बालाघाट दर्शनीय स्थल - Balaghat tourist place | Tourist places near Balaghat

बालाघाट पर्यटन स्थल - Picnic spot near Balaghat | Balaghat famous places | Balaghat Jila


बालाघाट जिला
Balaghat District


बालाघाट मध्य प्रदेश का एक जिला है। बालाघाट छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा के पास स्थित है। बालाघाट में वैनगंगा नदी बहती है। बालाघाट में भारत की सबसे बड़ी कॉपर की खदान मौजूद है। बालाघाट का मलाजखंड क्षेत्र कॉपर का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। यहां खुली खदान मौजूद है। बालाघाट जबलपुर संभाग के अतंर्गत आता है। बालाघाट 10 तहसीलों में बटा हुआ है। यह तहसील है - बालाघाट, बैहर, बिरसा, परसवाडा ,कटंगी, वारासिवनी, लालबर्रा, खैरलांजी, लांजी, किरनापूर। बालाघाट जिलें में घूमने के लिए बहुत सारे प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल मौजूद है, जहां पर जाकर आप आप अपना समय बिता सकते है।

Places to visit in Balaghat
बालाघाट में घूमने लायक जगहें


बोटैनिकल गार्डन - Botanical Garden Balaghat

वनस्पति उद्यान बालाघाट जिले में स्थित एक दर्शनीय जगह है। यह बालाघाट में घूमने के लिए अच्छी जगह है। यह उद्यान वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आपको विभिन्न तरह के वनस्पतियां देखने मिलती है। यहां पर झूले भी लगे हुए हैं, जो बच्चों के लिए एक अच्छी जगह है। 

गांगुलपारा बांध - Gangulpara Dam Balaghat | Gangulpara baandh Balaghat | Gangulpara Reservoir

गंगुलपारा बांध बालाघाट की एक दर्शनीय स्थल है। गंगुलपारा बांध पहाड़ों से घिरा हुआ है। गंगुलपारा बांध बालाघाट शहर से करीब 14 किलोमीटर दूर है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह हरी भरी प्रकृति से घिरी हुई है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ आ सकते है। गंगुलपारा बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का है। 

गांगुलपारा झरना - Gangulpara Waterfall Balaghat | Gangulpara jharna Balaghat

गांगुलपरा झरना बालाघाट का एक दर्शनीय स्थल है। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह झरना बहुत खूबसूरत है। यहां पर पहाड़ से गिरता हुआ पानी बहुत ही मनोरम लगता है। यहां जगह प्रकृति प्रेमी को देखने लायक है। आपको मुख्य सड़क से झरने तक पैदल जाना पड़ता है। यह झरना बालाघाट से करीब 16 किलोमीटर दूर होगा। गांगुलपरा झरना को देखने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है।

बजरंग घाट - Bajrang Ghat Balaghat

बजरंग घाट बालाघाट जिले की एक दर्शनीय जगह है। बजरंग घाट वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आकर तैरने का मजा ले सकते हैं। यहां पर नदी ज्यादा गहरी नहीं है। बजरंग घाट में हनुमान जी का मंदिर भी है, जहां पर आप जा सकते हैं। बजरंग घाट बालाघाट के घूमने लायक जगह है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ जा सकते है। यहां का इलाका जंगल से घिरा हुआ है। बरसात के समय वैनगंगा नदी पर बाढ आ जाती है, इसलिए यहां पर आप बरसात में संभलकर जाएं। 

राजीव सागर बांध - Rajiv Sagar Dam Balaghat | Rajiv sagar bandh Balaghat

राजीव सागर बांध बालाघाट में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह बालाघाट शहर में बरसात के समय में घूमने की अच्छी जगह है। राजीव सागर बांध मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। यह बांध बालाघाट से करीब 90 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पिकनिक का प्लान बनाकर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ घूमने के लिए आया जा सकता है। राजीव सागर बांध को बावनथडी बांध भी कहा जाता है। राजीव सागर बांध बावनथडी नदी पर बना हुआ है। 

धुटी डैम - Dhuti Dam Balaghat | Dhuti bandh Balaghat | Dhuty Reservoir

धुटी बांध बालाघाट जिले की एक दर्शनीय जगह है। धुटी बांध पर आप बरसात के समय आते है, तो आपको बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। जब धुटी बांध ओवरफ्लो होता है, तो बांध का पानी बांध के ऊपर से गिरता है, जो झरने की तरह लगता है। यह बांध अंग्रेजो के समय बनाया गया था। धुटी बांध बालाघाट से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। बांध के आसपास का नजारा भी बहुत शानदार है। 

नहलेसरा डैम - Nahlesra Dam Balaghat | Nahlesara bandh Balaghat | Nahlesra Reservoir

नहलेसरा बांध बालाघाट में घूमने की एक अच्छी जगह है। यह बालाघाट के पास स्थित एक जलाशय है, जहां पर आप पिकनिक मनाने के लिए आ सकते है। नहलेसरा बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है। नहलेसरा बांध बालाघाट से करीब 58 किलोमीटर दूर है। यह बांध चंदन नदी पर बनाया गया है। यह एक पुराना बांध है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते है। 

अंबा माई मंदिर - Amba Mai Temple Balaghat | Amba mai mandir Balaghat

अंबा माई मंदिर नहलेसरा बांध के पास स्थित एक खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। यहां का वातावरण शात है। 

लांजी का किला - Lanji Fort Balaghat | Lanji ka kila Balaghat

लांजी का किला बालाघाट में देखने के लिए एक प्राचीन किला है। लांजी का किला बालाघाट का दर्शनीय स्थल है। यह किला बालाघाट से करीब 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। लांजी का किला करीब 7 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर आपको पत्थर पर बनी हुई नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इस किलें में आपको एक प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक जलाशय भी है। किलें के परिसर में आपको बरगद एवं पीपल देखने के लिए मिलते है। 

गोमजी - सोमजी मंदिर - Gomji Somji Temple Balaghat | gomji - Somji mandir Balaghat | Jwala devi mandir balaghat

