निदान फॉल का मनोरम दृश्य - Nidan fall, Jabalpur

निदान जलप्रपात जबलपुरNidan Falls Jabalpur


निदान जलप्रपात जबलपुर (Nidan Falls Jabalpur) का एक खूबसूरत झरना है, जो कटंगी में स्थित है। आप जबलपुर से कटंगी जाते है, तो आपको यह झरना देखने मिलता है। यहां झरना चारों तरफ से खूबसूरत पहाडियों से घिरा हुआ है। 

निदान फॉल का मनोरम दृश्य -  Nidan fall, Jabalpur

निदान जलप्रपात की खूबसूरती 

निदान जलप्रपात कहां स्थित है
Where is the Nidan waterfall


निदान जलप्रपात जबलपुर (Nidan Falls Jabalpur) जिले के कंटगी में स्थित है। जबलपुर से दमोह हाईवे रोड पर निदान जलप्रपात (Nidan Fallsस्थित है। कटंगी जबलपुर (Katangi Jabalpur) से 50 से 55 किमी दूर होगा। आप इस झरने में अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। आपको यह पर अपनी गाड़ी से ही जाना पड़ेगा, क्योकि यह झरना जंगल के बीच स्थित है। अगर आप पैदल चलना चाहते है, तो जबलपुर दमोह हाईवे रोड (Jabalpur Damoh Highway Roadपर बसें भी चलती हैं। आप बसों से मेन रोड तक आ सकते हैं और मेन रोड से आपको दो से ढाई किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा। इस झरने तक पहुंचने के लिए। आप चाहे तो इस तरह कभी कर सकते हैं।

यह झरना आपको दमोह जबलपुर हाईवे रोड (Jabalpur Damoh Highway Road) से ही दिखने लगता है। झरने तक पहुॅचने के लिए आपको कटंगी से आगे आना पड़ता है, आपको रोड के बाजू में एक मस्जिद मिलती है। मस्जिद के बाजू से रास्ता गया है झरनें के लिए। आप अपनी गाड़ी से झरनें की तरफ जा सकते हैं। आपको इस रास्तें में एक नदी मिलती है। उस नदी पर झरने का ही पानी आता है। आपको नदी पार करना पडता है, वैसे नदी पर से गाडी चली जाती है। नदी के पास आपको थोडी बदबु आयेगी। नदी में पानी ज्यादा है, तो आप ना जाए और नदी में पानी कम है, तो आप जा सकते हैं। आप झरनें की तरफ आगे बढते है, तो आपको यहां पर खूबसूरत और उचे उचें पहाड देखने मिलेगें। आप अगर ग्रुप में रहेंगे, तो अच्छा रहेगा, क्योंकि यह जो झरना है। यह थोड़ा सुनसान है। वैसे जब झरनें में पानी रहता है, तब यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत ज्यादा लोग आते हैं। आप यहां पर सुबह जल्दी आते है, तो यहां पर सुनसान रहता है, जैसे जैसे दिन बढता है भीड बढनें लगती है। 

निदान फॉल का मनोरम दृश्य -  Nidan fall, Jabalpur

निदान जलप्रपात 


निदान जलप्रपात (Nidan Falls) से करीब 1 किलोमीटर दूर आपकी गाडी खड़ी होती है और आपको झरनें तक पैदल चलकर आना होता है। बरसात के समय पर यह जगह जन्नत के समान लगती है, क्योंकि आपको चारों तरफ हरे भरे पेड़, ऊंचे पहाड, कलकल करती नदी और शानदार झरनें देखनें मिलते है, जो एक अविस्मरणीय अनुभव होता है। 

आपको निदान झरने (Nidan Falls) तक पैदल चलना पड़ता है, इसलिए आप जूते पहन कर आए, वो आपके लिए बेहतर होगा। अगर आप बरसात के समय यहां पर आते है, तो यहां पर जो चट्टाने रहती हैं। वह फिसलन भरी हो सकती है। जिनमें चलनें में आपको परेशानी हो सकती है, जिसमें आप फिसल कर गिर सकते हैं। तो आपको यहां पर ध्यान से चलने की आवश्यकता है। यहां पर जो रास्ता है  वह बहुत ही उबड़ खाबड़ है, इसलिए आप यहां पर सावधानी पूर्वक कदम बढायें अगर आप यहां पर आते है, तो बूढ़े और बच्चे को साथ न लायें। यह मेरी सलाह है, क्योंकि वह इस जगह पर नहीं चल सकेंगें। 

इस जगह पर एक नहीं दो झरने है और दोनों अलग-अलग दिशा में है। आप अपनी गाडी पार्क करते है, तो आपको दोनों झरनें देखने मिलते है। दोनों झरनों तक पहुंचने के लिए आपको 1 किलोमीटर ट्रैक करना पड़ता है, मतलब 1 किलोमीटर तक पैदल चलना होता है। आप झरना पहुंचते हैं, तो झरना बहुत खूबसूरत है। ऊंची पहाड़ियां के ऊपर से गिरता हुआ पानी एक कुंड में गिरता है, जो देखने में बहुत अच्छा लगता है। 

हम लोग को इस जगह पर जाकर बहुत अच्छा लगा। हम लोग जिस झरनें मे गए थे। उस झरने का जो कुंड है, वह बहुत गहरा है और यहां पर आप कुंड में नहा नहीं सकते है। यहां पर नहानें की मनाही है। पर्किग वाला आपको यह जरूर बोलेगा और आप भी इस बात का ध्यान दें। झरनें तक पहुॅचने का जो रास्ता है, वह जंगल वाला है। यहां पर जंगली जानवर तो नहीं मगर छोटे-मोटे जहरीले जानवर हो सकते है। आप यहां पर आये तो जूते पहनकर आएंगे।

यहां पर दूसरी तरफ जो झरना है, उस तरफ का कुंड छोटा है और उस तरफ आप नहाने का आनंद भी उठा सकते हैं, तो आप चाहें तो वहां जा सकते हैं।  यह जानकारी आप पार्किंग वालों से ले सकते हैं। वह आपको दोनों झरनें की  जानकारी दे सकते हैं, कि आप कहां नहा सकते हैं और कहां कुंड गहरा है।

