मुरैना दर्शनीय स्थल - Places to visit in Morena | Morena tourist places

मुरैना पर्यटन स्थल - Morena Tourism | Tourist places in Morena |  मुरैना में घूमने की जगह | मुरैना शहर


मुरैना शहर के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल
Famous Places to Visit in Morena Cit
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बटेश्वर मंदिर मुरैना - Bateshwar temple

बटेश्वर मंदिर मुरैना शहर के प्राचीन धरोहर हैं। यहां पर आपको प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते है। यह मंदिर हजारों साल पुराने हैं।  यहां पर 200 से भी ज्यादा मंदिर है। मगर बहुत सारे मंदिर नष्ट हो गए हैं। अभी आपको करीब 100 मंदिर ही देखने के लिए मिल जाएंगे। इनमें से अधिकतर मंदिर भगवान शिव  जी को समर्पित है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थर से बने हुए हैं और इन मंदिरों में  नक्कशी गई है, जो बहुत ही खूबसूरत है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर ग्वालियर से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और मुरैना से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर मुरैना जिले की पदावली गांव के पास स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आसानी से आ सकते हैं। बटेश्वर के मंदिर गुर्जर एवं प्रतिहार वास्तुकला में बनाए गए हैं। बटेश्वर के मंदिर को पुरातात्विक विभाग द्वारा दोबारा बनाया गया है, क्योंकि यह मंदिर 13 वी शताब्दी के बाद नष्ट हो गए थे। इन मंदिर के नष्ट होने का कारण तो नहीं पता , मगर मंदिर पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गए थे। उन्हें दोबारा बनाया गया है और इनके बनाने का श्रेय डॉ मोहम्मद को जाता है, जिन्होंने इन मंदिरों को पुन जीवित किया है। 


गढ़ी पड़ावली मुरैना - Garhi Padawali Morena

गढ़ी पड़ावली एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह मंदिर पदावली गांव के पास में ही स्थित है। यहां पर आप शिव भगवान जी का मंदिर देख सकते हैं और मंदिर में शिवलिंग विराजमान है। आप यहां पर पत्थर के नंदी भी देख सकते हैं। मंदिर की दीवारों में आपको विभिन्न तरह की कारीगरी देखने के लिए मिलेगी। मंदिर की दीवार में ब्रह्मा, विष्णु, महेश, सूर्य, गणेश, काली और विष्णु के अवतारों का अंकन किया गया है। इसके अतिरिक्त  भागवत, रामायण, पुराणों से संबंधित प्रतिमाओं को दीवार पर उकेर गया है। इस मंदिर का निर्माण 10 वीं शती ईस्वी में किया गया था। 19 वीं शती में इस मंदिर के गोहद के राजा द्वारा गढ़ी में परिवर्तित कर दिया गया था। यहां पर बैठने की सुविधा उपलब्ध है। पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। टॉयलेट भी उपलब्ध है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आ कर आपको अच्छा लगेगा। यहां पर गार्डन बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। अगर आप यहां आते हैं, तो अपने साथ खाना और पानी जरूर लाएं । गढ़ी पड़ावली मंदिर मुरैना शहर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और ग्वालियर से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से आराम से पहुंच सकते हैं। 


इकत्तरसो महादेव मंदिर, मितावली, मुरैना - Ekattarso Mahadev Mandir, Mitawali, Morena

मितावली या इकत्तरसो महादेव मंदिर मुरैना शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलेगा। यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। यह मंदिर मुरैना शहर के मितावली ग्राम के पास स्थित है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। स्थानीय लोगों के द्वारा इस मंदिर को इकत्तरसो महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आपको शिवलिंग देखने के लिए मिल जाता है। यह मंदिर वृत्ताकार आकृति में बना हुआ है और यहां पर मंदिर के बीच में एक मंदिर बना हुआ है, जिसमें शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर प्राचीन मूर्तियां भी पाई गई थी, जो ग्वालियर संग्रहालय में संग्रहित कर के रखी गई है। इस मंदिर के डिजाइन के आधार पर ही हमारे संसद भवन को बनाया गया है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा देवपाल द्वारा 1323 में कराया गया था। मंदिर से आपको सूर्योदय और सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर स्थित है इसलिए चारों तरफ का दृश्य भी आपको देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप अपने फैमिली वालों के साथ में दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


शनिश्चर मंदिर बारह्वाली मुरैना - Shanishchara temple Barahwali Morena

शनिश्चर मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यह बारहवली गांव में स्थित है। आप यहां पर आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। इस मंदिर में शनि देवता की प्राचीन मूर्ति विद्यमान है और कहा जाता है कि इस मूर्ति की स्थापना राजा विक्रमादित्य के द्वारा की गई थी। यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर में हनुमान जी की भी भव्य प्रतिमा विराजमान है। इस मंदिर को लेकर हनुमानजी और शनि देवता जी की एक कहानी प्रचलित है। आप यहां पर आकर वह कहानी जान सकते हैं। यह मंदिर मुरैना जिले से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर ग्वालियर से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां अपने वाहन से आ सकते हैं। 


