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रानी दमयंती का किला एवं संग्रहालय - Rani Damayanti Fort and Museum

रानी दमयंती बाई का किला या रानी दमयंती पुरातात्विक संग्रहालय - Rani Damayanti Bai Fort or Rani Damayanti Archaeological Museum   रानी दमयंती बाई का किला दमोह सिटी की एक प्राचीन जगह है।  यह किला दमोह जिले में कोतवाली थाने के सामने स्थित है। यह किला मुख्य सड़क में स्थित है और हम लोग इस किले  में शिवरात्रि के समय घूमने गए थे। मगर हम लोग इस किले  के अंदर नहीं जा पाए थे। मगर इस किले के बारे में मैं आपको कुछ जानकारी दे देती हूं।     रानी दमयंती बाई का किला को अब संग्रहालय में बदल दिया गया है और आपको इस किले में बहुत सारी पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। इस किले में आपको पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर आपको गणेश जी की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो आकर्षक लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर के स्टैचू देखने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बुद्ध भगवान की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला भी बहुत खूबसूरत है। किले के बाहर बहुत ही सुंदर बगीचा बना हुआ है, जो देखने में आकर्षक लगता है।

राम दर्शन चित्रकूट - Ram Darshan Chitrakoot

राम दर्शन संग्रहालय चित्रकूट - Ram Darshan Museum Chitrakoot / Chitrakoot Ram Darshan / राम दर्शन चित्रकूट / चित्रकूट संग्रहालय   राम दर्शन चित्रकूट में स्थित एक संग्रहालय है या आप इसे एक मंदिर ही मान सकते हैं, क्योंकि यहां पर जितनी भी चीजें है। वह सभी धार्मिक है। इस संग्रहालय में आपको मुख्य रूप से राम जी और रामायण से संबंधित बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिल जाती है। यह संग्रहालय चित्रकूट के मुख्य सड़क नहीं पड़ता है। यह संग्रहालय गुप्त गोदावरी जाने वाले रास्ते में पर पड़ता है।     राम दर्शन संग्रहालय दीनदयाल शोध संस्थान के द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह संग्रहालय बहुत ही सुव्यवस्थित और साफ सुथरा था। संग्रहालय में आपको धार्मिक वस्तुओं के अलावा भी बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर आपको संग्रहालय के बाहर बगीचे में हनुमान जी का एक बड़ा सा प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही भव्य लगती है। यहां पर जो गार्डन बनाया गया है। वह भी बहुत खूबसूरत है। इसके अलावा यहां पर आपको आयुर्वेदिक पौधे भी मिलते हैं। आप आयुर्वेदिक पौधों को यहां से खरीद सकते हैं।     राम दर्शन संग्रहालय

जवाहर तारामंडल इलाहाबाद (प्रयागराज) - Jawahar Planetarium Allahabad (Prayagraj)

Jawahar Taramandal Allahabad - जवाहर तारामंडल इलाहाबाद ( प्रयागराज) / Taramandal Allahabad   प्रयागराज का जवाहर तारामंडल घूमने के लिए एक प्रमुख जगह है। अगर आप विज्ञान प्रेमी है, तो आपको यहां पर जरूर घूमने आना चाहिए, क्योंकि यहां पर विज्ञान से संबंधित बहुत सारी वस्तुएं आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको हमारा सौरमंडल देखने के लिए मिल जाएगा, जो यहां का महत्वपूर्ण आकर्षण है। जवाहर तारामंडल में स्काई शो होता है। इस कार्यक्रम में आप को खगोल अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित जानकारियां मिलेगी और इसमें डिजिटल त्रिआयामी आकाशीय कार्यक्रम भी होता है, जो बहुत मनोरंजक होता है और बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक होता है। इस शो में प्रसिद्ध एस्ट्रोनॉट के बारे में जानकारी दी जाती है। आप यहां पर अपने बच्चों के साथ आ सकते हैं। यह शो अलग-अलग समय पर होता है और यह शो 1 घंटे का रहता है। आप इस शो को देखने के लिए टिकट लेकर जा सकते हैं और इसमें बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान भी प्राप्त होता है।    जवाहर तारामंडल में आपको 3D शो देखने के अलावा भी बहुत सारी वस्तुएं देखने लायक है। यहां पर आपको रॉकेट का मॉडल दे

Anand Bhawan Allahabad - आनंद भवन इलाहाबाद

Anand Bhavan Allahabad (Prayagraj) - आनंद भवन इलाहाबाद (प्रयागराज) / Allahabad Tourism   आनंद भवन संग्रहालय प्रयागराज में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर भी आपको नेहरू परिवार से संबंधित बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिलेंगी, जो यहां पर संभाल कर रखी गई है। आनंद भवन संग्रहालय मुख्य सड़क में ही स्थित है। यह संग्रहालय प्रयागराज जंक्शन से करीब 5 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पैदल भी आ सकते हैं और बैटरी रिक्शा से भी इस संग्रहालय में बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं।    आनंद भवन इलाहाबाद टिकट की कीमत - Anand Bhawan Allahabad ticket price   आनंद भवन में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। आनंद भवन संग्रहालय में आपको 2 मंजिला इमारत देखने के लिए मिलेगी। यहां पर अगर आप नीचे वाली मंजिल में घूमते हैं, तो आपका ₹20 लगता है और अगर आप ऊपर वाली मंजिल में भी घूमना चाहते हैं, तो आपका कुल ₹70 लगेगा।      आनंद भवन संग्रहालय के बाहर आप को बहुत बड़ा बगीचा देखने के लिए मिलेगा। इस बगीचे में तरह तरह के फूल लगे हुए हैं। इस बगीचे में एक तो बड़ी सी शिलाखंड रखा हुआ है । शिलाखं