आप यहां पर अपना पूरा 1 दिन बिता सकते हैं। आप यहां पर आते हैं, तो अपने साथ कुछ खाने पीने का जरूर लेकर आइएगा, क्योंकि यहां पर किसी भी तरह के खाने पीने की दुकान नहीं है। यहां का पूरा एरिया जंगल का है, तो आप यहां पर खाना जरूर साथ लायें। आप जो भी अपने साथ लाते हैं, तो वहां कचरा भी अपने साथ लेकर जाएं। इसके अलावा यहां पर किसी भी तरह की लेट्रिन बाथरूम की सुविधा नहीं है, तो आपको इस चीज का भी ख्याल रखना पड़ेगा। यह पूरा जंगल एरिया है।

बरसात के समय में जो दमोह जबलपुर हाईवे रोड (Jabalpur Damoh Highway Road) से आपको यह झरना दिखाई देने लगता है। यहां पर आकर इस खूबसूरत वादियों का आनंद ले सकते हैं हम लोग भी यहां पर गए थे। यहां पर आप जब अपनी गाड़ी खड़ी करते हैं, तो उसका 20 रू चार्ज लिया जाता है और गाड़ी खड़ी करने के बाद पैदल पैदल जाना होता है। यहां सुनसान हो तो आप अंदर ना जाए मेरे हिसाब से तो यहां जब भी आते हैं, ग्रुप के साथ आए तो आपको बहुत मजा आएगा।

यह काफी खूबसूरत जगह है। आप यहां पर अपनी फैमिली और अपने दोस्तों के साथ जाकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 

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Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort

मदन महल का किला, जबलपुर 

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort


मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) या रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) जबलपुर में स्थित है। यह जबलपुर जिले के मदन महल क्षेत्र में स्थित है। इस किले को मदन महल का किला (Madan Mahal Fortया रानी दुर्गावती के किले (Rani Durgavati Fort) के नाम से जाना जाता है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां मिलती है और इन सीढ़ियों से चलकर आप इस किले तक पहुॅच सकते है।  

रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) आप दिन में कभी भी जा सकते हैं। यहां पर सिक्योरिटी गार्ड रहते है, यह पर एक गार्ड मेल और फीमेल रहते है। यहां पर आप सुबह 10 बजे से शाम को 5 बजे तक जा सकते है। वैसे यह किला बहुत ज्यादा बडा नही है, मगर यह किला बहुत प्राचीन है। 

मदन महल किले (Madan Mahal Fort) का निर्माण लगभग 1100 ई. में राजा मदन सिंह द्वारा करवाया गया था। इस किले का इस्तेमाल सेनाएं के वॉच टावर के रूप में किया जाता था। लेकिन यह किला अब खंडहर में बदल गया है, लेकिन यह पर बहुत से पर्यटक किलें को देखने के लिए आते है। मदन महल किला (Madan Mahal Fort) एक बड़ी ग्रेनाईट चट्टान को तराशकर बनाया गया है। यह किला 500 मीटर की उंचाई पर स्थित है। यह किला राजा की मां रानी दुर्गावती से भी जुड़ा हुआ है, जो कि एक बहादुर गोंड रानी के रूप के जानी जाती है। इस किले का नाम भी रानी दुर्गावती जी के नाम पर रखा गया है। आप यह पर घूमने जाते है, तो आपको यह पर मुख्य किला और नष्ट हुए किले के अवशेष देखने मिल जाते है। यह पर आपको मुख्य किला, अस्तबल, एक तालाब आपके अभी देखने मिलता है। 

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort


इस किले तक आप अपने वाहन से जा सकते हैं। यह पहुॅचने के लिए अच्छी रोड हैं। यहां पर ऑटो भी बुक कर के जा सकते हैं। रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fortहम लोग गए थे। मै और मेरी मम्मी इस किले में घूमने गए थे। हम लोग यहां पर गर्मी के समय में गए थे, गर्मी के मौसम में सीढियां चढने में बहुत दिक्कत होती है, क्योंकि गर्मी बहुत ज्यादा रहती है। सीढ़ियां चढ़ने में  हालत खराब हो जाती है। इसलिए मेरे हिसाब से यह पर बरसात के मौसम में जाना बेहतर होगा। यहां पर रास्ते में आपको मंदिर भी देखने मिलता है, जो शंकर जी का मंदिर है। यह मंदिर बडी चट्टानों से बना हुआ है। आप इस मंदिर में भी जा सकते है। आप आगे बढते है, तो आपको यह पर एक छोटी सी झील देखने मिलती है, जिसमे बरसात के मौसम में पानी भर जाता है और गर्मी में सूख जाता है। फिर आपको आगे बढते है, तो आपको यह मदन महल किला (Madan Mahal Fort) देखने मिलता है। किले के उपर जाने के लिए सीढियां बनी हुई है। किले के ऊपर से जबलपुर के चारों तरफ का खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। किले के उपर आपको दो कमरे देखने मिलते है, जिनमें नक्काशी की गई है। उसके बाद हम लोग नीचे आकर पूरा किला घूमें। किले के सामने तरफ का कुछ हिस्सा नष्ट हो गया है। यहां पर आप घोडों का अस्तबल देख सकते है, जो अच्छी कडीशन में है। यहां पर एक छोटा सा कुंड बना हुआ है, जिसमें बरसात में पानी भर जाता है। कहा जाता है, कि प्राचीन समय में रानी इस कुंड में स्नान किया करती थी। 

इस किले के बारे में यह भी कहा जाता है कि यह पर बहुत सारे गुप्त रास्तें थें, जिन्हें सरकार ने अब बंद कर दिया है। यहां पर एक गुफा निकली है, जो शायद मंडला के रामनगर किले तक जाती है। सरकार के द्वारा इन गुप्त रास्तों को सील कर दिया गया है। किले की चोटी पर पहुंचने पर आपको जबलपुर शहर का खूबसूरत नजारा दिखाई देगा। अगर आप यह पर बरसात में जाते है, तो चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलती है। यह पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जा सकते है। 

