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केंद्रीय संग्रहालय इंदौर - Central Museum Indore

  केंद्रीय संग्रहालय इंदौर ( इंदौर म्यूजियम )  Central Museum Indore (Indore Museum) केंद्रीय संग्रहालय उज्जैन का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। केंद्रीय संग्रहालय में बहुत सारी प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिल जाता है। यह संग्रहालय दो मंजिला है। इस संग्रहालय में बहुत सारी गैलरी है, जहां पर अलग-अलग वस्तुओं का संग्रह किया गया है। इस संग्रहालय में मूर्तियां, पुराने सिक्के, पेंटिंग, टेराकोटा, पुराने बर्तन और भी बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिल जाती हैं। इस संग्रहालय में प्राचीन सिक्कों, और प्राचीन हत्यारों का बहुत अच्छा कलेक्शन देखने के लिए मिलता है। केंद्रीय संग्रहालय इंदौर में कमला नेहरू प्राणी उद्यान के बाजू में ही स्थित है। हम लोग अपनी इंदौर की यात्रा में इस संग्रहालय में भी घूमने के लिए गए थे। यह संग्रहालय बहुत सुंदर है। संग्रहालय के अंदर और संग्रहालय के बाहर आपको मूर्तियों और बहुत सारी वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिल जाता है।  हम लोगों की इंदौर यात्रा में हम लोगों को कमला नेहरू प्राणी उद्यान में जाने के लिए नहीं मिला था, क्योंकि हम लोगों का वैक्सीनेशन नहीं था। इसलिए हम ल

त्रिवेणी संग्रहालय उज्जैन - Triveni Museum Ujjain

  कला एवं पुरातत्व संग्रहालय त्रिवेणी उज्जैन  Art and Archaeological Museum Triveni Ujjain त्रिवेणी संग्रहालय उज्जैन का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह जगह हम लोगों को बहुत पसंद आई। यहां पर जितने भी वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। सभी भगवान से संबंधित है और यहां पर प्राचीन सिक्के और मूर्तियों को भी प्रदर्शित किया गया है। मगर यहां पर ज्यादातर, जो मूर्तियां हैं। वह भगवान जी से ही संबंधित है और आपको उन्हीं की ज्यादा जानकारी दी गई है। यह संग्रहालय बहुत सुव्यवस्थित ढंग से रखा गया है और संग्रहालय में जो भी कर्मचारी है। उनका बर्ताव भी बहुत अच्छा है। वह आपको सभी जानकारी देंगे। आप जो भी वस्तुओं के बारे में उनसे पूछेंगे, वह आपको उन सभी की जानकारी देंगे। हम लोग को यह जगह बहुत पसंद आई। यहां पर काम करने वाले लोग भी बहुत अच्छे हैं और आपको यहां पर आकर बहुत सारी जानकारी मिलेगी। हमारी भारतीय संस्कृति और हमारे देवी-देवताओं से संबंधित बहुत सारी जानकारी यहां पर मिल जाती है।  त्रिवेणी संग्रहालय महाकाल मंदिर से करीब 2 किलोमीटर दूर होगा और इस संग्रहालय में पहुंचने के लिए सड़क भी बहुत बढ़िया हैं। और त्रिवेणी

जिला संग्रहालय (डिस्ट्रिक्ट म्यूजियम) विदिशा - District Museum Vidisha

विदिशा जिला पुरातत्व संग्रहालय (विदिशा संग्रहालय ) -  Vidisha District Archaeological Museum ( vidisha museum ) विदिशा संग्रहालय विदिशा शहर का एक मुख्य स्थल है। विदिशा संग्रहालय विदिशा जिले में लायंस क्लब के सामने स्थित है। यहां पर आप लोगों को बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यह मूर्तियां पत्थरों की बनी हुई है और बहुत ही सुंदर लगती हैं। यहां पर हम लोगों को विष्णु भगवान जी की मूर्ति बहुत ही सुंदर लगे। यहां पर विष्णु भगवान जी का वराह अवतार देखने के लिए मिला और यहां पर विष्णु भगवान जी शेष शैया में लेटे हुए थे। विदिशा संग्रहालय में बहुत सारी गैलरी है। इन गैलरी में अलग-अलग वस्तुओं का संग्रह करके रखा गया है। यहां पर आपको प्राचीन सिक्के एवं धातु के समान देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर प्राचीन पत्थरों का भी संग्रह करके रखा गया है। विदिशा संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर संग्रहालय भवन के अंदर और  बाहर आपको बहुत सारी मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलेगा।  विदिशा म्यूजियम में हम लोग अपनी स्कूटी से आए थे। विदिशा संग्रहालय के परिसर में स्कूटी खड़ी करने के ल

रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर - Rani Durgavati Museum Jabalpur

रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर मध्य प्रदेश -  Rani Durgavati  Sangrahalaya  Jabalpur Madhya Pradesh रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर का एक प्रसिद्ध स्थल है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में बहुत सारी प्राचीन मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर पेंटिंग का भी बहुत अच्छा संग्रह किया गया है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में अलग-अलग गैलरी है, जहां पर आपको अलग-अलग मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आदिवासी वस्तुएं भी देखने के लिए मिलती है। आदिवासी लोगों की वेशभूषा, उनके सामान, उनके रीति रिवाज भी आप यहां पर देख सकते हैं। संग्रहालय भवन के भीतर और संग्रहालय भवन के बाहर बहुत सारी मूर्तियों का संग्रह किया गया है। इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है और यहां पर आकर आपको बहुत सारी जानकारी प्राप्त होती है।  रानी दुर्गावती म्यूजियम जबलपुर शहर के बीचो बीच में स्थित है। यह संग्रहालय भंवरताल गार्डन के पास में स्थित है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में आप अपनी बाइक या कार से आराम से जा सकते हैं। इस संग्रहालय में पार्किंग के लिए अच्छा स्पेस है। यहां पर आप अपनी गाड़ी आरा