गोमजी सोमजी मंदिर बालाघाट में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पहाड़ी पर स्थित है। गोमजी सोमजी मंदिर बालाघाट के भरवेली क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर ज्वाला देवी को समर्पित है। यह मंदिर बालाघाट से करीब 8 किलोमीटर दूर है। 

शंकर घाट - Shankar Ghat Balaghat

शंकर घाट बालाघाट की सुंदर जगह है। यह घाट वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां का वातावरण हरियाली से भरा हुआ है। दोस्तों और परिवार के साथ घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको शिव भगवान का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको नंदी भगवान, कछुआ और नाग देवता का मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यहां पर और भी मूर्तियां बनी हुई है। 

हट्टा की बावली - Hatta ki baoli Balaghat 

हट्टा की बावड़ी बालाघाट जिले की एक प्राचीन जगह है। यहां पर आपको एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है, जिसमें पानी भरा हुआ है। इस बावड़ी में स्तंभों में खूबसूरत नक्काशी की गई है। यह बावड़ी प्राचीन समय में बनाई गई थी। यह बावडी बालाघाट जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर होगी।

काली पाठ माता मंदिर बालाघाट - Kali Peeth Mata Temple Balaghat | Kali Peeth mata mandir Balaghat

कालीपीठ माता मंदिर बालाघाट में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां मंदिर काली माता को समार्पित है। यहां पर काली माता जी की काले रंग की मूर्ति है। यह मूर्ति स्वयंभू है, अर्थात जमीन से स्वयं निकाली है। धीरे धीरे इस मूर्ति का आकार बढा रहा है। यहां पर नवरात्रि में बहुत भीड़ लगती है। बहुत सारे लोग माता के दर्शन के लिए आते हैं। यहां पर आकर आप को शांति मिलती है।

दादा कोटेश्वर धाम - Dada Koteshwar Dham Balaghat

दादा कोटेश्वर धाम बालाघाट जिले में घूमने की एक प्रमुख जगह है। यह बालाघाट जिले का एक प्राचीन शिव मंदिर है। यहां शिव मंदिर 12 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह शिव मंदिर बालाघाट से करीब 70 किलोमीटर दूर है। आप इस मंदिर में  गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आपको पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो पत्थर पर तराशकर बनाई गई है। यहां पर सावन सोमवार को कावड यात्रा निकाली जाती है।

मंडला जिले के पर्यटन स्थल
कटनी दर्शनीय स्थल
परियट बांध जबलपुर
शारदा मंदिर बरेला जबलपुर



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झोतेश्वर मंदिर गोटेगांव | Jhoteshwar temple | jyoteshwar dham

ज्योतिश्वर मंदिर गोटेगांव - Jhoteshwar ka mandir | Jyoteshwar temple narsinghpur

 

झोतेश्वर मंदिर गोटेगांव | Jhoteshwar temple jabalpur| jyoteshwar dham


ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) मध्य प्रदेश में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर को ज्योतिश्वर और झोतेश्वर मंदिर (jhoteshwar mandir) के नाम से जाना जाता है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिलें के गोटेगांव तहसील में स्थित है। यह बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) मां राजराजेश्वरी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत भव्य है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) के शिखर पर एक स्वर्ण कलश स्थापित किया गया है। मंदिर के उपर छोटे-छोटे गुंबद बनाए गए हैं, जिससे मंदिर बहुत ही खूबसूरत लगता है। मंदिर की छत पर कमल की नक्काशी की गई है, जिससे मंदिर बहुत ही सुंदर लगता है। मंदिर में मां राजराजेश्वरी की मूर्ति की स्थापना की गई है। मां राजराजेश्वरी मां दुर्गा का रूप है। मां राजराजेश्वरी की मूर्ति के पीछे एक मां दुर्गा की पेंटिग बनी हुई है। आपको यहां पर कुछ फोटोग्राफ भी देखने मिल जाती है। मंदिर के अंदर चारों तरफ की दीवारों पर 101 देवियों की स्थापना की गई है, यह मूर्तियां काले पत्थर की है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) में पार्किंग के लिए अच्छी जगह है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है। यह मंदिर ऊंचाई पर बना हुआ है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) के आजू बाजू बहुत सारे मंदिर है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर यज्ञशाला बनी हुई है, जो आप देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर परमहंसी आश्रम भी बना हुआ है। यहां पर जलकुंड बना हुआ है, जिससे पानी बहता रहता है। आप यहां गर्मी के समय जाएंगे, तब भी आपको यहां पर पानी बहता हुआ देखने के लिए मिल जाएगा। मंदिर के प्रवेश द्वार में आपको एक दुकान देखने के लिए मिलती है, जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकते हैं।  यहां पर आपको प्रसाद की दुकान भी देखने के लिए मिलती है। आप यहां से प्रसाद भी ले सकते हैं।

ज्योतिश्वर मंदिर
(jyoteshwar mandir) के आस पास बहुत सारे मंदिर है। ज्योतिश्वर मंदिर से कुछ दूरी पर हनुमान टेकरी है, जहां पर हनुमान जी के बहुत ही आकर्षक प्रतिमा है। यहां पर आपको बंदर देखने मिल जाते है। हनुमान टेकरी पहाड़ी पर स्थित है। पहाड़ी से नीचे आने का रास्ता है। पहाडी के नीचे विचार शिला स्थित है। यहां पर एक चटटान है, जिसे विचार शिला कहा जाता है। आप इसे देख सकते हैं। यहां पर आपको कुछ गुफाएं भी देखने के लिए मिल जाएंगी, जिन्हें गुरु गुफाएं कहा जाता है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में यहां पर संत लोग तपस्या किया करते थे। गुरु गुफा से कुछ दूरी पर आपको एक शिव मंदिर देखने के लिए मिलता है, जिसमें शिव भगवान जी का शिवलिंग स्थापित है। यह शिवलिंग पारदर्शी है। इस मंदिर के पीछे एक तालाब बना हुआ है। इस तालाब के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर नर्मदा जी ने स्वयं अवतरित हुई थी। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) के पास आपको राधे कृष्ण जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत है और मंदिर में राधे कृष्ण जी की मूर्ति बनी हुई है। यहां पर आपको एक शिव मंदिर देखने के लिए मिलता है, जिसमें 12 ज्योतिर्लिंग की स्थापना की गई है। अगर आप ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) में घूमने जाते हैं, तो आप 12 बजे से पहले जाएं, क्योंकि 12 बजे के बाद यहां के सभी मंदिर बंद हो जाते हैं और आपको दर्शन करने नहीं मिलेंगे। इसलिए जब भी आप यहां जाएं, जो 12 बजे के पहले जाये। आप झोतेश्वर मंदिर (jhoteshwar mandir) में आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह पिकनिक के लिए एक बहुत अच्छी जगह है। यहां पर आपको आकर आत्मिक शांति मिलेगी। 