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Lamheta Ghat Jabalpur

Lamheta Ghat Jabalpur
लम्हेटाघाट जबलपुर 

लम्हेटाघाट नर्मदा नदी का शांत और खूबसूरत घाट

Lamheta Ghat Jabalpur

लम्हेटाघाट 

लम्हेटाघाट जबलपुर (Lamheta ghat Jabalpur) में स्थित एक खूबसूरत घाट है। लम्हेटाघाट जबलपुर (Lamheta ghat Jabalpurशहर का खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यह घाट नर्मदा नदी पर बना हुआ है। यह घाट ज्यादा बड़ा नहीं है, मगर आप यहां पर आकर बहुत सारी जगहों के दर्शन कर सकते है। यह पर आपको नर्मदा नदी के घाट के अलावा ऐतिहासिक जगह भी देखने मिल जाती है। लम्हेटाघाट के आसपास में बहुत सारी ऐतिहासिक जगह है, जहां पर जाकर आपको अपने इतिहास के बारे में जानकारी मिल सकती है। मगर मेरे हिसाब से यहां के कुछ ऐतिहासिक स्थलों की हालात बहुत ही बेकार है। 

लम्हेटाघाट (Lamheta ghatमें आप आकर अपना अच्छा टाइम बिता सकते हैं और यहां पर ज्यादा लोग नहीं रहते हैं, जो लोग यहां पर रहते है। वहां यह के स्थानीय लोग ही रहते है। यहां पर बहुत से लोग इस घाट पर घूमने के लिए आते है। वहां भी आपको देखने मिलेगें, मगर यहा पर पर्यटक की संख्या कम रहती है।  

लम्हेटाघाट जबलपुर (Lamheta ghat Jabalpurमें स्थित है और यह भेड़ाघाट वाली रोड में स्थित है। इस जगह पहुंचने के लिए आपको सगड़ा रोड से आना पड़ता है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप मेट्रो बस से भी आ सकते हैं। मेट्रो बस आपको लम्हेटाघाट (Lamheta ghatसे कुछ दूरी पर मेन रोड पर उतार देती है। मेन रोड से आपको करीब 1 किलोमीटर चलना पड़ता है, और आप इस जगह पर पहुंच सकते हैं। आप लम्हेटाघाट (Lamheta ghat) में आटों से भी आ सकते है और यहां पर आप आसानी से पहुंच सकते हैं।

आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। इस जगह पर आने के लिए अच्छे रोड है। आप जब भी भेड़ाघाट  जाते हैं, तो आप इस जगह भी आकर आपका अच्छा समय बिता सकते है। सगड़ा रोड पर आपको एक चैराहा मिलता है, जहां पर बोर्ड भी लगा रहता है और वहां से लम्हेटाघाट (Lamheta ghat) जाने के लिए डायरेक्शन दिया रहता है, तो आप इसको फाॅलो करके लम्हेटाघाट (Lamheta ghatपहुॅच सकते है। आपकी गाडी डायरेक्ट घाट तक पहुॅच जाती है।

Lamheta Ghat Jabalpur

लम्हेटाघाट 

लम्हेटाघाट (Lamheta ghatनर्मदा नदी के किनारे स्थित बहुत सुंदर एवं शांत घाट हैं। यहां पर आधिकतर लोग जो भी आते है। वहां इस पवित्र नदी में स्नान जरूर करते है। यहां पर महिलाओं के लिए चेजिंग रूम बना है, जहां पर महिलाओं नहाकर कपडे चेंज कर सकते है। यहां पर आपको नर्मदा नदी जी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलेगा। यहां पर आपको बैठने के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था है। यहां पर पानी ज्यादा गहरा नहीं है। आप यहां पर जाकर बहुत अच्छा टाइम बिता सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारी जगह देखने मिल जाएगी। 

लम्हेटाघाट (Lamheta ghatपर एक पुराना मंदिर है, जिसे राधे कृष्ण जी का मंदिर (Radhe Krishna ji temple) कहा जाता है। यह मंदिर बहुत पुराना है और इन मंदिर के बारे में सरकार ध्यान नहीं दे रही है और यह मंदिर बर्बाद होते जा रहे है। मंदिर पूरी तरह से नष्ट होने की कगार में आ गया है और नष्ट हो भी रहा है। हम लोग इस मंदिर के अंदर गए थे और यह मंदिर बहुत खराब हालत में था। हम लोग को इस मंदिर में जाने में बहुत डर लग रहा था। हम लोग को लग रहा था, कहीं इस मंदिर की छत गिर ना जाए क्योंकि यहां पर जो मंदिर है, वह बहुत पुराना है। यह पूरा मंदिर पत्थरों का बना हुआ है। अगर आप इस मंदिर का वीडियो देखना चाहे, तो मेरे चैनल में जाकर देख सकते है। इसके अलावा मंदिर में आपको यहां पर बहुत सारे कमरे बने हुए थे। यहां पर एक मंदिर है, जहां पर शिवलिंग रखने की जगह थी। मगर शिवलिंग यहां पर नहीं थे। शिवलिंग गायब हो चुका है। यह बहुत ज्यादा पुराना मंदिर है, अगर आपको यहां पर जाने का मौका मिलें तो आप इस जगह पर जरूर जाना।

Lamheta Ghat Jabalpur

राधे कृष्ण जी का मंदिर  

Lamheta Ghat Jabalpur

राधे कृष्ण जी का मंदिर  

लम्हेटाघाट (Lamheta ghat) में एक हनुमान मंदिर भी है, जो बहुत प्राचीन है और हनुमान मंदिर के सामने ही शिव शंकर जी का मंदिर है। यह मंदिर भी पूरी तरह से पत्थर का बना हुआ है। इस मंदिर में खूबसूरत नक्काशी की गई है। आप इस मंदिर पर आकर इसकी खूबसूरती देख सकते हैं। यह ज्यादा बडा मंदिर नहीं है, मगर यह मंदिर सुंदर है। 

लम्हेटाघाट (Lamheta ghatमें मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के उत्सव में या नर्मदा जयंती में बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। इस दिन माना जाता है कि नदियों में नहाना शुभ माना जाता है, तो बहुत सारे लोग नर्मदा नदी में स्नान करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। जो लोग दूर से आते हैं। वह नर्मदा नदी के किनारे ही रहने लगते हैं। यहां पर मकर संक्रांति में बहुत सारी दुकानें भी लगती हैं। यह पर बहुत भव्य मेले का आयोजन होता है। नर्मदा नदी के किनारे मे बहुत सारे लोग रहने लगते हैं मकर संक्रांति के उस समय। यहां पर बहुत अच्छा माहौल रहता है, बहुत सारे लोग रहते हैं, बहुत सारी दुकानें रहती है, जो बहुत अच्छा लगता है देखने में। यहां पर मकर संक्रांति में बहुत भीड़ होती है, जिससे नर्मदा जी के आजू-बाजू के घाटों में बहुत गंदगी भी होती है। अगर आप किसी भी नदी में जाते हैं, तो गंदगी ना करें। नदी को साफ रखें और अपना फर्ज निभा निभाए।