नूराबाद पुल मुरैना - Noorabad Bridge Morena

नूराबाद पुल मुरैना शहर का प्राचीन स्मारक है। यह पुल मुरैना शहर के नूराबाद नगर में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह पुल मुरैना ग्वालियर हाईवे रोड के बाजू में ही स्थित है। इस पुल से वाहन नहीं गुजर सकते हैं। आप पुल पर पैदल घूम सकते हैं। इस पुल का निर्माण मुगल सम्राट जहांगीर ने 16वीं शताब्दी में अपनी रानी नूरजहां की  याद में कराया था। यह पुल सांक नदी पर बना हुआ है। यह पुल पुरातत्व विभाग के द्वारा संरक्षित है। यह पुल मुरैना और ग्वालियर को जोड़ता है। यह पुल बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। यह पुल मुरैना शहर से 14 किलोमीटर दूर है। पुल के दोनों ओर अष्टकोणीय गुंबददार छतरियां बनी हैं। पुल के दोनों तरफ ऊंचे ऊंचे टावर बने हुए हैं, जो खूबसूरत लगते हैं और आप यहां पर आ कर इस पुल को देख सकते हैं। 


कुंतलपुर बांध या कोतवाल बांध  मुरैना - Kuntalpur Dam or Kotwal Dam Morena

कुंतलपुर बांध या कोतवाल बांध  मुरैना जिले में स्थित एक बांध है। यह बांध आसन नदी पर बना हुआ है। यह बांध मुरैना शहर से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस बांध तक  आप अपने वाहन से आ सकते हैं। यह बांध बहुत सुंदर है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय इसका दृश्य बहुत अच्छा होता है। 


सूर्य मंदिर कुंतलपुर मुरैना - Sun Temple Kuntalpur Morena

कुंतलपुर मुरैना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। कुंतलपुर का संबंध महाभारत से माना जाता है। माना जाता है कि कर्ण का जन्म कुंतलपुर के इस जगह पर हुआ था। करण को उनकी माता कुंती के द्वारा नदी में प्रवाहित यहीं पर किया गया था। यह पर आसन नदी बहती है। आसन नदी पर सूर्य भगवान के चरण चिन्ह भी देखने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर एक शिव मंदिर भी है। शिव मंदिर में शिवलिंग विराजमान है और कहा जाता है कि यह शिवलिंग का आकार दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहा है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। मंदिर के  बाजू में नदी का नजारा भी आपको आकर्षक लगेगा। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


शहीद स्मारक मुरैना - Shaheed Smarak Morena

शहीद स्मारक मुरैना में घूमने वाली एक प्रमुख जगह है। यहां पर  देश के वीर सिपाही जिन्होंने अपने प्राणों के बलिदान दिए हैं, उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक बनाया गया है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर गार्डन बना हुआ है और बैठने की व्यवस्था है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। शहीद स्मारक मुरैना जिले में हाईवे रोड के पास ही में स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। 


ककनमठ मंदिर मुरैना - Kakanamath Temple Morena

ककनमठ मंदिर मुरैना जिले में स्थित एक अद्भुत मंदिर है। यह मंदिर अद्भुत इसलिए है, क्योंकि यह मंदिर बिना किसी भी सपोर्ट के खड़ा हुआ है। इस मंदिर में किसी भी प्रकार के सीमेंट चुने या चिपकाने वाले पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया गया है। सिर्फ इसमें पत्थरों को बैलेंस करके रखा गया है और यह मंदिर अभी तक खड़ा हुआ है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। कहा जाता है कि यह मंदिर भूतों के द्वारा एक रात में ही बनाया गया था। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और आप इस मंदिर में अंदर जा सकते हैं। घूम सकते हैं। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। ककनमठ मंदिर मुरैना जिले के सिहोनिया नामक गाँव में है। यह मंदिर 100 फीट ऊंचा है। इस मंदिर की दीवारों पर नक्काशी की गई है और आपको आश्चर्य होगा यह देखकर कि यह मंदिर अभी तक खड़ा हुआ है, बिना किसी सपोर्ट। कहा जाता है कि इस मंदिर को 11वीं शताब्दी में राजा कीर्ति राज ने बनवाया था। उनकी रानी का नाम काकनावती  था। इसलिए इस मंदिर को ककनमठ कहा जाता है। 


मुरैना संग्रहालय - Morena sangrahalay

मुरैना संग्रहालय मुरैना जिला में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यहां पर आप आकर मुरैना में स्थित प्राचीन जगह के बारे में जान सकते हैं। आपको यहां पर अच्छे से जानकारी मिल जाएगी।यहां पर पुरानी चीजों का कलेक्शन करके भी रखा गया है। आप वह भी देख सकते हैं और आपको यहां पर हमारे देश के लिए शहीद हुए वीरों के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी। यहां पर रामप्रसाद बिस्मिल्लाह जी के बारे में आपको जानकारी मिल जाएगी। मुरैना शहर को जानने के लिए यह एक अच्छी जगह है। 


घिरोना हनुमान मंदिर मुरैना - Ghirona hanuman mandir Morena

घिरोना हनुमान मंदिर मुरैना जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नेशनल हाईवे 3 के पास में स्थित है। आप इस मंदिर तक बहुत ही आसानी से पहुंच सकते हैं। इस मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा विराजमान है। हनुमान जी की प्रतिमा के अलावा भी यहां पर अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा विराजमान हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आंकर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर में मंगलवार और शनिवार के दिन बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत ज्यादा लोग भगवान हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


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