झोतेश्वर मंदिर कहां स्थित है

Jhoteshwar mandir kahan sthit hai


झोतेश्वर मंदिर
(jhoteshwar mandir) मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित है। यह नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव तहसील में स्थित है। झोतेश्वर मंदिर (jhoteshwar mandir) गोटेगांव रेलवे स्टेशन से करीब 13 किलोमीटर दूर है। मंदिर तक पहुंचने के लिए अच्छी रोड बनी हुई है। मंदिर तक पहुंचने के लिए अच्छी रोड बनी हुई है। जबलपुर से झोतेश्वर की दूरी करीब 70 किलोमीटर दूर है। आप इस मंदिर तक अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। 

भैसाघाट दमोह - Bhaisaghat | Bhaisaghat Jabalpur

भैसाघाट सिंग्रामपुर - Bhaisaghat Singrampur


भैसाघाट दमोह जिले की एक घूमने वाली जगह है। भैसाघाट दमोह जिले की खूबसूरत हरियाली से घिरी जगह है, जहां पर आप अपना समय बिता सकते है। भैसाघाट हरे-भरे घने जंगलों से घिरा हुआ है। यहां पर आकर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। भैंसाघाट जाने वाले रास्ते में आपको दोनों तरफ हरे भरे पेड़ देखने के लिए मिलते हैं। यह पर आपको सर्पाकार रोड देखने के लिए मिलती है। इस रोड से आप भैसाघाट में स्थित जलप्रपात और व्यूप्वाइंट में जाना होता है। भैसाघाट दमोह जिले के सिंग्रामपुर में स्थित है। भैसाघाट सिंग्रामपुर से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर होगा। सिंग्रामपुर दमोह जबलपुर हाईवे रोड पर स्थित है। 

भैसाघाट के आस पास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। भैसाघाट  के ऊपर खूबसूरत निदान जलप्रपात और कुंड है, जहां पर आप नहाने का मजा ले सकते हैं। मगर बरसात में अगर आप यहां जाते हैं, तो आप दूर से ही इस झरने का मजा ले सकते हैं। इसके अलावा यहां पर नजारा व्यूप्वाइंट है, जहां से पूरे रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण का दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस जगह से आप खूबसूरत तालाब और जंगल देख सकते हैं। आपको यहां से महल भी देखने के लिए मिल सकता है। भैसाघाट में आप सर्पाकार रोड से ऊपर चढ़ते हैं, आप जैसे जैसे ऊपर चढ़ते हैं। आपको खूबसूरत नजारा दिखना शुरू हो जाता है। रास्ते में आपको बंदर भी मिलते हैं, जो खाना के लिए रास्ते में बैठे रहते है। अगर आप उन्हें खाना देना चाहते हैं, तो उन्हें खाना दे सकते हैं। वह आपका कोई भी नुकसान नहीं करते है, नहीं तो आप अपनी गाड़ी से सीधे रोड में चलते जाये। बंदर से किसी भी तरह की खिलवाड न करें। आपको इस सर्पाकार रोड में अपनी गाड़ी बहुत आराम से चलाना चाहिए, क्योंकि यहां पर आपको सामने आने वाली गाड़ी दिखाई नहीं देती है और एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ रहता है। भैसाघाट में घूमने के लिए आप किसी भी समय आ सकते हैं। मगर यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर चारों तरफ हरियाली दिखती है और पहाड़ों से बहता हुआ पानी भी देखने के लिए मिलता है। जो बहुत खूबसूरत लगता है। आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो आपको झरने में भी पानी की मात्रा बहुत ज्यादा देखने के लिए मिलती है। बरसात भैसाघाट आने का सबसे अच्छा समय होता है।

मंडला जिले के दर्शनीय स्थल - Mandla tourist place || Best places to visit Mandla

मंडला जिले के पर्यटन स्थल - Places to visit in Mandla | Tourist places in Mandla


Mandla district information
मंडला जिले की जानकारी

मंडला मध्य प्रदेश का एक जिला है। मंडला मध्य प्रदेश के पूर्व में स्थित है। मंडला में नर्मदा नदी बहती है। नर्मदा नदी मंडला को तीन ओर से घेरती है। मंडला में अदिवासी जनजाति की अधिकता है। मंडला में नर्मदा नदी, बुढनेर नदी, बंजर नदी बहती है। मंडला में 6 तहसीलें है। मंडला की 6 तहसीलें नारायणगंज, निवास, नैनपुर, मंडला, बिछिया और घुघरी तहसील है। मंडला जिला जबलपुर संभाग में आता है। मंडला जबलपुर जिलें से करीब 120 किलोमीटर दूर है। मंडला 9 विकासखण्ड में बंटा है। मंडला के नौ विकासखंड बिछिया, बीजाडांडी, घुघरी, मण्डला, मवई, मोहगांव, नैनपुर, नारायणगंज है। मंडला में बहुत सारे दर्शनीय स्थल है, जहां पर आप घूम सकते हैं। मंडला में बहुत सारी प्राकृतिक और ऐतिहासिक जगह है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं। मंडला में नर्मदा नदी के बहुत सारे सुंदर घाट हैं, जहां पर आप शांति से समय बिता सकते हैं। आइए जानते हैं मंडला के दर्शनीय स्थलों के बारें में


मंडला में घूमने की जगहें
Places to visit in Mandla


सहस्त्रधारा मंडला - Sahastradhara Mandla

सहस्त्रधारा मंडला जिलें का एक दर्शनीय स्थल है। सहस्त्रधारा नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। सहस्त्रधारा मंडला जिलें से करीब 10 किलोमीटर दूर होगा। सहस्त्रधारा के चारों तरफ का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर बहुत शांती है। यहां पर ज्यादा भीड नहीं होती है। सहस्त्रधारा में आपके देखने के लिए दो जगह है। 