हम लोगों को इस घाट में जाकर बहुत ही अच्छा लगा था। घाट में और भी बहुत सारी जगह है, जो बहुत प्राचीन है। यहां पर प्राचीन समय की बहुत सारे मंदिर आपको देखने मिल जाते हैं, तो अगर आप इस जगह को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आपको यहां पर बहुत सारे नई नई जगह देखने मिल जाएंगी। यहां पर हम लोगों ने लम्हेटा घाट के राधा कृष्ण मंदिर और हनुमान जी के मंदिर ही विजिट किया था। आप यहां पर घुघरा वाटरफॉल (Ghaghra Waterfall) भी जा सकते हैं और परमहंसी आश्रम (Paramhansi Ashram) भी जा सकते हैं।

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Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

Dumna Nature Park Jabalpur
डुमना नेचर पार्क


आज के लेख में हम लोग सैर करने जा रहे हैं डुमना नेचर रिजर्व पार्क (Dumna Nature Reserve Park) की 

Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

 खंदारी डैम का दृश्य

डुमना नेचर रिजर्व पार्क (Dumna Nature Reserve Parkजबलपुर शहर की एक इकोटूरिज्म साइट है। डुमना नेचर रिजर्व पार्क (Dumna Nature Reserve Parkको डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) के नाम से भी जाना जाता है और बहुत से लोग इसी नाम से इस पार्क को जानते हैं। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और यहां पर चारों तरफ आपको प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने मिलेगा और यहां पर बहुत सारे जंगली जानवर भी है। जिनको आप देख सकते हैं। यहां पर आपको हिरण देखने मिल सकता है और जंगली सूअर भी देखने मिल सकते हैं। यहां पर बहुत सारे मोर भी है, जिन्हें आप देख सकते है। 

डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) में बहुत सारे जंगली जानवर हैं। मगर इन जंगली जानवरों को आसानी से नहीं देख सकते हैं। इनको देखने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और बहुत ज्यादा आपको धैर्य रखना पड़ता है। यहां आपकी किस्मत पर भी डिपेंड करता है। यह जानवर आपको दिन में, तो नहीं मगर आपको सुबह जरूर दिख जायेगें। इस जगह पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 

Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

डुमना नेचर पार्क का खूबसूरत दृश्य 

डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Parkमें आपको बहुत अच्छा वातावरण रहता है। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है। डुमना नेचर पार्क में आना भी आसान है। यहां तक आने के लिए पक्की रोड है। आप अपनी गाड़ी से डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) आ सकते हैं। यहां पर आपको अपनी गाड़ी से ही आना पड़ेगा, क्योंकि यहां पर किसी भी तरह की बस या टैक्सी वगैरह नहीं चलती है। तो आप अपनी गाड़ी से आइए यहां पर। 

डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) में आप अपना बहुत अच्छा टाइम बिता सकते है। डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) में पहुॅचने का रास्ता बहुत ही बढिया है। जबलपुर से करीब डुमना नेचर पार्क 15 किलोमीटर दूर होगा। यहां पार्क डुमना एयरपोर्ट रोड (Dumna Airport Road) पर स्थित है। आप अगर चाहे तो इस रोड पर लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना सकते है। 

डुमना एयरपोर्ट रोड 

Dumna Airport Road


डुमना एयरपोर्ट रोड (Dumna Airport Road) बहुत खूबसूरत सडक है। डुमना एयरपोर्ट रोड (Dumna Airport Road) में लॉन्ग ड्राइव का बहुत मजा आता है। यह रोड पूरी सुनसान रहती है, मतलब गाड़ियां बहुत कम मात्रा में इस रोड पर चलती है। आपको इस रोड से काफी अच्छा खूबसूरत दृश्य देखने मिलता है। इस रोड में बहुत से मैगी प्वाइंट है, जहां पर आप मेगी का मजा ले सकते हैं।  वैसे यह रोड बहुत फेमस है, मैंगी के लिए। यहां पर आप लॉन्ग ड्राइव करते है, तो आपको यहां पर बहुत सारी शराब की बोतल देखने मिलेगी। कुछ लोग आते हैं, और यहां पर शराब पीकर बोतल को यही पर छोड जाते है। जो रोड पर बिखरी हुई देख जाती है। आपको यहां पर  बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। अगर आप चाहे तो डुमना एयरपोर्ट (Dumna Airportमें भी जाकर हवाई जहाज देख सकते हैं। यहां पर जाने पर मनाही है, मगर आप अगर वहां के चैकीदार को कहोगे तो वह आपको जाने देगा। बाकी इस रोड में आकर बहुत अच्छा लगता है। हम लोग भी इस रास्ते में गए थे। यहां पर हम बहुत अच्छा लगा था। यह पर हम लोगों ने एक जगह चाय भी पिया था। यह पर आपको चारों तरफ हरियाली भर माहौल देखने मिलता है। 

हम लोग डूमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) अपनी स्कूटी से गए थे। डूमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) के रास्तें में हम लोग को रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी (Rani Durgavati University) भी देखने मिलती है। यहां पर आपको पक्की सड़क मिलती है। 

Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

रास्ते के दोनों तरफ हरे भरे वृक्ष

डूमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) पर आपको पार्किंग स्पेस मिलता है, जो काफी बडा है। यहां पर आप अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। उसके बाद हम लोगों ने यहां पर टिकट लिया। टिकट यहां पर 10 रू एक पर्सन का लगता है और गाड़ी का  पार्किंग चार्ज अलग लगता है। जो 10 रू पार्किंग चार्ज था। उसके बाद हम लोग पार्क के अंदर गए। यहां पर आप अंदर जाते हैं, तो आपको काफी लंबा रास्ता मिलता है, जो दोनों तरफ हरे भरे पेड़ों से घिरा रहता है। इस लंबे रास्ते से आप चलते हैं, तो आपको आगे चलकर एक कॉफी शॉप देखने मिलता है। जहां पर आप खाने पीने का सामान ले सकते हैं और चाय या कॉफी का आनंद भी उठा सकते हैं। इस कॉफी शॉप के बाहर बैठने के लिए अच्छी जगह है और यहां पर वॉशरूम भी है। इसके अलावा आप यहां पर बैठकर अपना कुछ टाइम बता सकते हैं। आप काफी शाॅप से बाहर आते हैं, और थोडा दूर चलते है। तो आपको खंदारी डैम (Khandari Dam) देखने मिलता है। खंदारी डैम (Khandari Damबहुत बड़ा डैम है। और यह काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। खंदारी डैम (Khandari Dam) के उपर एक व्यू प्वांइट बना है, जिससे आपको खंदारी डैम (Khandari Dam) का खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। यहां पर आपको एक बोर्ड भी देखने मिलता है जिसमें लिखा है कि डैम में जाना मना है क्योंकि डैम में मगरमच्छ है। 

Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

खंदारी डैम का दृश्य 

खंदारी डैम (Khandari Dam) में मगरमच्छ नहीं देखते हैं और आप इस डैम में नहीं उतरें। नेचर पार्क जो है वह अच्छी जगह है आप यहां पर अपना टाइम बिता सकते हैं। यहां पर आप घूम सकते हैं और चारों तरफ पेड़ पौधे ही हैं। यहां पर कुछ औषधीय पौधे भी हैं, जिनके बारे में आपको पूरी जानकारी मिल जाती है। उनका नाम उनकी विशेषता क्या है। वह सभी जानकारी पेड़ों पर ही एक बोर्ड पर लिखी रहती है, जिससे आप उनके बारे में पढ सकते हैं। पार्क में काफी लंबा रास्ता है, जो पेड़ों से घिरा हुआ है। 

डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) में, आप साइकिल के द्वारा भी डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। यहां पर आपको साइकिल भी उपलब्ध की जाती है,ताकि आप साइकिल में सवार होकर पूरा डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) घूम सके। उसका चार्ज अलग रहता है। उसका चार्ज 100 रू रहता है। तो आप चाहे तो यहां पर घूम सकते हैं, साइकिल से भी। यहां पर टॉय ट्रेन भी है, जिससे आपको राइड दी जाती है, तो आप टॉय ट्रेन की राइड का भी आनंद उठा सकते हैं। डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Parkमें और भी खूबसूरत जगह है, जहां पर आप प्रकृति का अनुपम रूप देख सकते हैं।

यहां पर बंदर बहुत सारे हैं, तो आप इन बंदर से बच के रहना चाहिए। यहां पर आपकी फोटो बहुत मस्त आती है। यहां पर ज्यादातर जो लोग रहते हैं। वह कपल्स लोग आते हैं। यहां पर बहुत ज्यादा कपल्स लोग देखने मिल जाएंगे। यहां पर फैमिली मेंबर्स भी आते हैं मगर बहुत कम मात्रा में आते हैं, तो आप इंजॉय कर सकते हैं। 

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Payli Eco Tourism Site - पायली

Payli Eco Tourism Site
पायली इको टूरिज्म साइट


पायली बरगी बांध का खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां जबलपुर जिले में स्थित है। पायली बरगी बांध का भराव क्षेत्र है, जो जबलपुर से थोडी दूरी पर स्थित है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है। यहां पर चारों तरफ खूबसूरत जंगल है और यहां पर बहुत सारी एक्टिविटी भी होती है। यहां पर आप काफी मजे कर सकते हैं। यहां पर आपको वोटिंग की सुविधा मिल जाती है। इसके अलावा आप यहां पर कैंपिंग करना चाहे, तो आप कैंपिंग भी कर सकते हैं। पायली इको टूरिज्म साइट है।

Payli Eco Tourism Site - पायली


पायली कहां स्थित है?
Where is the Payli?


पायली जबलपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। पायली बरगी बांध में पड़ता है, लेकिन यह बरगी बांध से करीब 12 किमी की दूरी पर है। पायली जबलपुर की घंसौर रोड पर स्थित है। पायली जाने के लिए सबसे सबसे अच्छा जो माध्यम है। वह आपकी खुद की गाड़ी है, क्योंकि यहां पर ऑटो से नही जा सकते हैं और ना ही यहां पर बसें चलती हैं और अगर आप यहां पर बस से भी जाते हैं, यहां पर घंसौर जाने के लिए बस चलती है। जबलपुर से घंसौर के लिए, अगर आप उससे भी जाते हैं। तो आपको यहां पर काफी दूर तक पैदल चलना पड़ेगा, तो वह एक अच्छा ऑप्शन नहीं है। तो यहां पर आप अपनी गाड़ी से जाएंगे तो वह आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन रहेगा। पायली जाने वाला जो रास्ता है। वह बहुत ही बढ़िया है। यहां पर आपको खूबसूरत जंगल देखने मिलता है और आप यहां पर बरसात के टाइम में जाते हैं, तो जंगल में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली देखने मिलती है और यहां पर आपको जानवर भी देखने मिल जाते हैं। जंगल में छोटी छोटी नदियां बहती रहती है, जो बहुत ही मस्त लगता है। मगर आप यहां पर बरसात के टाइम में नहीं जाइएगा। क्योकि हम लोग यहां पर बरसात के समय गए थे। पायली में घूमने के लिए आप यहां पर ठंड के टाइम में जाइएगा। 

अब जंगल वाले रास्ते में पायली जाते हैं, तो आपको यहां पर झाबुआ पावर प्लांट का बोर्ड देखने को मिलता है। बोर्ड में लिखा रहता है कि आपका स्वागत है झाबुआ पावर प्लांट में। उसके बाद यहां पर एक चढ़ाई वाला रास्ता पड़ता है। आपको वह चढ़ाई वाला रास्ता पार करना पड़ता है। उसके बाद आपको एक मंदिर भी रोड में देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय में मंदिर बहुत ही खूबसूरत लगता है। आप आगे बढ़ते हैं। आपको एक बोर्ड देखने मिलता है। जहां पर लिखा रहता है पायली इको टूरिज्म में आपका स्वागत है। बोर्ड के बाजू से ही आपको एक रास्ता देखने मिलता है, जो सीधा पायली जाता है। यहां रास्ता कच्चा रहता है। आपकी गाडी यहां चली जायेगी। यहां आपका दो पहिया वाहन और चार पहिया वाहन आराम से चला जाएगा, तो आप यहां पर अपनी स्कूटी वगैरह से भी आ सकते हैं और कार वगैरह से भी आ सकते हैं।

