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जिला संग्रहालय (डिस्ट्रिक्ट म्यूजियम) विदिशा - District Museum Vidisha

विदिशा जिला पुरातत्व संग्रहालय (विदिशा संग्रहालय ) -  Vidisha District Archaeological Museum ( vidisha museum ) विदिशा संग्रहालय विदिशा शहर का एक मुख्य स्थल है। विदिशा संग्रहालय विदिशा जिले में लायंस क्लब के सामने स्थित है। यहां पर आप लोगों को बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यह मूर्तियां पत्थरों की बनी हुई है और बहुत ही सुंदर लगती हैं। यहां पर हम लोगों को विष्णु भगवान जी की मूर्ति बहुत ही सुंदर लगे। यहां पर विष्णु भगवान जी का वराह अवतार देखने के लिए मिला और यहां पर विष्णु भगवान जी शेष शैया में लेटे हुए थे। विदिशा संग्रहालय में बहुत सारी गैलरी है। इन गैलरी में अलग-अलग वस्तुओं का संग्रह करके रखा गया है। यहां पर आपको प्राचीन सिक्के एवं धातु के समान देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर प्राचीन पत्थरों का भी संग्रह करके रखा गया है। विदिशा संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर संग्रहालय भवन के अंदर और  बाहर आपको बहुत सारी मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलेगा।  विदिशा म्यूजियम में हम लोग अपनी स्कूटी से आए थे। विदिशा संग्रहालय के परिसर में स्कूटी खड़ी करने के ल

रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर - Rani Durgavati Museum Jabalpur

रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर मध्य प्रदेश -  Rani Durgavati  Sangrahalaya  Jabalpur Madhya Pradesh रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर का एक प्रसिद्ध स्थल है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में बहुत सारी प्राचीन मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर पेंटिंग का भी बहुत अच्छा संग्रह किया गया है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में अलग-अलग गैलरी है, जहां पर आपको अलग-अलग मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आदिवासी वस्तुएं भी देखने के लिए मिलती है। आदिवासी लोगों की वेशभूषा, उनके सामान, उनके रीति रिवाज भी आप यहां पर देख सकते हैं। संग्रहालय भवन के भीतर और संग्रहालय भवन के बाहर बहुत सारी मूर्तियों का संग्रह किया गया है। इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है और यहां पर आकर आपको बहुत सारी जानकारी प्राप्त होती है।  रानी दुर्गावती म्यूजियम जबलपुर शहर के बीचो बीच में स्थित है। यह संग्रहालय भंवरताल गार्डन के पास में स्थित है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में आप अपनी बाइक या कार से आराम से जा सकते हैं। इस संग्रहालय में पार्किंग के लिए अच्छा स्पेस है। यहां पर आप अपनी गाड़ी आरा

पटवों की हवेली जैसलमेर राजस्थान - Patwon ki haveli Jaisalmer Rajasthan

कोठारी पटवा की हवेली और संग्रहालय जैसलमेर - Kothari Patwa Ki Haveli and Museum Jaisalmer पटवों की हवेली जैसलमेर की एक प्रसिद्ध जगह है। यहां पर आपको पांच हवेलियां देखने के लिए मिलती है। मगर यहां पर कुछ हवेलियों में जाने की ही अनुमति है। यहां पर हम लोग कोठारी पटवा हवेली में घूमने के लिए गए थे। जिसे कोठारी पटवा म्यूजियम भी कहते हैं। यह हवेली भी बहुत सुंदर थी। यह हवेली अंदर से और बाहर से दोनों जगह से ही बहुत सुंदर थी। बाहर से आप इस हवेली को देखेंगे, तो इस हवेली के दरवाजे खिड़कियों में बहुत ही सुंदर नक्काशी की गई थी, जो बहुत ही अद्भुत है।  पटवा हवेली के अंदर बहुत सारी प्राचीन वस्तुओं का संग्रह  देखने के लिए मिल जाएगा। इस हवेली के बाहर बाजार देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत सारे कपड़ों की दुकान है। यहां पर राजस्थानी सूट मिल रहे थे। हम लोगों ने राजस्थानी सूट लिए नहीं, क्योंकि यहां पर बहुत महंगे मिल रहे थे। इसके अलावा यहां पर आपको और भी बहुत सारी वस्तुएं मिल जाएंगे। वैसे इस हवेली के निचले भाग में भी मार्केट है, जहां से आप सामान ले सकते हैं। हम लोगों के साथ जो गाइड था। वह हम लोगों को बोल रहा थ