सहस्त्रबाहु मंदिर - Sahastrabahu Temple Mandla | sahastrabahu mandir mandla

सहस्त्रबाहु मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए एक पुल बना हुआ है। सहस्त्रबाहु मंदिर शंकर जी को समार्पित है। बरसात के समय यह मंदिर पानी से डूबा रहता है। गर्मी में आप मंदिर के दर्शन कर सकते है।

सहस्त्रधारा जलप्रपात - Sahastradhara Falls Mandla | sahastradhara jalprapat mandla

सहस्त्रधारा जलप्रपात नर्मदा नदी पर बना हुआ जलप्रपात है। सहस्त्रधारा पर नर्मदा नदी छोटी-छोटी धाराओं में बंटकर बहती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। यहां पर आपको जो चटटानें देखने मिलती हैं। वह कुछ अलग प्रकार की होती है। सहस्त्रधारा जलप्रपात तक पहुॅचने के लिए आपको पैदल चलना होता है।


रानी दुर्गावती संग्रहालय - Rani Durgavati Museum Mandla | Rani durgavati sangrahalaya mandla

रानी दुर्गावती संग्रहालय मंडला शहर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह संग्रहालय मुख्य मंडला शहर में स्थित है। इस संग्रहालय में आपको बहुत सारे प्राचीन वस्तुएं देखने मिल जाती है। इस संग्रहालय में गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर बच्चे  घूम सकते हैं।

रपटा घाट - Rapta Ghat Mandla | 

रपटा घाट मंडला शहर का मुख्य घाट है। यह घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। रपटा घाट मुख्य मंडला शहर में स्थित है। रपटा घाट में बहुत सारे मंदिर हैं। आप यहां पर साईं बाबा जी का मंदिर, गणेश जी का मंदिर, और नर्मदा जी का मंदिर देख सकते हैं। यहां पर आप नहा सकते हैं। यहां पर कपडे बदलने की व्यवस्था है। रपटा घाट पर बैठने की व्यवस्था भी है। यहां पर बैठकर आप शांति का अनुभव कर सकते हैं। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है।

दादा धनीराम समाधी - Dada dhaniram samadhi mandla

दादा धनीराम की समाधि नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। दादा धनीराम की समधि मुख्य मंडला शहर में स्थित है। यहां पर आपको एक मंदिर देखने मिलता है। मंदिर में दादा धनीराम की मूर्ति के दर्शन करने मिलते है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बहुत सारे लोग इस समाधि स्थल के दर्शन करने आते है।


नर्मदा संगम स्थल - Narmada sangam sthal mandla

नर्मदा संगम स्थल पर नर्मदा नदी और बंजर नदी का संगम हुआ है। यह बहुत खूबसूरत घाट है। यहां पर बहुत सारे प्राचीन मंदिर भी हैं। यहां पर नर्मदा नदी सी के आकार में बहती हुई दिखाई देती है। यहां पर लोग पूजा पाठ एवं विभिन्न तरह के क्रियाकलाप करते हुए देखने मिल जाते हैं। यहां पर आप नाव की सवारी का भी मजा ले सकते हैं।

बूढ़ी माई मंदिर - Budhi Mai temple mandla | Budhi mai mandir mandla

बूढ़ी माई का मंदिर मंडला शहर में महाराजपुर में स्थित है। यह पर आपको बूढ़ी माई के दर्शन करने मिलते है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आप आकर माता के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर नर्मदा और बंजर नदी के संगम पर स्थित है। इस मंदिर के आसपास भी बहुत सारे मंदिर स्थित है।

मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila mandla

मंडला का किला मंडला का प्राचीन स्मारक है, जो खंडहर अवस्था में है। यह नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां से नर्मदा नदी का अच्छा नजारा देखने मिलता है। मंडला किलें में एक शिवलिंग भी स्थापित है। यहां पर बहुत सारे चमगादड़ हैं। यह पर एक घाट भी बना हुआ है। इस महल से कुछ दूरी पर नरेंद्र शाह बुर्ज नाम की एक प्राचीन इमारत है। आप इस महल के ऊपर चढ़ा सकते हैं और आसपास का व्यू देख सकते हैं। इस महल के आसपास बहुत सारे मंदिर हैं, जिनके दर्शन आप कर सकते हैं।

सूरजकुंड - Surajkund Mandla

सूरजकुंड मंडला जिले के पिपरपनी ग्राम के पास स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हनुमान जी का प्रसिध्द मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर पुराना है। इस हनुमान मंदिर के बारें में कहा जाता है कि हनुमान जी प्रतिमा अपना रूप बदलती है। यह प्रतिमा सुबह बाल्यकाल में, दोपहर को युवावस्था में शाम को वृद्यावस्था में रहती है। यहां मंदिर बहुत खूबसूरत बना हुआ है।

रामनगर - Ramnagar Mandla

रामनगर मंडला शहर में स्थित है। रामनगर मंडला शहर की नगर है। रामनगर मंडला शहर से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रामनगर में बहुत सारे प्राचीन महल स्थित हैं।

मोती महल रामनगर - Moti Mahal Ramnagar Mandla

मोती महल रामनगर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह एक प्राचीन महल है। मोती महल 2 मंजिला इमारत है। महल के बीच में एक कुंड बना हुआ है, जहां बरसात में पानी भर जाता है। यह महल अच्छी अवस्था में है। महल के सामने शिव मंदिर बना हुआ है। महल के आसपास बहुत सारे बंदर है, जो आपको नुकसान पहुॅचा सकते है। मोतीमहल का निर्माण गौड राजा हृदय शाह के द्वारा 1500 ईस्वी मे किया गया था। 