"पायली को मध्य प्रदेश का खंडाला भी कह सकते हैं। यहां पर एक बोर्ड लगा हुआ है जहां पर लिखा हुआ है कि मध्य प्रदेश का खंडाला। "

पायली पर बहुत सारी अलग-अलग जगह है। जहां पर आप जा सकते हैं यहां पर एक सेल्फी प्वाइंट है, जहां पर आप जाकर सेल्फी ले सकते हैं और आपकी बहुत अच्छी सेल्फी जाती हैं। 

पायली पर बड़े-बड़े साल के पेड़ लगे हुए हैं, और यहां का जो वातावरण है। वह काफी अच्छा है और ठंडा है। यहां पर इसके अलावा आप आगे जाते हैं, तो आगे बरगी डैम का भराव क्षेत्र है, वह देखने मिलेगा। आपको यहां बहुत अच्छा लगेगा। हम लोग इस जगह पर बरसात के टाइम में आए थे, इसलिए हम लोग इस जगह को ज्यादा एक्सप्लोर नहीं कर पाए थे। हमारा इतना ही यहां का एक्सपीरियंस रहा। यहां पर बरसात के टाइम में इतने ज्यादा सुविधाएं नहीं रहती है। मगर आप अगर यहां सर्दी के टाइम में और आते हैं तो यहां पर बहुत अच्छी सुविधाएं रहती होंगी। जब हम लोग गए थे, तब यहां पर किसी भी तरह की दुकान नहीं थी। यहां पर आपको वॉशरूम की व्यवस्था मिल जाती है। 

आप यहां पर जाएंगे आपको यहां पर बरगी बांध का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलेगा। यहां पर बंदर भी हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। पायली पर वैसे ठंड में ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पर आपको गेस्ट हाउस देखने मिलता है। आप गेस्ट हाउस से भी बरगी बांध का खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। 

पायली जाने का सही समय
Best time to visit Payli


पायली जाने का सबसे अच्छा जो समय होता है वह ठंडा होता है, क्योंकि ठंड के टाइम में यहां मौसम भी अच्छा रहता है और ज्यादा धूप नहीं रहती है। जिससे आपको यहां घूमने में और इस जगह का आनंद उठाने में कोई परेशानी नहीं होती है। अगर आप यहां पर बरसात में आते हैं। बरसात के मौसम में यहां का व्यू उतना अच्छा नहीं होता है। यहां पर जो पानी रहता है वह पूरा मटमैला होता है। आप यहां पर आकर ज्यादा मजे नहीं कर सकते है। यहां पर पहुंचने की जो रोड रहती है। वह कच्ची रोड रहती है, तो रोड बहुत ज्यादा खराब रहती है। बरसात के टाइम में तो आप यहां पर बरसात के समय ना आए, वह अच्छा होगा। क्योंकि हम लोग यहां पर बरसात के ही समय गए थे। हम लोगों को कुछ भी यहां पर देखने नहीं मिला था। 

आपको यहां पर एंट्री का चार्ज लगता है। यहां पर शायद 20 या 30 रू लिया जाता है। यहां पर शायद गाडी पार्किंग का भी चार्ज लगता है। यहां पर जब ज्यादा भीड़ रहती है। तब यह चार्ज लिया जाता है। बाकी यहां पर भीड़ नहीं रहती है, तो यहां पर चार्ज नहीं लिया जाता है। 

यहां पर आप अपना एक अच्छा दिन बता सकते हैं और आपको यहां पर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और अपने दोस्तों के साथ जाकर काफी इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप अपना एक दिन अच्छे से बता सकते हैं। 

अगर यह लेख आपको अच्छा लगा होगा, तो आप इस लेख को शेयर जरूर कीजिएगा। अपने दोस्तों के साथ अपने परिवार के साथ और अगर आप बरगी बांध या पायली गए हो तो अपने एक्सपीरियंस हम से जरूर शेयर कीजिएगा। 

आपने अपना समय दिया उसके लिए धन्यवाद।



Wax Museum Nahargarh - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

Wax Museum Nahargarh Fort

मोम संग्रहालय नाहरगढ़ किला


हम लोग जयपुर शहर के नाहरगढ़ किला घूमने गए। नाहरगढ़ किला जयपुर शहर का बहुत ही फेमस किला है। यह किला पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। यहां पर दूर-दूर से लोग आते हैं। आप जैसे ही किले में प्रवेश करते हैं, तो आपको सबसे पहले देखने मिलता है - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum)

नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museumबाहर से देखने में काफी खूबसूरत दिखता है। यहां पर लोग मोम संग्रहालय (Wax Museum) के बाहर खड़े होकर संग्रहालय के बारे में आपको जानकारी देते हैं और संग्रहालय में प्रवेश करने के लिए आपको कहते हैं। संग्रहालय में प्रवेश करने के लिए यहां की फीस बहुत ज्यादा है। मेरे हिसाब से, मगर इस मोम संग्रहालय (Wax Museum) का प्रबंधन बहुत अच्छा है। आप जयपुर घूमने जा रहे है तो आपको यह चार्ज ज्यादा नहीं लगेगा। 