महाराजा छत्रसाल संग्रहालय छतरपुर - Maharaja Chhatrasal Museum Chhatarpur

महाराजा छत्रसाल का संग्रहालय  ( धुबेला संग्रहालय )  और किला,  धुबेला,   मऊ सहानिया छतरपुर  -  Maharaja Chhatrasal Fort or Maharaja Chhatrasal Museum (Dhubela Museum) Mau Sahania Chhatarpur महाराजा छत्रसाल का किला एवं महाराजा छत्रसाल का संग्रहालय मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध स्थल है। महाराजा छत्रसाल संग्रहालय को धुबेला म्यूजियम के भी नाम से जाना जाता है। यह संग्रहालय धुबेला झील के किनारे बना हुआ है। इसलिए इसे धुबेला संग्रहालय कहा जाता है। छतरपुर जिले को छत्रसाल की नगरी के नाम से जाना जाता है। छतरपुर जिले को महाराजा छत्रसाल के द्वारा बसाया गया था। छतरपुर जिले के मऊ सहानिया में महाराजा छत्रसाल का किला एवं संग्रहालय स्थित है। आपको महाराजा छत्रसाल संग्रहालय में जो इमारत देखने के लिए मिलती है। वह महाराजा छत्रसाल ने अपने निवास स्थान के लिए बनाया था और इसे धुबेला महल के नाम से भी जाना जाता है। यह महल धुबेला झील के किनारे स्थित है। इस इमारत का निर्माण 18वीं शताब्दी में किया गया था और महाराजा छत्रसाल के द्वारा यह इमारत बनाई गई थी। यह इमारत बुंदेला वास्तु कला में बनाई गई है। महाराजा

जैन संग्रहालय खजुराहो - Jain Museum Khajuraho

जैन संग्रहालय खजुराहो - Jain sangrahalaya Khajuraho   जैन संग्रहालय खजुराहो में स्थित एक छोटा सा संग्रहालय है। छोटे से संग्रहालय में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यह संग्रहालय जैन मंदिर में ही बना हुआ है। यह संग्रहालय जैन मंदिर में बाहर की तरफ बना हुआ है। इस संग्रहालय और मंदिर में प्रवेश के लिए टिकट लिया जाता है और यह टिकट 10 रूपए का रहता है। एक इंसान के 10 रूपए लगते हैं।     हम लोग दूल्हा देव मंदिर के दर्शन करने के बाद जैन मंदिर गया। आपको यहां पर बड़े-बड़े बोर्ड रास्ते में देखने के लिए मिल जाते हैं, जिनको आप देख कर जैन मंदिर बहुत ही आराम से पहुंच सकते हैं। जैन मंदिर जैसे ही हम लोग पहुंचे। यहां पर बहुत सारे दुकानदार हम लोगों के पीछे पड़ गए, कि आप यह सामान ले लो। हम लोगों को यहां पर तीन-चार लोगों ने घेर लिया और हम लोगों से वह सामान लेने के लिए कहने लगे। यहां पर एक 15 से 16 साल का बच्चा था। वह हार बेच रहा था और बोल रहा था, कि यह हार यही का मैन्युफैक्चर है। आप ले लीजिए और बांस का बना हुआ है। यहां पर आपको बांस की बनी हुई साड़ियां जरूर देखने के लिए मिलती हैं। अब यह साड़ियां

रानी दमयंती का किला एवं संग्रहालय - Rani Damayanti Fort and Museum

रानी दमयंती बाई का किला या रानी दमयंती पुरातात्विक संग्रहालय - Rani Damayanti Bai Fort or Rani Damayanti Archaeological Museum   रानी दमयंती बाई का किला दमोह सिटी की एक प्राचीन जगह है।  यह किला दमोह जिले में कोतवाली थाने के सामने स्थित है। यह किला मुख्य सड़क में स्थित है और हम लोग इस किले  में शिवरात्रि के समय घूमने गए थे। मगर हम लोग इस किले  के अंदर नहीं जा पाए थे। मगर इस किले के बारे में मैं आपको कुछ जानकारी दे देती हूं।     रानी दमयंती बाई का किला को अब संग्रहालय में बदल दिया गया है और आपको इस किले में बहुत सारी पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। इस किले में आपको पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर आपको गणेश जी की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो आकर्षक लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर के स्टैचू देखने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बुद्ध भगवान की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला भी बहुत खूबसूरत है। किले के बाहर बहुत ही सुंदर बगीचा बना हुआ है, जो देखने में आकर्षक लगता है।

राम दर्शन चित्रकूट - Ram Darshan Chitrakoot

राम दर्शन संग्रहालय चित्रकूट - Ram Darshan Museum Chitrakoot / Chitrakoot Ram Darshan / राम दर्शन चित्रकूट / चित्रकूट संग्रहालय   राम दर्शन चित्रकूट में स्थित एक संग्रहालय है या आप इसे एक मंदिर ही मान सकते हैं, क्योंकि यहां पर जितनी भी चीजें है। वह सभी धार्मिक है। इस संग्रहालय में आपको मुख्य रूप से राम जी और रामायण से संबंधित बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिल जाती है। यह संग्रहालय चित्रकूट के मुख्य सड़क नहीं पड़ता है। यह संग्रहालय गुप्त गोदावरी जाने वाले रास्ते में पर पड़ता है।     राम दर्शन संग्रहालय दीनदयाल शोध संस्थान के द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह संग्रहालय बहुत ही सुव्यवस्थित और साफ सुथरा था। संग्रहालय में आपको धार्मिक वस्तुओं के अलावा भी बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर आपको संग्रहालय के बाहर बगीचे में हनुमान जी का एक बड़ा सा प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही भव्य लगती है। यहां पर जो गार्डन बनाया गया है। वह भी बहुत खूबसूरत है। इसके अलावा यहां पर आपको आयुर्वेदिक पौधे भी मिलते हैं। आप आयुर्वेदिक पौधों को यहां से खरीद सकते हैं।     राम दर्शन संग्रहालय