राय भगत की कोठी - Rai Bhagat's Kothi Ramnagar

राय भगत की कोठी रामनगर में मोती महल से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक प्राचीन महल है। यह महल हृदय शाह के दीवान राय भगत के निवास के रूप में किया गया था। राय भगत की कोठी का निर्माण 17 वी शताब्दी में किया गया था।  राय भगत की कोठी 2 मंजिला इमारत है। इमारत के बीच में एक कुंड बना है, जिसमें पानी भरा रहता है और कमल के फूल खिले रहते है। राय भगत की कोठी के सामने एक बगीचा बना हुआ है, जिसमें तरह तरह के फुल लगे हुए है। 

रानी का महल या बेगम पैलेस - Rani ka Mahal Ramnagar | Begum Palace Ramnagar

बेगम पैलेस रामनगर में मोती महल से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। बेगम पैलेस एक प्राचीन महल है। यह महल चिमनी रानी के लिए बनवाया गया था। यहां पर एक बावली भी बनी हुई है, जिसमें बरसात में पानी भरा रहता है। 

काला पहाड़ - Kala Pahad Ramnagar

काला पहाड़ रामनगर में स्थित एक प्राकृतिक जगह है। काला पहाड़ में आपको काले रंग के अष्ट फलक पत्थर देखने के लिए मिलते हैं, जो देखने में अद्भुत लगते है।  यहां पर इन पत्थरों से पूरा पहाड़ बना हुआ है, इसलिए इस जगह को काला पहाड़ कहा जाता है। काला पहाड़ रामनगर से करीब 3 किलोमीटर दूर होगा।


देवगांव संगम घाट मंदिर - Devgaon Sangam Ghat Temple Mandla | Devgaon sangam ghat mandir mandla

देवगांव संगम घाट मंडला की एक दर्शनीय जगह है। देवगांव मंडला डिंडोरी हाईवे रोड पर स्थित है। यहां पर नर्मदा नदी और बढ़नेर नदी का संगम हुआ है। यहां पर मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर मकर संक्रांति में बहुत बड़ा मेला लगता है। यहां पर ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि है। यहां का वातावरण शांत है। देवगांव संगम में एक मैदान है, जहां पर लोग नर्मदा नदी के किनारे पिकनिक मनाने आते है। ज्यादातर लोग यहां पर गक्कड भर्ता बनाते है। 

मटियारी जलाशय - Matiyari dam mandla | Matiyari reservoir mandla | Matiyari jalashay

मटियारी जलाशय मंडला शहर का दर्शनीय स्थल है। मटियारी जलाशय मंडला शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर है। यह जंगल के बीच स्थित है। यहां पर आप घूमने के लिए आया जा सकता है। बारिश के समय इस बांध का नजारा बहुत अच्छा रहता है। बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है और इसके गेट खोले जाते हैं।

थानवार जलाशय - Thanwar reservoir | Thanwar Dam Mandla | Thanwar jalashay

थानवार जलाशय मंडला में स्थित एक दर्शनीय जगह है। थानवार जलाशय मंडला से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। बरसात के समय यह बांध पानी से भर जाता है और इस बांध के गेट खोले जाते है, जो मनोरम दृश्य दिखता है। इस बांध को बीजेगांव बांध भी कहा जाता है। इस बांध के पास एक मंदिर भी है, जो दुर्गा जी को समर्पित है।

गर्म पानी का कुंड मंडला - Garam pani ka kund mandla

गर्म पानी का कुंड मंडला जिले में स्थित एक चमत्कारिक जगह है। यह कुंड नर्मदा नदी के भराव क्षेत्र स्थित है। यह जंगल के बीच में स्थित है। कुंड का पानी औषाधियां गुण से भरपूर है। यहां पर आपके त्वचा संबधी रोग ठीक हो जाते है। यह मंडला जिले से करीब 18 किलोमीटर दूर होगा।

नैरो गेज रेल संग्रहालय नैनपुर या छोटी लाइन रेल संग्रहालय नैनपुर - Narrow Gauge Rail Museum Nainpur Mandla | Choti Line Rail Museum Nainpur Mandla

नैरो गेज रेल म्यूजियम मंडला जिले के नैनपुर तहसील में स्थित है। यह एक बहुत बड़ा रेल म्यूजियम है। यहां पर आपको बहुत सारे रेल गाड़ी के मॉडल देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बच्चों के लिए गार्डन भी बनाया गया है। यहां पर आप आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह मंडला जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। यहां संग्रहालय नैनपुर जंक्शन से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा।

दलदली माता मंदिर नैनपुर - Daldali mata mandir nainpur mandla

दलदली माता मंदिर नैनपुर के पास स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर चकोर नदी के किनारे बना है। यहां पर दलदली माता का मंदिर है, जहां पर दलदली मां की मूर्ति है। मंदिर के पास एक छोटा सा तालाब बना हुआ है, जिसे दलदली कहते हैं। यहां पर साल भर पानी रहता है। इस मंदिर पर नवंबर के महीने पर 15 दिनों का मेला लगता है, जिसमें दूर दूर से लोग आते हैं। यह मेला बहुत प्रसिद्ध है। इस मेले में लोग बच्चों की मन्नत मनाने के लिए आते है। जेवनारा रेल्वे स्टेशन इस मंदिर के बहुत करीब है। 

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान - Kanha National Park Mandla | Kanha rashtriy udyan Mandla

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यह मंडला शहर का एक दर्शनीय स्थल है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान बाघों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर बाघों के अलावा भी आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मंडला और बालाघाट जिले में फैला हुआ है। यहां पर आपको जंगली जानवरों और पेड़ पौधों की बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप सफारी का मजा ले सकते हैं।

अजगर दादर - Ajgar dadar mandla

अजगर दादर पर आपको हजारों की संख्या में अजगर देखने के लिए मिल जाते हैं। इसे अजगर की बस्ती कहां जाता है। यहां पर अजगर चटटानों की गुफा के नीचे शरण लेते है। यहां पर अजगर ठंड के समय में धूप सेकने के लिए ऊपर आते हैं, तो आप ही उन्हें देख सकते हैं। अजगर दादर मंडला जिले के अंजनियां के अंतर्गत ककैया बीट गांव के वन परिक्षेत्र में स्थित है। यहां करीब 2 एकड के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर बड़ी संख्या में अजगर रहते हैं, इसलिए इस जगह को अजगर दादर कहा जाता है। अजगर दादर मंडला से करीब 25 किलोमीटर दूर है।