Wax Museum Nahargarh  - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

मोम संग्रहालय के बाहर का दृश्य 


नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum) का प्रवेश का एक व्याक्ति का शुल्क 500 रू लगता है। अगर आप संग्रहालय में प्रवेश करते हैं तो। संग्रहालय का वातावरण बहुत अच्छा है और यहां पर बहुत सारी अद्भुत चीजें हैं, जिन्हें देखकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। संग्रहालय में फोटो लेने की मनाही है। आप इस मोम संग्रहालय (Wax Museum) के अंदर फोटो नहीं ले सकते हैं। मगर आप चाहे तो बाहर से इस संग्रहालय का फोटो क्लिक कर सकते है। आपको संग्रहालय के अंदर फोटोग्राफर मिलता है, जो आपके फोटो क्लिक कर देगा। जिसका एक चार्ज फिक्स होता है। वहां चार्ज देकर आप यहां पर फोटो क्लिक करा सकते है। आपको यह चार्ज देकर भी अपनी फोटों की सॉफ्ट कॉपी मिलेगी बाकी हार्ड कॉपी आपको बनवानी पड़ेगी। मगर मुझे यहां भी ठीक नहीं लगा। क्योकि यहां पर सॉफ्ट कॉपी दी जा रही है और उसका भी चार्ज बहुत ज्यादा हाई है। आप यहां पर फोटो बनाकर भी नहीं देते है। इसके अलावा आपको यहां पर वाउचर भी दिए जाते हैं। उन वाउचर से आप कुछ खरीद सकते हैं। यहां पर यहां पर एक शॉप है,  जहां से आप कुछ भी खरीद सकते हैं। आप इस मोम संग्रहालय (Wax Museum) में और क्या-क्या कर सकते हैं, उन सभी चीजों के बारे में जानकारी आपको इस मोम संग्रहालय के बाहर स्थित डेक्स में दी जाती है। यहां पर आपको जयपुर शहर के फेमस टूरिस्ट स्पॉट की प्रतिकृति बनाई गई है। आप वहां जाकर फोटों खींच सकते है। ये सभी बातों की जानकारी आपको नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum) के बाहर बनें डेस्क में दी जाती है। 

हम लोग इस संग्रहालय में जाने का फैसला किया और हम लोग 7 लोग थे, और हम लोगों को करीब 3500 रू लगा। उसके बाद हम लोग इस संग्रहालय में प्रवेश किए। आप इस मोम संग्रहालय (Wax Museum) में प्रवेश करते है, तो यहां पर आपको बहुत सारी अनोखी चीजें देखने मिलती है। यहां पर तीन या चार गैलरी है। जहां पर आपको भारत और विदेश के कुछ प्रसिध्द व्याक्तिाओं के मोम की प्रतिमाए देखने मिलती है। 

हम लोगों के जूतों में पहनने के लिए एक प्लास्टिक का बैग दिया गया। उसको हम लोग ने जूते में पहना और इस संग्रहालय में प्रवेश किया। हम लोगों को सबसे पहले एक बाइक दिखाई दी, जो एक अनोखी बाइक थी। यह दुपहिया बाइक नहीं थी। यह बाइक बहुत बडी थी। इसमें करीब 3 या 4 टायर लगे हुए थे। मुझे अभी अच्छी तरह से याद नहीं है। मगर यह बहुत अनोखी बाइक थी और यह किसी राजा की बाइक थी।

Wax Museum Nahargarh  - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

मोम संग्रहालय के बाहर रखा स्टैचू 


यह मोटर बाइक आपको देखकर बहुत अच्छी लगेगा। आप इस बाइक पर फोटो भी खिचवा सकते है। यहां पर आप अंदर प्रवेश करते हैं, तो आपको यहां पर एक गैलरी देखने मिलती है। जहां आपको बहुत सारे मोम की प्रसिद्ध व्यक्तियों की प्रतिमाएं देखने मिलती हैं। यहां पर आपको गांधीजी की प्रतिमा देखने मिल जाती है और पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की प्रतिमा देखने मिल जाती है। आप यहां पर गांधी जी के स्टाइल में फोटो खीचा सकते है। यहां पर सचिन तेंदुलकर जी की भी प्रतिमा आपको देखने मिल जाएगी आप इन प्रतिमाओं के साथ फोटो भी खिंचवा सकते हैं। उसके अलावा यहां पर आपको एपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमा देखने मिल जाएगी और उनकी यहां पर बहुत सारी जानकारियां भी आपको देखने मिल जाएगी। इसके अलावा यहां पर बहुत सारी किताबें भी रखी गई हैं, जो एपीजे अब्दुल कलाम से संबंधित हो सकती हैं। तो वह भी आप देख सकते हैं।

आप दूसरी गैलरी में प्रवेश करते हैं, तो आपको यहां पर कल्पना चावला की मोम की प्रतिमा देखने मिलेगी और उनकी प्रतिमा के आसपास स्पेसशिप से रिलेटेड वस्तुएं रखी गई हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं और उनके बारे में जानकारियां भी दी है। वह भी आप यहां पर देख सकते हैं। दूसरे गैलरी में विशेषकर विदेशों के प्रसिद्ध व्यक्तियों की आपको प्रतिमा देखने मिलती है। यहां पर आपको जैकी चेन की प्रतिमा देखने मिलती हैं, जो एक प्रसिद्ध एक्टर हैं। यहां पर आपको फेमस फुटबॉलर की प्रतिमा देखने मिलती है। मुझे उनका नाम याद नहीं है। इसके अलावा यहां पर माइकल जैक्सन की भी प्रतिमा रखी गई है। यहां पर आपको फेमस विदेशी एक्टर की प्रतिमा देखने मिलती है। इन सभी का नाम मुझे याद नही है। 

उसके बाद आप इस गैलरी से आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक और गैलरी देखने मिलती है। जहां पर आपको नाहरगढ़ किले के राजा रानी की तस्वीर देखने मिलती है और उनकी भी मोम की प्रतिमाएं देखने मिलती हैं। उनके बारे में भी आपको यहां पर जानकारी मिल जाती है, जो यहां की रानी थी वह बहुत खूबसूरत थी। उन्हीं के बारे में यहां पर जानकारी आपको मिलती है।

मोम संग्रहालय (Wax Museum) में और भी चीजें हैं, जिनके बारे में मुझे अभी अच्छी तरह से याद नहीं है। और इन सभी चीजों के दर्शन करने के बाद हम लोग संग्रहालय से बाहर आ गए।  बाहर आकर आपको एक के शेर का प्रतिमा देखने मिलती है या एक स्टेचू बना हुआ है। जिसमें साउंड लगाया गया है और शेर का जो सिर है। वह मूवमेंट करता है, तो वह काफी अच्छा लगता है। आप फोटो भी खींचा सकते हैं शेर की प्रतिमा के साथ।  