जवाहर तारामंडल इलाहाबाद (प्रयागराज) - Jawahar Planetarium Allahabad (Prayagraj)

Jawahar Taramandal Allahabad - जवाहर तारामंडल इलाहाबाद ( प्रयागराज) / Taramandal Allahabad   प्रयागराज का जवाहर तारामंडल घूमने के लिए एक प्रमुख जगह है। अगर आप विज्ञान प्रेमी है, तो आपको यहां पर जरूर घूमने आना चाहिए, क्योंकि यहां पर विज्ञान से संबंधित बहुत सारी वस्तुएं आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको हमारा सौरमंडल देखने के लिए मिल जाएगा, जो यहां का महत्वपूर्ण आकर्षण है। जवाहर तारामंडल में स्काई शो होता है। इस कार्यक्रम में आप को खगोल अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित जानकारियां मिलेगी और इसमें डिजिटल त्रिआयामी आकाशीय कार्यक्रम भी होता है, जो बहुत मनोरंजक होता है और बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक होता है। इस शो में प्रसिद्ध एस्ट्रोनॉट के बारे में जानकारी दी जाती है। आप यहां पर अपने बच्चों के साथ आ सकते हैं। यह शो अलग-अलग समय पर होता है और यह शो 1 घंटे का रहता है। आप इस शो को देखने के लिए टिकट लेकर जा सकते हैं और इसमें बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान भी प्राप्त होता है।    जवाहर तारामंडल में आपको 3D शो देखने के अलावा भी बहुत सारी वस्तुएं देखने लायक है। यहां पर आपको रॉकेट का मॉडल दे

Anand Bhawan Allahabad - आनंद भवन इलाहाबाद

Anand Bhavan Allahabad (Prayagraj) - आनंद भवन इलाहाबाद (प्रयागराज) / Allahabad Tourism   आनंद भवन संग्रहालय प्रयागराज में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर भी आपको नेहरू परिवार से संबंधित बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिलेंगी, जो यहां पर संभाल कर रखी गई है। आनंद भवन संग्रहालय मुख्य सड़क में ही स्थित है। यह संग्रहालय प्रयागराज जंक्शन से करीब 5 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पैदल भी आ सकते हैं और बैटरी रिक्शा से भी इस संग्रहालय में बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं।    आनंद भवन इलाहाबाद टिकट की कीमत - Anand Bhawan Allahabad ticket price   आनंद भवन में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। आनंद भवन संग्रहालय में आपको 2 मंजिला इमारत देखने के लिए मिलेगी। यहां पर अगर आप नीचे वाली मंजिल में घूमते हैं, तो आपका ₹20 लगता है और अगर आप ऊपर वाली मंजिल में भी घूमना चाहते हैं, तो आपका कुल ₹70 लगेगा।      आनंद भवन संग्रहालय के बाहर आप को बहुत बड़ा बगीचा देखने के लिए मिलेगा। इस बगीचे में तरह तरह के फूल लगे हुए हैं। इस बगीचे में एक तो बड़ी सी शिलाखंड रखा हुआ है । शिलाखं

स्वराज भवन इलाहाबाद - Swaraj Bhawan Allahabad

स्वराज भवन इलाहाबाद ( प्रयागराज ) - Swaraj Bhawan Allahabad (Prayagraj) / Allahabad Tourism   स्वराज भवन एक प्राचीन इमारत है। यह इमारत प्रयागराज शहर में स्थित है। स्वराज भवन वर्तमान में एक संग्रहालय है और इस संग्रहालय में आपको नेहरू परिवार की बहुत सारी स्मृतियां देखने के लिए मिल जाएगी। स्वराज भवन प्रयागराज   शहर के बीचो बीच में स्थित है। आप स्वराज भवन में बैटरी रिक्शा से या पैदल भी पहुंच सकते हैं। स्वराज भवन प्रयागराज रेलवे जंक्शन से करीब 5 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पैदल पहुंच सकते हैं।    स्वराज भवन के पास ही में आपको आनंद भवन भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर तारामंडल भी  है, जहां पर आप जाकर 3डी इफेक्ट शो को देख सकते हैं। स्वराज भवन में आपको नेहरू परिवार की बहुत सारी वस्तु देखने के लिए मिल जाएगी, जो नेहरू परिवार के द्वारा उपयोग की जाती थी।    स्वराज भवन एक बहुत बड़ी इमारत है। इस इमारत में हमारी पहली प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था। यहां पर आपको श्रीमती इंदिरा गांधी की बहुत सारी पेंटिंग देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको प्राचीन समय में इस्तेमाल की जाने वाली