घुघरा जलप्रपात - Ghughra Falls Mandla | Ghughara jalprapat mandla 

घुघरा जलप्रपात मंडला जिले में स्थित एक खूबसूरत जलप्रपात है। यह मंडला जिले के निवास तहसील से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर बारिश के समय पर जा सकते हैं। बारिश के समय इस जलप्रपात में पानी रहता है। आपको यहां पर पहाड़ों के बीच से बहता हुआ जल प्रपात देखने मिलता है। इस जलप्रपात को मंडला जिले का पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आप इस जलप्रपात में जाकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं।

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कटनी दर्शनीय स्थल
खंदारी झील जबलपुर
घुघरा जलप्रपात जबलपुर
जल महल जयपुर



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त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर - Tripur sundari mandir jabalpur | Tripura Sundari Temple Jabalpur

 जबलपुर का त्रिपुर सुंदरी मंदिर

Tripur sundari mata jabalpur

 

त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर - Tripur sundari mandir jabalpur | Tripura Sundari Temple Jabalpur


त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर (tripur sundari mandir jabalpur) का एक धार्मिक स्थल (dharmik sthal) है। त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर (tripur sundari mandir jabalpur) का एक दर्शनीय स्थल (darshaniy sthal) है। यहां पर हजारों की संख्या में लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। त्रिपुर सुंदरी मंदिर (tripur sundari mandir) माता राजराजेश्वरी (mata raj rajeshwari) को समर्पित है। त्रिपुर सुंदरी मंदिर (tripur sundari mandir) पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर मंदिर के बाहर पर्किग की उचित व्यवस्था है। यहां पर आप मंदिर में आकर त्रिपुर सुंदरी के दर्शन कर सकते है। यहां पर मुख्य मंदिर राजराजेश्वरी माता (raj rajeshwari mata) का है। कहा जाता है कि माता की मूर्ति स्वयंभू है। माता के मूर्ति की स्थापना नहीं की गई है। मूर्ति स्वयं जमीन से निकली है। यहां पर आपको राजराजेश्वरी माता (raj rajeshwari mata) की मूर्ति देखने के लिए मिलती हैं, जो काले रंग की हैं। माता का शृंगार किया हुआ है। माता को चांदी का मुकुट भी चढ़ा हुआ है। यहां पर नवरात्रि के समय हजारों लोग आते हैं, और माता को चांदी के मुकुट को अर्पण करते हैं। मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर ही आपको लिखा मिलता है, कि फोटो खींचना मना है। मगर बहुत सारे लोग फोटो यहां पर खींचते है। मंदिर परिसर में बहुत सारे मंदिर हैं, जहां आप भगवान के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर नौ देवियों की स्थापना की गई है। मंदिर परिसर में भैरव बाबा की भी स्थापना की गई है, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर में आपको बहुत सारे मनौती वाले नारियल देखने के लिए मिलते हैं, जो पूरे मंदिर में बंधे हुए है। यह नरियल लाल चुन्नी में बंधे हुए रहते हैं। लोगों का मानना है कि जो भी माता से अपनी मनोकामना मानता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है, और वह यहां पर नारियल बांधते हैं। यहां पर आपको पुरानी मूर्तियां भी देखने के लिए मिलती हैं, जो यहां पर खुदाई से प्राप्त की गई थी। उन्हें भी यहां पर रखा गया है यहां पर खूबसूरत पेंटिंग भी की गई हैं जिन्हें जिसे आप देख सकते हैं। मंदिर के बाहर प्रसाद की बहुत सारी दुकानें हैं, जहां से आप प्रसाद ले सकते हैं। मंदिर में सभी प्रकार की सुविधाएं मौजूद है।

त्रिपुर सुंदरी मंदिर (
tripur sundari mandir) पर नवरात्रि के समय बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। नवरात्रि के समय यहां पर मेला लगता है। यहां पर बहुत सारी दुकानें लगती है। मंदिर को बहुत सुंदर सजाया जाता है। मंदिर में नवरात्रि के समय बहुत लंबी लाइन लगती है और लोग माता के दर्शन के लिए अपनी पारी का इंतजार करते है। यहां पर यज्ञशाला बनी है, जिसके परिक्रमा लोग लगाते है। मंदिर को नवरात्रि के समय फूलों से सजाया जाता है। मंदिर के बाहर, बाजू में कथा के लिए एक मंच बनाया गया है। यहां पर कोई भी कथा करवा सकता है। यहां पर भंडारा भी करवा सकते है। नवरात्रि के समय आपको यहां पर भंडारा खाने के लिए भी मिल सकता है। यहां पर बहुत सारे लोग भंडारा करवाते रहते है। जिन लोगों की भी मनोकामना पूरी होती है, वह यहां पर भंडारा करवाते हैं।

जबलपुर के त्रिपुर सुंदरी मंदिर कैसे जाये

Jabalpur ke tripur sundari mandir kaise jaye


त्रिपुर सुंदरी मंदिर (
tripur sundari mandir) मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले (jabalpur city)  में स्थित है। यह जबलपुर जिले के भेडाघाट के करीब में स्थित है। त्रिपुर सुंदरी मंदिर (tripur sundari mandir) जबलपुर जिले से करीब 21 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर जबलपुर भोपाल रोड पर स्थित है। यहां मुख्य सड़क से कुछ दूरी पर स्थित है। आप मंदिर तक अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। मंदिर तक जाने के लिए अच्छी सड़क है। 


परियट बांध जबलपुर - Pariyat dam | Pariyat waterfall

 परियट जलाशय - Pariyat Reservoir


परियट बांध जबलपुर - Pariyat dam | Pariyat waterfall


परियट बांध जबलपुर (pariyat bandh jabalapur) का एक प्रसिद्ध पिकनिक स्थलों में से एक है। परियट बांध जबलपुर (pariyat bandh jabalapur) जिलें की एक दर्शनीय जगह है। आप यहां पर अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। परियट बांध (pariyat bandh ) चारों तरफ से खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ है। यह बांध जंगल के बीच में स्थित है। परियट बांध (pariyat bandh) में मगरमच्छ भी मौजूद है, जो आपको जमीन में आराम करते हुए दिख सकते है।