Wax Museum Nahargarh  - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

मोम संग्रहालय के बाहर रखा शेर का स्टेचू 


मोम संग्रहालय (Wax Museumके बाहर और भी मनोरंजक चीजें है जिनका आप आंनद ले सकते है। यहां पर आपको कठपुतली का खेल देखने मिलेगा। कठपुतली का खेल आप देख सकते हैं और आप चाहे तो उन्हें कुछ पैसे भी दे सकते हैं। आपके मन के अनुसार है। बाकी आप देना चाहें तो दे, नहीं देना चाहे तो नहीं दे। उसी प्रकार यहां पर जादू का खेल भी दिखाया जाता है और वह भी आप देख सकते हैं। उसमें भी आप काफी एंजॉय कर सकते हैं। इसके अलावा यहां पर एक कुम्हार भी है जो मटके बनाता है छोटे-छोटे और आप भी मटके बनाने मे अपनी भागीदारी दे सकते हैं और इन  छोटे-छोटे मटको को आप अपने साथ लेकर जा सकते हैं। आप इन मटको को एक ही आपकी तरह अपने साथ लेकर जा सकते हैं और आपको अच्छा लगेगा मटका बनाने में।

Wax Museum Nahargarh  - नाहरगढ़ मोम संग्रहालय

शीश महल 


इसके बाद यहां पर शीश महल है। आपको यहां पर शीश महल लेकर जाया जाता है। आपको फिर से जूतों में पहनने के लिए प्लास्टिक कवर दिया जाता है। तो आप उस प्लास्टिक कवर को लगाइए और शीश महल की तरफ आपको ले जाया जाता है।  शीश महल यहां का काफी खूबसूरत हैं। पहले गाइड आपको इस इस महल के बारे में जानकारी देता है और उसके बाद आप इस महल में घूम कर इस महल को देख सकते हैं। वैसे यह शीशमहल ज्यादा बड़ा नहीं है। मगर यह शीशमहल खूबसूरत है क्योंकि यहां पर चारों तरफ कांच लगे हुए हैं इसे देखने में आपको एक अलग अनुभव रहता है। आपको यहां पर 2 मिनट का समय दिया जाता है। 2 मिनट में आप यहां पर घूम कर शीश महल के बाहर आ सकते हैं। इस शीश महल में एक बार में 20 लोग ही जा सकते हैं वैसे ही यहां का एक्सपीरियंस काफी अच्छा रहा है। 

उसके बाद आप इस शीश महल से बाहर आते हैं, तो मोम संग्रहालय (Wax Museum) के बाहर भी आपको बहुत सारी आकर्षक चीजें दिखती है। जहां पर आप फोटो खींच सकते हैं।  यहां पर आपको एक बाहुबली की प्रतिमा देखने मिलती है, जो एक बड़े से टीवी स्क्रीन को उठाई हुए हैं। इसके अलावा यह पर एक और स्टेचू है, जो एक बूढ़े दादा का है और वह हुक्का पी रहा है। उस हुक्का का एक सिरा और है। जिसमे आप अलग अलग एक्शन करके फोटो खीचा सकते है।  यहां के शेर की स्टेचू के बारे मे बता दी हूॅ, जो शेर का पुतला बनाया गया है। वह आवाज भी करता है तो काफी आकर्षक लगता है।

यहां पर आप नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum) में प्रवेश करते हैं, तो आपको एक वाउचर दिया जाता है। उस वाउचर से आप यहां पर जो शॉप है। वहां से कुछ भी सामान ले सकते हैं। मगर मेरे हिसाब से उस शॉप में बहुत ज्यादा महंगा सामान मिलता हैं। इस शाॅप मे आपको बहुत मंहगा सामान दिया जाता है। यह पर 10 रू का समान 20 रू का दिया जाता है। मेरे हिसाब से तो आप यहां शॉपिंग ना करें, तो ही बेहतर रहेगा। आप अगर उसी समान को किसी और जगह में जा कर लेंगे तो वह आपको सस्ती मिल जाएगी। मोम संग्रहालय में इसके अलावा जहां पर आपने फोटो की सॉफ्ट कापी   कलेक्ट करने जाते हैं। वहां पर कैमरे का प्रतिरूप बनाया गया है, जो बहुत बड़े कैमरे है। वैसे वो रियल कैमरा नहीं है और वह लोगों को दिखाने के लिए बनाया गया है। इस जगह पर जयपुर शहर के बहुत सारे फेमस टूरिस्ट स्पॉट के प्रतिरूप बनाए गए हैं। जिनके साथ आप फोटो क्लिक कर सकते है। 


यह देखने में इसके अलावा यहां पर रखा गया है पुराने तरीके का वह भी काफी अच्छा है वह भी आप देख सकते हैं और फोटो बगैरा क्लिक कर सकते हैं और यहां पर आपको जब आप एंट्री करते हैं तो आपको कूपन मिलते हैं वह कूपन से आप कुछ ले सकते हैं मगर मेरे हिसाब से यहां पर जो सामान मिलता है वह बहुत महंगा मिलता है तो लेने का तो कोई फायदा नहीं है क्योंकि आपको तो का सामान डेढ़ सौ में जो कूपन आएगा वह कर लेंगे कोई फायदा नहीं है तो हम लोग नहीं लिया क्योंकि घाटे का सौदा था यह और यहां पर आपको घूम लेते हैं तो आप अपनी फोटो को फोटो ले सकते हैं और उसके बाद आप बाकी का महल घूम सकते हैं जो काफी खूबसूरत है।

नाहरगढ़ मोम संग्रहालय (Nahargarh Wax Museum) काफी अच्छा है। मगर मुझे यह थोड़ा ज्यादा महंगा लगा, क्योंकि यहां पर बहुत ज्यादा चार्ज लिया जा रहा था। यह मेरा अनुभव है। बाकी यहां पर बहुत से लोग आते हैं, आप भी यहां आकर घूम सकते हैं और आप कभी भी जयपुर आते हैं, तो यहां पर घूम सकते हैं। 

मेरा अनुभव मोम संग्रहालय का यही था। अगर आपको अच्छा लगा हो, तो इस लेख को शेयर कीजिए और अपने साथियों के साथ शेयर कीजिएगा और आपने कमेंट हमसे सांझा करें। 

धन्यवाद आपने अपना समय दिया।