स्वराज भवन इलाहाबाद - Swaraj Bhawan Allahabad

स्वराज भवन इलाहाबाद ( प्रयागराज ) - Swaraj Bhawan Allahabad (Prayagraj) / Allahabad Tourism   स्वराज भवन एक प्राचीन इमारत है। यह इमारत प्रयागराज शहर में स्थित है। स्वराज भवन वर्तमान में एक संग्रहालय है और इस संग्रहालय में आपको नेहरू परिवार की बहुत सारी स्मृतियां देखने के लिए मिल जाएगी। स्वराज भवन प्रयागराज   शहर के बीचो बीच में स्थित है। आप स्वराज भवन में बैटरी रिक्शा से या पैदल भी पहुंच सकते हैं। स्वराज भवन प्रयागराज रेलवे जंक्शन से करीब 5 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पैदल पहुंच सकते हैं।    स्वराज भवन के पास ही में आपको आनंद भवन भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर तारामंडल भी  है, जहां पर आप जाकर 3डी इफेक्ट शो को देख सकते हैं। स्वराज भवन में आपको नेहरू परिवार की बहुत सारी वस्तु देखने के लिए मिल जाएगी, जो नेहरू परिवार के द्वारा उपयोग की जाती थी।    स्वराज भवन एक बहुत बड़ी इमारत है। इस इमारत में हमारी पहली प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था। यहां पर आपको श्रीमती इंदिरा गांधी की बहुत सारी पेंटिंग देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको प्राचीन समय में इस्तेमाल की जाने वाली

इलाहाबाद संग्रहालय प्रयागराज - The Allahabad Museum, Prayagraj

Allahabad museum इलाहाबाद संग्रहालय  इलाहाबाद संग्रहालय चंद्रशेखर आजाद पार्क के अंदर स्थित एक  मुख्य जगह है। यहां पर आपको प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर मुख्य आकर्षण चंद्रशेखर आजाद जी की पिस्टल है, जिसके द्वारा उन्होंने अपने आप को गोली मारी थी और उनका यहां पर आपको फोटो भी देखने के लिए मिलता है। साथ ही साथ आप को उनके बारे में जानकारी भी मिलेगी। अगर आप हिस्ट्री में रुचि रखते हैं, तो आप यहां पर जाकर बहुत सारी चीजें देख सकते हैं, जो बहुत ही ज्ञानवर्धक होती हैं।  इलाहाबाद संग्रहालय के बारे में कुछ जानकारी, जो यहां पर लिखी गई थी। इलाहाबाद संग्रहालय पंडित जवाहरलाल नेहरू अध्यक्ष, इलाहाबाद मुंसिपल बोर्ड और पंडित बृज मोहन व्यास के प्रयास से 1923 से 1939 में एक नए संग्रहालय की स्थापना इलाहाबाद नगर में करने की कोशिश की गई, जो बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी पंडित ब्रजमोहन व्यास के निर्देशन के अंतर्गत था और 1931 में एक संग्रहालय खोला गया था। वर्तमान में स्थित संग्रहालय भवन में शिलान्यास 14 दिसंबर 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया था।  इस संग्रहालय में 16 गैलरी है, जि

Wax Museum Nahargarh - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

Wax Museum Nahargarh Fort मोम संग्रहालय नाहरगढ़ किला हम लोग जयपुर शहर के नाहरगढ़ किला घूमने गए। नाहरगढ़ किला जयपुर शहर का बहुत ही फेमस किला है। यह किला पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। यहां पर दूर-दूर से लोग आते हैं। आप जैसे ही किले में प्रवेश करते हैं, तो आपको सबसे पहले देखने मिलता है - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय ( Nahargarh Wax Museum ) नाहरगढ़ मोम संग्रहालय ( Nahargarh Wax Museum )  बाहर से देखने में काफी खूबसूरत दिखता है। यहां पर लोग मोम संग्रहालय ( Wax Museum ) के बाहर खड़े होकर संग्रहालय के बारे में आपको जानकारी देते हैं और संग्रहालय में प्रवेश करने के लिए आपको कहते हैं। संग्रहालय में प्रवेश करने के लिए यहां की फीस बहुत ज्यादा है। मेरे हिसाब से, मगर इस मोम संग्रहालय ( Wax Museum ) का प्रबंधन बहुत अच्छा है। आप जयपुर घूमने जा रहे है तो आपको यह चार्ज ज्यादा नहीं लगेगा।  मोम संग्रहालय के बाहर का दृश्य  नाहरगढ़ मोम संग्रहालय ( Nahargarh Wax Museum ) का प्रवेश का एक व्याक्ति का शुल्क 500 रू लगता है। अगर आप संग्रहालय में प्रवेश करते हैं तो। संग्रहालय का वातावरण बहुत अच्छा ह