परियट बांध (
pariyat bandh) जाने वाले रास्तें में आपको बहुत सारे मुर्गी फर्म देखने मिलते है। यहां पर बहुत शांती है। जलाशय में बहुत कम लोग आते हैं, जिससे यहां ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं रहती है। कपल्स के लिए यह जगह अच्छी है, मगर कपल्स अगर यहां आते हैं, तो  जंगल के अंदर ना जाए। परियट जलाशय (pariyat jalashay) के पास ही बैठने के लिए चेयर बने हुए है, जहां पर बैठकर आप जलाशय का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। 

परियट जलाशय (pariyat jalashay) में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है। बरसात के समय यह जलाशय पूरी तरह पानी से भर जाता है, जिससे चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई देता है और खूबसूरत पहाड़ दिखाई देते हैं, जो हरे भरे पेड़ पौधों से ढके हुए रहते हैं। यहां पर जलाशय के किनारे चलने के लिए एक कच्चा रास्ता बना हुआ है। इस रास्ते से आगे जाते हैं, तो आपको परियट जलाशय (pariyat jalashay) पर बनाने वाला झरना देखने के लिए मिलता है। जब परियट बांध पानी से पूरी तरह भर जाता है, तो यह झरना बहने लगता है। जिससे यह मनोरम जलप्रपात बनाता है, जिसे परियट जलप्रपात (pariyat jalaprapat) कहते है। जलाशय पर नहाने में मनाही है, क्योंकि यहां पर मगरमच्छ है, जो आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। यहां पर पार्किंग उपलब्ध है। पर्किग के पास एक छोटा सा होटल भी बना हुआ है, जहां पर आप चाय पी सकते हैं। कॉफी पी सकते हैं। खाने के लिए बिस्किट, चिप्स, स्नैक्स आपको मिल जाते हैं। इस जलाशय में के पास में हनुमान जी का मंदिर है।
  

परियट बांध कैसे जाये - Pariyat bandh kaise jaaye


परियट जलाशय जबलपुर
(pariyat bandh jabalapur) शहर में स्थित है। परियट जलाशय ((pariyat jalashay)) जबलपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां पर दोपहिया और चार पहिया वाहन से पहुंचा जा सकता है। इस जलाशय तक पहुॅचने के लिए रोड अच्छी है। 1 या आधा किलोमीटर की रोड खराब होगी। 




कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni

कटनी जिले के बारे में जानकारी
Information about Katni district


कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर, दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni


Katni places to visitकटनी में घूमने की जगहें


जागृति पार्क - Jagriti Park Katni

जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जागृति पार्क कटनी में माधव नगर में स्थित है। जागृति पार्क में आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। जागृति पार्क में आप सुबह 5 बजे से 8 बजे तक आ सकते हैं और दोपहर में 12 बजे से 4 बजे तक जा सकते हैं। जागृति पार्क बहुत सुंदर है। जागृति पार्क में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। इस पार्क में आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

विजयराघवगढ़ किला - Vijayaraghavgarh Fort Katni / Vijayaraghavgarh ka kila

विजयराघवगढ़ किला एक प्राचीन किला है। यह किला कटनी शहर की विजयराघवगढ़ तहसील में स्थित है। विजयराघवगढ़ किलें का आकार आयताकार है। विजयराघवगढ़ किला का निर्माण 1826 में राजा बिसन सिंह के द्वारा किया गया था। राजा बिसन सिंह मैहर के राजा प्रयाग दास पुत्र थे। यह महल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। विजयराघवगढ़ किलें में घूमने के लिए आपको बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने मिलते है। यहां पर आप रंगमहल, ब्रम्हा चबूतरा, समाधि स्थल, देखने मिलता है। इस किलें का बहुत सारा हिस्सा अब क्षतिग्रस्त होकर धराशयी हो गया है। 

राधा कृष्ण मंदिर या कटाये घाट मंदिर - Radha Krishna Temple Katni or Katay Ghat Temple Katni 

राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर का प्रसिध्द पर्यटन स्थल है। राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर में कटाये घाट के पास स्थित है। कटाये घाट एक प्राकृतिक स्थल है। आपको यहां पर हनुमानजी, पंच मुखी हनुमानजी, दुर्गाजी, दत्तत्रेय जी, और राधा कृष्ण की मूर्ति देखने मिलती है। इस मंदिर का चारों तरफ का वातावरण बहुत ही मनोरम है। यहां पर सीता और राम जी मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर बहुत पुराना है। त्यौहार के समय कटाये घाट पर बहुत भीड लगती है। मंदिर के बाजू से एक नदी बहती है, जिसे कटनी नदी कहते है। बरसात के समय यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

रूपनाथ मंदिर - Roopnath Temple Katni / Rupnath mandir Katni/ Roopnath dham

रूपनाथ धाम एक धार्मिक स्थल है। रूपनाथ धाम कटनी शहर की एक दर्शनीय जगह है। रूपनाथ धाम बहोरीबंद तहसील से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर प्राचीन गुफा है, जिसमें चमगादड रहते है। गुफा पर शिवलिंग विराजमान है। यहां पर राम कुंड, सीता कुंड, और लक्ष्मण कुंड नाम के तीन तालाब है। रूपनाथ मंदिर के उपर एक तालाब भी मौजूद है। यहां पर पहाडियों का दृश्य मनोरम है। यहां पर बरसात पर आपको झरना भी देखने मिलता है। 

कामकंदला किला - Kamakandla Fort Katni / Kamakandla Kila bilhari Katni

कामकंदला किला कटनी शहर का एक प्राचीन किला है। कामकंदला किला कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। कामकंदला किला कटनी शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको एक बावली भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन है और इसमें पानी भी है। यहां पर आपको मछली भी देखने मिलती है। यहां पर आपको हनुमान जी की मूर्ति भी देखने मिलती है। कामकंदला किला पर एक शिव भगवान जी का मंदिर है और मंदिर के छत पर आपको पेंटिग देखने मिलती है। शिव मंदिर पर शिवलिंग मौजूद नहीं है। कामकंदला किलें के अंदर कुछ प्राचीन मूर्तियां भी आपको देखने मिलती है। बिलहरी के आसपास आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते है, जो प्राचीन है। 

