंगा नदी का पानी मटमैला रहता है और यमुना नदी का पानी हरा कलर का रहता है। यहां पर चारों तरफ आपको बहुत ज्यादा भीड़ देखने के लिए मिलती है। चारों तरफ लोग ही लोग आपको देखने के लिए मिलते हैं। बहुत सारे लोग नहा धोकर कपड़े चेंज करते हुए भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलते हैं। जो पुरुष लोग रहते हैं। वह आसानी से कपड़े चेंज कर सकते हैं। मगर जो महिलाएं रहती हैं, उन्हें कपड़े चेंज करने में परेशानी होती है। यहां पर हम लोगों ने गंगा नदी में बहुत मजे किए और बहुत नहाया, क्योंकि गंगा नदी ज्यादा गहरी नहीं थी और आप यहां पर उतर सकते हैं। गंगा नदी का पानी घुटनों तक था।

 

हमारे पास एक छोटी सी बोतल थी, जिसमें हम लोगों ने संगम का जल भरा और अपनी नाव पर आकर बैठ गए। हमारे सभी 8 साथी भी नाव पर बैठ गए और हम लोग घाट की तरफ  चल दिए। इस तरह से हम लोगों के संगम का अनुभव बहुत अच्छा रहा और यहां पर आपको ढेर सारे पर्यटक देखने के लिए मिलते हैं, जो यहां पर बोट राइड का मजा लेते हैं, और वोट राइट का अनुभव भी बहुत अच्छा रहता है। जब आपकी नाव हिलती है, तो बहुत मजा आता है। आते समय भी हमें बहुत सारे विदेशी पक्षी देखने के लिए मिले और हम लोगों को बहुत मजा आया। हम लोगों ने लाइफ जैकेट पहना हुआ था और यहां पर लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य है। आपको हर वोट वाला लाइफ जैकेट देता है। यहां पर पुलिस भी बहुत सारी लगी रहती है, जो लोगों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहती है। हम लोगों को गंगा यमुना और सरस्वती के संगम पर जाकर बहुत अच्छा लगा और आप लोग भी यहां जाएंगे, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


त्रिवेणी संगम इलाहाबाद

घोघरा नर्सरी झरना कटनी

वसुधा जलप्रपात कटनी

भेड़ाघाट का मेला










टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जागृति पार्क कटनी में माधव नगर में स्थित है। जागृति पार्क

बालाघाट दर्शनीय स्थल - Balaghat tourist place | Tourist places near Balaghat

बालाघाट पर्यटन स्थल - Picnic spot near Balaghat | Balaghat famous places | Balaghat Jila बालाघाट जिला Balaghat District बालाघाट मध्य प्रदेश का एक जिला है। बालाघाट छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा के पास स्थित है। बालाघाट में वैनगंगा नदी बहती है। बालाघाट में भारत की सबसे बड़ी कॉपर की खदान मौजूद है। बालाघाट का मलाजखंड क्षेत्र कॉपर का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। यहां खुली खदान मौजूद है। बालाघाट जबलपुर संभाग के अतंर्गत आता है। बालाघाट 10 तहसीलों में बटा हुआ है। यह तहसील है - बालाघाट, बैहर, बिरसा, परसवाडा ,कटंगी, वारासिवनी, लालबर्रा, खैरलांजी, लांजी, किरनापूर। बालाघाट जिलें में घूमने के लिए बहुत सारे प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल मौजूद है, जहां पर जाकर आप आप अपना समय बिता सकते है। Places to visit in Balaghat बालाघाट में घूमने लायक जगहें बोटैनिकल गार्डन - Botanical Garden Balaghat वनस्पति उद्यान बालाघाट जिले में स्थित एक दर्शनीय जगह है। यह बालाघाट में घूमने के लिए अच्छी जगह है। यह उद्यान वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आपको विभिन्न तरह के वनस्पतियां

बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city Betul jila बैतूल जिला बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर, । बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है।  बैतूल में घूमने की जगहें Places to visit in Betul बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है। यह भारत का पांचवा धाम है। ब