पटवों की हवेली जैसलमेर राजस्थान - Patwon ki haveli Jaisalmer Rajasthan

कोठारी पटवा की हवेली और संग्रहालय जैसलमेर - Kothari Patwa Ki Haveli and Museum Jaisalmer पटवों की हवेली जैसलमेर की एक प्रसिद्ध जगह है। यहां पर आपको पांच हवेलियां देखने के लिए मिलती है। मगर यहां पर कुछ हवेलियों में जाने की ही अनुमति है। यहां पर हम लोग कोठारी पटवा हवेली में घूमने के लिए गए थे। जिसे कोठारी पटवा म्यूजियम भी कहते हैं। यह हवेली भी बहुत सुंदर थी। यह हवेली अंदर से और बाहर से दोनों जगह से ही बहुत सुंदर थी। बाहर से आप इस हवेली को देखेंगे, तो इस हवेली के दरवाजे खिड़कियों में बहुत ही सुंदर नक्काशी की गई थी, जो बहुत ही अद्भुत है।  पटवा हवेली के अंदर बहुत सारी प्राचीन वस्तुओं का संग्रह  देखने के लिए मिल जाएगा। इस हवेली के बाहर बाजार देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत सारे कपड़ों की दुकान है। यहां पर राजस्थानी सूट मिल रहे थे। हम लोगों ने राजस्थानी सूट लिए नहीं, क्योंकि यहां पर बहुत महंगे मिल रहे थे। इसके अलावा यहां पर आपको और भी बहुत सारी वस्तुएं मिल जाएंगे। वैसे इस हवेली के निचले भाग में भी मार्केट है, जहां से आप सामान ले सकते हैं। हम लोगों के साथ जो गाइड था। वह हम लोगों को बोल रहा थ

महाराजा छत्रसाल संग्रहालय छतरपुर - Maharaja Chhatrasal Museum Chhatarpur

महाराजा छत्रसाल का संग्रहालय  ( धुबेला संग्रहालय )  और किला,  धुबेला,   मऊ सहानिया छतरपुर  -  Maharaja Chhatrasal Fort or Maharaja Chhatrasal Museum (Dhubela Museum) Mau Sahania Chhatarpur महाराजा छत्रसाल का किला एवं महाराजा छत्रसाल का संग्रहालय मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध स्थल है। महाराजा छत्रसाल संग्रहालय को धुबेला म्यूजियम के भी नाम से जाना जाता है। यह संग्रहालय धुबेला झील के किनारे बना हुआ है। इसलिए इसे धुबेला संग्रहालय कहा जाता है। छतरपुर जिले को छत्रसाल की नगरी के नाम से जाना जाता है। छतरपुर जिले को महाराजा छत्रसाल के द्वारा बसाया गया था। छतरपुर जिले के मऊ सहानिया में महाराजा छत्रसाल का किला एवं संग्रहालय स्थित है। आपको महाराजा छत्रसाल संग्रहालय में जो इमारत देखने के लिए मिलती है। वह महाराजा छत्रसाल ने अपने निवास स्थान के लिए बनाया था और इसे धुबेला महल के नाम से भी जाना जाता है। यह महल धुबेला झील के किनारे स्थित है। इस इमारत का निर्माण 18वीं शताब्दी में किया गया था और महाराजा छत्रसाल के द्वारा यह इमारत बनाई गई थी। यह इमारत बुंदेला वास्तु कला में बनाई गई है। महाराजा

जैन संग्रहालय खजुराहो - Jain Museum Khajuraho

जैन संग्रहालय खजुराहो - Jain sangrahalaya Khajuraho   जैन संग्रहालय खजुराहो में स्थित एक छोटा सा संग्रहालय है। छोटे से संग्रहालय में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यह संग्रहालय जैन मंदिर में ही बना हुआ है। यह संग्रहालय जैन मंदिर में बाहर की तरफ बना हुआ है। इस संग्रहालय और मंदिर में प्रवेश के लिए टिकट लिया जाता है और यह टिकट 10 रूपए का रहता है। एक इंसान के 10 रूपए लगते हैं।     हम लोग दूल्हा देव मंदिर के दर्शन करने के बाद जैन मंदिर गया। आपको यहां पर बड़े-बड़े बोर्ड रास्ते में देखने के लिए मिल जाते हैं, जिनको आप देख कर जैन मंदिर बहुत ही आराम से पहुंच सकते हैं। जैन मंदिर जैसे ही हम लोग पहुंचे। यहां पर बहुत सारे दुकानदार हम लोगों के पीछे पड़ गए, कि आप यह सामान ले लो। हम लोगों को यहां पर तीन-चार लोगों ने घेर लिया और हम लोगों से वह सामान लेने के लिए कहने लगे। यहां पर एक 15 से 16 साल का बच्चा था। वह हार बेच रहा था और बोल रहा था, कि यह हार यही का मैन्युफैक्चर है। आप ले लीजिए और बांस का बना हुआ है। यहां पर आपको बांस की बनी हुई साड़ियां जरूर देखने के लिए मिलती हैं। अब यह साड़ियां