श्री तारन तारन दिगंबर जैन मंदिर - Shri Taran Taran Digambar Jain Temple Katni

तारन तरन एक जैन मंदिर है, जो कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। यह मंदिर कटनी शहर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। 

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया - Center point of india Katni

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु है। यह कटनी शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया कटनी शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। यह जगह कटनी के पान उमरिया के करीब स्थित है। यहाँ पर प्रसिद्ध महर्षि विद्या पीठ संस्थान स्थापित हैं। आप यहां पर स्वयं के वाहन से आसानी से पहुँच सकते हैं।

घोघरा नर्सरी जलप्रपात - Ghoghara Nursery Falls Katni

घोघरा नर्सरी जलप्रपात एक खूबसूरत जलप्रपात है, जो कटनी शहर में स्थित है। यह छोटा जलप्रपात है, मगर खूबसूरत है। यह झरना कटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर झरने के पास एक मंदिर भी है, जहां जाकर आप शिव भगवान के दर्शन कर सकते है। यह झरना बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। यहां पर आसपास के गांव के बच्चे नहाते हुए आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जगह खूबसूरत है। 

वसुधा झरना - Vasudha Falls Katni

वसुधा झरना कटनी शहर का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह कटनी शहर में घूमने वाली एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर आप आकर प्रकृति और झरने का मजा ले सकते हैं। इस झरने पर पहुंचने के लिए आपको थोड़ी सी ट्रेकिंग करनी पड़ती है। वसुधा झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आपको झरना और एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। वसुधा झरना वसुधा नाम के गांव में स्थित है।

हनुमान मंदिर मुहास - Hanuman Temple Muhas Katni

मुहास का हनुमान मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मुहास हनुमान मंदिर कटनी शहर की रीठी तहसील में स्थित है। इस हनुमान मंदिर में हनुमान जी को डॉक्टर माना जाता है, जो लोगों की हड्डियों का इलाज करते हैं। यहां पर बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर शनिवार को बहुत ज्यादा भीड़ रहती है।

लिपरी जलाशय - Lipri reservoir / Lipri Dam

लिपरी कटनी में स्थित एक जलाशय है। यह बरसात के समय में पानी से भर जाता है, तो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह कटनी शहर के बहुत करीब है।

वैष्णव देवी मंदिर कटनी - Vaishnav Devi Temple Katni / Vaishnav Devi Mandir Katni

वैष्णव देवी मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। वैष्णव देवी धाम कटनी शहर की एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। वैष्णव देवी मंदिर करीब 15 किलोमीटर दूर सुंगरहा गाँव में स्थित है। आप यहां पर आकर हरे-भरे माहौल में माता के दर्शन कर सकते हैं। यह जगह खूबसूरत है। यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। 

चतुर्युग धाम बडेरा - Chaturyug Dham Badera Katni

चतुर्युग धाम बडेरा कटनी शहर का एक धार्मिक स्थल है। यह कटनी शहर के बड़ेरा गांव में स्थित है। चतुर्युग धाम बडेरा कटनी से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 2 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको पांच मंजिलें देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग युग को समर्पित है। यहां पर पहली मंजिल  सतयुग को समार्पित है। दूसरी मंजिल त्रेता युग को समर्पित है। तीसरी मंजिल द्वापर युग को समार्पित है। चैथी मंजिल पर कलयुग को समार्पित है और सबसे ऊपरी मंजिल मां दुर्गा मंदिर को समार्पित है।

सुरम्या पार्क कटाये घाट - Surmya Park Katay Ghat Katni

सुरम्या पार्क कटनी में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह पार्क कटायें घाट जाने वाले रास्ते पर स्थित है। आप इस पार्क में बोंटिग का मजा ले सकते है। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए बहुत सारे झूले है। इस पार्क का प्रबंधन सरकार के द्वारा किया जाता है। यहां पर एक टॉय ट्रेन भी है, जिसके आप मजे ले सकते हैं।

कैमोरी डैम - Kaimori dam Katni / Kaimori reservoir Katni

कैमोरी जलाशय कटनी जिले में घूमने वाली एक जगह है। यह एक छोटा सा मगर एक देखने लायक जगह है। यह जलाशय पहाडों से घिरी हुई है। बरसात के टाइम में यह जलाशय पानी से भर जाता है और पानी ओवरफलो होता है, जो बहुत मनोरम होता है। यहां पर एक हनुमान मंदिर भी है। यहां पर सूर्यास्त का नजारा बहुत ही अच्छा होता है। 

कंकाली देवी मंदिर या तिगवा - Kankali Devi Temple Katni or Tigwa Katni

तिगवा कटनी शहर की एक ऐतिहासिक जगह है। इस जगह पर आपको बहुत सारी  पत्थर की नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यहां पर कंकाली देवी का मंदिर भी है। कंकाली देवी का मंदिर छोटा सा है। यह गुप्तकालीन मंदिर है और लगभग 5 वी शताब्दी में बना हुआ है। इसके सामने मंडप बना हुआ है और इसमें अलग-अलग कलाकृतियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान जी की प्रतिमाएं दीवार पर उकेरी गई है। तिगवा देखने लायक जगह है। आपको यहां पर बहुत सारी पत्थर पर उकेरी कलाकृतियां देखने मिलती है। तिगवा कंकाली देवी मंदिर कटनी के बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह बहोरीबंद तहसील से 5 किलोमीटर दूर है।

बहोरीबंद जलाशय - Bahoriband reservoir Katni / Bahoribund dam Katni

बहोरीबंद जलाशय कटनी शहर में स्थित है। यह कटनी जिलें की बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह खूबसूरत जलाशय है। खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। बहोरीबंद जलाशय घूमने के लिए अच्छी जगह है। मगर यहां पर किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। 

प्राचीन विष्णु वराह मंदिर - Ancient Vishnu Varaha Temple Katni

प्राचीन विष्णु मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। यह एक ऐतिहासिक जगह है। यहां पर आपको बहुत सारी पत्थर की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान के सुकर अवतार की प्रतिमा है, जो पत्थर की बनी है।